शनिवार, 14 जनवरी 2017

समाज का सुख संघर्ष में नहीं है अपितु सामंजस्य में है - डॉ. कृष्ण गोपाल जी



समाज का सुख संघर्ष में नहीं है अपितु सामंजस्य में है - डॉ. कृष्ण गोपाल जी


‘सामाजिक समरसता और हिन्दुत्व’ एवं ‘दत्तोपंत ठेंगड़ी जीवन दर्शन व एकात्म मानववाद – खंड 7 व 8’ नाम से तीन पुस्तकों का लोकापर्ण करते हुए डॉ. कृष्ण गोपाल जी एवं पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर



8 जनवरी, नई दिल्ली, (इंविसंके). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने आज ‘सामाजिक समरसता और हिन्दुत्व’ एवं ‘दत्तोपंत ठेंगड़ी जीवन दर्शन व एकात्म मानववाद – खंड 7 व 8’ नाम से तीन पुस्तकों का लोकापर्ण किया। नई दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में सुरुचि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इन पुस्तकों के विमोचन के अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट के सहयोग से एक परिचर्चा भी आयोजित की गई. जिसमें डॉ. कृष्ण गोपाल ने संघ के तृतीय सरसंघचालक श्री बालासाहब देवरस के सामाजिक समरसता के संदर्भ में दिए गये विचारों को सबके समक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि भारत ऋषि परम्परा का देश है.  वेद लिखने वाले ऋषियों में सभी जातियों के विद्वान थे, जिनमें महिलाएं व शूद्र वर्ण के भी अनेक ऋषि थे, जिसमें सूर्या, सावित्री, घोषा, अंबाला वहीँ पुरुषों में ऋषि महिदास इत्यादि थे जो शूद्र थे. ऋषि परंपरा एक स्थान था, ऋषि पद प्राप्त करने के लिए जन्म का कोई बंधन नहीं था, जाति भी कर्म आधारित होती थीं। कालांतर में वो व्यवस्था छीन-भिन्न हो गयी. मध्यकाल में भारत पर अनेक बाहरी आक्रमण हुए, जिनमें हारने के कारण से हिन्दुओं में अनेक कुरीतियां भी घर कर गईं.  पिछले 13-14 सौ वर्षों में हिन्दू समाज में अपने ही बंधुओं के बीच अस्पृश्यता, ऊंच-नीच भावना की कुरीतियां घर कर गईं. शायद,  उस समय की स्थिति में इसकी आवश्यकता रही होगी। लेकिन, स्वतन्त्र भारत के अन्दर समाज में इस जाति भेद की कोई आवश्यकता नहीं है, जो समाज को अपने ही बंधुओं से अलग करती हो। परन्तु देश में आज भी जाति का भेद बहुत गहरा है. जाति बदल नहीं सकती क्यों की यह एक परम्परा चल पड़ी है जो चल रही है. इस उंच-नीच, भेद-भाव को सामाजिक समरसता से है ही समाप्त किया जा सकता है.

डॉ. कृष्ण गोपाल ने भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के बारे में बताया कि उन्होंने श्रमिकों और उद्यमियों के बीच सामंजस्य कायम करने के लिए पहल की तथा श्रमिकों को वामपंथियों के टकराव व संघर्ष वाले रास्ते से हटाकर सामंजस्य और उन्नति के पथ पर अग्रसर किया। उनका मूल सिद्धांत संघर्ष नहीं सामंजस्य स्थापित हो. उन्होंने बताया की आज मार्क्सवाद पूरे विश्व से समाप्त हो चुका है. समाज का सुख संघर्ष में नहीं है अपितु सामंजस्य में है. प्रेम से ही सुख मिलेगा. यह देश बुद्ध, महावीर, विवेकानंद, गाँधी, विनोबा भावे का है. यह देश करुणा का है. सामंजस्य, समन्यवय, शान्ति का और धर्म का है.

इस अवसर पर पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अतुल जैन, सुरुचि प्रकाशन के गौतम जी, भारतीय मजदूर संघ के उपाध्यक्ष श्री बी सुरेन्द्रन मंचासीन थे, कार्यक्रम का संचालन अनिल दुबे द्वारा किया गया.

मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की बड़ी सौगात : गैंता-माखीदा उच्च स्तरीय नदी पुल


कितनी ही सरकारें आईं गई सबने माना पूल जरुरी है मगर यह अत्यंत आवश्यक पूल चंबल नदी पर दिया राजस्थान की यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी ने ! धन्यवाद माननीया वसुंधरा राजे जी !
- अरविन्द सिसोदिया , जिला महामंत्री , भाजपा कोटा शहर !  94141 80151 / 95095 59131





कल चंबल नदी पर पुल की आधारशिला रखेंगी 

सीएम राजे, 120 करोड़ में होगा तैयार

हाड़ौती अंचल के अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कोटा और बूंदी जिलों की बरसों पुरानी उम्मीदों की आधारशिला रखेंगी.
कोटा जिले के गैंता और बूंदी जिले के माखीदा गांवों को आपस में जोड़ने वाले गैंता-माखीदा पुल की रविवार को रखी नींव जाएगी. चम्बल नदी पर 120 करोड़ की लागत से बन रहे पौने दो किलोमीटर से लंबे इस पुल के निर्माण की मांग दोनों जिलों के लोग बरसों से कर रहे थे और पिछले प्रदेश बजट में ही मुख्यमंत्री ने इस पुल के निर्माण की घोषणा कर दी थी.

पुल का शिलान्यास कार्यक्रम बूंदी के माखीदा और कोटा के गैंता में नदी के दोनों तरफ होगा और दोनों ही समारोहों में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मौजूद रहेंगी, लेकिन राजे इस शिलान्यास समारोह से पहले रविवार को कोटा के कॉमर्स कॉलेज में श्री-श्री रविशंकर के कोचिंग छात्रों के साथ संवाद के एक कार्यक्रम में भी शरीक होगी.
सुबह 9.30 बजे के आसपास कोटा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री का पहले श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम में शरीक होने और इसके बाद कोटा एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर से उड़ान भरके 12.30 बजे कोटा जिले के इटावा उपखंड के गैंता में और बाद में बूंदी जिले के माखीदा में चम्बल नदी पर प्रस्तावित इस पुल का शिलान्यास समारोह में शरीक होने का कार्यक्रम हैं.
कार्यक्रम के बाद 15 जनवरी की शाम को ही मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर से वापस जयपुर रवाना होने का कार्यक्रम है.



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गैंता-माखीदा पुल 


January 13, 2017 8:22 pm
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे चम्बल नदी पर राज्य राजमार्ग संख्या एक (झालावाड़ सीमा से मथुरा वाया इटावा-गैंता-माखीदा -लाखेरी-इन्द्रगढ़-सवाईमाधोपुर-गंगापुर सिटी) पर गैंता जिला कोटा व माखीदा जिला बून्दी के बीच 120 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बहुप्रतीक्षित उच्च स्तरीय नदी पुल के निर्माण कार्य का शिलान्यास रविवार को करेंगी। इस पुल के निर्माण से कोटा, बारां, सवाईमाधोपुर व बून्दी जिलों के निवासियों के लिए दूरी कई किलोमीटर कम हो जाएगी और वर्ष पर्यन्त आवागमन सुगम हो सकेगा। इस पुल के निर्माण के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के कोटा वृत्त में एक विषेष समर्पित डिविजन एवं दो सब डिविजन का गठन किया गया है।
सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान ने बताया कि इस नदी पुल के निर्माण से सवाई माधोपुर, लाखेरी की तरफ से इटावा, बारां, झालावाड़ एवं षिवपुरी (मध्य प्रदेश) की तरफ जाने के लिए करीब 70 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पडे़गी। पुल के निर्माण से बूंदी जिले के माखीदा, पीपलदा, थाग, खाखटा, बड़हावली, बगली, गोहाटा, कोटा खुर्द, लबान, पापड़ी, नयागांव, जाड़ला, खेड़ली देवजी, खरायता, डपटा, डडवाना, रामगंज और बड़ाखेड़ा की करीब 22 हजार की आबादी और कोटा जिले के गैंता, अमल्दा, कीरपुरा, नोनेरा, खरबन, खेड़ली नोनेरा, नारायणपुरा, डउवाड़ा, बमूलिया कलां, बमूलिया खुर्द, रघुनाथपुरा, राजपुरा, उम्मेदपुर, सोपुरा एवं हवाखेड़ली के करीब 16 हजार लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इन गांवों के अलावा इटावा व लाखेरी क्षेत्र के अन्य गांवों के ग्रामवासियाें को निर्बाध आवागमन, समय व ईधन की बचत के साथ पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
कोटा जिले के गैंता के ग्रामवासियो को रेल व सडक यात्रा के लिए 55 किलोमीटर और बारां से वाया कोटा लाखेरी आने वालों को भी 62 किलोमीटर कम चलना पडे़गा। बूंदी के निवासियों को मध्यप्रदेश के लिए इटावा खातोली श्योपुर होते हुए कम दूरी तय करनी पडे़गी।
अभी गैंता के ग्रामवासियों को करीब 75 किमी दूरी तय कर कोटा रेलवे स्टेशन आना पडता है। पुल निर्माण से गैंता से लाखेरी की दूरी 20 किमी रह जायेगी। बारां से लाखेरी वाया कोटा की दूरी 150 किमी है। अब बारां से लाखेरी वाया मागरोल इटावा गैता माखीदा की दूरी 88 किमी ही रह जाएगी। इस पुल के निर्माण से समय व ईधन की बचत के साथ ही पूरे क्षेत्र मे विकास को गति मिलेगी। श्री खान ने बताया कि इस पुल के निर्माण की क्षेत्रीय निवासियों द्वारा लम्बे समय से की जा रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने अपने बजट भाषण वर्ष 2015-16 में इसकी घोषणा की थी। यह पुल मई 2018 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल निर्माण के लिए विशेष डिविजन, दो सब डिविजन का गठन
सार्वजनिक निर्माण मंत्री खान ने बताया कि चम्बल नदी पर बनाए जाने वाले पुल के निर्माण के लिए सानिवि कोटा वृत्त के अधीन एक समर्पित डिविजन एवं दो सब डिविजन का गठन किया गया है।
1563 मीटर लम्बा होगा पुल
चम्बल नदी पर इस पुल की लम्बाई 1563 मीटर होगी। गेता की तरफ 1.50 किमी व माखीदा की तरफ 0.60 किलोमीटर की 7 मीटर चैड़ी अप्रोच सड़क का निर्माण किया जाएगा। पुल के निर्माण में 37.2 मीटर लम्बाई के 42 स्पान लगाए जाएंगे।

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गैंता-माखीदा पुल निर्माण शुरू, मई 18 तक पूरा होगा
Bhaskar News Network | Nov 27, 2016,

तीसवर्ष के लंबे इंतजार के बाद अब इटावा क्षेत्र के लोगों का बड़ा सपना साकार होगा। कोटा-बूंदी के बीच गैंता-माखीदा के पास चंबल नदी पर 102 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल का काम शुरू कर दिया गया है। शनिवार को विधायक विद्याशंकर नंदवाना ने ब्रिज कंपनी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया।

विधायक ने कहा कि मई 2018 तक तय समय में इस पुल को पूरा कराने का प्रयास होगा। विधायक के साथ उपजिला प्रमुख मनोज शर्मा, पालिका चेयरमैन धर्मेंद्र आर्य, उपाध्यक्ष भरत पारेता, शहर मंडल अध्यक्ष चैनसुख मित्तल, खातौली मंडल अध्यक्ष प्रतापसिंह, भूपेंद्रसिंह हाड़ा, गजेंद्र गोयल, शैलेंद्र सिंह हाड़ा, केएल मीणा, मंडी डायरेक्टर श्याममीणा डोरली, पवन नंदवाना, नंदबिहारी पारेता, नरेश खंडेलवाल सहित अनेक सदस्य साथ रहे।

प्रदेश का सबसे लंबा होगा पुल

ब्रिजकॉरपोरेशन खंड बूंदी के अधिशासी अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि गैंता-माखीदा चंबल नदी पर बनने वाला पुल अभी तक का प्रदेश का सबसे लंबा पुल होगा। पुल की लंबाई 1562.4 मीटर होगी, जो करीब डेढ़ किमी से अधिक होगी।

इसके अलावा पुल के माखीदा की ओर 600 मीटर एप्रोच सड़क गैंता की ओर डेढ़ किमी ऐप्रोच सड़क बनेगी। पुल में 42 स्पान बनेंगे जो 37.2 मीटर के होंगे। पुल की चौड़ाई 12 मीटर की होगी, जिसमें पुल अंदर से सात मीटर चौड़ी होगी।

मई2018 तक होगा पूरा

3नवंबर से कार्य शुरू हो गया है। पुल निर्माण में 102 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा एप्रोच सड़क में कोटा बूंदी के 48 किसानों की करीब 20 हैक्टेयर भूमि आवाप्त की गई है, जिनको 1 करोड़ 37 लाख का मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं विभाग द्वारा न्यायालय की शर्तो के अनुसार लगभग 18 करोड़ की राशि वन विभाग को स्थानांतरित की जा चुकी है।

इटावा. गेता-माखीदा पुल निर्माण कार्य का जाएजा लेते विधायक नंदवाना


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सांसद श्री नारायण पंचारिया जी ने लिया मुख्यमंत्री की सभा की तैयारियों का जायजा
  इटावा। क्षेत्र में रविवार को होने वाले 120 करोड़ की लागत से बनने वाले गैंता-माखीदा पुल के शिलान्यास व मुख्यमंत्री की सभा की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को राज्य सभा सांसद नारायण पंचारिया व विधायक विद्याश्कर नंदवाना ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक ली। कस्बे में सांसद पंचारिया व विधायक नंदवाना ने आस्था महाविद्यालय ग्राउंड में पहुंचकर वहां अधिकारियों के साथ हेलीपेड़ का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मंडी परिसर में सभा स्थल का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को लेकर वहां मौजूद अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।

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गेता-माखीदा चम्बल नदी पुल से घटेगी तीन जिलों की दूरी, 
120 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा पुल


जयपुर, 18 सितम्बर। चम्बल नदी पर कोटा व बून्दी जिलों के बीच गैता (जिला कोटा) व माखीदा (जिला बून्दी) के बीच 120 करोड़ रुपए की लागत से उच्च स्तरीय नदी पुल के निर्माण से कोटा, बारा व बून्दी जिलों के निवासियों के लिए दूरी कई किलोमीटर कम हो जाएगी और वर्ष पर्यन्त आवागमन सुगम हो सकेगा। इस पुल के निर्माण को गति देने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के कोटा वृत्त में एक विशेष समर्पित डिविजन एवं दो सब डिविजन बनाए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल पुल की निविदा प्रक्रिया जारी है।

सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री यूनुस खान ने बताया कि इस पुल के निर्माण से बून्दी जिले के लाखेरी, लबान, रामगंज, प्रतापगढ, भरवली, खकता, सुमेरगंजमण्डी व कोटा जिले के गेता, कीरपुरा, हवाखेडली, अमलदा, बम्बुलिया खुर्द, बम्बुलिया कला, रधुनाथपुरा, इटावा, पीपलदा कला, खातौली आदि गांवो को आवागमन की सीधी सुविधा मिलेगी।

कोटा जिले के इटावा (गैंता) के ग्रामवासियों को रेल व सड़क यात्रा के लिए 55 किलोमीटर और बारा से वाया कोटा लाखेरी आने वालों को भी 62 किलोमीटर कम चलना पडे़गा। बूंदी के निवासियों को मध्यप्रदेश के लिए इटावा खातोली श्योपुर होते हुए कम दूरी तय करनी पडे़गी।

अभी कोटा जिले के गैंता के ग्रामवासियों को करीब 75 किमी दूरी तय कर कोटा रेलवे स्टेशन आना पडता है।  पुल निर्माण से गैंता से लाखेरी की दूरी 20 किमी रह जायेगी। बारां से लाखेरी वाया कोटा की दूरी 150 किमी है। अब बारां से लाखेरी वाया मागरोल इटावा गैता माखीदा की दूरी 88 किमी ही रह जाएगी। इस पुल के निर्माण से समय व ईधन की बचत के साथ ही पूरे क्षेत्र मे विकास को गति मिलेगी। श्री खान ने बताया कि इस पुल के निर्माण की क्षेत्रीय निवासियों द्वारा लम्बे समय से की जा रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने अपने बजट भाषण वर्ष 2015-16 में इसकी घोषणा की थी।

पुल निर्माण के लिए विशेष डिविजन, दो सब डिविजन का गठन
सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री खान ने बताया कि चम्बल नदी पर बनाए जाने वाले पुल के निर्माण के लिए सानिवि कोटा वृत्त के अधीन एक समर्पित डिविजन एवं दो स ब डिविजन का  गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि सानिवि पीएमजीएसवाई वल्ड बैंक डिविजन अकलेरा, सक्रिल झालावाड़ को स्थानांतरित कर उसका नाम ब्रिज प्रोजेक्ट डिविजन कोटा कर दिया गया है। यह सानिवि वृत्त कोटा के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगा। इसी प्रकार सहायक अभियंता मनरेगा बूंदी के कार्यालय को स्थानांतरित कर इसका नाम सानिवि ब्रिज प्रोजेक्ट सब डिविजन-प्रथम  एवं  सहायक अभियंता मनरेगा झालावाड़ के कार्यालय को स्थानांतरित कर इस पद का नाम सानिवि ब्रिज प्रॉजेक्ट सब डिविजन-द्वितीय कोटा कर दिया गया है। इन दोनों सब डिविजन कार्यालयों को भी पीडब्ल्यूडी ब्रिज प्रॉजेक्ट डिविजन कोटा के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन रखा गया है।

1563 मीटर का होगा पुल
चम्बल नदी पर इस पुल की लम्बाई 1563 मीटर होगी। गेता की तरफ 1.50 किमी व माखीदा की तरफ 0.60 किलोमीटर की अप्रोच सड़़क का निर्माण किया जाएगा। पुल के निर्माण में 33 मीटर लम्बाई के 42 स्पान लगाए जाएंगे। -

गंगासागर मेले









12 लाख श्रद्धालु पहुंचे सागरदीप
By Prabhat Khabar | Updated Date: Jan 14 2017

गंगासागर से विकास गुप्ता
 में आस्था की डुबकी लगाने शुक्रवार शाम तक तकरीबन 12 लाख श्रद्धालु सागरदीप में पहुंच गये हैं. राज्य के पंचायतमंत्री सुब्रत मुखर्जी ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी.


उन्होंने बताया कि कुछ लोग रास्ते में हैं, शनिवार दोपहर तक और तीन लाख के करीब श्रद्धालु गंगासागर मेले में पहुंच जायेंगे. मौके पर सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि मेला प्रांगण में अब तक कोई भी अनचाही घटना नहीं घटी है. सभी कार्य सुचारू रुप से चल रहा है. किसी भी श्रद्धालु के तबीयत बिगड़ने की भी खबर नहीं है. छोटे-मोटे बीमारी का प्राथमिक उपचार कर लोगों को स्वस्थ कर दिया जा रहा है. मौके पर राज्य के बिजली मंत्री शोभनदेव चटर्जी ने बताया कि मेला प्रांगण में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था है. कहीं भी बिजली जाने की खबर नहीं है. मेला प्रांगण में स्वेच्छासेवक 24 घंटे निस्वार्थ भाव से सेवाकार्य कर रहे हैं. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी टीम को तैयार रहने को कहा गया है. किसी भी समस्या मिलने पर तुरंत उन्हें समाधान किया जा रहा है.

आज सुबह 5.48 से स्नान का मुहूर्त : प्रमुख महंत
मकर शंक्रांति के दिन शनिवार सुबह 5.48 बजे से लेकर रविवार सुबह छह बजे तक स्नान का मुहूर्त है. कपिलमुनि मंदिर के प्रमुख महंत श्री ज्ञानदास जी महाराज ने बताया कि सूर्य शनिवार दोपहर 1.48 बजे से मकर राशि में प्रवेश करेगा. इसके कारण दोपहर 1.48 के बाद भी स्नान करने का सबसे पुण्य मुहूर्त है. जो कि रविवार सुबह छह बजे तक रहेगा. लेकिन इसके छह घंटे पहले से स्नान करने का मुहूर्त शुरु हो जाता है. उन्होंने कहा कि वह मंदिर के अन्य पुरोहित के साथ शनिवार शाम चार बजे सागरदीप में गंगा में डुबकी लगायेंगे. सागरमेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वस्थ घर पहुंचने की मंगलकामना उन्होंने की.

मेला परिसर से 33 लोगों को किया गया गिरफ्तार : मेला प्रांगण से पुलिस की टीम ने गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार शाम तक कुल 33 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से 17 मोबाइल फोन व कुछ नगदी रुपये बरामद किये गये हैं. सभी मेला प्रांगण में श्रद्धालुओं से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे. इसके अलावा मेला प्रांगण में लापता हुए कुल 752 लोगों में से 700 लोगों को परिवार से मिला दिया गया है. बाकी को मिलाने की कोशिश जारी है. 

भीष्म पितामह के स्वर्गारोहण की तिथि है मकर संक्रांति



भीष्म पितामह के स्वर्गारोहण की तिथि है मकर संक्रांति


अशोक ‘प्रवृद्ध’

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यह सर्वविदित तथ्य है कि ऋतु परिवर्तन का पर्व मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव उतरायण में प्रवेश करते हैं और सूर्य के उत्तर की ओर उदय होने की अवधि अर्थात उत्तरायण में दिन बढ़ता जाता है और रात्रि घटती जाती है। सूर्य की मकर राशि की संक्रांति से अर्थात उत्तरायण में सूर्य के प्रकाश की अधिकता के कारण इसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। और यही कारण है कि देश में मकर संक्रांति के दिन को अधिक महत्व दिया जाता है। सूर्य देव के उत्तरायण में प्रवेश करने के पर्व मकर संक्रांति की महिमा का वर्णन संस्कृत साहित्य में वेद से लेकर पुराण तथा आधुनिक ग्रंथों में विशेष रूप से की गई है। वैदिक ग्रंथों में उत्तरायण को देवयान कहा गया है। हमारी संस्कृति का मुख्य ध्येय तमसो मा ज्योतिर्गमय की भावना है। अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर चलें। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में उत्तरायण के प्रथम या आरम्भ के दिन को अत्यधिक महत्व दिया जाता है और प्राचीन काल से ही इस दिवस को एक पर्व के रूप में मनाये जाने की परिपाटी है। मकर सक्रांति दिवस से पूर्व शीतकाल पूर्ण यौवन पर होता है जिससे लोगों को काफी कष्ट होता है। इस दिन व इसके बाद रात्रि काल घटने व दिवस की अवधि बढ़ने से सूर्य का प्रकाश अधिक देर तक मिलने लगता है, जिससे मनुष्यों को सुख का अनुभव होता है। इस मनोवांछित परिवर्तन के कारण अपने उत्साह को प्रकट करने के लिए भी मकर संक्रांति के दिन को एक पर्व का रूप में मनाते हुए सूर्य को अर्ध्य देने व नाम, स्मरण, पूजनादि की परम्परा है। इस काल को उतम मानने की पराकाष्ठा का ही यह परिचायक है कि लोक व्यवहार में उतरायण काल में मृत्यु की प्राप्ति होने से उत्तमलोक अर्थात बैकुण्ठलोक की प्राप्ति सहज हो जाती है। महाभारत में वर्णित प्रसंग से यह उद्घाटित होता है कि ज्ञानी लोग अपने शरीर त्याग तक की अभिलाषा इसी उत्तरायण वा देवयान में रखते हैं। लोक व्यवहार में आज भी ऐसी अभिलाषा अर्थात सूर्य के उतरायण काल में मृत्यु की इच्छा रखने वालों की कमी नहीं है। ऐसे विचार वालों का मानना होता है कि उत्तरायण में देह त्यागने से उन की आत्मा सूर्य लोक में होकर प्रकाश मार्ग से प्रयाण करेगी। महाभारत की कथा से स्पष्ट है कि आजीवन ब्रह्मचारी रहे भीष्म पितामह ने इसी उत्तरायण के आगमन तक शर-शय्या पर शयन करते हुए देहत्याग वा प्राणोत्क्रमण की प्रतीक्षा की थी। और सूर्यदेव के उतरायण होने पर अपनी इच्छा मृत्यु ग्रहण कर स्वर्गारोहण की थी। यही कारण है कि मकर संक्रांति के ऐसे प्रशस्त महत्व व उतम समय को देखते हुए भारत में प्राचीन काल से ही मकर-संक्रांति अर्थात सूर्य की उत्तरायण संक्रमण तिथि को पर्व के रूप में मनाने की परम्परा विकसित हो गयी और यही कारण है कि भारत के प्रात: सभी प्रांतों में मकर संक्रांति का पर्व चिरकाल से मनाया जाता रहा है।
महाभारत के एक कथा प्रसंगानुसार महाभारत युद्ध में भीष्म पितामह अर्जुन के बाणों से बिंध जाने के बाद युद्ध करने में सर्वथा असमर्थ हो गये थे और उनके प्राणांत का समय निकट आ गया था। यह अनुभव कर भीष्म ने अपने समीपस्थ लोगों से तिथि, महीना व अयन के बारे में पूछा। इस पर उन्हें बताया गया कि उस समय सूर्य के दक्षिणायन का काल चल रहा है। दक्षिणायन काल के विद्यमान होने का तथ्य जान लेने के बाद उन्होंने कहा कि अभी प्राण त्यागने का उत्तम समय नहीं है। अत: वह उत्तरायण के प्रारम्भ होने पर ही वे प्राणों का त्याग करेंगे। यह सर्वविदित है कि भीष्म पितामह बाल ब्रह्मचारी थे। उन्होंने ब्रह्मचर्य एवं साधना द्वारा मृत्यु व प्राणों को वश में कर रखा था। कथा के अनुसार वे धनुर्धारी अर्जुन को कह शरशय्या पर चले गये और सूर्यदेव के उतरायण होने के पश्चात ही उन्होंने इच्छा मृत्यु वरन की। महाभारत में उल्लिखित उक्त प्रसंग से स्पष्ट है कि मकर संक्रांति के दिन ही भीष्म पितामह ने अपने प्राणों का त्याग किया था। इससे यह स्पष्ट है संक्रांति की तिथि भीष्म की पुण्य तिथि भी है। भारतीय इतिहास के अनुशीलन से यह स्पष्ट होता है कि अपने महापुरुषों को उनके पुण्य तिथि के आधार पर स्मरण करने की परिपाटी देश में प्रचलित नहीं हैं। हां! अपने महाप्रतापी पूर्वजों को उनके जन्म दिन पर याद करने की परम्परा देश में प्राचीन काल से ही विद्यमान है। लम्बी अवधि के काल क्रम की क्रूर पंजों में भीष्म के जन्म की तिथि तो सुरक्षित न रह सकी। अत: मकर संक्रांति को उनकी पुण्य तिथि का दिन ही उनके स्मृति दिवस के रूप में मनाये जाने की परम्परा देश में चल पड़ी है। उतरायण काल में मृत्यु को उतम माने जाने के सिद्धांत का वेदों व वैदिक साहित्य में कोई उल्लेख कहीं नहीं दिखाई देता है। खैर कारण कुछ भी रहा हो, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि महाभारत काल के दिनों में दक्षिणायन में मृत व्यक्ति की वहउत्तम गति नहीं मानी जाती थी जो कि उत्तरायण में प्राण छोड़ने पर होती है। इस कारण से भीष्म पितामह ने सूर्य के उतरायण होने पर अपनी प्राणोत्सर्ग की इच्छा व्यक्त की और सूर्य के उतरायण में प्रवेश करने पर अपनी इच्छा मृत्यु प्राप्त की। इस प्रकार मकर संक्रांति का दिन भीष्म के प्राणोत्सर्ग अर्थात स्वर्गारोहण की तिथि है।

शुक्रवार, 13 जनवरी 2017

ममता के रोके संघ कार्यक्रम को उच्च न्यायलय की अनुमति






कोलकाता :  RSS की रैली को हाई कोर्ट ने दी हरी झंडी

कोलकाता : कोलकाता हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम को अपनी इजाजत दे दी है। इस रैली कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत को भी शामिल होना है। पहले कोलकाता पुलिस ने संघ के इस कार्यक्रम को इजाजत देने से मना किया था। हालांकि हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ इस रैली की अनुमति दी है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। हिंदू धर्म के इस महत्वपूर्ण त्योहार के दिन ही संघ ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर रैली आयोजित करना चाहता था। भागवत को मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक रैली को संबोधित करना था और नए ड्रेस में स्वयंसेवकों के अभ्यास को देखना था।

पहले आरएसएस ने पश्चिम कोलकाता के भूकैलाश ग्राउंड में सभा करने की अनुमति ली थी, लेकिन बाद में पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद संघ नेताओं ने सेना से ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सभा करने की इजाजत ले ली लेकिन यहां भी पुलिस ने सभा की अनुमति देने से मना कर दिया।

पुलिस ने आरएसएस से इस रैली के लिए वैकल्पिक तारीख मांगी। इसके बाद संघ ने हाई कोर्ट में अपील की थी। ऐसा माना जा रहा है कि ममता बनर्जी और भाजपा के बीच हालिया पैदा हुई तल्खी की वजह से पुलिस ने अनुमति देने से मना किया। हाई कोर्ट ने बुधवार को कोलकाता पुलिस से कहा था कि 24 घंटे में सोचकर यह बताएं कि आरएसएस को रैली की इजाजत दी जानी चाहिए या नहीं।

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RSS प्रमुख मोहन भागवत के 14 जनवरी को होने वाले 
कार्यक्रम को कोलकाता पुलिस ने नहीं दी मंजूरी


14 जनवरी को कोलकाता में होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के एक कार्यक्रम को पुलिस ने इजाजत देने से मना कर दिया है। कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी शामिल होना था।

भाजपा के पश्चिम बंगाल राज्य के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रैली की अनुमति न मिलने पर राज्य की तृणमूल कांग्रेस पर “गंदी राजनीति का आरोप लगाया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर विंग – अपने प्रमुख मोहन भागवत की शहर में यात्रा के अवसर पर एक रैली की योजना बनाई थी।

घोष ने कहा “मोहन भागवत शहर में हर साल आते हैं और संघ के कार्यक्रम को राज्य सरकार की अनुमति के साथ आयोजित किया जाता है। लेकिन इस साल सरकार ने गंदी राजनीति का सहारा लिया है। इस साल गार्डन रीच के पास रैली करने की अनुमति को रद्द कर दिया।

समाचार एजेंसी आईएनएस की खबर के अनुसार, भागवत को मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक रैली को संबोधित करना था और नए ड्रेस में स्वयंसेवकों के अभ्यास को देखना था। पहले आरएसएस ने पश्चिम कोलकाता के भूकैलाश ग्राउंड में सभा करने की अनुमति ली थी, लेकिन बाद में पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी।

पुलिस ने भूकैलाश ग्राउंड का सभा की इजाजत देने से मना करते हुए कहा कि यह काफी छोटा ग्राउंड है और इससे कानून तथा व्यवस्था की समस्या हो सकती है।

आपको बता दें कि कोलकाता पुलिस का यह कदम केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की ममता सरकार के बीच नोटबंदी पर चल रहे तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। आरएसएस को बीजेपी का मातृ संगठन माना जाता है।

मंगलवार, 10 जनवरी 2017

कोटा के विकास से धारीवालजी बौखला गये हैं










जमकर लगे धारीवाल विरोधी नारे 
कांग्रेस के भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन के विरोध में 
भाजपा कार्यकर्ताओं ने आक्रमकता से किया जबावी प्रर्दशन 
कोटा के विकास से धारीवालजी बौखला गये हैं - हेमन्त विजयवर्गीय 


    कोटा 10 जनवरी । भारतीय जनता पार्टी, शहर जिला कोटा के जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 11 बजे से ही भाजपा कार्यकर्ता मोहन टाकिज रोड़ स्थित भाजपा कार्यालय पर एकत्र हो गये और जम कर कांग्रेस के विरूद्ध नारेबाजी की, कांग्रेस के प्रदर्शन के सामनें जा कर भाजपा ने आक्रामक तरीके से कांग्रेस के विरूद्ध नारेबाजी की और उन्हे लौटनें पर मजबूर किया।
    भाजपा जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुये कहा “ असल बात तो यह है कि कांग्रेस और उसके पूर्व मंत्री शांती धारीवाल कोटा में भाजपा के द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों को पचा नहीं पा रहे हैं और धारीवाल को अब अपनी स्पष्ठ पुनः हार नजर आ रही हे।”
     विजयवर्गीय ने कहा “ भाजपा कार्यकर्ता के आज दिखा दिया है कि पार्टी उनके लिये मां है और वे इसके लिये जीते - मरते हैं ।“ उन्होने कहा “ आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कांग्रेस को करारा जबाव दिया है। उसके लिये में कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं। वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन न केवल फैल हुआ बल्कि शर्मनाक स्थिती को प्राप्त हुआ है। ”
    महामंत्री अरविन्द सिसोदिया ने कहा “ सामान्य तौर पर पार्टी कार्यालय पर पार्टी के पदाधिकारी सायंकाल के समय में बैठते है। किन्तु कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुये पार्टी अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पर 11 बजे से प्रदर्शन तक रहे। इसी क्रम में सैंकड़ों की तादाद में भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक पार्टी कार्यालय पर पहुंचे और कांग्रेस के प्रदर्शन स्थल पर पहुच कर उनके विरू़द्ध जम कर जबावी नारे बाजी की। “
  
     भाजपा जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय पार्टी के कार्यालय पर बैठे तो पार्टी के महामंत्री अरविन्द सिसोदिया एवं अमीत शर्मा, जिला मंत्री अमित दाधीच, अतीस सक्सेना, मुकेश विजय, राजेन्द्र अग्रवाल आदि की अगुवाई में कांग्रेस के प्रदर्शन के सामने  भाजपा कार्यकताओं ने जाकर प्रदर्शन किया और जमकर कांग्रेस विरोधी नारे बाजी की। कांग्रेस को लोगों को बोलने तक नहीं दिया गया।

         भाजपा कार्यालय परं भाजपा जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय, जिला महामंत्री अरविन्द सिसोदिया, अमित शर्मा, जगदीश जिंदल, जिला उपाध्यक्ष सतीष गोपालानी, विशाल जोशी, अशोक चौधरी, त्रिलोक सिंह, मयेक सेठी, जिला मंत्री मुकेश विजय, राजेन्द्र अग्रवाल, अमित दाधीच, अशोक जैन, अर्थपाल सिंह,कार्यालय मंत्री गोपालकृष्ण सोनी, पार्षद बृजेश शर्मा नीटू, पार्षद इन्द्रर कुमार जैन, पार्षद बसरूद्दीन, पार्षद चन्द्रप्रकाश सोनी,  किसान मोर्चा के अध्यक्ष गिरीराज गौतम, एस सी मोर्चा अध्यक्ष अशोक बादल, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष हाजी हमिद कुरैसी, आसिफ मिर्जा, बादशाह भाई, युवा मोर्चा के प्रभारी हीतेन्द्रसिंह हाड़ा, भाजपा मण्डल अध्यक्ष शिवनारायण शर्मा, विवेक मित्तल, खेमचन्द  शाक्यवाल मण्डल महामंत्रियों में पवन भटनागर, रमेश शर्मा, प्रमोद मित्तल, मनोज निराला, सियाराम वैष्णव, किशोर सिंह, शिवनारायण शर्मा , महिला मोर्चा की जिला महामंत्री रेखा खेलवाल, जिला उपध्यक्षा सुरभी झामनानी एवं जिला मंत्री मधु विश्नोई, आईटी सेल के जिला संयोजक सुनील पोकरा, रोहित गर्ग, मोर्चा महामंत्री देवू राही, नरेन्द्र मेघवाल, राकेश सफेला, सचिन मिश्रा मोनू, घनश्याम ओझा, बृजेश विजयवर्गीय, निहाल प्रजापति, दीप सेठी, अनिल भडाना, लोकेन्द्रसिंह लव बना  आदि ने प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया,
भाजपा जिला महामंत्री
9414180151

रविवार, 8 जनवरी 2017

राजस्थान में भाजपा मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के नेतृत्व में पुनः राज्य सरकार बनायेगी







प्रस्तुति - अरविन्द सिसोदिया जिला महामंत्री भाजपा कोटा 
कोटा में  #MyRajasthan   #3YearsOfSuraaj   #PeopleFirst 

13 जनवरी तक कोटा के शहर जिला भाजपा मण्डलों में तैयारी बैठकें


कोटा में मुख्यमंत्री माननीया श्रीमती वसुंधरा राजे 15 जनवरी को श्री श्री रविशंकरजी के कार्यक्रम में
एवं 
गेंता - माखीदा पुल का कोटा की ओर शिलान्यास की सभा मण्डी प्रांगण इटावा जिला कोटा में 15 जनवरी को 
एवं 
गेंता - माखीदा पुल का बूंदी की ओर शिलान्यास पापड़ी , लाखेरी, जिला बूंदी में 15 जनवरी को 

कोटा में श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार के तीन साल का समारोह 16 जनवरी को 



कोटा 08 जनवरी । राजस्थान में श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार के तीन वर्षपूर्ण होने पर कोटा में आयोजित होनें वाले समारोह की तैयारी के क्रम में रविवार सुबह 11 बजे माहेश्वरी भवन, बसंत विहार, कोटा में भारतीय जनता पार्टी, शहर जिला कोटा की तैयारी बैठक सम्पन्न हुई। जिसे राजस्थान सरकार के सार्वजनिक निर्माण एवं परिवहन मंत्री युनूस खान एवं भाजपा संसदीय दल के मुख्य सचेतक एवं राज्यसभा सांसद नारायणलाल पंचारिया, सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा ओम बिरला, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, भाजपा जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय, विधायक संदीप शर्मा, महापौर महेश विजय ने सम्बोधित किया तथा नगर विकास न्यास अध्यक्ष रामकुमार मेहता, पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी, पूर्व जिला अध्यक्ष महेश विजयवर्गीय, पूर्व उपमहापौर योगेन्द्र खीची मंचस्थ रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अरविन्द सिसोदिया ने किया , वृत प्रस्तुती जिला महामंत्री अमित शर्मा ने की तथा धन्यवाद जिला महामंत्री जगदीश जिंदल ने किया।
मुख्य अतिथि एवं राजस्थान सरकार के सार्वजनिक निर्माण एवं परिवहन मंत्री युनूस खान ने विस्तारपूर्वक श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार की कल्याणकारी योजना को एवं विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा “ राजस्थान में श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार के तीन वर्शपूर्ण होनें पर सभी 33 जिला में कार्यक्रम हो रहे हें जिनमें राज्य सरकार के द्वारा किए गये कार्यों को जनता के बीच रखना, विभिन्न विभागों की कल्याणकारी कार्यों की जानकारीयां देनें वाली प्रदर्शनी और रोजगार मेले का आयोजन किया रहा है।“ उन्होने बताया कि “ कोटा में 16 जनवरी को साडे बारह बजे स्टेडियम में आयोजित होनें वाले समारोह में ,में स्वंय एवं पीचईडी मंत्री सुरेन्द्र गोयल एवं संगठन की ओर से राज्यसभा सांसद एवं मुख्य सचेतक नारायणलाल पंचारिया सहित सांसद विधायक एवं अन्य सभी भाजपा के जनप्रतिनिधि एवं संगठन तथा आमजन सम्मिलित होंगे।“
उन्होने बताया कि “ कोटा के लिये सबसे आवश्यक बाईपास हैंगिग ब्रिज का काम कांग्रेस राज में ठप्प रहा मगर केन्द्र में मोदी सरकार आते ही इसको राज्य सरकार ने प्रयास कर गति दी और अब यह पूर्ण होनें की ओर है।” उन्होने कहा “ बाईपास , नवीन पुल, झालावाड रोड़ सहित बडी संख्या में कोटा में विकास के बडे काम चल रहे हैं। ”


राज्यसभा सांसद एवं भाजपा संसदीय दल के मुख्य सचेतक नारायणलाल पंचारिया ने तुलनात्मक विश्लेषण करते हुये कहा “ भाजपा की श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार ने राजस्थान को जो उत्थान दिया और विकास किया वह यशस्वि कीर्तीमान हैं। उसकी चर्चा पूरे देश में है।” उन्होने कहा “ राजस्थान में भाजपा मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के नेतृत्व में राज्य के विकास के आधार पर पुनः राज्य सरकार बनायेगी। ”



भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद ओम बिरला ने राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के 15 जनवरी को श्रीश्री रविशंकर जी के कोचिंग छात्रों के कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी तथा गेंता-माख्ीदा पुल के पापडी , लाखेरी में तथा इटावा में होनें वाले शिलान्यास कार्यक्रमों की जानकारी दी एवं कहा “ भाजपा आम व्यक्ति के जीवनस्तर को ऊंचा उठानें के लिये सरकारों के माध्यम से निंरतर प्रयत्नशील है।” उन्होने कहा “ भारतीय जनता पार्टी का मुख्य लक्ष्य सरकार के द्वारा समाज के अंतिम व्यक्ति की भलाई के काम करना है और वह भाजपा सरकारें कर रहीं है।”

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार ने सरकार के तीन साल पूरे होने पर राजस्थान में हो रहे जिला एवं संभाग स्तरीय कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुये कहा “ राजस्थान की यशस्वि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के नेतृत्व में तेज गति से विकास कर रहा है। आम जन के बीच में राज्य सरकार में विश्वास की वृद्धि हुई है। ” उन्होने कहा “ भाजपा के कार्यकर्ताओं को राजस्थान सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करना तथा उससे आम जन को लाभान्वित करने हेतु जन - जन के बीच ले जाना चाहिये।”
भाजपा जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय ने विस्तारपूर्वक श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुऐ अपने सम्बोधन में कहा “ शहर भाजपा जिला, मण्डल, वार्ड एवं बूथ तक की टीम पार्टी के कार्यों को सफल बनानें में सक्षम है और कम समय में भी बडे़ से बडे़ आयोजन करने की क्षमता रखती है।” उन्होने कहा “ कोटा संभाग केन्द्र पर 16 जनवरी को दोपहर साडे़ 12 बजे, स्टेडियम कोटा में, राजस्थान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होनें वाले समारोह की आम सभा में, प्रदशर्नी में तथा रोजगार मेले में भाजपा कार्यकर्ता सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला सफल बनायेगा। ”
“”भाजपा जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय ने मंच की सहमति से तय किया कि 13 जनवरी तक सभी मण्डल अपने - अपने मण्डल में तैयारी बैठक कर बूथस्तर तक के कार्यकर्ताओं को 16 जनवरी के समारोह में सम्मिलित करने की व्यवस्था को अंतिम रूप दें। “

विधायक संदीप शर्मा ने कहा “ तीनसाल पूर्ण होने पर हो रहे समारोह के प्रति आम जन में बहुत उत्साह है, श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार के तेज गति से हो रहे कार्यों का लाभ कोटा को भी मिल रहा है। कोटा दक्षिण से विशाल संख्या में कार्यकर्ता 16 जनवरी की सभा में सम्मिलित होगें।”
महापौर महेश विजय ने कहा “ कोटा नगर निगम क्षैत्र में जिस तेजी से विकास एवं जनहित के कार्य हो रहे हैं उसके लिये श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार का योगदान ही धन्यवाद का पात्र है।” उन्होने कहा “ भाजपा राज में कोटा शहर का अभूतपूर्व विकास हो रहा है।”
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता जटाशंकर शर्मा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य हनुमान शर्मा, पूर्व मुख्य सचेतक रविन्द्र सिंह सोलंकी, युवा बोर्ड के सदस्य विकास शर्मा, नागरिक सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष हेमराज सिंह हाडा, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कृष्णकुमार सोनी, वासुदेव पाल, सतीश गोपालानी, विशाल जोशी, अशोक चौधरी, त्रिलोक सिंह, वरिष्ठ पार्षद विवेक राजवंशी, महेश गौतम लल्ली, गोपालराम मण्डा, बृजेश शर्मा नीटू, इन्द्र कुमार जैन, जिला मंत्री मुकेश विजय, कैलाश गौतम, अशोक जैन, अर्थपालसिंह, किसान मोर्चा अध्यक्ष गिरिराज गौतम, महिला मोर्चा जिला प्रभारी प्राची दीक्षित एवं जिला महामंत्री महामंत्री रेखा खेलवाल, प्रभा तंवर, कृष्णा खण्डेलवाल, तनुजा खन्ना , रेखा पंचोली , सुमन मेहरा, सुरभी झामनानी, योगिता चतुर्वेदी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष बाबूलाल रैनवाल, शेलेन्द्र ऋषि, रामलाल टटवाडिया, बालचन्द फौजी, कीर्तीकांत गोयल, विवेक मित्तल, मण्डल महामंत्री पवन भटनागर, रमेश शर्मा, किशोर सिंह, नरेन्द्र सोलंकी, मनोज निराला, डालूराम मराठा, जनजाती मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महेश मीणा, आईटी सेल के प्रदेश सह संयोजक मयंक सेठी , प्रणय विजय, संयोजक सुनील पोकरा , सह संयोजक रोहित गर्ग, प्रखर कौशल, सचिन मिश्रा, घनश्याम ओझा, सुभाष चन्द्र कुशवाह ,राजेन्द्र जैन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया,
भाजपा जिला महामंत्री
9414180151













शनिवार, 7 जनवरी 2017

मकसद गरीबों का जीवन स्तर सुधारना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी



बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक में बोले मोदी, 
सरकार का मकसद गरीबों का जीवन स्तर सुधारना

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Jan 7, 2017

नई दिल्ली
बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि गरीबी और गरीब बीजेपी के लिए सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद गरीबी में जन्मे हैं और सरकार का मकसद गरीबों का जीवन स्तर सुधारना है। साथ ही मोदी ने एक बार राजनीतिक दलों की फंडिंग में पारदर्शिता लाए जाने की वकालत करते हुए कहा कि बीजेपी इसमें सकरात्मक भूमिका निभाएगी। इसके अलावा पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आलोचनाओं से घबराने के बजाय उनका स्वागत करें।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मोदी के संबोधन की मुख्य बातें मीडिया से साझा कीं। रविशंकर के मुताबिक अपने संबोधन में यूपी चुनाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे चुनाव में रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए पार्टी पर दबाव ना डालें। उन्होंने कहा, 'बीजेपी के कार्यकर्ता वे हैं जो हवा में बहते नहीं, हवा का रुख बदलते हैं।'

पीएम ने नोटबंदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'करंसी का अनियंत्रित विस्तार भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी जननी है। बेनामी संपत्ति को सबसे अधिक मजबूती कैश से मिलती है। नोटबंदी के पीछे देश के 125 करोड़ लोग खड़े हैं। देश के गरीबों ने नोटबंदी के इस अहम निर्णय को स्वीकारा है।'

मोदी ने कहा कि तकलीफ होने के बावजूद देश के लोगों ने इस बदलाव को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, 'कुछ दिन के लिए कठिनाई होगी, लेकिन देश की जनता ने इस कठिनाई को सहते हुए इस महान बदलाव को स्वीकारा है। इस पूरे दो महीने में देश की समाजशक्ति का दर्शन हुआ, भारतीय समाज की शक्ति क्या है।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब बीजेपी के लिए सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं है। उन्होंने कहा, 'गरीबी हमारे लिए सेवा का अवसर है, गरीब की सेवा प्रभु की सेवा के समान है, हमारी सरकार का यही संकल्प है। कार्यकर्ता बूथ स्तर पर गरीबों के लिए बनाए गए कार्यक्रमों की जानकारी दें। कुछ लोग लाइफ स्टाइल की चिंता करते हैं, हमें गरीबों की क्वॉलिटी ऑफ लाइफ को सही करना है। मैं गरीबी में जन्मा हूं, गरीबी को जिया हूं।'

कार्यकारिणी की बैठक में भी मोदी ने राजनीतिक दलों की फंडिंग में पारदर्शिता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'फंडिंग में सुचिता आए, पारदर्शिता आए, बीजेपी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगी। सारे दल एक सहमति बनाएं तो बीजेपी सकारात्मक भूमिका निभाएगी।'

सरकार के फैसलों की आलोचना के मुद्दे पर मोदी ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे आलोचनाओं का स्वागत करें, उससे घबराएं नहीं।

नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक की जय-जयकार : भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में






अमित शाह का पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा बयान,
कहा- जरूरत पड़ी तो फिर कर सकते हैं सर्जिकल स्ट्राइक

Posted on: Jan 06, 2017

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पड़ोसी देश द्वारा भारत के खिलाफ छद्मयुद्ध जारी रखे जाने पर नरेंद्र मोदी सरकार पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा 'लीक से हटकर' कार्रवाई कर सकती है.

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले शाह ने यहां राष्ट्रीय पदाधिकारियों को संबोधित किया.

उनके संबोधन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित आतंकी लांचिंग पैड पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक और 500 व 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की केंद्र सरकार की पहल छाई रही.

पार्टी के सूत्र की माने तो, "बैठक के दौरान शाह ने गत 29 सितंबर को आतंकवादियों के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की प्रशंसा की और कहा कि अगर पाकिस्तान भारत में आतंकवादियों को भेजने की अपनी नीति जारी रखता है तो भारत उसके खिलाफ दोबारा लीक से हटकर कार्रवाई कर सकता है."

बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा की गई, उनमें चिटफंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में पार्टी के कार्यालय और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले भी शामिल थे.
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में 4 फरवरी से 8 मार्च के बीच होने वाले विधानसभा चुनाव की दृष्टि से इस बैठक की काफी अहमियत रही.

बैठक में उपस्थित लोगों में महासचिव राम लाल, कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी की दिल्ली शाखा के अध्यक्ष मनोज तिवारी शामिल थे.

उम्मीद है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रणनीति बनाने के लिए पार्टी नोटबंदी को प्रमुख मुद्दा के रूप में बनाएगी.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह उद्घाटन भाषण देंगे, जबकि दो दिवसीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समापन भाषण देंगे. बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे.

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बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू, रणनीतियों पर होगी चर्चा
विक्रांत यादव | News18India.com
First published: January 6, 2017


नई दिल्ली। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक आज से शुरू हो गई है। दिल्ली के नई दिल्ली नगर पालिका परिषद कनवेंशन सेंटर में ये बैठक हो रही है । उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में चुनावी तारीखों का ऐलान हो चुका है। ऐसे में बीजेपी कार्यकारिणी की ये बैठक पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में हो रही है। इस दौरान आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। बैठक के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यकारिणी के सदस्यों को संबोधित करेंगे।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। जाहिर है कि नोटबंदी के बाद ये पहले विधानसभा चुनाव हैं, जहां बीजेपी के सामने चुनाव जीतने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में चुनावी रणभेरी के बीच पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी बेहद महत्वपूर्ण है।
शुक्रवार सुबह दस बजे के करीब पार्टी पदाधिकारियों की बैठक होगी और शाम चार बजे के करीब कार्यकारिणी की बैठक औपचारिक रूप से शुरू होगी। इसकी शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भाषण के साथ होगी। शनिवार को अगले दिन की बैठक की शुरुआत होने के बाद आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। आर्थिक प्रस्ताव में नोटबंदी से होने वाले फायदों, किसानों और गरीबों के लिए शुरू की गई योजनाओं का जिक्र किया जाएगा। नोटबंदी को लेकर विपक्ष के आरोपों को भी खारिज करने का काम इसमें किया जाएगा। राजनीतिक हालत में देश के वर्तमान राजनीतिक हालत की चर्चा की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि उरी हमले के बाद पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल स्ट्राईक का इसमें खासतौर से जिक्र किया जाएगा। इसे सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर बताते हुए ऐतिहासिक कदम बताया जाएगा। शनिवार को ही चार बजे के करीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समापन भाषण देंगे।
सूत्रों का कहना है कि चुनावी बेला में हो रही इस कार्यकारिणी में यूं तो सभी राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर चर्चा होगी। लेकिन उत्तर प्रदेश की राजनीतिक महत्ता देखते हुए उस पर खास ध्यान रहेगा। कार्यकारिणी में आए हुए नेताओं से सरकार की उपलब्धियों, खासतौर से किसानों, दलितों, गरीबों के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी लेकर जनता के बीच जोरदार तरीके से जाने को कहा जाएगा। इसके अलावा पार्टी को साफ लगता है कि नोटबंदी के जरिए सरकार ने काला धन कारोबारियों, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। जनता ने भी इस मसले पर सरकार का पूरा साथ दिया है। पर जनता को हुई परेशानियों को देखते हुए उनके बीच इसके फायदे और जोरदार तरीके से पहुंचाने को कहा जाएगा।
बैठक में आने वाले आम बजट के लिए सदस्यों के सुझाव भी लिए जाएंगे और सरकार को उन पर चर्चा करने के लिए भेजा जाएगा। इस बैठक में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष समेत करीब साढ़े तीन सौ सदस्य हिस्सा लेंगे।


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भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक की जय-जयकार
By Lalit Rai Publish Date:Fri, 06 Jan 2017 


भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अनुसार नोटबंदी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के नए मसीहा बनकर उभरे हैं।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सरकार के नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे छाये रहे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अनुसार नोटबंदी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के नए मसीहा बनकर उभरे हैं। कोझिकोड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी पर उरी हमले की छाया थी, लेकिन नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हो रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आगामी विधानसभा चुनावों में जीत के भरोसे का उत्साह था।

दिल्ली के एनडीएमसी सेंटर में हो रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के उदघाटन संबोधन में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक ही मुख्य मुद्दा रहा। शाह ने विस्तार से बताया कि किस तरह से नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और सरकार के पास गरीब कल्याण योजनाओं के लिए ज्यादा धन होगा। उन्होंने कहा कि देश के 18-19 लाख करोड़ रुपये के सालाना बजट में विकास कार्यो पर असल में केवल चार लाख करोड़ रुपये ही खर्च होते हैं। नोटबंदी के बाद सरकार के पास एक-एक पैसे का हिसाब आ गया है और इससे सरकार की कर वसूली निश्चित रूप से बढ़ेगी। अतिरिक्त आए धन का उपयोग सरकार गरीबों के कल्याण के लिए करेगी।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान स्थानीय निकायों में लगभग 10 हजार प्रतिनिधियों के लिए चुनाव हो चुके हैं। जिनमें आठ हजार से अधिक भाजपा के प्रतिनिधियों ने जीत हासिल की है, जो सीधे-सीधे नोटबंदी पर आम जनता का समर्थन है। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत होगी, सभी चुनावी सर्वेक्षणों में इसके संकेत मिल रहे हैं।


चुनावों में कालेधन के उपयोग पर रोक लगाने और राजनीतिक फंडिंग को पारदर्शी बनाने के प्रधानमंत्री की कोशिश को आगे बढ़ाते हुए भाजपा ने अपनी ओर से एक कमेटी का गठन किया है। कार्यकारिणी में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एक जिम्मेदार पार्टी होने के नाते भाजपा हमेशा से चुनावों में कालेधन के प्रयोग पर रोक लगाने का पक्षधर रही है। नई कमेटी इस दिशा में पार्टी द्वारा उठाए जाने वालों कदमों के बारे में सुझाव देगी। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने प्रतिनिधियों को भाजपा शासित विभिन्न राज्यों में किये जा रहे सकारात्मक कामों की जानकारी दी।


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अमित शाह का पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा बयान,
कहा- जरूरत पड़ी तो फिर कर सकते हैं सर्जिकल स्ट्राइक
Posted on: Jan 06, 2017 09:09 PM IST | Updated on: Jan 06, 2017

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पड़ोसी देश द्वारा भारत के खिलाफ छद्मयुद्ध जारी रखे जाने पर नरेंद्र मोदी सरकार पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा 'लीक से हटकर' कार्रवाई कर सकती है.

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले शाह ने यहां राष्ट्रीय पदाधिकारियों को संबोधित किया.

उनके संबोधन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित आतंकी लांचिंग पैड पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक और 500 व 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की केंद्र सरकार की पहल छाई रही.

पार्टी के सूत्र की माने तो, "बैठक के दौरान शाह ने गत 29 सितंबर को आतंकवादियों के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की प्रशंसा की और कहा कि अगर पाकिस्तान भारत में आतंकवादियों को भेजने की अपनी नीति जारी रखता है तो भारत उसके खिलाफ दोबारा लीक से हटकर कार्रवाई कर सकता है."

बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा की गई, उनमें चिटफंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में पार्टी के कार्यालय और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले भी शामिल थे.
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में 4 फरवरी से 8 मार्च के बीच होने वाले विधानसभा चुनाव की दृष्टि से इस बैठक की काफी अहमियत रही.

बैठक में उपस्थित लोगों में महासचिव राम लाल, कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी की दिल्ली शाखा के अध्यक्ष मनोज तिवारी शामिल थे.

उम्मीद है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रणनीति बनाने के लिए पार्टी नोटबंदी को प्रमुख मुद्दा के रूप में बनाएगी.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह उद्घाटन भाषण देंगे, जबकि दो दिवसीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समापन भाषण देंगे. बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे.

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BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बोले शाह -
 नोटबंदी करके पीएम मोदी ने विपक्ष से गरीबों का मुद्दा छीन लिया
अखिलेश शर्मा की रिपोर्ट, अंतिम अपडेट: शुक्रवार जनवरी 6, 2017

नई दिल्ली: बीजेपी ने कहा है कि नोटबंदी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब समर्थक होने का मुद्दा कॉंग्रेस और बाकी विपक्षी पार्टियों से छीन लिया है और इसीलिए वो बौखलाई हुई हैं. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि गरीबों ने नोट बंदी का पूरा समर्थन किया है.

बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्‍ट्रीय पदाधिकारियों से पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नकारात्मक राजनीति कर रहा है और उसकी भूमिका विकास के क्रम में रुकावट पैदा करने वाली है. उन्‍होंने कहा कि नोटबंदी को आम जनता का व्यापक समर्थन मिला है, निकाय चुनाव के नतीजे इसका प्रमाण है. इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान का रवैया नहीं बदला तो आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक भविष्य में भी होगा. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक दंगों के लिए राज्य सरकार को उन्‍होंने जिम्मेदार ठहराया.

बैठक में टाइम मैगजीन में नरेंद्र मोदी की वोटर चॉइस लोकप्रियता पर भी चर्चा हुई. पदाधिकारियों की बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष पर हमला बोला .कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई पर कई विपक्षी दल बाधा डाल रहे हैं. संसद की कार्रवाई नहीं चलने दी जा रही है और विपक्ष का रवैया अलोकतांत्रिक है.


उन्‍होंने निकाय चुनाव की सफलता को केंद्र सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर बताया. साथ ही नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक को केंद्र सरकार के दो प्रमुख फैसलों को बताया. उन्‍होंने कहा कि दुनिया भर में पीएम के फैसलों की चर्चा हो रही है.

उन्‍होंने बंगाल में तृणमूल नेताओं के चिटफंड घोटाले की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी दफ्तर पर हमले पर बोलते हुए कहा कि हिंसा पर वैचारिक रूप से नहीं लड़ सकते इसलिए बौखलाहट में हिंसा कर रहे हैं. इसलिए संवैधानिक संस्थाओं और पार्टी दफ्तरों पर हमला किया जा रहा है. अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई का सामना करने के बजाय तृणमूल कार्यकर्ता हिंसा कर रहे हैं.

उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह के अध्यक्षीय भाषण के बाद शाम 6:40 पर  राजनीतिक प्रस्ताव आएगा जिसे गृहमंत्री राजनाथ सिंह पेश करेंगे जिसके समर्थन में रमन सिंह और बंगाल के राहुल सिन्हा बोलेंगे.

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शुक्रवार, 6 जनवरी 2017

सिर्फ और सिर्फ उत्तर प्रदेश के विकास के लिए वोट करिए : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी



हमारे लिए भारत की जनता ही सर्वोपरि है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

January 02, 2017

भारत माता की जय। भारत माता की जय। मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान अमित भाई शाह, हमारे देश के यशस्वी गृहमंत्री और इसी शहर के प्रतिनिधि श्रीमान राजनाथ सिंह जी, उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के युवा अध्यक्ष श्रीमान केशव जी मौर्य, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाइयों और बहनों।

मैं कई वर्षों से राजनीति में हूं। भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का कार्य करने सौभाग्य मिला। मुख्यमंत्री के नाते कार्य करने का अवसर मिला। ढाई साल से प्रधानसेवक के रूप में आपकी सेवा करने का अवसर मिला। सैकड़ों रैलियों में संबोधन करने के लिए जाने का अवसर भी मिला। लेकिन मेरे पूरे जीवनकाल में इतनी बड़ी रैली संबोधन करने का मुझे सौभाग्य नहीं मिला।

मैं स्वयं जब लोकसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब भी हिन्दुस्तान के किसी कोने में, ऐसा विराट दृश्य देखने का सौभाग्य मुझे नहीं मिला। आज सुबह दस बजे दिल्ली में मेरी एक मीटिंग चल रही थी। तो हमारे एक साथी ने मुझे मोबाइल फोन पर यहां लखनऊ के कुछ पत्रकारों ने जो ट्वीट किया होगा, वो ट्वीट दिखाया। उसमें सारे फोटो थे यहां की भीड़ के। मैंने ऑफिस के लोगों को बुलाया। मैंने कहा, भाई कहीं गलती तो नहीं हो रही है। दस बजे इतनी भीड़ आ गई है। हमारी तो दो मीटिंग बाकी है। निकलने का समय देर से है। जरा लखनऊ फोन करके पूछो, कहीं हम तो लेट नहीं हो रहे हैं।

 भाइयों और बहनों।

दस बजे से इतनी बड़ी तादात में आप हमें आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका ह्रदय से अभिनंदन करता हूं, आपका आभार व्यक्त करता हूं।

ये लखनऊ की धरती अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि है। अटल जी जैसे अनेक महापुरुषों ने अपनी जवानी इस धरती पर खपाई, पसीना बहाया, रात-दिन एक-एक करके, पूरे हिन्दुस्तान में भारतीय जनता पार्टी का वट वृक्ष तैयार किया। अटल जी ने लखनऊ की भी भरपूर सेवा की। लखनऊ के प्रति उनका लगाव, लखनऊ के लिए कुछ करने का उनका अविरत प्रयास। वो आज भी महसूस होता है।

भाइयों और बहनों।

आज का ये दृश्य, जब अटलजी जी टीवी पर देखते होंगे, उनके लिए सबसे बड़ी संतोष की घटना होगी। ऐसा मैं विश्वास के साथ कहता हूं। राजस्थान में गवर्नर के रूप में सेवा कर रहे, इसी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान कल्याण सिंह आज जयपुर में टीवी पर नजारा देखते होंगे। तो वो हम सबको वहां से आशीर्वाद देते होंगे।

भाइयों और बहनों।

आज आपने कमाल कर दिया है। आज कमाल कर दिया है। जो पोलिटिकल पंडित हैं, चुनाव का हिसाब किताब लगाते हैं। उत्तर प्रदेश का चुनाव किस दिशा में जाएगा। उसका हिसाब किताब जो लगा रहे हैं, ये रैली देखने के बाद, अब किसी को मेहनत नहीं करनी पड़ेगी कि चुनाव में होने वाला क्या है। हवा का रूख साफ-साफ नजर आ रहा है।

भाइयों और बहनों।

उत्तर प्रदेश की सेवा करने का अवसर भारतीय जनता पार्टी को मिला था। 14 साल बीत गए बीच में। आज युग ऐसा है कि सरकार बदलने के छह महीने में पुरानी सरकार को लोग भूल जाते हैं लेकिन आज मैं बड़े गर्व के साथ कह सकता हूं। बड़े संतोष के साथ कह सकता हूं कि कल्याण जी के नेतृत्व में, रामप्रकाश जी के नेतृत्व में, राजनाथ जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की जो सरकार बनी। उत्तर प्रदेश के लोग उसे याद करते हैं और वर्तमान सरकारों के साथ उसकी तुलना करते हैं।

भाइयों और बहनों।

कुछ लोग कहते हैं, दो-तीन दिन पहले टीवी पर मेरी नजर गई, वो कह रहे थे कि बीजेपी का 14 साल का वनवास खत्म होगा।

भाइयों और बहनों।

मुद्दा बीजेपी के वनवास का नहीं है। कितने साल हम रहे, कितने साल निकल गए, भारतीय जनता पार्टी इस तराजू से कभी राजनीति को नहीं तौलती है। और इसलिए मुद्दा बीजेपी के 14 साल के वनवास का नहीं है। मुद्दा 14 साल के लिए उत्तर प्रदेश में विकास का वनवास हो गया है। विकास का वनवास हो गया है। विकास आया नहीं, भाइयों बहनों। 14 साल के बाद, फिर एक बार उत्तर प्रदेश की धरती पर, विकास का नया अवसर आने का ये नजारा मैं भी देख रहा हूं।

भाइयों बहनों।

देश के प्रधानमंत्री के रूप में, राजनीतिक दृष्टि से तो आपने मुझे एमपी बनाया। उत्तर प्रदेश से जीभर के मेरी मदद की। उसके कारण 30 साल के बाद देश को पूर्ण बहुमत की सरकार मिली। लेकिन भाइयो बहनों। इसलिए बीजेपी की सरकार हो इतना सीमित विचार मैं नहीं रखता हूं। मेरी सोच हिन्दुस्तान के संदर्भ में है। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान आगे बढ़े। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान से गरीबी मिटे। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान निरक्षरता मिटे। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान से बीमारी मिटे।

भाइयो बहनों। ये हिन्दुस्तान का सपना तब तक पूरा नहीं होता, जब तक उत्तर प्रदेश में से ये सारी कठिनाइयां दूर न हो। और इसलिए हिन्दुस्तान का भाग्य बदलने के लिए पहली शर्त है, हमें उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलना पड़ेगा।

और इसलिए भाइयो बहनों। भारत को अगर आगे बढ़ना है तो उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ना बहुत आवश्यक है।

भाइयो बहनों। उत्तर प्रदेश के लोग राजनीतिक दृष्टि से बहुत समझ रखने वाले लोग हैं। उनकी विवेक बुद्धि दूध का दूध और पानी का पानी भली भांति अलग करने का सामर्थ्य रखती है।

भाइयों बहनों। किसी समय जरूरी रहा होगा, जात पात का प्रभाव। किसी समय आवश्यक रहा होगा, अपने पराये का खेल। ये सब आप देख चुके हैं। उत्तर प्रदेश की जनता सबकुछ सहन कर चुकी है। एक बार मेरे उत्तर प्रदेश के भाइयों बहनों एक बार अपने पराये से ऊपर उठकर के, जात पात से ऊपर उठकर के, सिर्फ और सिर्फ उत्तर प्रदेश के विकास के लिए वोट करिए। आप देखिए, उत्तर प्रदेश बदलता है कि नहीं बदलता है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

मैं उत्तर प्रदेश से एमपी हूं। यहां कैसी सरकारें चलती है। मैंने अनुभव किया है। मैंने कभी सोचा नहीं था, सरकार ऐसी भी हो सकती है। बहुत पीड़ा हुई है मुझे। मेरे अपने बनारस क्षेत्र में, कोई रोड बनवाना हो, रास्ता बनवाना हो, तो तराजू से तौला जाता था, कि किस दल के व्यक्ति की तरफ से सुझाव आया है। उसके बाद तय होता था, रास्ता बने या न बने।  अरे राजनीति के आपके विरोध होंगे। राजनीति में आपकी शिकायत होगी। जब रास्ता नहीं बनता है तो उस इलाके की जनता को पीड़ा होती है। मेरे सब एमपी दिनरात शिकायत करते थे कि अगर कोई बात बताएं तो ये उत्तर प्रदेश की सरकार करती नहीं है। किसका नुकसान हुआ। क्या यही खेल खेलते रहोगे क्या।

भाइयो बहनों।

जब से दिल्ली में हमारी सरकार बनीं है। उत्तर प्रदेश सरकार को हर वर्ष फाइनेंस कमीशन के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपए जितनी रकम खर्च करने के लिए ज्यादा मिली। एक लाख करोड़ रुपए कम नहीं होता। ढाई साल में ढाई लाख करोड़ रुपए। भाइयों बहनों। अकेले दिल्ली सरकार के पैसों का सही उपयोग किया होता तो आज उत्तर प्रदेश कहां से कहां पहुंच गया होता।

लेकिन भाइयो और बहनों। यहां पर विकास इनकी प्राथमिकता में नहीं है।

मैं मेरे किसान भाइयों से कहना चाहता हूं। कि क्या कारण है कि गन्ना किसानों के पैसे इतने सालों तक लटके रहे। हम जब आये तब 20-22 हजार करोड़ रुपए बकाया था। दिल्ली सरकार ने, हमलोगों ने बैठकर के एक योजना बनाई। परिणाम ये आया कि पुराने बकायों में, बहुत एक मात्रा में हम किसानों को पैसा चुकता कर पाए।

भाइयों और बहनों। उत्तर प्रदेश की सरकार कोई जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं। हाथ ऊपर कर देना और उधर जाकर के किसानों को भड़काना।

भाइयो बहनों।

दो दलों के बीच में राजनीति हम समझ सकते हैं। लेकिन राज्य की जनता के साथ राजनीति के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश की जनता के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। दलों की राजनीति, दलों तक सीमित होना चाहिए। लेकिन भाइयों बहनों। विकास के आड़े भी जब राजनीति आती है। अपने पराये का भाव आता है तो विकास रूक जाता है और जनता पिछड़ती चली जाती है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। हमारा किसान इतनी मेहनत करे। धान की पैदावार करे। दिन रात लगा रहे। लेकिन जब बाजार में धान आए। दिल्ली सरकार मिनीमम सपोर्ट प्राइस तय करे। राज्य सरकार को कहे, कि आप धान की खरीदी करे, भारत सरकार अपनी जिम्मेवारी उठाएगी। आज मुझे दुख के साथ कहना है कि भारत सरकार से पूरी मदद मिलने के बावजूद भी उत्तर प्रदेश की सरकार को किसानों के धान को खरीदने की फुर्सत नहीं है।

हमने इस बार दाल में, सरकार की तरफ से बहुत मदद की ताकि हमारा किसान इतनी बड़ी मात्रा में दाल की पैदावार करे ताकि विदेशों से दाल लानी न पड़े। गरीब को दाल महंगी न पड़े। और मेरे देश के किसानों ने और फसलों को छोड़करके दिल्ली सरकार के कहने पर दाल की बुआई की। दाल की पैदावार हुई। लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार है, उसे भी खरीदने को तैयार नहीं है।

और भाइयों और बहनों। किसानों की ये हालत हमें मंजूर नहीं है। ये स्थिति बदलनी चाहिए। और स्थिति बदलने के लिए परिवर्तन आवश्यक है। और इसीलिए परिवर्तन यात्रा लेकर के पूरा उत्तर प्रदेश एक संकल्प के साथ निकल पड़ा है।

भाइयों बहनों। आप मुझे बताइए। इस देश से भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए कि नहीं चाहिए ... पूरी ताकत से बताइए। भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए ... भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए कि नहीं लड़नी चाहिए ... काला धन जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए... काला धन खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। ... अब देखिए देश देख रहा है। हम कहते हैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात, काले धन के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात। और आपने पिछले दिनों लगातार सुना होगा, देखा होगा। सारे इकट्ठे हो जाते हैं, एक बात पर।

आपने कभी सपा-बसपा को एक साथ देखा है। अगर सूरज निकलता है तो सपा वाला बोलेगा कि सूरज निकला है तो बसपा वाला बोलेगा कि नहीं सूरज जल रहा है। इतना दोनों के बीच में झगड़ा है कि नहीं है ... विरोध है कि नहीं है ... इतने सालों बाद एक मुद्दे पर इकट्ठे हो गए। दोनों इकट्ठे हो गए। दोनों मिलकर के कह रहे हैं मोदी को बदलो, मोदी को हटाओ। मोदी कह रहा है नोट बदलो, काला धन हटाओ। निर्णय आपको करना है। निर्णय आपको करना है भाइयों बहनों। वो कहते मोदी हटाओ, मैं कहता हूं काला धन हटाओ। वो कहते हैं मोदी हटाओ मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ। देश की जनता को तय करना है कि हमें क्या करना है। ... और विरोध कैसी-कैसी बातों में।

भाइयों बहनों। क्या राजनीति इतनी नीचे गई है। हमें तो आज इस पार्क में आकर के भीम राव अंबेडकर को प्रणाम करना, रमाबाई को प्रणाम करना, हमें गर्व महसूस होता है।

लेकिन भाइयों बहनों।

अभी तीन दिन पहले, हमने एक आर्थिक कारोबार के लिए, टेक्नोलॉजी के द्वारा, रुपए के लेन-देन के लिए भीम नाम की एक मोबाइल ऐप लॉन्च की। भीम नाम इसलिए रखा क्योंकि हिन्दुस्तान में बाबा साहब अंबेडकर ने आर्थिक चिंतन में महारत हासिल की हुई थी। आज जो रिजर्व बैंक चल रहा है, उसके प्रणेता कभी बाबा साहब अंबेडकर रहे थे। रुपया क्या होता है उस पर आज से करीब-करीब 80 साल पहले बाबा साहब अंबेडकर ने एक विस्तृत निबंध लिखा था। इतने लंबे समय पहले जिस महापुरुष को हिन्दुस्तान के रुपए का ताकत पता था, बैंकिंग व्यवस्था का पता था। आर्थिक कारोबार का पता था। क्या हिन्दुस्तान के भविष्य का कारोबार उस भीम के नाम से चले तो किसी के पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं, मुझे समझ में नहीं आ रहा है। एक तरफ उत्तर प्रदेश की जनता परिवर्तन के लिए कृतसंकल्प है, फैसला कर चुकी है। परिवर्तन निश्चित है।

भाइयों बहनों।

कुछ दल ऐसे हैं, जिनका उत्तर प्रदेश में अता-पता ही नहीं है। एक दल ऐसा है जो अपने बेटे को पदस्थापित करने के लिए पिछले 15 साल से कोशिश कर रहा है। लेकिन अभी तक दाल गलती नजर नहीं आ रही है। दूसरा दल ऐसा है, वो इस चिंता में है कि पैसे कहां रखे। वो पैसे बचाने में लगे हुए हैं। दूर-दूर की बैंक खोज रहे हैं। जिन बैंकों में पैसे जमा करके निकल जाएं, बच जाएं। तो एक दल पूरी तरह पैसों को बचाने में लगा हुआ है। और तीसरा दल है, जो पूरी ताकत परिवार का क्या होगा, उसमें लगे हुए हैं। अब उत्तर प्रदेश की जनता को तय करना है कि पैसों के लिए, पैसों को बचाने के लिए, पूरी पार्टी जहां लगी हुई है, वो उत्तर प्रदेश को बचा पाएंगे क्या ... जो पूरी पार्टी जो परिवार के उसमें लिपट गई है, वो उत्तर प्रदेश को बचा पाएंगे क्या …

भाइयों और बहनों। आज एक तरफ पैसे बचाने वाली पार्टी। एक तरफ परिवार में उलझी हुई पार्टी। एक मात्र पार्टी भारतीय जनता पार्टी है जो उत्तर प्रदेश को बचाने के लिए आई है। किसी को पैसे बचाने हैं, किसी को परिवार कब्जे करना है। हमीं हैं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ उत्तर प्रदेश बचाना है।

और इसलिए उत्तर प्रदेश वासियों से कहने आया हूं। और इसलिए प्रदेशवासियों से कहने आया हूं। परिवर्तन आधा अधूरा मत करना। भारी बहुमत से आप भारतीय जनता पार्टी को विजय बनाइए। आप मुझे बताइए भाइयों। आज देश में सरकार खुद निर्णय कर पाती है कि नहीं ...। आज इस देश का ऐसा प्रधानमंत्री है ... 30 साल के बाद ऐसी सरकार मिली है, जिसका हाईकमान सिर्फ और सिर्फ हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ नागरिक है। दूसरा उसका कोई हाईकमान नहीं है। किसी के घर जाकर के उसको सर झुकाना नहीं पड़ रहा है। सवा सौ करोड़ देशवासी यही उसके मालिक है। वही उससे जवाब मांग सकते हैं। और उसका कारण आपने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। उत्तर प्रदेश में भी, आधा अधूरा कुछ मत करना। भारी बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना ताकि उत्तर प्रदेश के भाग्य को बदलने के लिए कोई रूकावट न आए। दिल्ली की ताकत पूरी तरह आपके साथ आए। उत्तर प्रदेश की ताकत जुड़ जाए। देखते ही देखते उत्तर प्रदेश बदल जाए।

और इसलिए भाइयों और बहनों। मैं आपसे आग्रह करने आया। आप मुझे बताइए। उत्तर प्रदेश में सज्जन नागरिक, ईमानदार नागरिक, सिर्फ अपनी छोटे से परिवार को अच्छे ढंग से गुजारा करने वाला नागरिक, अगर दिनरात उसे गुंडागर्दी का सामना करना पड़े, अपनी जमीन हड़प करने वालों का सामना करना पड़े, अपनी मोटरसाइकिल कोई उठा ले बोल ना पाए, अपनी बेटियों को शाम के समय घर लौट आने के लिए मां-बाप को चिंता करनी पड़े ...। क्या ये उत्तर प्रदेश हमें मंजूर है क्या ...। ये गुंडागर्दी खत्म होनी चाहिए कि नहीं ...। ये जमीनों को लूटने वाले जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए ...। सामान्य मानवी को उसको सुख-चैन से जीने का हक मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए ...। कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए कि नहीं रहनी चाहिए ...।

भाइयों और बहनों।

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की धरती पर जब सरकार थी, ये करके दिखाया है। मैं आपको भरोसा देता हूं, हमें अवसर दीजिए। आपको सुख-चैन की जिंदगी देने का हम वादा करते हैं ... भाइयों बहनों।

अभी दो दिन पहले, नववर्ष प्रारंभ होने से पहले, मैंने दूरदर्शन के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। जो भी धन जमा हुआ है, मैंने पहले ही कहा था, ये सरकार गरीबों को समर्पित है। और जब मैंने 50 दिन के बाद, गरीबों के लाभ के लिए योजनाएं बनाई, गरीबों के घर के लिए योजना बनाई, प्रसूता माताओं के लिए योजना बनाई, गांव के विकास के लिए योजना बनाई। छोटे-छोटे कारोबारियों का कारोबार अच्छा चले, उसके लिए मदद के लिए योजना बनाई। कुछ लोगों को इससे भी तकलीफ हुई। मोदी पैसा ले ले तो भी वो परेशान, मोदी गरीबों को पैसे दे दे, तो भी वो परेशान। इनकी परेशानी... भाइयों बहनों। इस बात की है कि इनकी परेशानी कुर्सियां हिल रही है। कुर्सियां हिल रही है। इसलिए ये परेशान है। ये इररिलिवेंट हो गए। हिन्दुस्तान की राजनीति में विरोध करते-करते इररिलिवेंट हो गए हैं। और इसलिए वो अपनी जमीन खोज रहे हैं। और इसलिए विरोध का रास्ता अपनाने जा रहे हैं।

भाइयों और बहनों।

देश भली भांति इनको पहचान गया है। देश कभी भी ऐसे लोगों को माफ करने वाला नहीं है। और मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं। भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ ये लड़ाई कभी रूकने वाली नहीं है। हम जड़ से उसको उखाड़ करके रहने वाले हैं। ये गरीबों को लूटा गया है, ये गरीबों को लौटाने के लिए हमने ये बीड़ा उठाया है। ये मध्यम वर्ग के लोगों को शोषण किया है। उस शोषण को रोकने के लिए हमने इतनी बड़ी लड़ाई को छेड़ा है। और इसलिए भाइयों और बहनों। हमें उत्तर प्रदेश में भी आशीर्वाद चाहिए। आपके आशीर्वाद चाहिए। और आपके आशीर्वाद, 2017 का ये नया वर्ष। और 2017 का मेरा ये पहला कार्यक्रम मुझे सार्वजनिक रूप से मेरे उत्तर प्रदेश में आकर के उत्तर प्रदेश के आशीर्वाद के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है। इससे बड़ा मेरा सौभाग्य क्या हो सकता है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा। और दलों के लिए ये चुनाव होगा, और दलों के लिए सत्ता हथियाने का प्रयास होगा। और दलों के लिए कौन एमएलए बने, मंत्री बने, कौन मुख्यमंत्री बने, इसका खेल होगा। भारतीय जनता पार्टी के लिए ये चुनाव सिर्फ हार-जीत का मसला नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के लिए 2017 का उत्तर प्रदेश का चुनाव एक जिम्मेवारी का काम है, जिम्मेवारी का काम।

हमारे ऊपर जिम्मेवारी आने वाली है। हमें अपने आपको जिम्मेवारी निभाने के लिए योग्य बनाकर के आगे बढ़ना है। और इसलिए बहुत बड़ी जिम्मेवारी और उत्तर प्रदेश की जिम्मेवारी सिर्फ उत्तर प्रदेश से नहीं है। उत्तर प्रदेश का प्रभाव पूरे हिन्दुस्तान पर होता है। एक प्रकार से हिन्दुस्तान को बदलने की नींव उत्तर प्रदेश में पड़ी हुई है। ये जिम्मेवारी का चुनाव है। और इसलिए उसे हार जीत का चुनाव मत बनने देना। उसे जिम्मेवारी चुनाव बनाना। और जिम्मेवारी का मतलब है सामान्य मानवी को तकलीफों से मुक्त करने की जिम्मेवारी। जिम्मेवारी का मतलब है सामान्य मानवी के सपनों को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करने की जिम्मेवारी। जिम्मेवारी का मतलब है भ्रष्टाचार काले धन से मुक्त उत्तर प्रदेश को सरकार देना। जिम्मेवारी का मतलब है सबके साथ, समान व्यवहार। सबका साथ सबका विकास। इस मंत्र को कभी छोड़ना नहीं।  हर किसी का भला हो। जो हमारे साथ होंगे उनका भी भला हो, जो हमारे साथ नहीं होंगे, उनका भी भला हो, जो हमारे सामने होंगे, उनका भी भला हो। सबका साथ, सबका विकास। इसी मंत्र को हमें जिम्मेवारी के साथ निभाना है। और इसलिए भारतीय जनता पार्टी के लिए जिम्मेवारी का चुनाव है। भारतीय जनता पार्टी के लिए दायित्व का चुनाव है। भारतीय जनता पार्टी के लिए कुछ कर दिखाने का चुनाव है। भारतीय जनता पार्टी के लिए परिवर्तन सच्चे अर्थ में लाने का चुनाव है। आप उसे पूरी पूर्ण करोगे इसी विश्वास के साथ, दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत के साथ मेरे साथ बोलिए। भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।