रविवार, 25 अगस्त 2013

84 कोसी परिक्रमा पर रोक से हिंदुओं को लगी ठेस : राजनाथ सिंह



धार्मिक यात्रा पर रोक लगना उचित नहीं : राजनाथ सिंह
संतों को 84 कोसी परिक्रमा करवाए सरकार  : राजनाथ सिंह
जो सरकार किसी भी धर्म या पंथ के आयोजन को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी न निभा पाए उसका सत्ता में बने रहने का औचित्य नहीं है। प्रदेश सरकार के फैसले से दुर्भाग्यपूर्ण स्थित पैदा हो गई है  : राजनाथ सिंह
84 कोसी यात्रा पर रोक लगाना प्रदेश सरकार की सोची समझी रणनीति है। यात्रा पर लगाई गई रोक राजनीति से प्रेरित है। सपा सरकार ने हिंदुओं को ठेस पहुचाने का काम किया है : राजनाथ सिंह
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84 कोसी परिक्रमा पर रोक से हिंदुओं को लगी ठेस: राजनाथ
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क | अंतिम अपडेट 23 अगस्त 2013 
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रदेश सरकार से अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार की अपील की है। उन्होंने कहा, यह पाबंदी हमारे लिए चुनौती है।

हर धर्म के व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था को अभिव्यक्त करने का अधिकार है। दो-ढाई सौ संत 84 कोसी परिक्रमा करना चाहते हैं तो सरकार को आपत्ति क्या है?

राजनाथ सिंह बृहस्पतिवार शाम अपने कालीदास मार्ग स्थित निवास पर डॉ. अनुभव अवस्थी के शोध गृंथ ‘ह्रदय नारायण दीक्षित और उनकी पत्रकारिता’ के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, अयोध्या में दो-ढाई सौ साधु 84 कोसी परिक्रमा करना चाहते थे। इस पर पाबंदी लगा दी गई। परिक्रमा से सरकार को आपत्ति क्यों है?

हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हर किसी को अपनी धार्मिक भावनाओं, आस्था और विश्वास के पोषण का अधिकार है। शासन की जिम्मेदारी है कि ऐसा करने वालों को सुरक्षा दे। शांति-असुरक्षा की बात आती है तो लाखों की संख्या में सुरक्षा बल किस लिए है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, जो सरकार किसी भी धर्म या पंथ के आयोजन को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी न निभा पाए उसका सत्ता में बने रहने का औचित्य नहीं है। प्रदेश सरकार के फैसले से दुर्भाग्यपूर्ण स्थित पैदा हो गई है।

यह घटना हम सबके लिए चुनौती है। परिक्रमा जैसे मामलों को चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

इससे पहले चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट और फिर अपने आवास पर खबरनवीसों से बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा कि 84 कोसी यात्रा पर रोक लगाना प्रदेश सरकार की सोची समझी रणनीति है। यात्रा पर लगाई गई रोक राजनीति से प्रेरित है। सपा सरकार ने हिंदुओं को ठेस पहुचाने का काम किया है।

देश में सांस्कृतिक असुरक्षा की भावना

राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में सांस्कृतिक असुरक्षा बढ़ रही है। सरकार की जिम्मेदारी कि इस असुरक्षा को दूर करने के लिए प्रभावी पहल करे। भारतीय संस्कृति के संरक्षण, प्रोत्साहन के प्रति सजग रहे।

केंद्र सरकार की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को सांस्कृतिक-आर्थिक असुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। चिंता है तो बस कुर्सी और वोटों की।

पिछले महीने अमेरिका यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोगों में भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ती आस्था बढ़ रही है। मन को यह बात सालती है कि भारत को क्या हो गया है।

क्यों हम विशिष्ट पहचान खोते जा रहे हैं। यहां भारतीय संस्कृति से प्रभावित होने को प्रतिगामी माना जा रहा है। कहा जाता है कि राष्ट्र, संस्कृति की बात करेंगे तो प्रगतिशील नहीं रहेंगे।

पाक को मुंहतोड़ नहीं दे पाई सरकार

राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार यदि दो सैनिकों के सिर काटे जाने के वक्त पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देती तो पांच सैनिकों की हत्या न होती।

मुंबई पर आतंकी हमले के समय भी सीमा पार चल रहे आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों को नष्ठ करने की बात रही गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। केंद्र सरकार कूटनीतिक समेत सभी मुद्दों पर विफल है।

सरकार में साथ रहेंगे सहयोगी

राजनाथ सिंह ने दावा किया कि भाजपा 272 से अधिक सीट जीतेगी। जो सहयोगी मिलकर चुनाव लड़ेंगे वे बाद में भी साथ रहेंगे। उन्होंने केंद्र की कांग्रेस सरकार को आडे़ हाथ लिया।

कहा, इस सरकार में महंगाई चरम पर है। केंद्र व प्रदेश में अराजकता जैसी स्थिति है। अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा, जनता भाजपा की तरफ देख रही है।

स्वागत से जाम रही कानपुर रोड

पिछले महीने अमेरिका यात्रा के बाद राजनाथ सिंह के पहली बार लखनऊ आने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही व रमापतिराम त्रिपाठी समेत तमाम नेताओं ने उनका स्वागत किया।

सरोजनीनगर में भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने 272 फूल मालाओं, आरती, आतिशबाजी और बैंड बाजे के साथ उनका स्वागत किया। उन्हें लड्डुओं से भी तौला गया। स्वागत की वजह से काफी देर के लिए कानपुर रोड पर जाम जैसी स्थिति रही।

सोमवार को देशभर में विहिप का विरोध प्रदर्शन





विहिप का सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन
Sunday, August 25, 2013,
लखनऊ/अयोध्या : शासन-प्रशासन की पावंदी तथा  सख्ती के चलते 84 कोसी परिक्रमा निकालने में लगभग आये गतिरोध  एवं संतों की गिरफ्तारी के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अब सोमवार २६ अगस्त को देशभर में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। रविवार को पुलिस ने कई बड़े संतों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके खिलाफ विहिप ने एक बार फिर सरकार से दो-दो हाथ करने का मन बनाया है।

विहिप ने 25 अगस्त से लेकर 13 सितम्बर तक 84 कोसी परिक्रमा की घोषणा की थी, लेकिन राज्य सरकार ने परिक्रमा पर पाबंदी लगा दी। इस बीच विहिप ने घोषणा की है कि संतों की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि संतों और धर्माचार्यों को जगह-जगह से गिरफ्तार किया जा रहा है। संतों की गिरफ्तारी के विरोध में विहिप सोमवार को पूरे देश में प्रदर्शन करेगी।
विहिप सूत्रों के अनुसार, विहिप अक्टूबर में अयोध्या कूच करने की बड़ी घोषणा भी कर सकती है। विहिप के नेता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि 18 अक्टूबर को पूरे देश से अयोध्या कूच करने का कार्यक्रम बनाया जाए और इस दौरान राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया जाए।
सूत्रों ने बताया कि विहिप नेताओं के मुताबिक अक्टूबर का महीना हिन्दू धर्म के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी महीने में दिवाली और दशहरा जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं और इसका लाभ विहिप को अयोध्या कूच कार्यक्रम में मिल सकता है। (एजेंसी)

84 कोसी परिक्रमा, अयोध्या : सिंघल, तोगड़िया गिरफ्तार


विहिप ने शुरू की यात्रा
84 कोसी परिक्रमा, अयोध्या : सिंघल, तोगड़िया गिरफ्तार, 
ज़ी मीडिया ब्यूरो/एजेंसी
अयोध्या/लखनऊ : विश्व हिन्दू परिषद ने आज अयोध्या से अपनी विवादास्पद यात्रा की प्रतीकात्मक शुरूआत की, जबकि प्रशासन ने जबर्दस्त धरपकड़ के बीच संगठन के शीर्ष नेताओं अशोक सिंघल, प्रवीण तोगड़िया और राम विलास वेदांती को गिरफ्तार कर लिया। तोगड़िया को जहां अयोध्या से गिरफ्तार किया गया, वहीं सिंघल को लखनऊ हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने लखनऊ में बताया कि स्वामी राम भद्राचार्य के साथ नई दिल्ली से पहुंचे सिंघल को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह अयोध्या जाने की जिद पर अड़ गए। अयोध्या के गोलाघाट में अपनी गिरफ्तारी के तुरंत बाद तोगड़िया ने कहा कि चौरासी कोसी परिक्रमा पर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ कल समूचे देश में प्रदर्शन किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘यह राजनीतिक नहीं, बल्कि धार्मिक यात्रा है और इस पर सरकार का प्रतिबंध तथा दमन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ तोगड़िया ने कहा, ‘अब यह आंदोलन भारत के गांव-गांव में जायेगा और कल देश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।’ इसके पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार के साथ टकराव का मोर्चा खोलते हुए रामजन्भूमि न्यास समिति के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास अपने मंदिर मणिराम छावनी से बाहर निकले और कुछ साधु संतों के साथ दस कदम चल कर यात्रा की प्रतीकात्मक शुरूआत की। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
गोपालदास ने कहा, ‘हमने यात्रा शुरू कर दी है। लेकिन इस यात्रा का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। यह यात्रा बारहों महीने चलती (यह कोई समयबद्ध नहीं) है।’ प्रशासन ने तोगड़िया और सिंघल के अतिरिक्त एक पूर्व भाजपा सांसद तथा एक वर्तमान विधायक सहित 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। सिंघल को हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गयी है। सिंघल ने कहा, ‘मुझे क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। हमने कौन सा अपराध किया है हमें बताया जाए। उत्तर प्रदेश में मुगलिया सल्तनत चल रही है। साधु संतों को पूजा अर्चना से रोका जा रहा है।’ उन्होंने हवाई अड्डा छोड़ने से इनकार किया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह दिल्ली वापस जाएंगे, सिंघल ने कहा, ‘मैं दिल्ली वापस क्यों जाऊंगा। मैं तो अयोध्या जाने के लिए आया हूं।’ इस बीच, सिंघल को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हवाई अड्डे के बाहर मौजूद बड़ी संख्या में भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए।
यात्रा शुरू होने से पहले पूर्व भाजपा सांसद रामविलास वेदांती और वर्तमान विधायक रामचंद्र यादव को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वेदांती को आज सुबह करीब सात बजे उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह अपने घर से परिक्रमा के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि विधायक रामचंद्र यादव को भी यहां से गिरफ्तार कर लिया गया।

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परिक्रमा को लेकर विहिप ने बिछाई दोहरी बिसात
Sat, 24 Aug 2013
एटा [अनिल गुप्ता]। विश्व हिंदू परिषद की अयोध्या में 25 अगस्त से प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा में राम भक्तों को पहुंचाने के लिए फ्रंट-बैक रणनीति बनाई है। इसे भेदना सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए आसान नहीं होगा। साधु-संतों के जत्थे पीछे रहेंगे, जबकि संघ परिवार के कार्यकर्ताओं की टीमें संतों को कवर करते हुए फ्रंटलाइन पर रहेंगी।
गिरफ्तारी की नौबत आने पर कार्यकर्ता जेल चले जाएंगे और संतों को एक-एक, दो-दो करके यात्रियों के रूप में अयोध्या पहुंचा दिया जाएगा। अयोध्या परिक्रमा को लेकर सरकार और हिंदूवादी संगठनों में टकराव तय माना जा रहा है। विहिप की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा साधु-संतों को अयोध्या पहुंचाया जाए। 25 अगस्त को जयपुर और कानपुर क्षेत्र के संतों का जत्था परिक्रमा की शुरुआत करेगा।
फ्रंटलाइन टीमें घोषित कार्यक्रम के तहत अयोध्या के लिए गाजे-बाजे के साथ कानपुर से कूच करेंगी। अगर गिरफ्तारी हो जाती है, तो संतों को ट्रेनों, बसों व अन्य वाहनों से टुकड़ों में रवाना कर दिया जाएगा। ब्रज के साधु-संत और संघ परिवार के सदस्य पांच सितंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। फैजाबाद जनपद के गांवों में इनके रुकने की व्यवस्था की गई है। छह सितंबर की सुबह निर्देश मिलते ही वे अयोध्या पहुंचेंगे।
विहिप ने पहले निजी वाहनों से संतों को पंहुचाने की योजना बनाई थी, मगर सरकार के रुख को देखते हुए रणनीति में बदलाव किया है। दरअसल, विहिप की मंशा यह है कि एक तीर से दो निशाने साधे जाएं। मतलब कि चौरासी कोसी परिक्रमा भी सफल हो जाए और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से 1990-92 जैसा माहौल भी बन सके। विहिप के ब्रज प्रांत अध्यक्ष प्रमोद जाजू का कहना है कि जैसे पहले राम मंदिर आंदोलन सफल हुआ था, वैसे ही यह भी रहेगा।
साधु-संतों को बड़ी संख्या में तैयार किया जा रहा है। प्रमुख पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे शुरुआत में गिरफ्तारी से बचें और भूमिगत रहकर काम करें। विभाग संगठन मंत्री प्रदीप कुमार ने बताया कि अधिक संख्या में संतों को एकत्रित करने की जिम्मेदारी एटा-कासगंज, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मैनपुरी, फीरोजाबाद और हाथरस जिलों को सौंपी गई है। परिक्रमा को जाने वाले संतों और प्रमुख नेताओं को बता दिया गया है कि रास्ते में हर पड़ाव पर प्रमुख कार्यकर्ता मिलेंगे, जो उन्हें रहने के ठिकानों तक पहुचाएंगे।
अयोध्या के आसपास के जिलों में संतों को ठहराने के लिए हालांकि घरों में व्यवस्थाएं की गई हैं, मगर संगठन की ओर से प्रत्येक संत को अपने साथ कम से कम एक लोटा, चादर और सत्तू अवश्य रखने की सलाह दी गई है। अयोध्या जाने वाले संतों को रवाना होने से पहले यह जानकारी नहीं होगी कि उन्हें किस गांव में जाकर रुकना है।
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अयोध्या की सीमाएं सील, साधुओं की गिरफ्तारी शुरू
Sat, 24 Aug 2013 
लखनऊ [जागरण न्यूज नेटवर्क]। अयोध्या में चौरासी कोसी परिक्रमा पर प्रतिबंध के फैसले को अमल में लाने के लिए पुलिस व प्रशासन ने कमर कस ली है। अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गई हैं और निषेधाज्ञा तोड़ने वालों को गिरफ्तार करने की हिदायत दी गई है। फैजाबाद जिला प्रशासन ने विश्व हिंदू परिषद के 70 नेताओं व सक्रिय कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर दिए हैं। जिनके खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं उनमें संगठन के शीर्ष नेता अशोक सिंहल, प्रवीण तोगड़िया और रामविलास वेंदाती शामिल हैं। सूचना है कि इलाहाबाद से सरकारी इंतजामों को चकमा देकर सैकड़ों संत अयोध्या रवाना हो गए हैं। अयोध्या पहुंचने के लिए उन्होंने ग्रामीण पैदल रास्तों को पकड़ा है।
प्रदेश मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने शुक्रवार को प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव, डीजीपी देवराज नागर, लखनऊ जोन के आइजी सुभाष चंद्र और अन्य अधिकारियों के साथ परिक्रमा की घोषणा से उपजी स्थितियों से निपटने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की। प्रभाव वाले इलाके को चार जोनों में बांटा गया है। जिसकी निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। अधिकारियों से कहा गया है कि अयोध्या की ओर से जाने वाली सभी रास्तों को सील कर दिया जाए। गहन छानबीन के बाद ही वाहनों को आगे की ओर रवाना किया जाए। जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में पीएसी के साथ अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात की जाएं। पुलिस अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि अयोध्या शहर में त्रिस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम हैं। पीएसी की गोताखोर इकाई भी तैनात कर दी गई है। यह खासतौर पर सरयू तट पर सक्रिय रहेगी।

पड़ोसी राज्यों से मांगी खुफिया जानकारी
आइजी [कानून व्यवस्था] राजकुमार विश्वकर्मा के अनुसार स्थिति से निपटने के लिए सभी पड़ोसी राज्यों से खुफिया जानकारियों का सहयोग मांगा गया है। इससे उत्तर प्रदेश की ओर आने वाले लोगों की संख्या के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी।

उत्तराखंड में अलर्ट
उत्तर प्रदेश में चौरासी कोसी परिक्रमा पर प्रतिबंध की घोषणा के मद्देनजर उत्तराखंड प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। उप्र से लगने वाली सीमा पर खासतौर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती जिलों में सूचनाओं में आदान-प्रदान हो रहा है।

अशोक सिंहल दिल्ली रवाना
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल को शुक्रवार इलाहाबाद में नजरबंद कर दिया गया। प्रशासन ने प्रात: करीब साढ़े दस बजे सिंहल के कमला नेहरू अस्पताल के सामने स्थित आवास को घेर लिया। दोपहर 12.30 तक उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। दोपहर बाद सिंहल ने कहा कि वह पारिवारिक कार्यक्रम में शरीक होने इलाहाबाद आए थे और अब दिल्ली जा रहे हैं। इस पर उन्हें बमरौली एयरपोर्ट तक ले जाया गया। इलाहाबाद के एसएसपी उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने सिंहल को अयोध्या की ओर जाने की स्थिति में नजरबंद करने का आदेश दिया था। जबकि सिंहल ने खुद को नजरबंद किए जाने से इन्कार किया।
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संतों ने भरी हुंकार, परिक्रमा होकर रहेगी
Sat, 24 Aug 2013

लखनऊ, जागरण टीम। अयोध्या में चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है तो वहीं साधु-संतों ने एलान किया है कि यात्रा होकर रहेगी। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल ने इलाहाबाद में फिर कहा कि चाहे जितनी भी रोक लगा दी जाए, धर्मगुरुओं की अगुवाई में परिक्रमा होगी।

अशोक सिंहल ने यात्रा को प्रदेश की समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम मतों के लिए की जा रही कवायद करार दिया। सिंहल ने परिक्रमा पथ पर प्रदेश सरकार द्वारा 21 बैरियर बनाने का दावा करते हुए कहा कि अयोध्या ही नहीं, अब शासन के इन बैरियर से सटे क्षेत्रों में कोई मुस्लिम स्मारक भी नहीं बनने दिया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि संतों ने अयोध्या की परिक्रमा का जो प्रण लिया है। जिसे पूरा कराने के लिए विहिप हर कुर्बानी देने को तैयार है।

अयोध्या से महज साठ किमी के फासले पर स्थित सुलतानपुर परिक्रमा के लिहाज से महत्वपूर्ण बन पड़ा है। यहां विहिप के परिक्रमा प्रभारी फतेहपुर संगत के महंत धर्मप्रकाश ने कहा बीस जिलों से संत-महात्मा इसी रास्ते से होकर अयोध्या जाएंगे। वे हमारे अतिथि रहेंगे और प्रशासन ने यदि उन्हें रोकने की कोशिश की तो कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अमेठी के बाबूगंज सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर अभय चैतन्य बाल ब्रह्माचारी मौनी महाराज भी मुखर हो उठे हैं। कहा कि आस्था से खिलवाड़ किया गया तो हम किसी भी स्तर तक जा सकते हैं।

बनी सूची, कभी भी हो सकती है संतों की गिरफ्तारी
फैजाबाद में प्रशासन ने विहिप व भाजपा नेताओं पर शिकंजा कस दिया है। जिले के कई विहिप व भाजपा पदाधिकारियों की सूची तैयार कर इनकी घेराबंदी की गई है। सूची में कई विहिप समर्थक संत व महंत भी शामिल हैं। देर रात या शनिवार की भोर से इनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। शनिवार को अयोध्या व फैजाबाद शहर को सील करने की योजना है। जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केबी सिंह के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने रूट मार्च निकाला। गिरफ्तारी के लिए ए, बी व सी श्रेणी के 300 लोगों सूची प्रशासन ने तैयार की है। इनमें 72 लोग ए श्रेणी के हैं, जिनकी घेराबंदी या निगरानी की जा रही है। गिरफ्तार लोगों को अस्थाई जेलों में निरुद्ध रखा जाएगा।

शांति व्यवस्था में खलल बर्दाश्त नहीं होगा: सपा
जाब्यू, लखनऊ। सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को बनाये रखने का संकल्प ले रखा है। इसमें खलल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उत्तार प्रदेश में अब विकास विरोधी, सांप्रदायिक तत्वों एवं भ्रष्टाचारियों के लिए जगह नहीं है। आरएसएस, भाजपा और विहिप जहां सांप्रदायिकता का उन्माद फैला रहे हैं, वहीं कांग्रेस अनर्गल और निराधार आरोपों के साथ बसपा-भाजपा के सुर में सुर मिला रही है।