सोमवार, 25 नवंबर 2013

गरीबों की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी की : कांग्रेस राज में असलियत



गरीबों की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी की : कांग्रेस राज में असलियत

उचित मूल्य की दुकानों पर राशन के गेहूं के लिए भटक रहे हैं लोग
Bhaskar News Network | Nov 25, 2013,
भास्कर न्यूज. बारां
जिलेभर में उचित मूल्य दुकानों पर मिलने वाले गेंहू के लिए उपभोक्ता सप्ताह में भी लोगों को भटकना पड़ रहा है। कई जगह गेहूं वितरण का आदेश नहीं होने की बात कही जा रही है, तो कई जगह पूरा गेहूं नहीं पहुंचने का हवाला देकर लाभार्थियों को वापस लौटाया जा रहा है।
उपभोक्ता सप्ताह शुरू होने से लाभार्थी राशन की दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनको गेहूं नहीं मिल रहा है। राशन दुकानदारों का कहना है कि सिर्फ बीपीएल, स्टेट बीपीएल और अंत्योदय श्रेणी के उपभोक्ताओं को अनाज वितरित करना है, लेकिन पर्याप्त स्टाक नहीं होने से परेशानी आ रही है। कई उपभोक्ता दुकानों से निराश होकर लौट रहे हैं। पिछले महीने खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने पर रसद विभाग ने सभी उचित मूल्य दुकानों पर गेहूं का पर्याप्त स्टॉक पहुंचाने का दावा किया था। अधिनियम के तहत लाभार्थियों के राशन कार्डों पर सील लगाने एवं कर्मचारियों के समक्ष वितरण का निर्णय वापस ले लिया गया। इस दौरान कई दुकानों पर गेहूं की खेप पहुंची, लेकिन अधिनियम के तहत वितरण का आदेश नहीं मिल सका। वहीं पहले से वितरण का लाभ ले रहे बीपीएल और अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
५५३ दुकानों से होता है वितरण
जिलेभर में ५५३ उचित मूल्य दुकानों से राशन का वितरण किया जाता है। इन पर एक लाख ९ हजार ७२२ बीपीएल, स्टेट बीपीएल और अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को गेहूं का वितरण किया जाता रहा है। वितरण के लिए हर माह करीब ४४०० मेट्रिक टन गेंहू की सप्लाई जिले में की जाती रही है। इस गेहंू का वितरण चयनित श्रेणियों को निर्धारित दर पर किया जाता है।
ढ़ाई लाख परिवारों को मिलना था लाभ
अक्टूबर के महीने में खाद्य सुरक्षा अधिनियनियम लागू होने पर दो लाख ५० हजार परिवारों को इसमें शामिल किया गया। इस दौरान प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में उपभोक्ता सप्ताह मनाने की घोषणा की गई थी। उपभोक्ताओं को वितरण के लिए ५४०० मेट्रिक टन गेहूं की आवश्यकता बताई गई थी। बाद में अधिनियम के तहत चयनित परिवारों को गेहूं वितरण पर अस्थाई रोक लगा दी गई। इसके चलते लाभार्थियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

हाडौती में बिजली के कारखाने, फिर भी बिजली नहीं - नरेंद्र मोदी




 25 Nov-2013

अंता में  बिजली के कारखाने, फिर भी बिजली नहीं - नरेंद्र मोदी
एक झलक पाने की युवाओं में रही होड़
सभा में ऐसे गरजे मोदी
नरेंद्र मोदी अंता में कांग्रेस पर बरसे, 37 मिनट के भाषण में जनता से जुड़े मुद्दे उठाए, किसानों की मजबूती पर दिया जोर, भीड़ से सवालों के जरिए हां और ना- कहलवाया,

राहुल के भाषण में गरीब तो मोदी के भाषण में किसान
मोदी ने अंता में अपने 37 मिनट के भाषण में किसानों पर अधिक ध्यान दिया। उन्होंने किसान को समृद्ध करने पर जोर दिया। वहीं इससे पहले 17 सितंबर को बारां में हुई सभा में राहुल गांधी के भाषण के केंद्र में गरीब थे। उन्होंने भाषण में गरीब को संपन्न बनाने पर जोर दिया था।

मतदान की अपील: उन्होंने अंत में नारा दिया कि पहले मतदान, फिर जलपान। उन्होंने सभा में महिलाओं से आह्वान किया कि जब तक अंगुली पर मतदान का निशान नहीं देख लो तब तक घर पर चाय-नाश्ता मत बनाओ।

सबसे पहले मिले कौशल से
मंच पर आते ही नरेंद्र मोदी सबसे पहले पूर्व सांसद रघुवीरसिंह कौशल के पास पहुंचे और पैर छूने लगे। तो कौशल ने उन्हें आत्मीयता से रोक दिया। मोदी ने कौशल से बातचीत के बाद हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

यह भी रहे मौजूद
मोदी की सभा में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, सांसद दुष्यंत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश विजय, अंता विधानसभा प्रत्याशी प्रभुलाल सैनी, किशनगंज प्रत्याशी ललित मीणा, बारां प्रत्याशी रामपाल मेघवाल, प्रेमनारायण गालव, निर्मल माथोडिय़ा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजकुमार नागर, प्रधान संजना मीणा, रामेश्वर खंडेलवाल आदि मौजूद थे। संचालन रामशंकर वैष्णव ने किया।

कौन उगल रहा है जहर
मोदी ने कहा कि मेडम सोनियाजी आई तो कहा कि भाजपा वाले जहर फैलाते हैं, भाजपा वाले जहरीले हैं। मेडम कह रही है कि हम जहर दे रहे हैं। मोदी ने जनता से पूछा कि राजस्थान की क्या विशेषता है कि जब बड़े नेता आते हैं तो जहर की चर्चा करते ही हैं। छह महीने पहले जयपुर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ। शहजादे का राजतिलक किया गया। तब शहजादे ने कहा कि मैं सुबह मां के पास गया तो मां रो रही थी कि बेटा सत्ता जहर होती है। मोदी ने सभा में पूछा कि देश आजाद होने के बाद सबसे ज्यादा समय सत्ता में कौन रहा। सबसे ज्यादा जहर किसने चखा, किसके पेट में जहर पड़ा है, जिसके पेट में जहर है, वही तो उगलेगा।

क्या घटी महंगाई
कांग्रेस ने 2009 के लोकसभा चुनाव में सौ दिन में महंगाई दूर करने को कहा था। क्या महंगाई घटी है। उन्होंने वादा तोड़ा है तो आप उनसे नाता तोड़ लो। मोदी ने कहा कि महंगाई पर कांग्रेस के विद्वान नेता ने यह बयान दिया है कि गरीब दो-दो सब्जी खाता है, इसलिए महंगाई बढ़ रही है। गरीब सब्जी खा रहा है तो कांग्रेस को चिंता हो रही है। यह गरीब का मजाक उड़ा रहे है।

उन्हें मालूम नहीं देश के हालात
मोदी ने कहा कि ज्यादा बारिश हो तो फसल खराब हो जाती है। क्षेत्र में सोयाबीन का सूपड़ा साफ हो गया और सरकार ने किसानों से पूछा तक नहीं। पहले बारिश में पानी गिरा और अब आंखों से आंसू निकल रहे है। दिल्ली से बड़े-बड़े नेता यहां आए थे, शहजादे आए थे। क्या उन्होंने सोयाबीन या किसानों की बात की। उन्हें मालूम ही नहीं है कि देश के क्या हाल है।

भास्कर न्यूज. बारां
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले देश तोड़ा, भारत का विभाजन कर दिया। मां भारती की बेडिय़ों की भुजाएं ही काट दी। वंदे मातरम् गीत के दो टुकड़े कर दिए। भाषावाद, प्रांतवाद, संप्रदाय के नाम पर लोगों को लड़ाया। हिन्दू और मुसलमान को एक-दूसरे से लड़ाया। बांटो और राज करो, यही कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा है। यह लड़ाई लडऩे से देश को क्या मिला।

मोदी रविवार शाम को अंता कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज गुजरात जो कार्य कर रहा है, उसका कारण है एता, शांति। वहां सभी मिलकर विकास में जुटे है। कांग्रेस को वोट बैंक की राजनीति के चलते कुछ नहीं सूझता। यहां बिजली के इतने कारखाने हंै, फिर भी बिजली नहीं मिल रही है। मैं गुजरात में पहली बार मुख्यमंत्री बना तो लोग कहते थे कि कुछ करो या मत करो, पर खाना खाने के समय तो बिजली दो। गुजरात में दो हजार मेगावाट बिजली की कमी थी। आज 24 घंटे बिजली मिल रही है। शाम चार बजे मंच पर पहुंचे मोदी ने अपने भाषण में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की जमकर तारीफ की। वहां उन्होंने कृषि विकास दर दो फीसदी से बढ़ाकर 13 फीसदी कर दी है। गुजरात में भी पहले कृषि विकास दर माइनस में थी। हमने नर्मदा का पानी एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाया। मध्यप्रदेश के किनारे से नर्मदा का मीठा पानी देश की सीमा तक ले गए। दुनिया की सबसे लंबी पाइप लाइन बिछाई, जिससे नौ हजार गांवों में मीठा पानी पहुंचा। मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह पाइप लाइन ऐसी है कि अशोक गहलोत मारुति कार में बैठकर इसके अंदर परिवार सहित जा सकते हैं।

...तो बदल जाती तस्वीर
मोदी ने भाषण में बारां की जगह झालावाड़ कह दिया। उन्होंने कहा कि झालावाड़ की यह धरती उपजाऊ है। चंबल का पानी है। यदि कोई अच्छी सरकार मिलती तो जिला कहां से कहां पहुंच जाता। हमारे यहां सूरत में तापी नदी के किनारे सात प्रकार से बिजली उत्पादन किया जाता है। यदि यहां इरादा मजबूत होता तो इसकी तस्वीर बदल जाती।

नौजवानों से खिलवाड़
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करती है। उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या केंद्र या राज्य की सरकार ने आपको रोजगार दिया है। रोजगार के बिना नौजवान कहां जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान में काम मिलता तो उन्हें घर छोड़कर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे के हाथ में प्रदेश सुरक्षित रहेगा। दो सौ दिन बाद दिल्ली में सरकार बदलेगी। दोनों जगह भाजपा सरकार होगी तो विकास होगी ही। बीमारू प्रदेश का कलंक मिटाना है तो एक तारीख को मतदान में बटन दबाकर भाजपा को जिताना है।

गुजरात मॉडल भी समझाया
अपने 37 मिनट के भाषण में मोदी ने गुजरात की उपलब्धियां भी गिनाई। उन्होंने गुजरात मॉडल पर चर्चा करते हुए कहा कि गांव को समृद्ध करना है तो खेती को आधुनिक करना होगा। गुजरात दस प्रतिशत कृषि विकास दर पर पहुंचा, क्योंकि सब जगह पानी पहुंचाया गया। जैसे मनुष्य को हैल्थ कार्ड होता है, वैसे ही गुजरात में किसानों की जमीनों का हैल्थ कार्ड बनाया गया है। इसमें किसान की जमीन कैसी है, कोई कमी तो नहीं है, कोई बीमारी है क्या, कौन-सी फसल हो सकती है, कौनसा खाद व बीज अनुकूल रहेगा, यह सारी जानकारी दी गई है। इससे किसान जमीन की प्रकृति के अनुसार फसल कर रहे है। इस योजना से जमीनें बर्बाद होने से बच गई। उन्होंने कहा कि यदि देश के सभी किसानों को विज्ञान व टेक्नोलॉजी का लाभ मिले तो देश क्या, पूरे यूरोप का पेट भर सकते है। इनको किसानों की परवाह नहीं है। हम मवेशियों का भी ध्यान रख रहे हैं, गुजरात में पशु आरोग्य मेले लगाए जाते हैं। मेले इतनी संख्या में लगाए जाते हैं कि तीन किमी से ज्यादा किसी मवेशी को नहीं चलना पड़े। यहां व्यक्तियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पाती, जबकि गुजरात में मवेशियों के मोतियाबिंद के भी ऑपरेशन किए जा रहे हैं। मवेशियों को दर्द ना हो, इसलिए लेजर तकनीक सीखने के लिए डॉक्टरों की टीम को अमेरिका भेजा गया। पशुपालन पर ध्यान देने का परिणाम यह है कि गुजरात में दुग्ध उत्पादन में 85 फीसदी वृद्धि हुई है। आज देश के हर कोने में गुजरात के अमूल का दूध व बटर जाता है। क्या आपके मुख्यमंत्री ने कभी ऐसा सोचा होगा। इनके दिमाग में कुर्सी के सिवा कुछ नहीं है।

> बारां. नरेंद्र मोदी की अंता के स्टेडियम में हुई सभा के दौरान रविवार शाम को उत्साहित युवा नारे लगाते रहे। मोदी ने इनसे सवाल-जवाब भी किए और युवाओं की राय भी जानी।

भास्कर न्यूज. बारां
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले देश तोड़ा, भारत का विभाजन कर दिया। मां भारती की बेडिय़ों की भुजाएं ही काट दी। वंदे मातरम् गीत के दो टुकड़े कर दिए। भाषावाद, प्रांतवाद, संप्रदाय के नाम पर लोगों को लड़ाया। हिन्दू और मुसलमान को एक-दूसरे से लड़ाया। बांटो और राज करो, यही कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा है। यह लड़ाई लडऩे से देश को क्या मिला।

गुजरात में 1500 रुपए में इंजीनियरिंग - नरेंद्र मोदी



भाजपा नहीं, कांग्रेस फैला रही जहर: मोदी
भाइयों-बहनों,
मैं सबसे पहले भाजपा की ओर से आप सभी से माफी मांगना चाहता हूं, मुझे बताया गया कि भीड़ अधिक होने के कारण स्टेडियम के गेट बंद करने पड़े। मैं अभी रास्ते में आ रहा था, तो हजारों लोग स्टेडियम के बाहर खड़े थे। उन्हें अंदर आने का मौका नहीं मिला। मैं उनसे क्षमता मांगता हूं। मैं कोटा वासियों को कहता हूं। स्टेडियम में जगह हो या न हो, मेरे दिल में आपके लिए भरपूर जगह है।

कोटा : भाइयों-बहनों में कोटा कई बार आया हूं। संगठन के कार्य से भी आया हूं, सार्वजनिक सभाएं करने भी आया हूं, लेकिन कोटा ने आज सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। मुझे नहीं लगता निकट भविष्य में आपका यह रिकार्ड को कोई तोड़ पाएगा।
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 कोटा में रहकर पढ़ रहे कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के एक लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स नरेंद्र मोदी के भाषण में फोकस रहे। पहली बार वोट दे रहे वोटर्स को लुभाने के लिए मोदी ने शिक्षा, तकनीक, रोजगार और स्किल डवलपमेंट जैसे मुद्दों पर ज्यादा देर बात की। कोटा को पूरे देश के युवाओं का प्रतीक भी उन्होंने बताया। हालांकि कुछ चीजें ऐसी भी दिखीं, जिनमें पूरी तैयारी का अभाव दिखा। वसुंधरा राजे ने कई बार दोहराया कि कोटा के 5 प्रत्याशियों को जिताएं, जबकि कोटा जिले में 6 प्रत्याशी हैं।

शिक्षा की बात हो या स्किल डवलपमेंट की या फिर रोजगार का मुद्दा हो, भाजपा के स्टार प्रचारक गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बारी-बारी से युवाओं से जुड़े हर मुद्दे को उठाया। कभी गुजरात मॉडल लागू करवाने के बारे में युवाओं से हां बुलवाई तो कभी रोजगार के नाम पर वादा खिलाफी करने पर कांग्रेस से नाता तोडऩे के लिए हाथ उठवाए।

शिक्षा: राजस्थान में इंजीनियरिंग की शिक्षा गुजरात के मुकाबले 30 गुना महंगी बताई और इंजीनियरिंग कॉलेज लगभग दोगुने बताए। यहां फीस 45 हजार बताई। वहीं गुजरात में 1500 रुपए फीस बताई। राजस्थान में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज 10 बताए, तो गुजरात में 19 बताए।

यूथ: कहा कि पूरे संसार की नजरें देश के यूथ पर हैं। 35 साल तक के युवाओं की संख्या 65 प्रतिशत बताई। भारत को संसार को सबसे नौजवान देश बताया।

रोजगार: कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 2009 में 1 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन बाद में वादा खिलाफी की। बताया कि पूरे विश्व में इस समय लाखों इंजीनियर, डॉक्टर, नर्स, शिक्षक, क्राफ्टमैन, प्लंबर, फिटर की जरूरत है, लेकिन तैयार नहीं हो पा रहे।

स्किल डवलपमेंट: इस मामले में गुजरात की तुलना अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से की। कहा कि पूरे देश के लिए इस मद में एक हजार करोड़ रुपए ही खर्च होते हैं, जबकि केवल गुजरात में स्किल डवलपमेंट पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।

कोटा: कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक के युवा कोटा में रह रहे हैं। कोटा के माहौल से पूरे देश का मिजाज जाना जा सकता है। स्टूडेंट्स की वजह से कोटा को लघु भारत बताया।

मोदी का भाषण सुनने के लिए जब कई युवाओं को स्टेडियम में घुसने का मौका नहीं मिला, तो वे दीवार फांदकर स्टेडियम में घुस गए।


चुनाव : मैं पहली बार ऐसे चुनाव देख रहा हूं, चुनाव विधायक नहीं लड़ रहे हैं, राजनीतिक दल नहीं लड़ रहे हैं। यह चुनाव जनता जनार्दन लड़ रही है। इमरजेंसी के समय देश के नेता जेल में थे, इंदिराजी ने देश को जेलखाना बना दिया था। मुझे याद है, वह चुनाव भी जनता ने लड़ा था। कांग्रेस को उत्तर भारत से साफ कर दिया था।

गुजरात मॉडल: शिक्षा की स्थिति कैसी होनी चाहिए। हमारे कांग्रेस के मित्र और कुछ कांग्रेस की मदद करने वाले पंडित बार-बार सवाल उठाते हैं। गुजरात का मॉडल गुजरात के बाहर चलेगा क्या। आपको बताना चाहता हूं, राजस्थान में इंजीनियरिंग के दस कॉलेज हैं। गुजरात में 19 हैं। जवाब दो, मॉडल चल सकता है या नहीं। राजस्थान में इंजीनियर कॉलेज की फीस 45 हजार रुपए है। गुजरात में सरकारी इंजीनियरिंग फीस 15 सौ रुपए है। मॉडल चल सकता है, या नहीं।

युवा: देश की 65 फीसदी जनसंख्या 35 साल से कम उम्र की है, हिन्दुस्तान दुनिया का सबसे नौजवान देश है। नौजवान को क्या चाहिए, अवसर चाहिए। आज पूरी दुनिया में लाखों शिक्षक, इंजीनियर और क्राफ्टमैन की जरूरत है। सारे विश्व में मैनपावर चाहिए। भारत पूरी दुनिया को मैनपावर दे सकता है।

सोनिया-राहुल : मैडम सोनिया कल राजस्थान में आई थी, उन्होंने कहा ये भाजपा वाले जहर फैलाते हैं। छह माह पहले जयपुर में कांग्रेस के शहजादे ने जो भाषण दिया था जयपुर में याद होगा। उन्होंने कहा मैं सुबह मां के कमरे में गया, मम्मी रो रही थीं, मम्मी ने कहा बेटा सत्ता जहर होती है। याद है ना। बताइए हिन्दुस्तान में ज्यादा सत्ता में कौन रहा है। यह जहर ज्यादा से ज्यादा किसने डसा है। किसके पेट में ज्यादा में ज्यादा जहर है। गालियां हमें देते हैं।

कांग्रेस: कांग्रेस पार्टी अपना नाम भी बदलती है नीतियां भी बदलती है और निशान भी।
आपने देखा होगा, ये पहले इंडियन नेशनल कांग्रेस थे, फिर इंडिकेट बने, सिंडीकेट बने। आज भी देश में कई सारी कांग्रेस है। समय आने पर जनता को मूर्ख बनाने के लिए वे अपना नाम बदलते रहते हैं। कांग्रेस आई यह आई का मतलब क्या है भाई।

महंगाई : पिछले लोकसभा चुनावों में कहा था कि सौ दिन में महंगाई कम करेंगे। क्या कम हुई। यह वादा खिलाफी नहीं है। मैडम सोनिया यहां आई थीं। उन्होंने महंगाई का 'म' भी नहीं बोला। उनके मुख्यमंत्री महोदय आए, उन्होंने बोला। प्रधानमंत्री आए बोले, शहजादे आए वे बोले। क्यों भाई। गरीब के घर में चूल्हा नहीं जल रहा। कोई उसपर बोलने को तैयार नहीं।

भ्रष्टाचार: कांग्रेस के घर के अंदर करप्शन भरा पड़ा है। जब तक देश कांग्रेस से मुक्त नहीं होगा करप्शन से मुक्त नहीं हो सकता है। आप कभी घर में कोयला ताले में रखते हो। कोई कोयले की चोरी करता है। यह कांग्रेस सरकार कोयला खा गई। कांग्रेस ने जल हो, नभ हो, पाताल हो, आकाश हो पृथ्वी हो। हर लोक में भ्रष्टाचार किया है।

मतदान: दो सौ दिन के बाद लोकसभा का चुनाव होने वाला है। दो सौ दिन के बाद जब दिल्ली सरकार के लिए चुनाव होगा कांग्रेस बचने वाली नहीं है। भाजपा सरकार आने वाली है। आप तय करिए राजस्थान में वसुंधरा जी की सरकार हो, दिल्ली में भाजपा की सरकार हो। आपके तो दोनों हाथ में लड्डू हो जाएंगे। एक दिसंबर को बटन दबाना है। पहले मतदान और फिर जलपान।