शुक्रवार, 17 जनवरी 2014

सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत


क्या सुनंदा का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी कत्ल
आई एस आई ने किया है या शशी ने , ये गुत्थी कभी सुलझेगी ?
कौन कातिल क्या पता, मैं या मेरा रहबर।
ढूँढना गर पता चले, मेरा ठिकाना खुदा का घर॥
- सुनंदा पुष्कर - ईश्वर आपकी आत्मा को शांति व मोक्ष प्रदान करे।
कांग्रेसी पूर्व मंत्री शशी थरूर के पाकिस्तानी महिला से चल रहे अफेयर के बीच सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत हो गई है। शशी थरूर और सुनंदा के विवाह को अभी 7 साल से कम का समय ही गुजरा है। इसलिये तुरंत शशी से गंभीरतम पूछताछ जरूरी है।
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http://www.bbc.co.uk/hindi
शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौतशुक्रवार, 17 जनवरी, 2014

केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत हो गई है. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बीबीसी के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने ख़ुद पुलिस को अपनी पत्नी की मौत की सूचना की.शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर की शादी 2010 में हुई थी.

एक दिन पहले ही पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से ट्विटर पर उनकी काफ़ी तकरार हुई थी.जिसके बाद शशि थरूर और पत्नी सुनंदा पुष्कर ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा था कि वे सुखी वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र में राजनयिक रहे शशि थरूर को 2010 भारत सरकार के मंत्रिपद से एक विवाद के बाद इस्तीफ़ा देना पड़ा था जिसमें आईपीएल क्रिकेट टीम की निविदा में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए थे.लेकिन कुछ समय बाद उन्हें मंत्री परिषद में दोबारा शामिल किया गया.

राहुल चिड़‍िया हैं तो नरेंद्र मोदी शेर - मेनका गांधी



राहुल गांधी चिड़‍िया तो मोदी शेर, दोनों का कोई मुकाबला नहीं: मेनका
Posted by: Ajay Mohan Published: Thursday, January 16, 2014,

नई दिल्ली। कांग्रेस के शीर्ष दल की बैठक होने जा रही है, जिसमें राहुल गांधी को नई जिम्मेदारी दिये जाने के कयास लगाये जा रहे हैं। ऐसे मौके पर राहुल को करारी चोट दी है उन्हीं की चाची मेनका गांधी ने। मेनका ने कहा कि राहुल चिड़‍िया हैं तो नरेंद्र मोदी शेर, दोनों का कोई मुकाबला नहीं। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता मेनका गांधी ने टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि कांग्रेस में चालीस क्या उससे भी ज्यादा चोरों ने देश को लूटा है। जिस तरह गरीबों के खून को चूसा है, उससे तो यह साफ हो गया है कि लोग अब ऊब चुके हैं। अब पार्टी का नेतृत्व किसी को भी दे दीजिये, कांग्रेस की वापसी नहीं होने वाली। मेनका ने कहा कि जब पूरी टीम ही चोरों की है, तो सरदार कोई भी हो फर्क नहीं पड़ता। अगर कांग्रेस को वापसी करनी है, तो पार्टी में बदलाव करने होंगे। यह पूछे जाने पर कि राहुल गांधी को नेतृत्व देने से क्या परिस्थितियां बदल जायेंगी, मेनका ने जवाब दिया कि नेतृत्व में बदलाव कैसा। देश तो दोनों मां-बेटा ही चला रहे हैं। जिन्हें आप प्रधानमंत्री कहते हैं, उन्हें मैं क्या देश भी पीएम नहीं मानता। जब देश तो वही चला रहे हैं, तो नेतृत्व बदलने या नई जिम्मेदारी से क्या फायदा होने वाला। यह पूछने पर कि क्या प्रियंका गांधी कोई नया परिवर्तन ला पायेंगी, तो मेनका ने कहा कि ग्लैमर से देश नहीं चलता। जाहिर है मेनका गांधी के ये शब्द बाण राहुल को गंभीर रूप से घायल करने वाले हैं, क्योंकि पार्टी इस समय पार्टी में राहुल को बड़ी जिम्मेदारी देने पर मंथन चल रहा है। कल होने वाली बोर्ड की बैठक में राहुल गांधी को बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है।

ओबामा लाए 80 लाख नई नौकरियां और मनमोहन सिंह ?


भारत सरकार बताये कि वह रोजगार के अवसर पैदा क्या नहीं कर सकी ?
यहाँ हर रोज कोई न कोई बेरोजगार ही हो रहा है !
जो सरकार देश की चिंता  करती वह रोजगार के अवसर पैदा करती हे !
भारत सरकार ने इस और ध्यान क्यां नहीं दिया ?
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ओबामा लाए 80 लाख नई नौकरियां!
पीटीआई | Jan 16, 2014, वॉशिंगटन
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/28902611.cms
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दावा किया है कि उनकी आर्थिक नीतियों की वजह से देश में 80 लाख नई नौकरियां पैदा हुई हैं। अमेरिका में आई जबर्दस्त मंदी की वजह से इकॉनमी के तबाह होने के बाद ये नौकरियां पैदा हुई हैं।

वाइट हाउस में एक प्रोग्राम के दौरान ओबामा ने कहा, हम देख रहे हैं कि अर्थव्यवस्था के गर्त में जाने के बाद कंपनियों ने 80 लाख से अधिक नई नौकरियां पैदा की हैं। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में तेजी आ रही है जिसमें ऑटो सेक्टर का योगदान अहम है।

उन्होंने कहा, हमारे निवेश की वजह से नई टेक्नॉलजी और अफोर्डेबल एनर्जी लाने में मदद मिली है और मेडिकल सुविधाओं पर होने वाला खर्च कम हुआ है जिस वजह से निवेशकों के लिए अमेरिका अब और अधिक आकर्षक बन गया है। ओबामा ने कहा कि देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में ऐसे रोजगार वापस आने लगे हैं जो चले गए थे। इसकी वजह यह है कि हमने खुद को अधिक प्रतिस्पर्धी स्थिति में ला दिया है।

2014 यानी कार्रवाई का साल
ओबामा ने 2014 को अपने महत्वपूर्ण प्रशासनिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कार्रवाई करने का साल घोषित किया है। उनका कहना है कि वह काम पूरा करने के लिए अपनी कलम और फोन का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे।

ओबामा ने बुधवार को नॉर्थ कैरोलिना में एक प्रोग्राम के दौरान कहा, यह कार्रवाई करने का साल होगा। सेनेटरों के साथ ओबामा की बैठक के बाद वाइट हाउस ने कहा, राष्ट्रपति ने 2014 को कार्रवाई का साल घोषित किया है और काम पूरा करने के लिए अपनी कलम और फोन का इस्तेमाल जारी रखने के अलावा वह अमेरिकी जनता की ओर से प्रगति के लिए कांग्रेस के साथ भी काम करेंगे