शुक्रवार, 23 जून 2017

नीतीश कुमार : दो बार मौका था तब क्यों नहीं याद आई बिहार की बेटी मीरा कुमार ?



बिहार के सीएम नीतीश का विपक्ष पर हमला, 
पूछा-मीरा कुमार को हराने के लिए राष्ट्रपति उम्मीदवार क्यों बनाया

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Jun 23, 2017

पटना
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव इफ्तार पार्टी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का 'टेस्ट' बदलने में कामयाब नहीं रहे। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के साथ मजबूती से खड़े नीतीश ने इफ्तार पार्टी से बाहर निकलते ही विपक्ष पर जोरदार निशाना साधा और पूछा कि क्या बिहार की बेटी का चयन हारने के लिए किया गया है? लालू ने नीतीश से फैसले पर पुनर्विचार करने और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार के समर्थन की अपील की थी।

शुक्रवार को सभी की नजरें लालू की इफ्तार पार्टी पर ही टिकी हुईं थीं। इसमें नीतीश-लालू गले तो जरूर मिले, लेकिन राष्ट्रपति चुनाव पर दोनों की पसंद अलग ही रही। नीतीश ने मीडिया कर्मियों से कहा, 'मैं मीरा कुमार का बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन क्या बिहार की बेटी का चयन हराने के लिए किया गया? जिताने के लिए क्यों नहीं किया गया? दो बार मौका था तब क्यों नहीं याद आई बिहार की बेटी? यदि सच में सम्मान करना है तो 2019 में जीत के लिए रणनीति बनाइए और 2022 में बिहार की बेटी को राष्ट्रपति बनाइए। अभी भी मौका है उन्हें दोबारा सोचना चाहिए। हम लोगों ने हर पहलू पर गौर करके निर्णय लिया है। यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है। जहां तक जेडीयू की बात है पार्टी स्वतंत्र निर्णय लेती है। पिछली बार जब प्रणव मुखर्जी और हामिद अंसारी उम्मीदवार थे तो बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ बयानबाजी की थी तो मैंने उसकी मुखालफत की थी। एनडीए में रहते हुए हमने उनका समर्थन किया था।'

राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से साझा उम्मीदवार के तौर पर मीरा कुमार के नाम के ऐलान के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मीरा को 'बिहार की बेटी' बताते हुए कहा था कि कोविंद को समर्थन देकर नीतीश 'ऐतिहासिक भूल' कर रहे हैं। पत्रकारों ने जब नीतीश से इस पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा, 'लालू जी आपको क्या कहते हैं मुझे उस पर कुछ नहीं कहना है? जब 17 पार्टियां एक साथ बैठीं और एक उम्मीदवार तय किया तो उनका फर्ज था अपील करना। कहा जा रहा है कि ऐतिहासिक भूल है....तो करने दीजिए... छोड़ दीजिए।

विपक्ष को झटका
जेडीयू का एनडीए उम्मीदवार को समर्थन विपक्ष की एकता के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। नीतीश के इस कदम से बिहार में महागठबंधन के भविष्य को लेकर भी कयासों के नए दौर की शुरुआत हो सकती है। सियासी गलियारों में काफी लंबे समय से जेडीयू और आरजेडी के रिश्तों में तल्खी के कयास लग रहे हैं। 

बुधवार, 21 जून 2017

रामनाथ कोविंद : राष्ट्रपति पद पर चुनना तय





राष्ट्रपति चुनाव: कोविंद को मिला जदयू का साथ, नीतीश के मंथन के बाद हुआ ऐलान

जदयू ने एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को आधिकारिक तौर पर समर्थन करने का ऐलान कर दिया है. पार्टी प्रवक्ता के सी त्यागी ने बुधवार को इसकी घोषणा की.

केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी के इस फैसले से महागठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसके साथ ही त्यागी ने साफ कर दिया है विपक्ष की गुरुवार को होने वाली बैठक में जदयू के नेता शामिल नहीं होंगे.

जदयू नेता ने कहा कि अब समर्थन देने के फैसले के बाद बैठक में भाग लेने का अब कोई औचित्य नहीं है. इस संबंध में कांग्रेस पार्टी को सूचित कर दिया गया है.

त्यागी ने कहा कि माननीय कोविंद का बेहतरीन कार्यकाल के तौर पर रहा है. उन्होंने (कोविंद) ने किसी भी तरह का टकराव राजभवन से नहीं होने दिया. राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर सर्वसम्मति से ये फैसला किया गया है. गुरुवार की अन्य दलों की होने वाली मीटिंग में जदयू शिरकत नहीं करेगी. इसके बावजूद जदयू विपक्षी एकता के लिए हमेशा प्रयासरत रहेगा. नीतीश जी ने पहले ही अपने फैसले से सोनियाजी और लालूजी को अवगत करा चुके हैं.

राष्ट्रपति पद के लिए तय किया गया रामनाथ कोविंद का नाम
रामनाथ कोविंद : कानपुर के एक छोटे से गाँव से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने तक का सफर 
by Vineet Bajpai on Jun 19th 2017

लखनऊ। BJP संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा की है। आइये हम आपको बताते हैं कि कौन हैं रामनाथ कोविंद और कैसा है उनका राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने तक का सफर...

रामनाथ कोविंद का अब तक का सफर
राम नाथ कोविन्द का जन्म एक अक्टूबर 1945 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की (वर्तमान में कानपुर देहात जिला ), तहसील डेरापुर के एक छोटे से गाँव परौंख में हुआ था।
कोविन्द का सम्बन्ध कोरी या कोली जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है।
वकालत की उपाधि लेने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की।
वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे।
8 अगस्त 2015 को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुए।
वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।
वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के निर्वाचित हुए।
वर्ष 2000 में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए।
कोविन्द लगातार 12 वर्ष तक राज्य सभा के सदस्य रहे।
वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे।
वह भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे।
वर्ष 1986 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्युरो के महामंत्री भी रहे।

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इन 10 कारणों से श्री रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्रपति उम्मीदवारी की रेस जीती
द्वारा Himanshu Poswal - 20 जून , 2017

एक अप्रत्याशित दांव खेलते हुये नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जुगलबंदी मीडिया हाउस और सम्पूर्ण विपक्ष की बोलती बंद करने में एक बार फिर सफल रही है। जब मीडिया अपने ही विचारों और सिद्धांतों की पोटली बना राष्ट्रपति चुनाव में बाँच रही थी, और कई प्रसिद्ध नामों पर विचार विर्मश करने में व्यस्त थी, तभी एनडीए ने अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार की घोषणा की, जो इनके आशाओं के एकदम विपरीत निकले।

हाल ही में एक नितिक्ष श्रीवास्तव के नाम से चलने वाले ट्विट्टर हैंडल का ट्वीट सामने आया है, जिसने बड़े सटीक रूप से 2016 में ही एनडीए के इस उम्मीदवार की घोषणा की भविष्यवाणी की थी, और बड़े करीने से इस हैंडल ने बड़े बड़े मीडिया घरानों और विपक्ष के प्रपंची नेताओं को धूल चटा दी।

वकालत की शिक्षा ग्रहण की।
बीएनएसडी इंटर कॉलेज के विद्यार्थी, और प्रसिद्ध दयानन्द एंग्लो वैदिक कॉलेज, कानपुर के स्नातक, श्री रामनाथ कोविन्द ने वकालत की शिक्षा भी ग्रहण की। कुशाग्र बुद्धि के विद्यार्थी, श्री कोविन्द ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली की तरफ चल पड़े।

लोक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की
दिल्ली आने का इनका प्रमुख कारण था, लोक सेवा परीक्षा [यूपीएससी एग्ज़ाम्स] के लिए पढ़ाई करना और उसे उत्तीर्ण करना। हालांकि वे दो बार असफल भी हुये, पर तीसरी बारी में उन्होने ये परीक्षा उत्तीर्ण की। हालांकि इनकी रैंक आईएएस सेवा के लिए काफी नहीं थी, सो इन्हे सम्बद्ध सेवा में नौकरी से संतोष करना पड़ा।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया में वकील के तौर पर 1971 में दाखिला
आईएएस बनने का सपना त्यागने के बाद इनहोने वही किया जिसके लिए इनहोने कॉलेज में पढ़ाई की। 1971 में इनहोने बार काउंसिल ऑफ इंडिया, दिल्ली में बतौर वकील अपना दाखिला करवाया।

दिल्ली हाइ कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील (1977–1979)
इनकी सबसे पहली उपलब्धि आई 1977 में, जब इन्हे मोरारजी देसाई के नेतृत्व में केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाइ कोर्ट में वकील नियुक्त किया गया। वहाँ इनहोने दो साल अपनी सेवाएँ दी।

सूप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के स्थायी वकील (1980 – 1993)
1980 में इनके जीवन में एक और मोड़ आया। अब इन्हे सरकार की तरफ से सूप्रीम कोर्ट में बतौर स्थायी वकील प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। 13 सालों तक माननीय कोविन्द जी ने निस्संकोच अपनी सेवाएँ दी।

मोरारजी देसाई के निजी सचिव के तौर पर कार्य किया
ये कुछ लोगों के लिए चौंकाने वाला तथ्य हो सकता है, पर इस राष्ट्रपति उम्मीदवार ने कभी भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई की बतौर निजी सचिव सेवा भी की थी। इससे इन्हे पीएमओ की कार्यशैली को करीब से जानने का मौका भी मिला।

दो बार उत्तर प्रदेश से राज्य सभा सांसद (1994-2000 और 2000-2006)
इनके नाम अनगिनत उपलब्धि में सबसे उत्कृष्ट उपलब्धि है इनका बतौर राज्य सभा सांसद दो बार उत्तर प्रदेश से निर्वाचित होना। बतौर सांसद इनहोने सांसद की कार्यप्रणाली का भी गहन अध्ययन किया है। कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों की इनहोने अपनी सेवाएँ भी दी है, जैसे एससी/एसटी कल्याण समिति, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण समिति इत्यादि। इसे कहने में कोई हर्ज़ नहीं की इन सेवाओं से इनहोने उच्च पद पर आसीन होने के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुभव भी ग्रहण किया है।

न्यू यॉर्क में यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व और यूएन आम सभा में अक्टूबर 2002 में भाषण का सौभाग्य

जब अटल बिहारी वाजपयी जी भारत के प्रधानमंत्री थे, तब उन्होने रामनाथ कोविन्द जी को संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधित्व का सुनहरा अवसर प्रदान किया। न सिर्फ इनहोने यह उत्तरदायित्व बखूबी संभाला, बल्कि अक्टूबर 2002 में आम सभा में इनहोने अपने भाषण से अपनी धाक भी जमाई। इससे ये साफ है की भारत के भावी राष्ट्रपति में देश का अंतराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने की उचित योग्यता भी है।

वर्तमान में बिहार के राज्यपाल
71 वर्षीय रामनाथ कोविन्द बिहार के वर्तमान राज्यपाल के तौर पर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। एक राज्य का कुशल निरीक्षण करने की इनकी क्षमता ने इन्हे एनडीए के लिए एक उचित उम्मीदवार के तौर पर उपर्युक्त समझा गया है।

दलित – जिसमें मीडिया को ख़ासी दिलचस्पी हैं।
ये एक विडम्बना है की इस देश की राजनीति में योग्यता नहीं, जाति मायने रखती है। अब इससे एनडीए पूरी तरह अनभिज्ञ रहे, ऐसा सोचना भी असह्य है। एक दलित को उच्च पद के लिए नामित करना पार्टी के आगामी अभियानों के लिए वरदान समान ही साबित होगा। पर जिस तरह इसे मीडिया एक आडंबर बनाने पर तुली है, ऐसे योग्य मनुष्य के लिए अपमानजनक प्रतीत होता है, जिनहोने अपनी जाति के दंश से ऊपर उठ कर अपने देश की उच्च से उच्चतम सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

इसके अलावा डॉ॰ बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में बतौर प्रबंधन बोर्ड के सदस्य श्री कोविन्द कभी प्रसिद्ध भारतीय प्रबंधन संस्थान, कलकत्ता [आईआईएम कलकत्ता] के बोर्ड ऑफ गोवेर्नर्स के मनोनीत सदस्य भी रह चुके है। आरएसएस बैक्ग्राउण्ड से आने वाले कोविन्द जी बीजेपी दलित मोर्चा की 1998-2002 में अगुवाई भी कर चुके हैं। वे अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

भारत का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतितनिधित्व करने का सौभाग्य इनके फायदे में ही रहा। चूंकि मोरारजी देसाई के साथ इनहोने काम किया है, इसीलिए इन्हे नीति निर्माण में भी अनुभव प्राप्त है। इनहोने एससी और एसटी समुदाय की महिलाओं के उन्मूलन और कानूनी सहायता में भी अपना योगदान दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार से संबन्धित होने के नाते इन्हे देश के लाखों लोगों की कई समस्याओं का भी गहरा अनुभव है।

बहरहाल, चाहे आप खुश हो या नाखुश, पर इस बार एनडीए ने अपना दांव सही खेला है। राष्ट्रीय राजनीति में इनका दांव आने वाले कई वर्षों तक अपनी छाप छोडते जाएगा। रामनाथ कोविन्द के लिए प्रणब दा की जगह भरना काफी मुश्किल होगा, पर उनका अनुभव और उनका ज्ञान इस देश के लिए काफी मूल्यवान सिद्ध हो सकता है।

शनिवार, 17 जून 2017

आरती : ॐ जय जगदीश हरे




आरती : ॐ   जय   जगदीश   हरे

ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे |
भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे | ॐ जय जगदीश हरे ||

जो ध्यावे फल पावे,दुःखबिन से मन का,
स्वामी दुःखबिन से मन का |
सुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का |ॐ जय जगदीश हरे ||

मात पिता तुम मेरे,शरण गहूं किसकी,
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी |
तुम बिन और न दूजा,तुम बिन और न दूजा,
आस करूं मैं जिसकी |ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी,
स्वामी तुम अन्तर्यामी |
पारब्रह्म परमेश्वर,पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सब के स्वामी |ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम करुणा के सागर,तुम पालनकर्ता,
स्वामी तुम पालनकर्ता |
मैं मूरख फलकामी मैं सेवक तुम स्वामी,
कृपा करो भर्ता | ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम हो एक अगोचर,सबके प्राणपति,
स्वामी सबके प्राणपति |
किस विधि मिलूं दयामय,किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं कुमति |ॐ जय जगदीश हरे ||

दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,ठाकुर तुम मेरे,
स्वामी रक्षक तुम मेरे |
अपने हाथ उठाओ,अपने शरण लगाओ
द्वार पड़ा तेरे |ॐ जय जगदीश हरे ||

विषय-विकार मिटाओ,पाप हरो देवा,
स्वमी पाप हरो देवा |
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा |ॐ जय जगदीश हरे ||

रविवार, 11 जून 2017

किसानों के लिये स्वामीनाथन आयोग की अनुसंशाओं से बढ़कर काम किया है मप्र ने - मुख्यमंत्री श्री चौहान


हजारों किसानों के आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उपवास तोड़ा

किसानों ने कहा शिवराज हमारा भाई
किसानों के लिये स्वामीनाथन आयोग की अनुसंशाओं से बढ़कर काम किया है मप्र ने - मुख्यमंत्री श्री चौहान
शांति भंग करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा

भोपाल : रविवार, जून 11, 2017, 17:48 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को नारियल पानी पिलाकर उपवास समाप्त करवाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी। इस दौरान केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत भी मौजूद थे।


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हजारों किसानों के आग्रह पर आज यहाँ शांति बहाली के लिए चल रहे उपवास के दूसरे दिन अपना उपवास समाप्त किया। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी एवं बुजुर्ग किसान श्री मोतीलाल ने नारियल पानी पिलाकर उपवास तुड़वाया।

स्थानीय दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन उपवास का दूसरा दिन सुबह 11 बजे से महात्मा गांधी के प्रिय भजन 'वैष्णव जन' से शुरू हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आये किसान मुख्यमंत्री के साथ उपवास में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के समर्थन में केन्द्रीय नेता, प्रदेश मंत्रीमंडल के सदस्य, विधायक, विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी भी उपवास पर बैठे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के नाम पर शांति भंग करने वालों ने राज्य को बदनाम करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि किसानों के विरूद्ध किसी भी प्रकार का प्रकरण नहीं बनाया जाएगा, लेकिन ऐसे लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के नागरिकों की सेवा आखिरी साँस तक करते रहेंगे। कुछ लोग प्रदेश को आग में झोंकने का काम कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों की पहचान करें और भविष्य में सतर्क रहें। असामाजिक तत्वों को शांति भंग न करने दें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की निजी सम्पत्तियों को नुकसान हुआ है उन्हें भी राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2006 में बने स्वामीनाथन आयोग ने किसानों के लिये जो अनुशंसाएँ की थी उससे आगे बढ़कर मध्यप्रदेश ने काम किया है। स्वामीनाथन आयोग ने किसानों को 4 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन देने की सिफारिश की थी, जबकि राज्य सरकार माइनस 10 प्रतिशत पर खाद-बीज के लिये उन्हें ऋण दे रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर खेती के लिये लोन दे रही है। किसानों के कल्याण के लिये स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से भी आगे निकल गई है। स्वामीनाथन आयोग ने राज्यों से सिंचाई की व्यवस्था करने को कहा था। आज प्रदेश में 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है। हर क्षेत्र के लिये सिंचाई योजनाएँ बनाई गई हैं। हर खेत में पानी है। नर्मदा के जल से मालवा और अन्य क्षेत्रों में पानी पहुँच रहा है। आयोग की अनुशंसा के अनुरूप विलेज नॉलेज सेंटर बनाये जायेंगे ताकि किसानों को समय पर सलाह मिल सके। उन्होंने कहा कि बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए प्रदेश के सभी नगरों में किसान बाजार बनाए जाएंगे ताकि किसान अपनी उपज सीधे खरीदारों को बेच सकें। श्री चौहान ने कहा कि राज्य भूमि उपयोग परामर्श सेवा लागू की जाएगी ताकि किसानों को सही समय पर परामर्श मिले कि कौन सी फसल कितनी मात्रा में बोना चाहिए। किसी भी प्रकार से शहरी परियोजना के लिए कृषि भूमि जबरदस्ती अधिग्रहीत नहीं की जाएगी। किसानों की राय जरूरी है। किसानों को खसरा/खतौनी की नकल वर्ष में एक बार उनके घर नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी।

श्री चौहान ने कहा कि दो लाख आदिवासी भाइयों को जमीन पर अधिकार दिया गया है। प्रदेश में किसी भी गरीब को बिना जमीन के नहीं रहने दिया जायेगा। इसके लिये कानून बनाया जायेगा। आज मध्यप्रदेश की कृषि वृद्धि दर दुनिया में सबसे ज्यादा है। पहले फसलें खेत में सूख जाती थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम रहा है। किसानों के लिये सड़क नेटवर्क बढ़ाया गया है। सोयाबीन खराब होने पर बिना सर्वे के भी किसानों को राहत दी गई थी। विपक्षी दल के लोग कभी किसान के खेत में नहीं गए।

श्री चौहान ने कहा कि किसानों के बेटों के लिये कई योजनाएँ बनाई गई हैं चाहे वे अपना रोजगार लगाये या पढ़ाई करें। पहले राहत देने के लिये तहसील इकाई थी अब किसान स्वयं इकाई है। उन्होंने कहा कि 1000 करोड़ की लागत से मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया जा रहा है। प्याज की खरीदी 8 रूपये प्रति किलो शुरू हो गई है। कृषि उत्पाद लागत एवं विपणन आयोग बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उड़द, तुअर और मूंग की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी। जिन किसानों का सोयाबीन बचा रह गया है उसकी भी खरीदी की जाएगी।

श्री चौहान ने कहा कि कोई भी उपज समर्थन मूल्य के नीचे नहीं खरीदी जाएगी। समर्थन मूल्य से नीचे खरीदी करने को अपराध माना जाएगा। श्री चौहान ने किसानों द्वारा उठाये गये मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दूध खरीदी का सबसे अच्छा मॉडल अमूल डेयरी का है। इसी मॉडल के आधार पर दूध खरीदी की व्यवस्था की जाएगी। डिफाल्टर किसानों के लिये समाधान योजना बनाई जायेगी ताकि उन्हें दोबारा लोन मिल सके।

श्री चौहान ने किसानों द्वारा आंदोलन वापस लेने और शांति बहाली में राज्य सरकार को सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सभी समस्याएँ सुलझाई जायेंगी। उन्होंने किसानों से दो जुलाई को नर्मदा के किनारे होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।

आंदोलन करने वाले मध्यप्रदेश किसान यूनियन के उपाध्यक्ष श्री अनिल यादव ने यह कहते हुए आंदोलन वापस लेने की घोषणा की कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी माँगें मान ली हैं। उन्होंने कहा कि लागत मूल्य देने की माँग बरसो पुरानी थी जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। आजादी के बाद पहली बार यह मांग स्वीकार की गई है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रभात झा, राष्ट्रीय महामंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद एवं राज्य भाजपा अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, मंत्रीमंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में किसान एवं उनके प्रतिनिधि संगठन के सदस्य उपस्थित थे।

ए.एस.

बुधवार, 31 मई 2017

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए : राजस्थान हाई कोर्ट





राजस्थान हाई कोर्ट की सिफ़ारिश, 
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए ; 
जज ने फ़ैसले को बताया 'आत्मा की आवाज़'
Last Updated: Wednesday, May 31, 2017

जयपुर: राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार (31 मई) को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह केंद्र सरकार के साथ समन्वय में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिये आवश्यक कदम उठाये. न्यायमूर्ति महेश चंद शर्मा की एकल पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव और महाधिवक्ता को गाय का कानूनी संरक्षक भी नियुक्त किया. आज (बुधवार, 31 मई) ही सेवानिवृत्त हो रहे न्यायधीश ने फैसला सुनाने के बाद कहा कि इस मामले पर उनका फैसला ‘आत्मा की आवाज’ है और ‘गौ हत्या से जघन्य कोई अपराध नहीं’.

अपने 145 पन्नों के आदेश में उन्होंने कहा, ‘नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है और उसने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया है. भारत मुख्य रूप से कृषिप्रधान देश है जो पशुपालन पर आधारित है. अनुच्छेद 48 और 51ए (जी) के मुताबिक राज्य सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि उसे इस देश में गाय की कानूनी पहचान के लिये कदम उठाना चाहिये.’ संविधान का अनुच्छेद जहां कहता है कि राज्य को नस्लों के संरक्षण और सुधार और गायों, बछड़ों और दूसरे दुधारू तथा अन्य मवेशियों के वध को निषेध करने के लिये कदम उठाने चाहिये. अनुच्छेद 51ए(जी) प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण और जीवित प्राणियों के प्रति दया के बारे में बात करता है.

न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, ‘सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि उसे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिये और इस उद्देश्य के लिये राज्य के मुख्य सचिव और महाधिवक्ता को गायों का कानूनी संरक्षक घोषित किया जाता है.’ अदालत ने हिंगोनिया गौशाला मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया. पिछले साल जयपुर की सरकारी गौशाला में सौ से ज्यादा गायों की मौत हो गयी थी. पीठ ने किसी भी शख्स या लोगों के समूह को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिये अदालत में जनहित याचिका दायर करने की स्वतंत्रता भी दी है.

यह निर्देश ऐसे समय आया है जब कई राज्य केंद्र सरकार के मवेशियों के वाणिज्यिक उपयोग के लिये वध करने पर प्रतिबंध के फैसले का विरोध कर रहे हैं. मद्रास उच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्र सरकार की अधिसूचना पर चार हफ्ते की रोक लगा दी है. आदेश जारी करने के बाद अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुये न्यायमूर्ति शर्मा ने मोरों के समागम का विशिष्ट सिद्धांत भी पेश किया.

अपने फैसले के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘मोर में भी अपना गुण होता है. वह आजीवन अविवाहित रहता है. वह मोरनी के साथ समागम नहीं करता. मोरनी मोर के आंसुओं से गर्भवती होती है. तब एक मोर या मोरनी का जन्म होता है, भगवान कृष्ण ने पक्षियों के ब्रह्मचर्य के लिये मोर के पंख का इस्तेमाल किया था.’ राष्ट्रीय पशु के दर्जे पर अपने फैसले के बारे में और जानकारी देते हुये न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा,
‘कानून का उदय धर्म से हुआ है. धर्म कानून से नहीं आया है.’

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केरल में गाय काटते यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता




केरल यूथ कांग्रेस के  नेता रिजिल मुकुलटी

May 30, 2017
हिन्द न्यूज डेस्क। केरल में हुए गाय काटने के मामले में तूल पकड़ लिया है. जिसके बाद कांग्रेस ने इस आयोजन में शामिल अपने दो कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर निकाल दिया है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के इस घटना की निंदा करने के बाद पार्टी ने ये कदम उठाया है. दूसरी तरफ केरल पुलिस ने भी कांग्रेस कार्यकर्ता रिजिल मुकुलटी और उसके सहयोगियों को जानवर काटने को लेकर मामला दर्ज किया है.

केरल में इस घटना को अंजाम देने वाले केरल यूथ कांग्रेस के ये नेता आख़िर हैं कौन? रिजिल मक्कुट्टी उत्तरी केरल के कन्नूर जिले से हैं. उन्हें कांग्रेस का एक ‘उभरता सितारा’ बताया जाता है जिसका करियर अचानक डूबता हुआ सा लग रहा है. रिजिल मक्कुट्टी के एक क़रीबी सहयोगी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर उनके बारे में बीबीसी को जानकारी दी है.


केरल मामले में कांग्रेस से पार्टी निकाला शुरु, दो कार्यकर्ता बाहर
राहुल के साथ तस्वीरें
रिजिल मक्कुट्टी पार्टी के फुल टाइम कार्यकर्ता हैं और कन्नूर संसदीय क्षेत्र के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं. वह कन्नूर से सांसद रहे के सुधाकरन के ख़ास फॉलोअर हैं और उनके फ़ेसबुक अकाउंट पर राहुल गांधी के साथ उनकी तस्वीरें भी हैं. उनके एक सहयोगी ने पहचान न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, ‘अगले विधानसभा चुनाव में उन्हें थालाशेरी से पार्टी का टिकट मिल सकता था.’ रिजिल से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन वह प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए.

लेकिन अपने निलंबन के बाद उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा- ‘संघ परिवार से लड़ाई जारी रहेगी.’ हैरान करने वाले इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस हाईकमान उन्हें निलंबित करने पर मजबूर हो गई थी. केरल में गोमांस और भैंस का मांस छोटी-छोटी दुकानों में भी आसानी से उपलब्ध है और इसे सभी समुदाय के लोग खाते हैं.

पूरे प्रदेश की आबादी में मुसलमान और ईसाई मिलकर 45 फ़ीसदी हैं. पूर्वोत्तर राज्यों के साथ केरल भी उन प्रदेशों में शामिल था, जहां भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पहले बीफ़ बैन न करने की बात कही थी.

लोकसभा चुनावों में एक बीजेपी प्रत्याशी ने जीतने पर ताज़ा और सस्ता बीफ़ उपलब्ध कराने का वादा किया था. मोदी सरकार के मवेशियों के व्यापार संबंधी हालिया नोटिफ़िकेशन पर कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को इस घटना के बाद करारा झटका लगा है.

“केरल में शनिवार को जो कुछ भी हुआ, वह बेवकूफी भरा और बर्बर है”
इस घटना की अजीब बात यह रही कि यह शनिवार को अंजाम दी गई. रविवार शाम केरल बीजेपी के अध्यक्ष कुम्मनम राजशेखरन के वीडियो ट्विटर पर डालने तक किसी ने इसका ख़ास नोटिस नहीं लिया था. वीडियो में रिजिल कह रहे हैं, ‘बीजेपी सरकार का फ़ैसला एक बड़ी आबादी पर अत्याचार है. इसका विरोध करते हुए हम सबके सामने जानवर काटेंगे और इसका मांस लोगों में बांटेंगे.’

इसके बाद रिजिल और बाकी लोगों ने ‘यूथ कांग्रेस ज़िंदाबाद’ और ‘नरेंद्र मोदी, तुम बीफ़ बैन नहीं कर सकते’ के नारे लगाए और फिर एक बछड़े का गला चीर दिया. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एमएम हसन ने बीबीसी हिंदी को बताया, ‘कन्नूर में जो हुआ, वह कांग्रेस की संस्कृति के ख़िलाफ़ है. हमने उन्हें और बाक़ी सदस्यों को सस्पेंड कर दिया है और उनके ख़िलाफ़ जांच करवा रहे हैं.’

एमएम हसन का कहना है कि केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के ख़िलाफ़ पार्टी प्रदर्शन करती रहेगी. उन्होंने कहा, ‘हम प्रदेश सरकार से कह रहे हैं कि वह केंद्र के इस नियम को लागू न करे और एक ऐसा अधिनियम लाए जो इस क़ानून को बायपास करता हो.’

तिरुवनंतपुरम में ‘द हिंदू’ अख़बार के एसोसिएट एडिटर सी गौरीदासन नायर कहते हैं, ‘सबसे पहले, यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक चेतावनी है. यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की इस हरक़त से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा झटका लगा है.’

केरल में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गाय काटी तो वीडियो हो गया वायरल

हालांकि वो यह भी कहते हैं, ‘जहां तक केरल की बात है तो प्रदेश की राजनीति पर इसका ज़्यादा असर नहीं होगा. हां, आज केरल थोड़ा नाराज़ है, लेकिन आज नहीं तो कल यह इससे आगे बढ़ जाएगा. अगर रिजिल भी हिसाब-किताब हो जाने के बाद वापस आ जाएं तो हैरत नहीं होनी चाहिए. पार्टी उनके जैसे कार्यकर्ता का जाना नहीं सह सकती है.’






केरल गोहत्या विवाद : कांग्रेस ने किया 3 कार्यकर्ताओं को सस्पेंड
नई दिल्ली : केरल राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओ के द्वारा गाय काटे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मचा हुआ है. कल रात केरल बीजेपी अध्यक्ष राजशेखरन ने ये वीडियो अपलोड किया. राजशेखरन ने इस बारे में ट्वीट किया है कि सरेआम बीच सड़क पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने गोवध किया. इसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कांग्रेस में इस मामले में पल्ला झाड़ते हुए गाय काटने वाले यूथ कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं को सस्पेंड कर दिया है.

पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की शिकायत पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. गौरतलब है कि खुद कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर ट्विटर पर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि यह एक ऐसी घटना है जिसका समर्थन कोई नहीं कर सकता.

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि कांग्रेस इस हरकत का समर्थन नहीं करती. अगर किसी ने किसी कानून का उल्लंघन किया है तो उसको कानून के अनुसार डील किया जाएगा. अभी इस चीज का कोई प्रमाण नहीं है कि गाय काटने वाले कांग्रेस के है या नहीं. अगर वो कांग्रेस के है तो भी कांग्रेस उसके समर्थन में नही है.

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केरल गोहत्या विवाद मामले में 16 कांग्रेसियों पर केस, योगी आदित्यनाथ भड़के
लखनऊ| Last Updated: सोमवार, 29 मई 2017

केरल के कन्नूर में हुए गोवध मामले में केरल पुलिस ने कांग्रेस के कार्यकर्ता रिजिल मुकुलटी सहित यूथ कांग्रेस के 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन पर कन्नूर में सरेआम गाय की हत्या का आरोप है।
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केरल में गाय काटते यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का वीडियो आया सामने, ट्विटर पर बुरी तरह घिरी पार्टी
गोवध से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस चारों तरफ से घिरती हुई नजर आ रही हैं। सोशल साइट ट्विटर पर यूजर्स ने वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस पर अपनी भड़ास निकाली है।

जनसत्ता ऑनलाइन May 28, 2017

दिल्ली भाजपा प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो केरल का बताया जा रहा है, जिसमें कुछ लोग कथित तौर पर गोवध करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में कई लोग यूथ कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं। शेयर किए गए वीडिओ में एक शख्स ने कांग्रेस का झंडा भी पकड़ा हुआ है। वहीं गोवध से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस चारों तरफ से घिरती हुई नजर आ रही हैं। सोशल साइट ट्विटर पर यूजर्स ने वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस पर अपनी भड़ास निकाली है। #गउ_हत्यारी_Congress भी ट्विटर पर खासा वायरल हो रहा है। ट्विटर यूजर विकास एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखते हैं, ‘पहले कांग्रेस का चुनाव चिन्ह क्या था और अब!’ प्रदीप माहौर लिखते हैं, ‘कांग्रेस ने साबित कर दिया कि उसे 80 फीसदी भारतीयों की भावनाओं के साथ कोई सहानुभूति नहीं है।’ पुनीत शर्मा लिखते हैं, ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कल केरल के कन्नूर में गाय की हत्या कर दी और मांस को बांटने तक वहीं रुके रहे।’ माहौर अन्य ट्वीट में लिखते हैं, ‘अब साफ हो चुका है कांग्रेस हिंदुओं से नफरत करती है।’ स्वेता एंचोमोन लिखती हैं कि आज कांग्रेस 1980 पहले चुनाव चिन्ह को भूल चुकी है।

आशीष मिश्रा लिखते हैं, ‘पहले इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा का नारा दिया जाता था। आज सोनिया गांधी के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस गो हत्यारी बन चुकी है।’ आशीष मिश्रा लिखते हैं, ‘पहले इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा का नारा दिया जाता था। आज सोनिया गांधी के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस गो हत्यारी बन चुकी है।’ वहीं गौरव लिखते हैं, ‘कांग्रेस हिंदू विरोधी पार्टी है, हिंदुओं को भी इस पार्टी को वोट नहीं देना चाहिए।’ चायवाला नाम से यूजर ट्विटर अकाउंट पर लिखते हैं, ‘कहां गया पशु प्रेमी एनजीओ। क्या अब इसका विरोध करेंगे कांग्रेस गायों की हत्या कर रही है।’

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केरल: गौहत्या पर घिरी कांग्रेस ने निकाले 3 पार्टी कार्यकर्ता, एक के खिलाफ मामला दर्ज
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतमUpdated Mon, 29 May 2017 

केरल में कांग्रेस कार्यकर्ता पर लगे गौहत्या के आरोप के बाद कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इस मामले पर तेवर नरम करने के मूड में कतई नहीं है। शनिवार की रात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजशेखरन ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो ट्वीट किया। इस वीडियो में कुछ लोग गौहत्या करते हुए दिखाई दे रहे हैं। ये लोग पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। वीडियो में युवा कांग्रेस का झंडा भी दिखाई दे रहा है।

इस मामले पर मचे बवाल के बाद कांग्रेस ने फौरी तौर पर कार्रवाई करते हुए पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया है। इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता पर लगे गौ हत्या के आरोपों के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी  ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'ये ऐसी घटना है जिसका समर्थन कोई नहीं कर सकता'।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी भी कांग्रेस का बचाव कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसी ने भी अगर कानून का उल्लंघन किया है तो कांग्रेस पार्टी उसके साथ नहीं है उसे कानून के मुताबिक डील किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि लेकिन इसके लिए वीडियो का प्रमाणित होना जरूरी है।  गाय काटने के आरोप के बाद पुलिस ने केरल के युवा कांग्रेस कार्यकर्ता रिजिल मकुलती के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


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मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर केंद्र ने नए नियम बनाए, मांस के लिए मवेशियों की बिक्री पर पाबंदी लगी
पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार मवेशियों के खरीदारों को यह शपथपत्र देना होगा कि इनका इस्तेमाल खेती के काम में ही किया जाएगा


केंद्र सरकार ने देशभर के पशु बाजारों में हत्या के लिए मवेशियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 के तहत नया नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके तहत पशु बाजारों से मवेशियों की खरीद करने वालों को लिखित में यह वादा करना होगा कि इनका इस्तेमाल खेती के काम में किया जाएगा, न कि मारने के लिए. इन मवेशियों में गाय, बैल, सांड, बधिया बैल, बछड़े, बछिया, भैंस और ऊंट शामिल हैं.

नए नियमों के तहत सरकार ने मवेशियों की खरीद-बिक्री से जुड़ी कागजी कार्रवाई को भी बढ़ा दिया है. अब मवेशियों की प्रत्येक खरीद-बिक्री से पहले क्रेता और विक्रेता को अपना पहचान-पत्र और स्वामित्व का कागजी सबूत दिखाना होगा. इसके अलावा खरीदारों को बिक्री के सबूत की प्रतियों को संबंधित जिले के स्थानीय राजस्व अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु बाजार समिति और विक्रेता को देना होगा. नए नियमों के तहत यह भी शर्त जोड़ी गई है कि कोई भी खरीदार मवेशियों की छह महीने के भीतर बिक्री नहीं कर सकेगा. इसके अलावा सीमापार और दूसरे राज्यों में मवेशियों की हत्या रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी और राज्यों की सीमा से 25 किमी के भीतर पशु बाजार लगाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नए नियमों में मवेशियों को मारने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, फिर भी यह देशभर के बूचड़खानों और मांस उद्योग को प्रभावित करेगा. 2016-17 में 26,303 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ भारतीय मांस उद्योग का सालाना कारोबार एक लाख करोड़ रुपये होने का आकलन है. इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जिसके बाद आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना आते हैं. नए नियमों को लाने के पीछे केंद्र सरकार से गोहत्या पर पाबंदी लगाने की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है. फिलहाल पूर्वोत्तर और केरल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में गौहत्या पर पाबंदी है. लेकिन, दूसरे दुधारू पशुओं जैसे भैंसों को मांस के लिए मारा जाना आम है.


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नई दिल्ली (भाषा)। पशु बाजारों में वध के लिए जानवरों की खरीद बिक्री पर हालिया प्रतिबंध के बाद राज्यों और कुछ अन्य संगठनों के ज्ञापन पर केंद्र सरकार गौर कर रही है। यह बात आज केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कही।

नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उच्चतम न्यायालय और पशुओं पर अत्याचार रोकने तथा तस्करी सहित पशु बाजार की मिलीभगत को तोड़ने के लिए बनी संसदीय समिति की कुछ टिप्पणियों के परिप्रेक्ष्य में ये नियम अधिसूचित किए गए थे। नायडू ने कहा, ‘‘बहरहाल कुछ राज्य सरकारों और अन्य वाणिज्य संगठनों ने कुछ मुद्दे उठाए हैं। सरकार इन पर गौर कर रही है।'' पिछले हफ्ते नियमों को अधिसूचित करने वाले पर्यावरण मंत्रालय को इन पर अभी तक 13 ज्ञापन मिल चुके हैं।

मंत्रालय ने कठोर पशु अत्याचार निवारण (पशु बाजारों का नियमितीकरण) नियम 2017 को अधिसूचित किया था, जिसमें वध के लिए पशु बाजार से जानवरों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाया गया है। निर्णय से मांस और चमड़ा व्यवसाय तथा निर्यात प्रभावित हो सकता है।


नये नियम में राज्यों की सीमा से 25 किलोमीटर की दूरी के अंदर और अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के भीतर पशु बाजार लगाने पर प्रतिबंध है। इस बीच पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि वध के लिए पशुओं की खरीद-फरोख्त पर उन्हें कई ज्ञापन मिले हैं और उनका अध्ययन किया जा रहा है।

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मवेशी खरीद बिक्री को लेकर केंद्र की अधिसूचना पर मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई रोक
by गाँव कनेक्शन on May 30th 2017
मद्रास। मवेशी बिक्री और पशु बाजारों के विनियमन को लेकर केंद्र सरकार के 23 मई के अधिसूचना पर सुनवाई करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरई बेंच ने मंगलवार को इस अधिसूचना पर रोक लगा दी है। सेल्वगोमाथी और असिक इलाही बाबा द्वारा दायर जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति एम वी मुरलीधरन और न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन के खंडपीठ ने इस आशय का अंतरिम आदेश पारित किया है।


उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों का चयन व्यक्ति के अधिकार का मामला है और किसी को भी इस विषय में हुक्म देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। बहस के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने तर्क दिया कि अधिसूचना केवल पशु बाजारों को विनियमित करने के लिए लाई गई है। वहीं, अदालत की खंडपीठ ने इस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं, उन्हें चार सप्ताह में इस संबंध में अपने जवाब पेश करने होंगे।

आपको बता दें कि केंद्र की अधिसूचना किसानों द्वारा मवेशी बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है और यह जनादेश जारी करती है कि इसे केवल किसानों को ही बेचा जाना चाहिए।

रविवार, 28 मई 2017

जीवन उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए – परम पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी





सफल होने के साथ-साथ व्यक्ति का जीवन उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए 

– डॉ. मोहन भागवत जी

May 24, 2017

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जीवन में सफल होने के साथ-साथ जीवन को उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए. तभी मनुष्य को प्राप्त विद्या सार्थक होती है. ऐसे उत्कृष्ट कार्य को विद्या भारती पूरी मेहनत के साथ कर रही है. सरसंघचालक मोहन भागवत जी 23 मई को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबंधित समर्थ शिक्षा समिति द्वारा संचालित राव मेहर चंद सरस्वती विद्या मंदिर, भलस्वा के नए भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे.

सरसंघचालक जी ने कहा कि विद्याभारती ने अपने हाथ में एक कल्याणकारी, मंगलकारी कार्य लिया है. इसके माध्यम से विद्या भारती एक ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना चाहती है जो हिन्दुत्व निष्ठ और राष्ट्र प्रेम से ओत-प्रोत हो, अपनी वर्तमानकालीन समस्याओं से सामना करने में सफल होने के लिए सक्षम हो और अपने देश के अभावग्रस्त लोग, साधनहीन लोगों को शोषण और अन्याय से मुक्ति दिलाकर उनका उत्थान करने के लिए सेवारत हों.

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जीवनयापन करना नहीं है. शिक्षा प्राप्त करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिस समाज व जिस देश से हम हैं, उसे वापिस देने के लिए हम सक्षम बनें. शिक्षा को सार्थक बनाने के लिए इन भावों को जगाना जरूरी है. विद्या मनुष्य को शिक्षित बनाती है. वह बच्चों के मन में स्वाभिमान को बनाए रखने की क्षमता प्रदान करती है. विद्या केवल विद्यालय में जाकर नहीं सीखते हैं. इसमें अभिवावकों और परिवारों का भी बहुत बड़ा त्याग, तपस्या, और बलिदान सम्मिलित होता है.

विद्या भारती इन सब कार्यों को अच्छे ढंग से करने का प्रयास कर रहा है. विद्या भारती वास्तव में एक परिवार है, जिसमें अभिभावक, आचार्य और विद्यार्थी सभी शामिल हैं. जिस प्रकार की शिक्षा की हमें आवश्यकता है, वह विद्यार्थियों को मिल सके, इस हेतु विद्या भारती के लाखों कार्यकर्ता दिन-रात एक करके समर्पित होकर लगे हुए हैं.

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान से संबंधित समर्थ शिक्षा समिति द्वारा संचालित “राव मेहर चंद सरस्वती विद्या मंदिर, भलस्वा के नए भवन के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा, विद्या भारती के अखिल भारतीय पदाधिकारी डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी जी, दिल्ली प्रांत के संघचालक कुलभूषण आहूजा जी, विद्यालय प्रबंधन के सदस्य एवं शिक्षक उपस्थित थे.

शुक्रवार, 26 मई 2017

संवेदनशील, पारदर्शी एवं निर्णायक सरकार:अमित शाह






भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भाजपा सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इन तीन वर्षों में कई क्षेत्रों में असाधारण काम करके मील का पत्थर स्थापित किया है और एक महान भारत की नींव डालने का काम किया है: अमित शाह
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लोकतंत्र में सरकार के कामकाज का सबसे बड़ा पैमाना जनादेश होता है। 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद देश में हुए सभी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने जनाधार को बढ़ाया है और ज्यादातर चुनावों में विजय प्राप्त की है: अमित शाह 
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देश की जनता यह मानती है कि मोदी सरकार गरीबों की सरकार है, देश के गौरव को बढ़ाने वाली सरकार है, पारदर्शी व निर्णायक सरकार है। देश की जनता मानती है कि श्री नरेन्द्र मोदी जी आजादी के बाद देश के सबसे लोकप्रिय लोकनेता बन कर उभरे हैं: अमित शाह
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इन तीन सालों में देश की जनता का आत्मविश्वास बढ़ाने, दुनिया में देश की प्रतिष्ठा व मान-सम्मान में वृद्धि करने और देश की सोच के स्केल को बदलने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सफल हुए हैं: अमित शाह
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इन तीन वर्षों में देश की राजनीति से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण के अभिशाप को ख़त्म करने का काम हुआ है जो देश की राजनीति के लिए एक शुभ संकेत है: अमित शाह 
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आजादी के 70 सालों में जो चीजें हम अचीव नहीं कर पाए, मोदी सरकार ने इन तीन वर्षों में इसे अचीव किया है, इसलिए हमने तीन साल के पूरे होने पर अपने लोकसंपर्क अभियान का नारा बनाया है - साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार एक निर्णायक सरकार है, त्वरित फैसले लेने वाली सरकार है और योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली सरकार है: अमित शाह 
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सभी दलों को साथ लाकर जीएसटी के माध्यम से ‘एक राष्ट्र, एक कर' के स्वप्न को साकार करके दिखाया है जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है: अमित शाह
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सर्जिकल स्ट्राइक करके सेना के जवानों ने जो वीरता दिखाई और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिस राजनीतिक दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया, उससे भारत दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है: अमित शाह
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स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, स्किल इंडिया और मुद्रा योजना के माध्यम से देश भर में लगभग 8 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है: अमित शाह
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आजादी के 70 साल बाद भी बिजली से वंचित देश के 18 हजार गाँवों में से लगभग 13 हजार से अधिक गाँवों में बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, बाकी बचे गाँवों में भी 2018 तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में भारत आज दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, महंगाई काबू में है, विदेशी मुद्रा भंडार अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, सेंसेक्स 31000 को पार कर गई है, निफ्टी भी अपने उच्चतम स्तर पर है: अमित शाह
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सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने के लिए और चुनावी राजनीति में से काले-धन के दुष्प्रभाव को निरस्त करने के लिए कैश में लिए जाने वाले चंदे की रकम को दो हजार रुपये तक सीमित करने का साहस भी नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज, शुक्रवार को भाजपा के केन्द्रीय मुख्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भाजपा सरकार के तीन बेमिसाल वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया और मोदी सरकार की उपलब्धियों और गरीब-कल्याण की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इन तीन वर्षों में कई क्षेत्रों में असाधारण काम करके मील का पत्थर स्थापित किया है और एक महान भारत की नींव डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में देश की जनता का आत्मविश्वास बढ़ाने, दुनिया में देश की प्रतिष्ठा व मान-सम्मान में वृद्धि करने और देश की सोच के स्केल को बदलने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन तीन वर्षों में देश की राजनीति में आमूल-चूल परिवर्तन आया है, इन तीन वर्षों में हमारे विरोधी भी हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सकते। उन्होंने कहा कि इन तीन वर्षों में देश की राजनीति में से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण के अभिशाप को ख़त्म करने का काम हुआ है जो देश की राजनीति के लिए एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 सालों में जो चीजें हम अचीव नहीं कर पाए, मोदी सरकार ने इन तीन वर्षों में उन चीजों को हासिल करने में सफलता अर्जित की है और इसलिए हमने भाजपा सरकार के तीन साल के पूरे होने पर लोकसंपर्क अभियान का नारा बनाया है - साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है।
संवेदनशील, पारदर्शी एवं निर्णायक सरकार
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता देने की 1955 से लंबित मांग को पूरा कर के देश के करोड़ों पिछड़े लोगों को सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि 40 सालों से लंबित पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (ओआरओपी) को पूरा करके संवेदनशील भाजपा सरकार ने लगभग 8000 करोड़ रुपये की राशि को पूर्व सैनिकों के खाते में सीधा पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करके भारत एक ग्लोबल लीडर के रूप में दुनिया में उभरा है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक करके सेना के जवानों ने जो वीरता दिखाई और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिस राजनीतिक दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया, उससे भारत दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एक राष्ट्रवादी सरकार का परिचय देते हुए शत्रु संपत्ति बिल को क़ानून बनाकर इसपर एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी, फर्जी कंपनियों के खिलाफ एक्शन और बेनामी संपत्ति का क़ानून लाकर मोदी सरकार ने काले-धन को ख़त्म करने की दिशा में निर्णायक पहल की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चुनाव सुधार की एक नई सोच देश की जनता और सभी राजनीतिक दलों के सामने रखने का काम किया ताकि पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के सारे चुनाव एक ही दिन कराया जा सके और जनता के ऊपर से चुनाव खर्च के बोझ को कम किया जा सके।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सभी दलों को साथ लाकर जीएसटी के माध्यम से ‘एक राष्ट्र, एक कर' के स्वप्न को साकार करके दिखाया है जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ग्यारह सौ से ज्यादा अप्रासंगिक कानूनों को ख़त्म करके मोदी सरकार ने क़ानून के जंगल में मंगल का काम किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के लिए 48000 करोड़ रुपया आवंटित करके गरीबों की जिन्दगी को आसान बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर भीम एप शुरू करके गरीबों को डिजिटल ट्रांजेक्शन का सबसे पॉपुलर एप उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि विकलांगों को दिव्यांग का नाम देकर और उनकी भलाई के लिए कई योजनायें लाकर मोदी सरकार ने एक संवेदनशील सरकार होने का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि मैटरनिटी की छुट्टी को 26 सप्ताह तक बढ़ा कर मोदी जी ने इस देश के करोड़ों गर्भवती महिलाओं को खुद के और बच्चे की स्वास्थ्य की देखभाल करने का मौक़ा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार एक निर्णायक सरकार है, त्वरित फैसले लेने वाली सरकार है और योजनाओं को समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में हमने देश को पॉलिसी पैरालिसिस वाली सरकार के स्थान पर एक निर्णायक सरकार देने का काम किया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नार्थ-ईस्ट के विकास के लिए भी मोदी सरकार ने काफी कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में सम्मान दिलाने का काम मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हलके लड़ाकू विमान ‘तेजस' को वायु सेना में सम्मिलित करके ‘मेक इन इंडिया' इनिशिएटिव को बहुत बड़ा बल प्रदान किया गया है, साथ ही, सेना के आधुनिकीकरण को भी बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि पेरिस जलवायु सम्मेलन में भारत की भूमिका को पूरी दुनिया ने सराहा है और भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में भी ग्लोबल लीडर के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर को बदलने का काम भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', नमामि गंगे और स्वच्छता अभियान के माध्यम से जनसमस्याओं को जन-भागीदारी से सुलझाने की पहल भी मोदी सरकार ने की है।
उपलब्धियों भरा वर्ष
श्री शाह ने कहा कि मैं यह गर्व के साथ कहना चाहता हूँ कि पिछला वित्तीय वर्ष कई मायनों में बेमिसाल उपलब्धियों वाला वर्ष रहा। उन्होंने कहा कि 2016-17 वित्तीय वर्ष में यूरिया का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, इस वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा इथेनॉल का उत्पादन हुआ, सबसे ज्यादा घरेलू गैस कनेक्शन वितरित किये गए, सबसे ज्यादा कोयले का उत्पादन हुआ, सबसे ज्यादा विद्युत् उत्पादन हुआ, सबसे ज्यादा पूंजी रेलवे के विकास के लिए दी गई, सबसे ज्यादा राजमार्ग बनाए गए, सबसे ज्यादा तेज गति से ग्रामीण सड़कें बनाई गयी, सबसे ज्यादा सॉफ्टवेयर का निर्यात किया गया और सबसे ज्यादा मोटर गाड़ी व टू व्हीलर का उत्पादन हुआ। उन्होंने कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर है, यही बताता है कि श्री नरेन्द्र मोदी सरकार किस तरह से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन तीन वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने न्यू इंडिया की नींव रखने का काम किया है, वे देश को महान भारत बनाने की दिशा में आगे लेकर बढ़े हैं।
सोशल सेक्टर में सुधार
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत देश भर में लगभग साढ़े 28 करोड़ से अधिक लोगों के बैंक अकाउंट खोले गए हैं और उन्हें देश के अर्थतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और जीवन सुरक्षा बीमा के अंतर्गत लगभग 13 करोड़ नागरिकों को सुरक्षा कवच दिया गया है, उज्ज्वला योजना के माध्यम से देश के दो करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, गिव इट अप के तहत लगभग एक करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ी है, जेनेरिक दवाओं के माध्यम से देश के गरीब लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का काम किया गया है, स्टैंट के दाम 80% तक कम किये गए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी बिजली से वंचित देश के 18 हजार गाँवों में से लगभग 13 हजार से अधिक गाँवों में बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, बाकी बचे गाँवों में भी 2018 तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुद्रा बैंक के माध्यम से साढ़े साथ करोड़ युवाओं को स्वरोजगार के लिए काफी आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 2018 तक लेप्रोसी और कालाजार से मुक्त होने का लक्ष्य रखा है, 2020 तक चेचक से मुक्ति पाने का लक्ष्य तय किया है, इस दिशा में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा देश भर में लगभग साढ़े चार करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है, मिशन इन्द्रधनुष के माध्यम से साढ़े सात करोड़ बच्चों के टीकाकरण का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया के माध्यम से युवाओं के स्किल अपग्रेडेशन का कार्य तेज गति से प्रगति पर है। स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, स्किल इंडिया और मुद्रा योजना के माध्यम से देश भर में लगभग 8 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में 42% की वृद्धि हुई है, यूनिवर्सल पीएफ अकाउंट के माध्यम से मजदूरों की बहुत सारी समस्याओं का अंत किया गया है। उन्होंने कहा कि एक गरीब और बूढ़े मजदूरों के पेंशन को न्यूनतम एक हजार करके सम्मान देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ग तीन और वर्ग चार की नौकरी में से इंटरव्यू को ख़त्म करने का काम भी मोदी सरकार ने किया है, भाजपा की सभी राज्य सरकारों ने भी इस पारदर्शी मॉडल को अपनाया है।
भारत: दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में भारत आज दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, महंगाई काबू में है, विदेशी मुद्रा भंडार अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, एक साल में विदेशी मुद्रा सेंसेक्स 31000 को पार कर गई है और निफ्टी भी अब तक के सबसे उच्च स्तर पर है। उन्होंने कहा कि बिजली उपलब्धता में भारत 2014 में दुनिया में 99वें स्थान पर था जबकि आज हम 76 स्थान ऊपर उठ कर 26वें स्थान पर आ गए हैं जो कि एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास दर पांच प्रतिशत से ऊपर रहा है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ के अनुसार भारत का विकास दर 7.2 फीसदी रहने की संभावना है जबकि कांग्रेस की यूपीए सरकार 2014 में इसे 4.8 फीसद में छोड़ कर गई थी। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष कृषि विकास दर में वृद्धि दर्ज की गई है, कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय कृषि विकास दर ऋणात्मक थी जबकि मोदी सरकार में यह लगातार 4% से ऊपर है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल कॉम्पिटिटिव इंडेक्स में हम 71वें स्थान से 39वें स्थान पर आ गाये हैं। उन्होंने कहा कि नेमुरा के अनुसार, निर्यात में शुरुआती गिरावट के बात लगातार वृद्धि का दौर जारी है और मार्च महीने में यह सालाना आधार पर 27.6 प्रतिशत बढ़ा है। एफडीआई में 45% की वृद्धि हुई है, एक्सपोर्ट में तेजी आई है, ब्याज दरों में कटौती करने में हमें सफलता मिली है, राजकोषीय खाते को 3.9 प्रतिशत तक रखने में हम सफल हुए हैं और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर संग्रह में लगभग 20% की वृद्धि दर्ज की गई है जो आजादी के बाद से सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष जहां भारत में प्रति व्यक्ति आय 93,293 रुपये थी, वहीं इस वित्त वर्ष यह 103,007 रुपये रहने का अनुमान है।
काले धन पर प्रहार
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इन तीन वर्षों में काले-धन के रास्ते को बंद करने के लिए कई कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए काले-धन के खिलाफ लड़ाई की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई, फर्जी कंपनियों के खिलाफ एक्शन और बेनामी संपत्ति का क़ानून लाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की मोदी सरकार ने काले-धन को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल की। उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन और स्पेक्ट्रम की पारदर्शी नीलामी सुनिश्चित की गई और इससे भ्रष्टाचार को ख़त्म करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्डरिंग के जरिये अर्जित की गई बेनामी संपत्ति में से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति सीज की गई है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई की कटिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि लगभग 9.36 लाख करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है, साइप्रस, सिंगापुर और मॉरीशस रूट बंद करके काले धन को वापिस लाने को अर्थतंत्र में वापस लाने के रास्ते बंद किये गए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने के लिए और चुनावी राजनीति में से काले-धन के दुष्प्रभाव को निरस्त करने के लिए कैश में लिए जाने वाले चंदे की रकम को दो हजार रुपये तक सीमित करने का साहस भी नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है।
किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध सरकार
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए मोदी सरकार ने कई इनिशिएटिव लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए स्वायल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, ई-मंडी इत्यादि योजनाओं के माध्यम से किसानों के जीवन-स्तर को ऊपर उठाने के लिए कार्य किये गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से खेत से लेकर खलिहान तक किसानों की फसल को सुरक्षित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ फसलों के मिनिमम सपोर्ट प्राइस में सरकार द्वारा लगातार तीसरी बार वृद्धि की गई है, दलहन फसलों को एमएसपी पर खरीद कर सरकार ने दाल उत्पादक किसानों को काफी राहत प्रदान की गयी है, किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये किसानों की सुविधा में बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय किसानों को सहायता देने के सभी पैमानों में बढ़ोत्तरी की गई है। किसानों को दी जाने वाली आवंटित राशि को लगभग दोगुना कर दिया गया है, गन्ना किसानों का भुगतान लगभग - लगभग पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नीम कोटेड यूरिया के मदद से पेस्टीसाइड के उपयोग और खाद के उपयोग में कमी लाई गई है, साथ ही खादों के दाम में भी आजादी के बाद पहली बार कमी आई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज प्रगति
श्री शाह ने कहा कि आजादी के बाद सबसे तेज गति से राजमार्गों का निर्माण मोदी सरकार में हो रहा है, राजमार्गों को लेवी फ्री एवं क्रोसिंग फ्री बनाने का काम किया जा रहा है, जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ी सुरंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया, आज ही प्रधानमंत्री जी ने असम को अरुणाचल प्रदेश से जोड़ने वाली देश की सबसे लंबी सड़क पुल भूपेन हजारिक का उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि विद्युत् उत्पादन क्षमता में एक तिहाई जबकि विद्युत् ट्रांसमिशन में एक चौथाई बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में लगभग 30 करोड़ एलइडी बल्ब बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष लगभग 28 लाख विदेशी पर्यटकों को देश में लाने का काम किया गया है, इसमें लगभग 13% की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सड़क योजना में लगभग 130 किलोमीटर सड़क रोज बनाया गया है, उड़ान के माध्यम से सस्ती हवाई यात्रा की शुरुआत की गई है, सागरमाला में कार्य प्रगति पर है और नाविक नेविगेशन में भी दुनिया के कई देश भारत के साथ आ रहे हैं, होम लोन की दर को कम करके लोगों को राहत दी गयी है और सस्ते घर के सपने को साकार करने का काम हुआ है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के कामकाज का सबसे बड़ा पैमाना जनता का जनादेश होता है। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद देश में हुए सभी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने जनाधार को बढ़ाया है और ज्यादातर चुनावों में विजय प्राप्त की है, यह मोदी सरकार को जनता का सर्टिफिकेट है। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह मानती है कि मोदी सरकार गरीबों की सरकार है, देश के गौरव को बढ़ाने वाली सरकार है, पारदर्शी व निर्णायक सरकार है। उन्होंने कहा कि देश की जनता मानती है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी आजादी के बाद से देश के सबसे लोकप्रिय लोकनेता बन कर उभरे हैं।
(महेंद्र पांडेय)
कार्यालय सचिव


ANNEXURE

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनायें
1. प्रधानमंत्री जन धन योजना
2. प्रधानमंत्री आवास योजना
3. प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना
4. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
5. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
6. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
7. अटल पेंशन योजना
8. सांसद आदर्श ग्राम योजना
9. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
10. प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना
11. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
12. प्रधानमंत्री जन औषधि योजना
13. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
14. मेक इन इंडिया
15. स्वच्छ भारत अभियान
16. किसान विकास पत्र
17. सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम
18. डिजिटल इंडिया
19. स्किल इंडिया
20. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
21. मिशन इन्द्रधनुष
22. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
23. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना
24. पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना
25. अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत योजना)
26. स्वदेश दर्शन योजना
27. पिल्ग्रिमेज रेजुवेनशन एंड स्पिरिचुअल ऑग्मेंटशन ड्राइव (प्रसाद योजना)
28. नेशनल हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटशन योजना (ह्रदय योजना)
29. उड़ान स्कीम
30. नेशनल बाल स्वछता मिशन
31. वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम
32. स्मार्ट सिटी मिशन
33. गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम
34. स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया
35. डिजिलॉकर
36. इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम
37. श्यामा प्रसाद मुखेर्जी रुर्बन मिशन
38. सागरमाला प्रोजेक्ट
39. ‘प्रकाश पथ’ – ‘वे टू लाइट’
40. उज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना
41. विकल्प स्कीम
42. नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च स्कीम
43. राष्ट्रीय गोकुल मिशन
44. पहल – डायरेक्ट बेनिफिट्स ट्रांसफर फॉर LPG (DBTL) कंस्यूमर्स स्कीम
45. नेशनल इंस्टीटूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग)
46. प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना
47. नमामि गंगे प्रोजेक्ट
48. सेतु भारतं प्रोजेक्ट
49. रियल एस्टेट बिल
50. आधार बिल
51. क्लीन माय कोच
52. राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
53. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
54. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना
55. उन्नत भारत अभियान
56. टी बी मिशन 2020
57. धनलक्ष्मी योजना
58. नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम
59. गंगाजल डिलीवरी स्कीम
60. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
61. विद्यांजलि योजना
62. स्टैंड अप इंडिया लोन स्कीम
63. ग्राम उदय से भारत उदय अभियान
64. सामाजिक अधिकारिता शिविर
65. रेलवे यात्री बीमा योजना
66. स्मार्ट गंगा सिटी
67. मिशन भागीरथ
68. विद्यालक्ष्मी लोन स्कीम
69. स्वयं प्रभा
70. प्रधानमंत्री सुरक्षित सड़क योजना
71. शाला अश्मिता योजना
72. प्रधानमंत्री ग्राम परिवहन योजना
73. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान – National Health Protection Mission
74. राईट टू लाइट स्कीम (आने वाली योजना)
75. राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव
76. उड़ान – उडे देश का आम नागरिक
77. डिजिटल ग्राम
78. ऊर्जा गंगा
79. सौर सुजाला योजना
80. एक भारत श्रेष्ठ भारत
81. शहरी हरित परिवहन योजना (GUTS)
82. नोटबंदी
83. प्रधानमंत्री युवा योजना
84. भारत नेशनल कार असेसमेंट प्रोग्राम (NCAP)
85. अमृत OR AMRIT (अफोर्डेबल मेडिसिन एंड रिलाएबल इम्प्लांट्स फॉर ट्रीटमेंट)
86. राष्ट्रीय आदिवासी उत्सव
87. प्रवासी कौशल विकास योजना
88. प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना
89. गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना
90. वरिष्ठ नागरिकों के लिए Fixed Deposit स्कीम – वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017
91. प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान
92. यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम
93. जन धन खाता धारकों के लिए बीमा योजना
94. महिला उद्यमियों के लिए स्टार्ट-अप इंडिया योजना
95. मछुआरों के लिए मुद्रा लोन योजना
96. ग्रीन अर्बन मोबिलिटी स्कीम
97. राष्ट्रीय वयोश्री योजना
98. MIG के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लोन स्कीम
99. पॉवेरटेक्स इंडिया स्कीम
100. भारत के वीर पोर्टल
101. व्यापारियों के लिए भीम आधार एप
102. भीम रेफेरल बोनस स्कीम और कैशबैक स्कीम
103. शत्रु सम्पति कानून
104. डिजिधन मेला
105. राष्ट्रीय जनजातीय कार्निवल
106. यूनिवर्सल बेसिक आय योजना

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार : तीन वर्ष पूर्ण







भारतीय जनता की सेवा करने का मूल उद्देश्य लेकर बनी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई वाली जनहितकारी भाजपा सरकार को आज तीन वर्ष पूर्ण हुऐ है और निरंतर जनहित हेतु कार्यरत इस सरकार के प्रति जनता को है विश्वास कि आगे भी होता रहेगा हमारा सही मायने में विकास , आप सभी के अवलोकनार्थ जनहितकारी केन्द्र सरकार के अबतक के कार्यों का एक सक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहा हूँ
मोदी सरकार के बेमिसाल तीन साल: 156 हफ्ते, 156 उपलब्धियां
कालेधन पर पीएम मोदी का वार, पस्त हुआ भ्रष्टाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला देश के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ। नोटबंदी ने भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद को जड़ से कम करने का काम किया।
कालेधन पर एसआईटी के गठन के साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग की शुरुआत हो गई।
2015 में ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलने लगे, जब कालेधन वालों पर नकेल कसी जाने लगी।
बैंकों से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए मोदी सरकार ने साइप्रस, मॉरीशस और सिंगापुर जैसे देशों के साथ समझौते किए।
बेनामी ट्रांजेक्शन्स को रोकने के लिए 2016 में कड़े कानून बनाए गए। इसे कालेधन का एक बहुत बड़ा श्रोत माना जाता है। सरकार कठोर जुर्माने के साथ कालेधन की घोषणा करने की योजना भी लेकर आई।
मोदी सरकार ने कोल ब्लॉक और स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए एक बहुत ही सफल और पारदर्शी तरीका इस्तेमाल किया। ये भविष्य में भी एक उदाहरण साबित होगा।
मोदी सरकार ने सुलझाए लंबित मुद्दे
करीब तीन दशकों से पड़े बेनामी संपत्ति कानून को संसद से संशोधन कराकर लागू करवाया। ये कानून कालाधन के खिलाफ सरकार के पास बहुत बड़ा हथियार है।
रिटायर्ड सैनिकों के हित में मोदी सरकार ने उठाया ऐतिहासिक कदम, चार दशकों से लंबित ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की मांग को पूरा किया।
बांग्लादेश के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को मोदी सरकार ने सुलझाया, सीमा विवाद को लेकर ये मोदी सरकार का ऐतिहासिक कार्य था।
आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब बजट फरवरी के आखिर में पेश न होकर एक फरवरी को पेश किया गया। सरकार के कामकाज को बेहतर करने के हिसाब से यह बहुत ही सराहनीय कदम है।
लंबे समय से अटके पड़े जीएसटी बिल जैसे संविधान संशोधन को संसद से पारित करवाया। आधे से ज्यादा राज्य सरकारों को भी अपनी-अपनी विधानसभाओं से पास कराने के लिए प्रेरित कर देश के विकास का रास्ता खोल दिया।
रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को मिली कामयाबी
‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है भारत
2 साल में 60 प्रतिशत से ज्यादा पूंजीगत खर्च भारतीय कंपनियों पर खर्च किया गए हैं।
3 साल में भारतीय विक्रेताओं से खरीद पर 1.05 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय।
भारतीय कंपनियों को 2.46 लाख करोड़ रुपये के 96 बड़ी खरीद को स्वीकृति।
रक्षा हथियार उत्पादन के लिए मेक इन इंडिया के तहत 116 इंडस्ट्रियल लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं।
ऑटोमेटिक रूट द्वारा 49 प्रतिशत तक FDI की स्वीकृति मिली।
मेक इन इंडिया की धमक आज दूसरे देशों में भी देखने को मिल रही है जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था बेहद गिरी है।
सर्वोपरि है देश की सुरक्षा
मोदी राज में सेना ने आतंकी देश पाकिस्तान के टट्टुओं को उसके घर में घुसकर मारा, सर्जिकल स्ट्राइक से विश्व में देश की साख बढ़ी।
मोदी सरकार में म्यांमार में घुसकर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन किया गया जिसमें आतंकियों को भारी नुकसान हुआ।
युवाओं के लिए काम करती मोदी सरकार
मोदी सरकार में युवाओं को मिल रही है वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन।
युवाओं की दी जा रही है कानूनी सलाह और मदद।
युवाओं को पहले 3 साल तक के मुनाफे पर आयकर में छूट दे रही है मोदी सरकार।
पूंजीगत मुनाफे पर कर में छूट मिल रही है।
देश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त माहौल बना रही है मोदी सरकार।
मोदीराज में युवाओं को बेहतर प्रोत्साहन और फायदा मिला है जिससे अब वह अपना व्यवसाय आदि कर रहे हैं।
गांव और गरीब को सशक्त और मजबूत बनाती मोदी सरकार
वित्तीय सहायता से गरीबों के जीवन में आया बदलाव
मोदी सरकार में आजादी के बाद पहली पर घर-घर तक पहुंचाई गई बैंकिंग सेवा, जनधन योजना के तहत खोले गए 28 करोड़ से अधिक बैंक खाते।
13 करोड़ से अधिक लोग मामूली दरों पर सरकार के पैसे लेकर सशक्त हो रहे हैं और लाभ उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 7.45 करोड़ से अधिक छोटे उद्यमियों को 3.17 लाख करोड़ रुपये लोन के तौर पर दिये जा चुके हैं।
एससी / एसटी वर्ग को रोजगार के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन बैंकों द्वारा दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 से स्वस्थ होगा गरीब
गरीबों के लिए सस्ती दवा अब जन औषधि स्टोर से ली जा सकती है, इसके साथ ही मुफ्त जांच की सुविधा भी दी जा रही है।
मोदी सरकार द्वारा यौन हिंसा के पीड़ितों को सरकारी और निजी अस्पतालों में दी जाएगी मुफ्त चिकित्सा सुविधा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में अब उपचार और स्थिति की जानकारी रोगियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
सभी राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पब्लिक प्रबंधन कैडर का गठन किया गया है।
गरीब के लिए स्टैंट की कीमत को घटाया गया जिससे उसका इलाज काफी किफायती हो गया है।
मोदी सरकार में खुशहाल हैं गरीब
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से 2 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उप्लब्ध कराया गया है, जिससे गरीब महिलाएं राहत महसूस कर रही हैं।
मोदी सरकार का सपना, सबको मिले घर अपना, 2022 तक सबको घर देना मोदी सरकार का लक्ष्य है जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
देश में मिशन इंद्रधनुष के तहत 2.6 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण हुआ है जिससे बच्चों में होने वाली बीमारियों में भारी गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2016-17 में 48,000 किमी सड़क निर्माण हुआ और हर रोज 133 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। 2013-14 में रोजाना 69 किमी सड़क का ही निर्माण होता था।
मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक 1,20,000 किमी सड़क का निर्माण हुआ है।
मोदी सरकार में देश का गांव-गांव हो रहा है रोशन, छंट रहा है अंधेरा।
पीएम मोदी की UDAN योजना से आज आम नागरिक भी हवाई सफर कर रहा है, ऐसा पहले किसी सरकार ने नहीं किया।
मोदी राज में हुआ शोषण का खात्मा
Direct Benefit Transfer से निम्न और मध्यम वर्ग के शोषण का हुआ खात्मा, मोदी सरकार के 19 मंत्रालयों और विभागों की 92 योजनाओं में Direct Benefit Transfer लागू होने से 49,560 करोड़ की बचत हुई।
देश में ह्रदय रोग के मरीजों की सहायता के लिए मोदी सरकार ने स्टेंट की कीमतों में 85% तक की कटौती करवाई जिससे गरीबों को राहत मिली।
गरीबों के लिए सस्ती और सुलभ दवाइयां सुनिश्चित करना मोदी सरकार की प्रार्थमिकता रही है और आज इससे लोगों को लाभ मिल रहा है। गरीबों के लिए आवश्यक दवाओं की 489 राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में डाला गया है।
मोदी सरकार द्वारा आज जन औषधि केंद्रों पर गरीबों के लिए सस्ती दरों पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध हैं।
केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ देने के लिए कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 42% की वृद्धि की गई, जिससे गरीब मजदूरों को लाभ मिल रहा है।
2015-16 के दौरान निष्क्रिय खातों से लाभार्थियों को 5826.89 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मजबूत और ईमानदार सरकार
इरादे नेक, काम अनेक
कालेधन और भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले को पूरा देश का समर्थन प्राप्त हुआ। ये नये भारत की शुरूआत है।
दशकों से लटका पड़ा बेनामी संपत्ति अधिनियम लागू करके मोदी सरकार ने चोरों पर एक और कड़ा प्रहार किया।
राजनैतिक फंड में पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति 2 हजार रुपये तक ही कैश में दे सकता है, ये सीमा मोदी सरकार ने तय की।
मोदी सरकार के कार्यकाल को तीन साल हो गये हैं और आज तक भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा, यह एक ईमानदार सरकार का प्रमाण है।
मोदी सरकार, जिसको है हर एक भारतीय की परवाह
मोदी सरकार, जिसके कारण है दुनिया के हर कोने में सुरक्षित हैं भारतीय
2014 में मोदी सरकार द्वारा यूक्रेन से 1,100, लीबिया से 3,750 और इराक से 7,200 लोगों को संकट के समय सुरक्षित निकाला गया।
2015 में सरकार द्वारा यमन से 6,710 (4,748 भारतीय) और 2016 में दक्षिण सूडान से 153 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया।
कठिन परिस्थितियों में हर नागरिक के लिए खड़ी होती है मोदी सरकार
सूखा हो या बाढ़, किसानों का हो कोई दुख या दुर्घटना मोदी सरकार हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे खड़ी होती है।
मोदी सरकार ने रेलवे मार्ग के माध्यम से महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित क्षेत्र में
6 करोड़ लीटर से अधिक पानी पहुंचाया ऐसा पहली बार किसी सरकार द्वारा किया गया।
पहले किसान को 50 प्रतिशत फसल नुकसान होने पर ही सरकारी मदद मिलती थी। लेकिन मोदी सरकार ने इस सीमा को घटाकर 33 प्रतिशत कर दिया है, जिससे हर किसान खुश हैं।
मोदी सरकार में सभी को मिल रहा है सशक्तिकरण का समान अवसर
मोदी सरकार ने सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण 4% तक बढ़ा दिया, जो कि एक सराहनीय कदम है।
मई 2014 से पूरे देश में आयोजित हुए 4,700 विशेष सहायता कैंपों से अब तक 6 लाख से अधिक दिव्यांगों को लाभ मिला।
दिव्यांगों को लाभ देने के लिए उनकी 7 से बढ़ाकर 21 श्रेणियां करके सरकारी सहायता दी जा रही है।
मोदी सरकार में श्रमिकों का कल्याण हुआ सुनिश्चित
कृषि और गैर-कषि क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी में की गई 42 प्रतिशत की वृद्धि।
कैलकुलेश की सीमा को दोगुना कर 7,000 रुपये किया गया।
पात्रता सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दी गई।
अतिरिक्त 55 लाख श्रमिकों को मिलेगा लाभ।
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से करोड़ों श्रमिकों के लिए अपना ईपीएफ खाता ट्रांसफर करना हुआ आसान।
eNAM से आई कृषि क्षेत्र में क्रांति
eNAM एक राष्ट्र,एक कृषि बाजार की ओर अग्रसर।
eNAM के तहत 36.43 लाख किसान और 84,631 व्यापारी पंजीकृत हुए।
लेन-देन की राशि 14,202 करोड़ रुपये और कुल उत्पादन 54.24 लाख टन रहा है।
किसानों के हित में काम करती है मोदी सरकार
केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए अनेकों काम किये जा रहे हैं जिससे किसान बेहद खुश हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से आज हर गरीब किसान के खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। योजना पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे ।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन से स्वदेशी नस्ल के जानवरों का विकास करने का सरकार का लक्ष्य है। इसके तहत पशु चिकित्सा महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। पहले ये 36 थे जिनको बढ़ाकर 46 किया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से गरीब किसानों की मदद की जा रही है और जरूरत के समय किसान को सरकार द्वारा लोन दिया जा रहा है।
किसान चैनल की शुरूआत मोदी सरकार द्वारा की गई, जिसका लाभ किसान भाई उठा रहे हैं और नई-नई तकनीक सीख रहे हैं।
सॉयल हेल्थ कार्ड के द्वारा मिट्टी की जांच कर आज किसान इसका लाभ ले रहे हैं और उत्पादन काफी बेहतर हो रहा है।
मोदी सरकार में हुआ महिलाओं का सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से करोड़ लोगों को लाभ मिला है, जिनमें 79 प्रतिशत महिलाएं हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना से 1 करोड़ खाते खोले गए और कुल 11,000 करोड़ रुपये जमा किये गए।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए शुरू किया गया बेटी बचाओ, बेची पढ़ाओ कार्यक्रम काफी सफल रहा है।
उज्ज्वला योजना से पीएम मोदी ने गरीब की रसोई को धुआं मुक्त कर दिया है और अब तक 2 करोड़ 20 लाख गरीब परिवार की माताएं-बहनें इसका लाभ ले रही हैं।
केंद्र में भाजपा की सरकार के तीन साल पूरे होने को हैं। इस पर केंद्र सरकार ने अपने इन तीन साल के कार्यकाल के दौरान किये गए बदलावों को एवं सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा।
सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनसे देश में बड़े बदलाव देखे गए हैं।
अर्थव्यवस्था में बदलाव
सरकार की अहम और बड़ी योजनाओं में ‘जन धन’, आधार और भीम एप शामिल हैं। केंद् सरकार की यह तीनों योजनाएं देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
‘जन धन योजना’ से सरकार ने देश के आम नागरिकों को बैंक से जोड़ा, जिससे देश के गरीब और असहाय नागरिकों को लाभ मिल सके।
पीएम मोदी का सपना, सबको मिले घर अपना
मोदी सरकार में गरीबों को यूपीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल से ज्यादा घर मिले हैं।
17,73,533 किफायती घरों के निर्माण को मोदी सरकार ने दी स्वीकृति।
2,008 शहरों और कस्बों के गरीबों को मिलेगा मोदी सरकार में अपना घर।
केंद्र ने राज्य/ केंद्र शासित राज्यों के लिए 27,883 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है।
योजना के लिए निवेश की कुल 96,266 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
मोदी सरकार में मिला पर्यटन को बढ़ावा
161 देशों के 24 एयरपोर्ट और 3 बंदरगाह पर ई-वीजा की सुविधा मोदी सरकार पर्यटकों को दे रही है।
ई-वीजा की वैधता की सीमा 30 से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है।
इंटर्नशिप के लिए आने वाले विदेशियों को इंटर्न वीजा की सुविधा मोदी सरकार द्वारा दी जा रही है।
आपात स्थिति में मेडिकल और व्यवसाय वीजा 48 घंटे के अंदर ही मिल जाएगा।
देश के गरीबों के लिए मोदी सरकार
28 करोड़ खाते धारकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
‘आधार योजना’ के तहत केन्द्र सरकार ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के सभी नागरिकों को आधार से जोड़ कर भ्रष्टाचार व बिचौलियों को खत्म करने का प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप सरकार की योजनाओं का सभी को लाभ मिल सके। सरकार के इसी प्रयास से करीब 49,560 रु करोड़ की राशि, खाता धारकों तक सीधे पहुंच चुकी हैं।
पीएम मोदी के ‘डि़जिटल इंडिया’ अभियान के तहत ‘भीम एप’ को 2 करो़ड़ से भी अधिक लोगों ने डाउनलोड किया। सरकार की यह पहल देश के नागरिकों को कैशलेस की ओर प्रेरित करता है। इस एप से जुड़ कर डि़जिटल बैंकिंग की जा सकती है। इस योजना से सरकार अधिक से अधिक नागरिकों को ‘डि़जिटल इंडिया’ अभियान से जोड़ना चाहती है।
वर्तमान सरकार ने ‘ एक देश, एक कर‘ और एक मार्केट के उद्देश से देश में एक समान कर को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। गुड एंड सर्विस टैक्स (GST) के नाम से यह बिल पास हुआ, जिसका सीधा फायदा सभी नागरिकों और व्यापारियों को मिलेगा।
केंद्र सरकार ने व्यापार हेतु अनुकूल वातावरण तैयार किया, जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों व विदेशी कंपनियों को देश में व्यापार हेतु उचित माहौल मिल सके।
देश में मोदी सकार की ऐसी ही नीतियों के चलते व्यापार जगत को विशेष लाभ मिला,जिसके परिणाम स्वरुप-
भारत में व्यापार करने की स्थिति को वर्ल्ड बैंक ने 2015 में 142 रैंकिग के मुकाबले 2017 में 130 रैंकिंग दी है।
सरकार की नीतियों के तहत वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमोदन कराने के 600 दिनों की अवधि को घटा कर 180 दिन कर दिये हैं। साथ ही निर्यात के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या भी 7 से घटा कर 3 और आयात करने के लिए 10 से घटाकर 3 कर दी गई है।
भारत सरकार ने ‘श्रम सुविधा पोर्टल ‘ की शुरुआत की, जिससे कर्मचारी नियोक्ता व प्रर्वतन ऐजेंसियों के बीच सामंजस्य हो सके और उसमें पार्दशिता व काम की जवाबदेही तय हो सके। साथ ही साथ दिन – प्रतिदिन की जानकारी पोर्टल के माध्यम से मिल सके और लेबर इंसपेक्टर पर भी निगरानी रखी जा सके।
गरीब के कल्याण के लिए धन
मोदी सरकार द्वारा पीएम गरीब कल्याण योजना के लिए कर और निवेश व्यवस्था प्रस्तावित।
योजना के तहत अघोषित आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर का भुगतान करना होगा।
10 प्रतिशत अघोषित आय पर 10 प्रतिशत की दर से दंड।
अतिरिक्त 33 प्रतिशत पीएम गरीब कल्याण के तहत जमा होगा।
इस राशि का उपयोग गरीबों को बेहतर संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और शौचालय देकर किया जाएगा।
आयात और निर्यात में मोदी सरकार ने नियमों में लाई सरलता
आवेदन के लिए अब सिर्फ 2 दस्तावेज के साथ एक फोटो की जरूरत होगी। साथ ही सुविधा के लिए सरकार ने टोल फ्री लाइन एवं 3 अलग नंबरों की व्यवस्था की है जिससे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सरकार ने Ebiz पोर्टल की शुरु्आत की है जिसमें गर्वमेंट- टू- बिजनेस (G2B) सर्विस को ऑनलाइन करके तेजी दी जा सके। इस पोर्टल की मदद से व्यापार को शुरू करने एवं चलाने में होने वाली असुविधा को कम किया जा रहा है। साथ ही यह पोर्टल विनियामक से जुड़ी जानकारियां भी प्रदान करता है जिसमें व्यापार शरू करना, संचालन और व्यापार को बंद करने से संबंधित जानकारियां शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने व्यापार शुरू करने के लिए कई छूट दी हैं, जैसे कि कम दरों पर लोन देना और खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए आसानी से आवेदन का प्रावधान। सरकार की इस योजना के तहत करीब 29 लाख व्यवसायियों ने आवेदन दर्ज कराया है।
भारत सरकार की सफल व्यापार नीति से रक्षा, रेलवे, फार्मा और खाद्य जैसे क्षेत्रों में FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) में बढोत्तरी हुई है।
केंद्र सरकार के कदमों ने रियल एस्टेट पर भी अंकुश लगाया है। नियमों में बदलाव करके मोदी सरकार ने 2016 में विनियम और विकास एक्ट में बड़े परिवर्तन किये हैं। इस एक्ट के तहत गलत दस्तावेज देकर जमीन खरीदना अपराध की श्रेणी में माना जाएगा और उस पर कड़े दंड का प्रावधान भी शामिल है।
सरकार के ऐसे कड़े कदम से भू-माफियों और बिल्डरों पर लगाम लग सकेगी।
प्रधानमंत्री जी ने अपनी कुशल नीतियों से भारत को दुनिया में सबसे सफल एवं उदार अर्थव्यवस्था वाला देश बना दिया है जिसका लाभ निर्माण, रेलवे, बीमा और रक्षा क्षेत्र में देखने को भी मिल रहा है।
केंद्र सरकार ने जहां निर्माण, रक्षा और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी दी है। वहीं बीमा के क्षेत्र में FDI को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दिया है।
केंद्र सरकार की इस प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति से रेलवे को विशेष लाभ होगा। जिससे हाई स्पीड ट्रेन और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके रेलवे को मजबूती प्रदान किया जा सके।
दिवालियापन और बैंकरप्ट नीति- केंद्र में भाजपा सरकार की यह नीति, GST बिल के बाद अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक नीतियों में से एक मानी जा रही हैं।
रियल स्टेट का विनियमन– केंद्र सरकार ने रियल स्टेट विनियमन और विकास अधिनियम 2016 के तहत बड़े बदलाव किए हैं। इसमें आवासीय योजनाओं के अंर्तगत प्लॉट साइज 500 Sq मीटर सें अधिक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। साथ ही अधूरी और गलत जानकारी देने पर योजना की रकम का 5% दंड लगाया जाएगा। नियमों का पालन न करने पर योजना को बंद भी किया जा सकता है।
सरकार की ऐसी कठोर नियमों से परियोजना की मार्केटिंग और क्रियान्वयन में पारर्दशिता आएगी साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग सकेगा।
इस अधिनियम के तहत घर खरीदार को सुरक्षित करना है और डेवलपर को परियोजना की 70 प्रतिशत राशि जमा करने को बाध्य करना है।
FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) – केंद्र सरकार के प्रयासों और बदलावों की श्रंखलाओं ने देश को विश्व में FDI के लिए सबसे प्रभावशाली व खुली अर्थव्यवस्था बनाया है।
निर्माण – सरकार ने निर्माण क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी है।
रक्षा – केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी। इसके तहत सरकार से मंजूरी लेकर छोटे हथियार और गोला एवं बारूद का निर्माण किया जा सकता है।
बीमा– सरकार ने बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दिया है।
रेलवे– केंद्र सरकार के अहम फैसलों में से एक रेलवे की आधारिक संरचना में 100 प्रतिशत FDI को लागू करना है। जैसे कि हाई स्पीड ट्रेन का ट्रैक बिछाना आदि।
रेलवे में FDI के 100 प्रतिशत मंजूरी से बुलेट ट्रेन, हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट का काम आसान होगा। साथ ही रेलवे के दूसरे विभागों जैसे- सिग्नल, टेस्टिंग और मेन्युफैक्चरिंग में भी सरकार ने 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी है।
स्पेक्ट्रम नीलामी – सरकार को 2015 में स्पेक्ट्रम्स की नीलामी से 1.10 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि 2016 में स्पेक्ट्रम्स की नीलामी से 66,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसका उपयोग देश के विकास में किया जा रहा है।
डीजल के दामों को डीरेग्युलराइज किया– सरकार ने 2014 में डीजल के दामों का डीरेग्युलराइज किया जिससे उपभोक्ता को सीधा लाभ मिल सके, साथ ही राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाई जा सके।
औद्योगिक लाइसेंस की अवधि को बढाना– केंद्र सरकार ने व्यापार करने की प्रकिया को सरल किया और औद्योगिक लाइसेंस की अवधि को 2 साल से बढ़ा कर 3 साल कर दिया।
कोयला क्षेत्र में निजीकरण और विदेशी निवेशकों को बढ़ावा– भारत सरकार ने कोयला खनन के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर के एकाधिकार को खत्म कर दिया है।
फैक्टरी एक्ट में संशोधन– सरकार ने 2016 में फैक्टरी एक्ट में संशोधन करते हुए कुछ अहम बदलाव किए हैं जिसमें फैक्ट्री की उत्पादकता की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से त्रैमासिक ओवर टाइम को 50 घंटों से बढ़ाकर 100 घंटे कर दिया गया है।
प्रेषक
डॉक्टर आलोक भारद्वाज