शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

सिब्बल बताऐं क्या गरीब सब्जी नहीं खा सकता : वसुन्धरा राजे


सिब्बल बताऐं क्या गरीब सब्जी नहीं खा सकता : वसुन्धरा राजे
 Nov 22 2013
 http://www.prabhatkhabar.com/news/64899-Sibal-poor-vegetable-can-not-eat-Raje.html
बासंवाडा: भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने कहा है कि गरीब को भूखे पेट सोने के लिए मजबूर करने वाली कांग्रेस जवाब दे कि क्या सब्जी अमीरों के लिए ही है, गरीबों के लिए नहीं.
राजे ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के सब्जी खाने वाले बयान की चर्चा करते हुए कहा कि महंगाई में सब्जी मिल कहां रही है? गरीब पहले प्याज-टमाटर से रोटी खा लेता था लेकिन ु कांग्रेस ने उसकी थाली से वह भी छीन लिया और तो और गरीब आज फीकी रोटी खाने को मजबूर है, क्योंकि इस कांग्रेस ने नमक महंगा करके उसे भी गरीब जनता से छीन लिया है. राजे ने कहा कि देश के इतिहास में सबसे ज्यादा महंगाई करने वाले कांग्रेस के नेता गरीबों का रोज अपमान कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने यह कहकर गरीबों का मजाक उड़ाया कि गरीबी सिर्फ एक मानसिक अवस्था है. केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम कहते हैं कि लोग फल, सब्जी, दूध तथा मीट ज्यादा खाने लगे हैं इसलिए महंगाई बढ़ी है. मैं कहना चाहती हूं कि ये नेता राजस्थान आकर देखें कि यहां की जनता किस हाल में जी रही है. उन्होने कहा कि जयपुर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि कांग्रेसी नेता शालीनता रखते हैं और भाजपा नेता अपमानजनक शब्द बोलते हैं. क्या प्रधानमंत्री को पता नहीं कि महिलाओं से दुराचार के मामले में राजस्थान के दो मंत्री एवं एक विधायक जेल में हैं.

सिब्बल ने गरीबों का उड़ाया मजाक, 'दाल के साथ सब्जी खाने से बढ़ी महंगाई'



सिब्बल ने गरीबों का उड़ाया मजाक, 'दाल के साथ सब्जी खाने से बढ़ी महंगाई'
Fri, 22 Nov 2013

नई दिल्ली। जहां एक ओर देश कर जनता बढ़ती सब्जियों की कीमतों से त्रस्त है, वहीं सरकार लोगों के जले पर नमक छिड़कने का काम करने लगी है। कांग्रेस सरकार अपनी मुसीबतें कम करने की जगह बढ़ाती जा रही है। देश के कानून मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक बेतुके बयान में कहा कि गरीब सब्जियां खाने लगा है इसलिए महंगाई बढ़ गई है।

ग्वालियर में कपिल सिब्बल ने बढ़ती महंगाई के सवाल पर संवाददाताओं से कहा कि देश के गरीब अब दाल के साथ सब्जी भी खाने लगे हैं जिससे महंगाई बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब वर्ग दाल रोटी खाता था और अब उसके साथ सब्जी भी खाने लगा है। इससे एक तरफ मांग बढ़ी है और उत्पादन में कमी आई है। इस कारण ही महंगाई बढ़ी है।

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कुछ महीने पहले इलाहाबाद में कहा था कि गरीबी एक मानसिक अवस्था है। जिसे लेकर उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी। कांग्रेस नेता राज बब्बर और रशीद मसूद भी महंगाई को लेकर शर्मनाक बयान देकर फंस चुके हैं। राज बब्बर ने 12 रुपए में और मसूद ने पांच रुपए में भरपेट खाना मिलने की बात कही थी।

कांग्रेसराज न होता तो भारत विश्व में धनवान होता

हालांकि, कपिल सिब्बल जबलपुर में इस बात से मुकर गए। यहां उन्होंने कहा कि महंगाई एक गंभीर मुद्दा है। सब्जी व फलों के दाम बढ़े हैं, अनाज के दाम कम बढ़े हैं। उन्होंने महंगाई के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया। सिब्बल ने कहा कि बढ़ती कीमतों की जिम्मेदार राज्य सरकार भी है। मांग और आपूर्ति के सिद्धांत पर ध्यान देते हुए उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। उन्हें केन्द्र को कोसने का हक नहीं है क्योंकि अनाज, सब्जी राज्यों में पैदा होती है।

सिब्बल ने यह बयान सब्जियों के दाम बढ़ने के कारणों का जवाब देते हुए कहा। जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। गौरतबल है कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बयान दिया था कि लोग 15 रुपये की पानी की बोतल तो खरीद ही लेते हैं लेकिन अगर अनाज की कीमत में एक रुपये बढ़ा दिया जाता है तो लोगों को समस्या आने लगती है। उनके इस बयान को भाजपा नेताओं ने आड़े हाथों लिया था। यह ध्यान देने योग्य है कि इन दिनों दिल्ली में प्याज की बढ़ी कीमतों के कारण दिल्ली की कांग्रेस सरकार मुश्किल में हैं।

'तहलका' के तेजपाल पर ; मचा 'तहलका'



तेजपाल पर मचा 'तहलका', पुलिस का शिकंजा तेज
आईएएनएस , Nov 22, 2013

पणजी। यौन शोषण के आरोपों में घिरे तहलका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस मामले की जांच कर रही गोवा पुलिस का शिकंजा तरुण तेजपाल पर लगातार कसता जा रहा है। पुलिस ने गोवा के उस फाइव स्टार होटल की सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है जहां महिला पत्रकार के साथ यौन शोषण का मामला हुआ। अब पुलिस इस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आगे की जांच करेगी।
बताया जा रहा है कि पुलिस जल्द ही तरुण तेजपाल को पूछताछ के लिए बुला कर सकती है। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। गोवा पुलिस ने केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। क्राइम ब्रांच ने लड़की की शिकायत पर और जरूरी दस्तावेज मंगवाए हैं। महिला पत्रकार के मुताबिक इसी महीने गोवा में थिंक फेस्ट के दौरान तरुण तेजपाल ने उसका यौन शोषण किया था।
बता दें कि ये फेस्ट तहलका पत्रिका ने ही आयोजित किया था। आरोप के मुताबिक यौन शोषण की ये घटना गोवा में तहलका के थिंक फेस्ट के दौरान लगातार दो दिन हुई थी। इन आरोपों के बाद तेजपाल ने माफी मांगी और छह महीने तक संपादक पद से दूर रहने का फैसला लिया है।
उधर, इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि कानून के मुताबिक पुलिस को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए। इसमें इस बात को कतई नहीं देखा जाए कि जिस शख्स पर आरोप लगा है, वो कौन है।
तेजपाल पर मचा तहलका
तरुण तेजपाल के खिलाफ लगे सनसनीखेज आरोप सामने आने के बाद से राजनीति और पत्रकारिता जगत में बवंडर खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों और पत्रकारों ने तेजपाल की तीखी आलोचना की है और उन्हें आसानी नहीं छोड़े जाने की अपील की है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा है, पूरी तरह से अपराध माने जाने वाले कृत्य के लिए अपने आप जताया गया प्रायश्चित उपचार नहीं हो सकता।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि पीड़िता को उत्तरी गोवा के एक होटल में घटी घटना के बारे में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उसी होटल में तहलका ने इस महीने के शुरू में समारोह का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे पास शिकायत नहीं आएगी तब तक हम दोष कैसे साबित करेंगे। पर्रिकर ने घटना की शुरुआती जांच कराने के संकेत दिए और कहा कि राज्य में आपराधिक घटना घटी। हमें जांच करने की जरूरत है और इसके लिए शिकायत की जरूरत नहीं होती।
तहलका की प्रबंधक संपादक शोमा चौधरी ने बुधवार को पत्रिका के सभी कर्मचारियों को तेजपाल का खत ई-मेल किया था। तेजपाल ने इससे पहले शोमा चौधरी को ई-मेल में लिखा था कि समझदारी की चूक और हालातों की गलत समझ कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा हुई, जो हमारे विश्वास और संघर्ष के खिलाफ है। मैं पहले ही अपने दुर्व्यवहार के लिए बिना शर्त क्षमा मांग चुका हूं, लेकिन मुझे लगता है कि अभी प्रायश्चित बाकी है। इसलिए मैं तहलका के मुख्य संपादक के पद से और कार्यालय से अगले छह महीने के लिए हटने की पेशकश कर रहा हूं।
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग कहा कि समाचार पत्रिका तहलका के मुख्य संपादक तरुण तेजपाल द्वारा एक महिला पत्रकार के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला अगर उनके सामने उठाया जाता है, तो वह मामले की जांच करेगा। ममता शर्मा ने तेजपाल द्वारा तहलका के मुख्य संपादक के पद से छह महीने के लिए त्यागपत्र देने की घोषणा पर कहा कि तरुण तेजपाल भगवान नहीं हैं, जो खुद अपनी करनी की सजा तय करेंगे।
साल 2001 में तहलका के स्टिंग आपरेशन से शर्मिदगी का सामना कर चुकी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि छेड़खानी करना नई परिभाषा के तहत कानून के तहत दुष्कर्म की श्रेणी में आता है। बीजेपी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज की संशोधित परिभाषा के अनुसार तरुण तेजपाल का काम दुष्कर्म की श्रेणी में आता है।
उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दोनों से ही इस मामले की जांच करने की मांग की। लेखी ने मांग की कि तेजपाल के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया जाए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
वहीं पूर्व पुलिस अधिकारी और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी ने कहा कि कानून की दृष्टि से इस मामले में दो तरह के कदम उठाए जा सकते हैं, पहला तो यह कि तहलका की यौन उत्पीड़न समिति के सामने यह मामला रखा जाए, अगर तहलका में ऐसी कोई समिति है तो मामले की विस्तृत जांच हो। दूसरा यह कि पुलिस अपने विवेक के आधार पर संज्ञान ले और मामले की पूरी छानबीन करे, उस स्थिति में भी अगर पीड़िता प्राथमिकी दर्ज करने को तैयार न हो।
वरिष्ठ पत्रकार और द हिंदू के पूर्व संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस मामले को एक निजी मामले की तरह लिया जाना चाहिए। आरोपी सिर्फ कार्यालय से अपना पद छोड़कर इतनी आसानी से छूट नहीं सकता।
---------------------------
तहलका ने बदला रुख, शोमा चौधरी ने कहा, पुलिस के पास जाने को स्वतंत्र है पीड़िता
NDTVIndia, Last Updated: नवम्बर 22, 2013

नई दिल्ली: तहलका के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में समाचार पत्रिका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी ने रुख बदलते हुए कहा है कि इस मामले में हमारी ओर से पीड़ित लड़की पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है और पुलिस में जाने या न जाने का फैसला करने के लिए वह स्वतंत्र है।
शोमा चौधरी ने अपने पिछले बयानों को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में यह भी कहा कि "हमारी ओर से भी थोड़ी गलती हुई और हमें लग रहा था कि पीड़ित लड़की तरुण तेजपाल द्वारा माफी मांगे जाने से संतुष्ट है। उस समय तक हमें सिर्फ कहानी का तरुण वाला पहलू ही मालूम था।"

शोमा चौधरी ने इसके अलावा यह जानकारी भी दी कि तहलका ने मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति का गठन कर दिया है। शोमा ने कहा कि प्रकाशक उर्वशी बुटालिया की अध्यक्षता में शिकायत समिति मामले की जांच करेगी। शोमा ने एक बयान में कहा, तरुण तेजपाल को 20 नवंबर को तहलका के संपादक पद से हटाने की स्वीकृति के बाद तहलका ने अब एक औपचारिक शिकायत समिति बनाई है, जो इस मामले में दिशानिर्देशों के अनुरूप मामले की जांच करेगी।

समिति की प्रमख जानी-मानी महिला अधिकार कार्यकर्ता और प्रकाशक उर्वशी बुटालिया होंगी। शोमा ने कहा, इसके अलावा तहलका महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 की धारा 4 के अनुसार एक औपचारिक शिकायत समिति बनाएगी, जो तहलका में अभी तक नहीं है।

समिति के सामने अब पीड़िता तथा तरुण तेजपाल दोनों का पक्ष रखा जाएगा और हासिल सबूतों के आधार पर समिति अपने निष्कर्ष निकालेगी। शोमा ने यह भी कहा कि मैं इस मामले में कोई निर्णय देने के लिए नहीं आई हूं और आप लोगों से (मीडिया)
 भी यही आग्रह है कि अटकलबाजी न करके समिति को अपना काम करने दें।

सच्चाई के तमाशबीनों का सच : आम आदमी पार्टी के 9 बड़े नेता स्टिंग में फंसे




सच्चाई के दावेदारों पर संकट... स्टिंग में फंसे आप नेता
नई दिल्ली, हिन्दुस्तान टीम : 22-11-2013

आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास और आरके पुरम से पार्टी उम्मीदवार शाजिया इल्मी गुरुवार को एक स्टिंग ऑपरेशन में फंसते नजर आए। इस स्टिंग में उन पर आरोप लगे हैं की दोनों ने अवैध तरीके से पैसा लिया है।

एक वेबसाइट मीडिया सरकार ने आप के नौ नेताओं के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया है। इनमें से एक स्टिंग में दिखाया गया कि शाजिया से मीडिया टीम के सदस्य ने एक कंपनी को सबक सिखाने के लिए मदद मांगी।
इसके लिए कंपनी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने का बात कही गई। इस पर पहले तो शाजिया ने कानूनी दस्तावेजों पर बात करने को कहा, लेकिन जैसे ही स्टिंग टीम ने इसके बदले उन्हें डोनेशन देने की बात कही, शाजिया के सुर बदलते नजर आए।

उन्होंने पैसा स्वयंसेवियों की तनख्वाह के नाम पर लेने की बात कही। इसी प्रकार दूसरे स्टिंग में कुमार विश्वास को अपने कवि सम्मलेन के लिए चेक के बदले नकद रुपये मांगने देखा गया। इस स्टिंग पर कुमार विश्वास का कहना है कि मैं अपने कार्यक्रम के लिए पैसे लेता हूं और उस पर टैक्स भी देता हूं। नकद पैसे लेने गैरकानूनी नहीं है।
वहीं आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि हमारे कई विस प्रत्याशियों के स्टिंग ऑपरेशन किए गए हैं। उनकी जांच की जा रही है। अगर किसी के खिलाफ भी आरोप सिद्ध हुए तो उसे चुनाव मैदान से हटा देंगे। भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
----------------------
शाजिया, विश्वास समेत AAP के 9 बड़े नेता स्टिंग में फंसे
नवभारतटाइम्स.कॉम | Nov 21, 2013  नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी (AAP) के नौ बड़े नेताओं पर एक स्टिंग ऑपरेशन में अवैध चंदे की उगाही के आरोप लगे हैं। आर.के. पुरम से AAP की प्रत्याशी शाजिया इल्मी और कुमार विश्वास पर किए गए स्टिंग ऑपरेशन में दोनों पर कैश लेने का आरोप है। अपने नेताओं के स्टिंग में फंसने पर AAP ने आनन-फानन योगेंद्र यादव और संजय सिंह की दो सदस्यीय कमिटी को इसकी जांच का जिम्मा सौंपते हुए 24 घंटे के अंदर फैसला सुनाने की बात कही।

दोनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई देते हुए शुरुआती जांच में स्टिंग की सीडी में छेड़छाड़ की बात कही। योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने चैनल से स्टिंग के मूल टेप मांगे हैं। इसकी जांच के बाद 24 घंटे के अंदर फैसला सुना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार दोषी पाए गए तो उन्हें हटाने से भी नहीं हिचकेंगे। इससे पहले पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस मामले में कुमार विश्वास ने भी सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने कैश की भी रसीद दी है और उस पैसे की अकाउंट में एंट्री भी है। कुमार विश्वास ने शाजिया इल्मी के बचाव में भी कहा कि शाजिया ने भी कैश देने के एवज में रसीद देने की बात कही है।

दरअसल एक टीवी चैनल के लिए 'मीडिया सरकार' के ओर से कराए गए इस स्टिंग में आरके पुरम से आप की उम्मीदवार शाजिया इल्मी एक धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 25 लाख रुपए का बेनामी चंदा लेने की बात करती दिखती हैं। वहीं कुमार विश्वास अपने एक कार्यक्रम के लिए चेक के बजाय कैश की बात कर रहे हैं। कुमार विश्वास के सचिव 50 हजार रुपए कैश भी ले लेते हैं। यह स्टिंग संगम विहार से AAP के उम्मीदवार दिनेश मोहानिया, पालम से भावना गौर और ओखला से इरफान उल्लाह खान समेत पार्टी के कुछ दूसरे कार्यकर्ताओं पर भी किया गया।

स्टिंग में रिपोर्टर शाजिया से एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी के तौर पर मिलता है और विरोधी कंपनी के खिलाफ ऐक्शन की बात करता है। आरोप है कि शाजिया कुछ दस्तावेजों की एवज में मदद को राजी हो जाती हैं। स्टिंग में शाजिया कैश लेने के लिए भी तैयार हो जाती हैं और विरोधी कंपनी की छवि खराब करने के लिए कैश लेने के तरीके पर बात करती हैं।

इसी तरह दिनेश मोहानिया चुनाव के बाद प्रॉपर्टी और पैसे के विवाद को सैटल करने में मदद का वादा करते दिखते हैं, तो इरफान उल्लाह पैसे के मामले को किसी भी तरीके से सुलझाने को तैयार दिखते हैं। एक और स्टिंग में कोंडली विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार मनोज कुमार वोट के बदले अपने चुनाव क्षेत्र के एक व्यक्ति से काला धन दिलवाने का वादा कर रहे हैं।