रविवार, 13 मार्च 2011

कांग्रेस की साम्प्रदायिकता : हसन अली आजाद है .., प्रज्ञा ठाकुर जेल में है ..?


- अरविन्द सिसोदिया 
 भारत देश में क्या हो रहा है ...? सरकारी विभाग और जांच एजेंसियां किस तरह से काम  कर रहीं है .., कांग्रेस किस हद तक साम्प्रदायिकता  पर उतारू है ....! किस बेरहमी से देश में राष्ट्रिय एकता को कांग्रेस सरकारों द्वारा तोडा जा रहा है ...? केन्द्रीय और राज्य स्तरीय पुलिस तंत्र का खुल्लम खुल्ला दुरूपयोग होते देख कर भी विवस विपक्ष पर भी दया आती है ..? उनकी योग्यता और क्षमता पर भी दया आरही है ..! इतनी   कायरता  कभी भी जांच एजेंसियों और सरकारी कर्मचारियों से नहीं देखी गई थी..? सत्ता  पक्ष के लिए कठ पुतली  बनने  और गुलामों की तरह हुकम बजानें से कहीं डूब मरना बेहतर होता है ...! न्यायलय किसा तरह  न्याय की रक्षा कर सकता है जब उसके हाथ - पाँव , नाक - कान और आँख कही जाने वाली जांच एजेंसियां और सरकारी विभाग ही अन्याय और अधर्म के साथ खड़े हो जाएँ ...! दो उदहारण  देखिये "हसन अली के संबंध हथियारों के अंतरराष्ट्रीय सरगना अदनान खगोशी से होनें की बात आ चुकी है .., मगर उस पर मकोका नहीं लगेगा .., क्यों की वह मुस्लमान है और सरकार उसे बचाना चाहती है ...! वह आजाद घूमेगा .., क्यों की उसके जरये कई नेता कमाई  कर रहे हैं ...!!! मगर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बिना किसी सबूत के वर्षों से इसलिए बंद रहना पढ़ रहा है कि उसे बंद रखनें से कांग्रेस  को वोट मिलेंगे .., मुसलमानों को गुमराह किया जा सकेगा ..! वोट के आधार पर देश की सरकारी एजेंसिया अन्याय कर रहीं , कानून से धोका कर रहीं हैं ...., इस  तरह की स्थिति  को आराजकता ही कहा जा सकता है ..........
अर्थात - कांग्रेस की साम्प्रदायिकता  : हसन अली आजाद है .., प्रज्ञा ठाकुर जेल में है ..?   

साध्वी प्रज्ञा  सिंह ठाकुर
http://visfot.com/home/index.php/permalink/3836.html
मालेगांव बम विस्फोट में आरोपी के शक में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञा बुरी तरह बीमार है. चालीस वर्षीय साध्वी की हालत इतनी खराब है कि उसके लिए दस कदम चल पाना भी मुश्किल हो गया है. साध्वी प्रज्ञा इस वक्त महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत में है और उसका मुंबई के जेजे अस्पताल में इलाज चल रहा है.
साध्वी प्रज्ञा की बीमारी का खुलासा उस वक्त हुआ जब मध्य प्रदेश पुलिस ने सुनील जोशी हत्याकाण्ड में साध्वी के रिमांड की मांग की क्योंकि 9 मार्च को मध्य प्रदेश पुलिस साध्वी प्रज्ञा को देवास की स्थानीय अदालत में पेश करना चाहती है. सुनील जोशी हत्याकाण्ड में मध्य प्रदेश पुलिस साध्वी से मुंबई में दो बार पूछताछ कर चुकी है. इस पर मकोका अदालत ने जेजे अस्पताल को पूछा कि क्या साध्वी प्रज्ञा की हालत ऐसी है कि वे मुंबई से मध्य प्रदेश की अठारह घण्टे की यात्रा कर सकती हैं. मकोका अदालत ने जेजे अस्पताल को आदेश दिया है कि साध्वी प्रज्ञा के स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत रिपोर्ट वह 7 मार्च को कोर्ट के सामने पेश करे.
लेकिन साध्वी प्रज्ञा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि साध्वी की हालत बेहद खराब है. वह चार कदम चल भी नहीं सकती और बैठने के लिए भी उसे सहारे की जरूरत होती है. साध्वी के लिए दस कदम चलना भी मुश्किल हो गया है. अखबार लिखता है कि पुिलस की लगातार प्रताड़ना के चलते उसके दोनों पैर बेकार हो चुके हैं. बिना सहारे के उसके लिए चार कदम चलना भी मुश्किल हो गया है. इसके साथ ही साध्वी को और कई तरह की बीमारियां है जिसका इलाज जेजे अस्पताल में चल रहा है. अब मकोका अदालत ने जेजे अस्तपाल को कहा है कि सात मार्च तक वह साध्वी प्रज्ञा के स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत रिपोर्ट अदालत को प्रस्तुत करे ताकि साध्वी प्रज्ञा के मध्य प्रदेश जाने पर अदालत निर्णय ले सके.

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एक खबर .........
हसन अली की रिहाई से कटघरे में प्रवर्तन निदेशालय 
१३ मार्च २०११
- मधुमिता विस्वासा 
नई दिल्ली। हजारों करोड़ के काले धन के मालिक, हवाला आरोपी और पुणे के घोड़ा व्यापारी हसन अली खान को मुंबई सेशन कोर्ट से मिली जमानत ने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। गंभीर मामलों में भी काम करने के तरीकों और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के अपने दावों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गलत ठहराता है।
केंद्र सरकार का काले धन के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा को शायद इसी श्रेणी में रखा जा सकता है?दिलचस्प तथ्य यह भी है कि आरोपी को जमानत मिलने से कुछ कानूनविद् दबी जुबान में ईडी अधिकारियों के साथ कोर्ट के कदम को भी उचित नहीं मानते हैं। उनका मानना है, ‘सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस को सीज कर दिया है। ऐसे में जमानत का आधार नहीं बनता है।’ रिय्अल एस्टेट मालिक एवं घोड़ों के व्यापारी हसन अली के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज है। मुंबई सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी को जमानत देते हुए दस्तावेजों पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट का कहना था कि प्रस्तुत दस्तावेज विरोधाभासी हैं।
इससे पूर्व, मामले में नाटकीय मोड़ 4 मार्च से ही आने शुरू हो गए थे। 4 मार्च को सेशन कोर्ट ने सरकारी वकील को फटकार लगाई, क्योंकि वे पूरी तैयारी करके नहीं आए थे। कोर्ट की मांग पर आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सके थे। इस पर ईडी ने दिल्ली से एक वकील भेजा। वकील ने शुक्रवार को सीलबंद लिफाफा रिमांड मांगा था। लेकिन कोर्ट प्रस्तुत दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं हुई और आरोपी हसन अली को जमानत दे दी।ऐसे में ईडी जमानत के प्रकरण को हाईकोर्ट तक ले जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, कोर्ट की जमानत का फायदा उठाकर आरोपी संबंधित सुबूतों से छेड़छाड़ या नष्ट कर सकता है और अगर ऐसा हुआ, तो फिर जांच एजेंसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामला नहीं बनता-एम. एस. टाहिलियानी, प्रधान सेशन जज (मुंबई) ‘प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ दस्तावेज कोर्ट में पेश किए हैं। इनके आधार पर प्रथम दृष्टया अली के खिलाफ कोई मामला बनता नजर नहीं आ रहा है।’
मामले की सुनवाई के दौरान यह आशंका है, प्रधान सेशन जज (मुंबई) की। उन्होंने सरकारी वकील को फटकारते हुए कहा है, ‘जाहिर है दस्तावेज भी विरोधाभास दिख रहे हैं। इतना ही नहीं, ये कागजात इंटरनेट पर भी आसानी से उपलब्ध हैं।’अदालत ने गलत किया-एम. के. गांधी, वरिष्ठ अधिवक्ता‘आरोपी पूरी तरह से मामले में फंस रहा है।’ ऑल इंडिया इन्कम टैक्स एडवोकेट फोरम के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता एमके गांधी बताते हैं, ‘ईडी का हाईकोर्ट जाना बनता है।’ वे कहते हैं, ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत हसन के खिलाफ मामला दर्ज है। एक्ट का सेक्शन-3 कहता है कि कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से काला धन अर्जित करता है या इस प्रकिया से जुड़ा है, तो वह इस मामले में आता है। हसन अली सीधे तौर पर इसमें दोषी है।’ वे बताते हैं, ‘टैक्स चोरी अलग मामला है। वैसे भी, सुप्रीम कोर्ट मामले को सीज कर चुका है। इसमें जमानत मिलना आसान नहीं है। जमानत के नियमों में ऐसे मामले में जमानत का प्रवधान नहीं है।’ अधिवक्ता गांधी बताते हैं, ‘अदालत ने आरोपी को जमानत देकर गलत किया है।’
क्या हैं आरोप
  • टैक्स चोरी के आरोपी हसन अली (53) के खिलाफ स्विट्जरलैंड के यूबीएस बैंक में आठ अरब डॉलर (करीब 36 हजार करोड़ रुपए) का काला धन जमा करने का मामला।
  • 65 हजार करोड़ रुपए की टैक्स चोरी।-हवाला कारोबार में शामिल होने का आरोप।
  • हथियारों के अंतरराष्ट्रीय सरगना अदनान खगोशी से व्यावसायिक संबंधों का आरोप
  • नकली दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग नाम से कई पासपोर्ट होने का आरोप।

जापान : वक़्त की सुनामी



- अरविन्द सिसोदिया
जापान में सुनामी में बहुत ही बड़ा कहर ढाया है , हजारों लोग काल के गाल में समा गए हैं , बेघर और घायलों ही की संख्या असंख्य है....दुःख और पीड़ा की इस घड़ी में हम क्या कर सकते हैं ..? हम ईश्वर से प्रार्थना करें उनके दुखों का शीघ्र अंत हो और वे पुनः अपना सुखी जीवन प्रारंभ कर सकें ..! प्रार्थना में बहुत दम होती है ..! * १९६५ की मशहूर फिल्म 
 फिल्म -  
वक़्त 
गीत - साहिर  
आवाज - मोहम्मद रफी 
संगीतकार - रवि
http://www.lyricsindia.net/songs/show/2454   
वक़्त से दिन और रात
वक़्त से कल और आज
वक़्त की हर शह ग़ुलाम
वक़्त का हर शह पे राज

वक़्त की पाबन्द हैं
आते जाते रौनके
वक़्त है फूलों की सेज
वक़्त है काँटों का ताज
वक़्त से दिन और रात   ...

आदमी को चाहिये
वक़्त से डर कर रहे
कौन जाने किस घड़ी
वक़्त का बदले मिजाज़
वक़्त से दिन और रात   ...
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vaqt se din aur raat
vaqt se kal aur aaj
vaqt kii har shah Gulaam
vaqt kaa har shah pe raaj

vaqt kii paaband hai.n
aate jaate raunake
vaqt hai phuulo.n kii sej
vaqt hai kaa.NTo.n kaa taaj
vaqt se din aur raat   ...

aadamii ko chaahiye
vaqt se Dar kar rahe
kaun jaane kis gha.Dii
vaqt kaa badale mijaaz
vaqt se din aur raat   ...
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समाचार 
टोक्यो। जापान में शुक्रवार को शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद आई विनाशकारी सुनामी ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर पैमाने पर 8.9 तीव्रता के भूकंप का केंद्र देश के उत्तरपूर्वी तट से 125 किमी दूर समुद्र में 10 किमी की गहराई में स्थित था। देश में पिछले 140 साल में आया यह सबसे भीषण भूकंप था। इसके असर से समुद्र में 33 फुट से ज्यादा ऊंची लहरें उठीं। 
कई किलोमीटर से ज्यादा चौड़े पानी के तेज बहाव में कारें, घर और बड़े-बड़े शेड ऐसे बहे जा रहे थे जैसे कोई कागज पर पेंसिल से बने शहर को इरेजर से मिटा रहा हो। इस विनाशलीला में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका है। अकेले सेंदाई शहर में 300 शव बरामद किए जा चुके हैं। जापान की स्थानीय न्यूज एजेंसी के अनुसार प्रभावित इलाके के 11 परमाणु केंद्रों को बंद कर दिया गया है। फुकुशिमा प्रांत में एक परमाणु बिजली केंद्र में पहले रेडियोएक्टिव विकिरण की आशंका जताई गई थी लेकिन बाद में जापान ने इससे इंकार किया। इसके बावजूद वहां रहने वाले 2000 लोगों को हटा लिया गया है और देश में परमाणु आपातकाल लागू कर दिया गया है। एक तेल रिफाइनरी और स्टील प्लांट में आग लगने की सूचना है। दुनिया भर के तमाम देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने कहा कि भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में सेना तैनात कर दी गई है। बचाव और राहत के लिए 900 दल तैनात कर दिए गए हैं। राजधानी टोक्यो से 380 किमी उत्तर पूर्व में तड़के 2.46 मिनट [भारतीय समयानुसार सुबह 6.15 बजे] पर आए भूकंप के बाद बहुत देर तक इसके झटके महसूस किए गए। इसका असर इतना ज्यादा था कि टोक्यो के नजदीक एक सड़क टुकड़ों में बंट गई। देश के उत्तरपूर्व में कई बिल्डिंगें धराशायी हो गईं। सुनामी प्रभावित तटीय इलाके में यात्रियों से भरी एक ट्रेन का भी कुछ पता नहीं चल रहा। 100 लोगों को ले जा रहा एक जहाज भी गायब है। भूकंप के बाद कम से कम 80 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं। देश के इस इलाके में पिछले कुछ दिनों में कई भूकंप आ चुके हैं। पिछले बुधवार को ही 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था। आपदा प्रभावित उत्तरपूर्व में 44 लाख घरों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है। सेंदाई शहर में एक होटल के जमींदोज होने की खबर है जिसके नीचे काफी लोगों के दबे होने की आशंका है।
टोक्यो के उपनगरीय इलाकों में कई इमारतों से आग के लपटें और धुएं के गुबार निकल रहे थे। उत्तर की ओर जाने वाली सभी बुलेट ट्रेनों को रोक दिया गया। टोक्यो की भूमिगत ट्रेन सेवा भी ठप हो गई जिसकी वजह से हजारो लोग अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने देश के प्रशांत महासागर से लगे पूरे तटीय इलाके में सुनामी चेतावनी जारी कर दी है। जापान के उत्तरपूर्वी तट से चली सुनामी 6200 किमी दूर अमेरिका के हवाई द्वीप तक पहुंच गई है। 
इससे पहले सुनामी ने फिलीपींस के तट को छुआ। इस प्राकृतिक आपदा के बाद ताइवान, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिए जारी चेतावनी वापस ले ली गई है।


आठ की तीव्रता से आए 
भूकंपों पर एक नजर
=जापान के पूर्व तटीय होंशु द्वीप पर शुक्रवार को रिक्टर पैमाने पर 8.9 की तीव्रता से आए भूकंप की वजह से भारी नुकसान हुआ।