रविवार, 29 सितंबर 2013

मेरा धर्म ‘नेशन फर्स्ट इंडिया फर्स्ट’ है-नरेंद्र मोदी



देश को कांग्रेस की ‘डर्टी टीम’ नहीं, भाजपा की ‘ड्रीम टीम’ चाहिए : मोदी
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Sunday, September 29, 2013
ज़ी न्यूज ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली : उत्तरी दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज एक ऐतिहासिक रैली को संबोधित किया। मोदी समेत रैली को कई भाजपा नेताओं ने भी संबोधित किया।

राहुल गांधी पर दागी सांसदों से जुड़े अध्यादेश को सार्वजनिक रूप से खारिज करके प्रधानमंत्री के अपमान का पाप करने का आरोप लगाते हुए नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस नीत संप्रग की ‘डर्टी टीम’ को केन्द्र सरकार से उखाड़ फेंकने और भाजपा की ‘ड्रीम टीम’ को लाने का आह्वान किया।

कांग्रेस नीत संप्रग सरकार को सभी मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि देश आज सरकारों के बोझ तले दब गया है, जिसके कारण देश का सम्पूर्ण विकास और आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो रही है। गठबंधन की सरकार चल रही है लेकिन गठबंधन के दल अलग-अलग दिशा में चल रहे हैं। भ्रष्टाचार का बोलबाला है और इसकी व्यापकता के कारण देश के भविष्य के समक्ष संकट पैदा हो गया है।

राजधानी के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में विशाल रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आज परिवारशाही ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया है। अब देश की जनता को फैसला करना है कि देश संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुसार चलेगा या शाहजादे (राहुल गांधी) की इच्छा के अनुसार।'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और संप्रग के कुशासन ने डायबिटीज का रूप ले लिया है, जिसके एक बार लगने से कई बीमारियां पैदा हो जाती है। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, ‘2014 के आम चुनाव में डर्टी टीम (संप्रग की) को उखाड़ फेंकें और ड्रीम टीम (भाजपा की) को लाएं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की पगड़ी उछालने का काम उनकी पार्टी ने किया है। कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री का अपमान करने का पाप किया है। उन्होंने कहा, गठबंधन के प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) ‘सरदार’ है लेकिन ‘असरदार’ नहीं हैं। एक विभाग दूसरे विभाग के सामने खड़ा है। गठबंधन के दल पास-पास है लेकिन साथ-साथ नहीं हैं।

मोदी ने कहा, सरकार भ्रष्टाचार से प्रभावित है और समस्याओं का समधान ढूंढने की बजाए उसने काम करना ही बंद कर दिया है। सरकार को लकवा मार गया है। संप्रग सरकार गांधी भक्ति में डूबी है। यह गांधी भक्ति अलग तरह की है और यह गांधी का चित्र छपे नोटों वाली है और वे टनों के हिसाब से इसे जमा करने में लगे हैं। संप्रग के सहयोगी दलों से उन्होंने उम्मीद की कि वे इस गठबंधन में बने रहने के बारे में विचार करेंगे।

उन्होंने कहा, मैं संप्रग के दिग्गज सहयोगियों से पूछना चाहता हूं कि जी20 की बैठक से लौटते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि वह किसके तहत काम करने को तैयार है, कौन उनका बॉस होगा। मैं उनसे (संप्रग के सहयोगियों से) पूछता हूं कि क्या वे शाहजादे की इच्छा पर चलेंगे। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, सरकार अंकगणित के आधार पर बनती है लेकिन यह केमेस्ट्री के आधार पर चलती है। लेकिन गठबंधन के सहयोगियों में समन्वय नहीं है जिसके कारण देश आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल-आडवाणी की सरकार के छह साल के कार्यकाल में हर क्षेत्र में विकास पर ध्यान दिया गया और सुशासन को प्राथमिकता दी गई। लेकिन संप्रग सरकार में कुशासन फैला हुआ है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समक्ष देश की गरीबी का रोना रोया और ऐसा ही काम किया जैसे कुछ फिल्मकार देश की गरीबी दिखाकर एवार्ड जीत लेते हैं। प्रधानमंत्री को देश की युवा शक्ति की मार्केटिंग करनी चाहिए थी।

मोदी ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति के समक्ष इस तरह से प्रधानमंत्री को गिड़गिड़ाते देख मेरा सिर शर्म से झुक गया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी समेत अनेक राज्यों में बिजली का अभाव है जबकि 20 हजार मेगावाट शक्ति के बिजली कारखाने तैयार हैं लेकिन कोयला के अभाव में चल नहीं रहे हैं। क्या बिजली के कारखाने चालू करने के लिए किसी अभूतपूर्व दृष्टि की जरूरत है। इन विकास के कार्यो के लिए संकल्प या इच्छाशक्ति चाहिए।

प्रधानमंत्री की क्षमता पर संदेह व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि देश को आशंका है कि आज जब वह न्यूयार्क में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात करेंगे तब क्या वह भारत की चिंताओं को व्यक्त कर पायेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शरीफ ने पत्रकारों के साथ चर्चा के दौरान सिंह को ‘देहाती औरत’ के रूप में संबोधित किया था जहां भारतीय पत्रकार भी मौजूद थे।

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, देश को आशंका है कि प्रधानमंत्री बातचीत के दौरान नवाज शरीफ से क्या कहेंगे ? नवाज शरीफ की क्या औकात कि वह हमारे प्रधानमंत्री को देहाती औरत कह कर संबोधित करे? भारत के प्रधानमंत्री का इससे अधिक अपमान और नहीं हो सकता है। हम राजनीति के विषय पर उनसे लड़ सकते हैं लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। सवा सौ करोड़ लोगों का यह देश अपने प्रधानमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।

मोदी ने कहा, भ्रष्टाचार के कारण देश संकट से घिर गया है। इससे न केवल तिजोरी प्रभावित हुई है बल्कि देश के भविष्य के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले करीब साठ वर्षों में छोटे छोटे देश तेजी से आगे बढ़े हैं और हम उतनी ही तेजी से पीछे की ओर बढ़े है। देश का युवा रोजगार चाहता है लेकिन सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। राजग ने छह वर्ष के कार्यकाल में छह करोड़ लोगों को रोजगार दिया लेकिन 2004 से 2009 तक संप्रग ने केवल 27 लाख लोगों को रोजगार दिया।

केंद्र सरकार पर राज्यों के योगदान का श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा, जो विभाग राज्यों से जुड़े हैं, वहीं अच्छा काम कर रहे हैं और केंद्र की सरकार उनका श्रेय भी ले लेती है। जबकि स्वतंत्र रूप से काम करने वाले केंद्रीय विभागों का प्रदर्शन काफी खराब है।

मोदी ने युवाओं से पूछा कि क्या उनका भविष्य कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित है? उन्होंने युवाओं से संप्रग और दिल्ली की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उच्चतम न्यायालय की ओर से सरकार के खिलाफ कहे गए तल्ख शब्दों का जिक्र करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने इनकी तुलना एक शराबी से की जिसे शराब के कुप्रभावों से कोई फर्क नहीं पड़ता। पिछले नौ वषरे में देश में विकास के अभाव का जिक्र करते हुए मोदी ने संप्रग और राजग के शासनकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल नेटवर्क के विस्तार की तुलना की।

उन्होंने विमानन क्षेत्र के घाटे का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र को दिये गए 30 हजार करोड़ रूपये के पैकेज के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की। अपना जिक्र करते हुए मोदी ने एक गरीब परिवार के बेटे को जिम्मेदारी दिये जाने के लिए लोगों का धन्यवाद किया और कहा, मैं न कभी शासक था, न हूं। मैं आपका सेवक हूं। पहले भी सेवक रहा हूं और आगे भी सेवक रहूंगा। उन्होंने कहा, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि न तो नरेन्द्र मोदी और न ही भाजपा आपका विश्वास तोड़ेगी। आपके सपनों को खत्म नहीं होंने दूंगा। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, मेरे लिए मेरा धर्म ‘नेशन फर्स्ट इंडिया फर्स्ट’ है। किसी भी सरकार के लिए संविधान पवित्र पुस्तक होती है। और वह ‘सबको साथ और सबका विकास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, दिल्ली प्रदेश की मुख्यमंत्री सबसे सुखी हैं। सुबह शाम उन्हें रिबन काटने के अलावा कोई काम नहीं है। न कृषि के विषय पर चिंता, न पशुपालन, न सिंचाई, न ही मछुआरों की समस्या। उन्होंने कहा, दिल्ली में कहीं सड़कों पर गढ्ढे हैं तब वह (दिल्ली की मुख्यमंत्री) नगरपालिका पर आरोप लगा देती हैं। अगर कानून व्यवस्था की समस्या है तब केंद्र पर दोष डाल देती हैं। वह जिम्मेदारी नहीं लेती हैं और दोष उपर या नीचे डाल देती हैं। शीला दीक्षित पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि भारत राष्ट्रमंडल खेल का उपयोग देश को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में पेश करने में नहीं कर सका।

उन्होंने कहा, राष्ट्रमंडल खेल घोटाला सिर्फ रूपये पैसे का घोटाला नहीं है। इसमें न सिर्फ तिजोरी लूटी गई बल्कि हिन्दूस्तान की इज्जत और देश के भविष्य की लूट हुई। भारत की खेल भावना की लूट हुई। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, दुनिया में कोरिया, चीन और अन्य देश खेल प्रतियोगिता का उपयोग देश की ब्रांडिंग के लिए करते हैं। हमें अच्छा अवसर मिला था जिसे कुप्रबंधन के कारण गवां दिया गया। निर्भया बलात्कार मामले का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री कहती है कि वह एक मां है और फिर लड़कियों को जल्दी घर लौटने को कहती हैं। क्या मुख्यमंत्री के रूप में उनकी कोई जवाबदेही नहीं बनती है।
First Published: Sunday, September 29, 2013

नवाज शरीफ ने कैसे की हमारे पीएम की 'बेइज्जती'- नरेंद्र मोदी



 नरेंद्र मोदी गरजे,  नवाज शरीफ ने कैसे की हमारे पीएम की 'बेइज्जती'

नरेंद्र मोदी गरजे, नवाज शरीफ ने कैसे की हमारे पीएम की 'बेइज्जती'
NDTVIndia, Last Updated: सितम्बर 29, 2013
http://khabar.ndtv.com/news/show/delhi-rally-modi-says-how-dare-pak-pm-nawaz-sharif-insult-our-pm-40273
नई दिल्ली: दिल्ली में चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए के पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली एक ऐसा प्रदेश है, जो सरकारों के बोझ के नीचे दब गया है। मोदी ने कहा कि दिल्ली में कई सरकारें हैं। मां की सरकार, बेटे की सरकार और दामाद की सरकार और इससे भी आगे गठबंधन की सरकार और गठबंधन में अपने दल...। दिल्ली का हाल यह है कि एक के सामने एक सरकार खड़ी है।

उन्होंने कहा कि पीएम सरदार हैं, पर असरदार नहीं है। मोदी ने कहा कि गठबंधन की सरकार बनती है, अंकगणित के हिसाब से, लेकिन गठबंधन की सरकारें चलती हैं, कैमिस्ट्री के हिसाब से, लेकिन जिनकी कैमिस्ट्री नहीं मिलती, ऐसी सरकारें लोगों का भला नहीं कर पातीं। मोदी ने रैली में जुटी जनता को कहा कि दिल्लीवालों ने आज से पहले इतनी भीड़ नहीं देखी होगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर हमला
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर रिबन काटने का काम होता है। किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं है। मोदी ने भ्रष्टाचार की बात कहते हुए कहा कि यह देश के भविष्य़ के साथ खिलवाड़ है। कॉमनवेल्थ खेलों के भ्रष्टाचार की बात करते हुए मोदी ने कहा कि शीला ने सारा दोष समिति पर डाल दिया। इस घोटाले ने विश्व पटल पर हिन्दुस्तान की इज्जत खराब की है। वहीं कोरिया का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि वहां ओलिंपिक खेलों ने देश की तकदीर बदल दी। वहीं उन्होंने कहा कि चीन ने खेल के माध्यम से अपनी ताकत दिखाई और पूरी दुनिया ने उसे माना।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि वहीं भारत ने इस मौके को गंवा दिया। उनका कहना है कि भारत इस वजह से 20 साल पीछे चला गया।

यूपीए के भष्ट्राचार पर हमला
मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के तमाम आदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस और साथी दलों को भ्रष्टाचार की ऐसी आदत हो गई है कि कितना भी कहो, वह बंद करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इस मामले में शराबी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में देश की भलाई करने की मंशा नहीं है।

नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की सरकार पर भ्रष्टाचार को रोकने में अक्षम करार दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए के कार्यकाल में हर क्षेत्र में विकास की नई ऊचाइंया छुई गईं, लेकिन आज की यूपीए सरकार 'गांधी भक्ति' में डूबी हुई है। 'गांधी भक्ति' का मतलब गांधी छाप नोटों के ढेर ले जाना। उन्होंने कहा कि अब भ्रष्टाचार में नोटों की गिनती नहीं, वजन देखना पड़ेगा।

सुशासन और सुराज्य की बात
मोदी ने कहा कि देश सुराज्य के लिए तरस रहा है। उनका कहना है कि सुराज्य हर समस्या का हल है। वहीं उन्होंने कांग्रेस के शासन को कुशासन करार दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए ने सुशासन और सुराज्य की व्यवस्था दी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में हंसी मजाक का केंद्र बन चुका है। पूरी दुनिया के देश आगे बढ़ रहे हैं और भारत पीछे जा रहा है।

बेरोजगारी का मुद्दा
नौजवानों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि नौजवान को रोजगार चाहिए। देश का नौजवान मेहनत करने को तैयार है। मोदी का कहना है कि यूपीए की सरकार लोगों को रोजगार नहीं दे पा रही है। अटल की सरकार ने छह साल में छह करोड़ लोगों को रोजगार दिया। वहीं कांग्रेस की सरकार कुछ लाख ही लोगों को रोजगार दे पाई।

बिजली की समस्या
मोदी ने लोगों से अपील की कि दिल्ली और केंद्र से कांग्रेस की सरकार को उखाड़ फेंको। उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार की आलोचना से काम नहीं चलता। भाजपा समस्या के हल की बात करती है। दिल्ली में बिजली की समस्या है। देश में 20 हजार से ज्यादा बिजली उत्पादन के कारखाने तैयार हैं, लेकिन उत्पादन चालू नहीं हुआ है। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसा क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कारखानों को कोयला नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के इऱादे नेक नहीं हैं।

केंद्र की यूपीए सरकार पर हमला
बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार मोदी ने कहा है कि यूपीए सरकार उन्हीं बातों पर वाहवाही लूट रहे हैं, जो राज्यों के विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र एक विभाग बताए, जो उसके पास है और बढ़िया काम कर रहा है। रेलवे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 1980 में देश में रेल लाइन का जाल 61 हजार किलोमीटर था। अब तक मात्र तीन हजार किलोमीटर का इजाफा हुआ। वहीं चीन ने 11 हजार किलोमीटर लाइन डाली है। वहीं चीन की रेलवे जापान से टक्कर ले रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि यूपीए ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि एनडीए की सरकार के दौरान 24 हजार किलोमीटर की सड़कें बनी लेकिन, यूपीए के नौ साल में नौ हजार किलोमीटर की सड़कें बनीं।

मनमोहन सिंह पर हमला
मोदी ने कहा कि भारतीय पीएम मनमोहन सिंह ने ओबामा से मुलाकात की। मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह ओबामा के सामने बैठकर गिड़गिड़ाते हैं। मेरा देश गरीब है। मोदी ने कहा कि पीएम ने ओबामा के सामने वही किया जो फिल्ममेकर करते हैं। गरीबी दिखाओ और अवॉर्ड लाओ।

पीएम पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि आखिर देश गरीब कैसे है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि गरीबी क्या स्टेट ऑफ माइंड है। उन्होंने कहा कि पीएम बताएं कि देश किस गरीबी से ग्रसित है।

पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की आलोचना
मोदी ने कहा कि नवाज शरीफ ने पत्रकारों से कहा कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री देहाती औरत जैसे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत के पीएम का सबसे बड़ा अपमान है। उन्होंने शरीफ से कहा कि यह देश पीएम का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने पत्रकारों को भी आड़े हाथों लिया, जो यह सब सुन रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा पत्रकार भी देश की जनता के प्रति जवाबदेह है।

मोदी ने कहा कि देश में हम सारे दल आपस में लड़ेंगे, लेकिन बाहर हम एक हैं। उन्होंने कहा कि शरीफ में ऐसी हिम्मत इसलिए आई क्योंकि उनकी पार्टी ने ही पीएम पद की इज्जत को मिट्टी में मिला दिया है। राहुल पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम को 'नॉनसेंस' कहना गलत है। मोदी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष ने पीएम की इज्जत उछाली है।

मनमोहन-शरीफ मुलाकात पर
मनमोहन सिंह और नवाज शरीफ के बीच होने वाली बैठक के बारे में चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि क्या पीएम पीओके को भारत को दिलाने पर बात कर पाएंगे?आतंकवाद पर बात कर पाएंगे या नहीं। भारतीय सैनिकों की हत्या पर बात होगी या नहीं यह देश जानना चाहता है।

राहुल गांधी पर परोक्ष हमला
मोदी ने कहा कि देश में परिवारशाही अब लोकशाही को दबोचने पर उतारू है। अब देश की जनता को फैसला करना है कि यह देश संविधान के अनुसार चलेगा या शहजादे (राहुल गांधी) की इच्छाओं के अनुसार चलेगा। उन्होंने कहा कि यह परिवारशाही न सिर्फ पीएम की पगड़ी उछाल रहे हैं, बल्कि संविधान का अपमान कर रहे हैं। मोदी ने यूपीए के साथी दलों से सवाल किया कि आप किसके साथ चलना चाहते हो। वह देश के संविधान के अनुसार चलेंगे या फिर शहजादे की इच्छा के अनुसार चलेंगे। देश के लोगों को यह तय करना है कि यह देश संविधान से चलेगा या फिर शहजादे की इच्छा से चलेगा।

उन्होंने कहा कि दागी नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पार्टी ने सबसे पहले स्वागत किया। उन्होंने 2014 के आम चुनाव और दिल्ली के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि 10 साल से देश यूपीए को झेल रहा है। इस देश को ड्रीम टीम चाहिए न कि डर्टी टीम। उन्होंने कहा कि जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष का महोत्सव कैसे मनाना चाहता है। यह देश की जनता को तय करना है।

निजी जीवन का उल्लेख
दिल्ली में अपनी रैली में अपनी बात रखते हुए मोदी ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की ताकत देखिए, बचपन में जो आदमी रेलवे के डिब्बे मैं चाय बेचकर अपना गुजारा करता था,... आज वह पार्टी का पीएम पद का उम्मीदवार है। ऐसे गरीब परिवार के बच्चे को जनता ने यहां बिठा दिया। मोदी ने कहा कि मन से मैं कभी न शासक था, न शासक हूं, न शासक बनने के सपने देखता हूं... मैं कल भी सेवक था, आज भी सेवक हूं, कल भी सेवक रहूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे काम पर भरोसा कीजिए,  न नरेंद्र मोदी न भाजपा, लोगों का भरोसा टूटने नहीं देगी।

नरेंद्र मोदी ने अटल-आडवाणी, ठाकरे आदि वरिष्ठ नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ही चरित्र लेकर हम सेवा करने आए हैं।

मोदी के भाषण के दौरान बार-बार समर्थक मोदी-मोदी के नारे लगाते रहे। कई बार मोदी को भाषण रोकने की नौबत आ गई। बीजेपी ने मोदी की इस रैली को पार्टी ने विकास रैली का नाम दिया है। दिल्ली की इस रैली से पहले बीजेपी ने 'दिल्ली बदलो देश बदलो' का नारा दिया है।

मोदी के साथ पूर्व पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, पार्टी नेता विजय गोयल, प्रो विजय कुमार मल्होत्रा और नवजोत सिंह सिद्धू मंच पर थे। मोदी की इस रैली में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस रैली से पहले बीजेपी के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखा। दिल्ली के रोहिणी इलाके के जापानी पार्क में होने वाली इस रैली में शामिल होने दिल्ली के अलावा आस-पास के राज्यों से भी कार्यकर्ता पहुंचे।

आयोजकों द्वारा इस रैली को कामयाब बनाने के लिए जमकर प्रचार किया गया था। पूरे मैदान में लोगों की सहुलियत के लिए एलइडी स्क्रीन्स लगाई गई थी। इसके अलावा और भी कई हाइटेक इंतज़ाम रैली के लिए किए गए थे।