मंगलवार, 2 नवंबर 2010

बेंच खाया बी एस एन एल, सत्ता चलाने के लिए .!






भारत संचार निगम लिमिटेड घाटे में .....

कर्मचारियों को बोनस नहीं

- अरविन्द सीसोदिया

भारत संचार निगम लिमिटेड एक कमाऊ उपक्रम था, नवरत्न कंपनियों में आता था ! मगर गत ५-६ वर्षों से देश के लिए महत्वपूर्ण यह मंत्रालय और यह सार्वजानिक उपक्रम तमिलनाडू के डीएमके के खाते में है...! इस निगम को घाटे में देने और प्राईवेट कंपनियों को फायदा पहुचने का कारोवार बड़ी बेशर्मी से चल रहा है..! डीएमके का मतलव तमालनाडू के मुख्यमंत्री करुणानिधि है.., ए. राजा भले ही दिखावटी सचार मंत्रीं हों , असल में इस निगम की लूटपाट मुख्यमंत्री करुणानिधि कर रहे हैं और यह सब यू पी ए की केंद्र सरकार को समर्थन देने के बदले हो रहा है | प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सहमती से हो रहा है..! सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इस निगम से जुड़े टू- जी स्पेक्ट्रम आबंटन के घोटाले की सुनवाई करते हुए कहा केंद्र सरकार को सीएजी की रिपोर्ट में १.४ लाख करोड़ रूपये के संभावित नुकसान के अनुमान का जवाब देना चाहिए ..! इस मामले की अगली सुनवाई १५ नवम्बर २०१० को है ..! यह गड़बड़ इसलिए प्रमाणित है कि २ जी स्पेक्ट्रम आवंटन में सफल दो कंपनियों यूनिटेक वायरलेश सर्विसेज और स्वान टेलीकाम ने लायसेंस मिलाने के कुछ ही दिनों में छः गुने दामों में अपने लायसेंस बेंच दिए थे ...!!! जब कि इस तरह की दो दर्जन नई मोवाईल कंपनियों को लायसेंस दिए गए थे ....!! ये लायसेंस बाजार दर से बहुत कम दाम में दिए गए...! सामान्य बोली प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई...! केन्द्रीय फोधी मंत्रालय की राय थी की बोली प्रक्रिया को मंत्री मंडलीय समिति की बैठक में रखा जाये जिसे भी नजर अंदाज कर दिया गया ..! ये बातें प्रधानमंत्री को पता नहीं हों येशा हो नहीं सकता !

बात सिर्फ इस महान घोटाले तक सीमीत हो ऐशा नहीं है..., लगातार इस निगम को हानी में पहुचाते हुए ..., प्राईवेट कंम्पनियों को केसे फायदा हो .., यह षड्यंत्र राज्यों और दूरसंचार जिलों में तक चल रहा है.., बेखौफ चल रहा है...!! भारत संचार निगम की और से २००० की जनसंख्या को २००८ तक कवर करना था..! मगर जान बूझ कर इसे अभी तक कवर नहीं किया !! जब तक प्राईवेट कंपनियां पेर नहीं जमा लेती तब तक.., भारत संचार निगम आगे नहीं सरकता..., इस निगम के कर्मचारीयों ने निगन हित में कई बार ज्ञापन , प्रदर्शन किये मगर कान पर जून तक नहीं रेंगती !! इस निगम के कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस मिलता था ..., इस साल घाटे में कंपनी बता कर बोनस भी नही दिया..!! प्रधानमंत्री और संचार मंत्री दोषी हैं.., भुगतना पड रहा है.., कर्मचारी को..!! असली दीवाली तो मंत्री जी की मन रही है और कट रहा है कर्मचारी...!! देश के साथ ये बदनीयत साजिशें कब बंद होंगी ...!! माल जनता का और उड़ायें कुछ बेईमान....!!


2 NOV, 2010, 01.33PM IST,PTI
Sack IT minister Raja, demands BJP 
CHENNAI: The BJP's state unit today demanded the sacking of Union IT and Telecom Minister A Raja for his alleged role in the 2G spectrum allocation scam, saying he had been clearly indicted by many agencies. 'Raja, in the first place, should not have been inducted in the Central cabinet at all, but it was done under certain complusions. He has been clearly indicted (by agencies such as Comptroller and Auditor General of India),' BJP's state unit president, Pon.Radhakrishnan said here today.
Any other minister whose name could have cropped up in a scam of such proportions would have faced severe action, he told reporters here. 'Raja has to be sacked and he must face legal action,' he demanded.
He described the Congress-led UPA government at the Centre as 'being run like an agency,' and Prime Minister Manmohan Singh as 'powerless' (in connection with the Raja episode).
       To a question on next year's Assembly elections and whether his party would forge an alliance, Radhakrishnan said the primary objective was to throw the ruling DMK out of power, for which all parties must unite. He however did not speak of any alliance.
     He said his party would undertake a 'Thamarai Yatirai' (Lotus Yatra) across Tamil Nadu, starting November 19, which would tour all districts and highlight various issues, including farmers' problems. On the kidnap and murder of two children by their former car driver at Coimbatore recently, he said it was a ''big shame' to Tamil Nadu. Special laws must be enacted to punish culrpits in designated fast track courts, he said.

संघ से नेहरु कांग्रेस की वंशानुगत शत्रुता







संघ - संघ कोसे जाओ..! 
खाओ -  पियो - माल उडाओ...!!
- अरविन्द सीसोदिया
     आज जब देश में कांग्रेस की सरकार है वह संघ को कोसती है तो सबसे ज्यादा खुशी किसी मुसलमान को या किसी समाजवादी को नही होती .., सबसे ज्यादा खुशी होती है ईसाई मिशनरियों को.., रोम को , पोप को , क्यों कि ये ही इस देश को इसाई देश बनाना चाहते हैं , ईसाई देश बनाने कि खुली घोषणा करते हैं .., उनकी राह रोकने की ताकत और किसी  में तो है नहीं ..!! यह पुरुषार्थ सिर्फ संघ के स्वंयसेवक ही करते हैं कि उन्होंने अपने प्रयासों से मिशनरियों के द्वारा किये जा रहे धर्मान्तार्ण को लगभग रोक दिया है...!! पूरे देश में  एकमात्र संघ ही इस तरह का संगठन है जो देश के हिंदुत्व  को बचाने में लगा हे .. इसीलिए उसे बार बार बदनाम करके रोकने के प्रयास कांग्रेस कर रही ..!
   कांग्रेस यह कार्य संघ के विरुद्ध है पहली बार  नहीं कर रही ! बल्की वह उसके प्रती शत्रुता पूर्ण कार्य लगभग १९४५/४७ से ही रही है ! तब जवाहर लाल नेहरु भी येशी ही भाषा बोलते थे  | जब सरदार पटेल संघ का विलय कांग्रेस में चाहते थे तब भी संघ विलय  का विरोध करने वाले नेहरु जी थे ..!! नेहरु जी ने संघ को गांधी वध में भी इसी लिए डाला था कि उसे बदनाम किया जा सके मगर संघ को करार दिया गया था ! मगर संघ को आतंकवादीयों से जोड़ने कि जो साजिश चल रही है .., वह बहुत खतरनाक खेल है इस षड्यंत्र के नतीजे अच्छे नहीं हो सकते...!!! ईसाई मिशनरियां खुश हो सकतीं हैं .. , मगर यह देश इसे बर्दास्त नहीं करेगा !! सिम्मी के कार्यों के सामने संघ के कार्य रख कर बात करो राहुल जी .., 
        कांग्रेस के सालाना अधिवेशन (२ नवम्बर २०१० ) में अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि संघ का असली चेहरा पूरे समाज के सामने है. उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराये जाने को भी गलत ठहराया. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में AICC की बैठक में कांग्रेस ने बड़ी ही सफाई से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार से हटाकर स्वंय घोषित सांप्रदायिक ताकतों ( वास्तविकता में राष्ट्रहित चितक ताकतें ) के तरफ खींचने की कोशिश की। सोनिया ने इशारों-इशारों में संघ पर निशाना साधा तो प्रणब मुखर्जी ने सीधे आरएसएस के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात कह डाली। उन्होंने कहा कि जांच में आरएसएस का असली चेहरा सामने आ गया है।लेकिन कांग्रेस ने राष्ट्रीय अधिवेशन में सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार पर चुप्पी साध ली। अपने भाषण में सोनिया ने न तो आदर्श सोसायटी घोटाले का जिक्र किया और न ही कॉमनवेल्थ घोटाले का। उम्मीद थी कि सोनिया इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखेंगी, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली। राष्ट्रीय अधिवेशन में आदर्श सोसायटी घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन समिति के चेयरमैन सुरेश कलमाडी मौजूद थे।
कांगेस अपनी गिरेवान में झांके....
* देश को विभाजित करवाने वाली कांग्रेस
* पाकिस्तान के कब्जे में कश्मीरी भू भाग  छोड़ कर युद्ध विराम करने वाली कांग्रेस
* चीन के पक्ष में तिब्बत पर हांसिल भारतीय अधिकार छोड़ने वाली कांग्रेस
* चीन के द्वारा तिब्बत निन्गालने का विरोध तक नहीं करने वाली कांग्रेस
* देश के लोकतंत्र का गला घोटनें वाला आपातकाल लगाने वाले 
* स्विस बैंकों में जमा धन पर चुप्पी साध जाने वाले 
* कश्मीर को देश से अलग करने की सजिसा करने वाले  शेख अब्दुल्ला   से लेकर उमर अब्दुल्ला  तक को साथ देने वाले ..!! 
  देश के दुश्मनों का तो कुछ बिगाड़ नहीं पाते .., निर्दोष संगठनों पर लांछन उछालते रहते हैं ..!! 

कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार ...! अजी आदत में शुमार है ..!

खाओ पियो योजना में ..,
कमानवेल्थ के बाद  आदर्श सोसायटी ....

- अरविन्द सीसोदिया 
नई दिल्ली से खबर है कि ,  राष्‍ट्रमंडल खेलों के आयोजन में हुए महा भ्रष्‍टाचार के विवादों से निपटने से पहले ही महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का आदर्श भ्रष्टाचार के रूपमें सामने आया , आदर्श  सोसायटी कांड में फंसना कांग्रेस के लिए बड़ी जबावदेही बन गया है। लेकिन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए भ्रष्‍टाचार जैसे अहम मुद्दे जिक्र तक नहीं किया। जिक्र कैसे करतीं ... बोफोर्स घोटाले से ही उनकी स्थिति साफ़ है कि उन्हें घोटालों  से परहेज नहीं...! वे सबतरफ घोटालों पर आँख तरेरती नजर आती हैं .., मगर कभी किसी घोटालेबाज  का कुछ हुआ क्या....????? हो भी नही सकता जो स्विस बैंकों में जमा देश में वापस नहीं लाना चाहता वह किस मुह से अन्य घोटाले बाजों से बात कर सकता है !! कांग्रेस क्या ज्यादातर दलों में अब घोटाले चोर चोर मौसेरे भाई कि तरह का खेल हो गया ......!!! अब तो कई नेतागण इसे जस्टीफाई भी करने लगे ..!!
   सबसे महत्व पूर्ण बात यह है कि -- केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने घोटाले को लेकर चव्हाण को कठघरे में उतार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में अशोक चव्हाण ने राजस्व मंत्री की हैसियत से आदर्श सोसायटी के उपनियम बदलवा दिए थे ताकि उसमें नागरिकों को भी फ्लैट मिल सकें। ...... कौन चोर है और कौन साहूकार यह तो खुद साफ़ है...!! 

आदर्श सोसायटी का सच....
सूत्रों की मानें तो आदर्श सोसायटी के अधिकारियों और तत्कालीन राजस्व मंत्री अशोक चव्हाण के बीच 3 जनवरी 2000 को हुई मुलाकात में जमीन के बदले फ्लैट आवंटित करने की शर्त रखी गई थी। खबरों के मुताबिक इस सौदेबाजी के तहत चव्हाण ने राजस्व विभाग की ओर से सोसायटी को क्लीयरेंस दिलवाया और बदले में उनके पांच रिश्तेदारों को आदर्श हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट मिले। एक निजी चैलन के मुताबिक फ्लैट पाने वालों में सीएम की सास, साली, साले और एक अन्य रिश्तेदार का नाम शामिल है। एक निजी टीवी चैनल के अनुसार इस संदर्भ में सोसायटी की ओर से 20 जून 2000 को अशोक चव्हाण के नाम लिखा गया एक खत प्राप्त हुआ है, जिससे सौदेबाजी का खुलासा होता है। खत में साफ तौर पर लिखा गया है, 'महोदय, हमारे 3 जनवरी 2000 के पत्र और आपसे मुलाकात के बाद हमारी सोसायटी का निवेदन है हमें जमीन उपलब्ध कराई जाए। हमारी सोसयटी सेना के कर्मचरियों के अलावा सामान्य नागरिकों को भी फ्लैट देने को तैयार हैं। रक्षा सेवाओं के 31 सदस्यों की लिस्ट इस पत्र के साथ हैं।'
- कोलाबा की आदर्श सोसाइटी की जमीन सेना की थी, करगिल के शहीदों के लिए यहां 6 मंजिला इमारत में फ्लैट बनाने की बात हुई। लेकिन फौजियों, नेताओं और अफसरों की मिलीभगत से ये इमारत 31 मंजिला बन गई और शहीदों के अधिकार उनके घरवालों की जगह उन्होंने खुद बांट लिए। इन फ्लैटों की बाजार में कीमत 8.5 करोड़ है। चूंकि ये जमीन शहीदों के घरवालों को मरहम के तौर पर दी गई थी, इसीलिए उनके लिए इसके दाम 65 से 85 लाख रुपए आए। दरअसल, 2003 में कोलाबा में आदर्श सोसायटी की 31 मंजिला इमारत बनने से पहले के 60 साल तक 6490 वर्ग मीटर के प्लॉट पर सेना का स्वामित्व था। इमारत का निर्माण 1999 के कारगिल युद्ध के शहीदों की विधवाओं और परिवारों को आवासीय इकाई देने के वादे के साथ शुरू हुआ था।
भास्कर डाट कम पर
मुंबई/नई दिल्ली. आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले पर मचे बवाल के बीच सेना ने कानूनी राय मांगी है कि क्या इस मामले में औपचारिक रूप से कोर्ट ऑफ इनक्वायरी चलाई जा सकती है। सेना भाई-भतीजावाद और बिल्डरों से मिलीभगत करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। मामले की जटिल प्रकृति को देखते हुए हर पहलू पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने नौसेना से भी जमीन के बारे में जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। डायरेक्टर जनरल डिफेंस एस्टेट्स और सेना पहले ही रक्षा मंत्री एके एंटनी को रिपोर्ट दे चुके हैं। तीनों रिपोर्ट मिलने के बाद एंटनी अगले कदम का फैसला करेंगे।
मेजर जनरल (रिटायर्ड) टीके कौल सहित सेना के कई बड़े अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। जब आदर्श सोयायटी शुरू की गई थी, तब वे मुंबई के सब एरिया कमांडर थे। सेना की जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) शाखा को जांच के बिंदु तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेना के कई रिटायर्ड अधिकारी सोसायटी के सदस्य है, लेकिन सेना के पास रिटायर्ड अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सीमित शक्तियां हैं। ऐसे में जांच के निष्कर्र्षो को सरकारी जांच एजेंसियां के साथ बांटा जा सकता है।
क्या होंगे जांच के बिंदु :
- सेना ने किन हालात में जमीन का कब्जा छोड़ा।
- इससे किन अधिकारियों के हित जुड़े थे।
- क्या सेना के किसी अफसर ने पद का दुरुपयोग किया था।
- क्या सेना के कुछ अधिकारियों ने प्रॉक्सी के जरिये फ्लैट लिया है।
इन अफसरों की भूमिका संदिग्ध
- मेजर जनरल (रिटायर्ड) टीके कौल
- लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तेजेंद्र सिंह
- मेजर जनरल आरके हूडा
- ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) एमएम वांचू
- मेजर जनरल (रिटायर्ड) वीएस यादव
सोनिया से मिले प्रणव, एंटनी
नई दिल्ली आदर्श सोसायटी घोटाले की जांच कर रही कांग्रेस की दो सदस्यीय समिति के सदस्यों- प्रणव मुखर्जी और एके एंटनी ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा कि चव्हाण मसले पर चर्चा मंगलवार को कांग्रेस कमेटी की बैठक में होगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के इस्तीफे पर फैसला लेने में फिलहाल वक्त लगेगा।
सरकार के खिलाफ कोर्ट जाएगी सोसायटी
मुंबई आदर्श हाउसिंग सोसायटी के प्रमोटरों ने सरकार के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया है। ‘बेस्ट’ ने सोसायटी की पानी-बिजली काटने का नोटिस जारी किया है, जबकि एमएमआरडीए ने सोसायटी का कब्जा पत्र वापस लेने का फैसला किया है। विवाद उठने के बाद मुख्यमंत्री ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे।
राज्यपाल से मिला विपक्ष, सरकार बर्खास्त करो
मुंबई शिवसेना-भाजपा गठबंधन और रिपब्लिकन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं ने सोमवार को राज्यपाल के. शंकरनारायण से अलग-अलग मुलाकात कर अशोक चव्हाण सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। समूचे विपक्ष के इस आक्रामक तेवर के बाद कांग्रेस पर जल्द से जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।
एक और मंत्री विवादों में
 
मुंबई महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री रमेश बागवे भी विवाद में फंस गए हैं। बोरीवली पुलिस ने आरोप लगाया है कि बागवे और उनके कार्यालय के दो अधिकारियों ने जमीन हड़पने के मामले में एक बिल्डर के करीब 50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के लिए दबाव डाला था।
 चव्हाण ने बदलवाए थे उपनियम : देशमुख 
केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने घोटाले को लेकर चव्हाण को कठघरे में उतार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में अशोक चव्हाण ने राजस्व मंत्री की हैसियत से आदर्श सोसायटी के उपनियम बदलवा दिए थे ताकि उसमें नागरिकों को भी फ्लैट मिल सकें। देशमुख ने कहा कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है