सोमवार, 18 मार्च 2013

कांग्रेस राज में कानून-व्यवस्था चौपट : वसुंधरा राजे




कांग्रेस राज में कानून-व्यवस्था चौपट : वसुंधरा
विसं.जयपुर।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कहा कि असम में रह रहे मारवाडिय़ों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है। मारवाडिय़ों की सुरक्षा के लिए वे हर लड़ाई लडऩे के लिए तैयार है। राजे विप्र फाउण्डेशन (असम) के तत्वाधान में वृहतर मारवाड़ी समाज की ओर से गुवाहाटी में उनके सम्मान में हुई सभा में बोल रही थीं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों को आगामी चुनावों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए न्यौते के रूप में पीले चावल भी दिए।
राजे ने वहां सभा में कहा कि राजस्थान में भी स्थितियां अच्छी नहीं है, वहां भी विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति चौपट हो गई है। भाजपा शासन में राजस्थान देश के पांच विकसित प्रदेशों में गिना जाने लगा था। अब वह गिरकर 16वें स्थान पर आ गया है। आधुनिक राजस्थान बनाना है तो दिसम्बर में होने वाले महासंग्राम में प्रवासी राजस्थानियों की भागीदारी भी जरूरी है। अपनी इस बहन और बेटी के खातिर भाजपा की राजस्थान में सरकार बनवाएं। राजे का प्रवासी राजस्थानियों ने गुवाहाटी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। विप्र फाउण्डेशन के रतन शर्मा, सुशील ओझा ने राजे को असम की झांपी भेंट की। इस कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया, विधायक किरण माहेश्वरी, बंशीधर बाजिया, पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजोर सहित कई नेता मौजूद थे।


बांग्लादेश के हिन्दू भी इंसान है...




बांग्लादेश के हिन्दू भी इंसान ही तो है
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सुधीर मौर्य 'सुधीर'
 सन 1971 में पूर्वी बंगाल को पकिस्तान के आत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए वहां के हिन्दुओ ने स्फूर्तिदायक स्वतंत्रता युद्ध लड़ा, आजदी मिली पर उन पर होते आत्याचार आज भी कम न हुए।
बंगला देश के उसी स्वतंत्रता संग्राम में कट्टरपंथी दिलावर हुसैन सईदी ने हिन्दुओ को लक्ष्य करके उनकी स्त्रियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और करवाया। वो जमाते इस्लामी का नेता है। पिछली 28 फ़रवरी को उसे 1971 में नरसंहार और दुष्कर्म करने के अपराध में फासी की सज़ा सुनाई गई। बस उसके बाद लगभग साडे पंद्रह करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश जिसमे दस फीसदी हिन्दू रहते हैं उन पर मुस्लिम कट्टरपंथी टूट पड़े। न जाने कितने हिन्दुओ को मौत की घाट उतार दिया गया, उनकी लडकियों के साथ बलात्कार किया गया। न जाने कितने देवालय और मंदिर तोड़ दिए गये, जला दिए गए।
ये वही जमाते इस्लामी के राक्षस है जिन पर पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर साजिश रचने के आरोप हैं। ख़ैर पकिस्तान के बारे में तो बात करना ही बेकार है वहाँ रह रहे ( बचे हुए एक या डेड़ पर्तिशत) उनकी हालत तो और भी बदतर है। पर भारत सरकार भी अपने पडोसी देशो में हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचार पर खामोश है, ये बहुत दुःख की बात है।
हम जब तक खामोश रहेंगे पकिस्तान और बांग्लादेश में इंसानियत का क़त्ल होता रहेगा। भारत को अपनी ख़ामोशी तोडनी होगी और अमेरिका की तरह पकिस्तान में घुस कर ओसामा जैसे लोगो को सबक सिखाना होगा।



हिन्दू गान - सुधीर मौर्य 'सुधीर'
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आओ मिलके गाये उन हिन्दुओ की आरती
अभिमान जिनपे करती है अपनी माँ भारती

तक रहा वो हिन्द था पर्शिया को जीत के
अभिमान चूर कर दिया चाणक्य, चन्द्रगुप्त ने
चीन भी थर्राता था उस बर्बरी जाति से
हूणों को विजित किया यूवराज स्कंदगुप्त ने
शत्रुओं की फौज के पाव को उखाड्ती

आओ मिलके याद करे वीर राजा दाहर की
मुक्तपीड और बाप्पा जैसे नाहर की
मेवाड़ के रानाओ तुम्हारे चरणों की वन्दना
सांगा, उदय, प्रताप, अमरसिंह की गर्जना
जौहर में कूदती पद्मनी और मालती

आओ मिलके गाये उन हिन्दुओ की आरती
अभिमान जिनपे करती है अपनी माँ भारती

सुधीर मौर्य 'सुधीर'
गंज जलालाबाद, उन्नाव
209869

पाकिस्तान और बंगलादेश,वहाँ के हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें- संघ







सर कार्यवाह माननीय सुरेश जी जोशी 'भैय्या जी जोशी' पत्रकारों से बात करते हुए
जयपुर 17 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश  जोशी  (भैय्या जी जोशी ) ने रविवार को जयपुर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश  की सीमा क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा बर्बरता का परिचय देना, प्रति रक्षा सौदों पर प्रष्न चिह्न लगना,  महिला उत्पीडन की वेदनादायक घटनाएं आदि से देश में जो परिस्थितियां बनी है वे संघ के साथ ही समस्त देश भक्तों के लिए चिंता का विषय है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने सभी विषयों पर चर्चा कर प्रस्ताव और व्यक्तव्य के माध्यम से समाज के सामने यह विषय लाने का प्रयास किया है।
 उन्होंने अखिल भारतीय प्रतिनिधि में तीन दिन तक चले मंथन के बारे में मीडिया को बताया कि पाकिस्तान और बंगलादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अन्तहीन अत्याचारों के परिणामस्वरूप वे लगातार बड़ी संख्या में शरणार्थी बनकर भारत में आ रहे हैं। यह बहुत ही लज्जा एवम् दुःख का विषय है कि इन असहाय हिन्दुओं को अपने अपने मूल स्थान और भारत दोनों में ही अत्यंत दयनीय जीवन बिताने को विवश होना पड़ रहा है।
बंगलादेश के बौद्धों सहित समस्त हिन्दुओं एवं उनके पूजास्थलों पर वहाँ की हिंदु और भारत विरोधी कुख्यात जमाते इस्लामी सहित विभिन्न कट्टरपंथी संगठनों द्वारा हाल ही में किये गए हमलों की तीव्र निंदा की गई। पाकिस्तान के हिंदु सुरक्षा, सम्मान और मानवाधिकारों से वंचित निम्न स्तर का जीवन बिता रहे हैं। सिक्खों सहित समस्त हिन्दुओं पर नित्य हमले आम बात है। बलपूर्वक मतान्तरण, अपहरण, बलात्कार, जबरन विवाह, हत्या और धर्मस्थलों को विनष्ट करना वहाँ के हिन्दुओं के प्रतिदिन के उत्पीडि़त, जीवन का भाग हो गये हैं। पाकिस्तान की कोई भी संवैधानिक संस्था उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आती है। परिणामस्वरूप पाकिस्तान के हिंदु भी पलायन कर भारत में शरण मांगने को विवश हो रहे हैं। 1950 के नेहरु-लियाकत समझौते में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों देशों में अल्पसंख्यकों को पूर्ण सुरक्षा और नागरिकता के अधिकार प्रदान किये जायेंगे। भारत में हर संवैधानिक प्रावधान का उपयोग तथाकथित अल्पसंख्यकों को न केवल सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया गया अपितु उनको तुष्टिकरण की सीमा तक जानेवाले विशेष प्रावधान भी दिए गए। वे आज भारत में जनसांख्यिकी, आर्थिक, शैक्षिक, और सामाजिक सभी दृष्टि से सुस्थापित हैं। इसके विपरीत, पाकिस्तान और बंगलादेश के हिंदु लगातार उत्पीडन के परिणामस्वरूप घटती जनसंख्या, असीम गरीबी, मानवाधिकारों के हनन और विस्थापन की समस्याओं से ग्रस्त है। पूर्व और पश्चिम पाकिस्तान में विभाजन के समय हिन्दुओं की जनसंख्या क्रमशः 28 प्रतिशत और 11प्रतिशत थी तथा खंडित भारत में 8प्रतिशत मुस्लिम थे। आज जब भारत की मुस्लिम आबादी 14प्रतिशत तक बढ़ गयी है वहीं बंगलादेश में हिंदु घटकर 10प्रतिशत से कम रह गए है और पाकिस्तान में वे 2 प्रतिशत से भी कम है।
इस हृदय विदारक दृश्य को देखते हुए भारत सरकार से यह अनुरोध करती है कि इन दोनों देशों में रहनेवाले हिन्दुओं के प्रश्न पर नए दृष्टिकोण से देखे, क्योंकि उनकी स्थिति अन्य देशों में रहनेवाले हिन्दुओं से पूर्णतया अलग है। इसी के साथ मांग की गई है कि बंगलादेश और पाकिस्तान की सरकारों पर वहाँ के हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाए, राष्ट्रीय शरणार्थी एवं पुनर्वास नीति बनाकर इन दोनों देशों से आनेवाले हिन्दुओं के सम्मानजनक जीवन यापन की व्यवस्था भारत में तब तक करें जब तक कि उनकी सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी की स्थिति नहीं बनती, बंगलादेश और पाकिस्तान से विस्थापित होनेवाले हिन्दुओं के लिए दोनों देशों से उचित क्षतिपूर्ति की मांग करे, संयुक्त राष्ट्र संघ के शरणार्थी तथा मानवाधिकार से सम्बंधित संस्थाओं ख्न्छभ्ब्त्ए न्छभ्त्ब्, से यह मांग करे कि हिन्दुओं व अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व सम्मान की रक्षा के लिए वे अपनी भूमिका का निर्वाह करें। 
महिला उत्पीडन और सरकार द्वारा सेक्स की आयु घटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में  प्राचीन काल से ही महिलाएं श्रद्धा और आदर का केन्द्र रही है। वर्तमान परिस्थितियों में  महिलाओं की सामाजिक भूमिका पर समाज जागरण की आवश्यकता है। इसके लिए परिवार और समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना अत्यन्त आवश्यक है। सेक्स की आयु घटाने के जवाब में उन्होंने कहा कि यह देश के लिए ठीक नही है और संघ इसका विरोध करता है।