शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2011

देश सुरक्षा पर गंभीर गफलत..

 - अरविन्द सीसौदिया , 
इस देश को इस सरकार ने, हर सफे पर नाकामी और देश के साथ बुरा करने जैसा किया है। यह खबर 31 जुलाई 2011 के अखबार में छपी है। 45 हजार करोड की सुरक्षा सम्बंधि खरीदारीयां अटकी हैं। मेरी नजर में यह खबर आज आई सो आपसे आज ही शेयर कर रहा हूं। एक तरफ चीन हमारी सीमाओं पर आखडा हुआ है और हम लगभग निहत्थे जैसे, कांग्रेस सरकार को देश हित में तुरंत रक्षा आवश्यकताओं की जरूरतों की खरीददारी पूरी करनी चाहिये।  






कश्मीर हमारा था, है और रहेगा : अन्ना हजारे


कश्मीर हमारा था, है और रहेगा : अन्ना हजारे
- अरविन्द सिसोदिया 
अन्ना हजारे ने जन लोकपाल के मुद्दे पर लड़ाई लड़ रही अपनी टीम के सदस्य और प्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण की आलोचना करते हुये कहा है कि कश्मीर पर प्रशांत भूषण के विचार सही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे देश का अभिन्न अंग है. अन्ना ने यह भी कहा कि प्रशांत भूषण को टीम में रखने पर विचार किया जाएगा|
हजारे ने अपनी बात कह कर ये बात जाहिर कर दी कि उनके विचार उनके प्रशांत भूषण से बिल्कुल भी इफ्तेफाक नहीं रखते हैं। प्रशांत भूषण जो कुछ भी कश्मीर के लिए कह रहे हैं ये उनकी अपनी निजी राय है। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मैं मानता हूं कि कश्मीर भारत का अंग था, है और हमेशा रहेगा। किसी के कहने से वो अलग नहीं हो जायेगा। मैंने भी कश्मीर को बचाने के लिए वहां का दौरा किया था।
१४ अक्तूबर , शुक्रवार को अन्ना हजारे ने मीडिया से बातचीत करते हुये कहा कि कश्मीर को लेकर प्रशांत भूषण ने जो विचार व्यक्त किये थे, ये प्रशांत भूषण के विचार थे और वे उससे सहमत नहीं है. अन्ना हजारे ने कहा कि प्रशांत भूषण के विचार ठीक नहीं हैं. बात यहीं नहीं रुकी. अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि प्रशांत भूषण को टीम में रखने पर भी विचार किया जाएगा. कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसे कोई ताकत भारत से नहीं छीन सकता.
इससे पहले टीम अन्ना की एक और सदस्य किरण बेदी ने भी पल्ला झाड़ लिया था. किरण बेदी ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर इस संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘‘यह भूषण जी के निजी विचार हैं. मैं जम्मू कश्मीर में सुशासन और जनता के उससे बेहतर जुड़ाव के हक में हूं.’’ 

गमों के बादल....kavita



- अरविन्द सिसोदिया 
गमों के बादलों ने,
फिर घटाओं का रूप धर कहा, 
हम आ गये, हमें बरसना है।
बेवसी के लवादे को, 
उसकी तरफ उछाल हमनें भी कहा,
जिन्दगी एक बार मिली है प्यारे...
और हमनें उसे जीना सीख लिया है !!
चल भागजा जहां से भी आया है। 
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- अरविन्द सीसौदिया, कोटा,राजस्थान, 
मर्यादा के दिये में,
पावनता का तेल भरा,
निष्चल प्रेम की बाती से,
आशाओं का दीप जला,
विष्वास का प्रकाश हुआ,
हम जल का बुझ जायें तो क्या,
जग देखे भोर का उजियाला....!! 
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-अरविन्द सीसौदिया
जो रात रात भर जाग कर,रात को दिन बना लेते हें। 
वे ही फिर उंनींदी आंखों से पूछतें हें कि क्या आप भी जागे थे ???
यदि कोई हमारा सो नहीं पा रहा ...,
तो नींद हमें भी कैसे आ पाती !!!
फेसबुक ने रातों को दिन बना दिया.. क्या करें?
वे भाग्यवान हैं जो काली रात को भी दिन में बदल देते हैं। 
उनके साहस को प्रणाम !!!!
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