रविवार, 19 जनवरी 2014

भारत को संवारना है तो हिन्दु समाज को आगे बढ़ाना ही होगा - परमपूज्य मोहनजी भागवत




‘‘व्यक्ति-व्यक्ति में जगाये - राष्ट्र चेतना’’
राष्ट्र को भाग्य उदय करना ही हमारा दायित्व - परमपूज्य मोहनजी भागवत
भारत को संवारना है तो हिन्दु समाज को आगे बढ़ाना ही होगा - परमपूज्य मोहनजी भागवत 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक परमपूज्य माननीय मोहनजी भागवत ने कोटा विभाग के स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण को सम्बोधित करते हुये कहा कि ” यहां पर सिर्फ स्वयंसेवकों का कार्यक्रम है। स्वयंसेवक यहां सुनने नहीं कार्य करने के उद्देश्य से आये है। स्वयं का आत्म चिंतन करते हुये संघ कार्य को आगे बढ़ाने हेतु सोचना पड़ेगा। जिस चिंतन के लिये हम आये हंै। उसको पूरा करने हमारा लक्ष्य होना चाहिये।  कुछ करने की आवश्यकता होगी ंतभी विचार मन आयेगें। हम हिन्दु राष्ट्र के अंग है। यह गौरव की बात है। विपरित परिस्थितियां हो तब हमें अपना कार्य अधिक सजगता से पूर्ण करना हमारी प्रतिब्धता हो जाती है। हमारे राष्ट्र में जो बुरी प्रवृत्तियां आयीं हैं वह हमारे सामने टिक नहीं पायेंगी। “
मा. भागवत जी ने कहा कि ” पहले हम स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिये तैयार करे फिर दूसरे को कहे। राष्ट्र को भाग्य उदय करना ही हमारा दायित्व होना चाहिये। भारत को संवारना है तो हिन्दु समाज को आगे बढ़ाना ही होगा। स्वार्थ भावना हो छोड़कर हिन्दु यदि भारत के बारे में विचार करेगा तभी भारत देश, विश्व में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करेगा।  संघ कार्य ईश्वरीय कार्य मानकर चलना ही हमारा उद्देश्य है। हमें समाज मेें सावधान रहकर हमारे आचरण को स्वच्छ रखना चाहिये। पूर्ण अनुशासन में रहते हुये हम अपने कार्य को करेगें और तभी हमारे धैर्य को पा सकेगें । राष्ट्र को बनाने का कार्य ही हम करते है। “
मा. भागवत जी ने कहा हमारी शक्ति का उपयोग हिन्दु राष्ट्र के लिये करे। तभी हमारी सेवा राष्ट्र के प्रति होगी। तेरे वैभव असर रहे मां हम रहे या ना रहे यह विचार मन में लेकर हमें अपने कार्य के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ होना होगा।

कोटा , दिनांक 19 जनवरी 2014 रविवार को , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोटा विभाग के कोटा महानगर, कोटा जिला एवं बून्दी जिले के स्वयंसेवक का एकत्रिकरण महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम कोटा में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में हजारो की संख्या में गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। स्वयंसेवक नेकर, कमीज, टोपी के साथ पूर्ण गणवेश में थे। कार्यक्रमें सर्व प्रथम संघ प्रार्थना एवं ध्वज प्रणाम के साथ प्रारम्भ हुआ।

मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक माननीय मोहन जी भागवत, क्षेत्रीय संघचालक पुरुषोत्तम पंराजपे, प्रान्त संघचालक भगवती प्रसाद एवं विभाग संघ चालक प्रभाष चन्द्र जी तैलंग मंचासीन थे।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने सर्वयोग, सूर्यनमस्कार सहित अनेक योगों को प्रदर्शित किया। आकर्षित शारीरिक प्रदर्शन घोष (बेण्ड) की धुन पर किया गया। सभी स्वयंसेवकों ने सुभाषितम एवं स्वामी विवेकानन्द के द्वारा कहे अमृत वचन ‘‘अपना सारा ध्यान एक ही ईश्वर पर लगाओ हमारा देश ही, हमारा जागृत देवता है।’’ उसके बाद सामूहिक गीत गान किया जिसमें प्रमुख गान ‘‘व्यक्ति-व्यक्ति में जगाये - राष्ट्र चेतना’’

सुनंदा पुष्कर : आत्महत्या या हत्या : जिम्मेवार शशी थरूर !



सुनंदा पुष्कर ने आत्महत्या की हो या उसकी हत्या हुई हो ,
जिम्मेवार हर हाल में एक ही है , वह है शशी थरूर !
कांग्रेस सरकार के होते , सच्च्चाई सामनें आये यह मुस्किल लगता है !



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सुनंदा मौत मामले में नलिनी सिंह से होगी पूछताछ, फ्लाइट में सुनंदा और थरूर में हुआ था झगड़ा
Sunday, January 19, 2014,

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुंनदा पुष्कर की मौत का रहस्य अभी भी बरकरार है। मौत की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही दिल्ली पुलिस अब पत्रकार नलिनी सिंह से पूछताछ करेगी क्योंकि सुनंदा ने मौत से एक रात पहले नलिनी सिंह से फोन पर बात किया था। नलिनी सिंह ने भी 16 जनवरी को सुनंदा से फोन पर बात करने की बात कही है। साथ ही नलिनी सिंह ने बताया कि सुनंदा ने परेशान होने की बात कही थी। वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने सुंनदा की मौत पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि शायद सुंनदा ने उन्हें ही आखिरी कॉल की थी। उधर एक अखबार ने बताया कि सुनंदा और शशि थरूर के बीच मेहर तरार को लेकर तिरुअनंतपुरम से दिल्ली आते समय फ्लाइट में झगड़ा हुआ था।

नलिनी सिंह ने बताया कि उसने मुझे 16-17 की आधी रात को कॉल की थी। मैंने उन्हें फिर दोबारा से कॉल किया। वह बहुत ही ज्यादा दुखी थी और फोन पर रो रही थी। मैंने उसे खूब समझाने की कोशिश की कि हर कोई उससे कितना प्यार करता है। मैंने हर वो बात सुनी जो वह कहना चाहती थीं। सुनंदा ने मुझे मेहर तरार के बारे में बताया। मेहर से सुंनदा बहुत दुखी थी। नलिनी सिंह ने बताया कि दोनों ने शशि थरूर और मेहर तरार के बारे में भी बातें की थी। हमने थरूर और तरार के बीच हुई ईमेल के जरिए बातचीत के बारे में भी चर्चा की। नलिनी सिंह ने बताया कि उनकी बातों से लग रहा था कि सुंनदा बीमार है लेकिन मैं बातचीत से बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगा पाई थी कि वह अपने आपको इस हालत में पहुंचा देगी। वह बहुत ज्यादा परेशान थी और मैंने उसे हर एक बात को भूलने के लिए कहा। साथ ही बताया कि हर कोई उससे कितना प्यार करता है।

फ्लाइट में सुनंदा और थरूर में हुआ था झगड़ा
एक अखबार के अनुसार 15 जनवरी को केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर के बीच तिरुअनंतपुरम से दिल्ली आते समय फ्लाइट में झगड़ा हुआ था। इन दोनों के बीच झगड़े का कारण पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार थी। अखबार के मुताबिक सुनंदा रोती हुई एयरपोर्ट से बाहर निकली थीं। इस झगड़े को विमान में सवार दूसरे यात्रियों ने भी देखा था। सिर्फ इतना ही नहीं केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी जो कि मुंबई से इस विमान में सवार हुए थे, उन्होंने भी थरूर दंपति का झगड़ा देखा था और बीच बचाव किया था। अखबार के अनुसार सुनंदा की मौत से तीन दिन पहले तक दोनों के बीच पाकिस्तानी पत्रकार को लेकर विवाद चल रहा था।

सुनंदा पुष्कर का हुआ अंतिम संस्कार
उधर, सुनंदा पुष्कर का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके परिजनों की मौजूदगी में कर दिया गया। सुनंदा के 21 वर्षीय बेटे शिव मेनन ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सुनंदा के पति केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर, उनके पिता और भाई सहित अन्य परिजन लोधी रोड स्थित श्मशानघाट पर मौजूद थे। इससे पहले, उनके शव को एम्स से थरूर के लोधी एस्टेट स्थित आवास ले जाया गया जहां रक्षा मंत्री एके एंटनी, प्रवासी भारतीयों के मामले के मंत्री व्यालार रवि और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सहित बड़ी संख्या में नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार करने वाले मेनन सुनंदा की पिछली शादी से जन्मे बेटे हैं। डॉक्टर सुधीर के गुप्ता के नेतृत्व में डाक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल ने एम्स में सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम किया। महिला उद्यमी 52 वर्षीय सुनंदा शुक्रवार शाम दक्षिण दिल्ली के लीला पैलेस होटल में मृत मिली थीं। उन्होंने अगस्त, 2010 में थरूर से शादी की थी।

सुनंदा और थरूर इस सप्ताह विवादों के केंद्र में थे जब यह खबर आयी थी कि सुनंदा अपने पति और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के बीच ट्विटर संवादों के आदान-प्रदान से बेहद आहत थीं। 

आए थे PM कैंडिडेट लेने, 3 सिलिंडर लेकर लौटे: नरेंद्र मोदी



आए थे पी एम  कैंडिडेट लेने, 3 सिलिंडर लेकर लौटे: नरेंद्र मोदी
नवभारतटाइम्स.कॉम | Jan 19, 2014,
नई दिल्ली
रामलीला मैदान में आयोजित बीजेपी की नैशनल काउंसिल की मीटिंग में पार्टी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और यूपीए सरकार को जमकर निशाने पर लिया। मोदी ने कहा कि देश ने करप्शन का इतना विकराल रूप कभी नहीं देखा। हम देश को बचाने में लगे हुए हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी खुद को बचाने की जद्दोजहद में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि अगला चुनाव खास है। इस बार एक नामदार (राहुल गांधी) और मेरे जैसे कामदार व्यक्ति के बीच चुनाव है। साथ ही उन्होंने कहा कि असल में मैं छोटी जाति का हूं और वे (नेहरू-गांधी परिवार) प्रतिष्ठित परिवार से हैं। इसी कारण वह मुझ जैसे लोगों से मुकाबला नहीं करना चाहते हैं और यही वजह है कि उन्होंने पीएम कैंडिडेट की घोषणा नहीं की है। उन्होंने राहुल पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के अधिवेशन में कार्यकर्ता पीएम कैंडिडेट को लेने आए थे, लेकिन लेकर गए 3 सिलिंडर।

करप्शन का विकराल रूप
रामलीला मैदान में मोदी ने कहा, '2 दिन से हम रामलीला मैदान में देश की राजनीति की चिंता कर रहे हैं। 2014 के चुनाव पिछले चुनावों से हर प्रकार से भिन्न हैं। इसके पहले देश की ऐसी दुर्दशा कभी किसी ने नहीं देखी। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश नेता और नीति विहीन हो, ऐसा वक्त कभी किसी ने नहीं देखा। करप्शन का इतना विकराल रूप देश ने कभी नहीं देखा। नौजवान बेरोजगारी से परेशान हैं। आम आदमी महंगाई से परेशान है।'
कांग्रेस खुद को बचाने में जुटी
मोदी ने कहा, '2014 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि भारत के लोगों के लिए आशा और अरमानों का चुनाव है। यह देशवासियों के सपनों का चुनाव है। हाल में दिल्ली की धरती पर 2 राष्ट्रीय दलों की बैठकें हुई हैं। एक कांग्रेस की और दूसरी बीजेपी की। कांग्रेस की मीटिंग में दल को बचाने की कोशिश हो रही थी और हम देश बचाने की कोशिश में लगे हैं।'

राहुल पर निशाना
मोदी ने इशारों-इशारों में कांग्रेस की दिल्ली बैठक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कांग्रेसी कार्यकर्ता देश भर से पार्टी के पीएम कैंडिडेट के चुनाव की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन लौटे सिर्फ 3 गैस सिलिंडर लेकर।' गौरतलब है कि उस बैठक में राहुल ने एलपीजी सिलिंडर कोटा को 9 से बढ़ाकर 12 कर देना का पीएम से आग्रह किया था।

कांग्रेस की मानसिकता सामंतवादी
नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इन दिनों चायवाले की बड़ी खातिरदारी हो रही है। देश का हर चायवाला सीना तान कर घूम रहा है। चायवाले से भिड़ने में उन्हें (कांग्रेस) बड़ी शर्मिंदगी हो रही है? यह बहुत ईमानदार है। उन्हें ईमानदार से मुकाबला करने में शर्म महसूस होती है।' उन्होंने कहा कि ये बयान कांग्रेसियों की सामंतवादी मानसिकता को दर्शाता है।

मां बेटे को बचा रही है
मोदी ने कहा, 'वे नामदार हैं, हम कामदार हैं। हार के डर से कांग्रेस ने राहुल को पीएम कैंडिडेट नहीं बनाया। चुनाव से भागने के कांग्रेस के कई कारण हो सकते हैं। राजनीतिक कारण के अलावा मानवीय कारण भी हैं। विनाश सामने नजर आ रहा है तो, क्या कोई मां कोई अपने बेटे को बलि चढ़ाने के लिए तैयार होगी? मां के मन से आवाज आई, मेरे बेटे को बचाओ।'

कांग्रेस की परंपरा पर हमला
मोदी यहीं नहीं रुके। वह आगे बोले, 'पीएम कैंडिडेट पर लोकतांत्रिक प्रकिया की बात करने वाली कांग्रेस उस वक्त कहां थी जब देश आजाद होने के बाद नेहरू पीएम बने थे। लोग सरदार पटेल को पीएम बनाना चाहते थे। इंदिरा जी की हत्या के कुछ ही देर बाद राजीव गांधी को पीएम बनाया गया। क्या कांग्रेस ने उस वक्त पीएम को चुना था? मनमोहन सिंह को सोनिया जी ने नॉमिनेट किया और वह पीएम बन गए।'

कांग्रेस की नीतियों पर हमला
नरेंद्र मोदी ने कहा, 'संतुलित विकास हमारा सपना है। आजादी के इतने सालों बाद आखिर हमारी नीतियों और काम में ऐसी क्या कमी थी कि देश का पूर्वी हिस्सा विकास के लिए तड़प रहा है। आजादी की जंग जैसी भावना है 2014 के चुनाव को लेकर। नई पीढ़ी सुराज के लिए जीवन देने को तैयार है। हम स्थिति को बदलने का वादा करते हैं।'

कांग्रेस की सोच पर चोट
नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के उस भाषण का भी मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने (राहुल) कहा था कि कांग्रेस एक सोच है। मोदी ने कहा, 'हम भी मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी एक सोच है। उनकी सोच है भारत मधुमक्खी का छत्ता है, हम मानते हैं भारत हमारी माता है। उनकी सोच है वंशवाद, हमारी सोच है राष्ट्रवाद। वे सोचते हैं पैसे पेड़ पर नहीं उगते, हमारी सोच है पैसे खेतों-खलिहानों में उगते हैं।

5 'T' पर बल देने की जरूरत
मोदी ने कहा, 'पहले लोग 'मेड इन जापान' चीजें खरीदते थे। अब वक्त है 'मेड इन इंडिया का।' हमें पांच 'T' पर बल देने की जरूरत है- टैलंट, टूरिजम, ट्रेडिशन, ट्रेड और टेक्नॉलजी।' उन्होंने देश में और IIT, IIM और AIIMS खोले जाने की वकालत की।

आडवाणी के सपने को पूरा करेंगे
उन्होंने कहा कि आडवाणी जी ने काले धन को लेकर जो अभियान चलाया है... उसे वापस लाने का जो सपना देखा है, उसे जरूर पूरा करेंगे। हम विदेशों में जमा भारत का काला धन वापस लाएंगे। हम कालाबाजारी के लिए स्पेशल कोर्ट बनाएंगे।



नई दिल्ली (एसएनएन): भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के अंतिम दिन पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. मोदी ने कांग्रेस के शासनकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में ऐसी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं रही. मोदी के भाषण की मुख्य बातें इस तरह हैं.

1- जैसा भ्रष्टाचार यूपीए सरकार में हुआ ऐसा पहले कभी नहीं देखा.

2- कांग्रेस खुद को बचाने की जद्दोजहद में जुटी है.

3- देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता पीएम उम्‍मीदवार लेने आए थे, लेकिन उन्‍हें तीन सिलेंडर लेकर वापस भेज दिया गया.

4- डर से कांग्रेस ने पीएम उम्‍मीवाद घोषित नहीं किया.

5- अगर हार सामने दिख रही हो तो कौन मां अपने बेटे की बलि चढ़ा देगी.

6- आजादी की जंग जैसी भावना 2014 के चुनाव में है.

7- 2014 का चुनाव बिल्‍कुल अलग होगा.

8- नई पीढ़ी बदलाव लिए जीवन देने को तैयार हो.

9- संघीय ढांचे को अच्‍छी तरह समझता हूं, हम स्थिति को बदलने का वादा करते हैं.

10- हमारा संतुलित विकास में भरोसा है.

11- कुछ करने का इरादा होना चाहिए, दिल में जज्‍बा होना चाहिए.

एक्‍ट-एक्‍ट बहुत हो चुका, अब एक्‍शन चाहिए: मोदी

12- सत्‍ता में आए तो पिछड़े हिस्‍सों को आगे बढ़ाएंगे.

13- पीएम हर चीज के लिए कमेटी बना देते हैं, देश को कमेटी नहीं कमिट्मेंट चाहिए.

14- हम उन लोगों को टिकट देंगे जिनके दिल में भारत हो. (राहुल गांधी के उस बयान पर हमला जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए टिकट उन उम्मीदवारों को मिलेंगे जिनके दिल में कांग्रेस होगी.)

15- हमारा लोकतंत्र हमें विश्‍व की आंख में आंख मिलाकर बात करने का मौका देता है.

16- हम ज्ञान के उपासक हैं.

17- देश का शासक नहीं, सेवक की जरूरत है.

18- युवाओं को हुनरमंद बनाने की जरूरत है.

19- आडवाणी जी के सपने को पूरा करेंगे.

20- देश में रेलवे की तरफ ध्‍यान नहीं दिया गया.

21- कालाबाजारी पर विशेष कोर्ट बने.

22- महंगाई बढ़ने पर फंड का इस्‍तेमाल हो.

23- देश के चार हिस्‍सों को बुलेट ट्रेन से जोड़ेंगे.

24- शहरीकरण अवसर है, मुसीबत नहीं, हम 100 नए स्‍मार्ट शहर बना सकते.

25- विकास के लिए सही नीति की जरूरत है.

26- बड़े शहरों के करीब ही सेटेलाइट सिटी बननी चाहिए.

27- देश को एक और श्‍वेत क्रांति की जरूरत है.

28- नदियों को जोड़ने के काम को बढ़ाने की जरूरत है.

29- हर राज्‍य में आईआईटी, आईआईएम और एम्‍स हो.

30- पर ड्रॉप, मोर क्रॉप के कॉन्‍सेप्‍ट पर काम करने की जरूरत.

31- हम स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता कम करते हैं.

32- इलाज नहीं बीमारी रोकने की बात होनी चाहिए.

33- ब्रांड इंडिया पर बल देने की जरूरत है.

34- 4टी पर बल देने की जरूरत.