शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013

राष्ट्रीय जांच एजेंसी : साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ केस वापस लेने की तैयारी में



हिन्दू समाज के प्रखर और तेजस्वी व्यक्तित्व के खिलाफ किस तरह सरकारी एजेंसियों का दुरूपयोगह एवं आक्रमण हो रहा है इसका यह एक उदहारण है ! हिन्दू समाज को समझना चाहिए कि देश में उनके  खिलाफ कौन लोग षड़यंत्र रच रहे हें और किस निमित्त यह सब हो रहा है , इनका उत्तर खोजना ही चाहिए ताकी सच की  पहचान हो और समाधान को समाज जागृत हो ? 
जोशी हत्‍याकांड: साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ केस वापस लेने की तैयारी में एनआईए
आज तक वेब ब्‍यूरो [Edited by: बबिता पंत] | नई दिल्ली, 27 दिसम्बर 2013
http://aajtak.intoday.in
आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी की हत्या के करीब छह साल बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने माना है कि मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर गलती की है. साध्वी मालेगांव बम धमाके में भी आरोपी हैं. जोशी भी मालेगांव धमाके में आरोपी थे. इसके अलावा जोशी दिल्ली से लाहौर के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी, 2007 को हुए धमाके में संदिग्ध थे. जोशी की देवास में 29 दिसंबर, 2007 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में सितंबर, 2008 में हुए बम धमाके में करीब 37 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सवा सौ से अधिक लोग जख्मी हुए थे. यह धमाका शुक्रवार के दिन एक मस्जिद के पास हुआ था.

एनआईए की जांच के मुताबिक जोशी की हत्या लोकेश शर्मा और राजेंद्र पहलवान ने की थी, जो समझौता ब्लास्ट में आरोपी हैं. इन दोनों ने प्रज्ञा ठाकुर से दुर्व्यवहार के चलते जोशी की हत्या कर दी थी. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस के मुताबिक इस हत्या‍कांड में इन दोनों की मदद दिलीप जगताप और जीतेंद्र शर्मा नाम के दो लोगों ने की थी. ये चारों गिरफ्तार कर लिए गए हैं. यूथ बीजेपी के नेता जीतेंद्र को हाल में मध्य प्रदेश के महू से गिरफ्तार किया गया है. इसकी गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने दावा किया कि इस मामले में जांच पूरी हो गई है.

एनआईए सूत्रों के मुताबिक इन लोगों को इस बात का डर था कि जोशी समझौता बम धमाके में इनकी मिलीभगत का भंडाफोड़ कर देंगे. बताया जाता है कि लोकेश और राजेंद्र का जोशी से पैसों के लेन-देन का भी विवाद था. एनआईए ने इन चारों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय की मंजूरी मांगी है. मंजूरी मिलने के बाद ही इस मामले में चार्जशीट फाइल की जाएगी. जांच एजेंसी मर्डर में इस्तेीमाल किए गए हथियार की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भी गौर कर रही है.

जांच एजेंसी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, हर्षद सोलंकी, वासुदेव परमार, आनंद राज कटारिया और बीजेपी पार्षद रामचरण पटेल के खिलाफ लगे आरोपों को हटाने के लिए मध्‍य प्रदेश स्थित स्पेडशल कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. मध्य प्रदेश की पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (मर्डर), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत मिटाने) के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था. ठाकुर इस वक्त जेल में हैं, जबकि परमार, कटारिया और पटेल जमानत पर रिहा हो चुके हैं.
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NIA set to drop case against Sadhvi Pragya, others arrested by MP Police

Rahul Tripathi : New Delhi, Fri Dec 27 2013
http://www.indianexpress.com
The NIA has concluded that the Madhya Pradesh Police arrested the wrong people, including Sadhvi Pragya Singh Thakur.

Nearly six years after the murder of RSS pracharak Sunil Joshi, the National Investigation Agency (NIA) has concluded that the Madhya Pradesh Police arrested the wrong people, including Sadhvi Pragya Singh Thakur. Joshi, an accused in the 2006 Malegaon blasts and the Samjhauta and Ajmer blasts in 2007, was found dead in Dewas on December 29, 2007.

According to the NIA probe, Joshi was killed by Lokesh Sharma and Rajender Pehalwan, both accused in the Samjhauta blasts case, for allegedly misbehaving with Thakur. The duo were reportedly helped by Dilip Jagtap and Jitender Sharma. All the four have been arrested. Sharma, a BJP youth wing leader, was arrested from Mhow recently, after which the NIA claimed the probe had been completed.

NIA sources said the group also feared that Joshi may expose their alleged involvement in bomb blast cases. Lokesh Sharma and Rajender Pehalwan are also reported to have had a financial dispute with Joshi.

The sources said the agency is seeking the home ministry's sanction to prosecute the four accused, after which a chargesheet will be filed. The agency is also examining the CFSL report on the murder weapon.

The agency then plans to approach the MP special court seeking to drop the charges against Pragya Singh Thakur, Harshad Solanki, Vasudev Parmar, Anand Raj Kataria and BJP councillor Ramcharan Patel, who were booked under IPC Sections 302 (murder), 120 (B) (criminal conspiracy) and 201 (destruction of evidence) by the MP Police.

While Thakur, an accused in the 2008 Malegaon blasts case, is currently in jail, Parmar, Kataria and Patel have been released on bail. Solanki is also still in jail for his alleged role in other crimes. The MP Police, in its chargesheet filed in 2011, had claimed that Joshi was shot by Harshad Solanki. It had said that Joshi was killed because Solanki and the others had started regarding him as a threat.