रविवार, 30 सितंबर 2012

सोनिया गांधी की 'धन-दौलत' की होने लगी है खूब चर्चा

 सोनिया गांधी
सोनिया गांधी की संपत्ति 45 हजार करोड़ !
http://aajtak.intoday.in/story
आजतक वेब ब्यूरो | नई दिल्ली, 13 मार्च 2012 | अपडेटेड: 08:46 IST
अमेरिका के एक मीडिया हाउस ने किया है विवादास्पद दावा. दावा है कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की संपत्ति के बारे में. अमेरिकी वेबसाइट बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे दौलतमंद नेता हैं.

वेबसाइट के मुताबिक यूपीए अध्‍यक्ष के पास 10 हजार से 45 हजार करोड़ के बीच (2 से 19 अरब डॉलर) की संपत्ति है. इस लिस्ट में एक और भारतीय का नाम है. वो हरियाणा की विधायक और जिंदल समूह की प्रमुख सावित्री जिंदल.

गौरतलब है कि सोनिया गांधी का नाम पहले भी दुनिया के सबसे अमीर नेताओं की लिस्ट में आ चुका है. इससे पहले जर्मनी के अखबार 'डी वेल्ट' में भी इस बारे में खबर छपी थी. अखबार के वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड सेक्शन ने इस सूची में सोनिया गांधी को चौथा स्थान दिया.

'बिजनेस इनसाइडर' की ताजा सूची भी वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड के लिस्ट आधारित है. अमेरिकी वेबसाइट ने अपनी इस लिस्ट को OpenSecrets.org, Forbes.com, Bloomberg.com, Wikipedia.org, Guardian.co.uk से मिली जानकारी पर तय किया है.

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Sonia Gandhi 4th Richest Politician in the World Business Insider Reports

http://www.amarujala.com
सोनिया गांधी की 'धन-दौलत' की होने लगी है खूब चर्चा
नई दिल्‍ली/इंटरनेट डेस्क।
Story Update : Tuesday, March 13, 2012    12:11 PM
Sonia Gandhi 4th Richest Politician in the World Business Insider Reports

इन दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अपनी धन दौलत को लेकर खूब चर्चा का विषय बन गई हैं। दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे दौलतमंद राजनीतिज्ञ हैं। अमेरिकी वेबसाइट 'बिजनेस इनसाइडर' ने यह दावा किया है। वेबसाइट के अनुसार सोनिया के पास 10,000 से 45,000 करोड़ के बीच ($2-19 billion) की संपत्ति है।
सावित्री जिंदल सातवें नंबर पर
बिजनेस इनसाइडर ने विश्व के सबसे धनवान राजनेताओं की लिस्ट जारी की है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष को चौथे नंबर पर रखा है। सूची में सोनिया से पहले न्यूयॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग (तीसरे नंबर), रुनेई सुल्तान हस्सानल बोलकियाह (दूसरे नंबर) और सऊदी अरब के किंग अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज शाह (पहले नंबर) पर हैं। इस लिस्ट में हरियाणा की विधायक और जिंदल समूह की प्रमुख सावित्री जिंदल का नाम भी शामिल है। जिंदल सूची में सात नंबर पर हैं।
जर्मनी का अखबार छाप चुका है खबर
'बिजनेस इनसाइडर' ने वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड का हवाला देते हुए लिस्‍ट छापी है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि यह रिपोर्ट OpenSecrets.org, Forbes.com, Bloomberg.com, Wikipedia.org, Guardian.co.uk से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। इससे पहले जर्मनी के अखबार 'Die Welt,' में भी इस बारे में खबर छपी थी। उसमें भी सोनिया गांधी चौथे स्थान पर हैं। अखबार के वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड सेक्शन में विश्व के सबसे दौलतमंद 23 नेताओं की लिस्ट छापी गई थी।
वेबसाइट पर हो सकता है मुकदमा
पिछले आम चुनाव में सोनिया ने 50-75 लाख रुपए की संपत्ति बताई थी जबकि वेबसाइट पर 10,000-45,000 करोड़ की संपत्ति बताई है। दोनों ब्यौरे में बहुत अंतर है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सोनिया वेबसाइट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस खबर पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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9/30/2012
विश्व की चौथी अमीर नेता हैं गरीबों की महारानी सोनिया
नेहरू गांधी का नाम आते ही गोरी मेम माउंटबेटन के पीछे सिगरेट फूंकते पंडित जवाहर लाल नेहरू और आधी लंगोटी वाले सादगी पसंद महात्मा गांधी की तस्वीर ही आम आदमी के दिल दिमाग में आने लगती है। इसी नेहरू गांधी के नाम का उपयोग कर आधी सदी से ज्यादा देश पर राज करने वाली कांग्रेस की डेढ़ दशक से ज्यादा समय से सिरमौर बनी बैठीं श्रीमति सोनिया गांधी दुनिया की चौथी अमीर नेता हैं।
जी हां, यह बात पाकिस्तान में बिलावल और उनकी बिल्लो रानी (हिना रब्बानी) के परवान चढ़ते इश्क को उजागर करने वाले बंग्लादेश से प्रकाशित वीकली ब्लिट्स अखबार ने यह खुलासा किया है। अखबार ने खुलासा किया है कि सोनिया गांधी ने 18 अरब अमरीकी डालर्स की रकम विश्व भर में दूरसंचार और अन्य क्षेत्रों में धंधे में लगाया है। इटली में पैदा हुई सोनिया गांधी उर्फ एंटोनिया माईनो के संरक्षण में भारत में करोड़ों अरबों रूपए के घपले घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है।
सोनिया गांधी के मरहूम पति पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी बोफोर्स तोप घोटाले में बुरी तरह फंस गए थे। मीडिया के पास आए दस्तावेजों से राजीव गांधी बुरी तरह घिर गए थे। उस वक्त बोफोर्स मामले को उछालने वाले उस समय के पत्रकार और आज के भाजपा नेता अरूण शोरी भी आज बोफोर्स मामले में राजीव गांधी को क्लीन चिट देने के मसले में खामोश ही बैठे हैं।
उक्त समाचार पत्र ने लिखा है कि 19 नवंबर 1991 के स्विस अखबार के एक अंक में सोनिया गांधी, राजीव गांधी के अरबों रूपयों के बारे में खुलासा किया गया था। इस अंक में तीसरी दुनिया के दर्जनों राजनेताओं जिनमें राजीव गांधी के नाम का शुमार था के स्विस बैंक में जमा धन के बारे में छापा गया था। इस समाचार पत्र के बारे में यह भी नहीं कहा जा सकता है कि यह विश्वसनीय नहीं है, क्योकि इसकी सवा दो लाख प्रतियों के साथ पाठक संख्या 9 लाख 17 हजार है।
इसमें कहा गया है कि केजीबी रिकॉर्ड का हवाला देते हुए, पत्रिका की रिपोर्ट है कि सोनिया गांधी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की विधवा 2.5 अरब उनके नाबालिग बेटे के नाम में स्विस बैंक (2.2 अरब डॉलर अमेरिका के बराबर) के साथ गुप्त खाते को नियंत्रित किया गया था। अमेरिका 2.2 अरब डॉलर के खाते जून 1988 से पहले से ही अस्तित्व में है।
बंग्लादेश के इस अखबार ने वैसे भी बिलावल भुट्टो और हिना रब्बानी के संबंधों का खुलासा कर दुनिया भर में तहलका मचा दिया है। लोग इस अखबार को असंजे से ज्यादा टीआरपी वाला बता रहे हैं। इस अखबार ने रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी के हवाले से भी सोनिया राहुल और स्व.राजीव गांधी को कटघरे में खड़ा किया है।
इस अखबार ने भारतीय मीडिया पर भी सवालिया निशान लगाए हैं। इसमें इस आशय की कुछ खबरों का तिथिवार भी जिकर किया है जो राजीव सोनिया को कटघरे में खड़ा करती हैं। इसमें कहा गया है कि भारत में 20.80 लाख करोड़ रूपए की लूट की गई है।
इस अखबार ने दुनिया भर के 25 नामी गिरामी और धनाड्य नेताओं की सूची का प्रकाशन किया गया है। इस फेहरिस्त में सबसे उपर साउदी अरब के राजा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज के पास 21 बिलियन डालर, दूसरे स्थान पर बुरनी के सुल्तान हसनल बोल्कीह के पास 20 बिलियन डालर, इसके उपरांत न्यूयार्क के मेयर माईकल ब्लूमबर्ग के पास 18 बिलियन डालर और चौथी पायदान पर भारत गणराज्य के गरीब गुरबों पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी को स्थान दिया गया है।
Link :- http://www.janokti.com/?p=31430
प्रस्तुतकर्ता रामदास सोनी पर 10:14 am

बांग्लादेश में : मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने 11 बौद्ध मंदिरों को जला डाला




ढाका में दंगाइयों ने बौद्ध मंदिरों को जलाया
Sunday, September 30, 2012,





ढाका में दंगाइयों ने बौद्ध मंदिरों को जलाया





http://zeenews.india.com/hindi

दक्षिण -पूर्व बांग्लादेश में फेसबुक के एक पोस्ट से उत्तेजित हजारों प्रदर्शनकारियों ने बौद्ध मंदिरों को जला डाला और आस पड़ोस के इलाकों में लूटपाट की। दंगाइयों ने पोस्ट को इस्लाम का अपमान करने वाला बताया।
    चटगांव के करीब दक्षिण पूर्व के रामू शहर में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को अर्धसैनिक बलों को बुलाना पड़ा जहां मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने 11 बौद्ध मंदिरों को जला डाला और दो अन्य को क्षतिग्रस्त कर दिया। हमलावरों में से कुछ ने आरोप लगाया कि बौद्ध धर्म को मानने वाले किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें इस्लाम का अपमान किया गया।
       प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने बताया कि मध्य रात्रि के बाद हजारों की संख्या में मुस्लिम सड़कों पर उतर आए और मंदिरों और पड़ोस के बौद्ध इलाकों पर हमला किया। डर की वजह से निवासी अपने-अपने घरों में छिप गए। पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी बने एक स्थानीय पत्रकार ने बताया, ‘घंटो चले हमले में उन्होंने 11 बौद्ध मंदिरों को जला डाला और दो अन्य को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने कम से कम 30 बौद्ध घरों में लूटपाट की।’ (एजेंसी)
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लूट-खसोट का नाम है आर्थिक सुधार: ममता बनर्जी











Mamata Banerjee
लूट-खसोट का नाम है आर्थिक सुधार: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पीटीआई | Sep 30, 2012,



कोलकाता।। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आर्थिक सुधार और आम आदमी के नाम पर देश में लूट मची है। तृणमूल कांग्रेस रीटेल सेक्टर में एफडीआई के फैसले के विरोध में एक अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने वाली है। ममता ने कहा कि आर्थिक सुधार का मतलब लोगों के हित से होना चाहिए लेकिन आजकल किसी भी तरह के जनविरोधी कदम का नाम आर्थिक सुधार दिया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दो दिन पहले इन सारी बातों को फेसबुक पर पोस्ट किया है। ममता की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ विचार-विमर्श के बाद कहा था कि आर्थिक सुधार के लिए आगे भी कदम उठाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के लिए जो भी अच्छा होगा हम करेंगे।

गौरतलब है कि 21 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस के कोटे से केंद्र सरकार में शामिल सभी छह मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही पार्टी ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान किया था। ममता बनर्जी, कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की नीतियों से बेहद खफा थीं। उन्होंने सरकार से एफडीआई, डीजल की कीमत में बढ़ोतरी और एलपीजी सिलिंडर से सब्सिडी वापस लेने के फैसले के बाद समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी। तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सौगत राय ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सोमवार को जंतर-मंतर पर धरना देंगे।
 

पाक के लिए जासूसी : दंपति गिरफ्तार

 
Sunday, September 30, 2012
पाक के लिए जासूसी करने वाले दंपति गिरफ्तार, घर से मिले दस्तावेज
अमृतसर/ब्यूरो
au
couple arrested for spying for pakistan

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपी दंपति की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को तरनतारन जिला पुलिस ने दंपति के घर और महिला के ऑफिस पहुंच वहां काफी रिकार्ड खंगाला।

आरोपी महिला सुखप्रीत कौर सेल टैक्स विभाग के जिस सेक्शन में काम करती थी, पुलिस ने उसका रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया है। दूसरी ओर पुलिस ने दंपति को सहयोग करने वाली भगवंतजीत कौर उर्फ हैप्पी की तलाश के लिए छापामारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही सीमांत जिले अमृतसर और तरनतारन में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।

शनिवार को पुलिस ने आरोपी सूरजपाल सिंह और उसकी पत्नी सुखप्रीत कौर के घर थाना भिक्खीविंड के गांव सांदरा में छापामारी करके वहां से काफी रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया। इस रिकार्ड से पुष्टि हुई है कि इस दंपति का संबंध पाकिस्तान के नशीले पदार्थों के मशहूर तस्कर राणा के साथ है।

राणा के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ बताए जाते हैं। सुखप्रीत कौर सेल टैक्स विभाग में अधिकारी है। वह अपने पति और एक अन्य साथी भगवंतजीत कौर के साथ मिल कर सीमांत क्षेत्र में मौजूद बीएसएफ और सेना के मोर्चों, छावनियां, दरियाओं के पुल, सुरक्षा एजेंसियों के अड्डों आदि के नक्शे और अन्य खुफिया रिपोर्टें राणा को भेजती थी। राणा यह सामग्री आईएसआई को देता था।

एजेंटों से कर आई सांठगांठ
राणा के साथ सुखप्रीत कौर के संबंध तब बने जब वह धार्मिक जत्थों के साथ सिख गुरुधामों के दर्शन करने के लिए पाकिस्तान गई थी। वह दो बार वहां गई थी। इस दौरान उसका संपर्क वहां राणा के एजेंटों के साथ हो गया और जासूसी शुरू कर दी। जब भिक्खीविंड थाना पुलिस को इसकी सूचना मिली तो सुखप्रीत कौर और उसके पति सूरजपाल सिंह को दबोच लिया।

सेल टैक्स विभाग के कर्मचारियों से भी होगी पूछताछ
फिलहाल इस दंपति के घर से ऐसे काफी दस्तावेज और सेना के साथ संबंधित रिकार्ड बरामद हुआ है, इससे यह पुष्टि हुई है कि आरोपी पाकिस्तान के जासूसी करते थे। तरनतारन के एसएसपी कमलजीत सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान दंपति ने बहुत सारी बातों का खुलासा किया है। अब उसके विभाग के कुछ कर्मचारियों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। इसके साथ देश की गुप्तचर एजेंसियों ने अब सीमांत क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के पर भी नजर रखने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। शनिवार को कुछ खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने भी अमृतसर जिले के सेल टैक्स विभाग का रिकार्ड खंगाला है।

पूर्वजों के लिए श्रद्धा के भाव का पर्व : श्राद्ध पक्ष







  
 17 दिनों का होगा इस बार श्राद्ध पक्ष
Sat, 29 Sep 2012
जागरण संवाद केंद्र, पानीपत : 


Dainik Jagran Hindi News 
     पूर्वजों के लिए सम्मान व श्रद्धा के भाव का पर्व श्राद्ध पक्ष है। कई सालों के बाद श्राद्ध पक्ष इस बार 17 दिनों का होगा। ज्योतिषियों की मानें तो श्राद्ध पक्ष की तिथि का बढ़ना सुख व सौभाग्यदायी है। शहरवासी शनिवार से पूर्वजों को जलअर्पित करेंगे।
पितृपक्ष में पूर्वजों को जल अर्पित करने की परंपरा वर्षो पुरानी है। पूर्वज जिस तिथि को दिवंगत होते है, पितृपक्ष की उसी तिथि को उनके निमित्त विधि विधान से श्राद्ध कार्य संपन्न करने का रिवाज है। शनिवार को चतुर्दशी तिथि सुबह 8.04 बजे तक रहेगी। घरों में अनंत पूजा भी होगा। उसके बाद भाद्र मास की पूर्णिमा तिथि शुरू होगी। ऐतिहासिक नगरी पानीपत में पितृपक्ष 29 सितंबर से लेकर 15 अक्टूबर तक चलेगा। लंबे अरसे के बाद इसबार 17 दिनों का श्राद्ध पक्ष रहेगा। मध्याह्न (11.30 बजे) से अपराह्न बेला में ही पितरों का श्राद्ध कर सुख समृद्धि की कामना करेंगे। पितृपक्ष की सबसे खास बात यह है तिथि की घट-बढ़ से इस बार 3 अक्टूबर को कोई श्राद्ध नहीं हो सकेगा।

गंगाधाम मंदिर के पुजारी व ज्योतिषाचार्य निरंजन पराशर का कहना है कि ऐतिहासिक नगरी पानीपत के लिए सौभाग्य की बात है कि यमुना नदी निकट में स्थित है। जब सूर्य कन्या राशि में हो तो पितरों का श्राद्ध करना चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक श्राद्ध पक्ष में दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, यज्ञ व भोजन का विशिष्ट महत्व है। श्रद्धापूर्वक पकाए हुए शुद्ध पकवान, दूध दही व घी को प्रेम पूर्वक पितरों को दान करने का नाम ही श्राद्ध है। पितर इससे प्रसन्न होकर मनुष्य को पुत्र, धन, विद्या, आयु, आरोग्य, सुख व मोक्ष प्रदान करते हैं। पितृ दोष से भी छुटकारा मिलता है। पितरों की तृप्ति ब्राह्माण के द्वारा ही होती है। ब्राह्माणों को भोजन, वस्त्र व दक्षिणा देकर ही श्राद्ध संपन्न करें।

श्राद्ध की विधि
श्राद्ध कर्म व पूजा में गंगाजल, दूध, शहद, तिल, जौ व कुश का विशेष महत्व है। तांबे व कांसे के पात्र में श्राद्ध करना उत्तम माना गया है। नदी या तालाब में दक्षिणाभिमुख होकर अंजलि में तिल-जौ मिश्रित जल लेकर नभ की तरफ देखकर पितर को जल अर्पित करना चाहिए। तर्पण अपने घर व तीर्थ स्थान में करना चाहिए। श्राद्ध के दौरान कुश व रेशमी आसन का ही उपयोग करें।

नए कार्य वर्जित
श्राद्ध पखवाड़े के दौरान नए कार्य पूरी तरह से वर्जित रहेंगे। देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा, उदयापन, भूमि, भवन व विवाह सहित कोई भी नया कार्य नहीं हो सकेगा। इसे शुभ नहीं माना जाता है।

इन पदार्थो का उपयोग न करें
श्राद्ध पखवाड़े के दौरान खट्टे पदार्थ का उपयोग पूरी तरह से वर्जित है। इसके अतिरिक्त चना, मसूर दाल, मूली, काली उड़द, लौकी, खीरा व बासी फल का उपयोग न करें। दही न बिलोएं, आटा न पीसे तथा बाल भी न कटवाएं।