रविवार, 26 दिसंबर 2010

राम लला हमेशा ही जीतें हैं - उमाशंकर


















- अरविन्द सीसोदिया 
      कोटा राजस्थान में, श्री हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति कि और से आयोजित धर्म सभा  को संबोधित करते हुए , विश्व हिन्दू  परिषद् के केन्द्रीय मंत्री माननीय उमाशंकर जी ने कहा " राम लला कभी भी हारे नहीं है हमेशह उनकी ही जीत हुई है और आगे भी वे ही जीतेंगे ! क्योंकि वे सत्य हैं ! " उन्होंने कहा " इस सरकार नई मानसिकता का पाता इसी से लगता है कि इन्होने शपथपत्र द्वारा ही राम के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाया और फिर जनशक्ती के प्रतिरोध से घबरा कर वापस भी हुए | "













उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्टता  से कहा कि " व्ययालय को २४ सितम्बर को ही निर्णय दे देने  दिया होता तो राम लला के भक्तों को और आनंद  दायक होता " आगे उमाशंकर जी ने कहा " फैसले के  निकट आते ही इस तरह का साम्प्रदायिक  माहौल सरकार और अन्य तरीके से  खड़ा कर दिया गया कि न्यायालय ने धर्म निरपेक्षता के पक्ष में झुकते हुए,  रामजी का पूर्ण पक्ष रोक कर १/३ मस्जिद के पक्ष में बंटवारा करना पड़ा ! "
         उन्होंने कहा " जिस न्यायालय ने दोनों पक्षों की दावेदारी ( पिटीशन ) अस्वीकार करदी और रामलला की ही दावेदारी मानी , उसने जमीन का बंटवारा कैसे कर दिया ? " उमाशंकर जी  ने कहा " ३० तारीख के फैसले में रामलला की जन्मभूमी को प्रमाणित किया है , इससे हिन्दुओं की मांग सही सावित हुई , यह अदालत ने हर तरह के साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दिया है| जिस तरह शरीर की चीर फाड़ होती है उसी तरह से जन्म स्थान की खुदाई और राडार परिक्षण के बाद मिले सबूतों ने यह साबित किया है कि इस  स्थान पर हजारों साल पूर्व हिन्दू मंदिर ही था |  "
      उन्होंने अमरीकी अधिकारी के आगे कांग्रेस महासचिव के द्वारा
भगवा आतंकवाद कह कर कदमों में गिडगिडानें  की निंदा क़ी तथा कहा कि  " यह इस दल की मानसिकता को उनके भावी व्यवहार का सूचक है उनका रंग और ढंग सामने आ गया है !"
उमाशंकर जी ने कहा " आज भ्रष्टाचार ने हर क्षैत्र को प्रभावित किया है आकाश में , जमीन में , जमीन के नीचे और हवा में तक भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार छाया  हुआ है ! "