मंगलवार, 7 जून 2011

मीडिया कांग्रेस सरकार के तमाशों और षड्यंत्रों का हिस्सा नहीं बनें

- अरविन्द सिसोदिया 
 भारतीय मीडिया को कांग्रेस सरकार के तमाशों और षड्यंत्रों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए , बाबा रामदेव या अन्ना हजारे , उतने  राजनैतिक  नहीं जितनी की कांग्रेस .., कांग्रेस इनके साथ जो भी खेल खेल रही है उसे उसके पीछे छिपे मंतव्य के साथ उजागर करना ही राष्ट्रधर्म है ! 
* जैसे बालकृष्ण की नागरिकता का प्रश्न , क्या सोनिया जी की विदेशी नागरिकता से ज्यादा प्रश्नगत है .., या भारत में घुसे बंगला देशी विदेशियों की अपेक्षा अधिक महत्त्व की है ? 
* अन्य उठाये जा रहे आरोपों का , इन लोगों के द्वारा उठाये मुद्दों यथा विदेशों में जमा देश के धन और भयानक भ्रष्टाचार से क्या लेना देना ..? 
* कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह के बेहूदा बयान बाजी की उपेक्षा करें तो यह अपनें आप ठीक हो जायेंगे |
            कांग्रेस ने देश की सत्ता का दुरूपयोग कर मुकदमें लादनें की प्रवर्ती को उपयोग कर सही बात दवानें , सही तथ्यों को समाप्त करने और जबरिया समर्थन प्राप्त करनें के इनका उपयोग किया है | भारतीय मीडिया को इस समय देश की लूटपाट को रोकनें और उसे जायज होनें का जमा पहननें की कोशिशों का पुरजोर विरोध करना चाहिए व् सच्चाई सामनें रखनी चाहिए ! 

सुषमा स्‍वराज का देशभक्ती गीत : ‘ये देश है वीर जवानों का.’


- अरविन्द सिसोदिया 

  कांग्रेस में से देशभक्ति तो निकल ही गई है .., क्योंकि वह विदेशियों के नेतृत्व में है .., इसीलिए वन्देमातरम से दूर होनें के बाद अब उसे ‘ये देश है वीर जवानों का.’ ..! पर सुषमा स्वराज के झुमनें से परेशानी हो गई है ! कांग्रेस को शायद भारतीय देशभक्ति गीत पशन्द नहीं आयें मगर शायद इटालियन देशभक्ति गीत पशन्द आजाये ....!!!!!
           लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, भाजपा की वरिष्‍ठ नेता सुषमा स्‍वराज को देश भक्त गीत पर अपने नाचने पर सफाई देनी पड़ रही है। उन्‍होंने कहा है कि वह आखिरी सांस तक नाचेंगी। सोमवार को राजघाट पर भाजपा के अनशन के दौरान एक गाने पर दूसरे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सुषमा स्‍वराज ने नाच किया था। इसे मुर्खता पूर्ण  तरीके से कांग्रेस ने मुद्दा बनाया और नेता प्रतिपक्ष के पद से उन्‍हें हटाने की मांग तक कर डाली।
मंगलवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने लखनऊ और प्रवक्‍ता मनीष तिवारी ने दिल्‍ली में कहा कि सुषमा ने नाच कर महात्‍मा गांधी के समाधिस्‍थल को कथित तौर पर अपवित्र करनें का आरोप लगाया |
            सुषमा ने नाच पर मचे हंगामे पर कड़ाई से सफाई दी है कि देशभक्ति गाने पर कार्यकर्ता नाच रहे थे, तो उनका मनोबल बढ़ाने के लिए वह भी नाचने लगीं। देशभक्ति गानों पर हम आखिरी सांस तक नाचेंगे-गाएंगे। जिन्‍हें यह नागवार गुजरता है वे आज भी मानसिक रूप से गुलाम हैं। उन्‍हें पहले वंदे मातरम गाने में शर्म आती थी और अब वे देशभक्ति गानों का विरोध कर रहे हैं।’
         उन्होंने कहा कि भाजपा में सभी आंदोलनों में देशभक्ति गीतों को गाने का रिवाज रहा है।  मैं ‘ये देश है वीर जवानों का.’ गीत पर थिरकी, तो क्या गलत किया। दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने सवाल किया कि कांग्रेस नेता आइटम गीतों पर थिरकते हैं और हमारे देशभक्ति गीतों पर नाचने पर सवाल उठाते हैं?

गांधी नाम के नेतृत्व में यह हिंषा का कहर क्यों ..???? राहुल सोनिया चुप ..!


- अरविन्द सिसोदिया 
देश में प्रत्यक्ष रूप में प्रधानमन्त्री  मनमोहन सिंह होंगे और राष्ट्रपति महामहिम प्रतिभा देवी पाटिल होंगी , मगर यह भी उतना ही सच है की इनको बनानें और पदस्थापित  करवाने वाली असली शख्सियत ,कांग्रेस की अध्यक्ष और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी हैं ...! सत्ता की असली चाबी सोनिया गांधी के पास है | मंत्रालय में उनकी सीधी  चलती है , मनमोहन सिंह नहीं चाहते हुए भी ए राजा को केबिनेट मंत्री बनाते हैं | इतनी  बड़ी घटना के बाबजूद सोनिया चुप .., देश के नए प्रधानमंत्री होने की उड़ान भर रहे राहुल गांधी बाबा चुप ..!! भट्टा परसौल  को लेकर हायतौवा का नाटक करने वालों की संवेदनाओं की असलियत यह है कि वे बाबा रामदेव के अहिंशक धरने पर हुए सशस्त्र हमले पर चुप हैं,गायव हैं | सवाल यह है की हिंसा के खिलाफ जिस गांधी ने सारी उम्र संघर्ष किया ..उसी गांधी नाम के नेतृत्व में यह हिंषा का कहर क्यों ..????
 

महासचिव राजा दिग्विजय सिंह के दिमाग का इलाज


०६ जून २०११    
  कांग्रेस के महासचिव राजा दिग्विजय सिंह के दिमाग का इलाज करवाए जाने का अनुरोध ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को कोटा जिला कलेक्टर जी एल गुप्ता के मध्यम  से भेजा कर लौटते हुए  , भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविन्द सिसोदिया , युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष ललित शर्मा , विभिन्न कोलोजें के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी पंकज चतुर्वेदी ,प्रताप तोमर सहित व्यवसाई गणपत लाल शर्मा ...! जिला कलेक्ट्रेट कोटा , राजस्थान |