बुधवार, 23 मई 2012

पेट्रोल के दाम में भारी इजाफा : मुलायम सिंह और ममता दिखावी ड्रामा


- अरविन्द सिसोदिया
कांग्रेस सरकार को समर्थन कर रहे दल ही कांग्रेस की अत्याचारी महंगाई  के लिए दोषी हें ..मुलायम सिंह, मायावती ,डी  एम् के  और ममता यदि आज समर्थन वापस लेलें तो यह मूल्य बढानें की आदि सरकार आज सत्ता से बाहर हो जायेगी .......मगर सच यह हे की ये ही दल दोहरे चरित्र के हें जो दिखावी विरोध और अंदर से साथ हें ...इसे दिखावी ड्रामा ही कहा जाएगा।.
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पेट्रोल के दाम में भारी इजाफा,सरकार का चौतरफा विरोध

नई दिल्ली। पेट्रोल की कीमतों में बुधवार को 6.28 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की घोषणा की गई। उपभोक्ताओं को विभिन्न तरह के कर इसके अतिरिक्त देने होंगे। पेट्रोल की बढ़ी दर मध्यरात्रि से लागू हो जाएगी। केंद्र सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस सहित कई प्रमुख दलों ने इस मूल्यवृद्धि का विरोध किया है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत विभिन्न करों के साथ अब 73.14 रुपये होगी, जो इस वक्त 65.64 प्रति लीटर है। मुम्बई में पेट्रोल 78.16 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता तथा चेन्नई में 77.53 रुपये प्रति लीटर बिकेगा।
देश की सबसे बड़ी तेल कम्पनी इंडियन ऑयल ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा, "पेट्रोल की बिक्री पर नुकसान को देखते हुए कम्पनी इसकी कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर (वैट/बिक्री कर रहित) की वृद्धि करने पर मजबूर है। बढ़ी दर मध्यरात्रि से लागू होगी।"
पेट्रोल की कीमतों में अब तक पहली बार एक साथ इतनी अधिक वृद्धि की गई है। वैट और बिक्री कर के साथ विभिन्न राज्यों में पेट्रोल की कीमत अलग-अलग होगी। ये कर अलग-अलग राज्यों में 15 से 33 प्रतिशत हो सकते हैं। विभिन्न राज्यों में अतिरिक्त बिक्री कर 94 पैसे प्रति लीटर से 2.07 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है।
बताया गया है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की लगातार कमजोर होती स्थिति ने तेल कम्पनियों की चिंता बढ़ा दी थी, जो पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि से परेशान थीं।
पेट्रोल के दाम में वृद्धि की घोषणा होते ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार को समर्थन दे रही है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह मूल्यवृद्धि का विरोध नहीं करेंगी।
ममता ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मेरी पार्टी पेट्रोल के दाम में हुई वृद्धि का समर्थन नहीं करेगी। सरकार का यह कदम उसकी आर्थिक नीतियों में अव्यवस्था को दर्शाता है।" उन्होंने सवाल किया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जब कच्चे तेल की कीमत घटी है तो फिर सरकार ने पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी क्यों की। तृणमूल कांग्रेस जनता पर बोझ बर्दाश्त नहीं करेगी।
ममता ने कहा, "पश्चिम बंगाल में मेरी पार्टी बहुमत में है लेकिन केंद्र में सरकार चलाने के लिए कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है। हम सरकार गिराना नहीं चाहते क्योंकि इससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी। हम राजनीतिक स्थिरता के पक्ष में हैं।"
वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भजपा) ने कहा कि यह घोर अन्याय है और इसे कतई न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "यह अन्याय है और अविश्वसनीय है। संप्रग सरकार ने अपनी तीसरी वर्षगांठ पर लोगों को ईंधन के दाम में वृद्धि का उपहार दिया है।"
उधर, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे.जयललिता ने पेट्रोल मूल्यवृद्धि के लिए केंद्र सरकार की निंदा करते हुए कहा कहा, "तेल कम्पनियों के मुनाफे और तेल पर केंद्रीय करों में कटौती तथा रुपये के अवमूल्य पर नियंत्रण रखकर पेट्रोल मूल्यवृद्धि को टाला जा सकता था।" उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए कदम उठाने के बजाय साल में कई बार पेट्रोल के दाम बढ़ाना अत्याचार है।
रुपये के अवमूल्यन के लिए संप्रग सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जयललिता ने कहा कि पेट्रोल के दाम 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाना ऐतिहासिक और स्फीतिकारी घटना है। तेल के दाम बढ़ाने के तंत्र पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से घरेलू कच्चे तेल के दाम बढ़ाना न्यायसंगत नीति नहीं है।

दबंगों से घबराकर परिवार के 10 सदस्यों ने मांगी इच्छा मृत्यु मांगी है

- अरविन्द सिसोदिया 

हमारा लोकतंत्र 60 साल में लूटतंत्र में बदल गया यही हमारी उपलब्धि है। सरकारों में और प्रशासन में लूटने वाले तत्व हावी हो चुके हें,कानून और न्याय व्यवस्था की स्थिती द्रौपती की तरह हो गई है।




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दबंगों से घबराकर परिवार के 10 सदस्यों ने मांगी इच्छा मृत्यु 
भास्कर न्यूज  23/05/2012
गुड़गांव. गांव के दंबगों द्वारा प्लॉट कब्जाने पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से हताश होकर बंधवाड़ी गांव के एक परिवार ने राष्ट्रपति और डीसी को पत्र लिख कर इच्छामृत्यु मांगी है। इस संबंध में बुधवार को वे अपनी याचिका जिला अदालत में डालेंगे।
परिवार के अनुसार 19 मई को उन्होंने पुलिस आयुक्त को मामले की लिखित शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस विभाग की ओर से उनकी कोई मदद नहीं की गई। गांव बंधवाड़ी निवासी 55 वर्षीय रणबीर ने बताया कि वह बैरागी जाति से संबंध रखता है। कई पीढ़ियों से उनका परिवार गांव में ही रहता है।
गांव के ही ब्राह्मण जाति के रघबर ने अपने बेटों के साथ मिल कर उसके 150 गज के प्लॉट पर कब्जा कर लिया। 19 मई की रात को आरोपियों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया और प्लॉट पर चारदीवारी का कार्य पूरा होने के बाद ही उन्हें मुक्त किया।
शिकायत करने के बाद पुलिस ने भी जबरन राजीनामा कराकर उन्हें पुलिस चौकी से भगा दिया। रणबीर ने बताया कि पुलिस की ओर से कोई सहायता न मिलने पर उन्होंने पूरे परिवार के साथ मिलकर इच्छामृत्यु मांगने का विचार किया है। इसी के चलते मंगलवार को वे अपनी पत्नी ज्ञानवती, भाई नेत्रपाल, वेदपाल, बेटे रवि, अमित, बेटी तन्नू, बेटे रवि की पत्नी प्रेमलता व रवि के बच्चों लक्की व हर्ष के साथ जिला अदालत पहुंचा। मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल और डीसी पीसी मीणा को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी है। वकील दुर्गेश बोकन ने बताया कि जिला अदालत में दस्तावेज तैयार होने के कारण याचिका मंगलवार को नहीं डाली जा सकी। पुलिस आयुक्त केके संधू ने कहा, यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। पूरे मामले की जांच करा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
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गुड़गांव की बेशकीमती जमीन का मामला चंडीगढ़ पहुंचा


भास्कर न्यूज  (23/05/2012)
राजधानी हरियाणा. इनेलो नेताओं व गुड़गांव के कई पार्षदों ने मंगलवार को हरियाणा के शहरी निकाय विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव से मुलाकात कर उन्हें गुड़गांव नगर निगम द्वारा बेशकीमती जमीनों को प्राइवेट बिल्डरों के पास औने-पौने दामों में बेचकर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप लगाया। इनेलो नेताओं ने इसका ब्योरा देते हुए इस संबंध में नगर निगम द्वारा पारित प्रस्ताव को रद्द किए जाने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में इनेलो के वरिष्ठ नेता व पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत, पार्षद गजे सिंह कबलाना, पार्षद सुनीता कटारिया, पार्षद शशिबाला कटारिया, नाहर सिंह वजीराबाद, राजकुमार यादव, रमेश दहिया, रामनिवास राव, योगी यादव, नाहर सिंह फौजी, भीम सिंह ठाकरान, सोनिया ठाकरान, ऋषिराज राणा व अटल वीर कटारिया सहित अनेक प्रमुख नेता शामिल थे।
गहलोत ने वित्तायुक्त को दिए गए ज्ञापन में बताया कि नगर निगम ने 25 अप्रैल को निगम की साधारण बैठक में एक प्रस्ताव पारित करते हुए निगम की 3029.38 वर्ग गज जमीन आनन-फानन में गुड़गांव के सबसे बड़े बिल्डर को बेचने के लिए एक प्रस्ताव पारित करने का प्रयास किया।
हालांकि निगम की साधारण बैठक निगम का आम बजट पास करने के लिए बुलाई गई थी लेकिन मेयर की दिलचस्पी इस बेहद कीमती जमीन को बड़े बिल्डर को देने के प्रस्ताव को पारित करवाने में ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि उस बिल्डर ने उस जमीन को नौ साल के लिए पट्टे पर देने की मांग की थी लेकिन महापौर ने उससे भी आगे बढ़ते हुए जमीन बड़े बिल्डर को बेचने का प्रस्ताव आनन-फानन में पारित कर दिया।
उन्होंने कहा कि अगर इस जमीन को खुली बोली या टेंडर से बेचा जाता तो नगर निगम को इससे करोड़ों रुपए का राजस्व हासिल होता व इस पैसे से नगर निगम क्षेत्र व साथ लगते गांवों का भी भरपूर विकास हो सकता था। शहर के बीचोंबीच स्थित गांव वजीराबाद की इस जमीन पर सामुदायिक केंद्र, शिक्षण संस्थान, खेल स्टेडियम या लोगों की भलाई के लिए पार्क भी बनाया जा सकता था।
उन्होंने वित्तायुक्त से इन सभी मामलों की जांच करवाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और बिल्डर को जमीन देने के लिए निगम द्वारा पारित किए गए प्रस्ताव को रद्द किए जाने की मांग की।
वजीराबाद मामले से जुड़े हैं तार
इनेलो नेताओं ने वित्तायुक्त को बताया कि इस घोटाले के तार वजीराबाद गांव की करीब 350 एकड़ जमीन सिंगल टेंडर पर गुड़गांव के एक बड़े बिल्डर को देकर किए गए बड़े घोटाले के साथ जुड़े हुए हैं और यह मामला पहले ही पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के विचाराधीन है जिसमें सरकार के साथ-साथ उक्त बिल्डर को भी नोटिस जारी हो चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने वित्तायुक्त को बताया कि यह बड़ा बिल्डर अपने निजी फायदे के लिए वजीराबाद के कई मंदिरों को भी प्रशासन से मिलीभगत कर तुड़वा चुके हैं और कई एकड़ में स्थित एक प्राचीन मंदिर को भी हड़पने के प्रयासों में लगे हुए हैं।
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 Mother Gang Rape Witness Son Burnt Alive

मां के साथ हुए सामु‍हिक बलात्‍कार के गवाह बेटे को जिंदा जलाया

Oneindia hindi
सोमवार, मई 14, 2012,
पटना। नीतीश के सुशासन में बिहार में एक ऐसी घटना ने दश्‍तक दी है जिसने यह साबित कर दिया है कि बिहार से गुंडाराज का सफाया बहुत मुश्किल है। बिहार की राजधानी पटना के नजदीक नवादा जिले में कुछ दंबगों ने एक युवक को जिंदा जला दिया। ऐसा इसलिये किये गया क्‍योंकि वह अपनी मां के साथ्‍ा हुए सामुहिक बलात्‍कार का चश्‍मदीद गवाह था। घटना रविवार की है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार नवादा जिले के नरहट इलाके के एक गांव में रहने वाले 17 वर्षीय चिंटू की मां के साथ वर्ष 2006 में सामुहिक बलात्‍कार हुआ था। पांच लोगों ने मिलकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था जिसका एक मात्र गवाह चिंटू ही था। आरोपियों ने उसे कोर्ट में गवाही ना देने और केस वापस लेने की कई बार धमकी दे चुके थे लेकिन वह नहीं माना था।
इसी मामले में रविवार की दोपहर दबंगों ने चिंटू के घर पर धावा बोल दिया और उसे जिंदा जला डाला। जब चिल्‍लाने की आवाज हुई तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे त‍बतक आरोपी मौके से फरार हो गये थे। स्‍थानीय लोगों से सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलावस्‍था में चिंटू को अस्‍पताल में भर्ती कराया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन कर रही है।