गुरुवार, 14 मार्च 2013

पाकिस्‍तानी संसद में अफजल की फांसी की निंदा







पाकिस्तान की संसद ने अफजल गुरू की फांसी की निंदा करके यह साबित कर दिया कि वह भारत की संसद पर आतंकी हमले में सम्मिलित था। पाकिस्तान का दुस्साहस तो यह किया कि खुले आम भारत के आंतरिक मामले में भी हस्तक्षेप किया। मगर भारत सरकार पर तरस आता है कि वह डरे और दुम दवाये की तरह सिट्टी पिट्टी गुम किये हुये है।

पाकिस्‍तानी संसद में अफजल की फांसी की निंदा

आज तक ब्यूरो | नई दिल्‍ली/इस्लामाबाद, 14 मार्च 2013

पाकिस्तान की संसद ने भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के खिलाफ गुरुवार को प्रस्ताव पारित किया और उसके शव को परिवार के सुपुर्द करने की मांग की.
पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से दो दिन पहले अफजल की फांसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया.

यह प्रस्ताव जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान की ओर से पेश किया गया. इस प्रस्ताव में अफजल को फांसी दिए जाने की निंदा करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में पैदा हुई स्थिति पर चिंता जताई गई है.

पाकिस्तानी संसद के इस सदन ने मांग की है कि अफजल के शव को उसके परिवार के सुपुर्द किया जाए. उसे पिछले महीने दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी. अफजल की फांसी को लेकर जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हुए. पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों ने इसका बदला लेने की धमकी दी थी.

संघ लायगा, बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर प्रस्ताव

                                                 Press Briefing By Man Manmohan ji vaidhay

पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ वैद्य
संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक कल से

बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर लाया जाएगा प्रस्ताव

जयपुर 14 मार्च । बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचार के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव लाया जाएगा। जयपुर के केशव विद्यापीठ जामड़ोली में चल रही बैठक में इस विषय पर चर्चा के बाद रूप रेखा बन चुकी है। यह जानकारी संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ.मनमोहन वैद्य ने गुरूवार को संवाददाताओं को दी।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में हिन्दुओं की स्थिति बहुत दयनीय हो चुकी है उनके अस्सी मंदिरों और आठ सौ घरों को उपद्रवियों द्वारा निशाना बनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भी हिन्दुओं पर अत्याचार बढने के कारण वहां से उनका पलायन हो रहा है। पाक विस्थापित हिन्दू मजबूरी में शरणार्थियों का जीवन जीने को मजबूर है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रामसेतु, गंगा, यमुना में बढ़ रहे प्रदूषण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। डॉ. वैद्य ने देश में हो रहे मतांतरण पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अज्ञानता और गरीबी और समाज की मजबूरी का फायदा उठाकर मंतारण करना गलत है। लेकिन उपासना पद्धति, पंथ अपनी इच्छा से बदलता है तो भारत में इसका विरोध नही रहा है।

डॉ. वैद्य ने बताया कि संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संघ की सर्वोच्च समिति है जो संघ के बारे में नीति निर्धारण कर निर्णय करती है। इसमें संघ के 41 प्रांतो के प्रांत प्रचारक, प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह, प्रमुख पदाधिकारी, विभाग प्रचारक और संघ के विविध संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों के अलावा पूरे देश से निर्वाचित 425 प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि आज अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक हुई इसमें करीब 350 प्रतिनिधियों से भाग लिया। इसमें देशभर में संघ और विविध संगठनों के कार्यक्रमों का वृत्त प्रांत प्रतिनिधियों द्वारा रखा जाएगा। वहीं आगामी कार्यक्रम और प्रवास की योजना पर भी चर्चा हुई। ग्रीष्मावकाश के समय देशभर में चलने वाले संघ प्रशिक्षण वर्गो के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि देश में ऐसे 70 वर्ग आयोजित होंगे। हिन्दु / भगवा आतंकवाद पर केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनका बयान राजनीति से प्रेरित था।