शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

RSS didn’t plot Gandhi killing


FP
Nehru and Patel on the cover of the book, published by NBT


RSS didn’t plot Gandhi killing, Hindu Mahasabha did, Patel told Nehru


That Jawaharlal Nehru and Sardar Vallabhbhai Patel did not see eye to eye on many matters is well known. But the release of previously unpublished correspondence between the two leaders reveals that Patel, the country’s first home minister, was miffed over orders being issued by the prime minister “in matters which fall within my departmental responsibility”.
While Patel agreed with Nehru on banning the RSS after the assassination of Mahatma Gandhi in 1948, he was convinced that “Bapu’s murder was not the result of an RSS conspiracy but that of a section of Hindu Mahasabha” who he regarded “a greater danger than RSS”.
These form part of a collection of letters — published in three volumes and released by the National Book Trust — between Nehru and Patel, Gandhi and Patel, and Gandhi and Nehru at the height of the freedom struggle and in the immediate aftermath of Independence.

In one letter in Nehru-Patel: Agreement within Differences — compiled by Delhi University history professor Neerja Singh — Patel objects to Nehru’s direct involvement in matters under his department.
“I should like to suggest that it is somewhat embarrassing both to me and to the local officials if orders are issued to them direct by you in matters which fall within my departmental responsibility... Even if some instructions were issued by you, I feel that I should have at least been informed and that those instructions should not have come to my office indirectly...”

भंवरी...... : सत्य वचन





सत्य वचन भंवरी...... 
अब बात समझ में आने लगी है कि अशोक गहलोत व उनकी सरकार भंवरी को क्यों नहीं ढूंढना चाहती थी। क्यों कि उनने ही जब उसे मरवाया हो तो ढूढनें की क्या आवश्यकता ! क्यों कि एक क्लिप ओडियों में यह खुलाशा जो अखवार में आ ही गया है कि भंवरी पोल खोलनें पर आमादा थी और उसको मुह बंद रखनें की रकम दी जानें वाली थी। क्यों कि भंवरी का मंत्रीयों और अफसरों ने जम कर देहिक शोषण किया और जब शोषण की इंतहा हो गई और वह सारी पोल खोलने पर आमादा हो गई और उसने सरकार गिराने की धमकी दे डाली तो ....तो उसे गिरा दिया गया ..!!! यही तो सत्य वचन है..?
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04 Nov 2011
लिंक----
http://www.samaylive.com/regional-news
मंत्री को 7 करोड़ के लिए ब्लैकमेल कर रही थी भंवरी
नर्स भंवरी देवी कांड में सीबीआई के हाथ लगी ऑडियो क्लिप में सात करोड़ रूपए की सौदेबाजी का सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है.
राजस्थान के बहुचर्चित एएनएम भंवरी कांड में सीबीआई के हाथ लगी एक ऑडियो क्लिप में चर्चित सीडी को लेकर सात करोड़ रूपए की सौदेबाजी, महिपाल मदेरणा को धमकी देने, पुलिस को बयान देने की बात के साथ ही अशोक गहलोत की सरकार को संकट में डालने का भी उल्लेख है.
बर्खास्त मंत्री महिपाल मदेरणा और लूणी के कांग्रेस विधायक मलखान का इसमें उल्लेख करते हुए सीडी का सौदा नहीं होने की स्थिति में एसपी के पास जाने तक की बात कही गई है.
बातचीत में दोनों पक्षों के पास सीडी होने की बात भी कही गई है. क्लिप में खुल कर अश्लील शब्दावली व गाली गलौज का इस्तेमाल किया गया है.
भंवरी किसी बड़े फेर में थी ये साफ है..वो परेशान थी ये भी साफ है...उसे कुछ मिलने की उम्मीद थी ये भी साफ है.हकीकत तो ये है कि गायब होने से पहले भंवरी ने बड़ा गेम खेल था और शायद उसे मोटे मुनाफे की उम्मीद भी थी. आइये  सुनते हैं...
...चार दिन बाद देखना टीवी पर चलेगी
भंवरी देवी और विधायक मलखान बिश्नोई की बहन इंद्रा के बीच हुई बातचीत.
भंवरी: हैलो, बात क्यों नहीं कर रहे हो....
इन्द्रा: हां बात कर रही हं, इसके लिए गरज करूं....
भंवरी: सोहनलाल की बात कर रही हूं....क्या किया, वो डील कर रहा है....महिपालजी से बात करो, मैं कल 12 बजे तक इंतजार करूंगी, नहीं तो एसपी से बात करके मेरा बयान देने जा रही हूं..4 दिन बाद देखना टीवी पर चलेगी फिर जिंदगी भर रोते रहना.
दोनों की आवाज...सहीराम कहां है?
भंवरी: महिपाल से मिलकर आया था..दस दिन पहले कहा था...भंवरी के पास कुछ भी नहीं है...साहब से मिल बात की थी..जो चीज है वह तुम्हारे पास भी पड़ी है और मेरे पास भी रहेगी. तेरी बाद में काम आ जाएगी (संभवतया सीडी के संदर्भ में)
इन्द्रा: मैं मलखानसिंह से बात नहीं करती.....मेरा कोई लेना-देना नहीं है.....पचास बार कह दिया
भंवरी: मलखानसिंह की गाड़ी फंसा दूंगी.....पकी-पकाई खाई.....थोड़े पैसे हाथ आने दें.....फिर देख लेना.....भंवरी बेवकूफ नहीं है......
इन्द्रा: महिपाल ने क्या तुझे पैसा नहीं दिया.....
भंवरी: सहीराम ने पैसे की बात नहीं की...पहले डिमाण्ड कम थी...अब ज्यादा हो गई...दिल्ली की पार्टियों का फोन आया था...मेरे पास तो सोहन लेकर आया था..सोहन ही लेकर आता है मैं तो जानती भी नहीं... बात हो गई, पांच करोड़ तेरे और दो करोड़ मेरे...और क्या चाहिए....
भंवरी: कुछ नहीं राजस्थान में अशोक सरकार का तख्त पलट हो जाएगा.....जिस तरह से लोग हाथ धो कर पीछे पड़े हैं, उस तरीके से लगता है.....तुम मेरा मोबाइल टेप क्यों कर रहे हो.....टेप हो रहा है.....
इन्द्रा:मेरे कोई और कॉल आ रही है......
गाली-गलौच के साथ बात समाप्त.
मेरे भाई परसराम विश्नोई और बहन इन्द्रा को भंवरी की कॉल डिटेल में नम्बर आने के कारण सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया है. भंवरी अपहरण केस से मेरा या मेरे परिवार का कोई लेना-देना नहीं है. भंवरीदेवी, इन्द्रा के बीच बातचीत की ऎसी कोई ऑडियो सीडी की मुझे जानकारी नहीं है. इन्द्रा ने बात की तो इन्द्रा जाने.
मलखानसिंह विश्नोई, विधायक, लूणी
सीबीआई ने मेरे से पूछताछ की है. ऑडियो सीडी के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है. कब बनी या किसकी आवाज है, इसका मुझे कोई पता नहीं है. ऎसी किसी सीडी में मेरी आवाज नहीं है.

सैकडो करोड का नुकसान होगा प्रत्येक जिले में किसानों को,खाद्यान्न उत्पादन कम होगा------




किसानों को कांग्रेस का कठोर दण्ड......
सैकडो करोड का नुकसान होगा प्रत्येक जिले में किसानों को,
बिजली नहीं मिलने से - भाजपा कोटा देहात
कोटा 4 नवम्बर । भाजपा जिला अध्यक्ष प्रहलाद पंवार एवं जिला उपाध्यक्ष अरविन्द सीसौदिया ने कांग्रेस राज्य सरकार पर किसानों के प्रति विश्वासघात का आरोप लगाते हुये कहा पर्याप्त बिजली आपूर्ती नहीं हाने से सैंकडों करोड रूपयों की हानी प्रत्येक जिले के किसानों को होगी। उन्होने कहा अच्छी वर्षा के चलते कुओं में पर्याप्त पानी है मगर बिजली नहीं मिलने से यह फसल की बुआई के काम में नहीं आपा रहा है।
इन्होने आरोप लगाया कि भगवान ने तो अच्छी वर्षा के द्वारा किसानों का भला किया मगर कांग्रेस की राज्य सरकार जिसे बिजली का इंतजाम करना था उसने किसानों से धोका करते हुये अभी तक बिजली आपूर्ती बहाल नहीं की है। थ्री फेस बिजली की आपूर्ती में भारी किल्लत है। जनता के द्वारा लगातार मांग को अधिकारीवर्ग रद्दी की टोकरी के हवाले कर रहे हैं जो कि जन उपेक्षा की निंदनीयता की पराकाष्ठा है।
खाद्यान्न उत्पादन कम होगा------
देश में पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन का यह समय है , मगर किसानों को बिजली नहीं दी जा रही....खाद की दरें बडा दीं गईं .., डीएपी के दाम दो गुने हो गये...मगर वह भी नहीं मिल रहा....मतलब खाद्यान्न उत्पादन कम होगा, सरकार स्वंय खाद्यान्न उत्पादन कम हो इस तरह के कुप्रयासों में लिप्त है। जिसके दो मतलब तो साफ हैं एक इस देश के किसानों को जीते जी मारा जाये...मतलब गरीब रखा जाये , दूसरा जमाखोरों और विदेशी उत्पादनकर्ताओं को माल मंहगे में बेंचनें के अवसर उपलब्ध करवायें जायें ! देशवासियों के साथ कट्टर दुश्मनों जैसा व्यवहार करने वाली सरकारें आज से पहले कभी नहीं देखीं ....