सोमवार, 24 अक्तूबर 2011

मोहनजी भागवत : समाज में सभी को परस्परावलम्बी होना चाहिये




समाज में सभी को परस्परावलम्बी होना चाहिये - सम्मानीय भागवत जी

कोटा / कसार 24 अक्टूबर । राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक माननीय डाॅ.मोहन मधुकरराव भागवत ने कहा ” विकास की गति धर्म युक्त नियंत्रित होनी चाहिये । मर्यादाहीन विकास तरक्की तो बहुत करता है किन्तु साथ ही बहुत सी विसंगतियां उत्पन्न करता है। इसमें पर्यावरण रक्षा का भी ध्यान रखा ही जाना चाहिये।“ वे गोयल प्रोटीन्य लिमिटेड ,कसार, जिला कोटा उद्योग समूह की द्वितीय इकाई उदघाटन समारोह के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे।
सम्मानीय भागवत ने अपने सम्बोधन में कहा ” मनुष्य ही एक मात्र इस तरह का प्राणी है जिसकी क्षमतायें इतनी विस्तृत हैं कि वह पशुओं से भिन्न, दूसरों के बारे में भी सोच - समझ सकता है और परमार्थ करते हुए नर से नारायण पद को प्राप्त कर सकता है ।“ उन्होने कहा ” हिन्दू संस्कृति में परस्पर सहयोग और परोपकार को ही सर्वोच्च प्राथमिकता है वह संकुचित विचारों की अनुमति नहीं देती है बल्कि सभी प्रकार क्रियाकलापों में समन्वय और सद्भाव को स्थापित्य करती है। “ 
उन्होने कहा समाज सभी गतिविधियों को और सभी गतिविधियां समाज को प्रभावित करती हैं । अर्थ - काम सभी को आवश्यक हैं मगर मनुष्य में विचार की शक्ति है,वह जीवन को नियंत्रणाधीन रख सकता है, वह दुष्कर्म से राक्षस और सद्कर्म से नारायण बन सकता है। निमित्त मनुष्य को ही बनना पडता है। धर्म के बंधन में चलने पर सद्गति मिलती है,मोक्ष भी वही प्राप्त करता है। 
उन्होने कहा वसुधैव कुटुम्बकम, अर्थात सब एक - दूसरे के कुछ न कुछ लगते हैं। सबकी सोचें यही धर्म हैं । मुझे तो जीना ही है मगर में औरों को भी तारूंगा ,दूसरों की उन्नती करने में भी सहायक बनूंगा यही मनुष्यत्व है।

माननीय भागवतजी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय का उद्धरण देते हुये कहा ” समाज को स्वावलम्बी होना चाहिये ,परन्तु समाज में सभी को परस्परावलम्बी होना चाहिये। भागवत ने कहा यह गोयल समूह का उद्योग अवश्य है लेकिन यह केवल गोयल समूह के लिये नहीं हैं बल्कि सबका चिन्तन सबका भला करने के लिए प्रयत्नशील हो, यह इसकी विशेषता बननी चाहिये। “

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लघु उद्योग भारती के प्रांतीय अध्यक्ष गोविन्दराम मित्तल ने कहा सरकार के मिलावट रोकने सम्बंधी कानून की विसंगति के बारे में बताते हुय कहा भारतीय खाद्य निगम ( एफ सी आई ) या जनस्वास्थ अभियांत्रिकी विभाग ( पीएचईडी )के विरूद्ध मिलावट कानून काम नहीं करती मगर एक बहुत छोटा व्यापारी जिसको मिलावट की जानकारी नहीं है उसे आजीवन कारावास का प्रवधान हैं जो कि अनुचित है।
गोयल प्रोटीन्स लिमिटेड के ताराचंद गोयल ने उद्योग के प्रतिवेदन को पढ़ कर सुनाया और बताया कि 500 टन क्षमता की यह इकाई सोयाबीन केे प्रोटीन उत्पाद को बनायेगी और इससे स्थानीय जरूरतें पूरी करेगी।
  मंच पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक माननीय डाॅ.मोहन मधुकरराव भागवत, लघु उद्योग भारती के प्रांतीय अध्यक्ष गोविन्दराम मित्तल, रामवतार गोयल,प्रकाशचंद्र गोयल मंचस्थ थे।
कार्यक्रम के संचालन में अतिथि परिचय राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रातीय यह कार्यवाह शिवनारायण गुप्ता ने करवाया और संचालन नरेन्द्र कुमार गोयल ने किया । 
धर्म क्षैत्र की ओर से महामण्डलेश्वर रामानंद सरस्वती,मंझले मुरारी बापू, प्रेमनाथ,नरेन्द्रनाथ अवधूत, हरिनाराधण जी महाराज,कमलदास जी महाराज आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
संघ क्षैत्र से राजस्थान क्षैत्रीय प्रचारक दुर्गादासजी ,भगवानजी, शिवकुमारजी,माणकजी पाथेयकण प्रमुख रूपसे उपस्थित थे । 
स्टेट बैंक आॅफ इण्डिया के अध्यक्ष सिद्र्धाथ सेनगुप्ता प्रमुख रूपसे उपस्थित थे।

राजनैतिक क्षैत्र से पूर्व केन्द्रीय मंत्री भुवनेश चतुर्वेदी,पूर्व मंत्री ललित किशोर चतुर्वेदी,पूर्व मंत्री रघुवीरसिंह कौशल, पूर्व मंत्री हरीकुमार औदिच्य, पूर्व मंत्री मदन दिलावर,पूर्वसंसदीय सचिव ओम बिरला,विधायक चंद्रकांता मेघवाल,विधायक अनिल जैन कांग्रेस प्रदेश महासचिव पंकज मेहता, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शर्मा एवं देहात जिला अध्यक्ष प्रहलाद पंवार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।     

प्रेषक:-
अरविन्द सीसौदिया 9414180151
प्रचार विभाग,