बुधवार, 26 सितंबर 2012

संप्रग सरकार डूबता जहाज : नितिन गडकरी

 gadkari will feliciate bjp's meeting, eyes on modi
सरकार डूबता जहाज, चुनाव कभी भी: गडकरी
Wed, 26 Sep 2012
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Dainik Jagran Hindi News
नई दिल्ली। सूरजकुंड में आज से शुरू हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने संप्रग सरकार को घोटालों की सरकार करार दिया है। उन्होंने सरकार को डूबता हुआ जहाज करार देते हुए अपने कार्यकताओं से कहा है कि चुनाव कभी भी हो सकते हैं और वे तैयार रहें।
भाजपा ने एक बार फिर यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए उसे आजाद भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता रविशकर प्रसाद ने कहा कि काग्रेस सरकार अपने कमियों से गिर रही है और भाजपा का काम उसे बचाना नहीं है। सहयोगी दल सरकार से अलग हो रहे हैं तो इसमें भाजपा कुछ नहीं कर सकती है। साथ ही सरकार काले धन पर भी गंभीर नहीं है। ये सारी बातें नितिन गडकरी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कही, जिसे रविशकर प्रसाद पत्रकारों को बता रहे थे।
सूरजकुंड में सरकार पर राजनीतिक वार करते हुए टूजी, कोलगेट समेत भ्रष्टाचार के तमाम मुद्दों को राजनीतिक प्रस्तावों में शामिल किया गया है। कार्यकारिणी में नितिन गडकरी को भाजपा अध्यक्ष के रूप में दूसरा कार्यकाल दिया जाना तय है।
कार्यकारिणी की बैठक में एफडीआई के पक्ष में सरकार के तकरें को नकारते हुए खुदरा कारोबारियों व दुकानदारों की रोजीरोटी पर गहराते खतरों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। मीटिंग में महंगाई पर विशेष रूप से निशाना साधा जाएगा। राज्यों पर दोष मढ़ने की नीतियों पर भी सरकार की घेराबंदी की जाएगी।
केंद्र की स्थिरता पर लगातार उठते सवालों और समय से पूर्व चुनाव को लेकर लगती रही अटकलों के बीच भाजपा पार्टी के सामाजिक विस्तार अभियान को तेज करने में जुट गई है। बुधवार से हरियाणा के सूरजकुंड में भाजपा कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक की तीन दिवसीय बैठक आयोजित की जा रही है। भाजपा इस बैठक के जरिए हर वर्ग को आकर्षित करने की कोशिश करेगी। बैठक के दौरान सबकी नजर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही बनी रहेगी। उन्होंने इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए अपनी रजामंदी तो दे दी है। लेकिन अब देखना यह है कि वह बैठक में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं या नहीं।
वहीं, स्वास्थ्य कारणों से लोकसभा की नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना भी कम है। सुषमा पिछले कई दिनों से वायरल से पीड़ित हैं और एम्स में भर्ती हैं। हालाकि उनके करीबी लोगों का कहना है कि यदि डॉक्टरों की इजाजत मिली तो सुषमा कार्यक्रम में जरूर शामिल होंगी।
इस कार्यक्रम की शुरुआत नितिन गडकरी करेंगे। नितिन गडकरी अध्यक्षीय भाषण देंगे और राजनीतिक व आर्थिक प्रस्ताव पर चर्चा भी करेंगे। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय परिषद में राज्यों की रिपोर्टिंग होगी और राजनीतिक व आर्थिक प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। शुक्रवार तक राष्ट्रीय अध्यक्ष को दूसरा कार्यकाल देने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
गौरतलब है कि तीन महीने पहले मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अध्यक्ष के दूसरे कार्यकाल का प्रस्ताव स्वीकार किया गया था, जिसे लागू करने के लिए परिषद की अनुमति जरूरी है और हरियाणा की राष्ट्रीय परिषद इस प्रस्ताव का अनुमोदन करेगी।
राज्य से एक भी सांसद लाने में असफल रही भाजपा ने राज्य में प्रवेश के चार द्वार कुछ इसी लिहाज से तैयार किए हैं। सर छोटू राम, राजा नाहर सिंह, राव तुलाराम और चौ. सूरजभान के नाम के सहारे जातीय समीकरण साधने की कोशिश होगी। लोकसभा चुनाव के आसपास ही हरियाणा विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगने वाला है। पार्टी संसदीय दल के अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी, अध्यक्ष नितिन गडकरी, पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू, मुरली मनोहर जोशी, राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली, मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान, रमण सिंह, अर्जुन मुंडा, प्रेम कुमार धूमल, जगदीश शेट्टर, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी आदि मौजूद रहेंगे।
कार्यकारिणी और परिषद का एजेंडा यूं तो सरकार के खिलाफ अभियान तेज करने और अध्यक्ष के कार्यकाल विस्तार के अनुमोदन तक सीमित है, लेकिन असल में नजर जातीय समीकरण और विस्तार पर है। यही कारण है कि बाल आप्टे परिसर में मुख्य सभागार डॉ. मंगल सेन के नाम पर रखा गया है। डॉ. सेन ने ही हरियाणा में भाजपा की जमीन तैयार की थी। पाकिस्तान से विस्थापित डॉ. सेन 1990 तक सक्रिय रहे।
राज्य में भाजपा कभी भी अपने भरोसे सत्ता में नहीं आई। हमेशा लाठी बनकर ही रही। अब भाजपा जातीय समीकरणों के सहारे हरियाणा की राजनीति में अकेले दम घुसने की कोशिश में है। द्वारों का नामकरण जातीय विस्तार का ही संदेश देता है। सर छोटू राम और नाहर सिंह देश के हर जाट के लिए श्रद्धा के केंद्र रहे हैं। जबकि नाहर सिंह बल्लभगढ़ के राजा थे और 1857 के शहीद हैं। हरियाणा की राजनीति में अहम जाट वोटर कांग्रेस और इनेलो के बीच बंटे हैं। भाजपा की वापसी के लिए इन दोनों दलों के जाट वोटों में पैठ जरूरी है।
अहिरवाल समुदाय के राव तुलाराम भी 1857 के हीरो रहे हैं। गुड़गांव, रेवाड़ी, नारनौल, महेंद्रगढ़ जैसे जिले अहिरवाल समुदाय के गढ़ माने जाते हैं, जबकि चौ. सूरज भान हरियाणा के दलित नेता थे। वह अंबाला से सांसद और उत्तर प्रदेश में राज्यपाल रह चुके थे। जाट समुदाय के बाद हरियाणा में दलित समुदाय का दबदबा है। इस लिहाज से सूरजभान के जरिए भाजपा उन्हें भी साधने की कोशिश करेगी। फिलहाल हरियाणा से भाजपा के हिस्से में एक भी सांसद नहीं हैं।

समुद्र के भी निंगल गये भ्रष्टाचारी : 63 ब्लाकों में से 28 ब्लाक प्रवर्तन निदेशालय के एक पूर्व अधिकारी के परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को आवंटित

 CBI begins probe in offshore mining licences scam

समुद्र के भी निंगल गये भ्रष्टाचारी
ई डी के पूर्व अधिकारी अशोक अग्रवाल 


http://www.jagran.com/news/national-cbi-begins-probe-in-offshore-mining-licences-scam-9694831.html
धरती-आकाश के बाद समुद्र में भी घोटाला
25 Sep 2012

 Dainik Jagran Hindi News
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। आकाश (2जी स्पेक्ट्रम) और धरती (कोयला ब्लाक) के बाद अब समुद्र भी घोटाले से अछूते नहीं रहे। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में खनिज संपदा की खोज के लिए ब्लाकों में आवंटन में घोटाले की सीबीआइ ने जांच शुरू कर दी है। समुद्र में खनिज की खोज के लिए कुल 63 ब्लाकों में से 28 ब्लाक प्रवर्तन निदेशालय के एक पूर्व अधिकारी के परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को आवंटित किए जाने का आरोप है।
सीबीआइ सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच के केस में नागपुर स्थित केंद्रीय खनन ब्यूरो और केंद्रीय खान मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों के साथ-साथ चारों निजी कंपनियों और उनके निदेशकों को भी आरोपी बनाया गया है। जिन चार कंपनियों को लगभग आधे खनिज ब्लाक आवंटित किए गए हैं, वे ईडी के पूर्व अधिकारी अशोक अग्रवाल के परिवार से संबंधित हैं। बताया जाता है कि अशोक अग्रवाल ईडी के पहले खान मंत्रालय में भी काम कर चुके हैं। ईडी में काम करते हुए अग्रवाल रक्षा दलाल अभिषेक वर्मा के साथ संबंधों को लेकर सुर्खियों में रहे थे।
समुद्र के भीतर प्रचुर मात्रा में मौजूद खनिज संपदा को निकालने के लिए खान मंत्रालय ने पहली बार 2010 में 63 ब्लाकों के लिए टेंडर जारी किए। कुल 377 कंपनियों ने आवेदन किया। मार्च 2011 में खान मंत्रालय ने आवंटित ब्लाकों की सूची जारी की। इनमें से 28 ब्लाक एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दिए जाने का विरोध करते हुए कुछ कंपनियों ने मुंबई और हैदराबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सीबीआइ को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया। हाई कोर्ट के इसी आदेश के तहत सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच का केस दर्ज किया है। जांच जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में खान मंत्रालय और केंद्रीय खनन ब्यूरो के अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही खान मंत्रालय को आवंटन से जुड़े सभी दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपने के लिए कहा जाएगा।

कांग्रेस के सहयोगी दल का कारनामा : 16 हजार करोड़ के ग्रेनाइट घोटाले में नहीं मिली केद्रीय मंत्री के बेट को अग्रिम जमानत

 कांग्रेस के सहयोगी दल का कारनामा ग्रेनाइट घोटाला: अलागिरी के बेटे को जमानत नहीं

16 हजार करोड़ के ग्रेनाइट घोटाले में नहीं मिली केद्रीय मंत्री के बेट को अग्रिम जमानत

Agency | Sep 25, 2012,
मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री एमके अलगिरी के बेटे दुरई दयानिधी का अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया है। दयानिधी पर अवैध ग्रेनाइट उत्खनन का मामला चल रहा है।
दयानिधी समेत 9 लोगों पर बिना अनुमति के ग्रेनाइट का उत्खनन का मामला है। मदुरई बेंच के जस्टिस मथीवानन ने दयानिधी के व्यापारिक पार्टनर एस. नागराजन की भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार खनन विभाग के डिप्टी डाइरेक्टर शनमुगवल की जमानत याचिका भी रिजेक्ट कर दिया है।
मदुरई के पूर्व कलेक्टर ने ग्रेनाइट के अवैध उत्खनन में करीब 16 हजार करोड़ के नुकसान का आंकलन किया था।

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ग्रेनाइट घोटाला: अलागिरी के बेटे को जमानत नहीं

Tuesday, September 25, 2012,
मदुरै : करोड़ों रुपये के ग्रेनाइट की अवैध खुदाई के मामले में मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री एमके अलागिरी के पुत्र दुरई दयानिधि के अग्रिम जमानत का अनुरोध खारिज कर दिया। दयानिधि और नौ अन्य पर आरोप है कि उनके स्वामित्व वाली कंपनियों ने अनुमति लिए बिना रेत और ग्रेनाइट की खुदाई की।
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति मतीवनन ने भी दयानिधि के कारोबारी साझीदार एस नागराजन तथा अग्रिम जमानत के लिए अनुरोध और खान विभाग के उप निदेशक शनमुगावल का जमानत संबंधी आवेदन खारिज कर दिया।
अदालत ने ग्रेनाइट कंपनी के एक मालिक और अलागिरी के पुत्र का अग्रिम जमानत का आग्रह खारिज कर दिया लेकिन कंपनी के मालिक की पत्नी को राहत दे दी। मदुरै के पूर्व कलेक्टर यू सहायम ने एक रिपोर्ट में, अवैध खनन से 16,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जिसके बाद सरकार ने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
15 सितंबर को सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारियों ने दो आईएएस अधिकारियों को कथित भ्रष्टाचार के आरोप में हिरासत में लिया और राज्य में 34 जगहों पर छापे मारे। दोनों आईएएस अधिकारी मदुरै के पूर्व जिला कलेक्टर क्रमश: एन मतीवनन और सी कामराज हैं।
पुलिस ने आव्रजन अधिकारियों को सतर्क कर दिया कि दयानिधि और अन्य आरोपियों की देश छोड़ने न दिया जाय । कंपनियों के खाते भी सील कर दिए गए। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि तमिलनाडु मिनरल्स लिमिटेड के तीन अधिकारियों ने कहा कि दयानिधि और अन्य आरोपियों ने उनके साथ मिल कर ग्रेनाइट के ब्लाकों की अवैध खुदाई का षड्यंत्र रचा था। तीनों अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारी ने कहा कि याचिकाकर्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर ही अधिकारियों की भूमिका का पता चल सकता है। 25 गवाहों से पूछताछ करने पर षड्यंत्र, अतिक्रमण, शर्तों के उल्लंघन आदि का पता चला है।
जांच अधिकारी ने यह भी कहा कि दयानिधि राजनीतिक प्रभाव रखने वाले व्यक्ति हैं और अग्रिम जमानत मिलने पर वह गवाहों को डरा धमका सकते हैं जिससे जांच प्रभावित होगी। (एजेंसी)