शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010

राहुल गांधी : विकिलीक्स : अमरीकी गिरफ्त : धार्मिक वैमनस्य


- अरविन्द सीसोदिया 
विकिलीक्स के हो रहे खुलासों कि जद में अब कांग्रेस के राजकुमार भी आगये हैं , जो एक ८५ प्रतिशत हिन्दू बहुल देश के प्रधान मंत्री का ख़ाव सजाये हुए हैं ..और उसी समुदाय को बेवजह भयानक दोषों के लिए गरिया रहे हैं..? 
 ....और अब यह भी पाता लग गया है कि कांग्रेस के कई नेता गण बार बार हिन्दुओं को आतंकवादी क्यों कह रहे थे .. चाहे वे दिग्विजय सिंह हों या चिदम्बरम हों या प्रणव हों .... क्यों कि यह गाइड लाइन राहुल गांधी कि तय कि हुई थी ...! राहुल को यह गाइड लाइन किसके द्वारा तय करवाई इसके लिए हमें भारत के बाहर उन ताकतों की और संदेह करना होगा जिनके सम्पर्क में राहुल हो सकते हैं ...!
...जांच की बात यह है कि राहुल ने २६ / ११ के इतनें भयानक मुम्बई हमले की छाया में भी इस्लामिक आतंकवाद या पाकिस्तान के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया के बजाये सामान्यतः शांत हिन्दू सम्प्रदाय की आलोचना क्यों की ...? जबकी उनके ही  दल की  राज्य सरकार ने इस हमले को पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादी हमला करार दिया था ..! कुछ समय के लिए पाकिस्तान के उस गाँव से लाइव तेली कास्ट भी हुआ था जिसका रहने वाला कसाव था..! बाद में हेडली ने तो सब कुछ अमरीकी पुलिस के सामने उगल ही दिया है ! अब भी हिन्दू आतंकवाद कि रत कहीं सच मच में ही हिन्दू को आतंकवाद की राह न दिखादे ..!  
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समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' के मुताबिक विकिलीक्स के ताजा खुलासे से यह बात सामने आई है कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर से कहा था कि देश को सबसे ज्यादा खतरा भगवा आतंकवाद से है। इस बातचीत में राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से कहा था, 'लश्कर-ए-तैयबा जैसे इस्लामी आतंकवादी संगठनों को कुछ मुसलमानों का समर्थन मिला हुआ है, लेकिन देश को उससे बड़ा ख़तरा तेजी से पांव पसार रहे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों से है। ये संगठन धार्मिक तनाव और राजनैतिक वैमनस्य पैदा कर रहे हैं।' तीन अगस्त 2009 को भेजे गए इस गोपनीय अमेरिकी राजनयिक संदेश में रोमर ने 20 जुलाई 2009 को राहुल के साथ दोपहर भोज के दौरान हुई बातचीत का ब्यौरा दिया है। इसके अनुसार राहुल गांधी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे बीजेपी नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे तनाव का जिक्र कर रहे थे। इसमें कहा गया था कि देश के भीतर इस्लामी समूहों की ओर से हो रहे आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया में हिंदू चरमपंथ के उभरने का खतरा एक बड़ी चिंता का विषय है जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। बीजेपी ने राहुल गांधी के इस स्टैंड की निंदा की है और कहा है कि इस तरह का बयान नासमझी भरा है।
-- यह समाचार नवभारत टाइम्स का है जिसे पूरा नीचे दी गई वेव पाते पर पढ़ा  जा सकता है ...

**** एक अन्य समाचार जो लन्दन से आया है ..
अमरीकी गिरफ्त में कांग्रेसी राजकुमार
    लंदन १७  दिसंबर २०१०(वार्ता) अमेरिका ने भारत में अपना प्रभाव बढाने के लिए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी सहित विभिन्न दलों के युवा सांसदों से सम्पर्क साधा था | अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर द्वारा वाशिंगटन भेजे गये राजनयिक संदेशों में कहा गया था कि श्री गांधी के जरिये युवा सांसदों को अमेरिका के प्रभाव में लाया जा सकता है | श्री रोमर ने तीन अगस्त 2009 को भेजे गये अपने संदेश में कहा.. श्री गांधी राजदूत के साथ सम्पर्क के इच्छुक हैं तथा भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को आगे बढाने में एक मुख्य सूत्रधार बन सकते हैं | संवाद भेजने के पहले 20 जुलाई को उनकी श्री गांधी से प्रधानमंत्री आवास पर बातचीत हुई थी | प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने भारत यात्रा पर आई अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के सम्मान में दोपहर का भोज दिया था जिसमें राजदूत और श्री गांधी अगल.बगल बैठे थे तथा दोनों के बीच विभिन्न मुद्दो पर बातचीत हुई थी | इंटरनेटसाइट विकीलीक्स द्वारा जारी किये इन सनसनीखेज संदेशों को ब्रिटिश अखबार .गार्डियन. ने प्रकाशित किया है |
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3038 गोपनीय अमेरिकी दस्तावेजों में से एक है....रोमर ने भारत के युवा नेताओं तक पहुंच बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया . उन्होंने कहा , ‘‘हम उनसे राहुल तथा सांसदों की नयी पीढी के अन्य होनहार युवा नेताओं से बातचीत के अन्य अवसर चाहेंगे .’’ इसमें कहा गया , ‘‘राहुल ने बताया कि नई संसद के लिए हाल में हुए चुनाव में 60 सदस्य या तो 45 साल या फ़िर इससे कम उम्र के हैं .’’ विकीलीक्स द्वारा जारी किया गया यह संदेश उन 3038 गोपनीय अमेरिकी राजनयिक दस्तावेजों में से एक है जो दिल्ली से भेजे गए थे . यह वेबसाइट अमेरिका के ढाई लाख गोपनीय अमेरिकी दस्तावेज जारी कर रही है जिनमें से 5087 भारत के संदर्भ में हैं .

कांगेस का असली साम्प्रदायिक चेहरा

- अरविन्द सीसोदिया 
    मेरी लगातार यह मान्यता रही है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु के समय से ही कांग्रेस ने साम्रदायिकता की राजनीति कि है और हमेशा ही अंग्रेजों  कि तरह हिन्दू - मुस्लिम को आपस में मुर्गों की तरह लड़ा कर रखने की कोशिश कि है ! कुल मिला कर फूट डालो राज करो की नीति ही कांग्रेस कि राजनीति है जो देश के लिए लगातार दुर्भाग्यशाली साबित हो रही है !  साम्प्रदायिकता के आधार पर देश का विभाजन स्वीकार करने वाला और अपनी सत्ता के लिए देश पर आपातकाल थोपने वाला यह दल सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति में किसी भी स्तर तक गिर सकता है..!
नीचे दी गई खबर को पढ़ें यह भारत के नहीं अमरीकी राजदूत का आकलन है ..........
         वॉशिंगटन । विकिलीक्स पर जारी अमेरिका के एक गोपनीय दस्तावेज में अल्पसंख्यक मामलों के पूर्व मंत्री ए. आर. अंतुले के विवादास्पद बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि मुंबई हमले के बाद कांग्रेस पार्टी का एक वर्ग, धर्म पर आधारित राजनीति करते नजर आया था । यह दस्तावेज 23 दिसंबर, 2008 को नई दिल्ली में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत डेविड मलफोर्ड ने अपने देश के विदेश विभाग को भेजा था। इस दस्तावेज में मलफोर्ड ने कहा, ' अंतुले के बयान से खुद को अलग करने के दो दिन बाद ही कांग्रेस ने एक विवादास्पद बयान जारी किया, जिससे साजिश के बारे में संदेह को बल मिला।उस समय अंतुले के पूरी तरह से बेबुनियाद दावों को भारतीय मुस्लिम समाज से भी समर्थन मिला। ' मलफोर्ड ने लिखा है कि, ' आगामी चुनावों में लाभ उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अंतुले के बयान को खारिज करने के अपने रुख से पल्ला झाड़ लिया और खुद इस साजिश को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए। ' विकीलीक्स पर जारी दस्तावेज के मुताबिक अमेरिकी राजदूत ने कहा, ' गृह मंत्री पी. चिदंबरम की ओर से अंतुले की टिप्पणियों को खारिज कर दिए जाने के बावजूद भारतीय मुसलमानों की यह राय बनी रहेगी कि वे सुरक्षा एजेंसियों के जरिए निशानाबनाए जा रहे हैं। '
(## include msid=3937671,type=9 ##) मलफोर्ड ने कहा, 'पूरे घटनाक्रम से यह पता चला है कि अगर कांग्रेस को लगे कि जाति और धर्म आधारित राजनीति उसके हित में हैं तो वह पूरी तैयारी के साथ इस ओर जाएगी।' विकीलीक्स का दावा है कि उसके ओर से जारी किए गए लगभग ढाई लाख दस्तावेजों में तकरीबन 1300 दस्तावेज नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के हैं। इस दस्तावेज में अमेरिकी राजदूत ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी की ओर से पहले कहा गया था कि हेमंत करकरे सहित मुंबई पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों का मारा जाना एक इत्तेफाक है। अंतुले की टिप्पणियों के संदर्भ में दिया गया यह बयान सही था। परंतु मुस्लिम समुदाय में अंतुले के दावों को समर्थन मिलता देखकांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं को इसका फायदा उठाने की बात सूझ गई।'
मलफोर्ड के मुताबिक, 'राज्यों के विधानसभा चुनावों में उत्साहजनक जीत मिलने के बावजूद कांग्रेस ने मुंबई हमले की साजिश पर संदेह खड़ा करके एक स्वार्थी सियासी समीकरण की ओर कदम बढ़ाया।'
इस दस्तावेज में कहा गया है कि अंतुले ने 17 दिसंबर, 2008 को दिए गए अपने बयान से एक राजनीतिक विवाद खड़ा किया। अंतुले ने कहा था कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख करकरे की हत्या मालेगांव विस्फोट की जांच से जुड़ी लगती है। उल्लेखनीय है कि मालेगांव विस्फोट मामले में कुछ कट्टरपंथी हिंदू संगठनों पर संदेह है।
- यह पूरी रिपोर्ट नवभारत टाइम्स कि है 
'कांग्रेस ने की धर्म आधारित राजनीति'
11 Dec 2010, 1413 hrs IST,भाषा
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7082506.cms  


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' स्काई न्यूज' की एक रिपोर्ट में 'न्यू यार्क टाइम्स' द्वारा प्रकाशित उन सम्भावित तरीकों की एक लम्बी सूची का जिक्र किया गया है, जिनके इस्तेमाल के जरिए आतंकी अपनी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाते हैं। एक संदेश में कहा गया है कि आतंकियों ने हज यात्रियों से धन जुटाने के लिए सालाना हज यात्रा का बार-बार इस्तेमाल किया और उस धन का इस्तेमाल मुम्बई हमले में किया। बाकी दस्तावेजों में कहा गया है कि अमेरिका मानता है कि सऊदी अरब के जकात दाता, ''दुनिया भर में सुन्नी आतंकी संगठनों के वित्त पोषण के अति महत्वपूर्ण स्रोत हैं।'' अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन द्वारा दिसम्बर 2009 में भेजे गए एक संदेश में सऊदी अरब को अलकायदा के लिए ''एटीएम मशीन'' बताया गया है।
- यह पूरी रिपोर्ट नवभारत टाइम्स कि है .....
'हज यात्रियों से मिला पैसा लगाया गया था मुंबई हमले में'
7 Dec 2010, 0004 hrs IST,आईएएनएस