सोमवार, 28 अक्तूबर 2013

पटना : पांच नहीं पांच हजार लोगों को मारने की थी साजिश

हमनें आज सुबह ही कहा था कि मूल योजना हसंदों हजारों को भगदड़ मचा कर मारनें की थी यह भाजपा कि कुशल रणनीति रही कि उन्होंने भगदड़ नहीं मचानें दी। सायंकाल तक इस कि पुष्टि हो गई !! यह एक बहुत बड़ी साजिस हे मोदी की सभाओं को रोकनें की , इसकी पूरी ईमानदारी से जाँच होनी चहिये। इसके अलावा यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है।  उसे प्रभावित करनें कि कोशिस हे।

पांच नहीं पांच हजार लोगों को मारने की थी साजिश, पढ़ें क्या थी योजना!
राजेश कुमार ओझा   |  Oct 28, 2013
http://www.bhaskar.com/article/BIH-PAT-five-hadred-no-plans-to-kill-five-thousand-bihar-patna-news-4417835-PHO.html
पटना। गांधी मैदान में पांच नहीं पांच हजार को मारने की योजना थी। इसलिए आतंकी गांधी मैदान की जगह मैदान के बाहर विस्फोट करा रहे थे। लेकिन नरेंद्र मोदी को देखने और सुनने आए लोगों के उत्साह के कारण इनके मंसूबे पर पानी फिर गया। सीरियल बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड इम्तियाज ने गिरफ्तारी के बाद ये बात पटना पुलिस के सामने स्वीकार किया है। अपनी योजना को अंजाम देने के लिए इम्तियाज अपने छह सात साथियों के साथ पिछले कई दिनों से पटना में रूका था। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना को अंजाम देने के लिए आइएम ने दस्ते के सदस्य को पांच-पांच लाख रूपए दिए थे।

इम्तियाज ने पुलिस को बताया कि हम लोग प्रति दिन गांधी मैदान जाया करते थे। अपनी योजना को अंजाम देने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर उनकी पूरी योजना को जानने के बाद अपनी रणनीति पर मंथन किया करते थे। इसके लिए पटना के कुछ स्थानीय लोगों की हम लोगों ने मदद लिया था। पुलिस को फिलहाल स्थानीय लोगों की खोज है जिसने उनकी मदद की है।

पुलिस सूत्रों की माने तो इम्तियाज के पास से जो कागजात और फोन नंबर मिले हैं वो आइएम की ओर इशारे कर रहे हैं। इसके  साथ हो गिरफ्तार इम्तियाज आतंकी तहसीन और मोनू को भी पहचानता है। उसने पुलिस को कहा भी है कि वो मेमन कहने पर ही इस काम के किया। मेमन शुरू से लेकर घटना के अंत तक इनके संपर्क में भी रहा। इससे भी पुलिस को घटना के पीछे आइएम को जोड़कर अपनी जांच कर रहा है।

बहरहाल पुलिस को घटना का मुख्य आरोपी बकार की तलाश है। जिसने पूरी घटना का अंजाम का नेतृत्वकर्ता था। वो दो दिन पहले से पटना में था और पटना आए आइएम के सदस्यों को घटना को अंजाम देने के लिए फोन पर ही दिशा निर्देश दे रहा था। वे मैदान के अंदर विस्फोट करवाने के पक्ष में नहीं थे।

आइएम का मानना था कि मैदान में विस्फोट कराना ज्यादा खतरनाक है और इससे हताहात भी कम लोग होंगे, लेकिन रैली में आए लोगों को भयभीत करा कर भगदड़ मचा दिया जाए तो कम खतरा लेकर ज्यादा बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है। उनकी इस योजना पर ही उनके दस्ते के लोगों ने ये काम किया। संयोगवश भगदड़ नहीं मची जिसके कारण पांच ही लोगों की मौत हुई ।

सुनो केंद्र सरकार,मोदी की जान को खतरा वास्तव में है

सुनो केंद्र सरकार , मोदी की जान को खतरा वास्तव में  है ………………

यह तो सच ही हे कि बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने व्यक्तीगत द्वेष के चलते , राजधर्म निभाने में कोताही बरती , जो उन्हें बहुत महंगा पड़ा , आज उनकी निंदा  का मुख्यकारण यही रहा कि , उन्होंने अपनी जिम्मेवारी को गंभीरता से नहीं  लिया !! केंद्र सरकार भी यह कह कर पल्ला नहीं झाड़ सकती कि हमनें एलर्ट जारी कर दिया था , आप पर सूचना थी तो आपनें रोकने के लिए क्या किया !! सो गए या भूल गए !!!
      अब यह भी ध्यान रहे कि " आप राजनैतिक द्वेष में यह मत भूल जाना कि मोदी जी की जान को बाकई में खतरा है और उनकी रक्षा करना आपका राजधर्म है !!!!!"



'मोदी आतंकियों के निशाने पर, 23 को बिहार पुलिस को भेजा गया अलर्ट'
2013-10-28
नई दिल्ली: बिहार में नरेंद्र मोदी की रैली में हुए सीरियल ब्लास्ट को लेकर नीतीश सरकार की पोल खुल गई है। जांच एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के मुताबिक 23 अक्टूबर को बिहार पुलिस को आगाह किया गया था। आईबी के मुताबिक कई आतंकी संगठनों के निशाने पर मोदी हैं। आईबी ने बताया ये सुराग आईएम के पकड़े गए लोगों के जरिए मिले थे। आईबी के मुताबिक मोदी की रैली में गडबड़ी की आशंका पहले से ही थी।
अब सवाल ये है कि अगर बिहार पुलिस को मोदी की रैली के पहले से ही आईबी का अलर्ट था तो पुलिस ने कड़े सरक्षा के बंदोबस्त क्यों नहीं किए। उधर बिहार के मुक्यमंत्री नीतीश कुमार ऐसा क्यों कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी तरह का कोई अलर्ट नहीं जारी किया गया था।
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धमाकों पर भाजपा ने खोली नीतीश सरकार की पोल
2013-10-28
नई दिल्ली: पटना में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली से पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट को लेकर भाजपा ने बिहार की नीतीश सरकार की पोल खोल कर रख दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने दावा किया है कि नीतीश सरकार को 23 तारीख को ही केंद्र सरकार से सुरक्षा का अलर्ट जारी कर दिया गया था, उसके बावजूद बिहार सरकार ने मोदी की रैली को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, जिसकी वजह से इन धमाकों को एक के बाद एक अंजाम दिया गया।

अरूण जेटली ने कहा कि अलर्ट के बाद भी नीतीश कुमार सोते रहे। इससे पहले नीतीश कुमार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा था कि उनको किसी प्रकार का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था। लेकिन भाजपा ने नीतीश के इस बयान पर नीतीश सरकार पर हमला करते हुए उनकी पोल खोल दी है। इस घटना में 6 लोगों की मौत और 102 लोग घायल अभी तक घायल हैं।

उन्होंने कहा कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने 1 अक्तूबर को बिहार के पुलिस महानिदेशक सहित विभिन्न राज्यों को लिखे पत्र में आम चेतावनी जारी की थी कि इंडियन मुजाहिदीन कुछ शहरों पर हमले की योजना बना रहा है। उनके अनुसार, ‘‘23 अक्तूबर को आईबी ने बिहार पुलिस को खासतौर पर चेतावनी दी कि नरेन्द्र मोदी की पटना रैली को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी निशाना बना सकते हैं।’’

‘‘रैली स्थल, गांधी मैदान में ना मेटल डिटेक्टर लगाए गए, ना जैमर और ना ही वहां आने वालों की जामा तलाशी ली गई, जबकि ऐसे बड़े आयोजनों में यह प्रक्रिया अपनाया जाना सामान्य बात है। मोदी की दिल्ली और राजस्थाना रैलियों तक में वहां की सरकारों ने यह प्रक्रिया अपनाई, लेकिन पटना में ऐसा नहीं किया गया।’’ नीतीश सरकार पर उन्होंने मोदी रैली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ‘‘संवेदनहीन, लापरवाह और उदासीन रवैया’’ अपनाने का आरोप लगाया।

उधर ब्लास्ट को लेकर सुशील मोदी ने कहा नरेंद्र मोदी को नीतीश राजनीतिक विरोधी नहीं समझते बल्कि उन्हें नीतीश राजनीतिक दुश्मन समझते हैं। सुशील ने कहा आतंकियों का निशाना केवल भीड़ नहीं था बल्कि नरेंद्र मोदी भी आतंकियों के निशाने पर थे। उन्होंने कहा नीतीश का राग द्वेष की राजनीति है। उन्होंने इस मामले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जवाब मांगा।