शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2012

बलात्कार की घटनाओं से सुप्रीम कोर्ट चिंतित : अभियुक्त को कमजोर आधार पर नहीं छोड़ना चाहिए

सर्वोच्च न्यायलय का स्पस्ट मतलब हे की जहाँ तक अपराधी के ओरधि होने की संभावना हे ..वहां तक उसे बरी नहीं किया जाना चाहिए।।। इसीलिए उसने हाई कोर्ट द्वारा वारी मुलजिम को सजा योग्य माना .....
साक्ष्यों की विवेचना करते समय अदालतों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और
 अभियुक्त को कमजोर आधार पर नहीं छोड़ना चाहिए
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बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से सुप्रीम कोर्ट चिंतित
Friday, October 12, 2012,

नई दिल्ली : हरियाणा सहित देश के विभिन्न स्थानों पर बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से चिंतित सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि इस तरह के घृणित अपराधों में लिप्त अभियुक्तों को बेतुके आधार पर छोड़ा नहीं जाना चाहिए। कोर्ट ने इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में 11 वर्षीय बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने वाले युवक को बरी करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय भी रद्द कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक चिंता बलात्कार के मामलों में वृद्धि और दुनिया में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध को लेकर है। भारत भी इसका अपवाद नहीं है। कोर्ट ने कहा, ‘हालांकि कानून में इस तरह के अपराधियों के प्रति कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन अंतत: कोर्ट को ही यह निर्णय करना है कि ऐसी घटना हुई है या नहीं।’
न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की अपील पर हाईकोर्ट का निर्णय रद्द करते हुए बलात्कारी हत्यारे मुनीष को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में सत्र अदालत ने 15 फरवरी, 2003 को मुनीष को 5 मार्च 2002 को 11 वर्षीय लड़की से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई थी लेकिन हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर, 2003 को उसे बरी कर दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। न्यायाधीशों ने कहा कि इस तरह के मामलों में साक्ष्यों की विवेचना करते समय अदालतों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और अभियुक्त को कमजोर आधार पर नहीं छोड़ना चाहिए। (एजेंसी)
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हरियाणा सहित देश के विभिन्न स्थानों पर बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से चिंतित उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि इस तरह के घृणित अपराधों में लिप्त अभियुक्तों को बेतुके आधार पर छोड़ा नहीं जाना चाहिए।

न्यायालय ने इसके साथ ही उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर जिले में 11 वर्षीय बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने वाले युवक को बरी करने का इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय निरस्त कर दिया।

न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक चिंता बलात्कार के मामलों में वृद्धि और दुनिया में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध को लेकर है। भारत भी इसका अपवाद नहीं है। न्यायालय ने कहा कि हालांकि कानून में इस तरह के अपराधियों के प्रति कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन अंतत: अदालत को ही यह निर्णय करना है कि ऐसी घटना हुई है या नहीं।

न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की खंडपीठ ने उत्तरप्रदेश सरकार की अपील पर उच्च न्यायालय का निर्णय निरस्त करते हुए बलात्कारी हत्यारे मुनीष को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

इस मामले में सत्र अदालत ने 15 फरवरी, 2003 को मुनीष को पांच मार्च 2002 को 11 वर्षीय लड़की से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2003 को उसे बरी कर दिया था। इसके बाद उत्तरप्रदेश सरकार ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी।

न्यायाधीशों ने कहा कि इस तरह के मामलों में साक्ष्यों की विवेचना करते समय अदालतों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और अभियुक्त को कमजोर आधार पर नहीं छोड़ना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने मुनीष को बरी करने के उच्च न्यायालय के निर्णय से असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यह वारदात शाम साढ़े चार बजे हुई थी और इसकी शिकायत उसी दिन रात में 11 बजकर पांच मिनट पर घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर थाने में दर्ज कराई गई।

शिकायत दर्ज कराने में इतना विलंब तो घटना स्थल और थाने के बीच की दूरी तथा हवस की शिकार बच्ची के शरीर को ढंकने और अभियुक्त मुनीष की तलाश के कारण हुआ था। न्यायाधीशों ने कहा, यदि हम इस्तगासा के गवाह द्वारा बनाए संपूर्ण घटनाक्रम पर विचार करें तो इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इसमें किसी प्रकार का अनुचित या अस्पष्ट विलंब हुआ, जो इस्तगासा के मामले की जड़ तक पहुंचता है।

न्यायालय ने कहा कि मेडिकल साक्ष्य से यह सिद्ध होता है कि पीड़ित बच्ची की मृत्यु से पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था और इस्तगासा की कहानी चिकित्सीय साक्ष्य से मेल खाती है, लेकिन दुर्भाग्य से उच्च न्यायालय इस सबूत को महत्व देने में विफल रहा।

न्यायाधीशों ने कहा कि इस मामले में अभियुक्त ने अपनी हवस मिटाने के लिए 11 साल की लड़की के साथ बलात्कार किया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय का विश्लेषण और अंतिम निष्कर्ष इस्तगासा द्वारा पेश स्वीकार्य और विश्वसनीय सामग्री के विपरीत है और इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि अभियुक्त ने पहले बलात्कार का अपराध किया और फिर मृतक की हत्या कर दी।

चूंकि यह वारदात 2002 में हुई थी, इसलिए इस तथ्य के मद्देनजर न्यायालय की राय थी कि अभियुक्त को उम्र कैद की सजा देने की बजाय उसे सश्रम उम्रकैद की सजा देना न्यायसंगत होगा।

न्यायाधीशों ने कहा कि इस तथ्य के मद्देनजर अभियुक्त मुनीष को दो सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में समर्पण करने का निर्देश दिया जाता है। न्यायालय ने कहा कि यदि मुनीष ऐसा करने में विफल रहता है तो सत्र अदालत उसे जेल भेजने के लिए आवश्यक और कारगर कदम उठाएगी। (भाषा)

Lepakshi Shiv Temple

Lepakshi Temple


सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव! सबके स्वामी।
अविकारी, अविनाशी, अज, अन्तर्यामी ॥1॥ हर हर.॥

आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी।
अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी ॥2॥ हर हर.॥

ब्रह्मा, विष्णु महेश्वर, तुम त्रिमूर्तिधारी।
कर्ता, भर्ता, धर्ता तुम ही संहारी ॥3॥ हर हर.॥

रक्षक, भक्षक, प्रेरक, प्रिय, औढरदानी।
साक्षी, परम अकर्ता, कर्ता, अभिमानी ॥4॥ हर हर.॥

मणिमय-भवन निवासी, अति भोगी, रागी.
सदा श्मशान विहारी, योगी वैरागी ॥5॥ हर हर.॥

छाल-कपाल,गरल-गल, मुण्डमाल,व्याली।
चिताभस्मतन, त्रिनयन, अयनमहाकाली ॥6॥ हर हर.॥

प्रेत-पिशाच-सुसेवित, पीतजटाधारी।
विवसन विकट रूपधर रुद्र प्रलयकारी ॥7॥ हर हर.॥

शुभ्र-सौम्य, सुरसरिधर, शशिधर, सुखकारी।
अतिकमनीय, शांतिकर, शिवमुनि-मन-हारी ॥8॥ हर हर.॥

निर्गुण, सगुण, निरंजन, जगमय, नित्य-प्रभो।
कालरूप केवल हर! कालातीत विभो ॥9॥ हर हर.॥

सत्, चित्, आनंद, रसमय, करुणामय धाता।
प्रेम-सुधा-निधि, प्रियतम, अखिल विश्वत्राता ॥10॥ हर हर.॥

हम अतिदीन, दयामय! चरण-शरण दीजै।
सब बिधि निर्मल मति कर अपना कर लीजै ॥11॥ हर हर.॥
PHoto Lapakashi Temple, Andhra Pradesh ,,,


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Lepakshi Temple

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A beautiful village of Andhra Pradesh which is situated in the eastern region of Hindupur is known as Lepakshi. This village is the part of the district of Anantapur in the state. In India this place is famous country wide because of the settlement of numerous ancient temples here. These temples are of great significance and were built in the 16th Century. A large number of religious people visit these temples throughout the year as well as these temples are the centre of attraction for the archeologists and history lovers too.
Andhra Pradesh: Perfect Destination for Making Your Vacations Memorable

The main attraction of this village is the Lepakshi Temple which is built in a very magnificent architectural style of Vijayanagar. This temple is mainly a huge complex where Lord Shiva shrines are present with the shrines of Lord Vishnu and Lord Virabhadra. These religious temples are the examples of the warmness of believing and traditions of ancient rulers. In addition this temple is built in a very interesting architecture and has a large open court which is accessed as a main hall now-a-days. The structure of Nagalinga situated here is one of the largest structures of monolithic present in the country.

In addition the magnificent statue of Lord Ganesha attracts everyone’s attention in the temple. This temple is full of classic ambience with a number of lords paintings and the carvings on the wall. The travelers are quite fascinated by the splendid paintings and flawless carvings of the temple. So plan a trip to this beautiful and historic place. Lepakshi village is situated in the southern region of the state and at a distance of 120 kilometerss from Bangalore. Easy transfers are available from all over India to reach this place. It is well connected by way of road with the whole country, so the visitors will not find any difficulties in reaching this village.