सोमवार, 4 जून 2012

हिन्दू साम्राज्य दिवस







हिन्दू साम्राज्य दिवस की 338वीं वर्ष गांठ (दो जून 2012)

इस दिन, छत्रपति शिवाजी का राज्यभिषेक हुआ था
अत: हिंदू संगठन इस दिन को हिंदू साम्राज्य दिवस के रूप में ,
अनेकों स्थानों पर खुशी से मनाते हैं।


'हमने नहीं दिया शिवाजी को वाजिब स्थान'

Mon, 04 Jun 2012

मेरठ : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से छत्रपति शिवाजी का राज्यभिषेक दिवस हर्षाेल्लास से 'हिंदू साम्राज्य दिवस' के रूप में मनाया गया। आरएसएस के शहरभर में 16 स्थानों पर कार्यक्रम हुए। वक्ताओं ने उनके पराक्रम और वीरता को अतुल्य करार दिया। कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि जिस सम्मान के हकदार शिवाजी हैं, हमने उन्हें वह वाजिब स्थान नहीं दिया।

संघ के छह उत्सवों में से एक 'हिंदू साम्राज्य दिवस' पर रविवार को कंकरखेड़ा में एसडी इंटर कालेज, साकेत में कनोहर लाल इंटर कालेज, शारदा रोड पर कन्हैया लाल धर्मशाला, ब्रहमपुरी में चावली देवी, शास्त्रीनगर में शिव मंदिर के-ब्लॉक, जागृति विहार में आदर्श विवाह मंडप समेत शहरभर में 16 स्थानों पर कार्यक्रम हुए।

मुख्य वक्ता अजय मित्तल ने कहा कि शिवाजी ने अपने जीवन में 276 युद्ध लड़े। 270 में वे जीते। इसलिए उन्हें विश्व के महान सेनापतियों में गिना जाता है। विनोद भारतीय ने कहा कि 19 फरवरी 1630 में बीजापुर राज्य के जागीरदार शाह भोंसले के घर जन्मा बालक शिवाजी के नाम प्रसिद्ध हुआ। राकेश महाजन ने कहा कि हमारे देश का दुर्भाग्य है कि मौजूदा इतिहास में शिवाजी को प्रमुख स्थान नहीं मिला। अनिल कुमार, सुरेंद्र सिंह, आनंद प्रकाश आदि ने विचार व्यक्त किये। महानगर प्रचार प्रमुख डा. नीरज सिंघल ने बताया कि मौजूदा युवा पीढ़ी उनके काम और नाम से अनभिज्ञ है। शिवाजी हिंदू रक्षक थे, उन्होंने अपनी वीरता और पराक्रम का लोहा मनवाते हुए इस पद पर हिंदू पद पादशाही की स्थापना की।

आरएसएस ने मनाया हिंदू साम्राज्य दिवस

संवाद सहयोगी, तारागढ़
कस्बा बेगोवाल में आरएसएस की ओर से हिंदू साम्राज्य दिवस संबधी समारोह खंड संघचालक डा. राकेश सैनी अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसमें मुख्य वक्ता विभाग कार्यवाह चंद्रशेखर शामिल हुए।
समारोह में संबोधित करते हुए मुख्य कार्यवाह चंद्रशेखर ने कहा कि हिंदू साम्राज्य दिवस का देश में अलग महत्व है। इस दिन छत्रपति शिवाजी ने दमनकारी व आतातायी मुगलों के शासन को समाप्त कर देश में हिंदू स्वराज्य का झंडा फहराया था। उन्होंने कहा कि आज भी देश में मुगलरुपी भ्रष्टाचार का शासन है इसे समाप्त करने के लिए प्रत्येक देशवासी में खुद में शिवाजी को जागृत कर भ्रष्टाचार का अंत करने आगे आने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को भ्रष्टाचार को खत्म करने हेतु शुरू किए अंदोलन में शामिल होने की जरुरत है। इस मौके पर जिला सेवा प्रमुख राकेश महाजन, जिला धर्म जागरण प्रमुख प्रेम कुमार शर्मा, खंड संघचालक अश्विनी सैनी, शामलाल सैनी, सुरेश महाजन, तरसेम महाजन, रिंपी सूरी, हमीर सिंह, सतीश कुमार, विनोद कुमार, प्रदीप वर्मा, राकेश काका, राहुल वर्मा, मोहन लाल, सुशील कुमार, रविंदर महाजन, सुभाष महाजन, सुरिंदर महाजन, रमेश मेहरा आदि उपस्थित थे।