शुक्रवार, 4 अक्तूबर 2013

सत्ता का सेमी-फ़ाइनल : 08 दिसंबर 2013 को तय होगी पांच राज्यों की सरकार



राजस्थान में 1 दिसंबर को वोट डाले जाएंगें.
8 दिसंबर को तय होगी पांच राज्यों की किस्मत
शुक्रवार, 4 अक्तूबर, 2013 को
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चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है.
चुनाव आयोग ने दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की है. मतदान 11 नवंबर से 4 दिसंबर तक होंगे.
चुनाव आयोग इन्हीं चुनावों में मतदाताओं को नोटा (उपरोक्त में से कोई भी नहीं) यानि सभी उम्मीदवारों को खारिज करने का अधिकार भी प्रदान करेगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आने वाले चुनावों में नोटा (नन ऑफ़ द अबव) यानि कि उपलब्ध उम्मीदवारों में से कोई भी नहीं का विकल्प भी दिया जाएगा. "

चुनाव कार्यक्रम
11 नवंबर से चार दिसंबर तक होगा पांच राज्यों में मतदान.
आठ दिसंबर को एक साथ सभी राज्यों में वोटों की गिनती.
छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होगा मतदान. 11 और 19 नवंबर को पड़ेंगे वोट.
मध्य प्रदेश में 25 नवंबर को मतदान.
राजस्थान में एक दिसंबर को पड़ेंगे वोट.
दिल्ली और मिजोरम में मतदान की तारीख.
पांचों राज्यों में 11 करोड़ से अधिक मतदाता चुनेंगे 630 जनप्रतिनिधि.
पांच राज्यों में पोलिंग स्टेशनों की संख्या- 1,30,000

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में दो चरणों मतदान होगा. यहां 11 और 19 नवंबर को वोट डाले जाएंगें
मध्य प्रदेश में 25 नवंबर को वोट डाले जाएंगें. राजस्थान में 1 दिसंबर को वोट डाले जाएंगें.
दिल्ली और मिज़ोरम में 4 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे.

मतगणना आठ दिसंबर को
सभी पांच राज्यों में मतों की गणना एक ही दिन 8 दिसंबर को की जाएगी.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई है.
उन्होंने कहा कि पांचों राज्यों में कुल 11 करोड़ मतदाता 1,30,000 पोलिंग स्टेशनों में वोट डालकर 630 जनप्रतिनिधियों को चुनेंगे.

चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी, और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आने वाले चुनावों में नोटा (नन ऑफ़ द अबव) यानि कि उपलब्ध उम्मीदवारों में से कोई भी नहीं का विकल्प भी दिया जाएगा.
चुनाव आयोग इसके लिए चुनाव अधिकारियों और मतदाताओं को प्रशिक्षित भी करेगा.

इस बार साफ-सुथरे चुनाव की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए चुनाव खर्च की भी निगरानी की जाएगी, और जागरूकता पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ में चुनाव के पहले चरण के लिए अधिसूचना 18 अक्टूबर को जारी होगी, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर होगी, जबकि छंटनी का काम 26 अक्टूबर को होगा. नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 28 अक्टूबर होगी, तथा मतदान 11 नवंबर को होगा.

छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 25 अक्टूबर को जारी होगी, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 1 नवंबर होगी, जबकि छंटनी का काम 2 नवंबर को होगा. नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 4 नवंबर होगी, तथा मतदान 19 नवंबर को होगा.

मध्य प्रदेश में एक ही चरण में 25 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा.इसके लिए अधिसूचना 1 नवंबर को जारी होगी, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 8 नवंबर होगी, जबकि छंटनी का काम 9 नवंबर को होगा.नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 11 नवंबर होगी.

सत्ता का सेमी-फ़ाइनल!

राजस्थान में भी एक ही चरण में 1 दिसंबर को मतदान होगा. इसकी अधिसूचना 5 नवंबर को जारी होगी, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 12 नवंबर होगी, जबकि छंटनी का काम 13 नवंबर को होगा.नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 16 नवंबर होगी.

दिल्ली और मिजोरम में एक साथ 4 दिसंबर को मतदान करवाया जाएगा.इन दोनों राज्यों में चुनाव के लिए अधिसूचना 9 नवंबर को जारी होगी, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 16 नवंबर होगी, जबकि छंटनी का काम 18 नवंबर को होगा.नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 20 नवंबर होगी.

इन राज्यों में इस बार चुनाव का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि कुछ ही महीने बाद अगले साल मई में लोकसभा चुनाव भी होने हैं. इन विधानसभा चुनावों को आम चुनाव के सेमी-फाइनल के तौर पर देखा जा रहा है.छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है वही दिल्ली, राजस्थान और मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है.



राजस्थान में भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ 1366 शिकायतें दर्ज: कोठारी


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Friday, 4 October 2013 |
प्रदेश में भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ 1366 शिकायतें दर्ज: कोठारी
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जोधपुर। लोकायुक्त एस.एस. कोठारी ने कहा है कि पिछले छह माह के दौरान लोक सेवकों के विरूद्ध 1366 शिकायतें दर्ज हुई है। शिकायतों पर अनुसंधान चल रहा है। वहीं माथुर आयोग द्वारा 1500 प्रकरणों को कार्रवाई के लिए राज्यपाल के समक्ष प्रस्ताव भेजा गया है। स्थानीय सर्किट हाऊस में आयोजित एक दिवसीय कैम्प के बाद आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जस्टिस व लोकायुक्त एस.एस. कोठारी ने कहा कि व्यक्तिगत लाभ व स्वार्थी रवैये के कारण लोकसेवक व जनप्रतिनिधियों के विरूद्ध युवाओं का गुस्सा फूटने लगा है। बेरोजगारी भी इसका एक मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि लोक जीवन व शासन स्थापित करने के लिए वे पदों पर रहकर दुरूपयोग करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध जांच व अन्वेषण करेंगे। ताकि, भ्रष्ट आचरण वाले व्यक्तियों के विरूद्ध रोक लग सकें। साथ ही आरोपियों के विरूद्ध कठोेर से कठोर कार्रवाई के लिए अनुशंषा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी लोक सेवकों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए सालाना रिपोर्ट विधानसभा में बहस के लिए सब्मिट की जाती है। कोठारी ने बताया कि मार्च में हुई नियुक्ति के बाद अब तक राज्य से करीब 1366 शिकायतें दर्ज हो चुकी है। मामलों की प्रारंभिक जांच के बाद प्रकरण दर्ज किये जा रहे है।

जनसेवी विभागों के विरूद्ध सर्वाधिक शिकायतें
कोठारी ने बताया कि प्रतिदिन 25-30 दर्ज होने वाली शिकायतें सबसे अधिक पुलिस विभाग, नगर निगम, जेडीए, यूआईटी की मिलती है। इनमें कई शिकायतें निराधार भी होती है। उन्होंने आह्वान किया कि आमजन को शिकायतों में पर्याप्त साक्ष्यों के साथ दोषी के विरूद्ध मामले प्रेषित करने चाहिए। ताकि, भ्रष्ट अफसरों व कार्मिकों के विरूद्ध त्वरित व ठोस कार्रवाई अमल में लाई जा सकें।

राजनेता से लेकर अफसरों के विरूद्ध मिली शिकायतें
प्रदेश में कामकाज में घपलों की शिकायतों में अफसरों से लेकर राजनेता भी शामिल है। उन्होंने गोपनीयता का हवाला देते हुए कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी लोगों के विरूद्ध कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। लोकायुक्त कार्यालय से निष्पक्ष व प्रभावी जांच होगी।

तबादले पर ले लिये महंगे उपहार
एक सवाल के जवाब में लोकायुक्त सज्जनसिंह कोठारी ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी ने तबादले पर महंगे उपहार लिये। जो कि नियमों के विरूद्ध व भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। कोड आफ कंडक्ट के तहत मामले के विरूद्ध कार्रवाई के लिए रिपोर्ट विधानसभा को सब्मिट कर दी गई है। हालांकि बहस नहीं होने के कारण मामला विधानसभा में लंबित चल रहा है।

पूर्व सरकार के विरूद्ध दर्ज है 1500 मामले
जस्टिस माथुर आयोग द्वारा पूर्व सरकार के विरूद्ध की गई जांच में 1500 मामले दर्ज हुए हैं। इन प्रकरणों पर कार्रवाई करने के लिए राज्यपाल से अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि मामलों में विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

जोधपुर से भी 60 प्रकरण
लोकायुक्त कोठारी ने बताया कि राज्य भर से दर्ज हुए 1366 मामलों में से 60 मामले जोधपुर से आए है। इनके विरूद्ध जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये जा चुके है। जांच में सहयोग नहीं करने व समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध अर्द्धशासकीय पत्र जारी करने के साथ सम्मन/वारंट जारी किया जाएगा।

शिविर में मिली 30 शिकायतें
लोकायुक्त कोठारी ने कहा कि प्रदेश के लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाये जा रहे हैं। इसी के तहत जोधपुर में आज शिविर लगाया गया। शिविर के दौरान 30 शिकायतें मिली है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि संसाधनों के मामले में राजस्थान लोकायुक्त के पास सीमित संसाधन है। साथ ही कार्मिकों का भी अभाव है। हालांकि राज्य सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति के बाद संसाधन उपलब्ध करवाए हैं। मगर, कर्नाटक व मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के मुकाबले स्टाफ बहुत कम है।

हम भारत को जमीन नहीं 'मां' का दर्जा देते हैं- मुजफ्फर हुसैन




हम भारत को जमीन नहीं 'मां' का दर्जा देते हैं- मुजफ्फर हुसैन
व्याख्यानमाला : 'भारत के विकास की अवधारणा' पर पद्मश्री मुजफ्फर हुसैन ने कहा- भारत देवभूमि है, 2021 के बाद देश नई करवट लेगा
भास्कर न्यूज / कोटा
दुनिया के लोग अपने देश को जमीन, माटी या पत्थर का टुकड़ा समझते हैं, लेकिन हम अपने देश को मां का दर्जा देते हैं। इसीलिए हमें मातृभूमि से इतना प्यार है। हम टूटने या तोडऩे में नहीं, निर्माण में विश्वास करते हैं।

यह कहना है जाने-माने विचारक पद्मश्री मुजफ्फर हुसैन का। गुरुवार को स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह और भाविप के स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर टीलेश्वर भवन में प्रथम व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता हुसैन ने धाराप्रवाह उद्बोधन में कहा कि हमारी अवधारणा एक राष्ट्र की है। जिस तरह शरीर का एक अंग काट दिया जाए तो असहनीय दर्द होता है, वैसे ही मातृभूमि का एक हिस्सा भी अलग हो तो हमें तकलीफ होती है।

उन्होंने कहा कि भारत देवभूमि है जहां लंबोदर की सवारी चूहा है। यह वैज्ञानिक अवधारणा थी। चूहा धरती के भीतर घुसकर कोई भी चीज निकालकर ला सकता है। आज के कंप्यूटर युग में 'माउस' भी एक क्लिक से सारी जानकारी लाकर दे देता है। हमारे सभी प्रतीक में साइंस थी। देश में 52 शक्तिपीठ ही जिले थे, 12 ज्योतिर्लिंग ही 12 प्रांत थे जो पूरे देश को नियंत्रित करते रहे। तब देश में 4 संसद थी, चारों दिशाओं के लोग कुंभ के रूप में आज भी प्रत्येक 4 साल में आपस में मिलते-जुलते हैं। यह संस्कृति दुनिया में और कहीं नहीं है। विशिष्ट अतिथि वीएमओयू के प्रो. पीके शर्मा, सीए अरविंद गोयल, भाविप के राष्ट्रीय महामंत्री प्रद्युम्न कुमार जैन ने भी विचार रखे। कार्यक्रम समन्वयक सीताराम गोयल व संयोजक दीपक कुमार गुप्ता ने आभार जताया।

ब्रह्म पुत्र और कन्याकुमारी दोनों एक समान: उन्होंने कहा कि हमारे देश में बेटे और बेटी में कभी अंतर नहीं समझा गया। उत्तर में ब्रह्मपुत्र और दक्षिण में कन्याकुमारी इसके प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि 33 वर्ष तक भगवान पाश्र्वनाथ अफगान में रहे। चीन के सरकारी भवनों पर आज भी अशोक चिन्ह दिखाई देते हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, 2021 के बाद देश नई करवट लेकर ऊपर उठेगा। उन्होंने कहा था जब देश का मस्तिष्क हिंदू और शरीर मुसलमान होगा तो हिंदू-मुस्लिम समस्या का समाधान स्वत: हो जाएगा।

वॉच मेरी गुरु:स्वामी विवेकानंद
हुसैन ने कहा कि एक छात्र ने स्वामी विवेकानंद से सवाल पूछा। जिसके जवाब में स्वामीजी ने कहा था कि दीवार पर लगी वॉच मेरी गुरु है। इसके शब्द डब्ल्यू- वॉच योर वर्क, ए-वॉच योर एक्शन, टी- वॉच योर थॉट, सी- वॉच योर केरेक्टर और अंतिम शब्द एच- वॉच योर हैबिट का संदेश देता है। जीवन में ये पांच शब्द हमारे गुरु हो सकते हैं। वॉच हर समय इसकी याद दिलाती रहती है।

टीलेश्वर भवन में गुरुवार को 'भारत के विकास की अवधारणा' व्याख्यानमाला को संबोधित करते जाने माने चिंतक पदमश्री मुजफ्फर हुसैन और मौजूद गणमान्य नागरिक।