गुरुवार, 25 नवंबर 2010

पर्याप्त नहीं है मुम्बई हमलों पर अभी तक की कार्यवाही


- अरविन्द सीसोदिया
  में दो उन घटनाओं के लिए भारतीय राजनीति से सहमत नहीं हूँ .. जिनमें देश की और से कार्यवाही पर्याप्त नहीं थी ...! पहली घटना देश की संसद पर हुआ पाकिस्तान प्रेरित आक्रमण और दूसरा मुम्बई में हुआ पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादी हमला ....! इन दोनों घटनाओं के बाद सरकार को पाकिस्तान पर  आक्रमण करना चाहिए था ..! हमलावरों से सख्ती से निंवटना  चाहिए था ..! मगर ना पाकिस्तान से और न हमलावरों और उनके मददगारों से सरकार निंवट सकी ...!! अब एक बार फिरसे इसी तरह का कोई बड़ा हादसा होगा .. तब भारत - पाक युद्ध हो..., नहीं भी हो ..!! हमें  कायरता का नोवल जो चाहिए ..!!
आओ हम इन घटनाओं में मृत लोगों और शहीद हुए सुरक्षा कर्मियों को हार्दिक नमन करें ..!! उनके बलीदान को श्रृद्धांजली देन ...!! 
ये कर्म कांड काफी नहीं ...
* केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम शुक्रवार को 26 नवम्बर 2008 के मुम्बई आतंकी हमले में मारे गए लोगों और शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह पूर्वी बोरीवली में मेगाथाणे सीएनजी स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में चिदम्बरम के अलावा केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण हिस्सा लेंगे।
* 26/11 आतंकी हमले में शहीद 17 सुरक्षाकर्मियों में एक को पेट्रोल पम्प आवंटित किए जाने सम्बंधी घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

* मुम्बई आंतकी हमले की बरसी पर शहर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे।
* छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, होटल ताज महल पैलेस एंड टावर और होटल ट्राइडेंट-ओबरॉय में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
* एक सामाजिक संगठन 'निजात' आतंकी हमले में शामिल जिंदा बचे पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब को तुरंत फांसी पर लटकाए जाने की मांग को लेकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर एक हस्ताक्षर अभियान चलाएगा।
* इस मौके पर हमलों में मारे गए एनएसजी अधिकारी मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के पिता पी उन्नीकृष्णन गेटवे आफ इंडिया पर एक शांति मार्च में शामिल होंगे।

* कालेज आफ सोशल वर्क, निर्मला निकेतन और 26/11 पीड़ितों के परिवार इस दिन कामा अस्पताल से सेंट जेवियर कालेज तक एक मौन रैली निकालेंगे।
* भारतीय अमेरिकी सोसाइटी ने भी इस मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सीएसटी रेलवे स्टेशन पर भी एक स्मृति समारोह होगा।
मुंबई हमलों की वह खौफनाक स्मृति  


     २६  नवंबर २००८ की रात एकाएक मुंबई गोलियों की आवाज़ से दहल उठा. हमलावरों ने मुंबई के दो पाँच सितारा होटलों, रेलवे स्टेशनों और एक यहूदी केंद्र को निशाना बनाया. शुरू में किसी को अंदाज़ा नहीं था कि इतना बड़ा हमला हुआ है. लेकिन धीरे-धीरे इस हमले का अंदाज़ा होना शुरू हुआ. २६  नवंबर २००८  की रात में ही आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे समेत मुंबई पुलिस के कई बड़े  अधिकारी भी इस हमले में अपनी जान गँवा बैठे. लियोपोल्ड कैफ़े और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से शुरू हुआ आतंक का ये तांडव  ताजमहल होटल में जाकर ख़त्म हुआ. लेकिन इस बीच सुरक्षाकर्मियों को 60 से भी ज़्यादा घंटे लग गए. 160 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गँवाई. मुंबई पुलिस और जाँच अधिकारियों की मानें तो हमलावर दो-दो के गुटों में बँटे हुए थे. लियोपोल्ड कैफ़े
इस कैफ़े में ज़्यादातर विदेशी आते हैं. विदेशी पर्यटकों के बीच यह कैफ़े काफ़ी लोकप्रिय है. इससे पहले ही वहाँ मौजूद लोग कुछ समझ पाते, हमलावरों ने जमकर गोलियाँ चलाई और वहाँ से निकलते बने. आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ लियोपोल्ड कैफ़े में हुई गोलीबारी में 10 लोग मारे गए.
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस
सबसे ज़्यादा आतंक का तांडव इस भीड़-भाड़ वाले रेलवे स्टेशन पर मचा. देश के व्यस्तम रेलवे स्टेशनों में से एक है मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनस.यहाँ बड़ी संख्या में रेल यात्री मौजूद थे. हमलावरों ने यहाँ अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं. जाँच अधिकारियों की मानें तो यहाँ हुई गोलीबारी में अजमल आमिर कसाब और इस्माइल ख़ान शामिल थे. बाद में अजमल आमिर कसाब पकड़ा गया लेकिन इस्माइल ख़ान मारा गया. यहाँ की गोलीबारी में सबसे ज़्यादा 58 लोग मारे गए.
ओबेरॉय होटल
ओबेरॉय होटल व्यापारिक तबके के बीच काफ़ी लोकप्रिय है. इस होटल में भी हमलावर ढेर सारे गोला-बारूद के साथ घुसे थे. माना जाता है कि उस समय उस होटल में 350 से ज़्यादा लोग मौजूद थे. यहाँ हमलावरों ने कई लोगों को बंधक भी बना लिया. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवानों ने यहाँ दोनों हमलावरों को मार दिया. लेकिन तब तक 32 लोगों की जान जा चुकी थी.
ताजमहल होटल
ताज महल होटल के गुंबद में लगी आग आज भी लोगों के मन मस्तिष्क पर छाई हुई है. गोलीबारी और धमाकों के बीच मुंबई की आन-बान-शान ताजमहल होटल की आग लोग शायद ही भूल पाएँ. ये इमारत 105 साल पुरानी है. गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास स्थित ताज महल होटल विदेशी पर्यटकों में काफ़ी लोकप्रिय है. यहाँ से समुद्र का नज़ारा भी दिखाई देता है. होटल पर जब हमला हुआ तो वहाँ डिनर का समय था और बहुत सारे लोग वहाँ जमा थे तभी अचानक अंधाधुंध गोलियाँ चलने लगीं. सरकारी आँकड़ों की मानें तो ताजमहल होटल में 31 लोग मारे गए और चार हमलावरों को सुरक्षाकर्मियों ने मार दिया.
कामा अस्पताल
कामा अस्पताल एक चैरिटेबल अस्पताल है, इसका निर्माण एक अमीर व्यापारी ने 1880 में कराया था. मुंबई पुलिस का मानें तो चार हमलावरों ने एक पुलिस वैन को अगवा कर लिया और उसके बाद लगातार गोलियाँ चलाते रहे.इसी क्रम में वे कामा अस्पताल में भी घुसे. कामा अस्पताल के बाहर ही मुठभेड़ के दौरान आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे, मुंबई पुलिस के अशोक काम्टे और विजय सालसकर मारे गए. इसके अलावा हमलावरों ने नरीमन हाउस को भी निशाना बनाया. नरीमन हाउस चबाद लुबाविच सेंटर के नाम से भी जाना जाता है. नरीमन हाउस में भी हमलावरों ने कई लोगों को बंधक बनाया था.
जिस इमारत में हमलावर घुसे थे वह यहूदियों की मदद करने के लिए बनाया गया एक सेंटर था, जहाँ यहूदी पर्यटक भी अक्सर ठहरते थे. इस सेंटर में यहूदी धर्मग्रंथों की बड़ी लाइब्रेरी और उपासनागृह भी है. यहाँ एनएसजी कमांडो को कार्रवाई करने के लिए हेलिकॉप्टर से बगल वाली इमारत में उतरना पड़ा. कार्रवाई हुई और हमलावर मारे भी गए. लेकिन किसी भी बंधक को बचाया नहीं जा सका. यहाँ सात लोग और दो हमलावर मारे गए.
-- न्यू यॉर्क की अदालत
अमेरिका की एक अदालत ने मुंबई के आतंकवादी हमलों के आरोपी और लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख अहमद शुजा पाशा सहित कुछ लोगों के खिलाफ समन जारी किया है.26/11 के आतंकवादी हमले में मारे गए अमेरिकी नागरिकों के रिश्तेदारों ने हाफिज सईद, पाशा और जकीउर रहमान लकवी जैसे लोगों पर दहशत फैलाने के लिए हथियार मुहैया कराने के आरोप लगाए हैं.
    रबी गैबरियल नोआ होल्ट्जबर्ग और उनकी पत्नी रिवका के रिश्तेदारों ने 19 नवंबर को न्यू यॉर्क की अदालत में यह मामला दाखिल किया. दो साल पहले मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में रबी और उनकी पत्नी की छाबड़ हाउस में मौत हो गई थी. उनके बेटे मोशे को उसकी भारतीय आया ने बचा लिया था. इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर लश्कर की सहायता करने और हमले में मदद करने का आरोप लगाया गया है. इसके बाद ब्रुकलिन कोर्ट ने मेजर समीर अली, आजम चीमा, मेजर इकबाल लकवी, साजिद माजिद, पाशा, सईद और नदीम ताज के खिलाफ समन जारी किया.
छह अमेरिकियों की मौत
--अमेरिका में जारी इस रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है, "मुंबई हमलों के कम से कम आधा दर्जन संदिग्ध मास्टरमाइंड खुले आम घूम रहे हैं. इनके खिलाफ सबूतों में डेविड हेडली के बयान भी शामिल हैं जिसने लश्कर ए तैयबा के साथ साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को इन हमलों में शामिल बताया है."
वॉशिंगटन पोस्ट और प्रोपब्लिका डॉट कॉम पर प्रकाशित खोजी पत्रकार सेबेस्टियन रोटेला की रिपोर्ट के मुताबिक, "इस मामले में वास्तविक सबूत भी हैं." रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहा है जो अमेरिका और पाकिस्तान के बीच टकराव की वजह भी बन सकती है. इन हमलों में 166 लोग मारे गए जिनमें छह अमेरिकी भी शामिल थे.इस बीच अमेरिकी अटॉर्नी जनरल एरिक एच होल्डर ने कहा है कि छह अमेरिकियों की मौत के सिलसिले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. शिकागो में अमेरिकी अटॉर्नी पैट्रिक जे फित्सगेराल्ड मुंबई हमलों और डेनमार्क में आंतकी साजिश से जुड़े मुकदमे में पैरवी कर रहे हैं. लेकिन अधिकारियों को इस बात की संभावना बेहद कम लगती है कि पाकिस्तान संदिग्धों को अमेरिका प्रत्यर्पित करेगा.
उधर एफबीआई ने एक फोन नंबर की पहचान की है जो मुंबई हमलों के एक मास्टरमाइंड सज्जाद, डेविड हेडली और पाकिस्तानी खुफिया आधिकारियों से जुड़ा बताया जा रहा है. लश्कर ए तैयबा के लिए काम करने के दौरान हेडली ने इसी नंबर से पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों को फोन किया. जांच अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट कहती है कि 2005 में मीर के साथ खुफिया मिशन पर भारत जाने वाले आईएसआई के एक अधिकारी से भी इसी नंबर पर बात की गई.हालांकि रोटेला कहते हैं कि इस हमले में पाकिस्तान सरकार के शामिल होने के सवाल पर तीखी बहस छिड़ी है और इसके साथ बहुत कुछ दांव पर लगा है. आतंकवाद विरोधी मुहिम से जुड़े पश्चिमी जगत के कुछ जानकार मानते हैं कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने मुंबई के आतंकवादी हमलों में कुछ हद तक तो सरकारी मदद मुहैया कराई ही थी. रिपोर्ट के मुताबिक, "एक वरिष्ठ अमेरिकी आतंकवाद निरोधी अधिकारी का मानना है कि मध्यम स्तर के कुछ पाकिस्तानी अधिकारी हमलों की साजिश से जुड़े थे."

बिहार : भाजपा की ही आंधी थी ...!



एक मुस्लिम प्रभाव वाले राज्य में 
भाजपा की अभूतपूर्व बढ़त 
- अरविन्द सीसोदिया    
        चुनाव आयोग ने २४ नवम्बर २०१० को  बिहार के सारे नतीजों की औपचारिक घोषणा कर दी. घोषित नतीजों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड 115 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी को 91 सीटें मिली हैं. 2005 के विधानसभा चुनाव के हिसाब से सबसे ज्यादा फायदे में भारतीय जनता पार्टी रही. उसे पिछली विधानसभा के 55 सीटों के मुकाबले 36 अतिरिक्त सीटें मिली हैं. पिछली बार के मुकाबले नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने अपनी सीटों में 27 का इजाफा किया. लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल की सीटें 54 से घटकर 22 हो गई हैं. राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को 7 सीटों का नुकसान हुआ और वह 10 से 3 पर आ गए. कांग्रेस 9 से 4 पर आ गई जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भी अपने दो विधायकों से हाथ धो बैठी. उसे सिर्फ 1 सीट मिली है. हालांकी मीडिया को यह कहनें में आपत्ती हो सकती है कि भाजपा की आंधी थी .., मगर चुनाव परिणाम कह रहे हैं कि भाजपा की ही आंधी थी ...! भाजपा को पीछे धकेलने के लिए नरेंद्र मोदी को नहीं आने दिया ....तब भी यह नतीजे कह रहे हैं कि  राष्ट्री स्तर पर भाजपा फिर वापसी करने वाली है ...!!  
वर्तमान चुनाव में , कांग्रेस ने सभी २४३ सीटों पर चुनाव लड़ते हुए मात्र ४ पर सफलता पाई है ..? न सोनिया गांधी और न ही राहुल बाबा का जादू चला ...बल्की कांग्रेस की साम्प्रदायिकता  और भ्रमित करने की राजनीती को बिहार की जनता ने पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया ..!! कांग्रेस जिस भा ज पा को साम्प्रदायिक बताती थी उसे बिहार के लोगों ने खूब गले लगाया ..!! कांग्रेस में कोई दिमाग वाला होतो यह तथ्य पहचाने कि जनता ने हिंदुत्व को आलोचित करने के रवैये को बुरी तरह  से ओधे मुंह  पटका है ..!!   यूं कहिये कि धोवी पछाड़ मारा है ..!! ये देश हिन्दुओं का है , मुसलमानों को उनके साथ मिलकर रहने दो .., कांग्रेस को इन दोनों बड़े समुदायों को मुर्गों की तरह आपस में लड़ाना छोड़ देना चाहिए ...! आज मुसलमान भी सच समझने लगा है ..! अब वह भी खुली आँख देख रहा है ...! यह परिणाम उस राज्य के हैं जहाँ १६ प्रतिशत मुसलमान हैं ...!!  

नीरा राडिया की तमाम टेप सुदा बातें उजागर हों.......

- अरविन्द सीसोदिया
  आयकर विभाग ने जो बातें टेप करवाई हैं .., उन्हें तुरंत जनता के बीच रिलीज होना चाहिए.. ताकी जनता भी जान सके की देश को लूटनें के ताने बानें में कौन कौन  हैं ..., देश के वे  नाम जिन्हें हम आन बान  शान से लेते हैं और उन नामों  पर विश्वास रखते हैं उनके नंगे असली चेहरों की हकीकत जनता के बीच आनी जरुरी है ... यदी इसमें देरी हुई तो ये सभी बातें दवादी जायेंगी ..और जनता तक नहीं पहुच सकेंगी ...!!
१ ---  २४ नवम्बर २०१०
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में कथित भूमिका के लिए कॉरपोरेट जगत के लिए लॉबिंग करने वाली नीरा राडिया से बुधवार को सात घंटे तक पूछताछ की. अधिकारियों ने राडिया से कहा है कि उन्‍हें पूछताछ के लिये फिर बुलाया जा सकता है.निदेशालय में उप निदेशक प्रभाकांत ने बताया कि हमने उनका बयान दर्ज किया है. राडिया ने हमें कुछ दस्तावेज देने का वादा किया है. वह जल्द ये दस्तावेज हमें सौंपेंगी. ईडी कार्यालय से बाहर आने के बाद राडिया ने पत्रकारों से कहा कि वह एजेंसी के साथ जांच में पूरा सहयोग करेंगी.

२ --- दैनिक भास्कर डॉट कॉम २२ नवम्बर २०१० ..... 
नीरा का एक काल तय कर्ता था अरबों की डील
http://bollywood.bhaskar.com/article/NAT-ms-1574730.html
- आशीष महरिशी की रिपोर्ट ...  
हिंदुस्तान की राजनीति में इनदिनों यदि सबसे अधिक कोई महिला चर्चित है तो वह है नीरा राडिया। नीरा राडिया के संबंध देश के ताकतवार राजनेताओं, मंत्रियों और मीडिया के दिग्गजों तक से हैं। वे इस संबंध का इस्तेमाल अपने क्लाइंट्स को फायदा पहुंचाने के लिए करती हैं। नीरा की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके कॉल की एक घंटी मंत्रियों को सीट से उठा देने के लिए काफी है। उसके कॉल तय करते थे कि किस घराने को कौन सा ठेका मिलेगा। कॉरपोरेट्स धराने, मीडिया और राजनेता के इस खतरनाक गठजोड़ ने पूरे देश को चौंका दिया है। आखिर नीरा है क्या बला? जब दैनिक भास्कर डॉट कॉम ने इसी पड़ताल की तो उसकी जिंदगी के कई राज सामने आए।धुंधराले बालों वाली नीरा मूलत: ब्रिटिश नागरिक हैं। लेकिन अपनी बिजनेसमेन पति जनक राडिया से तलाक के बाद उन्होंने लंदन से भारत का रुख किया। भारत में उनके तीन बेटे उनके साथ रहती हैं। 2003 में उनके बिजनेस पार्टनर धीरज सिंह को उनके 18 साल के बेटे के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।नीरा का नाम दुनिया के सामने पहली बार 2008-09 में आया जब आयकर विभाग ने उनके कुछ फोन कॉल को टैप किया। इस फोन कॉल से पता चला कि कैसे नीरा अपने क्लाइंट को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार में दखल करती हैं।
नीरा राडिया चार कंपनियों की मालकिन है। वे जिस-जिस कंपनी की मालिक हैं, उनके टेलीफोन टेप किए गए थे। आयकर निदेशालय के मुताबिक टेलीफोन टैप से जो बाते सामने आईं हैं उसमें अपने कॉरपोरेट क्लाइंट की व्यवसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार के कई विभाग के निर्णयों को बदला गया और कई मामलों में तो नीतिगत फैसलों को भी बदलवाकर लाभ पहुंचाया गया। नीरा ने पूर्व दूरसंचार ए.राजा से कई ऐसे फैसले बदलवा दिए जिससे उसके क्लाइंट का लाभ पहुंच सके।
टैप से साबित हुआ है कि राडिया की पहुंच सीधी ए राजा तक है। वह सीधे राजा को ही कॉल करती थी। बीच में कभी भी कोई सचिव या पीए नहीं होता था। कुछेक दस्तावेज तो यह भी बताते हैं कि नीरा के संबंध झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से भी थे। नीरा ने अपने क्लाइंट को खान दिलाने के लिए उन्हें 180 करोड़ रूपए की रिश्वत दी थी। सीबीआई की कागजों में कहा गया है कि झारखंड में लौहअयस्क की खानों के बदले नीरा ने कोड़ा और दो सहयोगियों को भारी पैसा दिया था।
नीरा का संबंध सिर्फ राजनीतिक गलियारों में ही नहीं बल्कि मीडिया में भी रहा। नीरा ने कई प्रभावशाली मीडिया हस्तियों से संपर्क साधती थीं और अपने लिए प्रयोग करती थीं। देश के दो बड़े पत्रकार इस सिर्फ शक के घेरे में हैं। एक देश की ख्यात महिला पत्रकार हैं जो एक न्यूज चैनल में काम करती हैं तो दूसरे पत्रकार एक अंग्रेजी अखबार में हैं। हालांकि, दोनों ने नीरा से किसी भी प्रकार के ऐसे संबंध से इंकार किया है जिसका फायदा वह उनसे उठाती थीं।नीरा को शिकंजे में लेना कोई आसान काम नहीं है। उसकी कंपनियां टाटा ग्रुप के साथ-साथ यूनिटेक, मुकेश अंबानी की रिलांयस से लेकर देश के कई ख्यात मीडिया संस्थानों के लिए भी काम करती हैं।


३ --- आलोक तोमर / सत्ता चक्र पर , मई  ७ , २०१० लिखते हैं ....
इसे आप सीधे उनके ब्लॉग पर भी पढ़ सकते हैं ...
http://sattachakra.blogspot.com/2010/05/blog-post.html
सोचा था कि इतने बड़े देश में बहुत दलाल पड़े है इसीलिए नीरा राडिया ( NIRA RADIA) के बारे में दुबारा नहीं लिखूंगा। मगर सीबीआई के एक दोस्त राडिया की पूरी फाइल थमा गए और जैसा कि मुहावरे में कहते हैं, मेरी नींद हराम हो गई। नीरा राडिया ने चार कंपनियां बनाई हैं और इनमें वैष्णवी कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड सबसे पुरानी है। इसके अलावा रिश्ते बेचने की नोएसिस कंसलटिंग विटकॉम और न्यूकॉम कंसलटिंग भी दलाली का अच्छा खासा कारोबार कर रही है। ये पहली बार पता चला कि पिछले साल 21 अक्टूबर को सीबीआई ने नीरा राडिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उनकी कंपनी नोएसिस पर आपराधिक साजिश रचने का इल्जाम हैं। इस जांच की जानकारी 16 नवंबर 2009 को सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के डीआईजी विनीत अग्रवाल ने आयकर महानिदेशालय में सतर्कता अधिकारी मीराब जैन को भेज दी थी। चार दिन बाद 20 नवंबर को इसका जवाब भी आ गया और चिट्ठी में साफ लिखा है कि नीरा राडिया के टेलीफोन को आयकर विभाग के आदेश पर निगरानी में डाल दिया गया। नीरा राडिया जो चारो कंपनियां चलाती है उन सभी के फोन टेप हुए। पता चला कि अपने कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए नीरा राडिया ने संचार मंत्री ए राजा से कह कर कई बड़े और महंगे सौदे अपने ग्राहकों के हक में बदलवाए। सिर्फ चार महीने में हजारों करोड़ के सौदे हो गए। नीरा राडिया ने नए टेलीफोन ऑपरेटरों को सिखाया कि विदेशी निवेश कैसे छिपाया जा सकता है।
नीरा राडिया के ए राजा के साथ संदिग्ध होने की हद तक अंतरंग संबंध है। राजा और राडिया सीधे मोबाइल पर प्रेमालाप करते है। सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार जब मनमोहन सिंह अपना दूसरा मंत्रिमंडल बना रहे थे तो गुप्तचर रिपोर्ट दी गई थी कि ए राजा के बहुत सारे आर्थिक स्वार्थ हैं इसलिए उन्हें कोई जिम्मेदार विभाग नहीं दिया जाए। मगर राजनैतिक मजबूरियों और नीरा राडिया के ताकतवर कॉरपोरेट ग्राहकों की मदद से आखिरकार राजा संचार मंत्री बन ही गए। सबूत सामने है। कैबिनेट के शपथ ग्रहण से ग्यारह दिन पहले नीरा राडिया के फोन टेप दस्तावेजों के अनुसार कॉरपोरेट लॉबी की पहल पर नीरा राजा को संचार मंत्री बनवाने में लगी हुई थी। कई बड़े पत्रकारों के नाम भी (हिन्दुस्तान टाइम्स के पूर्व सम्पादक वीर संघवी, एनडीटीवी की प्रबंध सम्पादक बरखा दत्त का नाम नीरा राडिया के साथ और उसके लाबिंग में तथाकथित मदद को लेकर चर्चा में है , और भी सुनामधन्य खबरनवीसों के नाम हैं ) इन दस्तावेजों में है।
टाटा इंडिकॉम तो चलाता ही है और नई मोबाइल कंपनी एयरसेल में मैक्सिस कम्युनिकेशन और अपोलो के जरिए टाटा ही मालिक है। रतन टाटा वोल्टास के जरिए करुणानिधि के पत्नी के चार्टर्ड अकाउंटेंट के संपर्क में भी थी। एयरटेल के सुनील मित्तल लगातार कोशिश कर रहे थे कि राजा नहीं, दयानिधि मारन दोबारा संचार मंत्री बने। इस काम के लिए भी मित्तल ने राडिया से संपर्क किया। आयकर विभाग के गुप्त दस्तावेज बताते है कि स्वान टेलीकॉम, एयरसेल, यूनीटेक वायरलैस और डाटा कॉम को लाइसेंस और स्पेक्ट्रम के लाभ भी मिले। राडिया ने अपनी सभी कंपनियों में रिटायर्ड अफसरों को रखा हुआ हैं और वे बहुत काम आते है। कहा जाता है कि झारखंड के मुख्यमंत्री मधु कोडा टाटा समूह से एक सौ अस्सी करोड़ रुपए मांग रहे थे मगर राडिया ने राज्यपाल के जरिए मुफ्त में काम करवा दिया। जाहिर है कि यह सेवा निशुल्क नहीं हुई होगी।
नीरा राडिया की कंपनिया टाटा के अलावा यूनीटेक, रिलायंस, स्टार समूह जैसे बड़े ब्रांड के लिए जनसंपर्क यानी दलाली कर रही है। इस दलाली में भी खूब खेल हो रहे हैं। स्वान को पंद्रह सौ सैतीस करोड़ रुपए में लाइसेंस मिला और कुछ ही दिन बाद इसका सिर्फ चौवालीस प्रतिशत हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात के ईटीसैलेट को बयालीस सौ करोड़ में बेच दिया। यूनीटेक वायरलैस को स्पेक्ट्र लाइसेंस सोलह सौ इकसठ करोड़ में मिला और उन्होंने नार्वे की टेलनोर को साठ प्रतिशत शेयर इकसठ सौ बीस करोड़ रुपए में बेच दिया। ईमानदारी की कसम खाने वाले टाटा टेली सर्विसेज ने भी सिर्फ छब्बीस फीसदी शेयर जापान के डोकोमो को तेरह हजार दो सौ तीस करोड़ रुपए में बेचे। स्वान कंपनी ने तो और भी कमाल किया। चार महीने पहले चेन्नई की जेनेक्स एग्जिम वेंचर को तीन सौ अस्सी करोड़ रुपए के शेयर एक लाख रुपए में दे दिए। घपला साफ दिख रहा है। लेकिन इस घपले को पकड़ने वाले सीबीआई के मिलाप जैन का तबादला हो चुका है और आयकर विभाग अब कह रहा है कि उसने कभी नीरा राडिया का फोन टेप करने के आदेश दिए ही नहीं थे। नीरा राडिया के ग्र्राहकों में पीसीएस हैं, टाटा स्टील है, टाटा मोटर्स है, टाटा टेली सर्विसेज है, इंडियन होटल्स है, ट्रेंट इंटरनेशनल है, टाइटन है, सन माइक्रो सिस्टम है, आईटीसी है, जीएमआर है, स्टार है, सीमंस है, कोटक महिंद्रा है, चैनल वी है, ईबे है, अरेवा पावर्स है, रेमंड्स है और भारतीय उद्योग महासंघ भी है। आप समझ सकते हैं कि नीरा जी कितनी प्रतिभाशाली है। नीरा की कंपनियों की बोर्ड में मध्य प्रदेश काडर के आईएएस अफसर और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरटी के अध्यक्ष रहे प्रदीप बैजल है, बड़े सचिव पदो पर रहे सीएम वासुदेव हैं जो महाराष्ट्र के मुख्य सचिव थे, एस के नरुल्ला है जिन्हें और बड़ा दलाल माना जाता है और सीईओ के पद पर राजीव मोहन है जो दुर्भाग्य से नीरा वाडिया से पहले जेल जाएंगे।