शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

पैसे के लिए पतन : सन्नी लियोन : टीवी चैनल





- अरविन्द सिसोदिया 
२०११ में सबसे बड़ा नैतिक पतन चैनलों का देखनो को मिला ,
अश्लीलता से भरे हाश्य कार्यक्रम और विज्ञापन सरकार रोकनें में विफल रही ..
हद तो तब हो गई जब .., पोर्न फिल्मों में काम करनें वाली एक विदेशी अभिनेत्री को दम तोड़ते सीरियल को बचने के लिए बुला लिया गया ..! पैसे के लिए इससे जयादा  और क्या गिरना होगा..!!!
सार्वजानिक प्रदर्शन किसी भी तरह का हो , उसकी एक मर्यादा होनी ही चाहिए ...भारत में इतनी  स्वछंदता की फ़िल्में , चेनलों के हाश्य कार्यक्रम और विज्ञापन पोर्न नहीं तो सेमी पोर्न तो हो ही गए ..!    
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सन्नी लियोन को लेकर 
कलर्स को नोटिस
December - 25 - 2011
अदिति टंडन/ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
नयी दिल्ली, 24 दिसंबर। भारतीय मूल की कनाडाई ‘पोर्न’ कलाकार सन्नी लियोन टीवी शो ‘बिग बॉस’ के ज़रिये अपना पोर्नोग्राफी व्यवसाय को बढ़ावा नहीं दे पायेगी। उसने 21 नवंबर को इस टीवी शो में प्रवेश किया था। इंडियन ब्राडकास्टर्स फाउंडेशन द्वारा स्थापित ब्राडकास्टिंग कंटेंट कंप्लेंट्स कौंसिल ने कल ‘बिग बॉस’ प्रसारित कर रहे कलर्स चैनल को नोटिस जारी किया। कौंसिल का गठन भारतीय टीवी मीडिया द्वारा आत्म-नियमन के लिए किया गया है। उक्त फाउंडेशन के सदस्यों में कलर्स चैनल भी शामिल है। कौंसिल की बैठक में ‘बिग बॉस’ में सन्नी लियोन की मौजूदगी को लेकर 19 शिकायतों पर विचार किया गया। बाद में कौंसिल ने मनोरंजन चैनल कलर्स को निर्देश दिया कि सन्नी की अश्लील ‘साइट्स’ और वीडियो इस शो में दिखाने 26 दिसंबर से बंद कर दे। कौंसिल का कहना था कि कोई भी किसी शो में आने को स्वतंत्र है लेकिन किसी को इसके माध्यम से अपने व्यवसाय, वह भी जब वह अवैध हो, को बढ़ावा देने का अधिकार नहीं है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष व उक्त कौंसिल के सदस्य वजाहत हबीबुल्लाह ने आज दैनिक ट्रिब्यून को बताया कि ‘हम सभी इस बात पर रजामंद हैं कि सन्नी लियोन अश्लीलता को बढ़ाने के लिए ‘बिग बॉस’ को बढ़ावा दे रही है जिसे भारत में आपराधिक गतिविधि माना जाता है। हो सकता है अमेरिका में अश्लीलता परोसना अपराध न हो लेकिन भारत में इसे आपराधिक गतिविधि ही माना जाता है। इसीलिए सन्नी लियोन को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए हमारे टीवी के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जा सकती। कलर्स चैनल ये निर्देश मानने और उसके द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी कौंसिल को देने के लिए सहमत है।’


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सन्नी लियोन के साथ 
कंफर्टेबल नहीं संजू बाबा, नहीं करेंगे... 
Source: Bhaskar network   
28/12/2011 
हाल ही में सुनने में आया था कि बॉलीवुड एक्टर और बिग बॉस होस्ट संजय दत्त पोर्न स्टार सन्नी लियोन के साथ काम करने के इच्छुक हैं| 
सन्नी इस समय बिग बॉस की प्रतिभागी है और सुनने में आया था कि संजू बाबा उनके अच्छे व्यवहार से खासे प्रभावित हैं और वह सन्नी को अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म में कास्ट करने का मन बना रहे हैं| मगर संजय के करीबी सूत्र ने इस बात का खंडन कर दिया है और कहा है कि उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है| 
संजय ने ऐसी कोई योजना नहीं बनाई है क्योंकि वह पोर्न स्टार के साथ काम करने को लेकर सहज ही नहीं हैं| इससे पहले इसी शो के दूसरे होस्ट सलमान खान के बारे में सुनने को आया था कि वह सन्नी के साथ अपने अगले प्रोजेक्ट में काम कर सकते हैं मगर इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है| 





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सन्नी लियोन
सन्नी लियोन (जन्म केरेन मल्होत्रा​​, मई 13, 1981) भारतीय-कैनेडियन अश्लील फिल्म अभिनेत्री, बिज़नेसवुमन, और मॉडल हैं। यह 2003 में पेंटहाउस पैट आँफ द इयर के लिए नामित हुई और विविड एंटरटेनमेंट के लिए अनुबंध स्टार थीं। इन्हे मैक्सिम द्वारा 2010 में 12 शीर्ष अश्लील सितारों में नामांकित किया गया था। यह स्वतंत्र मुख्यधारा की फिल्मों और टीवी शो में भी भूमिका निभा चुकी हैं।
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सन्नी लियोन को लेकर कलर्स को चेतावनी
26 DECEMBER 2011
नई दिल्ली। टीवी रियलिटी शो बिग बॉस में पॉर्नस्टार सन्नी लियोन के होने को लेकर हुई शिकायतों के आलोक में ब्रॉडकास्टिंग कंटेंट कम्पलेंट कांसिल (बीसीसीसी) ने टीवी चैनल कलर्स को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वह कार्यक्रम का इस्तेमाल अपने ‘पॉर्न धंधे’ को चमकाने में नहीं करे।
सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार को बीसीसीसी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई । परिषद को सन्नी लियोन को लेकर कई शिकायतें मिली हैं । सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी बीसीसीसी को कुछ शिकायतें अग्रपे्रषित की थी । एक अधिकारी ने बताया, ‘‘शो में लियोन के आने को लेकर 19 शिकायतें मिली थी लेकिन उनके शो में होने से सामग्री को लेकर कोई उल्लंघन नहीं हुआ है ।’’
अधिकारियों ने कहा कि भारतीय कनाडाई पॉर्न स्टार लियोन शो में किसी भी तरह के उल्लंघन में शामिल नहीं हैं और उनका पॉर्पोग्राफी बिजनेस भारत से बाहर स्थित है जो बीसीसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हालांकि बीसीसीसी ने लियोन द्वारा अपने बेवसाइटों में भारतीय टीवी शो में शामिल होने को प्रचार के तौर पर इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई।
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सनी नेट की दुनिया में सबसे हॉट
Friday, December 16, 2011
ज़ी न्यूज ब्यूरो 
मुंबई: बिग बॉस-5 में एंट्री करनेवाली पोर्न स्टार सनी लियोन के सितारे बुलंद है। यह बात सभी जानते हैं कि वह अमेरिका की सबसे महंगी पोर्न स्टार में शुमार होती है लेकिन गूगल पर भी सर्च किए जाने, अपने पोर्न वीडियो देखे जाने के मामले में वह शीर्ष पर है। 
बिग बॉस में सनी लियोन की जब से एंट्री हुई है, इंटरनेट पर उन्हें सर्च कर पोर्न वीडियोज देखने वालों की बाढ़ आ गई है| सनी ने गूगल पर सर्चिंग के मामले में बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा ऐश्वर्या राय और कैटरीना कैफ तक को भी पीछे छोड़ दिया है| उन्हें इंटरनेट पर फैंस ने कैटरीना और ऐश्वर्या राय से ज्यादा सर्च किया है| 
गूगल रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि इंडिया में  लियोन के चाहनेवालों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा संख्‍या नोएडा में है इसके बाद भुवनेश्वर,लुधियाना और भोपाल है। गूगल की सर्च रिपोर्ट कहती है कि मात्र 14 सेकेंड में 1 करोड़ 10 लाख लोगों ने सन्नी को सर्च किया है।
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सनसनी मचाने आ गईं सन्नी लियोने
 Saturday, November 19, 2011
नई दिल्ली: गिरते टीआरपी से परेशान बिग बॉस ने शो में पॉर्न स्टार सन्नी लियोने का सहारा लिया। अब शो में शिरकत करने जा रही पॉर्न स्टार सन्नी लियोने ने भारत पहुंचते ही कहा है कि वह भारत में अपने परफॉर्मेंस को लेकर बेहद उत्साहित हैं। 
इस हफ्ते बिग बॉस के घर में एंट्री लेने वाली पॉर्न फिल्मों की भारत-कनाडाई अदाकारा सन्नी लियोने का कहना है कि यह रियलिटी शो उनके लिए भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश का जरिया बनेगा। 
लियोने ने कहा कि मैं हमेशा से बालीवुड में एंट्री लेना चाहती थी और बिग बॉस मेरे लिए पहला व्यावसायिक ऑफर रहा। मैं भारत के बाहर रहती हूं और मेरे लिए यह यकीनन बहुत अच्छी पेशकश है। 
कनाडा के ओंटारियो में एक सिख परिवार में पैदा हुई 30 वर्षीय लियोने अमेरिका के कई रियलिटी शोज में हिस्‍सा ले चुकी हैं। फैशन मैगजीन मैक्सिम ने उन्‍हें 2010 में विश्‍व के 12 प्रमुख पॉर्न स्‍टार की सूची में शुमार किया था। (एजेंसी)

सरकारी लोकपाल बिल : हार भी और भागना भी

- अरविन्द सिसोदिया 
सरकारी लोकपाल  बिल , कांग्रेस ही कमान के अभिमानी और अहंकारी कार्य प्रणाली के कारण लोकसभा में संवेधानिक दर्जा नहीं पा सका ,तो राज्यसभा  में हार की कगार पर पहुँच गया और सरकार ने वोटिंग के बजाये सदन को अनिश्चित काल को स्थगित किया गया | यानि हार भी और भागना भी....कोंग्रेस को अब भी सही तरीके से प्रयत्न करने चाहिए | असफलता का ठीकरा दूसरों से सर फोड़ने से कुछ नहीं होगा  ..|  कोंग्रेस को बीजेपी के माथे विफलता का ठीकरा फोड़ने के बजाये अपनी असफलता पर आत्म मंथन करना चाहिए !!!
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मध्य रात्रि का ड्रामा,सबसे बड़ा धोखा: जेटली
 Friday, December 30, 2011
ज़ी न्यूज ब्यूरो 
नई दिल्ली: बीजेपी नेता अरुण जेटली ने कहा है कि लोकपाल विधेयक पर गुरुवार को मध्य रात्रि में हुआ ड्रामा सबसे बड़ा धोखा था।  जेटली ने लोकपाल बिल के मुद्दे पर कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि गुरुवार को राज्यसभा में वोटिंग से डरकर सरकार आधी रात को मैदान छोड़कर भाग गई। 
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह रणनीति शाम छह बजे ही जगजाहिर हो गई थी कि वह मैदान छोड़कर भागनेवाली है। 
जेटली ने कहा कि सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। क्योंकि उसने देश के साथ धोखा किया है। इसलिए उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।  उन्होंने कहा तीन बुनियादी मुद्दों पर संशोधन को लेकर पूरा सदन एकमत था फिर सरकार वोटिंग के पहले ही मैदान छोड़कर क्यूं भाग खड़ी हुई। 
जेटली ने कहा कि यह दुनिया के संसदीय इतिहास की सबसे बड़ी जालसाजी है और इस बहाने सरकार ने देश को एक मजबूत लोकपाल बिल से वंचित कर दिया। उन्होंने कहा कि वोटिंग टालने के और दूसरे भी रास्ते थे |
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40 साल से लटका हुआ है लोकपाल विधेयक
 Friday, December 30, २०११


नई दिल्ली : गुरुवार दिनभर चली चर्चा के बाद भी राज्यसभा में लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने का यह पहला मामला नहीं है। 40 वर्ष का संसद का इतिहास गवाह है कि यह विधेयक एक पहेली बना हुआ है। 
गुरुवार रात राज्यसभा की कार्यवाही बिना लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक, 2011 पारित हुए अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। रोचक संयोग यह है कि अब तक जब भी संसद में लोकपाल विधेयक पर विचार हुआ लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो चुकी थी। 
1968 से ऐसा ही देखने में आया है। उस साल नौ मई को लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक पेश किया गया था। इसे संसद की स्थाई समिति को भेजा गया। 
20 अगस्त, 1969 को यह ‘लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक, 1969’ के रूप में पारित हुआ। हालांकि राज्यसभा में यह विधेयक पारित होता उससे पहले चौथी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गयी और विधेयक लटक गया। 
इसके बाद 11 अगस्त, 1971 को एक बार फिर लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक लाया गया। इसे ना तो किसी समिति को भेजा गया और ना ही किसी सदन ने इसे पारित किया। पांचवीं लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह निष्प्रभावी हो गया। 
उसके बाद 28 जुलाई, 1977 को लोकपाल विधेयक को लाया गया। इसे संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया। संयुक्त समिति की सिफारिशों पर विचार करने से पहले ही छठी लोकसभा स्थगित हो गयी और विधेयक भी लटक गया। लोकपाल विधेयक, 1985 को उस साल 28 अगस्त को पेश किया गया और संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया। हालांकि तत्कालीन सरकार ने अनेक किस्म के हालात को कवर करने में खामियों के चलते उसे वापस ले लिया। 
विधेयक को वापस लेते हुए तत्कालीन सरकार ने कहा कि वह जनता की शिकायतों के निवारण के साथ बाद में एक व्यापक विधेयक लेकर आएगी। 
वर्ष 1989 में यह विधेयक फिर आया और 29 दिसंबर को उसे पेश किया गया। हालांकि 13 मार्च 1991 को नौवीं लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विधेयक निष्प्रभावी हो गया। 
संयुक्त मोर्चा की सरकार ने भी 13 सितंबर, 1996 को एक और विधेयक पेश किया था। उसे जांच और रिपोर्ट देने के लिए विभाग से संबंधित गृह मंत्रालय की संसदीय स्थाई समिति को भेजा गया। स्थाई समिति ने नौ मई, 1997 को संसद में अपनी रिपोर्ट पेश की और इसके अनेक प्रावधानों में व्यापक संशोधन किये। 
सरकार स्थाई समिति की अनेक सिफारिशों पर अपना रुख तय करती तब तक 11वीं लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गयी। 
पिछला ऐसा प्रयास 14 अगस्त, 2001 को भाजपा नीत राजग सरकार की ओर से किया गया था। उसे गृह मामलों की विभाग से संबंधित संसदीय स्थाई समिति को अध्ययन और रिपोर्ट देने के लिए भेजा गया लेकिन राजग मई 2004 में सत्ता से बाहर हो गया। (एजेंसी)

अब कांग्रेस क्या हुआ....? लोकपाल बिल .???




- अरविन्द सिसोदिया 
अब कांग्रेस क्या हुआ....?
राज्य सभा में वोटिंग से पीछे क्यों हटे ..?
भाजपा ने लाकसभा में भी कहा था,
यह बिल असंवैधानिक है और
राज्यों के अधिकार क्षैत्र मे हस्तक्षेप करता है।

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संशोधन पर सरकार ने मांगा वक्त, बीजेपी बोली-डर गई सरकार
Dec 30, 2011 
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नई दिल्ली। करीब 12 घंटे तक गर्मागर्म बहस के बाद भी लोकपाल बिल राज्यसभा में पास नहीं हो पाया। देर रात करीब 12 बजे संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने खडा़ होकर सदन से और वक्त मांगा। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार को कुल 187 संसोधन प्रस्ताव मिले हैं। जिसे गहन करने में वक्त लगेगा। जबकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि वो पूरी रात बहस के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार तैयार नहीं हुई।
विधेयक पर जारी चर्चा और उसके बाद मत विभाजन के बारे में सरकार की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदन में हंगामा होने लगा। जिसके बाद सभापति उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। जेटली ने कहा कि सरकार अल्पमत है इसलिए लोकपाल बिल को टालना चाहती है। जेटली ने कहा कि लोकपाल बिल को राज्यसभा में लटकाने के लिए सरकार ने पहले ही साजिश रच ली थी। इसलिए 28 तारीख को लोकपाल बिल को सदन के पटल पर नहीं रखा गया। सरकार ने जो कुछ भी राज्यसभा में किया वो उसकी रणनीति थी। जेटली ने कहा कि सरकार बिल पास कराना नहीं चाहती है। सरकार की ये राजनीतिक और नैतिक हार है। सरकार को अब बने रहने का हक नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सरकार वोट से भागने वाली सरकार है।
वहीं सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार को अगर और वक्त चाहिए तो सरकार साफ बताए कितना वक्त और चाहिए। सरकार की तरफ से पवन बंसल ने कहा कि वो कोई डेडलाइट नहीं दे सकते। जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
जिसके बाद बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सरकार ने संसदीय परंपरा की हत्या की। सरकार ने जानबूझकर को लोकपाल बिल को लटकाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत नहीं है इसलिए तुरंत सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के बाहर जोरदार नारेबाजी की।


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राज्यसभा में आंकड़ों में उलझी सरकार वोटिंग से हटी पीछे!
 Dec 30, 2011 
http://khabar.ibnlive.in.com
नई दिल्ली। लोकपाल बिल लटक गया है। आंकड़ों में बुरी तरह उलझी सरकार ने बिल पर रात 12 बजे के बाद बहस कराने से इनकार कर दिया। विपक्ष की मांग पर वोटिंग भी नहीं कराई गई। इसके बाद बिल पर बिना कोई फैसला हुए राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले बिल पर सदन के सवालों का जवाब देने खड़े हुए पीएमओ के राज्यमंत्री नारायण सामी अपना भाषण तक पूरा नहीं कर पाए। आरजेडी नेता राजनीति प्रसाद ने आगे बढ़ कर उनके हाथ से बिल छीना और फाड़ दिया। हंगामें के बीच सदन को 15 मिनट तक के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन जब दोबारा शुरु हुआ तो संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने ढेर सारे संशोधनों का हवाला देते हुए कहा कि, अभी सरकार को इन संशोधनों के अध्ययन की जरूरत है।
बंसल ने ये भी साफ नहीं किया कि आगे इस बिल पर सदन कब चर्चा करेगा। इसके लिए उन्होने राष्ट्रपति की इजाजत का हवाला दिया। हालांकि बीजेपी नेता अरुण जेटली ने कहा कि सरकार चाहे तो वो पूरी रात सदन में बैठने को तैयार है। सरकार जानबूझ कर बिल को टाल रही है।
सदन स्थगित होने का ऐलान होते ही एनडीए के सांसद नारे लगाते हुए बाहर आ गए। विपक्ष ने इस पूरे घटना क्रम को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। बीजेपी का आरोप है कि सरकार ने ये सारा ड्रामा खुद रचा था। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि आखिरी क्षणों में सरकार के लोग सदन में इधर-उधर घूम रहे थे। साजिशें चल रही थीं और सरकार हार के डर से पीछे हट गई। पार्टी ने फिर दोहराया कि सरकार नैतिक अधिकार खो चुकी है और उसे इस्तीफा देना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार के पास बहुमत नहीं था, इसलिए वो मैदान छोड़कर भाग गई।
गौरतलब है कि गुरुवार की सुबह 11 बजे सरकार ने राज्यसभा में बिल पर बहस शुरू करवाई और रात 11 बजे वही सरकार अपने ही लोकपाल बिल की फजीहत होते देखती रही।