गुरुवार, 4 नवंबर 2010

कांग्रेस यानी, मेरे मुह से मेरी जय हो पार्टी









- अरविन्द सीसोदिया 
२ नवम्वर २०१० को हुए कांग्रेस के एक बटा दो  दिवसीय अधिवेशन, की रिपोर्टींग सुनते सुनते मेरी नींद लग गई.., नींद में मुझे दिख रहा था......मनमोहन सिंह सोनिया जी की और मुह करके संबोधित कर रहे थे कि ........ 
हमारा चुनावी नारा था.. जय हो..! इसलिए हमने हर कम को जय हो तक के अंजाम तक पहुचाया ..! 
जैसे ---
भ्रष्टाचार की जय हो..! 
सड़ते अनाज की जय हो..!
संघ को  झूठा फंसाने की जय हो..!
क्वात्रोची को बचाने की जय हो..!
सी बी आई दुरूपयोग की जय हो..!
सी बी आई से डरने वालों की जय हो..!
डर कर समर्थन देने वालों की जय हो ...!
विदेशी कंपनियों से  भारत लुटवाने  की जय हो..!
इसाई मिशनरियों को खुश रखने की जय हो..!
मुस्लिम वोट बैंक के लिए सभी घोषणाओं  की जय हो..!
हिन्दुओं को हत्तोत्साहित करने की जय हो..!!
महंगे  इलाज में लुटते आम आदमी की जय हो..!
आम आदमी  के हाथ से दूर हो चुकी उच्च शिक्षा की जय हो ..!
दो जून को सिसकते  ५० करोड़ भारतियों की जय हो..!
अच्छे कपड़ों को तरसते ६० करोड़ भारतियों कि जय हो..! 
बड़िया मकान को तरसते ९० करोड़ भारतियों की जय हो ..! 
स्वाभिमान  और आत्मसम्मान को तरसते १०० करोड़ भारतियों की जय हो..!
नरेगा के मजदूरों को मात्र ३० / ४० रूपये की मजदूरी की जय हो..!
सांसदों के महा वेतन की जय हो...! 
अमरीका को खुश रखने की जय हो ...! 
पाकिस्तान को खुश रखने की जय हो..!
चीन को खुश रखने की जय हो..!
उमर अब्दुल्ला की जय हो..!
आतंकवादियों की जय हो..! 
तीस्ता सीतलवाद की जय हो ..!
अरूधंती रॉय कि जय हो..!
सभी विदेशी देशी लुटेरों की जय हो..!
सभी विदेशी सलाह - मशविरों की जय हो .! 
सारे के सारे विदेशीयों कि जय हो ..! 
मेरे आत्म समर्पण की जय हो ..! 
फिर मनमोहन सिंह जी ने सोनिया जी की और देखा , वे उन्हें  घूरे  जा रहीं थी... कुछ देर तो वे कुछ नहीं समझ सके... फिर जोर जोर से ; पूरी ताकत से फिर संबोधित करने लगे...!!
सोनिया जी के लगातार अध्यक्ष बनाने की जय हो..!
सोनिया जी के नेतृत्व  की जय हो..!
सोनिया जी के एकाधिकार की जय हो..!
सोनिया जी के सब कुछ होने की जय हो..!
राहुल बाबा को सब कुछ होने की जय हो..! 
सोनिया - राहुल वंशवाद की जय हो जय हो..!!
जय हो जय हो,जय हो जय हो.......!!!!
इसी शोर में मेरी नींद खुल गई ! नमस्कार..!!
दुःख पंहुचा हो तो क्षमा करें...!!
सोनिया जी से शिरू और सोनिया जी पर समाप्त...
दर असल इस अधिवेशन में प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह का भाषण प्रारंभ इस तरह से होता है....
१- आज में सबसे पहले श्रीमती सोनिया गांधी जी को उनके एक बार फिर अध्यक्ष बनाने पर बधाई देना चाहता हूँ ....
उनके भाषण का अंत भी कुछ इसी तरह का था.....
२- हम सब मिल कर , सोनिया जी के हाथ मजबूत करें और आगे कदम बढ़ाएं | जय हिंद  |