शुक्रवार, 30 सितंबर 2011

सावधान दिग्विजयसिंह की पुलिस आ रही है.......


- अरविन्द सीसौदिया, कोटा
सावधान - सावधान दिग्विजयसिंह की पुलिस आ रही है.......
जनता की प्रखर आवाज कुचलने के लिये कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह जी ने मोर्चा संभाल लिया है। ऐसा ही इंदिराजी के समय आपातकाल लगा कर हुआ था। अब आप अपने स्वतंत्र विचार इंटरनेट , फेसबुक ,यू-टियूब,ब्लाग, टिवीटर , ओरकुट और अन्य साईटों पर नहीं लिख सकते, लिखा तो आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी। इन कार्यवाहियों में पुलिस को कांग्रेस का हित साधनें के लिये आप जैसे स्वतंत्र विचार प्रखरता से रखने वालों का दमन करेगी। वह आपका दमन नहीं करेगी तो,पुलिस की खैर नहीं । वैसे भी जब सी बी आई जैसी बडी संस्था कांग्रेसहित साधन का यंत्र बन गई हो तो पुलिस तो बहुत कमजोर कडी है। दिग्विजयसिंह जी ने 22 शिकायतें दिल्ली पुलिस में दर्ज करवाई है। उन्होने फेसबुक,ओरकुट और टिवीटर की भी शिकायत दर्ज की हे। उनकी शिकायतों का आधार मान लिया जाये तो, कोई अखबार न तो व्यंग  चित्र बना सकता और न व्यंग लिख सकता और न व्यंग कविता पाठ कर सकता ।



------- सोशल नेटवर्किंग साइटों पर दिग्विजय का हल्ला  बोल   

नई दिल्ली.अन्ना हजारे को लेकर कई विवादित टिप्पणियां कर उनके समर्थकों की नजर में खलनायक बने कांग्रेस महासचिव और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अब फेसबुक, यू-ट्यूब, ऑर्कुट व ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किग वेबसाइटों पर हल्ला बोल दिया है। सिंह ने इन वेबसाइटों के साथ-साथ इनके जरिए टिप्पणी करने वाले 22 लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करा दिया है।
दिग्विजय ने आरोप लगाया है कि उक्त वेबसाइटों को माध्यम बनाते हुए कई लोगों ने उनके खिलाफ अपमानजनक व आपत्तिजनक बातें लिखीं और उनकी फोटो के साथ छेड़छाड़ कर भद्दी हरकतें की हैं। पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के वकील रोहित कोचर ने 16 अगस्त को दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब, इबिबो डॉट कॉम, ऑर्कुट, एमएसएन डॉट कॉम और कुछ अन्य वेबसाइटों को माध्यम बनाते हुए दिग्विजय सिंह के बारे में कई अपमानजनक व आपत्तिजनक बातें लिखी हैं।
लोगों की इन हरकतों से न सिर्फ दिग्विजय सिंह, बल्कि कांग्रेस पार्टी की छवि को भी ठेस पहुंची है। उनके मुताबिक, जिन वेबसाइटों का लोगों ने इस्तेमाल किया है, वे भी इसके लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने इस प्रकार के आपराधिक मकसद के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। इस शिकायत के साथ पुलिस को आपत्तिजनक ईमेल, फोटो आदि भी दी गईं।
इस शिकायत में ऐसे 22 लोगों को नामजद कराया गया है, जिन्होंने फेसबुक व अन्य वेबसाइटों पर दिग्विजय सिंह के खिलाफ कई अभद्र टिप्पणियां की हैं तथा पेस्ट किए गए फोटो से छेड़छाड़ की गई है।
मामले की जांच में जुटे साइबर सेल ने लगभग एक माह की तफ्तीश के बाद 29 सितंबर को आईटी एक्ट-66-ए के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि फेसबुक, ऑर्कुट आदि पर जिस नाम से प्रोफाइल बनाए गए हैं, वे सही नाम पर बने हैं या नहीं। पुलिस सभी आरोपी वेबसाइटों को भी नोटिस भेजकर जल्द ही पूछताछ करेगी।

हम अलीबाबा और चालीस चोर तो हो नहीं

- अरविन्द सीसौदिया , कोटा, राजस्थान ।
अलीबाबा और चालीस चोर....
सभी चोरों ने मिल कर सलाह की ....हम राजा हैं,हम मंत्री हैं, मंत्रीयों के उपर हमारा अधिपत्य है..!! फिर हम चोर या भ्रष्टाचारी कैसे हो सकते हैं ? जनता से पैसा लेना और उसे अपने उपर खर्च करना तो हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है !! जनता को लूटना और जनधन को लुटवाना..,परिभाषा को फेर भले ही हो , मगर यह तो हमारा अधिकार है । इसीलिये कल सोनिया जी, मनमोहनसिंह जी, प्रणव दा और चिदम्बरम एक हुये सब ने मिल कर कहा । हम क्लीन हैं...,हमने जो किया था वही ठीक है और कानून सम्मत हे। हम चुने हुए लोग हैं इसलिये अलीबाबा और चालीस चोर तो हो नहीं सकते.....................