सोमवार, 25 जुलाई 2011

यूपीए२ की सरकार - तू क्यूँ बोला...? चल फंसजा...!!!


- अरविन्द सिसोदिया 

हम पहले भी कई वार लिख चुके हैं की यह सरकार, यूरोप के एक भ्रष्ट और गिरे चरित्र के देश की छाया  में चल रही यू पी ए २ की सरकार , अलीबाबा चालीसा चोर के रास्ते पर चल रही है और इसकी सबसे बड़ी विषेसता यह है की अपने हर विरोधी को यह सी बी आई  और आयकर विभाग के जरिये फंसाने पहुच जाती है की तू क्यूँ  बोला.........??????  चल फंसजा...!!! जगन की बगावत के बाद सी बी आई जा पहुची , बाबा रामदेव के आन्दोलन के बाद सी बी आई जा पहुची.., नितिन गडकरी के बेटे के घर आयकर विभाग जा पंहुचा ....., दिल्ली  पुलिस नोट के बदले  वोट  के मामले को जानबूझ कर भाजपा और सपा को फंसने में लगा है..!  मायावती , मुलायम , लालू को पहले ही उलझा ही रखा है....
------------------------------------------------------
भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम के त्यागपत्र की मांग की

सोनिया गांधी

नितिन गडकरी ने  कहा, "मैं सोनिया जी से ये पूछना चाहता हूँ कि इस प्रकरण में शामिल दोनों नेताओं पर वे क्या कार्रवाई करेंगी. क्योंकि इन दोनों ने राजनीतिक, वैधानिक और नैतिकता के आधार पर पद पर बने रहने का अधिकार गँवा दिया है."
सोनिया जी से ये पूछना चाहता हूँ कि इस प्रकरण में शामिल दोनों नेताओं पर वे क्या कार्रवाई करेंगी. क्योंकि इन दोनों ने राजनीतिक, वैधानिक और नैतिकता के आधार पर पद पर बने रहने का अधिकार गँवा दिया है
नितिन गडकरी
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भाजपा की मांग को ख़ारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष एक अभियुक्त की बात पर इस्तीफ़े की मांग कर रहा है.
उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जाँच चल रही है और कुछ भी साबित नहीं हुआ है और भाजपा त्यागपत्र की कैसे मांग कर सकती है.
कपिल सिब्बल ने कहा, "भाजपा की मांग दुर्भाग्यपूर्ण है. एक अभियुक्त अपने बचाव में कुछ भी कह सकता है."
कांग्रेस ने भी भारतीय जनता पार्टी की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भाजपा की मांग को ठुकराते हुए कहा कि एक अभियुक्त के बयान पर ऐसी मांग करना बेकार है.

ये कैसे प्रतिमान हुए ,

साथ बहुत लेते लोग..,
साथ देता  कोई नहीं ...,
गर साथ देनें का मौका आये ,
तो शत्रुता की तलवारें उठा लेते लोग,
ये जिन्दगी किससे  करें मित्रता ,
इस वेश में तो शत्रुता के  शिवा कोई नहीं ...! 
-------
ये  कैसे प्रतिमान हुए  ,
खलनायक भगवान हुए, 
बगिया के परिजीवी पौधे ,
सबके सब धनवान हुए ,
उस घर का क्या होगा ,
जिसके मुखिया बेईमान हुए ! 
-  महेंद्र नेह जी , कोटा .