सोमवार, 5 अगस्त 2013

पुष्टिमार्ग : श्री कृष्ण शरणम ममः



श्री कृष्ण शरणम ममः
॥ जय श्री कृष्णा ॥

भगवान श्री कृष्ण परमब्रह्म पुरुषोत्तम हैं, उनकी अनन्यभाव से भक्ति करने वाले जीवों का सर्व विधि कल्याण है।

शुद्धाद्वैत सम्प्रदाय एवं पुष्टिमार्ग में शरण, समर्पण और सेवा का क्रम निश्चित किया गया है, जिनमें नवधा भक्ति का समावेश हो जाता है इसलिए हमारे आचार्य श्री के उपदेशानुसार प्रथम प्रभु की शरण में जाने का आदेश है। जीव प्रभु का अंश है, प्रभु से वियोग होने के कारण वह विविध दोष तथा दुःखों से युक्त हो रहा है। आचार्य श्री ने समस्त दोषों तथा दुःखों की निवृत्ति के लिये एवं निर्दोष बनने के लिये तथा आत्यन्तिक सुख प्राप्ति के लिये भगवान श्री कृष्ण की शरण में जाने की शिक्षा तथा दीक्षा दी है। इसी दीक्षा के अवसर पर आचार्य श्री ने शरण भावना प्रधान अष्टाक्षर महामन्त्र का उपदेश देकर सदैव शरण भावना रखने की शिक्षा दी है।

जीव के दोष मात्र का कारण उसका अहंकार तथा अभिमान है। इस अहंकार का उदय न हो तथा दीनताभाव सदैव सुदृढ रहे इसके लिये “श्री कृष्ण शरणम ममः” अर्थात मेरे लिये श्री कृष्ण ही शरण हैं, रक्षक हैं, आश्रय हैं – वही मेरे लिये सर्वस्व हैं। मैं दास हूं, प्रभु मेरे स्वामी हैं और मैं आपकी शरण में हूँ। इस भावना से दीनता बनी रहती है, तथा अहंकार का उदय नही होता ।

***********************************************************

धन अकिंचन का श्री कृष्ण शरणम ममः।
लक्ष्य जीवन का श्री कृष्ण शरणम ममः।

दीन दुःखियों का, निर्बल जनों का सदा, दृढ सहारा है श्री कृष्ण शरणम ममः।
वैष्णवों का हितैषी, सदन शांति का, प्राण प्यारा है श्री कृष्ण शरणम ममः।

काटने के लिये मोह जंजाल को, तेज तलवार श्री कृष्ण शरणम ममः।
नाम ही मंत्र है मंत्र ही नाम है, है महामंत्र श्री कृष्ण शरणम ममः।

छूट जाते है साधन सभी अंत में, साथ रहता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
साथी दुनिया में कोई किसी का नही, सच्चा साथी है श्री कृष्ण शरणम ममः।

तरना चाहो जो संसार सागर से तो, पार कर देगा श्री कृष्ण शरणम ममः।
शत्रु हारेंगे होगी विजय आपकी , याद रखना है श्री कृष्ण शरणम ममः।

सुख मिलेगा सफलता स्वयं आयेगी, तुम जपो नित्य श्री कृष्ण शरणम ममः।
पूरे होंगे मनोरथ सभी सर्वदा, जो न भूलोगे श्री कृष्ण शरणम ममः।

दीनबंधु कृपासिंधु गोविन्द के, प्रेम का सिंधु श्री कृष्ण शरणम ममः।
दुःख दारिद्र दुर्भाग्य को मेट कर, देता सौभाग्य श्री कृष्ण शरणम ममः।

ब्रह्मा-विष्णु-महेश भी प्रेम से, नित्य जपते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।
शेष सनकादि नारद विषारद सभी , रट लगाते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।

मंत्र जितने भी दुनिया में विख्यात हैं, मूल सबका है श्री कृष्ण शरणम ममः।
पानो चाहो जो सिद्धि अनायास है, वे जपें नित्य श्री कृष्ण शरणम ममः।

भक्त दुनिया में जितने हुए आजतक, सबका आधार श्री कृष्ण शरणम ममः।
लट्टुओं की तरह विश्व के जीव हैं, काम विद्युत का श्री कृष्ण शरणम ममः।

दुष्ट राक्षस डराने लगे जिस समय, बोले प्रहलाद श्री कृष्ण शरणम ममः।
राणा बोले कि रक्षक तेरा कौन है, मीरा बोली कि श्री कृष्ण शरणम ममः।

बोलो श्रद्धा से, विश्वास से, प्रेम से, कृष्ण श्री कृष्ण श्री कृष्ण शरणम ममः।
प्राणवल्लभ के वल्लभ हैं वल्लभ प्रभु, उनका वल्लभ है श्री कृष्ण शरणम ममः।

दुख मिटाता है देकर सहारा सदा, सुख बढाता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
धाम आनंद का, नाम गोविन्द का, सिंधु रस का है श्री कृष्ण शरणम ममः।

जग में आनन्द अक्षय अचल संपदा, नित्य देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
पांडवों की विजय क्यों हुई युद्ध में, उसका कारण है श्री कृष्ण शरणम ममः।

द्रौपदी का सहारा यही एक था, नित्य जपती थी श्री कृष्ण शरणम ममः।
ब्रज के गोपों का गोपीजनों का सदा, एक आश्रय था श्री कृष्ण शरणम ममः।

वल्लभाचार्य का विट्ठलाधीश का, मूल साधन था श्री कृष्ण शरणम ममः।
पुष्टीमार्गीय वैष्णव जनों के लिये, प्राणजीवन है श्री कृष्ण शरणम ममः।

लाभ लौकिक-अलौकिक विविध भांति के, सबसे बढकर है श्री कृष्ण शरणम ममः।
क्षीण हो जाते हैं पुण्य सब भांति के, किंतु अक्षय है श्री कृष्ण शरणम ममः।

काम सुधरेंगे सब लोक परलोक के, तुम जपोगे जो श्री कृष्ण शरणम ममः।
बल है निर्बल का, निर्धन का धन है यही, गुन है निर्गुण का श्री कृष्ण शरणम ममः।

यह असम्भव को संभव बनाता सदा, शक्तिशाली है श्री कृष्ण शरणम ममः।
कोई अन्तर नही नाम में रूप में, है स्वयं कृष्ण श्री कृष्ण शरणम ममः।

जिनको विश्वास नही वे भटकते रहें, हम तो जपते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।
खिन्नता , हीनता और पराधीनता, सब मिटाता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

भाग जाता है भय, होता निर्भय हृदय, याद आते ही श्री कृष्ण शरणम ममः।
दूर रखता है दुःसंग से सर्वदा, देता सत्संग श्री कृष्ण शरणम ममः।

रंग अद्भुत चढाता है सत्संग का, संग रहता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
कृष्ण का प्यार, पीयूष की धार है, शास्त्र का सार श्री कृष्ण शरणम ममः।

काम को, क्रोध को, मोह को, लोभ को , नष्ट करता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
मेट दुख-द्वन्द, भव-फन्द छल-छंद सब, देता आनन्द श्री कृष्ण शरणम ममः।

पाप का, ताप का, क्लेश का, द्वेष का, नाश करता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
ज्ञान ध्यानादि से, योग यज्ञादि से , सबसे बढकर है श्री कृष्ण शरणम ममः।

है अहोभाग्य उसके जिसे अन्त में, याद आता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
धन्य है भक्त वह जिसके मन में सदा, वास करता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

कृष्ण बसते हृदय में उसी भक्त के, जो भी जपता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
छूट जाते हैं धन-जन-भवन एक दिन, साथ जाता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

बस जरूरत है श्रद्धा की, विश्वास की, कल्पतरु ही हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।
चलते फिरते जपो या जपो बैठकर, है सफल मंत्र श्री कृष्ण शरणम ममः।

चाहे अन्दर जपो, चाहे बाहर जपो,अंतर्यामी है श्री कृष्ण शरणम ममः।
आज तक जो किये हैं सुकृत आपने, फल हे उनका श्री कृष्ण शरणम ममः।

थक गये हैं जो जग में भटक कर उन्हे, देता विश्राम श्री कृष्ण शरणम ममः।
जग में जितने भी साधन हैं छोटे बडे, सबका स्वामी है श्री कृष्ण शरणम ममः।

जाना चाहो जो लीला में श्री कृष्ण की, तो जपो नित्य श्री कृष्ण शरणम ममः।
शुद्धि करनी हो जीवन की, मन की तुम्हे, तो जपो नित्य श्री कृष्ण शरणम ममः।

गेय श्रद्धेय है ये अनुपमेय है, है स्वयं श्रेय श्री कृष्ण शरणम ममः।
मन की ममता अहंता अभी मेट कर, समता देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

कृष्ण होते प्रकट अपने जन के निकट, नित्य रटते जो श्री कृष्ण शरणम ममः।
दुनिया झुकती है चरणों में उनके सदा, नित्य जपते जो श्री कृष्ण शरणम ममः।

शुद्धि करता है अन्तःकरण की सदा, बुद्धि देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
भ्रांति हरता है सिद्धांत के ज्ञान से, क्रांतिकारी है श्री कृष्ण शरणम ममः।

भक्ति का ज्ञान का और वैराग्य का, भाव भरता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
बन्द आँखों को सत्संग के ज्ञान से, खोल देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

दो सो बावन ओ चौरासी वैष्णव सभी, नित्य जपते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।
पुष्टिमार्गीय वैष्णव करोडों हैं जो, नित्य जपते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।

सेवा उत्तम है सब में सदा मानसी, श्रेष्ठ सुमिरन है श्री कृष्ण शरणम ममः।
कोई झंझट नही कोई खटपट नही, सीधा सादा है श्री कृष्ण शरणम ममः।

चस्का लग जाये रस का तो कहना ही क्या, अपने बस का है श्री कृष्ण शरणम ममः।
कृष्ण के प्रेम का, नेम का, क्षेम का, केन्द्र सबका है श्री कृष्ण शरणम ममः।

अपने गौरव तराजू में साधन सभी, तोल देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
ज्ञान का, ध्यान का, मान सम्मान का, दान देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

मानसी सिद्ध करता है सद्भाव की, वृष्टि करता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
ब्रह्म साकार भी है निराकार भी, सिद्ध करता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

मर्म समझाता है वेद के भेद का, खेद हरता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
सच्चे वैष्णव की ये मुख्य पहचान है, नित्य जपता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

वृद्धि करता है आयुष्य आरोग्य की, यह रसायन है श्री कृष्ण शरणम ममः।
मेट देता है भ्रम और संशय सभी, सिद्ध सदगुरु है श्री कृष्ण शरणम ममः।

बीज दुनिया में होता है हर चीज जा, भक्ति का बीज श्री कृष्ण शरणम ममः।
चारों युग में और चौदह भुवन में सदा, सर्व व्यापक है श्री कृष्ण शरणम ममः।

मन को निर्मल बना भगवदीय को , देता रस दान श्री कृष्ण शरणम ममः।
सुहृदय के हिंडोले में श्री कृष्ण को, नित झुलाता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

रास के जो रसिक हैं उन्हे पास में, नित बुलाता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
आस विश्वास रखते हैं जो कृष्ण में , दास जपते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।

अन्याश्रय से डरते हैं वैष्णव सदा, उनका आश्रय है श्री कृष्ण शरणम ममः।
प्रेम बाजार में सदगुरु जो हरि, रत्न देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

तोला जाता नही मोल बिकता नही, रत्न अनमोल श्री कृष्ण शरणम ममः।
भाग्यशाली भगवदीय जन ही सदा, प्राप्त करते हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।

जो कृपा पात्र हैं बस उन्ही के लिये, है ये वरदान श्री कृष्ण शरणम ममः।
है बडे भाग्य उनके जिसे मिल गया, देव दुर्लभ है श्री कृष्ण शरणम ममः।

मिल गया है जिन्हे वे सुने ध्यान से, वे धरोहर हैं श्री कृष्ण शरणम ममः।
है ये गोलोक का मार्गदर्शक सखा, नित्य रटना है श्री कृष्ण शरणम ममः।

जेबकतरों, अविश्वासियों से सदा, गुप्त रखना है श्री कृष्ण शरणम ममः।
छोड देते हैं अपने सभी लोग तब, साथ देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

टूट जते हैं ममता के धागे सभी, साथ देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
पर्दा हटाता है दिल में अज्ञान का, कृष्ण बनता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

देखता है न अपराध जन का कभी, है क्षमाशील श्री कृष्ण शरणम ममः।
रंग की , धोप के, धन की, परवाह नही, प्रेम चाहता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

दूर हरि से न हरिजन रहे एक भी, चाहता है यह श्री कृष्ण शरणम ममः।
माता करती हिफाजत उसी तौर से , रक्षा करता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

आप उनके बनें वे बने आपके, यही कहता है श्री कृष्ण शरणम ममः।
भक्त सोता है तब भी स्वयं जाग कर, पहरा देता है श्री कृष्ण शरणम ममः।

चाहे मानो न मानो खुशी आपकी, सच्चा धन तो है, श्री कृष्ण शरणम ममः।
डर नही है किसी द्वेत का, प्रेत का , शुद्धद्वैत श्री कृष्ण शरणम ममः।

यह सीधी सडक चल पडो बेधडक, साथ रक्षक है श्री कृष्ण शरणम ममः।
हारते हे नही वे कहीं भी कभी, नित्य जपते जो श्री कृष्ण शरणम ममः।

श्याम सुंदर निकुंजों में मिल जायेगें, ढूंढ लायेगा श्री कृष्ण शरणम ममः।
दुनिया सपना है अपना न कोई यहाँ , नित्य जपना है श्री कृष्ण शरणम ममः।

सत्य शिव और सुन्दर है सर्वस्व जो, वो है नवनीत श्री कृष्ण शरणम ममः।

धन अकिंचन का श्री कृष्ण शरणम ममः।
लक्ष्य जीवन का श्री कृष्ण शरणम ममः।

गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट न खोलने का दबाव था : एसपी चौधरी





Published on 05 Aug-2013
http://epaper.bhaskar.com/kota
गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट न खोलने का दबाव था : एसपी चौधरी
गाजी फकीर कौन
आरोप : विधायक के पिता की हिस्ट्रीशीट खोलने के ४८ घंटे के भीतर हटाया
सफाई : २३ जिलों के एसपी बदले थे, अकेले इन्हें ही नहीं बदला
एसपी को हटाने के विरोध में जैसलमेर में बंद और प्रदर्शन
जैसलमेर से हटाए गए एसपी बोले- ट्रांसफर को हिस्ट्रीशीट खोलने से जोड़कर भी देख सकते हैं
हम क्यों हटाएंगे: सीएम
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमने हाल ही सभी एसपी को सर्कुलर भेजकर कहा था कि खुली हिस्ट्रीशीट बंद नहीं होगी और जो बंद हैं, उन्हें खोलना है। सरकार के निर्देश पर ही कोई एसपी काम करता है तो हम उसे सजा कैसे दे सकते हैं? इस विषय को बेवजह मुद्दा बना रहे हैं।
सरकार के दबाव और भय में काम कर रहे हैं अफसर : वसुंधरा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा ने कहा कि अधिकारी सरकार के राजनीतिक दबाव व भय में काम कर रहे हैं। निर्भीकता और ईमानदारी से राष्ट्र विरोधी गतिविधियां रोकने के लिए कर्तव्य निभा रहे अधिकारी को यह सरकार पुरस्कृत करने के बजाय राजनीतिक मंसूबे पूरा करने के लिए हटा रही है।
गाजी फकीर पोकरण से कांग्रेस विधायक शालेह मोहम्मद के पिता हैं। वे पाकिस्तान के पीर पगारो के अनुयायी और भारत में प्रतिनिधि के तौर पर हैं। वे पीर पगारो से मिलने जाते रहे हैं। उनके संदेश अपने समाज में प्रचारित करते हैं। उनके इसी रसूख के कारण तस्कर सीकिया को पाकिस्तान में जमानत मिली थी।
क्यों रीओपन की हिस्ट्रीशीट: चौधरी के मुताबिक 26 माह पहले तत्कालीन एएसपी गणपतलाल ने हिस्ट्रीशीट बंद की थी। ऐसा करना तकनीकी रूप से सही नहीं था। एडीजी कपिल गर्ग के जून में आदेश आए कि हिस्ट्रीशीट बंद नहीं की जा सकती।
इसके बाद गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट को दुबारा खंगाला गया तो इसमें उनका आपराधिक रिकॉर्ड, पाकिस्तान से आने वाले संदिग्ध लोगों को संरक्षण देने, सीआईडी व आईबी की रिपोर्ट तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की बातें लिखी हुई थी। उन्हें देखते हुए यह हिस्ट्रीशीट री-ओपन की गई है।
भास्कर न्यूज त्न जैसलमेर/जयपुर/जोधपुर
जैसलमेर एसपी पंकज चौधरी के तबादले को लेकर बवाल हो गया है। कांग्रेस विधायक शालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने के 48 घंटे के भीतर हुए चौधरी के तबादले के पीछे सरकार पर राजनीतिक दबाव का आरोप लग रहा है। पंकज चौधरी ने रविवार को कहा कि ट्रांसफर सरकार की पॉलिसी का हिस्सा है। हालांकि ट्रांसफर को हिस्ट्रीशीट खोलने से जोड़ कर भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिस्ट्रीशीट री-ओपन नहीं करने का दबाव था, लेकिन उन्होंने नियमानुसार कार्य किया है। उधर ट्रांसफर के विरोध में रविवार को जैसलमेर बंद रहा। विरोध प्रदर्शन हुआ। शेष त्न पेज १४

गाजी फकीर की हिस्ट्रीशिटर...
एसपी पंकज ने ३१ जुलाई को हिस्ट्रीशीट खोली थी। सरकार ने २ अगस्त को उन्हें भी जैसलमेर से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल किशनगढ़ में कमांडेंट लगा दिया था।
भाजपा भी एसपी के समर्थन में खुलकर उतर आई। मामले की गूंज जयपुर तक रही। प्रदर्शनकारियों ने एसपी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिले में अपराध पर लगाम कसने के लिए हरसंभव प्रयास किए। पिछले पांच माह में जैसलमेर की कानून-व्यवस्था बेहतर हो गई है। शहर भर में यही चर्चा का विषय रहा कि क्या एसपी ने हिस्ट्रीशीट खोलकर गलत किया है। उधर, तबादले के विरोध में व्यापार मंडल ने सोमवार को सांकड़ा गांव में बंद का आह्वान किया है। चौधरी के प्ष में दूसरी बार बंद : कुछ दिन पहले राजनीतिक दबाव में चौधरी के तबादले की आशंका को लेकर भी शहरवासियों ने जैसलमेर बंद रखा था।
चौधरी की 23 मार्च 2013 को जैसलमेर एसपी के पद पर पहली पोस्टिंग हुई थी। इसके दो माह बाद ही उनका फकीर परिवार से विवाद शुरू हो गया। वाराणासी निवासी पंकज 2009 बैच के आईपीएस हैं। वे इससे पहले घाटोल में एएसपी और राजस्थान पुलिस अकादमी में एसपी रह चुके हैं।

विधायक शाले मोहम्मद के खिलाफ मामला दर्ज
एसपी पंकज चौधरी ने भी एसपी ने रिलीव होने से पहले विधायक शाले मोहम्मद के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में दखल देने, लपकों को छुड़ाने और अभद्र व्यवहार करने का मुकदमा दर्ज करवा दिया है। मामला 17 मई का है। ऑपरेशन वेलकम टीम बासनपीर के पास सैलानियों की गाड़ी का पीछा कर रहे लपकों को पकडऩे गई थी। लपके भागू का गांव फांटा के पास पेट्रोल पंप पर रुक गए। पुलिस ने इन्हें पकड़कर वाहन में बिठाना चाहा तो शाले मोहम्मद ने पुलिसकर्मी पप्पूराम मीना को पकड़ लिया और गाली गलौच करते हुए धमकियां दी। कांस्टेबल की रिपोर्ट के आधार पर एसपी चौधरी ने शनिवार रात शाले मोहम्मद के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दे दिए और जांच के लिए पत्रावली सीआईडी अपराध शाखा जयपुर को भिजवा दी। बताया जाता है कि लपकों को पकडऩे और हत्या के एक मामले में विधायक ने एसपी चौधरी पर दबाव बनाया था, लेकिन वे नहीं माने।
जनता की नजर में चौधरी इसलिए बेहतर एसपी
- ऑपरेशन वेलकम शुरू किया। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए शहर में लपकों की धरपकड़ की गई। पिछले चार माह में 50 लपकों व 100 गाडिय़ां जब्त।
- पांच माह में 700 से अधिक शराबी पकड़े। रात में 8 बजे के बाद शराब की दुकानें बंद कराने व उत्पात मचाने वाले शराबियों को पकडऩे के लिए स्पेशल टीम का गठन। 2011 में पूरे साल में महज 147 शराबी और 2012 में 250 शराबी ही पकड़े गए थे।
- ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू करने के लिए बेहतर प्रयास।
-टाइगर रिजर्व फोर्स का गठन किया। सीमावर्ती जिला होने के चलते यहां तस्करों व अराष्ट्रीय गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर रही। यह फोर्स ऐसे तत्वों की निगरानी कर रही है।
-परिवादियों की सुविधा के लिए लगातार जनसुनवाई और एसपी ऑफिस के बाहर शिकायत पेटी रखी गई। शिकायत मिलते ही उस पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था।
- पुलिसकर्मियों में सकारात्मक सोच के लिए उन्हें नशे से दूर रहने के निर्देश। खेल गतिविधियों को बढ़ावा और श्रमदान, पुलिस थानों में परिवादियों के लिए बेहतर व्यवस्था आदि की गई।
फकीर परिवार कई बार करवा चुका है कलेक्टर-एसपी का तबादला
गाजी फकीर व उनके बेटों की राजनीति में अच्छी पकड़ के चलते वे कई बार एसपी व कलेक्टर का तबादला करवा चुके हैं। 1990 में तत्कालीन एसपी सुधीर प्रताप सिंह का 28 दिन के भीतर ही ट्रासंफर करा दिया गया था। उन्होंने गाजी फकीर की 1984 में गायब हुई हिस्ट्रीशीट को 1990 में दोबारा खुलवा दिया था। आरोप है कि इससे पहले कलेक्टर रहे गिरिराजसिंह कुशवाहा व एम.पी स्वामी, जिला परिषद के सीईओ के तबादले में भी इनकी मुख्य भूमिका रही। इसके अलावा कई अन्य छोटे-बड़े अधिकारियों के तबादले में इनका हाथ रहा है।
गाजी के रसूख के आगे सभी बौने
- जैसलमेर पुलिस ने गत 17 मई को लपकों को पकड़ा तो विधायक शाले मोहम्मद ने उन्हें छुड़ा दिया और पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली। इस विवाद में भी विधायक एसपी को हटाने के लिए मुख्यमंत्री से मिले थे, मगर जैसलमेर बंद होने पर एक बार ट्रांसफर टल गया।
- जिस एएसपी गणपतलाल ने मई 11 में हिस्ट्रीशीट बंद की थी, उसे हटाने में भी एसपी व आईजी को पसीना आ गया था। दोनों की रिपोर्ट के बावजूद फकीर परिवार के संरक्षण के कारण एएसपी को उस समय नहीं हटाया जा सका था।
- गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट 31 जुलाई 1965 में खुली। यह 1984 में गायब हो गई। इसके बाद 1990 में तत्कालीन एसपी सुधीर प्रतापसिंह ने 31 जुलाई को दुबारा हिस्ट्रीशीट खोली तो एक माह में उनका ट्रांसफर हो गया।
- मुख्यमंत्री का गत 8 जून को जैसलमेर में साइकिल व लैपटॉप वितरण का कार्यक्रम था। सरकार के निर्देश थे कि यह पार्टी का आयोजन नहीं है इसलिए झंडे-बैनर नहीं लगेंगे मगर मंच पर सीएम के साथ गाजी फकीर को प्रोटोकॉल तोड़ कर बैठाया गया।

पुलिस के पास कई महत्वपूर्ण जानकारियां
- कुछ वर्ष पकड़ी गई 58 किलो हेरोइन के मामले में फकीर परिवार की संदिग्ध भूमिका। इनके गांव भागू का गांव का नाम हेरोइन प्रकरण में जुड़ा हुआ था।

- इनके पेट्रोल पंप पर काम कर चु