गुरुवार, 11 नवंबर 2010

हिन्दुओं का मनोबल तोड़ने की साजिश - भागवत


- अरविन्द सीसोदिया 
 संघ का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और धरना
 बुधवार, १० नवंबर २०१० | देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  का नाम आतंकवाद के साथ जोड़ने की सुनियोजित साजिश चलाए जाने का दावा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बुधवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित ‍किये । संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिन्दुओं का मनोबल तोड़ने की साजिश रची जा रही है। लखनऊ में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सरसंघचालक मोहन भागवत ने संगठन का नाम आतंकवाद के साथ जोड़े जाने की कोशिशों को hindoo समाज का मनोबल तोड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि इन तमाम आरोपों के बीच संघ, कानून और जनता की नजर में और प्रखर होकर निकलेगा।
  सरसंघचालक ने आतंकवाद से जुड़ी कुछ घटनाओं के मामले में हिरासत में लिए गए लोगों को संघ से जोड़ने के प्रयासों की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि संघ अब ऐसे प्रयासों पर चुप नहीं रहेगा। संघ प्रमुख ने कहा कि जब-जब दिल्ली की सत्ता डोलने लगती है तब-तब संघ पर हमला किया जाता है। आज फिर उन्हीं हालात में छलकपट से संघ के साथ आतंकवादी शब्द चिपकाने की कोशिश की जा रही है। अजमेर में हुए विस्फोटों में संघ के पदाधिकारी इन्द्रेश का नाम जोड़े जाने की घटना का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि अब हम खामोश रहने वाले नहीं हैं, हमने फैसला किया है कि हम जनता के बीच जाएँगे और उन्हें पूरी सच्चाई से अवगत करायेंगे। लड़ाई अदालत में भी लड़ी जाएगी।
     देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में लखनऊ में जहाँ सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वयं मोर्चा संभाला वहींहैदराबाद में भैयाजी जोशी और भोपाल में केएस सुदर्शन ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।दिल्ली में यह विरोध प्रदर्शन जंतर-मंतर समेत पाँच स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ संघ के वरिष्ठ नेता सुरेश सोनी, राम माधव और विहिप नेता अशोक सिंघल समेत भाजपा के कई नेता शामिल हुए। नई दिल्ली में संघ प्रचारक राम माधव ने कहा कि आतंकवाद और हिन्दुत्व विपरीत धाराएँ हैं और कभी भी इन्हें एक-दूसरे से नहीं जोड़ा जा सकता है। यह भारत में हिन्दुओं को कमजोर करने का बड़ा दुष्प्रचार है।


नई दिल्ली. (११ नवम्बर २०१० ) वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आतंकी हमलों के मामलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को फंसाने में लगी है। वह इसके लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। आडवाणी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में ये विचार जताए। उन्होंने कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। वह लोगों का ध्यान बंटाने के लिए संघ को आतंकी मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों व उससे जुड़े राजनीतिक संगठनों एवं और समाजसेवियों की छवि बिगाड़ने के लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। सीबीआई ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। वह सरकार के हाथों कठपुतली बन गई है। उन्होंने पार्टी सांसदों से कहा कि वे २जी स्पेक्ट्रम, कॉमनवेल्थ गेम्स और आदर्श सोसायटी घोटालों के मामलों की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग करें।

खन्ना . भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदर पाल सिंह ग्रेवाल ने कहा कि आरएसएस संघ देश भक्ति का प्रतीक है। संघ ने कभी ऐसी गतिविधियों में सहयोग नहीं दिया, जिससे देश की प्रतिष्ठा को नुकसान हो। भाजपा के जिलाध्यक्ष देहाती संजीव धमीजा ने कहा कि यूपीए द्वारा संघ के प्रचारकों के खिलाफ दिए जा रहे बयान निंदनीय हैं। उन्हें इस बात की जरा भी जानकारी नहीं है कि कौन सी संस्था देश हित में काम कर रही है और कौन सी देश विरोधी है? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेसी नेता मुस्लिम वोट हासिल करने के लालच में संघ पर आरोप लगा रहे हैं। उनकी इस साजिश को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।





अजमेर - हिन्दुत्व के नाम पर बुधवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। संघ ने सरकार पर अल्पसंख्यक समुदाय के वोटों की राजनीति के लिए हिन्दुत्व विरोधी कार्य करने और संघ को बदनाम करने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट का घेराव किया। आरएसएस ने साफ किया है कि यदि सरकार ने हिन्दुत्व विरोधी और संघ को बदनाम करने की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया तो देश का हिन्दू समाज चुप नहीं बैठेगा। राष्ट्रीय स्तर पर जनजागरण और आंदोलन किए जाएंगे।



हिंदू आतंकवाद के आरोपों के खिलाफ संघ का देशव्यापी प्रदर्शन




नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकवादी गतिवधियों से जो़डने के ""राजनीतिक षड्यंत्र"" के विरोध में संघ के स्वयंसेवकों ने बुधवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन किए।
संघ के प्रवक्ता राम माधव ने आईएएनएस से कहा कि विभिन्न प्रदेशों की राजधानियों और जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया वहीं सरकार्यवाह सुरेश जोशी ने हैदराबाद में एक रैली को संबोधित किया।
नयी दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सत्ता पक्ष और भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की बैठक आज बिना किसी कामकाज के एक बार के स्थगन के बाद सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
गंगा सिंह (चीन )
-- यह भारत में हिन्दुओं को कमजोर करने का बड़ा दुष्प्रचार है।
 महेंद्र -- हा क्यों कि इसका सीधा फायदा कोंग्रेस को होगा जिससें कांग्रेस का वोट बैंक मजबूत होगा जिससे उसे आने वाले चुनावों में फायदा हो
 मोहन पत्रे - अन्य मजहब के वोट पाने के लिए काँग्रेस और तथाकथित सेकुलर दल हमेशा हिंदू संगठन, और हिंदुत्व के पक्षमें कम करने वाले आरएसएस, हिंदुमहासभा, आर्यसमाज, रामकृष्ण मिशन, जैसे संगठनों को बदनाम करने की कोशिश करते रहते है | जैसे देश विभाजन के बाद करोड़ों विस्थापित हिंदुओं की दुर्दशा देख कर हिंदू संघ के साथ जुड़ने लगा था उससे भयभीत काँग्रेस ने गाँधी हत्या के असत्य आरोप लगा कर संघ पर प्रतिबंध लगाया था | न्यायालय ने संघ के नेताओं और स्वातंत्र्यवीर सावरकर के ऊपर आरोप असत्य होने के कारण उन्हें मुक्त कर दिया | अब रामजन्मभूमि फैसले से हिंदू फिर संघ के साथ जुड़ने लगा तो फिर असत्य आरोपों का सिलसिला शुरू हुआ है | खुलेआम राष्ट्रद्रोह की बात करने वालों को माफ कर संतो और देशभक्तो को प्रताड़ित किया जा रहा है | हिंदुओं का मनोबल विदेशी कभी तोड़ नही पाएँगे | राजपूतों के जौहर, सिख गुरुओं के बलिदान, मराठों के विजय अभियान और गीता का अमृतपान हिंदू मनोबल को कभी टूटने नहीं देगा |
एन पी गुप्ता -- यदि इसे साज़िश माना जाय तो यह कहना भी उपयुक्त होगा कि इस साज़िश में सत्ता की खातिर वोट की गंदी राजनीति करने वाले हिंदू राजनीतिज्ञ ही अधिक संख्या में शामिल है और यह भी सत्य है कि इस प्रकार के बेहूदा आरोप सिर्फ़ भारत जैसे उदारवादी विशाल प्रजातांत्रिक देश में सम्विधान की धज्जियाँ उड़ानें वाले तथा सम्विधान की भावना के विरूद्ध कार्य करने वाले व सत्ता के स्वार्थ में डूबे नेता ही लगा सकते है | वास्तविकता तो यह है कि आतंकवाद को संरक्षण देकर देश को खंडित करने का प्रयास करने वाले लोगो का साथ देकर ये लोग देश के रक्षक बन गए है और सम्विधान की मर्यादा में रहकर अपने ही देश में रहकर देश को खंडित करने वालो से देश के स्वाभिमान की रक्षा करने वाले संघ का नाम आतंकवाद से जोड़ा जाने को इस देश का दुर्भाग्य ही समझा जाना चाहिए | 

हिन्दू अपमान नहीं सहेंगे, संघ की चेतावनी..!

- अरविन्द सीसोदिया
देश में विगत ४० वर्षों वाद राष्ट्रीय  स्वंयसेवक संघ , जन आन्दोलन के रूप में सीधे तौर पर सड़कों पर उतरा  है..! उसके दो बड़े कारण बनें कि 
" एकतो सोची समझी साजिस के तहत हिन्दू आतंकवाद , भगवा आतंकवाद नाम चलाया गया...!  शैनें शैनें से इस आतंकवाद  को संघ से जोड़ने की चालें चलीं गई..!! इसी क्रम में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, देवेन्द्र गुप्ता और इन्द्रेश कुमार जी इत्यादी नामों पर आरोप जड करके, संघ की घेरा बंदी करना...! और फिर बिना किसी सबूत के संघ को सिमी से जोड़ देना ..! जिस संघ के ८५ वर्षों के सफ़र में एक भी घटना उसके विरुद्ध कभी साबित  नहीं हुई...! वह एक इस तरह का विशिष्ट संगठन है जो गणतंत्र दिवस की परेड में नेहरु जी के आमन्त्रण पर सम्मिलित हुआ था | "
" दूसरा एक सुनियोजित तरीके से चर्च प्रेरित धरमांतरण उद्देश्यों हेतु .., सरकार स्तर से   हिन्दू आस्थाओं पर ,  हिन्दू मान्यताओं पर, हिन्दूधर्म स्थलों पर , हिन्दू मान बिन्दुओं पर , आक्रमण हुए.., जैसे श्रीराम को ही काल्पनिक व्यक्ती बताने वाला शपथ पत्र केंद्र सरकार ने न्यायालय  में दाखिल कर दिया.., अमरनाथ यात्रा को भी बाधित कर दिया गया.., दीपावली के दिन हिन्दू शंकराचार्य   को गिरिफ्तार कर लिया गया, जन्माष्टमी के दिन स्वामी लक्ष्मणानन्द की वीभत्स  ह्त्या हुई , तो कभी स्वामी श्री श्री रविशंकर, तो कभी  स्वामी आशाराम जी , तो कभी स्वामी रामदेव  जी की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयत्न ..., हिन्दू देवी देवताओं के अश्लील और नग्न चित्र बनाना... , कुल मिला कर हिन्दू को हतोत्साहित करने का प्रयत्न.., उसे हीन भावना ग्रस्त करने की कोशिशें..., उसे कायर , डरपोक या निर्बल  होने की मानसिकता लाद देने  के कुप्रयास ,,,, "
       संघ एक अनुशासित संगठन है , वह देश के कानून को मनाने वाला और उसकी इज्जत करने वाला संगठन है.., समाज  को स्वाभिमानी बनाने और उसके द्वारा राष्ट्र को विश्व में सबसे उच्च स्थान पर आरुड करने के हर प्रयत्न में वह अग्रणी भूमिका  निभाता है ..! इसी कारण कांग्रेस की वर्त्तमान भूमिका को पहचानते हुए भी वह सहनकर्ता रहा .., हर तरह की जांच में सहयोग की बात कहता रहा, मगर जब हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच आपसी भाईचारा बढानें में लगे संघ प्रचारक इन्द्रेश जी को कांग्रेस सरकार ने सीधे सीधे दरगाह विस्फोट कांड से जोड़ लिया  तो उसे न्याय के पक्ष में , अन्याय के प्रतिकार हेतु  सड़कों पर उतर  कर १० नवम्बर २०१० को देश के सभी जिला केन्द्रों पर विशाल प्रदर्शन करते हुए.., सभाएं संबोधित करनी पड़ी ..! राष्ट्रपती महोदया के नाम २३ सूत्रीय विरोध पत्र देना पडा ...!!
संघ के सवालों पर चुप्पी क्यों....?
संघ के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम सभी जिला केन्द्रं पर , शासकीय अधिकारीयों के माध्यम से दिए गए, विरोध पत्र में, बिंदु १४, १५ , १६ और १७  का जबाव सरकार की तरफ से आना चाहिए, विशेष कर मीडिया के बंधुओं  को पूछना चाहिए कि तब आपने यह किस आधार पर कहा था, अब किस आधार पर कह रहे हो...? राहुल गांधी झूठ बोले .., उसे सही सिद्ध करने झूठे मुकदमें लाद दो..?
यथा विरोध पत्र के
बिंदु १४ ---
हम आदरणीय प्रधानमंत्री जी को स्मरण दिलाना चाहते हैं कि उनकी खुद की सरकार ने पूर्व में अजमेर, हैदराबाद और समझौता  एक्सप्रेस के बम विस्फोटों में हुजी ( हरकत - उल - जिहाद - इस्लामी ) और एल. ई. टी . ( लश्कर - ए - तैयबा ) संगठनों को जिम्मेवार करार दिया था | अमरीकी विदेश मंत्रालय ने एल. ई.टी. के मुख्य समन्वयक आरिफ कसमानी को जुलाई २००६ के मुम्बई उपनगरीय  ट्रेन विस्फोटों एवं फरवरी २००७ में समझौता एक्प्रेस में हुए विस्फोटों में संलिप्त माना है | अमरीकी विदेश विभाग ने अपनी ६ अगस्त २०१० की अधिसूचना जारी कर उक्त  पाकिस्तानी संगठन हुजी ( हरकत - उल - जिहाद - इस्लामी )  को , विदेशी आतंककारी संगठन एवं इससे सम्बद्ध इल्यास कश्मीरी काके को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित  किया | अमरीका की सलाह पर इसी दिन संयुक्त राष्ट सुरक्षा परिषद् की आतंकवाद - विरोधी दण्ड समिति ने भी इसी प्रकार के कदम उठाये हैं |   
बिंदु १५ --- इन अधिसूचनाओं पर रिपोर्टिंग करते हुए अमरीकी पत्रकार फाड़लर ने उल्लेखित किया, " हुजी ने अनेक आतंकवादी   घटनाओं को अंजाम दिया है | मार्च २००६ में पाकिस्तान के करांची स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हुए आत्मघाती विस्फोटों , जिसमें ४ लोग मारे गये और ४८ घायल हुए , में  हुजी जिम्मेवार था | मई २००७ में हुए हैदराबाद मस्जिद विस्फोट (जिसमें १६ लोग मारे गये और ४० घायल हुए ) और मार्च २००७ के वाराणसी विस्फोट ( जिसमें २५ लोग मारे गये और १०० घायल हुए  ) में भी हुजी जिम्मेवार था | "
बिंदु १६...
इस प्रकार , अमरीकी अन्वेषकों के अनुसार , समझौता एक्सप्रेस में एल. ई. टी. और अल-कायदा तथा मक्का मस्जिद विस्फोटो में हुजी का हाथ है | यदी अमरीकी अन्वेषक , जिनके पाकिस्तान में स्त्रोत और पहुँच हमसे बेहतर  है, सही है तो हमारे जांच कर्ता यह दावा कैसे कर रहे हैं कि इन घटनाओं के पीछे कुछ गिरिफ्तार किये गये हिन्दुओं का हाथ है | जबकी अमरीकी जांच एजेंसियां एल. ई. टी. , अलकायदा और हुजी संगठनों को जिम्मेवार करार दे  रही  हैं , जबकी भारतीय जांच कर्ता अभिनव भारत पर दोष मढ़  रही हैं | दोनों में से एक ही एजेंसी सही हो सकती है |
बिंदु १७ ----
इस सबसे इस निष्कर्ष पर सहज ही पहुंचा  जा सकता है कि नामजद रूप से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और व्यापक रूप से हिन्दू प्रवाह को बदनाम करने के पीछे कुत्सित राजनैतिक षडयन्त्र हैं | यह और कुछ नहीं , वोटों के लालची राजनेताओं की पुरानी चल है | हरवार जब भी वे ' अल्पसंख्यकों ' के वोट हथियाना चाहते हैं , तब तब वे आर. एस. एस. को अल्पसंख्यक - विरोधी चित्रित कर दुष्प्रचार करते हैं |
  अर्थात हम हिन्दू समाज के लोगों को सोचना और समझाना होगा की यह क्या षड्यंत्र है और क्यों है..!!!!  आगे इस विषय पर और बतायेंगें ........