बुधवार, 17 नवंबर 2010

कांग्रेस वालों, अब तो गिरिफ्तर करो गद्दारों को...!



हुर्रियत नेता  गिलानी और 
लेखिका अरुंधतिरॉय 
राजद्रोह गिरिफ्तर क्यों नहीं .....?
- अरविन्द सीसोदिया 

  हजारों लाखों सालों से कश्मीर और अफगानिस्तान का क्षैत्र बिना किसी विवाद के भारतीय था और है .., ये विवाद तो बदनीयत से पाकिस्तानियों ने खड़ा किया है सच यह है कि पाकिस्तान भी भारतीय हिस्सा है जिसे ब्रिटेन ने बदनीयती से भारत से अलग किया है ...!! ब्रिटेन इस देश पर हमलावर था उसे इस देश को बांटने का क्या हक़ था...? यह देश उनके बाप - दादों की जायदात  थोड़े ही थी जो अपने ब्रिटेन  में कानून बना कर इसे बाँट दिया ...! ख़ैर यह तो हमारे नेताओं की भी कमजोरी थी कि उन्हें विभाजन मंजूर था...!! मगर अब तो देश में अपना कानून है अपना राज है .., अब भी विभाजनकारी ताकतें सक्रीय क्यों हैं ...? उन्हें जेल में डालने की ताकत आपके पास है फिर भी आप उन्हें गिरिफ्तार क्यों नहीं करते...!  संघ जैसे देशभक्तों के कार्यालयों पर जाकर उन्हें प्रताड़ित करने की फुरशत तो आपको है !! अब तो सुरक्षा परिषद ने भी कश्मीर को विवादित क्षेत्र से बाहर कर दिया  है !! अब तो उन्हें गिरिफ्तर करो जो कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने से इंकार कर रहे थे !!    

         ब्रिटेन नवंबर महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है. परिषद में सुधार कार्यक्रम पर सालाना बहस के दौरान सुलझाए जाने वाले विवादों की सूची में कश्मीर का जिक्र नहीं था. इस पर पाकिस्तान ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है.संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दूत हुसैन बी सियाल ने महासभा की बैठक में कहा, "सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिटेन की ओर से पेश की गई सूची में जम्मू कश्मीर का दुनिया भर के अनसुलझे विवादों  में कहीं कोई जिक्र ही नहीं है. हम समझते हैं कि यह एक बड़ी भूल है. क्योंकि सुरक्षा परिषद के एजेंडे में जम्मू कश्मीर सबसे विवादित मुद्दों में से एक है."



--- नई दिल्ली.पटियाला हाउस अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी और लेखिका अरुंधति रॉय के विरुद्ध राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग को लेकर दाखिल शिकायत पर अपनी रिपोर्ट पेश करे। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट नवीता कुमारी बाघा की अदालत में आदित्य राज कौशल ने गिलानी और अरुंधति के कथित भारत विरोधी बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संबंधित थाने के एसएचओ को आदेश दिए है कि वह 16 नवंबर तक स्टेटस रिपोर्ट उनके समक्ष पेश करे। कौशल की ओर से सीआरपीसी की धारा 153 (3) के तहत अपनी शिकायत दर्ज करते हुए सैय्यद अली शाह गिलानी और अरुंधति रॉय आईपीसी की विभिन्न धाराओं, गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) एक्ट, राजद्रोह के साथ काम करने, वैमन्स्यता को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं से खेलने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के तहत शिकायत दाखिल की गई थी।  
    कांग्रेस वालों हिन्दुओं के पीछे तो हाथ धो कर पद जाते हो.., इनमें एक मुस्लमान है और ईसाई पुत्री है सो चुप हो...!!  

पाकिस्तान आतंकवाद को आतंकवादी देश घोषित किया जाये

- अरविन्द सीसोदिया 
अब अमरीका को यह समझाना  चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद को आतंकवादी देश घोषित किया जाये ..!! उसे आर्थिक  सहायताएं बंद कि जाएँ , जब तक वह एक जिम्मेवार देश की तरह व्यवहार नहीं करने लगे , तब तक ब्लेक लिस्टेड किया जाये ! इस रिपोर्ट के बाद तो यह करना अमरीका का कर्तव्य बनता है !! 
--- लंदन.दुनिया भर में आतंक की फैक्ट्री के नाम से मशहूर पाकिस्तान दुनिया का सबसे खतरनाक देश बन गया है। हाल ही में जारी किए गए वर्ल्ड टेररिज्म रिस्क इंडेक्स में पाकिस्तान को दुनिया का दूसरा सबसे खतरनाक देश करार दिया गया है।

वहीं वर्ल्ड टेररिज्म रिस्क इंडेक्स में गृह युद्ध से पस्त हो चुके सोमालिया को पहला स्थान मिला है। आपको बता दें कि वर्ल्ड टेररिज्म रिस्क इंडेक्स, ग्लोबल रिस्क एडवाईज़र फर्म 'मेप्लीक्रॉफ्ट'द्वारा बनाया जाता है।

कुल 196 देशों को ध्यान में रखकर बनाए गए इस इंडेक्स को विभिन्न देशों में घटी आतंकवादी घटनाओं की तीव्रता और उनकी पुनरावृती के आधार पर तैयार किया गया है। आपको यह जानकर हैरत होगी कि इस रिपोर्ट में कुल 16 ऐसे देश हैं जिन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक देशों की श्रेणी में रखा गया है।


सूचकांक में इराक तीसरे स्थान पर है, जबकि अफगानिस्तान चौथे स्थान पर। इसके अलावा अन्य देशों में कोलम्बिया, थाईलैंड, फिलीपींस, यमन और रूस शामिल हैं, जिन्हें शीर्ष 10 अति जोखिम वाले राष्ट्रों में रखा गया है।

आतंकी घटनाओं की आवृत्ति और हमलों की तीव्रता का आकलन करने के लिए आतंकवाद जोखिम सूचकांक में जून 2009 से जून 2010 के आकड़ों को इस्तेमाल किया गया है। इसमें हर हमलों में पीड़ितों की संख्या और जन संहार की सम्भावनाओं को शामिल किया गया है।