मंगलवार, 26 जुलाई 2011

32 पुरूषों की डिलीवरी और हो गए बच्चे...!! एक महिला साल में 24 बार बच्चों को जन्म दे रही है..

गहलोत शासन में :         
       उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले फंड में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। कोटडा कस्बे के गोगंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम ने पैसे के लालच में एक-दो नहीं बल्कि 32 पुरूषों को प्रेग्नेंट बनाकर उनकी फर्जी डिलीवरी करवा दी, पुरुषों के बच्चे हो गए...!!।

दरअसल जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले पैसे से कमीशन पाने के लिए एएनएम ने स्वास्थ्य केंद्र में फर्जी नामों से डिलीवरी करवाई। स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्डो के अनुसार रूपराम नाम के एक व्यक्ति ने पिछले आठ महीनों के दौरान सात बार डिलीवरी करवाई। इसमें रेखा भाटी नाम की एक एएनएम पर जाली दस्तावेज पेश करने व स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्डो में धांधली करने का आरोप है। ऎसी ही धांधली करनेे वाले कई मामले हैं लेकिन अब तक किसी के खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं हो पाया है।

रिकॉर्डो के अनुसार 60 वर्ष की महिला की साल में दो बाद डिलीवरी हुई जबकि सीता नाम की महिला ने 24 बार डिलीवरी करवाई। इस घोटाले के सामने आने के बाद हालांकि प्रशासन ने वार्ड अधिकाराी को बर्खास्त कर दिया है और जांच के लिए सीनियर डॉक्टरों की टीम बनाई गई है।
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उदयपुरराजस्थान में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं कि चौंकना लाजिमी हैं। जहां पुरुष बच्चे पैदा कर रहे हैं तो वहीं एक महिला साल में 24 बार बच्चों को जन्म दे रही है। पुरुषों द्वारा बच्चा पैदा करने की तो 32 घटनाएं दर्ज हैं। इससे साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है। इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है जननी सुरक्षा योजना में।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोटड़ा कस्बे के गो गुंडा सामुदायिक केंद्र में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने  इस गड़बड़झाले का पता लगाया। इस केंद्र की सहायिकाओं ने जननी सुरक्षा योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे की गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित सहायता राशि को हड़पने के लिए गलत रिपोर्ट पेश की। अधिकारी ने बताया कि घोटाला उजागर होने के बाद वार्ड प्रमुख को पद से हटा दिया गया है और वह इस समय फरार है। उसने बताया कि विभागीय जांच के बाद शिकायत दर्ज कराई जाएगी। जांच के लिए तीन सीनियर डॉक्टरों की टीम बनाई गई है।

चपरासी के पदों के लिए :पीएचडी, एमबीए और एमसीए डिग्री धारक शामिल

26 जुलाई 2011 
उदयपुर.
सुखाड़िया विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 15 पदों के लिए रविवार २४ जुलाई २०११ को भी इंटरव्यू हुए। विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनने के लिए इंटरव्यू दिया। इसमें पीएचडीधारी, एमबीए, एमसीए, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी, एमकॉम, एमए के अभ्यर्थी सम्मिलित थे। विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए दो दिन तक साक्षात्कार प्रक्रिया चली। सुविवि के संघटक आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस व एफएमएस कॉलेज में प्रक्रिया सुबह 9 बजे से शुरू हुई जो शाम 6 बजे तक चली। महिला अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ साक्षात्कार देने पहुंची।

15 पद, ढाई हजार अभ्यर्थी :
सुविवि में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 3440 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। शनिवार से शुरू हुए इंटरव्यू में कुल ढाई हजार अभ्यर्थी उपस्थित रहे। रविवार को इंटरव्यू के लिए 1615 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था लेकिन 1137 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। कॉमर्स कॉलेज में 299, साइंस कॉलेज में 265, आर्ट्स कॉलेज में 286 व एफएमएस कॉलेज में 287 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिए।

राज्यभर से आए अभ्यर्थी :
सुविवि प्रवक्ता डॉ. संजय लोढ़ा ने बताया कि रविवार को एफएमएस कॉलेज में तीन पीएचडीधारी, एमसीए पास अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिए। जबकि कॉमर्स कॉलेज में जोधपुर से एमबीए, एमकॉम, राजस्थान विद्यापीठ से एमएचआरएम के दो छात्र व कोटा ओपन से एमलिब. छात्र इंटरव्यू में सम्मिलित हुए। डॉ. लोढ़ा ने बताया कि इंटरव्यू में अभ्यर्थियों की शॉर्ट लिस्ट तैयार की जा रही है। अगस्त में फाइनल प्रक्रिया होने की संभावना है।