मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

भाजपा : नवनिर्मित केंद्रीय कार्यालय




सोमवार, 19 फरवरी 2018

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा नई दिल्ली में पार्टी के नवनिर्मित केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर आयोजित सभा में दिये गये उद्बोधन के मुख्य बिंदु



पार्टी का यह नवीन केन्द्रीय कार्यालय करोड़ों कार्यकर्ताओं के समायोजन से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के न्यू इंडिया की परिकल्पना को साकार करने में सफल होगा, ऐसा मुझे भरोसा है

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पार्टी का नया केंद्रीय कार्यालय हमारी आशाओं और देश की जनता की अपेक्षाओं व आकांक्षाओं की पूर्ति का वाहक बने, भारतीय जनता पार्टी की विजय यात्रा को आगे बढ़ाने वाला बने और पार्टी को सभी क्षेत्रों में और उंचाइयां प्रदान करने वाला बने, यही मेरी ईश्वर से कामना है

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इस देश में हजारों राजनीतिक दल हैं लेकिन मैं गर्व के साथ भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता के नाते यह कह सकता हूँ कि संगठन के आधार पर और लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाली एकमात्र पार्टी भारतीय जनता पार्टी है

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राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने और सत्ता हासिल करने के लिए राजनीति में होंगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि एक नए भारत के निर्माण के लिए राजनीति में है

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आज नए केन्द्रीय कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर पार्टी की विकास यात्रा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उन सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी के 11 करोड़ कार्यकर्ताओं की ओर से विनम्रता के साथ मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, यह उन्हीं के पुण्य का फल है कि पार्टी यहाँ तक पहुँची है।

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आज का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत शुभ और महत्वपूर्ण है क्योंकि जन संघ की स्थापना से लेकर आज आज तक के पार्टी कार्यकर्ताओं का अपने कार्यालय का स्वप्न आज साकार हो रहा है

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भाजपा के नए केंद्रीय कार्यालय भवन का भूमिपूजन 2016 में रक्षाबंधन के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों द्वारा हुआ था और आज उन्हीं के कर कमलों द्वारा कार्यालय का उद्घाटन भी हो रहा है, यह मेरे लिए काफी हर्ष की बात है

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अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1,70,000 स्क्वायर फीट में फैला भाजपा का यह केन्द्रीय कार्यालय दुनिया की सभी राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय में सबसे बड़ा है

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2014 में देश की जनता ने भाजपा और श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी पर भरोसा रखते हुए हमें पूर्ण बहुमत देते हुए सरकार चलाने का अधिकार दिया था, उसके बाद जिस प्रकार से सरकार चली है और सरकार के कामकाज की सुगंध देश की आम जनता तक पहुँची है, इससे पार्टी और संगठन काफी मजबूत हुआ है

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जन-मानस में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की लोकप्रियता ने पार्टी को स्थायित्व देने का काम किया है और कार्यकर्ताओं ने इसके लिए अथक परिश्रम किया है, इसी का परिणाम है कि आज केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार के साथ ही देश के 19 राज्यों में हमारी सरकारें है

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 11 करोड़ सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी का संगठन न्यू इंडिया के स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहा है

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जन संघ की स्थापना से लेकर आज तक जितने भी पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं, उनकी गरिमामय उपस्थिति आज यहाँ पर है, सबने पार्टी की विकास यात्रा को यहाँ तक पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, मैं उन सभी का अभिनंदन करता हूँ

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली स्थित भाजपा के नवनिर्मित केंद्रीय कार्यालय (6A, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग) का उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को पार्टी की ताकत बताते हुए कहा कि पार्टी का यह नवीन केन्द्रीय कार्यालय करोड़ों कार्यकर्ताओं के समायोजन से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के न्यू इंडिया की परिकल्पना को साकार करने में सफल होगा, ऐसा मुझे भरोसा है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत शुभ और महत्वपूर्ण है क्योंकि जन संघ की स्थापना से लेकर आज आज तक के पार्टी कार्यकर्ताओं का अपने कार्यालय का स्वप्न आज साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नए केंद्रीय कार्यालय भवन का भूमिपूजन 2016 में रक्षाबंधन के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों द्वारा हुआ था और आज उन्हीं के कर कमलों द्वारा कार्यालय का उद्घाटन भी हो रहा है, यह मेरे लिए काफी हर्ष की बात है। उन्होंने कहा कि अनेकों कार्यकर्ताओं ने इसके लिए अथक परिश्रम किया है, मैं उन सभी को हृदय से धन्यवाद देना चाहता हूँ।

श्री शाह ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1,70,000 स्क्वायर फीट में फैला भाजपा का यह केन्द्रीय कार्यालय दुनिया की सभी राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय में सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि यहाँ से पार्टी के प्रदेश कार्यालय और जिला कार्यालाओं के साथ सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संपर्क साधा जा सकता है, प्रधानमंत्री जी प्रदेश कार्यकारिणी को यहीं से संबोधित कर सकते हैं, इस प्रकार की व्यवस्था यहाँ पर बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय में आधुनिक आईटी सेल, सोशल मीडिया सेल और मीडिया के लिए सभी सविधाओं के साथ बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेस के लिये भी लाइव करने की सारी सुविधाएं यहाँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालय के पास ही तीन सुंदर बागीचों का निर्माण दिल्ली नगर निगम और केंद्र सरकार मिल कर रही है। उन्होंने कहा कि राशि वन, नक्षत्र वन, सप्तर्षि वन, तीर्थंकर वन के नाम से भव्य उपवन बनाए गए हैं जो देखने लायक है और आप सभी से आग्रह है कि समय निकालकर परिवार के साथ इन बागीचों में एक बार भ्रमण अवश्य करें। उन्होंने कहा कि जब श्री नरेन्द्र भाई मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने वन महोत्सव को एक नया स्वरूप दिया था, राशियों, नक्षत्रों, ऋषि-मुनियों और तीर्थंकरों के वन बनाए थे, उस के कंसेप्ट को इन पार्कों में समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए नए केन्द्रीय कार्यालय का निर्माण एक भावनात्मक विषय भी है क्योंकि कार्यालय का निर्माण पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष में ही संपन्न हुआ है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस कार्यालय में 19 विभाग और 11 प्रकल्प होंगे जो पार्टी को जनता के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि ये सभी विभाग और प्रकल्प आज लगभग सभी जिलों में बन चुके हैं और इसका काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस देश में हजारों राजनीतिक दल हैं लेकिन मैं गर्व के साथ भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता के नाते यह कह सकता हूँ कि संगठन के आधार पर और लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाली एकमात्र पार्टी भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने कहा कि संगठन के आधार पर चलने वाली पार्टी के लिए कार्यालय का बहुत बड़ा महत्त्व होता है। उन्होंने कहा कि 11 प्रकल्पों में से दो प्रकल्प कार्यालय निर्माण एवं कार्यालय आधुनिकीकरण के लिए रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि 2015 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हमने यह तय किया था कि 694 जिलों में से 635 में हम पार्टी कार्यालय का निर्माण करेंगे। उन्होने कहा कि आज मुझे यह कहते हुए हर्ष हो रहा है कि इन 635 में से 318 कार्यालयों के लिए भूमि खरीद का काम पूरा हो गया है, 125 और कार्यालयों के लिए भूमि खरीद कार्य प्रगति पर है, 192 कार्यालयों का निर्माण पूरा हो चुका है, 100 कार्यलयों का निर्माण प्रगति पर है और एक साल में हम सभी कार्यालयों का निर्माण पूरा हो जाएगा, ऐसा मुझे भरोसा है।

श्री शाह ने कहा कि 2014 में देश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी और श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी पर भरोसा रखते हुए हमें पूर्ण बहुमत का जनादेश देकर सरकार चलाने का अधिकार दिया था, उसके बाद जिस प्रकार से सरकार चली है और सरकार के कामकाज की सुगंध देश की आम जनता तक पहुँची है, इससे पार्टी और पार्टी संगठन काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि जन-मानस में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की लोकप्रियता ने पार्टी को स्थायित्व देने का काम किया है और कार्यकर्ताओं ने इसके लिए अथक परिश्रम किया है, इसी का परिणाम है कि आज देश के 19 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी और भाजपा एवं सहयोगियों की सरकारें हैं, साथ ही केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने और सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव मैदान में उतरती होंगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि एक नए भारत के निर्माण के लिए राजनीति में है।

श्री शाह ने कहा कि 1950 से शुरू हुई हमारी यात्रा कई उतार-चढ़ाव, जय-पराजय व अनेक संघर्षों को पार कर यहाँ तक पहुँची है और मुझे यह कहते हुए आनंद की अनुभूति हो रही है कि 10 सदस्यों से शुरू हुई पार्टी आज 11 करोड़ सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी के रूप में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है, 19 राज्यों में हमारी सरकारें हैं, 1000 से अधिक विधायक हैं, लगभग 330 सांसद हैं और केंद्र में पूर्ण बहुमत की हमारी सरकार है। उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुँचने के लिए कई कार्यकर्ताओं ने अपना सर्वस्व पार्टी के लिए समर्पित कर दिया है, कई कार्यकर्ताओं ने अपने त्याग व बलिदान से पार्टी को सींचा है, केरल, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा जैसे राज्यों में हमारे कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई फिर भी हिम्मत हारे बिना हमारे कार्यकर्ताओं ने पार्टी की यात्रा को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज नए केन्द्रीय कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर पार्टी की विकास यात्रा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उन सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी के 11 करोड़ कार्यकर्ताओं की ओर से विनम्रता के साथ मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, यह उन्हीं के पुण्य का फल है कि पार्टी यहाँ तक पहुँची है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 11 करोड़ सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी का संगठन न्यू इंडिया के स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नया केंद्रीय कार्यालय हमारी आशाओं और हमारे देश की जनता की अपेक्षाओं व आकांक्षाओं की पूर्ति का वाहक बने, भारतीय जनता पार्टी की विजय यात्रा को आगे बढ़ाने वाला बने और पार्टी को सभी क्षेत्रों में और उंचाइयां प्रदान करने वाला बने, यही मेरी ईश्वर से कामना है। उन्होंने कहा कि जन संघ की स्थापना से लेकर आज तक जितने भी पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं, उनकी गरिमामय उपस्थिति आज यहाँ पर है, सबने पार्टी की विकास यात्रा को यहाँ तक पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, मैं उन सभी का अभिनंदन करता हूँ।

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

राजस्थान के बजट 2018-19 के प्रमुख बिन्दु


राजस्थान के बजट 2018-19 के प्रमुख बिन्दु

प्रसारित - अरविन्द सिसौदिया , जिला महामंत्री भाजपा कोटा
9414180151 / 9509559131
कृषि, कृषक एवं पशुपालक कल्याण:
राज्य सरकार पर लगभग 8 हजार करोड़ के वित्तीय भार से लघु एवं सीमांत कृषकों के सहकारी बैंकों में 30 सितंबर 2017 को overdue अल्पकालीन फसली ऋण में समस्त शास्तियों एवं ब्याज माफी और outstanding अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार तक के कर्ज़े की एकबारीय माफी का निर्णय
‘राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग‘ के गठन की घोषणा
वर्ष 2018-19 में किसानों को अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण हेतु 384 करोड़ ब्याज अनुदान एवं 160 करोड़ क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान
राजफैड को मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत सरसों और चने की उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने हेतु 500 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण और खरीद पर राजफैड को खरीद अवधि के दौरान देय मंडी शुल्क में छूट
राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम द्वारा 350 करोड़ की लागत से 5 लाख मैट्रिक टन भंडारण क्षमता के गोदामों का निर्माण
समस्त श्रेणी के कृषकों को Farm Pond निर्माण पर पूर्व में देय लागत के 50 प्रतिशत अनुदान को बढ़ाकर 60 प्रतिशत किये जाने पर देय 10 प्रतिशत top-up अनुदान हेतु 14 करोड़ का प्रावधान
जल हौज निर्माण पर वर्तमान में देय 50 प्रतिशत अनुदान पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत top-up अनुदान देते हुए अधिकतम अनुदान की सीमा को 75 हजार से बढ़ाकर 90 हजार करते हुए, 5 करोड़ 40 लाख का प्रावधान
नहरी क्षेत्रा में डिग्गी निर्माण पर 25 प्रतिशत top-up अनुदान देते हुए अधिकतम 3 लाख तक अनुदान हेतु 90 करोड़ का प्रावधान
2 हजार वर्ग मीटर तक के ग्रीन हाऊस व शेडनेट की स्थापना पर लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10 लाख प्रति इकाई अनुदान हेतु 32 करोड़ का प्रावधान
सौर ऊर्जा पंप संयंत्रों पर राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में देय अनुदान को बढ़ाकर 3 HP के लिए 35 एवं 5 HP के लिए 40 प्रतिशत अर्थात दोनों ही श्रेणियों में कुल अनुदान को 60 प्रतिशत करते हुए 165 करोड़ का प्रावधान
1 लाख 75 हजार मैट्रिक टन यूरिया तथा 50 हजार मैट्रिक टन DAP के अग्रिम भंडारण की व्यवस्था हेतु 40 करोड़ का प्रावधान
प्रत्येक जिले में एक नंदी गौशाला को गौसरंक्षण एवं संवर्धन निधि से 50 लाख तक का अनुदान
गौशालाओं को चारा पशुआहार के लिए वर्तमान में 90 दिन (तीन माह) की सहायता को बढ़ाकर 180 दिन (6 माह)
पंजीकृत गौशालाओं में आधारभूत संरचना के विकास हेतु गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि से 50 करोड़
25 गौशालाओं में Bio Gas Plant लगाने के लिए प्रति गौशाला लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 लाख तक का अनुदान
ऊँटनी के दूध का प्रसंस्करण एवं विपणन करने के लिए RCDF के माध्यम से जयपुर में एक mini plant हेतु 5 करोड़ का प्रावधान
राज्य में ऐसे जिले जहां वर्तमान में कृषि कॉलेज प्रावधित नहीं हैं, वहां निजी क्षेत्रा द्वारा कृषि कॉलेज की स्थापना हेतु निवेश को प्रोत्साहित करना
कृषि आधारित उद्योगों एवं सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ब्याज अनुदान की सीमा को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर सात लाख पचास हजार रुपये प्रतिवर्ष की जाती है। इसके अतिरिक्त महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, निर्याग्य एवं 40 वर्ष तक की आयु के राजस्थान के मूल निवासी उद्यमियों हेतु ब्याज अनुदान की सीमा को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया गया है।
TSP Area के मूल निवासियों को स्वरोजगार प्रोत्साहन हेतु Agro Processing and Agri Marketing Sector की RIPS-2014 में अधिसूचित manufacturing and processing गतिविधियों के लिये वर्तमान में उपलब्ध incentives के साथ 20 लाख तक के बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जायेगा ।
कृषि जिन्सों की गुणवत्ता में सुधार हेतु खेत से फसलों का सीधा जुड़ाव करने एवं प्राथमिक उत्पादक को रिप्स का लाभ देने के उद्देश्य से क्लीनिंग, ट्रिमिंग तथा ग्रीडिंग इत्यादि गतिविधियों के लिये सप्लाई चैन के सभी स्तरों पर रिप्स-2014 के अन्तर्गत प्रोत्साहन प्राप्त होंगे।
राज्य में किसानों हेतु भण्डारण की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से भण्डारगृहों को 5 हजार मैट्रिक टन क्षमता एवं 2.5 करोड़ रुपये के निवेश पर वर्तमान में रिप्स-2014 के अन्तर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन लाभ अब 3 हजार मैट्रिक टन क्षमता एवं निवेश 1.5 करोड़ रुपये के निवेश पर भी प्राप्त हो सकेंगे।
शीघ्र खराब होने वाली वस्तुऐं यथा टमाटर, प्याज, आलू इत्यादि हेतु ‘ऑपरेशन ग्रीन’ प्रोग्राम के समर्थन में रिप्स-2014 का लाभ रीफर वैन (कोल्ड चैन) में निवेश पर भी दिया जायेगा।
अति पिछड़े क्षेत्रों में 50 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि विपणन, जैव प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रा की स्थापित होने वाली प्रत्येक क्षेत्रा की प्रथम इकाई हेतु पांच करोड तक इन्फ्रास्ट्रक्चर सहायता अनुदान उपलब्ध होगा।
खातेदारी भूमि में 4 हेक्टर क्षेत्राफल तक के अप्रधान खनिज की खनिज रियायतें राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम राशि तय कर सम्बन्धित खातेदार को आवंटित की जायेंगी।
उपनिवेश क्षेत्रों के सभी श्रेणी के आवंटियों को कृषि भूमि आवंटन के पेटे बकाया किश्तों की राशि एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज में वर्तमान में दी जा रही छूट दिनांक 31.12.2018 तक बढ़ाई जाती है।
काश्तकारों को राहत प्रदान करने के लिये खरीफ सम्वत 2075 वर्ष 2018-19 से भूमि पर लगने वाले लगान (भू-राजस्व) को माफ किया जाता है। इससे लगभग 40 से 50 लाख किसान लाभन्वित होंगे।
स्टाम्प ड्यूटी तथा पंजीयन शुल्क में राहत :-
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानो द्वारा कृषि भूमि की खरीद-बेचान में राहत प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि का मूल्यांकन आवासीय के स्थान पर कृषि भूमि की दर से किया जायेगा।
10 लाख रूपये मूल्य तक की अचल सम्पत्ति के हकत्याग के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी अधिकतम 2000 रूपये से घटाकर 500 रूपये की जायेगी।
पैतृक सम्पत्ति के हकत्याग के दस्तावेजों पर स्टाम्प डयूटी में रियायत का लाभ मामा तथा भांजा/भांजी द्वारा निष्पादित हकत्याग दस्तावेजों पर भी दिया जायेगा।

उद्योग
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्रा में भूमिगत pipeline सहित Common Effluent Treatment Plant (CETP) के upgradation के कार्य-ृ146 करोड़ की लागत।
दिल्ली-मुंबई इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर परियोजना के अंतर्गत भूमि का मुआवजा देने के लिए 400 करोड़ का प्रावधान।
व्यवहारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान, सामाजिक सुरक्षा, बीमा आवश्यकताओं एवं अधिनियमों/ नियमों से संबंधित सुझावों हेतु व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जायेगा दस करोड़ रुपये की प्रारम्भिक राशि से व्यापारी कल्याण निधि की स्थापना की जायेगी।
दिनांक 1 जुलाई, 2017 से जी.एस.टी. क्रियान्यन के पश्चात् वैट एवं सी.एस.टी. आधारित अनुदान अब एस.जी.एस.टी. के आधार पर दिये जायेंगे। और यह अनुदान सीधे ही उद्यमियों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किये जायेंगे।
वैट व्यवस्था के अन्तर्गत मनोरंजन एवं पर्यटन इकाईयों को रिप्स के अन्तर्गत मनोरंजन कर एवं विलासिता कर से छूट उपलब्ध थी। इस सेक्टर्स को भी एस.जी.एस.टी. आधारित अनुदान प्राप्त होगा।
राजस्थान के मूल निवासियों को रोजगार में बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोजगार अनुदान की राशि प्रत्येक श्रेणी के लिये 5000 रुपये बढ़ाई गई है। इस क्रम में अति पिछड़े एवं पिछड़े क्षेत्रों हेतु रोजगार अनुदान की राशि श्रेणीवार 40 हजार रुपये एवं 35 हजार रुपये से बढ़ाकर क्रमशः 45 हजार रुपये एवं 40 हजार रुपये किया गया है।
सूचना प्रौद्योगिकी, मनोरंजन एवं पर्यटन क्षेत्रा की इकाई की स्थापना हेतु बहुमंजिला व्यवसायिक भवनों में तल/स्थान के खरीद/लीज पर लिये जाने पर स्टाम्प ड्यूटी में 50 प्रतिशत छूट देय होगी।

सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्षेत्रा :
सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एस. जी.एस.टी. से सम्बन्धित निवेश अनुदान को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया गया है।
सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रा की बीमार इकाईयों को राहत प्रदान करने हेतु एस.जी.एस.टी. की बकाया को 24 किश्तों में जमा कराने की सुविधा दी गई है।
सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रा की बीमार इकाईयों को पुनर्वास पैकेज की दिनांक से विद्युत शुल्क की 100 प्रतिशत छूट उपलब्ध होगी।
सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रा की इकाईयों को सूक्ष्म एवं लघु इकाईयों हेतु साख, गारन्टी ट्रस्ट के अन्तर्गत गारन्टी फीस का पुनर्भरण किया जायेगा जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये होगी।
राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त संस्थानों से तकनीक ग्रहण की फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण किया जायेगा जिसकी अधिकतम सीमा दस लाख रुपये होगी।
भारत सरकार की ‘‘ज़ीरो डिफेक्ट एण्ड ज़ीरो इफेक्ट’’ (जेड.ई.डी.) योजना के अन्तर्गत कम से कम रजत श्रेणी प्राप्त करने के लिये अपेक्षित मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद मूल्य के 50 प्रतिशत का पुनर्भरण किया जायेगा जिसकी अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये होगी।
ऊर्जा अंकेक्षण/जल अंकेक्षण/सुरक्षा अंकेक्षण पर व्यय की जाने वाली राशि का 75 प्रतिशत पुनर्भरण किया जायेगा जिसकी अधिकतम सीमा प्रत्येक के लिये 1 लाख रुपये होगी।
सूक्ष्म एवं लघु उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की परफॉरमेंस एवं केडिट रेटिंग योजना के अन्तर्गत केडिट रेटिंग के संदर्भ में किये गये व्यय का 25 प्रतिशत पुनर्भरण किया जायेगा जिसकी अधिकतम सीमा दस हजार रुपये होगी।
सड़क एवं परिवहन
766 करोड़ की लागत से ग्रामीण गौरव पथ योजना एवं मिसिंग लिंक योजना से शेष रहे ग्राम पंचायत मुख्यालयों को जोड़ना
राज्य की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में 15 किलोमीटर प्रति विधानसभा क्षेत्रा नवीन सड़कों का निर्माण
2 हजार 452 करोड़ की लागत से ADB Tranche-I में 980 किलोमीटर सड़क निर्माण
2 हजार 274 करोड़ की लागत से ADB एवं विश्व बैंक ऋण पोषित योजना से जोधपुर, नागौर और पाली में 882 किलोमीटर सड़क निर्माण
1 हजार 622 करोड़ की लागत से ‘प्रधानमंत्रा ग्राम सड़क योजना‘ के द्वितीय चरण में 3 हजार 464 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के upgradation और maintenance कार्य
परिवहन कार्यालयों की लाईसेंस एवं वाहन संबंधी सेवाओं के front office counters को निजी क्षेत्रा के माध्यम से संचालित करना एवं driving licence एवं vehicle registration संबंधी समस्त आवेदन प्रक्रिया को paper-less करना
अजमेर को छोड़कर शेष 6 संभागीय मुख्यालयों एवं सात अन्य जिलों पाली, दौसा, सीकर, चित्तौड़गढ़, अलवर, झालावाड़ एवं डीडवाना-नागौर के अलावा बाकी रहे जिला परिवहन कार्यालयों में fully automated driving tracks का निर्माण कार्य
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में 80 वर्ष से अधिक की आयु के वृद्धजनों को मुफ्त यात्रा सुविधा के साथ ही उनके एक ंattendant को 50 प्रतिशत की रियायती दर पर यात्रा सुविधा
राज्य के पर्यटक ऑपरेटर जो कि Indian Association of Tour Operators (IATO)/ Rajasthan Association of Tour Operators (RATO) से पंजीकृत है के पर्यटक वाहनों पर देय विशेष पथकर में 12500 रूपये से अधिक राशि की छूट की अवधि दिनांक 30.04.2018 से दिनांक 30.06.2020 तक बढाई जाना।
राजस्थान में हवाई अड्डों के अन्दर के क्षेत्रा में संचालित यात्रा वाहनों को, वाहन की कीमत के 6 प्रतिशत अथवा चैसिस की कीमत के 10 प्रतिशत के अनुसार एकमुश्त कर की वैकल्पिक सुविधा देना।
इसके साथ ही मोटर वाहनों पर दिनांक 31.03.2016 तक के बकाया कर को दिनांक 30.09.2018 तक जमा कराने पर इस पर देय ब्याज एवं penalty को माफ किया जायेगा।
राज्य के public passenger transport vehicles जो एल.पी.जी./सी.एन.जी./सौर ऊर्जा से संचालित हैं पर देय एकमुश्त कर की राशि में 25 प्रतिशत की छूट।
जल संसाधन एवं सिंचित क्षेत्र
52 हजार करोड़ लागत की निम्न परियोजनाओं को आवश्यक clearances प्राप्त करने के पश्चात प्रारंभ किया जायेगाः-
प्रदेश के 13 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई की दीर्घकालीन आवश्यकता को पूरा करने के लिए 37 हजार करोड़ की लागत वाली ERCP परियोजना
बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ाने के लिए 6 हजार करोड़ की लागत वाली ब्राह्मणी-बनास परियोजना
बांसवाड़ा जिले में अनास बांध निर्माण योजना में 1 हजार करोड़ की लागत से सिंचाई एवं पेयजल सुविधा का विस्तार
2 हजार करोड़ की लागत से माही बांध से अपर हाईलेवल केनाल निकालकर बांसवाड़ा के 26 हजार हैक्टेयर क्षेत्रा में सिंचाई सुविधा का सृजन
साबरमती बेसिन के अतिरिक्त जल से जवाई बांध के पुनर्भरण हेतु 6 हजार करोड़ लागत की परियोजना
20 हजार करोड़ की लागत से ताजेवाला हैड पर आवंटित 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी के उपयोग हेतु परियोजना
2 हजार 200 करोड़ लागत से माही बांध के दांयी ओर से 265 किलोमीटर लंबी हाईलेवल केनाल से जाखम बांध के 28 हजार हैक्टेयर क्षेत्रा को सिंचाई सुविधा सृजन परियोजना
3 हजार करोड की लागत से उदयपुर एवं राजसमंद में जाखम तथा देवास III एवं IV से पानी लाने के लिए परियोजना
1 हजार करोड़ एवं 150 करोड़ का प्रावधान कर परवन एवं धौलपुर लिफ्ट परियोजनाओं का कार्य शुरू तकली बांध परियोजना के भूमि अधिग्रहण हेतु प्रावधान
नगरीय क्षेत्रों में मुख्यमंत्रा जलस्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण में राज्य के समस्त 191 शहर शामिल कर 1 हजार 766 कार्यों पर 120 करोड़ का प्रावधान एवं ग्रामीण क्षेत्रा में अभियान के तृतीय चरण में 4 हजार 240 गाँवों में 1 लाख 40 हजार कार्य प्रस्तावित
राज्य के किसानों को राहत प्रदान करने के लिये 31.01.2018 तक की बकाया सिंचाई कर की राशि 31.12.2018 तक एकमुश्त जमा कराये जाने पर ब्याज में शत्-प्रतिशत छूट दी जायेगी।

पेयजल 
Regional Water Grid बनाकर, राज्य में पेयजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति का दूरगामी समाधान करने के लिए राजसमंद, चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल के लिए 450 करोड लागत से Mahi High Level Canal to Jaisamand Drinking Water Project एवं बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना फेज़ द्वितीय में 1 हजार करोड़ की लागत से सूरजपुरा WTP में अतिरिक्त जलशोधन क्षमता विकसित कर बालावाला तक 97 किलोमीटर लंबी दूसरी मुख्य पाइपलाइन बिछाना
पेयजल समस्या के समाधान हेतु प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रा में आवश्यकतानुसार अधिकतम 100 हैंडपंप स्वीकृत
2 हजार करोड़ की प्रस्तावित ‘परवन-अकावद पेयजल परियोजना‘ से खानपुर, मनोहरथाना, लाडपुरा, पीपल्दा, सांगोद, अंता, बारां-अटरू, छबड़ा एवं किशनगढ़ क्षेत्रा के 1 हजार 821 गाँवों को कवर करना
365 करोड की लागत वाली डूंगरपुर, आसपुर एवं दोवड़ा वृहद पेयजल परियोजना से डूंगरपुर शहर सहित आसपुर एवं दोवड़ा क्षेत्रा के 151 गाँव एवं 244 ढाणियों में रहने वाले लगभग 5 लाख 32 हजार लोगों को लाभ
182 करोड़ 86 लाख की लागत से बूँदी जिले में गरड़दा वृहद पेयजल परियोजना से जिले के 111 गाँवों एवं 91 ढाणियों में रहने वाले लगभग 2 लाख 90 हजार की आबादी लाभान्वित
109 करोड़ 29 लाख की लागत से बूँदी जिले में झालीजी का बराना वृहद पेयजल परियोजना से केशवरायपाटन क्षेत्रा के 72 गाँवों के 1 लाख लोग लाभान्वित
55 करोड़ 47 लाख की लागत से बारां जिले में कछावन पेयजल परियोजना से छबड़ा क्षेत्रा के 16 गाँवों एवं 3 ढाणियों के लगभग 20 हजार लोग लाभान्वित
घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की दिनांक 30.11.2017 तक की जल प्रभार शुल्क के पेटे बकाया राशि दिनांक 31.12.2018 तक एकमुश्त जमा कराये जाने पर ब्याज एवं शास्ति राशि में शत्-प्रतिशत छूट दी जायेगी।

ऊर्जा :
प्रसारण एवं वितरण तंत्रा के विकास हेतु आगामी वित्तीय वर्ष में 400 केवी का एक, 132 केवी के 15 तथा 33 केवी के 200 नये सब-स्टेशन का लोकार्पण
ग्रामीण क्षेत्रों में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना तथा शहरी क्षेत्रों में Integrated Power Development Scheme के अंतर्गत 7 लाख नये घरेलू विद्युत कनेक्शन
विद्युत वितरण कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे में सुधार हेतु विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए 24 नये खण्ड एवं 93 उपखण्ड कार्यालय खोलना
जनवरी 2012 तक लंबित 2 लाख कृषि कनेक्शन वर्ष 2018-19 में दिया जाना

महिला एवं बाल विकास :
महिला मानदेयकर्मियों का मानदेय बढ़ाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 6 हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 4 हजार 500, सहायिका को 3 हजार 500, साथिन को 3 हजार 300 एवं आशा सहयोगिनी को 2 हजार 500 प्रतिमाह देने से 1 लाख 84 हजार महिला मानदेयकर्मी लाभान्वित
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा मानदेयककर्मियों द्वारा देय अंशदान को समाप्त करते हुए, बीमा योजना के प्रीमियम की शत-प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन और लाभान्वितों में साथिन सहित 1 लाख 84 हजार महिला मानदेयकर्मी लाभान्वित
15 से 45 आयुवर्ग की ग्रामीण बालिकाओं एवं महिलाओं में Menstrual Hygiene Scheme में stake holder sensitization के साथ sanitary pads का वितरण पर 76 करोड़ का प्रावधान
बाल विकास परियोजनाओं में नियोजित करने के लिए 1 हजार Nursing Training Teachers की भर्ती
पंजीकृत महिला दुग्ध समितियों को 2 हजार लीटर क्षमता के 750 Bulk Milk Cooler एवं 1 हजार लीटर क्षमता के 250 Bulk Milk Cooler की खरीद पर लागत राशि का 50 प्रतिशत अनुदान
चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा :
अग्नि संबंधी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रदेश के 27 जिला चिकित्सालयों में आधुनिक Fire Fighting एवं Fire Detection System पर 7 करोड़ 29 लाख व्यय
प्रदेश के 27 जिला चिकित्सालयों में roof top solar विद्युत संयंत्रों की स्थापना
धौलपुर में नवीन मेडिकल कॉलेज की स्थापना
120 करोड़ की लागत से 28 नवीन PHC तथा 16 PHC को CHC में क्रमोन्नत करना
4 हजार 514 नर्स ग्रेड-प्प् तथा 5 हजार 558 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भर्ती
1 करोड़ 50 लाख की लागत से जयपुरिया अस्पताल में स्वाईन फ्लू व VDRL Lab
SMS Hospital मेडिकल कॉलेज बीकानेर और अजमेर में नवीन कैथ लैब हेतु 6 करोड़ और 7 करोड़ 90 लाख की लागत से दो नये examination hall
अजमेर में 1 करोड़ 15 लाख की लागत से Angiojet Thrombectomy System की स्थापना और 1 करोड़ 20 लाख की लागत से 8 ventilators की स्थापना
जोधपुर मेडिकल कॉलेज में ambulance and equipments के लिए 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान
1 करोड़ 10 लाख की लागत से मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में Anesthesia विभाग हेतु स्वाईन फ्लू के रोगियों के लिए ICU Ventilator एवं Nephrology Department में 4 नवीन Dialysis Machines की स्थापना
1 करोड़ 96 लाख की लागत से मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ के ENT उपकरणों की खरीद करने एवं 7 नये Pediatric and Neonatal Ventilators की स्थापना
3 करोड़ 72 लाख की लागत से मेडिकल कॉलेज, कोटा में Dual Imaging System, Blood Component Separation Unit, C-arm Machine
शिक्षा :
आदर्श विद्यालयों हेतु 1 हजार 163 आदर्श विद्यालयों में 3 हजार 379 class rooms एवं toilets हेतु 360 करोड़ का प्रावधान
विभिन्न श्रेणी के 1 हजार 832 विद्यालय क्रमोन्नत
Mid-day Meal योजना में राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन बार दूध पोषाहार हेतु 250 करोड़ का प्रावधान
54 हजार तृतीय श्रेणी अध्यापक सहित विभिन्न पदों पर कुल 77 हजार 100 रिक्त पदों पर भर्ती प्रस्तावित
17 उपखंड मुख्यालयों में नये राजकीय महाविद्यालय
कोटा मुख्यालय पर नवीन कृषि महाविद्यालय तथा अलवर जिले के नौगांवा कृषि अनुसंधान केन्द्र के परिसर में कृषि महाविद्यालय
राजकीय कन्या महाविद्यालय चित्तौड़गढ़, रतनगढ़-चूरू, गुढ़ा गौड़जी (उदयपुरवाटी) झुंझुनू, औसियां-जोधपुर एवं शिवगंज- सिरोही के महाविद्यालयों को PG महाविद्यालयों में क्रमोन्नत
राजकीय महाविद्यालयों में self financing scheme के तहत संचालित UG एवं PG के 64 विषयों के पाठ्यक्रमों को ेstate financing में परिवर्तित करने हेतु 11 करोड़ 41 लाख का प्रावधान
50 राजकीय महाविद्यालयों में उद्यमिता एवं कौशल विकास के पाठ्यक्रम प्रारंभ कर 3 करोड़ का प्रावधान से प्रतिवर्ष 12 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित
राजकीय महाविद्यालय निम्बाहेड़ा-चित्तौड़गढ़ में विज्ञान विषय, तारानगर-चूरू में इतिहास व समाज शास्त्रा विषय एवं टोडारायसिंह-टोंक में कला संकाय के नये विषय खोलना
जोधपुर, बीकानेर और झालावाड़ में कुल 6 करोड़ रुपये की लागत से 3 फेबलैब की स्थापना
UPSC, RPSC एवं Rajasthan Subordinate and Ministerial Services Selection Board द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं के साक्षात्कार में उपस्थिति हेतु प्रत्याशियों को RSRTC की बस में निःशुल्क यात्रा सुविधा
समस्त राजकीय महाविद्यालयों में निःशुल्क wi-fi सुविधा
आदर्श मदरसा योजना के तहत पंजीकृत ‘ए‘ श्रेणी के 500 मदरसों का चयन कर मदरसों के आधुनिकीकरण पर 25 करोड़ 18 लाख का प्रावधान
कौशल, रोजगार एवं युवा :
‘कौशल प्रशिक्षण योजना‘ के तहत Entrepreneurship Development के उद्देश्य से 15 करोड़ का प्रावधान
29 जिलों के रोजगार कार्यालयों को Model Career Centre के लिए 45 करोड़ का प्रावधान
24 राजकीय ITI में महिला विंग खोलकर 12 व्यवसायों में तकनीकी प्रशिक्षण हेतु 23 करोड़ का प्रावधान
राजकीय ITI में संचालित Self Financing Units को नियमित प्रशिक्षण योजना में परिवर्तित करने पर 28 करोड़ का प्रावधान
प्रदेश में 8 नयी ITIs
22 करोड़ की लागत से सभी जिला मुख्यालयों पर स्थित राजकीय ITI, आयुक्तालय जयपुर एवं निदेशालय जोधपुर में ैSmart Class Room
राजकीय ITI में परंपरागत परीक्षा प्रणाली के स्थान पर online परीक्षा आयोजित करवाना
युवा तेज गेंदबाज श्री कमलेश नागरकोटी को 25 लाख दिये जाने एवं प्रतिभावान युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु Youth Icon Scheme
31 करोड की लागत से झुंझुनू में राज्य क्रीडा संस्थान में समस्त outdoor व indoor आधारभूत खेल सुविधाओं का विकास
जगतपुरा, जयपुर स्थित शूटिंग रेंज के लिए electronic targets क्रय हेतु 5 करोड़ का प्रावधान
SMS जयपुर के निर्माणाधीन खेल-भवन की साज-सज्जा (furnishing) हेतु 3 करोड़, indoor stadium के upgradation के लिए 2 करोड़ और Swimming Pool लिए 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक पिछड़ा वर्ग कल्याण :
‘राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम‘ द्वारा `2 लाख तक के बकाया ऋण एवं ब्याज को माफ किये जाने की घोषणा-`114 करोड़ का भार ।
प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्रा में एक-एक अंबेडकर भवन बनाये जाने की घोषणा-80 करोड़ की लागत से।
छोटे कामगारों-केश कलाकार, कुम्हार, मोची, बढ़ई, रिक्शावाला और plumbers आदि को `2 लाख के ब्याजमुक्त ऋण की घोषणा।
‘भैरोंसिंह शेखावत अंत्योदय स्वरोजगार योजना‘ की घोषणा, इस योजना मे 50 हजार परिवारों को `50 हजार तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर बिना रहन उपलब्ध करवाया जायेगा।
जनजाति उपयोजना क्षेत्रा के 1 लाख 70 हजार 660 किसानों को सोलर लैंप दिये जाने की घोषणा ।
जनजाति उपयोजना क्षेत्रा में सहरिया एवं कथोड़ी जाति के परिवारों को उपलब्ध सुविधायें अब खैरवा जाति के परिवारों को भी उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा।
जनजाति उपयोजना क्षेत्रा के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही तथा बारां जिले की किशनगंज एवं शाहबाद तहसीलों के जनजाति, गैर-जनजाति बीपीएल एवं अन्त्योदय परिवार के किसानों को 8 लाख बीज मिनिकिट्स का निःशुल्क वितरण- `14 करोड़ का व्यय।
1 हजार नवीन माँ-बाड़ी केन्द्र मय गैस कनेक्शन प्रारंभ करने की घोषणा- प्रतिवर्ष `36 करोड़ व्यय कर 30 हजार बच्चों को लाभान्वित किया जायेगा।
देवनारायण योजना में 10 नवीन आवासीय विद्यालयों तथा एक छात्रावास का निर्माण करवाये जाने की घोषणा
राज्य में आर्थिक पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु निम्न घोषणायेंः-
‘सुन्दर सिंह भण्डारी EBC स्वरोजगार योजना‘ में 50 हजार परिवारों को `50 हजार तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर बिना रहन उपलब्ध करवाया जायेगा।
दसवीं बोर्ड की परीक्षा मे 85 प्रतिशत से अधिक लाने वाली कुल 200 छात्राओं को और 12वीं की विज्ञान, कला, वाणिज्य परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली प्रत्येक संवर्ग की 200-200 छात्राओं (कुल 600) को स्कूटी।
अनुप्रति योजना के अंतर्गत अंतिम परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर लाभ
प्री-मैट्रिक एवं उत्तर-मैट्रिक छात्रावृत्ति योजना का लाभ – 273 करोड़ 50 लाख का व्यय
सामाजिक सुरक्षा :
भामाशाह कार्डधारक NFSA परिवारों के सदस्यों का `1 लाख तक का दुर्घटना बीमा करते हुए भामाशाह सुरक्षा कवच प्रदान करने की घोषणा-4 करोड़ 50 लाख लोग लाभान्वित।
दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु ‘दिव्यांग कोष‘ के गठन-`1 करोड़ का प्रावधान।
प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए डूंगरपुर, प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा में बहुद्देश्यीय छात्रावास की स्थापना पर `12 करोड़ का व्यय ।
गोबिन्द गुरू जनजाति विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में दो छात्रावासों का निर्माण-`8 करोड़ का व्यय ।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले :
उचित मूल्य दुकानों पर 1 हजार नवीन अन्नपूर्णा भंडार की स्थापना
राशन डीलर्स को देय dealers commission को 70 रूपये से बढ़ाकर, POS मशीन पर प्रति क्विंटल देय 17 रूपये सहित 125 रूपये प्रति क्विंटल
NFSA की समावेशन सूची में पात्रा होने पर सात नई श्रेणियां खाद्य सुरक्षा कवर में शामिल
कर्मचारी कल्याण :
महिला कर्मचारियों हेतु अधिकतम 2 वर्ष की child care leave का प्रावधान।
1 अप्रेल 2018 से सातवें वेतन आयोग की ंarrear की राशि का भुगतान प्रारंभ।
शिक्षा विभाग में 77 हजार 100, गृह विभाग में 5 हजार 718, प्रशासनिक सुधार विभाग में 11 हजार 930 एवं स्वास्थ्य विभाग में 6 हजार 571 पदों सहित कुल 1 लाख 8 हजार पदों के लिए भर्तियां की जायेंगी।
75 हजार पदों के लिए नयी विज्ञप्तियां जारी की जायेंगी।
बतौर पारिवारिक पेंशनर विधवा महिला की नियुक्ति पर उसे पारिवारिक पेंशन पर महंगाई राहत (Dearness Relief) देय ।
खनन :
आगामी वर्षों में `12 हजार 500 करोड़ के निवेश से खनिज तेल का उत्पादन 2 लाख बैरल प्रतिदिन किये जाने की योजना।
जैसलमेर बेसिन में गैस की अतिरिक्त उपलब्धता के समुचित उपयोग हेतु आगामी वर्षों में 150 कुएँ खोदे जाने की योजना।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें प्रदान करने के लिए District Mineral Foundation Trust द्वारा `1 हजार करोड़ का व्यय ।
खातेदारी भूमि में 4 हेक्टर क्षेत्राफल तक के अप्रधान खनिज की खनिज रियायतें राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम राशि तय कर सम्बन्धित खातेदार को आवंटित की जायेंगी।
बजरी खनन हेतु बड़े आकार के स्थान पर छोटे आकार के खनन पट्टे नीलामी द्वारा दिये जायेगें जिससे आमजन को सस्ती दरों पर सुगमता से बजरी उपलब्ध हो सकेगी।
प्रदेश में जीरो वेस्ट खनन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खनिजों के मलबे/ओवरबर्डन पर लगने वाले 10 रूपये प्रतिटन के विशेष परमिट शुल्क को समाप्त किया जायेगा।
मकराना के बोरावड़ क्षेत्रा के कुमारी पत्थर के मार्बल खण्डे जिनका उपयोग चुनाई पत्थर के रूप में होता है, पर लगने वाली रॉयल्टी को समाप्त किया जायेगा।
शहरी विकास :
समस्त नगरपालिका क्षेत्रों में सड़कों-नालियों की maintenance एवं renewal सहित अंबेडकर भवनों के निर्माण, बरसाती पानी के निकास की व्यवस्थाए श्मशान एवं कब्रिस्तान के विकास तथा सार्वजनिक शौचालयों के लिए `1 हजार करोड़ के प्रावधान की घोषणा
‘अन्नपूर्णा रसोई योजना‘ हेतु `340 करोड़ का प्रावधान, 500 अंदे मार्च 2018 तक क्रियाशील हो जायेंगी।
अन्नपूर्णा रसोई योजना का विस्तार करते हुए प्रत्येक जिला कलक्टर कार्यालय परिसर में ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा, चाय एवं शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध करवाया जायेगा।
जयपुर में 40 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाये जाने की घोषणा-`72 करोड़ की लागत।
द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट में स्मार्ट कोरिडोर को विकसित करने की घोषणाँ- `50 करोड़ का व्यय ।
कोटा शहर में aerodrome circle पर flyover के निर्माण पर-`150 करोड़ का व्यय ।
बीकानेर में 2 हजार 500 EWS एवं LIG के फ्लेट्स उपलब्ध करवाया जाना-`110 करोड़ की लागत।
राजस्थान आवासन मंडल द्वारा जनसहभागिता के माध्यम से 16 हजार आवासों का निर्माण ।
अजमेर पुष्कर के बीच वैकल्पिक tunnel का निर्माण-`55 करोड़ की लागत।
‘‘सबको आवास’’ का सपना पूरा करने के लिये मुख्यमंत्रा जन आवास योजना के तहत कमजोर आय वर्ग तथा अल्प आय वर्ग श्रेणी के व्यक्तियों के पक्ष में आवंटित आवासीय यूनिटों के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी क्रमशः 2 प्रतिशत तथा 3.5 प्रतिशत को घटाकर 1 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की जायेगी। इस योजना के तहत निष्पादित विक्रय इकरानामों के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क 0.25 प्रतिशत एवं अधिकतम 10 हजार रूपये से घटाकर एक हजार रूपये किया जायेगा।
गरीब परिवारों की सहायता के उद्देश्य से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के पक्ष में स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा निःशुल्क या टोकन मनी के बदले जारी पट्टों पर स्टाम्प ड्यूटी में रियायत दी जायेगी।
नगरीय निकाय/प्राधिकरणों/नगर सुधार न्यासों एवं आवासन मण्डल के लीज होल्डर्स द्वारा पूर्व की समस्त बकाया वार्षिक लीज राशि दिनांक 31.12.2018 तक एक मुश्त जमा कराये जाने पर बकाया लीज राशि के ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जायेगी।
विकास प्राधिकरणों/नगर विकास न्यासों/राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा दिनांक 01.01.2001 से आवंटित ई.डब्लू.एस./एस.आई.जी. आवासों की बकाया किश्तों की राशि आवंटियों द्वारा दिनांक 31 दिसम्बर, 2018 तक एक मुश्त जमा करने पर ब्याज तथा शास्ति में शत्-प्रतिशत की छूट दी जायेगी।
नगरीय निकायों की तरफ बकाया नगरीय विकास कर की राशि एकमुश्त जमा कराये जाने पर बकाया नगरीय विकास कर की शास्ति व ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जायेगी। यह छूट दिनांक 01.04.2018 से 31 दिसम्बर, 2018 तक प्रभावी रहेगी।
राजस्व एवं सैनिक कल्याण :
2 हजार पटवारियों की भर्ती करने की घोषणा ।
अर्थूना-बांसवाड़ा, कानोड़-उदयपुर तथा रायपुर-झालावाड़ में नये तहसील कार्यालय खोलने, उपतहसील डग-झालावाड़ तथा पावटा-जयपुर को तहसील में क्रमोन्नत करने तथा कुड़ी भक्तासनी-जोधपुर एवं खेजरोली-जयपुर में नयी उपतहसील खोलने की घोषणा
शहीद सैनिकों के आश्रितों को नकद राशि `20 लाख से बढ़ाकर, मैं `25 लाख करने की घोषणा
राज्य में शहीद स्मारक नहीं बने हुए हैं उन सभी जिला मुख्यालयों पर शहीद स्मारक बनाने की घोषणा -`20 लाख की लागत
गृहः
पुलिसकर्मियों का मासिक मैस भत्ता बढ़ाते हुए कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल का `1 हजार 600 से बढ़ाकर `2 हजार प्रतिमाह तथा सहायक उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक, निरीक्षक का `1 हजार 750 से बढ़ाकर `2 हजार करने की घोषणा
पुलिस फोर्स को 210 नये वाहनों की खरीद के लिए `7 करोड़ 10 लाख
नयी मेवाड़ भील कोर बटालियन के लिए 1 हजार 161 कांस्टेबल्स की भर्ती एवं स्थापना पर `110 करोड़ 73 लाख का व्यय
जयपुर में ‘The Sardar Patel Global Centre for Security, Counter Terrorism and Anti-insurgency’ की स्थापना-`91 करोड़ 66 लाख का व्यय
विधि एवं न्याय :
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर में `10 करोड़ 81 लाख की लागत से Alternate Dispute Resolution (ADR) सेंटर का नवीन भवन बनाया जायेगा।
वर्ष 2018-19 में 35 नवीन न्यायालय खोले जायेंगे।
पर्यटन, कला एवं संस्कृति :
कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर, झालावाड़, बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, चूरू, बीकानेर, बारां, उदयपुर एवं भरतपुर में 19 स्मारकों के संरक्षण एवं पुनरूद्धार कार्य -`33 करोड़ 25 लाख का व्यय
आमेर, जयपुर को Iconic Tourism Destination बनाने हेतु `20 करोड़ का व्यय
माही बांध परिक्षेत्रा में `10 करोड़ की लागत से 100 islands क्षेत्रा का विकास
राज्य में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों पर `3 करोड़ की लागत से पर्यटकों की सुविधार्थ अंतरराष्ट्रीय मानकों के शौचालय बनाये जायेंगे।
पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास करने के लिए `2 करोड़ का प्रावधान
विजवा माता मंदिर, डूंगरपुर, लोहार्गल तीर्थ, झुंझुनू और मुरली मनोहर मंदिर तथा रघुनाथ मंदिर रतनगढ़, चूरू के विकास हेतु `10 करोड़ का प्रावधान
नये 6 पैनोरमा-अलवर में राजा भर्तृहरि, भीलवाड़ा के मालासेरी में भगवान देवनारायण, राजसमंद में महाराणा कुंभा माल्यावास मदारिया, सीकर में भक्त शिरोमणी करमेती बाई खण्डेला, अजमेर में श्री सैन महाराज, पुष्कर एवं चित्तौड़गढ़ में भगवान श्री परशुराम, मातृकुण्डिया की घोषणा-`10 करोड़ का प्रावधान
जनजाति स्वतंत्राता संग्राम संग्रहालय, मानगढ़धाम के लिए इस वर्ष `7 करोड़ की स्वीकृति
मंदिर माफी से जुड़े हुए विभिन्न विषयों एवं समस्याओं के समाधान हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किये जाने की घोषणा
वन एवं पर्यावरण :
जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण हेतु Project for Development of Water Catchment through Greening of Rajasthan की घोषणा-`151 करोड़ की लागत
कोटड़ा, सलूंबर एवं गोगुन्दा में वन उपज मंडी यार्ड खोलने की घोषणा
Forester के 500 एवं Forest Guard के 2 हजार रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती किये जाने की घोषणा
औद्योगिक क्षेत्रों में effluent की समस्या पर प्रभावी नियंत्राण के लिए ‘Pollution Control and Management System’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा।
विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में CETPs के upgradation एवं भविष्य में स्थापित होने वाले CETPs के लिए `100 करोड़ का एक corpus fund बनाया जायेगा।
26 जिलों में `60 करोड़ की लागत से Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations की स्थापना की घोषणा
पत्राकार कल्याणः
फोटो जर्नलिस्ट एंव न्यूज कैमरामैन के निजी उपकरणों के लिए बीमा योजना लागू की जायेगी।
ऐसे पत्राकार जिनके पास पूर्व में अपने अथवा परिवार के नाम पर सरकारी योजना में भूखंड अथवा आवास आवंटित नहीं हैं उन्हें मकान बनाने के लिए अधिकतम `25 लाख तक के ऋण पर ब्याज अनुदान
असाध्य रोग से ग्रसित होने पर पत्राकारों एवं साहित्यकारों के आश्रितों को भी पत्राकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से `1 लाख तक की आर्थिक सहायता

सूचना प्रौद्योगिकी :
ग्रामीण क्षेत्रों में 1 हजार और Bhamashah ATM स्थापित की जायेगी।
शहरी क्षेत्रों के लिए 2 हजार 500 ई-मित्रा प्लस स्थापित किये जायेंगे।
building plan proposal को 3D Building Infrastructure Model (BIM) based किया जाकर 4 Smart Cities -जयपुर, उदयपुर, अजमेर तथा कोटा में लागू किया जायेगा।
आम जनता को घर बैठे ही ऑनलाईन पंजीयन हेतु दस्तावेज प्रस्तुतीकरण की व्यवस्था को 518 उप-पंजीयक कार्यालयों में चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा।
100 तहसीलों में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के ई-पंजीयन सॉफ्टवेयर का राजस्व विभाग के ई-धरती सोफ्टवेयर से इन्टीग्रेशन कर पंजीकृत दस्तावेज के ऑनलाईन भिजवाने की व्यवस्था की जायेगी ताकि राजस्व प्राधिकारी द्वारा शीध्र नामान्तरण की कार्यवाही की जा सकेगी।
लीज आदि के दस्तावेजों में नाम हस्तान्तरण की कार्यवाही शीध्र करने के लिये पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के ई-पंजीयन सोफ्टवेयर को स्वायत्त शासन विभाग एवं नगरीय विकास विभाग के स्मार्ट-राज सोफ्टवेयर से जोड़ा जायेगा।
आम जनता को पंजीकृत दस्तावेजों की प्रति ऑनलाईन प्राप्त करने में सहायता के क्रम में सितम्बर, 2012 से अगस्त, 2015 तक के दस्तावेजों की स्केनिंग एवं इन्डेक्सिंग का कार्य किया जायेगा। हम वर्ष 2017-18 में सितम्बर, 2015 से अगस्त, 2017 तक के दस्तावेजों की स्केनिंग एवं इन्डेक्सिंग का कार्य पूर्ण करने की प्रक्रिया में है।
कलक्टर (मुदं्राक) द्वारा पारित निर्णयों की प्रतियां ऑनलाईन उपलब्ध करायी जायेगी।
राज्य में शेष बचे 34 उप पंजीयक कार्यालयों को भी ई-स्टाम्प से जोड़ा जायेगा।
सरलीकरण एवं सुविधाऐं :
कम्पनी अधिनियम 1956 के वर्तमान प्रावधानों के स्थान पर कम्पनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार अमलगमेशन /डीमर्जर के आदेशों के संबंध में कन्वेंस की परिभाषा में तद्नुसार संशोधन किया जायेगा।
रियायती करार तथा भागीदारी से संबंधित दस्तावेजों की परिभाषाओं को सरलीकृत कर स्टाम्प ड्यूटी की दरों को तर्कसंगत किया जायेगा।
जिन जिलों में उपमहानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक के कार्यालय स्थापित है उन जिलों में पंजीयन से संबंधित मामलों को सुनने की जिला पंजीयक की शक्तियां उपमहानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक को दी जायेगी ताकि लम्बित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
अपंजीकृत दस्तावेजों पर मुद्रांक शुल्क संग्रहण हेतु विभागों, स्थानीय निकायों, राजकीय उपक्रमों एवं बैकिंग एवं नान-बैंकिग संस्थानों को अधिकार दिये जायेगे।
वैट सम्बन्धी मुद्दे :
व्यवाहारियों की कठिनाईयों को देखते हुये वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के रिटर्न फॉर्म वैट-10, वैट-11 एवं वैट-10ए को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31.03.2018 तक बढ़ाई गई है।
वैट व्यवस्था के शेष रहे आगत कर मिसमैच के प्रकरणों के त्वरित निष्पादन हेतु सरलीकृत सत्यापन मापदण्डों के अनुसार कैम्प आयोजित किये जायेंगे।
वर्ष 2015 से 2017 तक वैट, प्रवेश कर, मनोरंजन कर, विलासिता कर एवं मोटरयानों पर प्रवेश कर से सम्बन्धित मांग राशियों के निष्पादन हेतु विभिन्न एमनेस्टी योजनाओं में लगभग दो लाख प्रकरणों का निष्पादन किया गया है।
जीएसटी लागू होने पर निरसित अधिनियमों से संबंधित बकाया मांग के प्रकरणों के निस्तारण के लिये संबंधित अधिनियमों में अपेक्षित संशोधन होने पर एमनेस्टी योजना लायी जायेगी।
जी.एस.टी. के अन्तर्गत कर दरों में कमी
राज्य सरकार द्वारा जी.एस.टी. काउन्सिल में किये गये प्रयासों के परिणाम स्वरूप राज्य के कुछ महत्वपूर्ण व्यापार क्षेत्रा जैसे कि मार्बल तथा ग्रेनाईट, जैम्स तथा ज्वैलरी, हैण्डीक्राफ्ट, टैक्सटाईल, होटल/ पर्यटन, कृषि इत्यादि से संबंधित वस्तुओं पर कर दरों में कमी की गयी है। उदाहरण स्वरूप मार्बल एवं ग्रेनाईट के स्लेब तथा टाइल्स पर कर दर में 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत, Precious Stones (worked) पर कर दर में 3 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत, उपचारित मूंगा (worked coral) पर कर दर में 28 प्रतिशत से 5 प्रतिशत, सिन्थेटिक यार्न पर कर दर में 18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत, स्प्रिंक्लर एवं बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति तथा इससे सम्बन्धित नोजल पर कर दर में 18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत, टै्रक्टर पार्ट्स पर कर दर में 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत, रासायनिक खाद पर कर दर में 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत, 5000 रुपये से 7500 रूपये तक के किराये वाले होटल कमरों की कर दर में 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत, हेण्डीक्राफ्ट तथा टैक्सटाईल से संबंधित जॉब वर्क पर कर दर में 18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत तक कमी की गयी है।
राज्य सरकार के प्रयासों पर जी.एस.टी. काउन्सिल द्वारा कुछ वस्तुएं जैसे कि ‘‘कोन में मेंहदी पेस्ट’’ की कर दर को स्पष्ट करते हुये 5 प्रतिशत जी.एस.टी. कर दर अधिसूचित की गयी है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्रा जन आवास योजना जैसी अफॉर्डेबल आवासीय योजनाओं के मामलों में भूमि के मूल्य के संबंध में अस्पष्टता थी। जी.एस.टी. काउन्सिल द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार की सभी योजनाओं के लिये, उपयोग में आने वाली भूमि के मूल्य हेतु 1/3 छूट प्रदान करते हुए, प्रभावी कर दर को 8 प्रतिशत माना गया है।
राज्य सरकार द्वारा कोटा स्टोन टाईल्स तथा मार्बल से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियों पर ळैज् कर दर में कमी हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।
जी.एस.टी. कानून तथा नियमों में संशोधन
कम्पोजिशन का विकल्प लेने वाले करदाताओं के लिए टर्नओवर सीमा को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है तथा जी.एस.टी. काउन्सिल द्वारा, विधि में संशोधन पश्चात् यह टर्नओवर सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने का निर्णय किया गया है। इससे राज्य के सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रा को अत्यधिक लाभ होगा।
रूपये 1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले करदाताओं के लिये रिटर्न को त्रौमासिक आधार पर प्रस्तुत करने की सुविधा प्रदान की गई है जिससे छोटे व्यवहारियों को रिटर्न फाईलिंग में आसानी होगी।
रिटर्न प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ाई गयी है तथा प्रारम्भिक दौर में जी.एस.टी. की नयी प्रणाली को देखते हुये विलम्ब से रिटर्न प्रस्तुत करने पर आरोपणिय विलम्ब शुल्क तथा शास्ति में छूट प्रदान की गयी है।
व्यवहारियों को जीएसटीएन पर रिटर्न फाईलिंग, पंजीयन, परामर्श इत्यादि सुविधाऐं नाममात्रा दरों पर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार ने तहसील स्तर तक 500 से अधिक जीएसटी-मित्रा केन्द्र स्थापित करके एक अभिनव प्रयास किया है। इन केन्द्रों के माध्यम से जीएसटी संबंधी उपरोक्त सेवाऐं 1 अप्रेल, 2018 से प्रदान की जायेगी।
कर प्रस्तावों में लगभग 650 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी गई है तथा कोई भी नया कर नहीं लगया गया है।

शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

गाँव, गरीब, किसान के कल्याण का बजट : अमित शाह



गुरुवार, 01 फरवरी 2018

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा आम बजट, 2018-19 का स्वागत करते हुए दिये गये प्रेस वक्तव्य के मुख्य बिंदु

मैं भारतीय जनता पार्टी और भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी को लोकाभिमुख एवं देश के सर्वांगीण विकास के बजट के लिए हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूँ
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मोदी सरकार के हर बजट की भांति आम बजट 2018-19 भी भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाने वाला बजट है। विकास की कल्पना और विकास, दोनों को देश के गाँव, गरीब, किसान, दलित, आदिवासी और मजदूरों तक पहुंचाने के लिये इस बजट में कई सारी चीजों को समावेशित किया है
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सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है जो किसानों की आय को 2022 तक दुगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सबसे महत्त्वपूर्ण कदम है
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आलू, प्याज और टमाटर का उत्पादन करने वाले किसानों की भलाई के लिये 500 करोड़ रुपये की लागत से ‘ऑपरेशन ग्रीन' योजना की शुरुआत की गई है जो एक महत्वपूर्ण इनिशिएटिव है
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कृषि में संस्थागत कर्ज की राशि को बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये करने का काम केंद्र की मोदी सरकार ने किया है, मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से इसका हृदय से स्वागत करता हूँ
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प्रधानमंत्री जी ने इस बजट के माध्यम से देश के सामने ‘आयुष्मान भारत’ का नया विचार रखा है। मोदी सरकार ने देश के लगभग 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की है जिससे देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य का फायदा पहुंचेगा
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यह योजना गरीबों के लिए वरदान साबित होने वाली है, अभी से देश की जनता ने इस योजना को ‘नमो केयर' की संज्ञा दे दी है, हमारा मानना है कि यह हमारी सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है
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24 नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रावधान इस बजट में किये गए हैं, साथ ही सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2022 तक हर तीन संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा
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मोदी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है और यह इस बजट से परिलक्षित भी होता है। 2022 तक हर आदिवासी क्षेत्र में एक एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खोले जाने का प्रावधान किया गया है
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गाँवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14.34 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। डिजिटल इंडिया के लिए भी कई योजनओं पर काम किया जा रहा है और 5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है
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मोदी सरकार ने 6 करोड़ शौचालयों का निर्माण करके महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है और अब सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में दो करोड़ और शौचालयों का निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है
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मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लक्ष्य को 5 करोड़ से बढ़ा कर 8 करोड़ कर दिया है जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है
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विकास से पीछे रह गए देश के 115 जिलों को मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित कर इन जिलों को विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़े जिलों के समकक्ष लाने का कार्य किया जाएगा
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प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत 2022 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से इस वर्ष 1.75 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा
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रेलवे के लिए इस बजट में पिछली वर्ष की तुलना में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए 1.48 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। 3600 किलोमीटर पटरियों के नवीकरण और 4000 किलोमीटर के क्षेत्र के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है
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इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए लगभग छः लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, साथ ही हजारों किलोमीटर नए राजमार्गों का भी निर्माण किया जाएगा
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ग्राउंड वाटर इरिगेशन के लिए लगभग 2600 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किये गए हैं जो जल-स्तर को ऊपर बनाए रखने में सहायक साबित होगा
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स्माल एवं मीडियम स्केल इंडस्ट्री के डेवलपमेंट के लिए टैक्स में कई सारी रियायतें दी गई हैं जिससे रोजगार सृजन में काफी मदद मिलेगी, साथ ही लघु एवं मध्यम उद्योगों का संरक्षण भी हो सकेगा। टैक्सटाइल सेक्टर वेलफेयर के लिए 7,150 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है जो इस सेक्टर की परेशानियों को दूर करने में सफल हो सकेगा
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आम बजट 2018-19 भारत के विकास को सर्वस्पर्शी एवं सर्व-समावेशी बनाने की दिशा की ओर बढ़ाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देश की जनता के सामने रखे गए ‘न्यू इंडिया' के कंसेप्ट को धरा पर उतारने में बड़ी भूमिका निभाएगा
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मोदी सरकार ने आज जो लोकाभिमुख बजट प्रस्तुत किया है, यह आने वाले दिनों में भारत के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, इसका हम सबको विश्वास है
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत गाँव, गरीब, किसान के कल्याण हेतु केन्द्रित और प्रत्येक भारतीय के सर्वांगीण विकास के सपने को समर्पित आम बजट, 2018-19 की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली को देश की जनता और भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से हार्दिक बधाई दी।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार के हर बजट की भांति आम बजट 2018-19 भी भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि विकास की कल्पना और विकास, दोनों को देश के गाँव, गरीब, किसान, दलित, आदिवासी और मजदूरों तक पहुंचाने के लिये इस बजट में कई सारी चीजों को समावेशित किया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बजट में किसानों की भलाई का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा-नीत मोदी सरकार किसानों के विकास एवं उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है जो किसानों की आय को 2022 तक दुगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सबसे महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने फसलों के समर्थन मूल्य को लागत मूल्य का डेढ़ गुना करने का साहस दिखाया है। उन्होंने कहा कि आलू, प्याज और टमाटर का उत्पादन करने वाले किसानों की भलाई के लिये 500 करोड़ रुपये की लागत से ‘ऑपरेशन ग्रीन' योजना की शुरुआत की गई है जो एक महत्वपूर्ण इनिशिएटिव है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सरकार ने ग्रामीण हाटों के विकास के लिए लगभग 2000 करोड़, फ़ूड प्रोसेसिंग के लिए 1400 करोड़ और राष्ट्रीय बांस मिशन के लिए 1290 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि में संस्थागत कर्ज की राशि को बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये करने का काम केंद्र की मोदी सरकार ने किया है, मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से इसका हृदय से स्वागत करता हूँ। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन के साथ-साथ कृषि प्रोसेसिंग से जुड़ी हुई कंपनियों के लिए टैक्स राहत की घोषणा से भी इस क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत सरकार द्वारा 1290 करोड़ रुपये आवंटित किये जाने से न केवल छोटे किसानों के लिए कृषि के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, बल्कि बांस-उत्पादों के आयात में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के लिए अलग से दो योजनाओं की शुरुआत हुई है और इसके साथ-साथ पशुपालन एवं मत्स्य पालन के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था की गई है।

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने इस बजट के माध्यम से देश के सामने ‘आयुष्मान भारत’ का नया विचार रखा है। उन्होंने कहा कि देश के हर व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसको साकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने देश के लगभग 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की है जिससे देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य का फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए वरदान साबित होने वाली है, अभी से देश की जनता ने इस योजना को ‘नमो केयर' की संज्ञा दे दी है, हमारा मानना है कि यह हमारी सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 24 नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रावधान इस बजट में किये गए हैं, साथ ही सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2022 तक हर तीन संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है और यह इस बजट से परिलक्षित भी होता है। उन्होंने कहा कि 2022 तक हर आदिवासी क्षेत्र में एक एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खोले जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बड़ोदा में रेलवे यूनिवर्सिटी खुलने से रेलवे सेफ्टी के साथ-साथ रेलवे सेक्टर में रोजगार का भी सृजन हो सकेगा। साथ ही, स्कूलों को भी मॉडर्नाइजेशन को प्राथमिकता इस बजट में दी गई है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए इस बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि गाँवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14.34 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के लिए भी कई योजनओं पर काम किया जा रहा है और 5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 6 करोड़ शौचालयों का निर्माण करके महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है और अब सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में दो करोड़ और शौचालयों का निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में यह एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विकास से पीछे रह गए देश के 115 जिलों को मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित कर इन जिलों को विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़े जिलों के समकक्ष लाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत 2022 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से इस वर्ष 1.75 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गाँवों को ग्रामीण बाजारों और अच्छी सड़कों से जोड़ने का भी लक्ष्य रखा गया है।

श्री शाह ने कहा कि रेलवे के लिए इस बजट में पिछली वर्ष की तुलना में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए 1.48 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उन्होंने कहा कि 3600 किलोमीटर पटरियों के नवीकरण और 4000 किलोमीटर के क्षेत्र के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए लगभग छः लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, साथ ही हजारों किलोमीटर नए राजमार्गों का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में हवाई अड्डों की वर्तमान संख्या 124 को लगभग पांच गुना बढाया जाएगा और ‘उड़ान' योजना के माध्यम से इसे देश के आम नागरिकों के साथ जोड़ने पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राउंड वाटर इरिगेशन के लिए लगभग 2600 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किये गए हैं जो जल-स्तर को ऊपर बनाए रखने में सहायक साबित होगा।

श्री शाह ने कहा कि स्माल एवं मीडियम स्केल इंडस्ट्री के डेवलपमेंट के लिए टैक्स में कई सारी रियायतें दी गई हैं जिससे रोजगार सृजन में काफी मदद मिलेगी, साथ ही लघु एवं मध्यम उद्योगों का संरक्षण भी हो सकेगा। उन्होंने कहा कि टैक्सटाइल सेक्टर वेलफेयर के लिए 7,150 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है जो इस सेक्टर की परेशानियों को दूर करने में सफल हो सकेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मुद्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2018-2019 में तीन लाख करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए मैं सरकार को धन्यवाद देता हूँ, इससे रोजगार निर्माण में काफी सहायता मिल सकेगी और महिलाओं, ओबीसी, एससी एवं एसटी समुदाय के लोगों को इसका विशेष फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि एससी वेलफेयर के लिए 56,619 करोड़ और एसटी वेलफेयर के लिए 39,135 करोड़ अलग से बजट में निर्धारित किये गए हैं, इससे समाज के शोषित एवं वंचित लोगों के कल्याण के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले बजट से ही राजकोषीय घाटे को लगातार कम करने में महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है और अब 2018-19 में फिस्कल डेफिसिट को 3.3% तक सीमित रखने से अर्थव्यवस्था में और मजबूती आयेगी। उन्होंने कहा कि वेतनभोगी वर्ग के कल्याण के साथ-साथ नए रोजगारों के सृजन के लिए मोदी सरकार ने ईपीएफ में मजदूरी का 12% योगदान करने का निर्णय लिया है जो काफी सराहनीय है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आम बजट 2018-19 भारत के विकास को सर्वस्पर्शी एवं सर्व-समावेशी बनाने की दिशा की ओर बढ़ाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देश की जनता के सामने रखे गए ‘न्यू इंडिया' के कंसेप्ट को धरा पर उतारने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने अंत में कहा कि मैं एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी और भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने आज जो लोकाभिमुख बजट प्रस्तुत किया है, यह आने वाले दिनों में भारत के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, इसका हम सबको विश्वास है।

(महेंद्र पांडेय)
कार्यालय सचिव

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

बजट : 2018-19




एक्साइज ड्यूटी घटने के साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी हो गई है तो मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क बढ़ा दिया है. जिससे मोबाइल-टीवी महंगे हो जाएंगे.

- 1 फ़रवरी, 2018

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2018-19 का आम बजट पेश किया. बजट की प्रमुख बातें : - बजट में भारतीय रेल के लिए 2018-19 में 1,48,528 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सभी रेलगाड़ियों को वाई-फाई, सीसीटीवी और अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा सुगम बनाने के लिए पांच लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जाएंगे. सरकार क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी, जिसका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है. निजी उपक्रमों को भी यूनीक आईडी से जोड़ा जाएगा. सरकार की स्वच्छ भारत मिशन के तहत और दो करोड़ शौचालयों के निर्माण की योजना है. वित्त वर्ष 2018-19 में टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए 7,148 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे. इसके साथ ही दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है. एक्साइज ड्यूटी घटने के साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी हो गई है तो मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क बढ़ा दिया है. जिससे मोबाइल-टीवी महंगे हो जाएंगे.
20 बड़ी बातें
* वेतनभोगी कर दाताओं को राहत देने के उद्देश्य से परिवहन भत्ता और विविध चिकित्सा व्ययों के संदर्भ में वर्तमान कटौतियों के बदले 40,000 रुपए की मानक कटौती की अनुमति दी गई है. हालांकि दिव्यांगजनों को बढ़े दर पर मिलने वाला परिवहन भत्ता जारी रहेगा.
* स्वास्थ्य क्षेत्र में दो महत्तवपूर्ण पहलों की घोषणा. 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रो के लिए 1200 करोड़ रुपये का आबंटन. 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए * राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना.
उन कंपनियों के लिए 25 प्रतिशत के घटे हुए दर का प्रस्ताव किया है, जिनका वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान टर्नओवर 250 करोड़ रुपए तक है.  यह सूक्ष्म लघु और मझौले उद्यमों के पूरे संवर्ग को फायदा पहुंचाएगा.  टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाली 99 प्रतिशत कंपनियां इसी संवर्ग में आती हैं.
* रक्षा क्षेत्र को बजटीय सहयोग सरकार की प्राथमिकता. दो रक्षा औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाएंगे. सरकार औद्योगिक अनुकूल रक्षा उत्पादन नीति 2018 लाएगी.
* घरेलू मूल्य वर्द्धन एवं ‘मेक इन इंडिया’ को और ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन पर सीमा शुल्क को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने, इसके कुछ कलपुर्जों एवं सहायक सामान पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने तथा टीवी के कुछ विशेष कलपुर्जों पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है.
* काजू प्रसंस्करण उद्योग की मदद करने के उद्देश्य से कच्चे काजू पर सीमा शुल्क को 5 प्रतिशत से घटा कर 2.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है.
* चमड़ा उद्योग को आयकर अधिनियम की धारा 80-जेजेएए के अंतर्गत लाभ देने का प्रस्ताव किया है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि वर्तमान में आयकर अधिनियम की धारा 80-जेजेएए के तहत वर्ष के दौरान न्यूनतम 240 दिनों तक रोजगार पाने वाले योग्य नए कर्मचारियों को मिलने वाले 100 प्रतिशत पारिश्रमिक में से सामान्य कटौती के अतिरिक्त 30 प्रतिशत वृद्धि की कटौती की अनुमति है.
* हालांकि वस्त्र उद्योग में न्यूनतम रोजगार की अवधि में 150 दिनों तक की छूट है। वित्त मंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि फुटवियर और चमड़ा उद्योग को भी न्यूनतम 150 दिनों की छूट मिलने से इस क्षेत्र में नए रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा.
* कृषि में फसल काटने के पश्‍चात मूल्‍य संवर्धन में व्‍यवसायिकता को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने वित्‍त वर्ष 2018-19 में पांच वर्ष की अवधि के लिए सौ करोड़ रुपए तक के वार्षिक उत्‍पादन वाली कृषक उत्‍पादक कंपनियों के रूप में पंजीकृत कंपनियों के अपने कार्यकलापों से होने वाले लाभ के संबंध में सौ प्रतिशत तक कटौती का प्रस्‍ताव दिया गया.
* केंद्रीय बजट 2018-19 में सूक्ष्‍म लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 3794 करोड़ रूपये के प्रावधान की घोषणा करते हुए केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि ऐसा इस क्षेत्र को ऋण समर्थन, पूंजी एवं ब्‍याज सब्‍सिडी और नवाचार के लिए किया गया है।
* सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था में वृद्धि के प्रमुख संवाहक की भू‍मिका की पहचान करते हुए, आम बजट 2018-19 में बुनियादी ढांचे के आबंटन में महत्‍वपूर्ण वृद्धि की है। इस क्षेत्र के लिए बजटीय और अतिरिक्‍त बजटीय व्‍ययों को 2017-18 के 4.94 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2018-19 में 5.97 करोड़ रुपए कर दिया है। 2018-19 में परिवहन क्षेत्र के लिए 1,34,572 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे अधिक आबंटन किया गया जबकि आपदा से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देते हुए 60 करोड़ रुपए का आबंटन किया गया.
* सरकार ने निधियां जुटाने एवं बैंकिंग क्षेत्र में सुधार लाने के उपाय शुरू किए हैं.  2018-19 का आम बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में कहा कि सरकार ने 24 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में नीतिगत विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें एअर इण्डिया का नीतिगत निजीकरण शामिल है.
 2017-18 में लक्ष्य से कहीं अधिक 1 लाख करोड़ रुपये तक होने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने 2018-19 के लिए विनिवेश का लक्ष्य भी 80,000 करोड़ रुपये रखा है.
 * 2018-19 के दौरान कुल व्यय 24.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है.  3.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटा 6 लाख 24 हजार 276 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जिसका वित्त पोषण ऋण लेकर किया जाएगा.
* विदेश व्यापार में आसानी लाने के लक्ष्य के अंतर्गत तथा व्यापार सुविधा समझौते के कुछ प्रावधानों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से आम बजट 2018-19 पेश करते हुए सीमा शुल्क अधिनियम 1962 में कुछ संशोधनों की घोषणा की गई.
* वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किए जाने के साथ ही आम बजट 2018-19 पेश करते हुए घोषणा की कि केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) का नाम बदल कर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) रखा जाएगा.  कानून में आवश्यक बदलाव वित्त विधेयक में प्रस्तावित किए गए हैं.
* 2017-18 की अवधि के दौरान विनिवेश के जरिए रिकार्ड एक लाख करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है. बैंकों के नई पूंजी उपलब्ध कराने के कार्यक्रम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त उधार दे सकेंगे.  निधियां जुटाने के सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 14,500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शुरू की गई एक्सचेंज ट्रेडिड फण्ड भारत-22 सभी भागों में ओवर सब्सक्राइब थीं. वित्त मंत्री ने 2018-19 के लिए विनिवेश का लक्ष्य भी 80,000 करोड़ रुपये रखा है.
* केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2018-2019 पेश करते हुए कहा कि अनुसूचित जातियों के लिए 279 कार्यक्रमों के लिए वर्ष 2016-17 के 34,334 करोड़ रूपये की तुलना में वर्ष 2017-18 में आवंटन को बढाकर 52,719 करोड़ रूपये किया गया.
* खुले में शौच से गांवों को मुक्त करने तथा ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बजट भाषण में गोबर-धन (गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना के शुभारंभ की घोषणा की. मंत्री महोदय ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा.
 * साल 2018-19 में ‘ वर्तमान में अचल संपत्‍ति के लेने-देन के संबंध में पूंजीगत लाभ, कारोबारी मुनाफा एवं अन्‍य स्रोतों से होने वाली आय पर कर लगाते समय कुल राशि अथवा सर्किल रेट मूल्‍य, जो भी अधिक हो, पर विचार किया जाता है. अंतर को क्रेता एवं विक्रेता की आय मानी जाती है. कभी-कभी भूखंड की स्‍थिति एवं उसके आकार जैसे तमाम कारकों के कारण समान क्षेत्र की विभिन्‍न संपत्‍तियों के संदर्भ में यह अंतर दिख सकता है. इस प्रकार रियल एस्‍टेट लेन-देन को आसान बनाने के क्रम में वित्‍त मंत्री ने प्रस्‍ताव दिया है कि उन मामलों में कोई समायोजन नहीं किया जाएगा जहां सर्किल रेट का मूल्‍य कुल राशि के 5 फीसदी से अधिक न हो. 

सोमवार, 29 जनवरी 2018

मोदी : एक बेटी दस बेटों के बराबर होती है

मन की बात ,जनवरी 2018






मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार |
 2018 की यह पहली ‘मन की बात’ है और दो दिन पूर्व ही हमने गणतन्त्र पर्व को बहुत ही उत्साह के साथ और इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि 10 देशों के मुखिया इस समारोह में उपस्थित रहे |

मेरे प्यारे देशवासियो, मैं आज श्रीमान प्रकाश त्रिपाठी ने NarendraModiApp पर एक लम्बी चिट्ठी लिखी है और मुझसे बहुत आग्रह किया है कि मैं उनके पत्र में लिखे गए विषयों को स्पर्श करूँ | उन्होंने लिखा है, 1 फरवरी को अन्तरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला की पुण्य तिथि है | कोलंबिया अन्तरिक्षयान दुर्घटना में वो हमें छोड़ कर चली गयीं लेकिन दुनिया भर में लाखों युवाओं को प्रेरणा दे गयी | मैं भाई प्रकाश जी का आभारी हूँ कि उन्होंने अपनी लम्बी चिट्ठी में कल्पना चावला की विदाई से प्रारम्भ किया है | यह सबके लिए दुःख की बात है कि हमने कल्पना चावला जी को इतनी कम उम्र में खो दिया लेकिन उन्होंने अपने जीवन से पूरे विश्व में, ख़ासकर भारत की हज़ारों लड़कियों को, यह संदेश दिया कि नारी-शक्ति के लिए कोई सीमा नहीं है | इच्छा और दृढ़ संकल्प हो, कुछ कर गुजरने का ज़ज्बा हो तो कुछ भी असंभव नहीं है | यह देखकर काफी खुशी होती है कि भारत में आज महिलाएँ  हर क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं और देश का गौरव बढ़ा रही हैं |

प्राचीन काल से हमारे देश में महिलाओं का सम्मान, उनका समाज में स्थान और उनका योगदान, यह पूरी दुनिया को अचंभित करता आया है | भारतीय विदुषियों की लम्बी परम्परा रही है | वेदों की ऋचाओं को गढ़ने में भारत की बहुत-सी विदुषियों का योगदान रहा है | लोपामुद्रा, गार्गी, मैत्रेयी न जाने कितने ही नाम हैं | आज हम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात करते हैं लेकिन सदियों पहले हमारे शास्त्रों में,स्कन्द-पुराण में,कहा गया है:-

दशपुत्र, समाकन्या, दशपुत्रान प्रवर्धयन् |
यत् फलं लभतेमर्त्य, तत् लभ्यं  कन्यकैकया ||

अर्थात, एक बेटी दस बेटों के बराबर है | दस बेटों से जितना पुण्य मिलेगा एक बेटी से उतना ही पुण्य मिलेगा | यह हमारे समाज में नारी के महत्व को दर्शाता है | और तभी तो, हमारे समाज में नारी को ‘शक्ति’ का दर्जा दिया गया है | यह नारी शक्ति पूरे देश को, सारे समाज को, परिवार को, एकता के सूत्र में बाँधती है | चाहे वैदिक काल की विदुषियां लोपामुद्रा, गार्गी, मैत्रेयी की विद्वता हो या अक्का महादेवी और मीराबाई का ज्ञान और भक्ति हो, चाहे अहिल्याबाई होलकर की शासन व्यवस्था हो या रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, नारी शक्ति हमेशा हमें प्रेरित करती आयी है | देश का मान-सम्मान बढ़ाती आई है |

श्रीमान प्रकाश त्रिपाठी ने आगे कई सारे उदाहरण दिए हैं | उन्होंने लिखा है हमारी साहसिक रक्षा-मंत्री निर्मला सीतारमण के लड़ाकू विमान ‘सुखोई 30’ में उड़ान भरना, उन्हें प्रेरणा दे देगा | उन्होंने वर्तिका जोशी के नेतृत्व में भारतीय नौसेना के महिला क्रू मेम्बर्स आई एन एस वी तरिणी (INSV Tarini) पर पूरे विश्व की परिक्रमा कर रही हैं ,उसका ज़िक्र  किया है | तीन बहादुर महिलाएँ भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी Fighter Pilots बनी हैं और Sukhoi-30  में प्रशिक्षण ले रही हैं | क्षमता वाजपेयी की अगुवाई वाली All Women Crue ने दिल्ली से अमेरिका के San Francisco और वापस दिल्ली तक Air India Boeing Jet में उड़ान भरी - और सब की सब महिलाएँ  | आपने बिलकुल सही कहा -  आज नारी, हर क्षेत्र में न सिर्फ आगे बढ़ रही है बल्कि नेतृत्व कर रही है |  आज कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ सबसे पहले, हमारी नारी-शक्ति कुछ करके दिखा रही है | एक milestone स्थापित कर रही है |  पिछले दिनों माननीय राष्ट्रपति जी ने एक नई पहल की |

  राष्ट्रपति जी ने उन असाधारण महिलाओं के एक group  से मुलाकात की जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में सबसे पहले कुछ करके दिखाया | देश की ये women achievers , First female Merchant Navy Captain , passenger train की पहली महिला Train Driver, पहली महिला Fire Fighter, पहली महिला Bus Driver, Antarctica पहुँचने वाली पहली महिला, ऐवरेस्ट पर पहुँचने वाली पहली महिला, इस तरह से हर क्षेत्र में ‘First Ladies’-  हमारी नारी-शक्तियों ने समाज की रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की, एक कीर्तिमान स्थापित किया | उन्होंने ये दिखाया कि कड़ी मेहनत, लगन और दृढसंकल्प के बल पर तमाम बाधाओं और रुकावटों को पार करते हुए एक नया मार्ग तैयार किया जा सकता है | एक ऐसा मार्ग जो सिर्फ अपने समकालीन लोगों को बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा | उन्हें एक नये जोश और उत्साह से भर देगा | इन women achievers, first ladies पर एक पुस्तक भी तैयार की गयी है ताकि पूरा देश इन नारी शक्तियों के बारे में जाने, उनके जीवन और उनके कार्यों से प्रेरणा ले सके | यह NarendraModi website  पर भी e-book के रूप में उपलब्ध है |

  आज देश और समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव में देश की नारी-शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है | आज जब हम महिला सशक्तीकरण पर चर्चा कर रहे हैं तो मैं एक रेलवे स्टेशन का ज़िक्र करना चाहूँगा | एक रेलवे स्टेशन और महिला सशक्तीकरण, आप सोच रहे होंगे कि इस बीच में क्या connection है | मुंबई का माटुंगा स्टेशन भारत का ऐसा पहला स्टेशन है जहाँ सारी महिला कर्मचारी हैं | सभी विभागों में women staff - चाहे Commercial Department हो, Railway Police हो, Ticket Checking हो, Announcing हो, Point Person हो, पूरा 40 से भी अधिक महिलाओं का staff है | इस बार बहुत से लोगों ने गणतंत्र दिवस की परेड देखने के बाद Twitter पर और दूसरे Social Media पर लिखा कि परेड की एक मुख्य बात थी, BSF Biker Contingent जिसमें सब की सब महिलाएँ भाग ले रहीं थी | साहसपूर्ण प्रयोग कर रही थीं और ये दृश्य, विदेश से आये हुए मेहमानों को भी आश्चर्यचकित कर रहा था | सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता का ही एक रूप है | आज हमारी नारी-शक्ति नेतृत्व कर रही है | आत्मनिर्भर बन रही है | वैसे ही एक बात मेरे ध्यान में आई है, छत्तीसगढ़ की हमारी आदिवासी महिलाओं ने भी कमाल कर दिया है | उन्होंने एक नई मिसाल पेश की है | आदिवासी महिलाओं का जब ज़िक्र आता है तो सभी के मन में एक निश्चित तस्वीर उभर कर आती है | जिसमें जंगल होता है, पगडंडियां होती हैं, उन पर लकड़ियों का बोझ सिर पर उठाये चल रही महिलाएँ | लेकिन छत्तीसगढ़ की हमारी आदिवासी नारी, हमारी इस नारी-शक्ति ने देश के सामने एक नई तस्वीर बनाई है | छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा इलाक़ा, जो माओवाद-प्रभावित क्षेत्र है | हिंसा, अत्याचार, बम, बन्दूक, पिस्तौल - माओवादियों ने इसी का एक भयानक वातावरण पैदा किया हुआ है | ऐसे ख़तरनाक इलाक़े में आदिवासी महिलाएँ, E-Rickshaw चला कर आत्मनिर्भर बन रही हैं | बहुत ही थोड़े कालखंड में कई सारी महिलाएँ इससे जुड़ गयी हैं | और इससे तीन लाभ हो रहे हैं, एक तरफ जहाँ स्वरोजगार ने उन्हें सशक्त बनाने का काम किया है वहीँ  इससे माओवाद-प्रभावित इलाक़े की तस्वीर भी बदल रही है | और इन सबके साथ इससे पर्यावरण-संरक्षण के काम को भी बल मिल रहा है | यहाँ के ज़िला प्रशासन की भी सराहना करता हूँ, Grant उपलब्ध कराने से ले कर Training देने तक, ज़िला प्रशासन ने इन महिलाओं की सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है |

     हम बार-बार सुनते आये हैं कि लोग कहते हैं – ‘कुछ बात है ऐसी कि हस्ती मिटती नहीं हमारी’ | वो बात क्या है, वो बात है, Flexibility – लचीलापन, Transformation | जो काल-बाह्य है उसे छोड़ना, जो आवश्यक है उसका सुधार स्वीकार करना | और हमारे समाज की विशेषता है – आत्मसुधार करने का निरंतर प्रयास, Self-Correction, ये भारतीय परम्परा, ये हमारी संस्कृति हमें विरासत में मिली है | किसी भी जीवन-समाज की पहचान होती है उसका Self Correcting Mechanism | सामाजिक कुप्रथाओं और कुरीतियों के ख़िलाफ सदियों से हमारे देश में व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर लगातार प्रयास होते रहे हैं | अभी कुछ दिन पहले बिहार ने एक रोचक पहल की | राज्य में सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए 13 हज़ार से अधिक किलोमीटर की विश्व की सबसे लम्बी मानव-श्रृंखला, Human Chain बनाई गयी | इस अभियान के द्वारा लोगों को बाल-विवाह और दहेज़-प्रथा जैसी बुराइयों के खिलाफ़ जागरूक किया गया | दहेज़ और बाल-विवाह जैसी कुरीतियों से पूरे राज्य ने लड़ने का संकल्प लिया | बच्चे, बुजुर्ग, जोश और उत्साह से भरे युवा, माताएँ, बहनें हर कोई अपने आप को इस जंग में शामिल किये हुए थे | पटना का ऐतिहासिक गाँधी मैदान से आरंभ हुई मानव-श्रृंखला राज्य की सीमाओं तक अटूट-रूप से जुड़ती चली गई | समाज के सभी लोगों को सही मायने में विकास का लाभ मिले इसके लिए ज़रुरी है कि हमारा समाज इन कुरीतियों से मुक्त हो | आइये हम सब मिलकर ऐसी कुरीतियों को समाज से ख़त्म करने की प्रतिज्ञा लें और एक New India, एक सशक्त एवं समर्थ भारत का निर्माण करें | मैं बिहार की जनता, राज्य के मुख्यमंत्री, वहाँ के प्रशासन और मानव –श्रृंखला में शामिल हर व्यक्ति की सराहना करता हूँ कि उन्होंने समाज कल्याण की दिशा में इतनी विशेष एवं व्यापक पहल की |

    मेरे प्यारे देशवासियो, मैसूर, कर्नाटक के श्रीमान् दर्शन ने MyGov पर लिखा है – उनके पिता के ईलाज़ पर महीने में दवाइयों का खर्च 6 हज़ार रूपये होता था | उन्हें पहले प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना के बारे में जानकारी नहीं थी | लेकिन अब जब उन्हें जन-औषधि केंद्र के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने वहाँ से दवाइयाँ ख़रीदी तो उनका दवाइयों का खर्च 75 प्रतिशत तक कम हो गया | उन्होंने इच्छा जताई है कि मैं इसके बारे में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बात करूँ ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचे और वे इसका लाभ ले सकें | पिछले कुछ समय से बहुत लोग मुझे इस विषय में लिखते रहते थे, बताते रहते हैं | मैंने भी कई लोगों के Video, Social Media पर भी देखे है जिन्होंने इस योजना का लाभ लिया है | और इस तरह की जानकारी जब मिलती है तो बहुत खुशी होती है | एक गहरा संतोष मिलता है | और मुझे यह भी बहुत अच्छा लगा कि श्रीमान् दर्शन जी के मन में ये विचार आया कि जो उन्हें मिला है, वो औरों को भी मिले | इस योजना के पीछे उद्देश्य है - Health Care को affordable बनाना और Ease of Living को प्रोत्साहित करना | जन-औषधि केन्द्रों पर मिलने वाली दवाएं बाज़ार में बिकने वाली Branded दवाइयों से लगभग 50% से 90% तक सस्ती हैं | इससे जन-सामान्य, विशेषकर प्रतिदिन दवाएं लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों की बहुत आर्थिक मदद होती है, बहुत बचत होती है | इसमें ख़रीदी जानेवाली generic दवाएं World Health Organisation के तय standard के हिसाब से होती हैं | यही कारण है कि अच्छी Quality की दवाएं सस्ते दाम पर मिल जाती हैं | आज देशभर में तीन हज़ार से ज्यादा जन-औषधि केंद्र स्थापित किये जा चुके हैं | इससे न सिर्फ दवाइयाँ सस्ती मिल रही हैं बल्कि Individual Entrepreneurs के लिए भी रोज़गार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं | सस्ती दवाइयाँ प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि केन्द्रों और अस्पतालों के ‘अमृत stores’ पर उपलब्ध हैं | इन सब के पीछे एक मात्र उद्देश्य है – देश के ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति को Quality and affordable health service उपलब्ध करवाना ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध भारत का निर्माण किया जा सके |

          मेरे प्यारे देशवासियो, महाराष्ट्र से श्रीमान् मंगेश ने Narendra Modi Mobile App पर एक Photo, Share की | वो Photo ऐसी थी कि मेरा ध्यान उस Photo की ओर खींचा चला गया | वो फोटो ऐसी थी जिसमें एक पोता अपने दादा के साथ ‘Clean Morna River’ सफाई अभियान में हिस्सा ले रहा था | मुझे पता चला कि अकोला के नागरिकों ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत मोरना नदी को साफ़ करने के लिए स्वच्छता अभियान का आयोजन किया था | मोरना नदी पहले बारह महीने बहती थी लेकिन अब वो seasonal हो गई है | दूसरी पीड़ा की बात है कि नदी पूरी तरह से जंगली घास, जलकुम्भी से भर गई थी | नदी और उसके किनारे पर काफ़ी कूड़ा फेका जा रहा था | एक action plan तैयार किया गया और मकर-संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को ‘Mission Clean Morna’  के प्रथम चरण के तहत चार किलोमीटर के क्षेत्र में चौदह स्थानों पर मोरना नदी के तट के दोनों किनारों की सफाई की गई | ‘Mission Clean Morna’ के इस नेक कार्य में अकोला के छह हज़ार से अधिक नागरिकों, सौ से अधिक NGOs , Colleges, Students, बच्चे, बुजुर्ग, माताएँ-बहनें हर किसी ने इसमें भाग लिया | 20 जनवरी 2018 को भी ये स्वच्छता-अभियान उसी तरह जारी रखा गया और मुझे बताया गया है कि जब तक मोरना नदी पूरी तरह से साफ़ नही हो जाती, ये अभियान हर शनिवार की सुबह को चलेगा | यह दिखाता है कि अगर व्यक्ति कुछ करने की ठान ले तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है | जन-आंदोलन के माध्यम से बड़े से बड़े बदलाव लाये जा सकते हैं | मैं अकोला की जनता को, वहाँ के ज़िला एवं नगर-निगम के प्रशासन को इस काम को जन-आंदोलन बनाने के लिए जुटे हुए सब नागरिकों को, आपके इन प्रयासों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ और आप का ये प्रयास देश के अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा |

    मेरे प्यारे देशवासियो, इन दिनों पद्म-पुरस्कारों के संबंध में काफी चर्चा आप भी सुनते होंगे | अख़बारों में भी इस विषय में, T.V. पर भी इस पर ध्यान आकर्षित होता है | लेकिन थोड़ा अगर बारीकी से देखेंगे तो आपको गर्व होगा | गर्व इस बात का कि कैसे-कैसे महान लोग हमारे बीच में हैं और स्वाभाविक रूप से इस बात का भी गर्व होगा कि कैसे आज हमारे देश में सामान्य व्यक्ति बिना किसी सिफ़ारिश के उन ऊँचाइयों तक पहुँच रहें हैं | हर वर्ष पद्म-पुरस्कार देने की परम्परा रही है लेकिन पिछले तीन वर्षों में इसकी पूरी प्रक्रिया बदल गई है | अब कोई भी नागरिक किसी को भी nominate कर सकता है | पूरी प्रक्रिया online हो जाने से transparency आ गई है | एक तरह से इन पुरस्कारों की चयन-प्रक्रिया का पूरा transformation हो गया है | आपका भी इस बात पर ध्यान गया होगा कि बहुत सामान्य लोगों को पद्म-पुरस्कार मिल रहे हैं | ऐसे लोगों को पद्म-पुरस्कार दिए गए हैं जो आमतौर पर बड़े-बड़े शहरों में, अख़बारों में, टी.वी. में, समारोह में नज़र नहीं आते हैं | अब पुरस्कार देने के लिए व्यक्ति की पहचान नहीं, उसके काम का महत्व बढ़ रहा है | आपने सुना होगा श्रीमान् अरविन्द गुप्ता जी को, आपको जान करके ख़ुशी होगी, IIT कानपुर के छात्र रहे अरविन्द जी ने बच्चों के लिए खिलौने बनाने में अपना सारा जीवन खपा दिया | वे चार दशकों से कचरे से खिलौने बना रहे हैं ताकि बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ा सकें | उनकी कोशिश है कि बच्चे बेकार चीज़ों से वैज्ञानिक प्रयोगों की ओर प्रेरित हों, इसके लिए वे देशभर के तीन हज़ार स्कूलों में जाकर 18 भाषाओं में बनी फ़िल्में दिखाकर बच्चों को प्रेरित कर रहे हैं | कैसा अद्भुत जीवन, कैसा अद्भुत समर्पण! एक ऐसी ही कहानी कर्नाटक के सितावा जोद्दती (SITAVAA JODATTI) की है | इन्हें ‘महिला-सशक्तीकरण की देवी’ ऐसे ही नहीं कहा गया है | पिछले तीन दशकों से बेलागवी (BELAGAVI) में इन्होंने अनगिनत महिलाओं का जीवन बदलने में महान योगदान दिया है | इन्होंने सात वर्ष की आयु में ही स्वयं को देवदासी के रूप में समर्पित कर दिया था | लेकिन फिर देवदासियों के कल्याण के लिए ही अपना पूरा जीवन लगा दिया | इतना ही नहीं, इन्होंने दलित महिलाओं के कल्याण के लिए भी अभूतपूर्व कार्य किये हैं | आपने नाम सुना होगा मध्य प्रदेश के भज्जू श्याम के बारे में, श्रीमान् भज्जू श्याम का जन्म एक बिलकुल ग़रीब परिवार, आदिवासी परिवार में हुआ था | वे जीवन यापन के लिए सामान्य नौकरी करते थे लेकिन उनको पारम्परिक आदिवासी painting बनाने का शौक था | आज इसी शौक की वजह से इनका भारत ही नहीं, पूरे विश्व में सम्मान है | Netherlands, Germany, England, Italy जैसे कई देशों में इनकी painting प्रदर्शनी लग चुकी है| विदेशों में भारत का नाम रोशन करने वाले भज्जू श्याम जी की प्रतिभा को पहचाना गया और उन्हें पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया |        

केरल की आदिवासी महिला लक्ष्मीकुट्टी की कहानी सुनकर आप सुखद आश्चर्य से भर जायेंगे | लक्ष्मीकुट्टी, कल्लार में शिक्षिका हैं और अब भी घने जंगलों के बीच आदिवासी इलाके में ताड़ के पत्तों से बनी झोपड़ी में रहती हैं | उन्होंने अपनी स्मृति के आधार पर ही पांच सौ herbal medicine बनाई हैं | जड़ी-बूटियों से दवाइयाँ बनाई है | सांप काटने के बाद उपयोग की जाने वाली दवाई बनाने में उन्हें महारत हासिल है | लक्ष्मी जी herbal दवाओं की अपनी जानकारी से लगातार समाज की सेवा कर रही हैं | इस गुमनाम शख्शियत को पहचान कर समाज में इनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया | मैं आज एक और नाम का भी जिक्र करने का मेरा मन करता है | पश्चिम बंगाल की 75 वर्षीय सुभासिनी मिस्त्री को भी | उन्हें पुरस्कार के लिए चुना गया | सुभासिनी मिस्त्री एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने अस्पताल बनाने के लिए दूसरों के घरों में बर्तन मांजे, सब्जी बेची | जब ये 23 वर्ष की थीं तो उपचार नहीं मिलने से इनके पति की मृत्यु हो गई थी और इसी घटना ने उन्हें गरीबों के लिए अस्पताल बनाने के लिए प्रेरित किया | आज इनकी कड़ी मेहनत से बनाए गए अस्पताल में हजारों गरीबों का नि:शुल्क इलाज किया जाता है | मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी बहुरत्ना-वसुंधरा में ऐसे कई नर-रत्न हैं, कई नारी-रत्न हैं जिनको न कोई जानता है, न कोई पहचानता है | ऐसे व्यक्तियों की पहचान न बनना, उससे समाज का भी घाटा हो जाता है | पद्म-पुरस्कार एक माध्यम है लेकिन मैं देशवासियों को भी कहूँगा कि हमारे आस-पास समाज के लिए जीने वाले, समाज के लिए खपने वाले, किसी न किसी विशेषता को ले करके जीवन भर कार्य करने वाले लक्षावधि लोग हैं | कभी न कभी उनको समाज के बीच में लाना चाहिए | वो मान-सम्मान के लिए काम नहीं करते हैं लेकिन उनके कार्य के कारण हमें प्रेरणा मिलती है | कभी स्कूलों में, colleges में ऐसे लोगों को बुला करके उनके अनुभवों को सुनना चाहिए | पुरस्कार से भी आगे, समाज में भी कुछ प्रयास होना चाहिए |

    मेरे प्यारे देशवासियो, हर वर्ष 9 जनवरी को हम प्रवासी भारतीय दिवस मनाते हैं | यही 9 जनवरी है, जब पूज्य महात्मा गाँधी SOUTH AFRICA से भारत लौटे थे | इस दिन हम भारत और विश्व भर में रह रहे भारतीयों के बीच, अटूट-बंधन का जश्न मनाते हैं | इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस पर हमने एक कार्यक्रम आयोजित किया था जहाँ विश्व भर में रह रहे भारतीय-मूल के सभी सांसदों को और मेयरों  ( MAYORS)  को आमंत्रित किया था | आपको यह जानकर खुशी होगी कि उस कार्यक्रम में Malaysia, New Zealand, Switzerland, Portugal, Mauritius, Fiji, Tanzania, Kenya, Canada, Britain, Surinam, दक्षिण अफ्रीका और America  से, और भी कई देशों से वहाँ जहाँ-जहाँ हमारे मेयर हैं मूल- भारतीय, जहाँ-जहाँ सांसद है मूल-भारतीय, उन सब ने भाग लिया था | मुझे खुशी है कि विभिन्न देशों में रह रहे भारतीय-मूल के लोग उन देशों की सेवा तो कर ही रहे हैं साथ ही साथ, वे भारत के साथ भी अपने मजबूत संबंध बनाए रखे हैं | इस बार यूरोपीय संघ, यूरोपियन यूनियन ने मुझे कैलेंडर भेजा है जिसमें उन्होनें यूरोप के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीयों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदानों को एक अच्छे ढंग से दर्शाया है | हमारे मूल-भारतीय लोग जो यूरोप के भिन्न-भिन्न देशों में बस रहे हैं - कोई CYBER SECURITY में काम कर रहा है, तो कोई आयुर्वेद को समर्पित है, कोई अपने संगीत से समाज के मन को डुलाता लाता है तो कोई अपनी कविताओं से | कोई climate change पर शोध कर रहा है तो कोई भारतीय ग्रंथों पर काम कर रहा है | किसी ने ट्रक चलाकर गुरुद्वारा खड़ा किया है तो किसी ने मस्जिद बनाई है | यानी जहाँ भी हमारे लोग हैं, उन्होंने वहाँ की धरती को किसी न किसी तरीके से सुसज्जित किया है | मैं धन्यवाद देना चाहूँगा यूरोपीय यूनियन के इस उल्लेखनीय कार्य के लिए, भारतीय मूल के लोगों को recognise करने के लिए और उनके माध्यम से दुनिया भर के लोगों को जानकारी देने के लिए भी |

      30 जनवरी को पूज्य बापू की पुण्य-तिथि है, जिन्होंने हम सभी को एक नया रास्ता दिखाया है | उस दिन हम ‘शहीद दिवस’ मनाते हैं | उस दिन हम देश की रक्षा में अपनी जान गवां देने वाले महान शहीदों को 11 बजे श्रद्दांजलि अर्पित करते हैं | शांति और अहिंसा का रास्ता, यही बापू का रास्ता | चाहे भारत हो या दुनिया, चाहे व्यक्ति हो परिवार हो या समाज-पूज्य बापू जिन आदर्शों को ले करके जिए, पूज्य बापू ने जो बातें हमें बताई, वे आज भी अत्यंत relevant हैं | वे सिर्फ कोरे सिद्दांत नहीं थे | वर्तमान में भी हम डगर-डगर पर देखते हैं कि बापू की बातें कितनी सही थीं | अगर हम संकल्प करें कि बापू के रास्ते पर चलें -जितना चल सके, चलें - तो उससे बड़ी श्रद्दांजलि क्या हो सकती है?

     मेरे प्यारे देशवासियो, आप सब को 2018 की शुभकामनायें देते हुए, मेरी वाणी को विराम देता हूँ | बहुत-बहुत धन्यवाद  | नमस्कार |

शुक्रवार, 26 जनवरी 2018

संघ RSS : गणतंत्र दिवस परेड में






जब प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित किया था । 


राष्टीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना 1925 में हुई मगर संस्थापक परम पूज्य डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार बचपन से ही राष्ट्रवादी थे, स्वतंत्रता सेनानी थे , कांग्रेस में भी विभिन्न पदों पर कार्य किया था । जेल गए थे |  मगर कांग्रेस ने संघ को कभी पसंद नहीं किया और संघ की ही तरह का सेवादल नामक संगठन बनाया जो कभी चला नहीं ।  भारत विभाजन पर पूरा देश त्राहीमाम त्राहीमाम कर रहा था तब मात्र संघ ही वह संगठन था जो पाकिस्तान से आ रहे हिन्दुओं की चिन्ता कर रहा था और उन्हे बसानें में लगा था। पाकिस्तान से भारत आये सभी हिन्दुओं के  पुर्नवास का सबसे बडा चिन्तन और स्थापन कार्य संघ ने किया । आजादी के बाद संघ को उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल  कांग्रेस का हिस्सा बनाना चाहते थे और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संघ को समाप्त कर देना चाहते थे। जवाहरलाल नेहरू की संघ विरोधी मानसिंकता ने ही संघ को जबरदस्ती महात्मा गांधी वध में घसीटा था जिसमें वह  निर्दोष साबित हुआ ।  संघ पर प्रतिबंध नेहरूजी ने लगवाया । मगर सांच को आंच नहीं संघ कष्टों के दौर से गुजर कर भी देश सेवा करता रहा । जवाहरलाल नेहरू की आंख तब खुली जब उसके साथ रहे कम्युनिष्ट 1962 चीन युद्ध में लाल सलाम बोल रहे थे और चीन की सेनाओं का कोलकाता में स्वागत करने की तैयारी कर रहे थे । भारत चीन से युद्ध हर गया था , तब देश भक्त संघ फौज की, सरकार की और जनता की मदद में जुटा हुआ था। जवाहरलाल नेहरू संघ की देशभक्ति से देशसेवा से इतने प्रभावित हुये कि उन्होने  1963 के गणतंत्र दिवस की परेड में संघ को आमंत्रित किया । कांग्रेस के लोगो ने विरोध किया तो उन्होने दो टूक कह दिया संघ देशभक्त है परेड में सम्मिलित होगा । तब सेवादल को भी सम्मिलि करवानें के प्रसाय हुए मगर सेवा दल के पास कोई वास्तविक तंत्र नहीं था और वे सम्मिलित नहीं हो सके । संघ के 3500 स्वंय सवेकों ने परेड में भाग लिया । जवाहरलाल नेहरू आगे जीवति नहीं रहे । इसके बाद की कांग्रेस का वही पुराना रवैया रहा । 

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#RSS ऐतेहासिक प्रसंग !
*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 1963 के गणतंत्र दिवस* पर विशेष सम्मान !!
*1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के समय सेना की मदद के लिए देश भर से संघ के स्वयंसेवक जिस उत्साह से सीमा पर पहुंचे, उसे पूरे देश ने देखा और सराहा. स्वयंसेवकों ने सरकारी कार्यों में और विशेष रूप से जवानों की मदद में पूरी ताकत लगा दी – सैनिक आवाजाही मार्गों की चौकसी, प्रशासन की मदद, रसद और आपूर्ति में मदद, और यहां तक कि शहीदों के परिवारों की भी चिंता.भी की। *
तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी ने 1963 में 26 जनवरी की परेड में संघ को शामिल होने का निमंत्रण दिया । परेड करने वालों को आज भी महीनों तैयारी करनी होती है, लेकिन मात्र दो दिन पहले मिले निमंत्रण पर 3500 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित हो गए.
निमंत्रण दिए जाने की आलोचना होने पर नेहरू ने कहा- *“यह दर्शाने के लिए कि केवल लाठी के बल पर भी सफलतापूर्वक बम और चीनी सशस्त्र बलों से लड़ा सकता है, विशेष रूप से 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए आरएसएस को आकस्मिक आमंत्रित किया गया.”*
*सन 1963 की बात है । चीन से युद्ध के बाद गणतंत्र दिवस की परेड में संघ को आमंत्रित किया गया । उस दिन में दिल्ली में था । वहां बिड़ला मंदिर में विद्यार्थी परिषद का अधिवेशन चल रहा था ।*
दो दिन पहले सुचना मिली कि गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होना है । इतनी संशिप्त सुचना पर भी 3200 स्वयंसेवक पूर्णगणवेश में घोष सहित परेड के लिए पहुंचे । वह दृश्य देखकर कितने ही लोग हक्के-बक्के रह गए । संघ का संचलन प्रारम्भ में किया जाना तय हुआ था; लेकिन उसे दोपहर 1:30 बजे अवसर दिया गया ।
*कोशिश यह भी हुई कि घोष का उपयोग नहीं करने दिया जाये ; लेकिन अडिगता के कारण घोष के साथ स्वयंसेवक संचलन करते हुए निकले तो उपस्थित जन समूह ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाकर स्वागत किया । परेड में संचलन के दौरान बचे हुए समय में स्वयंसेवकों ने देशभक्ति गीत गाने शुरू कर दिए । सेना के जवानों ने वहां लाउडस्पीकर लाकर लगा दिया । इससे काफी उत्साहवर्धन हुआ ।*
यह सोहनसिंह जी की दृष्टि ही थी कि उन्होंने परेड स्थल पर पहुँचने पँर सुबह ही बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों के अल्पहार की व्यवस्था कर दी थी । कार्यालय पर उनके लिए दही-परांठे तैयार करवाये गए । इसके कारण वे स्वयंसेवको का आखिरी तक अंतजर करते रहे;जबकि अन्य समूहों के बहुत से बस चालक बीच में ही बसें लेकर वापिस चले गए ।
*उन्होंने ड्राइवर-कंडक्टरों के भोजन का भी ध्यान रखा । उस दिन कॉंग्रेस सेवा दल का भी परेड में शामिल होने के लिए कहा गया था;लेकिन उनकी ड्रेस ही तैयार नहीं थी,अतः वे परेड में शामिल नहीं हो सके ।*

1963 की. गणतंत्र दिवस की परेड होनी थी. लेकिन माहौल आज से काफी अलग था. महज़ दो महीने पहले तक चीन से लड़ाई चल रही थी. वो लड़ाई जिसे हम अपनी कुर्बानियों के बावजूद जीत नहीं पाए. लेकिन गणतंत्र दिवस की परेड रवायत के मुताबिक हुई. पर एक बदलाव के साथ.


मंगलवार, 23 जनवरी 2018

पद्मावत का विरोध क्यों ?



पद्मावत का विरोध क्यों? इन पर भी ध्यान देना जरूरी ..
- सुमन वर्मा की वाल से
(1). दीपिका पादुकोण को रानी पद्मावती का पात्र क्यों दिया? जो आज साड़ी में है और कल बिकिनी पोज़ देगी। अगर कल महाभारत में Sunny Leone को द्रौपदी का पात्र दे तो कैसा रहेगा?
(2). जो अलाउद्दीन खिलजी पांच फुटिया और बकरे जैसा दिखता था। उसे Six Pack physique में क्यों दिखाया जा रहा है? क्या ये इतिहास से छेडखानी नही?
(3). Trailer में आप सभी ने देखा। राणा रतन सिंह, यानी शाहिद कपूर को Shirtless दिखाया। उसे बिना जनेऊ के दिखाया गया। क्या राणा रतन सिंह के माता पिता ने उनका उनपनयन संस्कार नही करवाया था? एक और छेडखानी।
(4). इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि Movie में गोरा और बादल कर कोई किरदार है ही नही। और Movie में रानी पद्मावती रतन सिंह को लड़ कर नही भगा कर लेके आती है। माने राजपूत भगोड़े है?
(5). भंसाली कहता है कि यह कहानी प्रेरित है असली किरदारों से कोई लेना देना नही।
यदि असली कहानी पर ही बना देता, सही इतिहास के साथ तो क्या इसकी नानी मर जाति?
यह एक सोची समझी साजिश है। इसे मनो वैज्ञानिक भाषा मे Subversion कहते है। बौद्धिक माध्यम से कोई बात दिमाग मे घुसा देना। USA में लोगो को Russia के खिलाफ बढकाने के लोए आज तक Hollywood में Russians और Chinese को villain दिखाया जाता है।
Movie देखते समय, आँखे, कान और मस्तिष्क तीन इंद्रिया एक्टिव होती है। उससे सबसे तेजी से दिमाग मे बाते घुसती है। All Is Well नामक एक डायलाग मूवी में आया और पूरा देश उसे बोलने लगा। तो सोचिये एक छोटा बच्चा जब यह मूवी देखेगा तो उसके लिए तो यही सत्य हो जाएगा।


तो फिर पद्मावत फ़िल्म पर बेन क्यों नही

- अनिल डागा जी की वाल से...
जब 22 साल के अनुराग कश्यप नें एक फिल्म बनायी थी black friday, बंबई बम धमाकों के असल किरदारों पर,
बंबई बम धमाके जिनके किरदार दाऊद, याकूब और कंपनी थे।
इसे ग्रांड ज्यूरी प्राईज दिया गया Indian film festival of los Angels द्वारा।
कहते हैं कि हुसैन जैदी (जो कि खुद मुस्लिम हैं) ने तीन साल दिन रात एक कर के इस सारे प्रकरण पर रिसर्च करी थी।
पर हाय, फिल्म पर बांबे हाईकोर्ट द्वारा 2004 में प्रतिबंध लगाया गया, कारण?
एक समुदाय की भावनाओं को ठेस।
आतंकवादीयो को आतंकवादी कहना भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, क्यों??
कारण एक ही है, कुछ लोग मानते थे उन्होंने सबाब का काम करा, खैर...
टॉम हैंक्स के पूरे फिल्मी करियर में दो फिल्में सबसे यादगार हैं, उनके बेमिशाल अभिनय की प्रतिमा।
सेविंग प्राइवेट रेयान और द विंची कोड,,
2006 में आयी दूसरी फिल्म द विंची कोड पर भारत के चार राज्यों नागालैंड, पंजाब, तमिलनाडु और गोवा में बैंड लगा दिया गया।
कारण यह पिक्चर ईसाई(कैथोलिक समाज) की भावनाओं को ठेस पंहुचाती है।
ये तो आधिकारिक बैन था, सरकार ने पायरेटेड सीडी भी ब्लाक कर दी थी,
मुझे याद है मैं तब b. sc में पडता था, और फिल्म की एक पायरेटेड सीडी ढूंढने में पूरा साल लग गया था।
एक फिल्म बनी थी 2005 में Sins, बैन कर दी गयी।
कारण कहानी एक इसाई(Preast) द्वारा महिलाओं का शोषण दिखाया गया था।
इस से भी भावनाओं को काफी ठेस पहुंची।
आप कभी गूगल पर सर्च करना, best song of kishore kumar और हर एक juke box में एक गाना जरूर आपको मिलेगा,,
"तेरे बिना जिंदगी से कोई, शिकवा, तो नंही"
संजीव कुमार और किशोर दा के कैरियर की माईलस्टोन मूवी को कांग्रेस सरकार द्वारा बैन कर दिया था।
ये गाना निर्धारित तिथी से 26 हफ्ते यानी 182 दिन बाद सुना लोगों ने,, पूरे 182 दिन बाद।
कारण इस पिक्चर को कांग्रेस को ठेस देने वाला बताया गया था।
याद है 2013 में आयी पिक्चर "विश्वरूपम"
ये मामला थोडा सा अलग है, कोर्ट और सेंसर बोर्ड ने रिलीज की अनुमति दे दी थी।
पर जललिता सरकार ने इसे मुस्लिम विरोधी मानते हुए तमिलनाडु में बैन कर दिया था।
कहानी का खैर भारत से कुछ लेना देना नहीं था, अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा पीडित लोगो की कहानी ने तमिलनाडु के लोगो को बहुत ठेस पंहुचायी।
कहते हैं इस फिल्म को बनाने में मशहूर अभिनेता कमल हसन ने अपना घर तक गिरवी रखा था।
मूल फिल्म चूंकि तमिल में थी, तो भावनाओं को दुखाने की महंगी कीमत चुकानी पड़ी।
वो तब सार्वजनिक रुप से भारत छोडने तक की घोषणा कर चुके थे।
तस्लीमा नसरीन पर आज भी बंगाल में बैन है।
कारण उन्होंने बांग्लादेश में मुसलमानों द्वारा हिंदुओं के शोषण होने पर एक किताब लिखी थी "लज्जा"..
The Stanic Verse (शैतानी आयतें),,
भारतीय मूल के बिट्रिस लेखक सलमान रुश्दी की इस किताब ने दुनिया भर में हंगामा मचाया।
इस किताब को इस्लाम बिरोधी मानते हुए तत्कालीन राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने इस किताब को सम्पूर्ण भारत में प्रतिबंधित कर दिया।
यहां तक कि इस किताब का जापानी में अनुवाद करने वाले लेखक 'होतरसी ईरागसी' की हत्या कर दी गयी।
इस किताब के ईतावली ट्रांसलेटर और नार्वे के प्रकाशक पर भी जानलेवा हमले हुए।
तो अगर आपको पद्मावत पिक्चर बैन पर बुरा सा कुछ लग रहा है तो यकीन मानिए,
बुरा तो आपको बहुत मानना चाहिए था, तब ही इस बात की सार्थकता थी।
इति।

रविवार, 21 जनवरी 2018

बसंत पंचमी : अरविन्द सिसौदिया



22 जनवरी 2018  को
बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें!
- अरविन्द सिसौदिया,जिला महामंत्री भाजपा कोटा !

देश भर में खासतौर से उत्तर भारत में बसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. बसंत पंचमी के दिन व‍िद्या की देवी सरस्वती का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा का व‍िधान है.किसानों के लिए इस त्योहार का विशेष महत्व है. बसंत पंचमी पर सरसों के खेत लहलहा उठते हैं. चना, मसूर ,धनिया और गेहूं की बालियां ख‍िलने लगती हैं. इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है. यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है. इस दौरान मौसम सुहाना हो जाता है और पेड़-पौधों में नए फल-फूल पल्लवित होने लगते हैं. इस दिन कई जगहों पर पतंगबाजी भी होती है.

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बसंत पंचमी 2018 :  इस खास समय में ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा
माघ माह की शुक्ल पंचमी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है, यह तिथि वागीश्वरी जयंती और श्री पंचमी के नाम से भी जानी जाती है |

माघ माह की शुक्ल पंचमी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस माह में गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती है. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. माना जाता है इस दिन मां देवी सरस्वती का आविर्भाव हुआ था. यह तिथि वागीश्वरी जयंती और श्री पंचमी के नाम से भी जानी जाती है.

क्या है बसंत पंचमी
सरस्वती जी ज्ञान, गायन- वादन और बुद्धि की अधिष्ठाता हैं. इस दिन छात्रों को पुस्तक और गुरु के साथ और कलाकारों को अपने वादन के साथ इनकी पूजा अवश्य करनी चाहिए.
इस दिन किसी भी कार्य को करना बहुत शुभ फलदायक होता है. इसलिए इस दिन नींव पूजन, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, नवीन व्यापार प्रारंभ और मांगलिक कार्य किए जाते है इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते और साथ ही पीले रंग के पकवान बनाते हैं.

यह दिन बच्चों के माता पिता जी शिक्षा आरंभ के लिए विशेष के शुभ मानते हैं. इस दिन से बच्चों को विद्यारंभ भी करानी चाहिए साथ ही उनकी जिह्वा पर शहद से ॐ और ऐं बनाना चाहिए, जिससे बच्चा ज्ञानी और मधुरभाषी होता है. यदि बालक 6 माह का पूर्ण हो चुका है तो अन्न का पहला दाना इसी दिन खिलाना चाहिए.

बसंत पंचमी संबंधी खास मुहूर्त्त
बसंत पंचमी पर्व: 22 जनवरी 2018 पंचमी तिथि प्रारंभ: 21 जनवरी 2018 दिन रविवार को 3:33 बजे (सुबह)  से पंचमी तिथि अंत: 22 जनवरी 2018 दिन सोमवार को 4:24 (शाम) तक अमृत चौघड़िया: 7:11-8:33 शुभ चौघड़िया: 9:55-11:17 (इस चौघड़िया में हवन करना श्रेष्ठकर है) अभिजित मुहूर्त्त: 12:17-13:00
जो विद्यार्थी विद्या प्राप्त कर रहे तथा जो प्रारंभ करने जा रहे वह 07:11 बजे से 8:06 बजे के मध्य पूजन करें. जो व्यक्ति और विद्यार्थी संगीत सीख रहे या जो कलाकार है वो अपने वाद्य यंत्रों के साथ 12:39 से 01:00 बजे (दोपहर) के मध्य पूजन करें. अन्न प्राशन 7:30 से 08:10 बजे (सुबह) के मध्य करें.

कैसे करें बसंत पंचमी की पूजा
प्रातः काल सूर्योदय स्नानादि कर पीले वस्त्र धारण करें. मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें तत्पश्चात् कलश स्थापित कर गणेश जी और नवग्रहों की विधिवत् पूजा करें. फिर मां सरस्वती की पूजा वंदना करें. मां को श्वेत और पीले पुष्प अर्पण करें. मां को खीर में केसर डाल के भोग लगाएं. विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर के गरीब बच्चों को कलम व पुस्तक दान करें. संगीत से जुड़े छात्र और व्यक्ति अपने वादन यंत्रों पर तिलक लगा कर मां का पूजन करें साथ ही मां को बांसुरी या वीणा भेंट करें.

मां सरस्वती की प्रार्थना के लिए मंत्र :
या कुंदेंदु तुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदंडमंडित करा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै सदावंदिता सा मां पातु सरस्वती भगवती नि: शेषजाड्यापहा।। शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणा पुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्। हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिता वंदे त्वां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ।।

भावार्थ : जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुंद के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दंड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है और ब्रह्मा, विष्णु और शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली मां सरस्वती हमारी रक्षा करें.

शुक्लवर्ण वाली, संपूर्ण चराचर जगत्‌ में व्याप्त, आदिशक्ति, परब्रह्म के विषय में किए गए विचार और चिंतन के सार रूप परम उत्कर्ष को धारण करने वाली, सभी भयों से भयदान देने वाली, अज्ञान के अंधेरे को मिटाने वाली, हाथों में वीणा, पुस्तक और स्फटिक की माला धारण करने वाली और पद्मासन पर विराजमान बुद्धि प्रदान करने वाली, सर्वोच्च ऐश्वर्य से अलंकृत, भगवती शारदा (सरस्वती देवी) की मैं वंदना करता हूं!