रविवार, 7 अप्रैल 2013

गांधीजी ने की हिंदी की वकालत







गांधीजी ने की हिंदी की वकालत
सन १९१७ की घटना है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन कलकत्ता में हुआ। उसी के साथ राष्ट्रभाषा सम्मेलन भी किया गया। इस सम्मेलन के सभापति थे लोकमान्य तिलक। गांधीजीए सरोजिनी नायडू सहित अनेक बड़े नेता इसमें हिस्सा ले रहे थे। गांधीजी को छोड़कर सभी लोगों ने अंग्रेजी में अपने विचार प्रकट किए। सभापति तिलकने भी अपना भाषण अंग्रेजी में दिया। गांधीजी को यह अच्छा नहीं लगा। वे राष्ट्रभाषा हिंदी के बहुत बड़े पैरोकार थे। उन्होंने अपने भाषण में इस बात पर आपत्ति जताते हुए कहा. श्लोकमान्य तिलक इस सम्मेलन के सभापति होने के साथ बहुत बड़े नेता हैं। यदि राष्ट्रभाषा सम्मेलन का सभापति ही विदेशी भाषा में विचार अभिव्यक्त करे तो यह कैसा राष्ट्रभाषा सम्मेलनघ्श् उनकी बात सुनकर तिलक ने अंग्रेजी में कहा. श्आपका कहना उचित हैए किंतु यह मेरी विवशता है कि मैं हिंदी नहीं जानता।श् तब गांधीजी बोले. श्आप मराठी तो जानते हैं। संस्कृत भाषा के भी जानकार हैं। ये हमारे देश की भाषाएं हैं।श् गांधीजी की बातों ने सभी अंग्रेजी वक्ताओं को भूल का अहसास करा दिया। शाम को जब तिलक का भाषण हुआए तो वे हिंदी में ही बोले। उन्होंने कहा. श्आज मैं पहली बार हिंदी में बोल रहा हूं। मेरी भाषा में कई त्रुटियां होंगीए इसके लिए आप मुझे क्षमा करेंए किंतु मैं गांधीजी की इस बात से सहमत हूं कि हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी है और हमें अपना काम हिंदी में ही करना चाहिए।श् यह प्रसंग उन लोगों के लिए सबक हैए जो अंग्रेजी को हिंदी पर वरीयता देते हुए हिंदी भाषियों को हिकारत की निगाह से देखते हैं। निहितार्थ यह है कि विभिन्न भाषाओं का ज्ञान रखना बहुत अच्छी बात हैए किंतु हमारी राष्ट्रभाषा सर्वोपरि होनी चाहिए।

सिर्फ भाजपा है आम जनता की पार्टी




बहुत से लोग समझते हैं या फिर कहते हैं की हम भाजपा के आदमी हैं ,
सिर्फ भाजपा  है आम जनता  की पार्टी है और उसने हमें कुछ ना कुछ जरुर दिया है .
तो आज मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह स्वीकार करता हूँ की
हाँ भाजपा ने हमे  बहुत कुछ दिया है |


१ . भाजपा ही है जिसने हमें विकास क्या होता है करके दिखाया |
२ . भाजपा ही है जिसने दूरसंचार में क्रांति लाई थी |
३. भाजपा ही है जिसने परमाणु परिक्षण करके दिखा दिया की हम किसी से कम नही |
४. अटल जी ही थे जिन्होंने 12 एम्स अस्पताल बनवाने की शुरवात की थी |पहले सिर्फ एक था |
५. भाजपा ही थी जिसने इसरो में “चंद्रयान” की नीव रखवाई थी |
६. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बी सी खंडूरी जी थे जिन्होंने विश्व का सबसे कम खर्च (मात्र 15000 रु०) में M.B.B.S. करवाने वाला कालेज उत्तराखंड के श्रीनगर में खोला है जिसमे गरीब लड़के भी आसानी से डॉ. बन सकते हैं |
७ . वो भाजपा का ही शाशन था जिसने देस में सबसे अच्छी और मजबूत सड़के बनवाई हैं .|
८. आज जिस मेट्रो पर दिल्ली को नाज है वो अटल जी की ही सोच का परिणाम है |
९. गुजरात में 24 – 24 घंटे बिजली दी है |
१०. मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान जी ने एक पिछड़े राज्य को आज अग्रम पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया है, किसानों के लिए आवश्यक पानी और बिजली दी है |
११. भाजपा ही है जिसने शहीद सैनिकों के शवों को राजकीय सम्मान के साथ उनके घर तक पहुँचाया |
१२. गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर जी एक साधारण तौर तरीके से अपना शासन चलाते हैं |आज सच्चाई और ईमानदारी के प्रतिक हैं |
१३ . भाजपा शासित राज्य ही हैं जो आज विकास की दौड में सबसे आगे हैं , कांग्रेस शासित राज्य कहीं भी नजर नही आते |
१४. भाजपा का ही शाशन था जिसमे देस की अर्थव्यवस्था सबसे मजबूत थी |
१५. भाजपा शाषित राज्य में ही माताये - बहने सबसे सुरक्षित हैं | उन्हें सभी स्थानों पर सामान स्थान और सम्मान मिला है |
१६ . सब लोग गुजरात दंगों की बात करते हैं मगर ये देखते की उसके बाद गुजरात में कोई दंगा नही हुआ , क्राईम वहाँ पर सबसे कम है .और आज सबसे ज्यादा विकसित राज्यों में से एक है |

गिनाने को तो बहुत सी उपलब्धियां हैं मित्रों मगर ये प्रमुख हैं , दोष निकालने वालों का काम तो बस दोष निकलना ही है , दोष निकालने वालों ने तो श्री राम जी और सीता माता पर दोष भी निकाल दिया था फिर हम तो मनुष्य मात्र हैं | अब इतना सब कुछ देने वाली पार्टी का गुणगान भी न करें ,हाँ दो - चार कमियां सबमे होती है सर्व गुण सम्म्पन कोई नही होता , बस इसीलिए हम भाजपा का समर्थन करते हैं ... करते रहेंगे ....
देस बचाना है .... फिर भाजपा को लाना है ....
जय हिंद ... वन्देमातरम ...