शनिवार, 14 जनवरी 2012

बाबा रामदेव पर स्याही फेंकने वाला कामरान सिद्दीकी

बाबा रामदेव पर स्याही फेंकने वाला कामरान सिद्दीकी किसी कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी और दिल्ली की मुख्यमंत्री शिला दीक्षित जी से सम्मान प्राप्त कर रहा हे ....मगर दिग्विजय सिंह को यह पता चलेगा तो वे कहेंगे यह चित्र झूठा है ....एक बात और यह समझ से परे है की हर गलत कम का पहाये से ही पता दिग्विजय सिंह को क्यों रहता है..?? अब वे कह रहे हैं की स्याही तो RSS ने फिंकवाई है | खैर ...,  काले धन से किसका वास्ता है ...? यह पूरा भारत जनता है ..?? बाबा रामदेव को अपने मिशन में लगे रहन चाहिए, लोग उअनाका जितना रास्ता रोकेंगे ,कारवां उअताना और बढेगा..,  पूरा देश उनके साथ है ..
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RSS ने फिंकवाई रामदेव पर काली स्याही :दिग्विजय
14 Jan 2012,
http://navbharattimes.indiatimes.com
नई दिल्ली।। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि योग गुरु रामदेव पर काली स्याही फेंके जाने की घटना आरएसएस की साजिश थी और इस हमले को अंजाम देने वाला व्यक्ति कांग्रेस विरोधी है तथा उसके बीजेपी से संबंध हैं। 
सिंह ने कहा, 'मैंने बाबा रामदेव पर स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को विडियो में देखा और ऐसा लगता है कि इसके पीछे राजनीति है। यह एक सोची समझी साजिश लगती है। 'रियल कॉज़' एनजीओ चलाने वाले कामरान सिद्दिकी ने यह किया।' 
उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, 'वह (कामरान) बहुत पहले से कांग्रेस के विरोधी हैं और चुनाव में हमारे उम्मीदवार परवेज हाशमी का विरोध किया था। उनके एनजीओ को एनडीए के शासन काल में सरकारी विभागों से कितने का कोष मिला, इसकी जांच की जानी चाहिए।' 
चेन्नै से मिली खबर के मुताबिक बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने रामदेव पर हमले की निंदा की है। आडवाणी ने इस घटना में शामिल व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि इस घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की सरकार ने पहचान कर ली है और उचित कार्रवाई की जाएगी।'



मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को



2016 में भी 15 जनवरी को होगी मकर संक्रान्ति 

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बदल जाएगा समय, 14 को नहीं 15 को मनेगी संक्रांति!
Dainik Bhaskar Network   13/01/२०१२
http://www.bhaskar.com
इंदौर। मकर संक्रांति और 14 जनवरी को एक-दूसरे का पर्याय माना जाता है। आमजन को यह मालूम है कि दीपावली, होली सहित कई पर्व की तारीख तय नहीं होती लेकिन मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही मनाई जाती है। इस बार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। ऐसा क्यों? वह इसलिए क्योंकि सूर्य का धनु से मकर राशि में प्रवेश 14 को मध्यरात्रि के बाद होगा। पंडितों की मानें तो सन् 2047 के बाद ज्यादातर 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति आएगी। अधिकमास, क्षय मास के कारण कई बार 15 जनवरी को संक्रांति मनाई जाएगी।
इससे पहले सन् 1900 से 1965 के बीच 25 बार मकर संक्रांति 13 जनवरी को मनाई गई। उससे भी पहले यह पर्व कभी 12 को तो कभी 13 जनवरी को मनाया जाता था। पं. लोकेश जागीरदार (खरगोन) के अनुसार स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनकी कुंडली में सूर्य मकर राशि में था यानी उस समय 12 जनवरी को मकर संक्रांति थी। 20वीं सदी में संक्रांति 13-14 को, वर्तमान में 14 तो कभी 15 को मकर संक्रांति आती है। 21वीं सदी समाप्त होते-होते मकर संक्रांति 15-16 जनवरी को मनाने लगेंगे।
यह है कारण
सूर्य हर महीने राशि परिवर्तन करता है। एक राशि की गणना 30 अंश की होती है। सूर्य एक अंश की लंबाई 24 घंटे में पूरी करता है। पंचांगकर्ता डॉ. विष्णु कुमार शर्मा (जावरा) का कहना है अयनांश गति में अंतर के कारण 71-72 साल में एक अंश लंबाई का अंतर आता है। अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से एक वर्ष 365 दिन व छह घंटे का होता है, ऐसे में प्रत्येक चौथा वर्ष लीप ईयर भी होता है। चौथे वर्ष में यह अतिरिक्त छह घंटे जुड़कर एक दिन होता है। इसी कारण मकर संक्रांति हर चौथे साल एक दिन बाद मनाई जाती है।
हर साल आधे घंटे की देरी
प्रतिवर्ष सूर्य का आगमन 30 मिनट के बाद होता है। हर तीसरे साल मकर राशि में सूर्य का प्रवेश एक घंटे देरी से होता है। 72 वर्ष में यह अंतर एक दिन का हो जाता है। हालांकि अधिकमास-क्षयमास के कारण समायोजन होता रहता है। (पंडितों के अनुसार)
संक्रांति की स्थिति
13 जनवरी को : सन् 1900, 01, 02, 1905, 06, 09, 10, 13, 14, 17, 18, 21, 22, 25, 26, 29, 33, 37, 41, 45, 49, 53, 57, 61 1965 में।
इन वर्षो में 15 को आएगी
2012, 16, 20, 21, 24, 28, 32, 36, 40, 44, 47, 48, 51, 52, 55, 56, 59, 60, 63, 64, 67, 68, 71, 72, 75, 76, 79, 80, 83, 84,86, 87, 88, 90, 91, 92, 94, 95, 99 और 2100 में। (पंचांगों और पंडितों से मिली जानकारी अनुसार।)
इस बार 15 को ही मनाना शास्त्र सम्मत
सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन संक्रांति है। सूर्य का धनु से मकर राशि में 14 जनवरी की रात 12.58 बजे प्रवेश हो रहा है। ऐसे में धर्म शास्त्रानुसार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। पं. अरविंद पांडे के अनुसार इस साल 14 जनवरी को देर रात के बाद सूर्य का मकर राशि में प्रवेश हो रहा है। ऐसे में संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा। पुण्यकाल का मतलब है, स्नान-दान आदि।

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मकर संक्रांति क्या है 
और इस बार खास क्यों ?
शिव त्रिपाठी, 14-Jan-2012 
http://www.merikhabar.com
भोपाल। जिस प्रकार तिल और गुड़ के मिलने से मीठे-मीठे लड्डू बनते हैं उसी प्रकार विविध रंगों के साथ जिंदगी में भी खुशियों की मिठास बनी रहे। जीवन में नित नई ऊर्जा का संचार हो और पतंग की तरह ही सभी सफलता के शिखर तक पहुंचे। कुछ ऐसी ही शुभकामनाओं के साथ सूर्य पर्व मकर संक्रांति पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। क्या है मकर संक्रांति प्रति माह होने वाला सूर्य का निरयण राशि परिवर्तन संक्रांति कहलाता है। सामान्यतया आमजन को सूर्य की मकर संक्रांति का पता है, क्योंकि इस दिन दान-पुण्य किया जाता है। इसी दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। संक्रांति को सजीव माना गया है।
प्रति माह संक्रांति अलग-अलग वाहनों व वस्त्र पहनकर, शस्त्र, भोÓय पदार्थ एवं अन्य पदार्थों के साथ आती है। सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति की अवधि ही सौरमास है। वैसे तो सूर्य संक्रांति 12 हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति महत्वपूर्ण हैं, जिनमें मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रांति हैं।
मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में स्नान, दान व पुण्य का शुभ समय का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुड व तिल लगाकर नर्मदा में स्नान करना लाभदायी होता है। इसके पश्चात दान संक्रांति में गुड, तेल, कंबल, फल, छाता दान से जातकों को लाभ मिलेगा। जातकों को गुड़ व तिल से स्नान करना व दान-पुण्य करना लाभदायक रहता है।
इस बार खास क्यों
जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण देवताओं का दिन माना गया है। इस दिन विशेष रूप से सूर्य की पूजा की जाती है। इस बार मकर संक्रांति के पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि के योग के साथ भानु सप्तमी होने से सूर्य की उपासना कर स्नान-दान पुण्य करने से सौगुना अधिक फल मिलेगा।
धार्मिक महत्व
* पुराणों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर एक महीने के लिए जाते हैं, क्योंकि मकर राशि का स्वामी शनि है। हालांकि Óयोतिषीय दृष्टि से सूर्य और शनि का तालमेल संभव नहीं, लेकिन इस दिन सूर्य खुद अपने पुत्र के घर जाते हैं। इसलिए पुराणों में यह दिन पिता-पुत्र के संबंधों में निकटता की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।
* इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत करके युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी। उन्होंने सभी असुरों के सिरों को मंदार पर्वत में दबा दिया था। इसलिए यह दिन बुराइयों और नकारात्मकता को खत्म करने का दिन भी माना जाता है।
* एक अन्य कथा के अनुसार गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।

एसिड अटैक : बाबा रामदेव को डराया जा रहा है....





- अरविन्द सिसोदिया 
सच यह है की बाबा रामदेव जिस कालेधन के विरुद्ध अभियान चला रहे हें, वह बड़े राजनेताओं , बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों , बड़े प्रशासनिक अधिकारीयों , ड्रग माफियाओं , तस्करों और आतंकवादियों ...का है ..! और इतना तो तय है कि  बाबा रामदेव पर आक्रमण करने वाला भी इनके ही फेवर में काम कर रहा है ..मतलब कि बाबा रामदेव को भी डराया जा रहा है....डराने वाला तत्व चाहे आक्रमण करी कामरान हो या कोई सरकारी तंत्र............... इसी लिए बाबा नें इशारों इशारों में कहा है... बाबा रामदेव ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अभी शुरुआती तौर पर यह साजिश नज़र आ रही है। बाबा रामदेव ने कांग्रेस पर इशारे-इशारे में निशाना साधते हुए कहा, 'अल्पसंख्यक समाज के एक व्यक्ति को तैयार कर एक भगवाधारी पर स्याही फिंकवाई गई है। सांप्रदायिक दंगे करवाने की साजिश है। मेरे कार्यकर्ता भी अल्पसंख्यक हैं।
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पुलिस को बताकर 
बाबा रामदेव के पास गया था कामरान! 
dainikbhaskar.com  14/01/२०१२
http://www.bhaskar.com
नई दिल्‍ली. बाबा रामदेव पर स्याही फेंकने वाला कामरान सिद्दिकी शनिवार की सुबह जामिया नगर थाने में पुलिस वालों से यह कहकर गया था कि वह बाबा रामदेव से बटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल पूछेगा। यह खबर दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के हवाले से मीडिया में आई है। हालांकि, पुलिस ने इस खबर की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने कामरान सिद्दिकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और हमला करने से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। कामरान को कल कोर्ट में पेश किया जा सकता है। बाबा रामदेव ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अभी शुरुआती तौर पर यह साजिश नज़र आ रही है। बाबा रामदेव ने कांग्रेस पर इशारे-इशारे में निशाना साधते हुए कहा, 'अल्पसंख्यक समाज के एक व्यक्ति को तैयार कर एक भगवाधारी पर स्याही फिंकवाई गई है। सांप्रदायिक दंगे करवाने की साजिश है। मेरे कार्यकर्ता भी अल्पसंख्यक हैं। इस समाज से मेरा कोई वैमनस्य नहीं है। अगर अल्पसंख्यक समुदाय को बटला हाउस पर किसी से आपत्ति हो सकती है, तो वह खुद गृहमंत्री ही हैं। उन्होंने इस मुठभेड़ को सही ठहराया है। मेरा बटला हाउस से क्या लेना देना है?' उन्होंने कहा, 'मेरे ऊपर स्याही फेंकने वाले शख्स को यह कैसे पता चला कि मैं बटला हाउस पर बोलूंगा। वह तो स्याही वगैरह लेकर पूरी तैयारी से आया था। इसलिए मुझे इसमें साजिश लग रही है।' बाबा रामदेव ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। क्या इस घटना से उन पर असर पड़ेगा? इस सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि इस घटना से उनके आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शनिवार को एक शख्‍स ने योग गुरु बाबा रामदेव के मुंह पर काली स्‍याही फेंक कर उनकी तौहीन की। बाबा एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। कांफ्रेंस खत्‍म होने के बाद जैसे ही वह मंच छोड़ने के लिए तैयार हुए कि एक युवक ने उनके ऊपर काली स्‍याही फेंक दी। इसके बाद बाबा के समर्थकों ने उसे दबोच लिया और उसकी जम कर पिटाई कर दी। पुलिस की मौजूदगी में भी समर्थक उसे पीटते रहे। थोड़ी देर बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई। स्‍याही फेंकने वाले युवक ने संसद मार्ग थाने की पुलिस को अपना नाम कामरान सिद्दिकी बताया है। कामरान का कहना है कि वह ओखला का रहने वाला है और रियल कॉज नाम का एक एनजीओ चलाता है। कामरान के बारे में बताया जा रहा है कि वह जामिया नगर इलाके की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहा है और वह पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी में भी है। पुलिस ने जानकारी दी है कि कामरान से पूछताछ चल रही है और इसके बाद ही उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने यह जानकारी भी दी है कि कामरान की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। कामरान सिद्दिकी के भाई मोहम्मद यूनुस सिद्दिकी के मुताबिक उनका भाई बाबा रामदेव को भ्रष्ट मानता है। यूनुस ने इस बारे में बताया, 'मेरे भाई ने कहा कि बाबा रामेदव एक भ्रष्ट व्यक्ति है। रामदेव के समर्थकों ने उसकी नाक तोड़ दी है।' कामरान सुरक्षाकर्मी के रूप में कांस्‍टीट्यूशन क्‍लब में हो रहे बाबा के प्रेस कांफ्रेंस में आया था। उसका गुस्‍सा किस बात को लेकर था, यह पता नहीं चल सका है। रामदेव के प्रवक्‍ता एसके तिजारावाला ने कहा कि स्‍याही फेंकने वाले शख्‍स के हाथ में वायरलेस सेट था। उसके पास एसिड की बोतल भी मिली है। वह खुद को विशेष सुरक्षा अधिकारी बताकर संवाददाता सम्‍मेलन में आया था। उन्‍होंने बताया कि वह शख्‍स किसी नेता का नाम ले रहा था और अल्‍पसंख्‍यक समुदाय का बताया जाता है। घटना के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि जालिम जुल्‍म करते रहते हैं। उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने काला धन मांगा था, लेकिन काली स्‍याही मिली। उन्‍होंने कहा कि जिनका जीवन देश के लोगों की भलाई के लिए है, उस पर काली स्‍याही फेंक देने से उसके चरित्र पर कोई असर नहीं होता। बाबा ने कहा कि वह पूरी प्रामाणिकता, दृढ़ता के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। बाबा ने कहा कि उन्‍होंने आखिर ऐसा क्‍या किया है जो उनके साथ इस तरह का सुलूक हो। बाबा ने पत्रकारों से कहा कि जो भी सच होगा, सामने आ जाएगा।  इससे पहले पत्रकार सम्‍मेलन में बाबा ने कहा कि वह एक बार फिर भारत स्‍वाभिमान यात्रा करने जा रहे हैं। वह उन पांच राज्‍यों का दौरा करेंगे जहां अभी विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्‍होंने कहा कि वह उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में सभाएं कर लोगों को विदेश में जमा काले धन के बारे में जागरूक करेंगे। उन्‍होंने कहा कि अगर सभा करने की इजाजत नहीं मिली तो चुनाव लड़ रही सभी प्रमुख पार्टियों के बड़े नेताओं से मिल कर पूछेंगे कि वो विदेश में जमा भारतीयों का काला धन वापस लाने के लिए क्‍या करने वाले हैं।   बाबा रामदेव ने काला धन को राष्‍ट्रीय संपत्ति घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि चुनाव के वक्‍त राजनीतिक दलों को जनता के सवालों का जवाब देना ही होता है। लिहाजा वह काले धन के मसले पर सभी उम्‍मीदवारों की राय जानेंगे। उन्‍होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम के लिए उन्‍होंने प्रशासन से अनुमति मांगी है।  

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बाल-बाल बचे 'बाबा', 
हो सकता था एसिड अटैक
dainikbhaskar.com  14/01/2012

http://www.bhaskar.com/article

नई दिल्ली। दिल्ली में काले धन पर पीसी कर रहे योग गुरु बाबा रामदेव के मुंह पर एक शख्स ने काली स्‍याही फेंक दी। बाबा कांफ्रेंस खत्‍म होने के बाद जैसे ही वह मंच छोड़ने के लिए तैयार हुए कि एक युवक ने उनके ऊपर काली स्‍याही फेंक दी।  
इसके बाद बाबा के समर्थकों ने उसे दबोच लिया और उसकी जम कर पिटाई कर दी। पीसी स्थल से एसिड की बोतल भी मिली है। इससे अंदाजा लगाया सकता है कि बाबा पर एसिड हमले की तैयारी थी। 
 रामदेव के प्रवक्‍ता एसके तिजारावाला ने कहा कि स्‍याही फेंकने वाले शख्‍स के हाथ में वायरलेस सेट था। उसके पास एसिड की बोतल भी मिली है। वह स्याही के बाद बाबा पर एसिड फेंक सकता था। समय रहते उसे दबोच लिया गया। 
इस घटना के बाद रामदेव ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से वह डरने वाले नहीं हैं। काली स्याही फेंकने से उनके चरित्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि, काले धन के मुद्दे को पूरी प्रामाणिकता के साथ उठाऊंगा।
बाबा रामदेव पर किए इस कृत्य की राजनीतिक दलों ने कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस के राशिद अल्वी ने कहा कि, लोकतंत्र में हर व्यक्ति को बोलने का अधिकार है। उसे इस तरह से रोकना लोकतंत्र का हनन है। लालू यादव ने कहा कि, ऐसा करने वाले व्यक्ति का स्क्रू ढ़ीला है। उसे टाइट करना चाहिए।  
ये है स्याही फेंकने वाला 
दिल्ली में प्रैस कांफ्रैंस के दौरान बाबा रामदेव पर काली स्यासी फेंकने वाले व्यक्ति का नाम कामरान सिद्दिकी है। वो जामिया नगर में रहता है और यहां रियल कॉज के नाम से एक एनजीओ चलाता है। 
कामरान जामिया नगर इलाके से विधानसभा और नगर निगम का चुनाव भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ चुका है। कामरान सिद्दीकी ने ही बटला हाउस एनकाउंटर का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाया था।