शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

इन्टरनेट को नग्नता,कामवासना और विकृति का विकरण बनने से रोकना है.....



-- अरविन्द सिसोदिया 
भारत सरकार के मानव संसाधन और दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और कांग्रेस पार्टी विषेश कर गूगल,फेसबुक और टिवीटर आदि पर नाराज इसलिये है कि उन पर अपलोड सामग्री श्रीमति सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह , कांगेस महासचिव दिग्विजय सिंह,  महासचिव महसचिव राहुल गांधी सहित स्वंय कपिल सिब्बल के विरूपित चित्र एवं असंसदीय भाषा युक्त सामग्री से भरे पढे है। जब देश में अन्य कोई केन्द्र सरकार होगी तब यही सब उनके खिलाफ भी होगा। क्योंकि आम मीडिया में जनता या बु़द्धजीवी वर्ग की बात को सुनने और उसे जगह देने के सभी रास्ते बंद है और इस स्थिती में अपने मनोभावों को उतारने का यह सबसे आसान तरीका है। राजनैतिक समझदारी तो यह होती कि हम यह सब क्यों हो रहा है, इसे समझनें की कोशिस करते। और एक बहस के साथ बढिया कानून बनाते जो जनहितकारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता और स्वच्छंदता को रोकता। मगर जब डंडे से काम चल सकता है तो समझाईस या गलत फैंसलों पर पुर्न विचार क्यों करें। इसी सि़द्यांत का अनुगमन केंन्द्र सरकार कर रही है। कमजोर कानून के कारण सोसल साइटों ही नहीं, हमारे फिल्मकार और चैनल संस्कृति भी स्वच्छंद है।
       केन्द्र सरकार के कुछ नीतिकार अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के आंदोलनों की सफलता का करण भी इन सोसल साइटों और मीडिया को मानते है। साथ ही सरकार को यह भी डर है कि इन माध्यमों से होने वाली सूचनाओं और संदेशों के आदान - प्रदान से देश में कहीं अन्य देशों में हुई हालिया जनक्रांतियों की तरह कोई तूफान न आ जायें। इसीलिये इस दिशा में उन्होने मोबाईल से बल्क एस एम एस के असंख्य प्रसारण पर रोक लगा दी और इसी तरह से अब वह गूगल , फेसबुक औ टिवीटर सहित अन्य पर भी सिकंजा कसने वाली है। यह इसी क्रम में होने वाली कार्यवाहियों में से एक है। जबकि एक व्यवहारिक और स्पष्ट कानून का अभाव आज तक भी है कि समाज में क्या  दिखाया जाये और क्या नहीं दिखाया जाये। यानिकि स्पष्ट दिशा निर्देशों की जरूरत तो है मगर वह इसलिये नहीं कि आज कांग्रेस के विरूद्ध माहोल है..., बल्कि इसलिये कि वास्तविकता में नग्नता और सामाजिक विकृति का अखाडा इन्टरनेट बन गया है। अर्थात भारत में इन्टरनेट को नग्नता,कामवासना और विकृति का विकरण बनने से रोकना है। इसलिये इन पर बाध्यता की जरूरत है।

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फेसबुक, गूगल पर क्रिमिनल केस चलाने को सरकार तैयार
आईबीएन-7/ Jan 13, 2012 
http://khabar.ibnlive.in.com
            नई दिल्ली। पहली बार भारत सरकार ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कार्रवाई करने की इजाजत दे दी है। सरकार ने इस मामले में आपराधिक मामला दर्ज करने की अनुमति दी है। इसके तहत सोशल साइट्स पर सेक्शन 153B, 295 A यानी धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज हो सकता है। सरकार ने पटियाला हाउस कोर्ट में चल रही इस मामले की सुनवाई के दौरान अपना ये पक्ष रखा।
            गौरतलब है कि अपनी वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने के मामले में 21 सोशल नेटवर्किंग साइट्स के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत ने सुनवाई चल रही है। अदालत ने आज मामले की सुनवाई 13 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। साथ ही विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह विदेशी नेटवर्किंग साइट्स को इस सम्बंध में सम्मन जारी करे। अदालत ने विनोद राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया, जिसमें अदालत से 21 वेबसाइट्स पर से आपत्तिजनक सामग्री हटाने की अपील की गई है। इनमें 12 वेबसाइट विदेशी कम्पनियों की हैं।
             वहीं, अदालत में मौजूद फेसबुक, गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, याहू इंडिया और अन्य वेबसाइट्स के प्रतिनिधियों ने इस आधार पर छूट मांगी कि यह मामला अभी दिल्ली उच्च न्यायालय में लम्बित है और इस पर सोमवार को सुनवाई होने वाली है। इससे पहले महानगरीय दंडाधिकारी सुदेश कुमार ने आरोपी कम्पनियों को मुकदमे के लिए सम्मन जारी किया था। साथ ही केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह इस सम्बंध में उचित कदम उठाए।

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सोशल नेटवर्किंग साइटों को सम्मन जारी
शुक्रवार, 13 जनवरी, 2012 को 17:19 IST तक के समाचार
http://www.bbc.co.uk/hindi/india
दिल्ली के एक कोर्ट ने गूगल और फ़ेसबुक जैसी विभिन्न विदेशी सोशल नेटवर्किंग साइटों को सम्मन जारी कर कहा है कि वे अपनी साइटों पर आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा देने के लिए आपराधिक मामले का सामना करे. इन कंपनियों के प्रतिनिधियों को आगामी 13 मार्च को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है.
            समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि वो इन कंपनियों को सम्मन जारी करवाए.कोर्ट ने ये आदेश तब दिया जब ‘फ़ेसबुक इंडिया’ के वकील ने कहा कि 21 कंपनियों में से क़रीब 10 कंपनियां विदेशी हैं और कोर्ट को ये साफ़ करना होगा कि उन्हें सम्मन कैसे जारी किया जाएगा. दरअसल पत्रकार विनोद राय ने फ़ेसबुक और गूगल जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों के ख़िलाफ़ कोर्ट में केस दर्ज किया था.उनका आरोप है कि फ़ेसबुक, माइक्रोसॉफ़्ट, गूगल, याहू और यू-ट्यूब पर आपत्तिजनक सामग्री लगाई जाती है.
कंपनियों को फटकार 
         कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि वो इन कंपनियों को सम्मन जारी करवाए.गुरूवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक इंडिया और सर्च इंजन गूगल इंडिया को चेतावनी दी थी कि अगर ये वेबसाइट्स आपत्तिजनक सामग्रियों पर नियंत्रण और उन्हें हटाने की व्यवस्था नहीं करतीं, तो चीन की तरह भारत में इन पर रोक लगाई जा सकती है.
          इन कंपनियों का कहना है कि सोशल नेटवर्किंग साइटों पर लगाई जाने वाली सामग्रियों पर इनका कोई नियंत्रण नहीं होता और वे उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती. लेकिन कोर्ट ने इन कंपनियों को फटकार लगाई और कहा कि कंपनियों को उनकी साइटों पर लगने वाली सामग्री पर नियंत्रण करना ही होगा, अन्यथा चीन की तरह भारत में भी इन साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. मैट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट सुदेश कुमार ने कहा, “विदेशी कंपनियों को सम्मन जारी करने का काम विदेश मंत्रालय को विधिवत करने दीजिए.”
कोर्ट में सुनवाई के दौरान ‘फ़ेसबुक इंडिया’ के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि मामले को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया जाए क्योंकि मामला अभी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है. उन्होंने कहा कि फ़ेसबुक के चेयरमेन इस समय अमरीका में है और उन्हें सम्मन जारी करने के लिए विदेश मंत्रालय को आदेश दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने इससे पहले केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वो इस बाबत उचित कदम उठाए. इसके जवाब में संचार और सूचना प्रेद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि वे शुक्रवार को ही अपनी रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर देंगें.
          पिछले साल मानव-संसाधन और दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा था कि अमरीकी इंटरनेट कंपनियाँ सोशल नेटवर्क वेबसाइटों से ‘अपमानजनक’ तस्वीरों और सामग्री को हटाने में सहयोग नहीं कर रही हैं. सिब्बल ने कहा था कि उन्होंने याहू, गूगल और फ़ेसबुक जैसी कंपनियों के अधिकारियों से इस बारे में बार-बार बात की, लेकिन उनकी ओर से कहा गया कि जब तक इस बारे में अदालत का कोई फ़ैसला नहीं आता, वो इस बारे में कुछ नहीं कर सकते.

माता पिता को, लड़कियों के मामले में बड़ी सावधानी की जरुरत है ..




- अरविन्द सिसोदिया 
माता पिता को, लड़कियों के मामले में बड़ी सावधानी की जरुरत है .. 
    पुलिस ने बडी संख्या में एक वेश्यालय के तहखानें से बडी संख्या में लडकियां बरामद की है। इनमें से ज्यादातर लडकियां नौकरी का झांसा देकर इस नर्क में डाली गईं हैं। कुछ प्रेम जाल में फंस कर यहां आगईं है। सावधानी की जरूरत है,अपने घर की बेटी को नौकरी पर भेजने से पहले ठीक तरीके से जांच कर लेना जरूरी है और इसी तरह प्रेमी की  जांच  भी  कर लेना जरूरी है कि कहीं वह दलाल तो नहीं ..........!!!! 
आर्केस्ट्रा प्रोग्राम के बाद उनके साथ रेप के मामले भी सामने आये हैं..

सबसे बड़ी बात तो यह हे की लड़कियों को गायब करने के भी तरीके भावनात्मक होते हें बहला फुसला कर यह सब किया जाता है इसलिए बहुत सावधानी की जरुरत हे...




शिवसेना के बाद
कांग्रेस नेता के बार सेक्‍स रैकेट का भी भांडा फूटा!
भास्कर न्यूज  03/01/12
मुंबई. शिवसेना के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य रामदास कदम के सावली बार के बाद अब मुंबई पुलिस की समाजसेवा शाखा ने पश्चिम उपनगर के कांग्रेस नेता के चारवॉक (बोरीवली) बार पर छापा मारकर वहां चलने वाले सेक्स रैकेट का भंड़ाफोड़ किया है। पुलिस ने इस बार से 15 लड़कियों को छुड़ाने के साथ-साथ बार कैशियर के पास से 3.98 लाख रुपए की नगदी जब्त की है।  
समाजसेवा शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त वसंत ढोबले ने बताया कि बोरीवली का चारवॉक बार पूर्व शिवसेना विधान परिषद सदस्य घनश्याम दुबे का है। उल्लेखनीय है कि दुबे के बेटे डॉ. योगेश दुबे को कांग्रेस ने दहिसर विधानसभा सीट से 2009 के चुनाव में टिकट दिया था।  चुनाव हारने के बावजूद दिल्ली में अच्छी पकड़़ करने वाले यूपी के एक कांग्रेस नेता की मदद से योगेश ने एक महामंडल का अध्यक्ष पद हथिया कर लालबत्ती हासिल की हुई है। मगर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के इस रसूखदार नेता के बार में सेक्स रैकेट का भंड़ाफोड़ होने के खुद पार्टी के नेता सकते में आ गए हैं।   
ढोबले ने बताया कि पुलिस ने यह छापा 31 दिसंबर की शाम 7.40 पर मारा था। उन्होंने चारवॉक बार पर छापे की घटना को मीडिया द्वारा अधिक तूल दिए जाने पर सफाई देते हुए कहा है कि शनिवार को सिर्फ चारवॉक बार पर ही नहीं, बल्कि घाटकोपर और कुर्ला इलाके के भी कई बारों पर छापा मारकर वहां से 40 से अधिक बार बालाओं को हिरासत में लिया गया था।   गौरतलब है कि गत मंगलवार को ढोबले के ही नेतृत्व में कांदिवली इलाके में चलने वाले सावली बार पर पुलिस ने छापा 9 लड़कियों को हिरासत में लेकर कई वर्षों से चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया था। यह बार वरिष्ठ शिवसेना विधायक कदम की पत्नी के नाम पर है, लेकिन पुलिस ने बिना किसी दबाव में आए हुए बार चालक शरद शेट्टी और उसके कैशियर को प्रिवेंशन ऑफ इम्मॉरल टे्रफिक एक्ट (पीटा) के तहत गिरफ्तार किया था।  
हालांकि कदम ने पुलिस के छापे के बाद ही यह बार पांच साल से शेट्टी को चलाने को दिए जाने की दलील देते हुए पूरी घटना से कन्नी काट ली थी। मगर शिवसेना के नेता के बार पर छापे की घटना के बाद से ही पुलिस पर सत्तारूढ़ दल के भी किसी बड़े नेता के बार पर छापा मारने का दबाव बन गया था। ताकि वह यह दलील दे सके कि छापे की कार्रवाई बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के की जा रही है।  चारवॉक बार में सेक्ट रैकेट का भंड़ाफोड़ होने की घटना के बारे में पूर्व विधान परिषद सदस्य घनश्याम दुबे की कोई भी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। मगर उनके करीबी लोग बार में सेक्ट रैकेट चलने की बात को खारिज कर रहे हैं।



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सेक्स रैकेट का पर्दाफाश-मोहाली में 
देह व्यापार करती पकड़ी गई विदेशी बालाएं 
Lakhwant singh   |   Last Updated 17:23(12/01/12)
 http://www.bhaskar.com
चंडीगढ़। सीआईए स्टाफ खरड़ ने  ने मोहाली में देह का धंधा करने वाली एक पंजाबी युवती समेत चार विदेशी बालाओं को गिरफ्तार कर सैक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इन युवतियों में तीन तुर्कमेनिस्तान की,एक दिल्ली की और एक पंजाब की रहने वाली है।  पुलिस ने इन युवतियों को मोहाली के सेक्टर 68 से पकड़ा है और इन्हें मोहाली की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने इन सभी को 25 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रैकेट की सरगना सरहिंद की अमरजीत कौर गिल है। पुलिस के मुताबिक इन युवतियों से पूछताछ के बाद रैकेट के तार  और कहां कहां जुड़े हैं इसका पर्दाफाश होने के संभावना है। इन युवतियों में चार 19 से 22 साल के बीच की है जबकि एक महिला चालीस साल से ज्यादा उम्र की है। ये महिला दलाल के रूप में काम करती थी। शुरूआती जांच के मुताबिक ये सेक्स रैकेट मोहाली के सेक्टर 68 की एक कोठी में चल रहा था।  इसी कोठी में देह का सौदा होता था और लड़कियों की सप्लाई दिल्ली तक होती थी। दोपहर बाद इन सभी युवतियों को मोहाली के कोर्ट में पेश किया गया जहां से इन्हें 25जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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बलात्‍कार के बाद लड़कियों को ग्राहक के सामने पेश करते थे
शुक्रवार, दिसंबर 30, २०११
http://hindi.oneindia.in
कोलकाता। बंगाल से ले जाकर यूपी में यौन शोषण करनेवाले एक गिरोह का पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से पर्दाफाश किया है। ये गिरोह बंगाली लड़कियों को गान गाने के नाम पर यूपी लाते थे। यहां आर्केस्ट्रा प्रोग्राम के बाद उनके साथ रेप करते थे। फिर उन्हें जबरन बड़े लोगों को पेश करते थे। रेप का विरोध करने पर बुरी तरह पिटाई करते थे। एक बार लड़की चंगुल में फंस जाने के बाद मुक्त नहीं हो पाती थी।
दो दिन पहले कुशीनगर में रेप का विरोध करने तथा उसके बताए गए ग्राहक के पास न जाने पर लड़कियों की निर्मम पिटाई की गई। एक लड़की का सिर फट गया। जटहां बाजार के थाने के मंशाछापर बाजार में बुधवार की रात में हुई इस वारदात की जानकारी पुलिस को हो गई। पुलिस पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में ले लिया। यूपी पुलिस ने लड़कियों की बात बंगाल में उनके परिजनों से कराई तो इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
यूपी में गाना गाने तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने के नाम पर आर्केस्ट्रा मालिक बंगाल, उड़ीसा से लड़कियां ले आते हैं। यहां आने पर कुछ दिनों तक तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन उसके बाद आर्केस्ट्रा मालिक लड़कियों के साथ मनमानी शुरू कर देते हैं। लड़कियों को आर्केस्ट्रा मालिक अपने साथ सोने के लिए विवश तो करते ही हैं, उन्हें ग्राहकों के पास परोसने में भी गुरेज नहीं करते। न मानने पर उनकी पिटाई की जाती है, सिगरेट से जला दिया जाता है। तेजाब फेंक कर चेहरा बिगाड़ देने की धमकी दी जाती है।
एक लड़की ने बताया कि हर रात एक लड़की के साथ पूरी रात रेप किया जाता था। मंशाछापर में पश्चिम बंगाल के वर्धमान से आई लड़कियों के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। उमा, ज्योति, पूजा, टुकटुकी, सोमू, मामुनी, मोनिका बताती हैं कि उन्हें 600 से 1200 रुपए प्रति कार्यक्रम देने का वादा करके आर्केस्ट्रा मालिक यहां ले आया था।
लड़कियों के अनुसार आर्केस्ट्रा मालिक हर रात किसी न किसी लड़की को अपने कमरे में बुलाकर उसके साथ अपना मुंह काला करता है। जो लड़की नहीं जाती है, उसको त्रिशूल से मारता है। अपने जख्म दिखाती हुई उमा बताती है कि बात यहीं तक नहीं है, लड़कियों को ग्राहकों के पास जाने के लिए विवश किया जाता है। न मानने पर कमरे में बंद कर भूखा रखा जाता है। बुधवार की रात को भी आर्केस्ट्रा मालिक एक लड़की को खींच कर अपने कमरे में ले जाने लगा।
लड़कियों ने जब विरोध किया तो आर्केस्ट्रा मालिक और उसके कुछ साथियों ने मिलकर लड़कियों की पिटाई शुरू कर दी। रात को 10 बजे हुई इस घटना के दौरान लड़कियों ने जब चीखना चिल्लाना शुरू किया तो आसपास के लोग एकत्र हो गए। मामला मंशाछापर पुलिस चौकी तक जा पहुंचा। पुलिस ने आर्केस्ट्रा मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। लड़कियों के परिजन बंगाल से कुशी नगर के लिए रवाना हो गए हैं।

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जिस्‍मफरोशी के कारखाने में 'पाप का इंजेक्‍शन'
शुक्रवार, दिसंबर 9, 2011,15:44 [IST] A A A
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अंकुर कुमार श्रीवास्‍तव 
जिस्‍मफरोशी का धंधा महानगरों की रफ्तार भरी मेट्रो लाइफ का हिस्‍सा बनता जा रहा है। धड़ल्‍ले से इस धंधे की बढ़ती मांग को देखते हुए जिस्‍मफरोशी ने अपनी नजर अब मासूम बच्‍चियों पर गड़ा दी है। जिस उम्र में बच्‍चे लड़के और लड़कियों के बीच का फर्क तक नहीं समझते उस उम्र में उन्‍हें इस धंधे में धकेला जा रहा है। जी हां खाने-खेलने के उम्र, छोटे-छोटे सपने संजोने की उम्र और हर फिक्र में मिट्टी के खिलौनों में घुला देने की उम्र में ही उन्‍हें पाप का इंजेक्‍शन लगाकर देह की मंडी में उतार दिया जा रहा है। वो पाप का इंजेक्‍शन है 'हार्मोंस का इंजेक्‍शन'।
महीनों पहले दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के अलवर जिले में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो मासूम बच्चियों को जिस्मफरोशी के घिनौने दलदल में झोंकने के लिए अगवा करता था और फिर उन्‍हें हॉर्मोंस के इंजेक्शन लगाता था। अब जो बात हम आपको बताने जा रहे हैं उसे सुनने के बाद आप सन्‍न रहा जायेंगे। क्‍योंकि राजस्‍थान के अलवर जिले में महज चंद रुपयों के लिये कभी अपनी मासूम बेटियों या फिर अगवा कर लायी गई बच्चियों को वक्‍त से पहले ही जवान बनाने की नापाक कोशिश की जाती है। इतना ही नहीं इन लड़कियों को देह धंधे के लिये देश से बाहर भी भेजा जाता है।
दिल्‍ली पुलिस ने इस गिरोह के चंगुल से आजाद हुई लड़कियों से पूछताछ की तो हिलाकर रख देने वाली तस्‍वीर सामने आई। जिन लड़कियों का नाम पुलिस की गुमशुदगी की फाइल में दर्ज हो जाता है, असल में उन्‍हें बेहतर जिंदगी देने के नाम पर लाया जाता है। ये लड़कियां किसी एक जगह से नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड और असम से लायी जाती हैं। उन्‍होंने इस बात का भी खुलासा किया कि लड़कियों को न सिर्फ देह व्यापार के धंधे में धकेला जाता है, बल्कि कम उम्र में बड़ा दिखने और प्रेगनेंसी रोकने के लिए इंजेक्शन तक का इस्तेमाल किया जाता है।


नैन और नख्‍श के आधार पर होती है लड़कियों की ग्रेडिंग
मासूम बच्चियों को हवस का खिलौना बनाने का गिरोह चलता तो गांवों में है मगर इसका कनेक्‍शन दुबई तक जुड़ा हुआ है। इस गिरोह के चंगुल में फंसी लड़कियों को उनके नैन-नख्‍श के आधार पर जिस्‍मफरोशी के अलग-अलग बाजार में उतार दिया जाता है। कुछ को दुबई भेजा जाता है तो कुछ को मुंबई, दिल्‍ली और बैंगलोर में बेच दिया जाता है।
जिस समय मासूम बच्चियों को अगवा कर लाया जाता है उसी समय उनकी ग्रेड फिक्‍स कर दी जाती है। आपको बताते चलें कि दलालों ने इस ग्रेड को 3 भागों (A, B और C) में बांट रखा है। A ग्रेड में उन लड़कियों को रखा जाता है जो बहुत खुबसूरत हो और गोरी चिट्टी ह‍ों। ग्रेड फिक्‍स करते ही उस हिसाब से उन्‍हें इंजेक्‍शन देना शुरु कर दिया जाता है। इस ग्रेड की लड़कियों को अमूमन दुबई, अफगानिस्‍तान और इराक जैसे देशों में बेचा जाता है। जिन लड़कियों का सौदा विदेशी बाजार में नहीं हो पाता उन्‍हें B और C ग्रेड में रखकर दिल्‍ली, मुंबई, बैंगलोर या फिर शादी के नाम पर बेच दिया जाता है।


क्‍या है हॉर्मोंन का इंजेक्‍शन?
समय से पहले जिस्‍म की मंडी में मासूमों को उतारने के लिये हॉर्मोंस का जो इंजेक्‍शन लगाया जाता है उसे "ऑक्‍सीटॉन" कहते हैं। आईए आपको ऑक्‍सीटॉन के बारे में बताते हैं। बाल रोग विशेषज्ञों की मानें तो बच्चियों को उम्र से पहले बड़ा बनाने के लिये ऑक्‍सीटॉन का प्रयोग बच्चियों की जिंदगी को जहन्‍नुम बना देती है। डाक्‍टरों का मानना है कि यह जानलेवा भी साबित हो सकती है क्‍योंकि इसके सेवन से बच्‍चेदानी में कैंसर हो सकता है।
डॉक्‍टरों ने बताया कि ऑक्‍सीटॉन का प्रयोग गाय या भैस से दूध निकालने या फिर लौकी या अन्‍य सब्जियों को समय से पहले विकसित करने के लिये किया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि यह दवा अगर बच्चियों को दिया जाता है तो उससे उनके स्‍तन में विकास होने के साथ ही साथ उनके मासिक श्राव भी आने लगते हैं। मगर तन से सयानी और मन से मासूम बच्चियों के शरीर होने वाली यह हलचल जल्‍द ही उन्‍हें मौत की कागार पर पहुंचा देती है।

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तहखाने में होती थी जिस्‍मफरोशी, 8 कॉलगर्ल्‍स गिरफ्तार
शुक्रवार, जनवरी 6, 2012,
मुंबई। बियर बार के अंदर बेहतरीन एसी तहखाने में चल रहे हाई फाई सेक्‍स रैकेट का भंडाफोड करते हुए पुलिस ने 8 लड़कियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से एक लाख रुपये नगद और अन्‍य अश्‍लील सामान बरामद किया है। पुलिस गिरफ्तार कॉलगर्ल्‍स के खिलाफ पीटा एक्‍ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है जबकि इस रैकेट में 5 अन्‍य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
महाराष्‍ट्र पुलिस को उसके मुखबिर ने सूचना दी कि अंधेरी इलाके के रत्‍ना पार्क के पास एक बार है जहां ए‍क तहखाना बनाया गया है और उसमें जिस्‍मफरोशी का धंधा तेजी से चल रहा है। पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिये और डमी ग्राहक के जरिये बार पर छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 8 लड़कियों को आपत्तिजनक स्थित में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि बार के भीतर एक ऐसी जगह बनाई गयी थी, जहां लड़कियों को रखा जाता था। देखने में बीयर बार में कोई छुपाने की जगह नहीं थी। लेकिन बीयर बार के किचन के अंदर दिवार में दरवाजा और फिर गली और उसमें एक केविटी बनाकर एसी वाले रूम में लडकियो को छिपाकर रखा जाता था। पुलिस को देखते ही दरवाजे पर खड़ा दरबान एक बेल बजाता था और सभी लडकियों को बार का मैनेजर किचन के अंदर से एक के बाद एक दूसरी केविटी में छिपा देता था।
बार में सेक्स रैकेट में लिप्त लडकियों को सिंगर का कार्ड भी बनाकर दिया गया था। जबकि लडकियां सिंगर नहीं, बल्कि सेक्स रैकेट में शामिल थी। गिरोह का संचालक ग्राहकों से 1500 से 4000 रुपये पहले जमा कराता था। इस पूरे मामले में बार के मैनेजर सहित 5 लोगो को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि बार का मालिक और कैशियर भागने में सफल हो गए।