शनिवार, 16 नवंबर 2013

क्रिकेट से अलविदा :सचिन तेंदुलकर को 'भारत-रत्न'




सबसे कम उम्र के 'भारत रत्न' बनेंगे सचिन
ibnkhabar.com | Nov 16, 2013

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शनिवार को महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की घोषणा की। शनिवार को ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले तेंदुलकर यह सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। पीएमओ ने तेंदुलकर को जीवित किंवदंती बताया, जो देश के करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बने।
पीएमओ द्वारा जारी वक्तव्य के अनुसार 16 वर्ष की आयु में खेलना शुरू करने वाले तेंदुलकर ने पिछले 24 वर्षों में पूरी दुनिया में क्रिकेट खेलकर देश को अनेक गौरवों से नवाजा। वक्तव्य में आगे कहा गया है कि वह (तेंदुलकर) खेलों में भारत के सच्चे दूत रहे। क्रिकेट में उनकी उपलब्धियां अतुलनीय हैं। उन्होंने जो कीर्तिमान स्थापित किए वे अद्वितीय हैं, तथा जिस खेल भावना का परिचय उन्होंने दिया वह अनुकरणीय है।
पीएमओ ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि तेंदुलकर को अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जो एक खिलाड़ी के रूप में उनकी असाधारण प्रतिभा का परिचायक है। विश्व के महानतम बल्लेबाजों में शुमार तेंदुलकर ने शनिवार को वेस्टइंडीज के साथ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने 200वें टेस्ट मैच के साथ ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

------------------
'महाविदाई' पर तेंदुलकर को बड़ा 'तोहफा', दिया जाएगा भारत का सर्वोच्च सम्मान 'भारत-रत्न'
आज तक ब्यूरो [Edited By: नमिता शुक्ला] | नई दिल्ली, 16 नवम्बर 2013 |
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को इंटरनेशनल क्रिकेट से उनकी 'महाविदाई' पर सबसे बड़ा तोहफा भारत सरकार ने दिया. तेंदुलकर को देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा जाएगा. पीएमओ ने शनिवार को इसकी औपचारिक घोषणा की. तेंदुलकर इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी हैं.
राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता वेणु राजामोनी की एक संक्षिप्त बयान जारी करके कहा कि राष्ट्रपति ने तेंदुलकर को भारत रत्न देने का फैसला किया है जिन्होंने आज इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा. तेंदुलकर ने सबसे सफल बल्लेबाज के रूप में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने 200 टेस्ट में 15,921 रन बनाने के अलावा 463 वनडे मैचों में 18426 रन भी बनाए.

'मां को समर्पित किया भारत रत्न'
सचिन तेंदुलकर ने भारत रत्न अपनी मां को समर्पित किया है. सचिन ने मेसेज के जरिए ये जानकारी दी. सचिन ने मेसेज में लिखा, 'I dedicate this award to my mother :).'

शतकों का शतक लगाने वाला एकमात्र बल्लेबाज
तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकों का शतक जड़ने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं. वह वनडे मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज भी हैं.
'महाविदाई' का तोहफा है 'भारत रत्न'
यह पुरस्कार तेंदुलकर को विदाई का सर्वश्रेष्ठ तोहफा है, जिनके 24 साल के इंटरनेशनल करियर ने उन्हें क्रिकेटरों की पूरी पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनाया. तेंदुलकर को भारत रत्न देने की मांग लंबे समय से चल रही थी और पिछले साल इस पुरस्कार की पात्रता में भी संशोधन किया गया जिससे कि खिलाड़ियों को भी इसकी योग्यता सूची में शामिल किया जा सके.
प्रोफेसर सीएनआर राव को भी मिलेगा 'भारत रत्न'
पिछले साल राज्य सभा का सदस्य बनने वाले पहले सक्रिय खिलाड़ी बने तेंदुलकर को यह सम्मान प्रोफेसर सीएनआर राव के साथ दिया गया है, जिन्होंने भारत के पहले मंगल अभियान में अहम भूमिका निभाई है. सरकार ने कई सालों बाद भारत रत्न पुरस्कार दिए हैं. पिछली बार यह पुरस्कार पंडित भीमसेन जोशी को दिया गया था.
किसी खिलाड़ी को पहली बार मिलेगा 'भारत रत्न'
सचिन तेंदुलकर देश के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाएगा. इससे पहले देश का सर्वोच्च सम्मान खिलाड़ियों को नहीं दिया जाता था. तेंदुलकर के साथ ये नया ट्रेंड शुरू हो रहा है. सचिन को सबसे कम उम्र (40 वर्ष) में भारत रत्न मिल रहा है.
'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर ने भी की थी मांग
देश की कई दिग्गज हस्तियां सचिन को भारत रत्न देने की मांग कर चुकी हैं. खुद 2001 में भारत रत्न से सम्मानित हुईं स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने भी ये मांग की थी. उन्होंने तेंदुलकर को भारत रत्न का हकदार बताया था.