रविवार, 19 दिसंबर 2010

सचिन तेंदुलकर की ५०वीं सेंचुरी के महाशतक पर बधाई

 
- अरविन्द सीसोदिया 
सचिन तेंदुलकर की ५०वीं सेंचुरी के महा शतक पर देश वासियों को बधाई एवं सचिन को कोटि कोटि धन्यवाद जिन्होंने देश को एक महान उपलब्धि देकर गर्व से सिर उंच करने का मौका दिया ! एक कठिन  परिस्थिति में देश कि टीम है और उसे सचिन की जरुरत थी ! सचिन ने  यूं तो पहली पारी में भी सबसे ज्यादा रन बनाये थे |
 यहाँ मेरा एक आरोप; देश के क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर भी है जिसनें सचिन को एक दिवसीय क्रिकेट में ५० सेंचुरी के रिकार्ड बनाने से से रोक कर देश को एक एतिहासिक उपलब्धि से रोका ...! लगातार सचिन को  एक दिवसीय क्रिकेट बहार रखा गया , जबकी वे वहां ४६ सटक बना चुके हैं ! उन्हें मौका दिया जाना चाहिए था ! प्रयोग के लिए मुख्य टीम नहीं होती है ! हम यह मैच हार भी इस लिए रहे हैं की इसके ठीक पहले हम इन्ही खिलाडियों को टीम से बाहर किये हुए थे !
मेरी मान्यता है कि समय बार बार वापस नहीं आता है , सचिन को बिना हटाये कुछ आयाम देश के नाम बन जाने दो , उससे देश ही गोरवान्वित होता रहेगा !

सोनिया जी के पिता भूतपूर्व फासिस्ट सिपाही थे..!

- अरविन्द सीसोदिया

कांग्रेस के महा अधिवेशन में संघ और भाजपा पर आक्रमण कि जिम्मेवारी परंपरागत तौर  पर महासचिव दिग्विजय सिंह पर थी और उन्होंने इस हमले को अतिशयोक्ती पूर्ण सीमा तक जा कर बोला भी ....और हिटलर और  नाजी सेना तक को ले आये, वे यह भूल गये कि इन फासिस्ट नामों (हिटलर और मुसोलीन ) का संम्बंध तो कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा सोनिया जी के पिता तक जा पहुचता है याद करें दूसरा विश्व युद्ध......
दिग्विजय सिंह :- कांग्रेस महासचिव व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने आरएसएस की तुलना जर्मन तानाशाह हिटलर की नाज़ी सेना तक से करने में कोई संकोच नहीं किया। कांग्रेस महाधिवेशन में राजनीतिक प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत करते हुए दिग्विजय ने कहा, 'राष्ट्रवादी विचारधारा के नाम पर आरएसएस मुसलमानों को ठीक उसी तरह निशाना बना रही है जिस प्रकार हिटलर ने 1930 में यहूदियों को निशाना बनाने के लिए की गई कार्रवाई को राष्ट्रवाद का नाम दिया था।' उन्होंने कहा कि आरएसएस देश की नई पीढ़ी में मुसलमानों के प्रति घृणा के बीज बो रही है और यह हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा है।'
सोनिया जी का फासिस्ट रिश्ता  .....
सोनिया (एन्टोनिया मैनो) का जन्म वैनेतो, इटली के क्षेत्र में विसेन्ज़ा से २० कि. मी दूर स्थित एक छोटे से गाँव लूसियाना में हुआ था। उनके पिता स्टेफ़िनो मायनो एक भवन निर्माण ठेकेदार थे और भूतपूर्व फासिस्ट सिपाही थे जिनका निधन १९८३ में हुआ।
( ये कहना बी जे पी का नहीं http://hi.wikipedia.org/wiki )
hi.wikipedia.org/wiki/सोनिया_गांधी http://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE_%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80
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सोनिया के पैदा होने पर लुसियाना के घरों में परंपरा के अनुसार गुलाबी रिबन बांधे गए। चर्च में सोनिया का नाम 'एडविजे एनटोनिया अलबिना मैनो' रखा गया, लेकिन उनके पिता 'स्टीफैनो' ने उन्हे सोनिया के नाम से पुकारा। रूसी नाम रखकर वो उन रूसी परिवारों का शुक्रिया अदा करना चाहते थे जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उनकी जान बचाई थी। सोनिया के पिता स्टीफैनो, मुसोलिनी की सेना में थे जो रूसी सेना से हार गई थी।('स्पैनिश लेखक और पत्रकार' 'जेवियर मोरो' ने उनके जीवन पर 'एल सारी रोजो' (द रेड साड़ी) नामक एक क़िताब लिखी है। )http://hi.bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE_%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%A7%E0%A5%80
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 डा.सुब्रमन्यम स्वामी के अनुसार :-
Do You Know Your Sonia? - by Dr. Subramanian Swamy  
....Sonia is the name given to her subsequently by her father, Stefano Maino [now deceased]. He had been a prisoner of war in Russia during World War II. Stefano had joined the Nazi army as a volunteer, as many Italian fascists had done. Sonia is a Russian not Italian name. While spending two years in a Russian jail, Sonia’s father had become quite pro-Soviet, especially after the liberating US army in Italy had confiscated all fascists’ properties including his.
Sonia was not born in Orbassano as she claims in her bio data submitted to Parliament on becoming MP, but in Luciana as stated in her birth certificate. She perhaps would like to hide the place of her birth because of her father’s connection with the Nazis and Mussolini’s Fascists, and her family’s continuing connections with the Nazi-Fascists underground that is still surviving in Italy since the end of the War. Luciana is where Nazi-Fascist network is headquartered, and is on the Italian-Swiss border. There can be no other explanation for this otherwise meaningless lie.

H:\SONIYA aLL\2 subrmnyam swami.htm

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दिग्विजय सिंह का फासिस्ट उवाच :-  दिग्विजय ने कहा कि संघ के लोग नौकरशाही और न्यायपालिका से लेकर सेना तक में घुस आए हैं। वह चाहे मालेगांव विस्फोट हो या मक्का मस्जिद का या फिर समझौता एक्सप्रेस का, इन विस्फोटों में शामिल लोग हिन्दू संगठनों के ही क्यों हैं। यहां तक कि शिशु मंदिरों में बच्चों को हिंसा का पाठ पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संघ कार्यकर्ता सुनील जोशी की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। यह वही आदमी है जो कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। उन्होंने कहा, ' जोशी को मैं इसलिए जानता हूं क्योंकि मैं मध्य प्रदेश से हूं। समझौता एक्सप्रेस, मालेगांव, मक्का मस्जिद और अजमेर शरीफ विस्फोट मामलों की जांच में उसका नाम आया था।
उन्होंने आगे कहा ऐसा क्यों है कि इन सभी आतंकवादी कार्रवाइयों में लिप्त लोगों को सम्बंध संघ  से हैं। कई लोग गिरफ्तार किए गए हैं। ये सभी संघ के कार्यकर्ता हैं।' जोशी हत्याकांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने के लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम का साधुवाद किया। उन्होंने कहा, ' संघ के लोग अफवाह फैलाने में बहुत ही माहिर हैं । देश की जनता को इनके झांसे में नहीं आना चाहिए । बीजेपी व संघ के लोगों से डरने की भी जरूरत नहीं है। ये गीदड़ भभकी देते हैं। डंडा लेकर खडे़ हो जाइए तो ये भाग जाएंगे नहीं तो ये लोग आपके सिर पर आ बैठेंगे। इसलिए इनका डटकर मुकाबला कीजिए।'
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, 'बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना देश के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। आडवाणी की रथ यात्रा के कारण ही देश में आतंकवाद की जड़े मजबूत हुईं।'
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दिग्विजय ने अपने संबोधन के दौरान बीजेपी और नक्सलियों के बीच संबंध होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि आखिरकार नक्सलियों के गढ़ों में बीजेपी ही क्यों जीतती है।
भ्रष्टाचार पर बीजेपी पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग पर विपक्षी दलों ने संसद नहीं चलने दी। जबकि इसकी कोई जरूरत ही नहीं हैं। जेपीसी जांच की मांग के पीछे साजिश की बू आती है।
कुल मिला कर कांग्रेस अपने असली फासिस्ट चेहरे के साथ एक वार फिर मैदान में है और देश में अघोषित आपात काल की आहट है !  

हिंदुत्व पर आक्रमण,एक बड़ी साजिश और भयानक षडयंत्र

- अरविन्द सीसोदिया
   इस समय भारत के हिन्दू समाज पर तीन प्रकार के आक्रमण इसे निंगल जानें कि द्रष्टि से चल रहे हें , 
* पहला इसाई भारत और विशेष कर हिन्दुओं को ईषा का अनुयायी बनाना चाहते हैं , यह कार्य तब से चल रहा है जब ईस्ट  इण्डिया कंम्पनी भारत में आई थी , हालांकी यह प्रयत्न इससे पूर्व से भी गोवा में चालू हो गया था , पीछे समय जब इसाई धर्म प्रमुख पॉप भारत आये थे तब वे खुल कर यह घोषणा कर गये कि इस सहस्त्रावदी में भारत सहित एसिया को इसाई बनाना है | 
* दूसरा इस्लामिक क्षैत्र है जो भारत पर इश्लामिक प्रभुसत्ता स्थापित कर चुका था , उन्होंने अपने हिंषक  तौर तरीकों से न केवल भारत बल्की तमाम यूरोप को भी धर्म बदल कर इस्लाम कबूल ने के लिए मजबूर किया था , बाद में इसाई और इस्लाम में लगातार कई युद्ध हुए ....! यह भी विभाजन के द्वारा भारत के काफी हिस्सों को इस्लामी देश बना कर उसके  के तहत ला चुके हैं जैसे पाकिस्तान और बांगलादेश | इनका प्रयत्न हंस कर लिया है पाकिस्तान लड़ कर लेंगे हिन्दुस्तान का है | आतंकवाद सिर्फ जम्मू और कश्मीर इश्यू तक नहीं है वह भारत में लगातार हस्तक्षेप है जो इस देश को पूर्ण रूपेण इस्लामिक सत्त स्थापित करने का उद्देश्य रखता है | 
* तीसरा साम्यवाद है जो विश्व में ध्वस्त होनें के बावजूद भी भारत को अपनी गिरफ्त में ले लेना चाहता है , यह चीन कि स्कीम से कहीं अधिक  प्रभावित है , नेपाल को एक प्रकार से कब्जानें के बाद से इनके हौंसले बड़े हुए हैं ..! क्यों कि विश्व में एक मात्र नेपाल ही हिन्दू राष्ट्र था जो अब हिन्दू राष्ट्र नहीं रहा ! माओवाद और नक्षलवाद के पीछे इस समय चीन है उसकी रणनीतियां  हैं ! 
$$$$--- सोनिया गांधी की सोच पूरी तरह से हिन्दुस्तानी नहीं है उन्होंने टियुशन   पर भारतीय राजनीति सीखी है , उन्हें बेकप कौन दे रहा है यह अंदाज सबको है मगर कोई खुल कर कुछ नहीं बोलता, मगर वे एक इसाई हैं उनका मन इसाई है सो उनका फेवर कहाँ है यह भी सब कुछ सामने है , भारत में उनकी निष्ठा का जहाँ तक प्रश्न है उन्होंने विवाह के बाद वर्षों तक भारत की नागरिकता तक स्वीकार नहीं की थी ..! इस क्यों का कोई उत्तर नहीं है ?
####--- अर्थात भारत भूमि और विशेष कर हिन्दू , विश्व की तीन महा शक्तियों के निशानें पर है ..? और  सबसे बड़ी बात यह धर्म युद्ध रूपी कार्य योजनायें बे खौफ चल रहीं हैं ! इनके खिलाफ भारत सरकार आँखें मूँद का हाथ पर हाथ रख कर बैठी है ! इन पर  संवाद तक नहीं होना दुर्भाग्य पूर्ण है ! कुल मिला कर जो भी परिस्थिति  हैं उनमें एक तेजस्वी हिंदुत्व की आवश्यकता है जो अपने अस्तित्व की रक्षा कर सके ..! निश्चित  रूप से जो भी लोग हिंदुत्व की रक्षा के लिए प्रयत्नशील हैं उन पर यह तीनों शक्तियाँ अलग - अलग या एक जुट हो कर रोकेंगी या  आक्रमण करेंगी ..! यह हिंदुत्व के विरुद्ध एक बड़ी साजिश और भयानक  षडयंत्र  है ! 
और यही वह बिंदु है जो कांग्रेस के मुंह से निकल  कर बार - बार सामनें आ रहा है , सवाल यही है कि ये किसके साथ हैं.....? इसाई महाशक्ती  के साथ या इस्लामिक महा शक्ती के साथ ....? या साम्यवादियो माओ वादियों के साथ...?            
सवाल यह देश को आजाद करवानें में हिन्दुओं का साथ कांग्रेस ने  लिया गया मगर एक भी हिन्दू हित का काम नेहरु - गांधी सत्तासीनों  ने नहीं किया बल्की अब लोकतान्त्रिक व्यवस्था को ही ख़त्म करनें की कोशिस हो रही   है, कांग्रेस पा वंशवादी अधिपत्य हो चुका है अब देश पर भी एकमेव राज सत्ता  स्थापित होने की कोशिस के चलते मुख्य विपक्ष को ही समाप्त करने की परोक्ष योजना प्रतीत होती है |  
राहुल क्या जानें हिंदुत्व क्या है ........
१- राहुल के बयान से ज्यादा सोचने का विषय यह है कि राहुल में हिंदुत्व  हैं क्या ? 
२- वे हिन्दू शब्द का अर्थ या उसमें निहित सारभूत तत्वों को जानते हैं क्या ? 
३- उन्हें हिंदुत्व का इतिहास मालूम है क्या ?
४- उन्हें यह मालूम है क्या  स्वतंत्रता आन्दोलन में मुस्लिम लीग के खिलाफ कांग्रेस ही हिन्दू पार्टी थी ? 
५- रघुपति राघव राजाराम का गान करके ही महात्मा गांधी ने आम भारतवासी को कांग्रेस से जोड़ा था ?
  मुझे नहीं लगता कि राहुल नामक ४० साल के इस बच्चे को सोनिया या किसी अन्य ने हिंदुत्व के बारे में बताया या सिखाया होगा ! क्यों कि परिवार ही मुख्य रूप से मानसिकता पर प्रभाव डालता है .. राहुल को क्या कांग्रेसजन को क्या कोई हिंदुत्व सिखाएगा .. उन्हें सिखाया जायेगा तो स्वामी भक्ती , स्वामी स्तुती , यही सिखाया जायेगा !     
नाम हिन्दू रख  कर कोई हिन्दू नहीं हो जाता , बहुत से इसाई अब हिन्दू नाम ही रखते हैं , इंदिरा गांधी के बाद इस परिवार में मेनका गांधी जरुर हिन्दू कही जा सकती है  ! अन्यथा बहुत से प्रश्न उभरते रहते हैं ?