मंगलवार, 24 जनवरी 2012

गाय का दूध पिएं, हृदय रोग भगाएं

गाय के दूध को हरे शस्त्रों के सबसे उत्तम बताया है , यह अब साइंस भी साबित कर रही है , गाय के दुश में जहाँ वसा कम होती है वहीं वह मानव शरीर  को नुक्सान भी वहीं पहुचता ....
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गाय का दूध पिएं, हृदय रोग भगाएं
Tuesday, January 24, 2012,
पालमपुर: सेहत के लिहाज से गाय का दूध फायदेमंद तो है ही, अब एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि हिमाचल प्रदेश में पली-बढ़ी गाय के दूध में पाया जाने वाला प्रोटीन हृदय की बीमारी, मधुमेह से लड़ने में कारगर और मानसिक विकास में सहायक होता है।
चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में पशुचिकित्सा सूक्ष्मजैविकी विभाग के शोधार्थियों ने बताया, ‘पहाड़ी’ गाय की नस्ल की दूध में ए-2 बीटा प्रोटीन ज्यादा मात्रा में पाया जाता है और यह सेहत के लिए काफी अच्छा है।’ उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 43 पहाड़ी गायों पर किए जा रहे अध्ययन में यह बात सामने आई है।
लगभग 97 फीसदी मामलों में यह पाया गया कि इन गायों के दूध में ए-2 बीटा प्रोटीन मिलता है जो हृदय की बीमारी, मधुमेह और मानसिक रोग के खिलाफ सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हॉलस्टीन और जर्सी नस्ल की गायों में यह प्रोटीन नहीं पाया जाता। इन गायों में ए-1 जीन पाया जाता है जो इन बीमारियों को मदद पहुंचाता है। ए-1 जीन स्थानीय गायों के दूध में हमेशा मौजूद नहीं होता लेकिन इसे नकारा भी नहीं जा सकता। (एजेंसी)
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पहाड़ी पशुओं में रोगों से लडऩे की क्षमता अधिक
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पहाड़ी प्रजाति के पशुओं में संक्रमण रोगों से लडऩे की क्षमता अन्य प्रजातियों के पशुओं की अपेक्षा अधिक होती है। यह खुलासा चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के पशु वैज्ञानिकों द्वारा पहाड़ी मवेशियों पर किए गए शोध में हुआ है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय के पशु वैज्ञानिकों को शोध कार्यों के लिए 85 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। 
शोध में सामने आया है कि पहाड़ी प्रजाति के पशुओं से मिलने वाला दूध गुणात्मक होने के साथ इसमें पोषक तत्व अधिक होते हैं। देशी गाय के गौमूत्र पर किए गए शोध में पाया गया कि इसमें एंटी माइक्रोबायल एजेंट के गुण मौजूद होते हैं। यह एंटी माइक्रोबायल एक्टिविटी को 20 से 25 फीसदी बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ है।

देश गुलाम क्यों बनता है ? : २६ जनवरी गणतंत्र दिवस : अंग्रेज लोर्ड मैकाले के सपने





- अरविन्द सिसोदिया 
              २६ जनवरी गणतंत्र दिवस को मानाने जा रहे हैं , यह दिवस संविधान सभा द्वारा बनाये लोकतान्त्रिक ढांचे और प्रशासन व्यवस्था को लागू करने के दिवस के रूप में मनाया जाता है , हमारा संविधान इसी दिन से लागू हुआ था । आज हमारे सामने इस व्यवस्था की विफलता और कमजोरियां  इस तरह से है कि इअतली में जन्मी सोनिया गांधी का विदेशी होते हुए भी लोकसभा में प्रवेश हो गया और अंगेजी अभी तक भातीय भाषाओँ को अंगूठा दिखाते हुए भाषा के सिहासन पर बैठी हुई है ...!! जो अपमान  देश की संस्कृति का गुलामी के कालखंड में नहीं हुआ वह अब स्वतंत्रता के दौरान हो रहा है ।
लगता है हम अंग्रेज  लोर्ड मैकाले के सपने पूरे करने में जुटे हुए हैं .....देश गुलाम क्यों बनता है ? क्यों कि हम देश हित कि नही सोचते ....!!
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- राहुल वत्स की facebook  से 
"हर भारतीय के लिए चुनौती " ***
सन् 1836 में लार्ड मैकाले अपने पिता को लिखे एक पत्र में कहता है:
"अगर हम इसी प्रकार अंग्रेजी नीतिया चलाते रहे और भारत इसे अपनाता रहा तो आने वाले कुछ सालों में 1 दिन ऐसा आएगा की यहाँ कोई सच्चा भारतीय नहीं बचेगा.....!!"
(सच्चे भारतीय से मतलब......चरित्र में ऊँचा, नैतिकता में ऊँचा, धार्मिक विचारों वाला, धर्मं के रस्ते पर चलने वाला)
भारत को जय करने के लिए, चरित्र गिराने के लिए, अंग्रेजो ने 1758 में कलकत्ता में पहला शराबखाना खोला, जहाँ पहले साल वहाँ सिर्फ अंग्रेज जाते थे। आज पूरा भारत जाता है।
सन् 1947 में 3.5 हजार शराबखानो को सरकार का लाइसेंस.....!!
सन् 2009-10 में लगभग 25,400 दुकानों को मौत का व्यापार करने की इजाजत।
चरित्र से निर्बल बनाने के लिए सन् 1760 में भारत में पहला वेश्याघर कलकत्ता में सोनागाछी में अंग्रेजों ने खोला और लगभग 200 स्त्रियों को जबरदस्ती इस काम में लगाया गया।
आज अंग्रेजों के जाने के 64 सालों के बाद, आज लगभग 20,80,000 माताएँ, बहनें इस गलत काम में लिप्त हैं।
अंग्रेजों के जाने के बाद जहाँ इनकी संख्या में कमी होनी चाहिए थी वहीं इनकी संख्या में दिन दुनी रात चौगुनी वृद्धि हो रही है !!
आज हमारे सामने पैसा चुनौती नहीं बल्कि भारत का चारित्रिक पतन चुनौती है।
इसकी रक्षा और इसको वापस लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए !!!
॥ जय हिन्द ॥ जय जय माँ भारती ॥ वन्दे मातरम्

ज्ञान का दीप जगाओ जग में,








_ अरविन्द सिसोदिया

ज्ञान का दीप जगाओ जग में,यही प्रकाश तुम्हारा है।
किरणों की तरह फैलाओ, चिडियों की तरह चहको,
जीवन के पल-क्षण क्षीण हैं,इन्हे महान बनाओ ....,
नारायण तो आते होंगें, नर में नारायण को जगाओ...!!