शनिवार, 27 अप्रैल 2013

अफजल गुरु की फांसी के बदले में सबरजीत पर जान लेवा हमला





विपक्ष इस मामले मे राजनीति कर रहा है. सीमा पर सैनिक का सिर् कटा जाई तब भी बोलने पर विपक्ष राजनीति करता है, युध बंदियों के शव पर यातनाओं के इतने निशान थे तब भी बोलने पर विपक्ष राजनीति करता है, देश की जनता की दौलत लूटने वालों के खिलाफ बोलने तो विपक्ष राजनीति करता है, आतंकवादी हमले मे सरकार की नाकामी पर बोलने पर भी विपक्ष राजनीति करता है. देश मे करोरों टन अनाज सढ जाने पर भी विपाकश राजनीति करता है. सीबी आइ के दुपयोग पर बोलने पर भी विपक्ष राजनीति कर रहा है का इल्जाम लगता है , रोज़ बलात्कार होने पर घटना की निन्दा करते हुए अगर किसी भी पार्टी का नेता पुलिस तंत्र की नाकामी की भी बात करे तो राजनीति कर रहा है.. मेरे ख्याल से कांग्रेस की सरकार को एक कानून पास कर देना चाहिये कि हर पार्टी को सरकार के हर कदम हर पॉलिसी का समर्थन करना जरूरी है, अगर किसी ने भी उसके खिलाफ बोला तो आपराधिक कृत्य माना जायेगा और देशद्रोह की सजा मिलेगी.

अफजल गुरु की फांसी के बदले में सबरजीत पर जान लेवा हमला 

सरबजीत की हालत नाजुक, ISI ने कराया हमला ? 

पाक जेल में सरबजीत सिंह पर कैदियों ने किया हमला
नवभारतटाइम्स.कॉम | Apr 27, 2013, 02.24PM IST
लाहौर।। पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में हमले में घायल भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की हालत बेहद नाजुक है। अगले 24 घंटे सरबजीत के लिए बेहद अहम हैं। लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराए गए सरबजीत को वेंटिलेटर पर रखा गया है। सरबजीत डीप कोमा में हैं और हालत स्थिर होने तक किसी तरह की सर्जरी नहीं की जा सकती है।

सरबजीत पह हमला ISI की साजिश?
सरबजीत पर कैदियों ने हमला किया या यह आईएसआई ने करवाया? पाकिस्तान की जेल में सरबजीत पर हुए हमले में साजिश की बू आ रही है। सरबजीत सिंह की जान को जेल में खतरे के बारे में इंटेलिजेंस ब्यूरो और रॉ की रिपोर्ट के बाद भारत सरकार ने पाक सरकार को आगाह किया था, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने कोई कदम नहीं उठाए। पाकिस्तान की कोट लखपत जेल से छूटे सुरजीत सिंह ने भी सरबजीत पर हमले की पीछे साजिश की आशंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जेल में कैदियों के बीच भाईचारा रहता है, इसलिए कोई कैदी हमला नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरबजीत को खत्म करने के लिए यह साजिश रची गई होगी। कोट लखपत जेल में मारे गए चमेल सिंह के बेटे दीपक सिंह ने भी सरबजीत पर हमले की पीछे साजिश की आशंका जाहिर की है।

बहन सदमे में, तबीयत बिगड़ी
सरबजीत पर हमले की खबर से उनकी बहन दलबीर कौर और बेटियां सदमे में हैं। शनिवार को दलबीर की तबीयत बिगड़ गई। दलबीर को बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत पर डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। दलबीर का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। दलबीर कौर ने पाकिस्तान में अपने भाई से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से गुजारिश की है कि वह सरबजीत से मिलने के लिए उन्हें वीजा दे। उधर, सरबजीत की सलामती के लिए देशभर में पूजा और इबादत का दौर जारी है।

सरबजीत को देखने पहुंचे भारतीय अधिकारी
भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी देर रात जिन्ना हॉस्पिटल के आईसीयू में सरबजीत को देखने पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर स्थित जिन्ना हॉस्पिटल के आईसीयू में रात दो बजे सरबजीत को देखने पहुंचे। सरबजीत की देखभाल कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि वह वेंटिलेटर पर कोमा में हैं और उन्हें आईवी ड्रिप दी जा रही है।

जेल के दो अधिकारी सस्पेंड, हमलावर कैदियों की पहचान
सरबजीत पर हमले का मामला गर्माने पर पाकिस्तान ने कोट लखपत जेल के असिस्टेंड सुपरिंटेंडेंट और जेल वॉर्डन को सस्पेंड कर दिया है। जियो न्यूज के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक, सरबजीत पर जेल के दो कैदियों ने हमला किया और उनकी पहचान कर ली गई है। हमला करने वाले कैदियों के नाम मुदस्सर और आमेर आफताब बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले आमेर का सरबजीत से झगड़ा हुआ था।



ईंट और ब्लेड से किया हमला
कैदियों ने सरबजीत सिंह पर ईंटों और ब्लेड से हमला किया और उनकी जमकर पिटाई की। पिटाई में सरबजीत बुरी तरह घायल हो गए। उनके सिर में काफी चोट लगी है। सरबजीत पर हमला करने वाले दोनों कैदी मौत की सजा पाए हुए हैं। दोनों कैदियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हमले की वजह का पता लगाया जा सके।

वेंटिलेटर पर सरबजीत सिंह
कैदियों के हमले में घायल सरबजीत को गंभीर हालत में लाहौर के जिन्ना अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों ने सरबजीत की हालत बेहद नाजुक बताई है। इस घटना की सूचना मिलते ही भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों को लाहौर भेजा गया। जेल अधिकारियों ने सरबजीत पर हमले के मामले में फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जेल में सरबजीत को अलग वॉर्ड में रखा जाता था। यह घटना लंच टाइम में हुई, जब उन्हें दूसरे वॉर्ड में शिफ्ट किया जा रहा था।

सरबजीत की बेटी की आत्मदाह की धमकी
भारत में सरबजीत सिंह के गांव में उनकी सलामती के लिए दुआ की जा रही है। सरबजीत की बेटी ने आत्मदाह की धमकी देते हुए भारत सरकार से इस मामले में कड़े कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस मामले में सही कदम नहीं उठाए तो वह आत्मदाह कर लेंगी। सरबजीत की बेटी ने बताया कि उन्हें न्यूज चैनल से हमले के बारे में पता लगा और उसके बाद उन्हें पाकिस्तान से फोन पर भी इस घटना की जानकारी दी गई।

सरबजीत की बहन के संगीन आरोप
सरबजीत सिंह की बहन ने शुक्रवार को कहा कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के बाद से उनके भाई की जान को पाकिस्तान में लगातार खतरा बना हुआ था और हमले की आशंका को लेकर उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने 2 दिन पहले ही भारत सरकार को सरबजीत के खिलाफ साजिश की जानकारी दी थी। पाकिस्तान के जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने भी साजिश की आशंका जताई।

सियासी पार्टियों ने की हमले की निंदा
कांग्रेस और बीजेपी समेत सभी पार्टियों ने सरबजीत पर हमले की कड़ी निंदा की। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि अगर पाक सरकार जेल के भीतर भारतीय कैदियों को सुरक्षा देने में नाकाम है तो इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। बीजेपी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जेल के भीतर सरबजीत को जान से मारने की कोशिश से साफ हो गया कि पाकिस्तान एक आतंकवादी राष्ट्र है। वीएचपी ने भी सरबजीत सिंह पर जेल के भीतर हुए हमले की निंदा की। वीएचपी ने भारत सरकार से इस मामले पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की।

सरबजीत पर क्या है आरोप?
49 साल के सरबजीत को 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए बम धमाके में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस धमाके में 14 लोगों की जान गई थी। गिरफ्तारी के बाद सरबजीत को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी। बाद में सरबजीत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की, जिस पर अब तक कोई फैसला नहीं किया गया है। हालांकि, भारत इस मामले को गलत पहचान का मामला बताता है।


मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी


पाकिस्तान की जेल में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर हुए हमले को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को अपने नागरिकों के जीवन की कोई चिंता नहीं है।