शनिवार, 22 फ़रवरी 2014

'मोदी मैजिक' से एनडीए को 10 सीटों का फायदा एक महीने में ही ,,,,


जैसे - जैसे लोकसभा के चुनाव पास आयेंगे , बीजेपी की सीटों में निरंतर बढ़ोतरी होती जाएंगी , चुनाव के बाद परिणाम आश्चर्यजनक होंगे ३०० पल्स का आंकड़ा पार होगा !
एक महीने में ही 'मोदी मैजिक' से एनडीए को 10 सीटों के फायदा का 
मोदी तोड़ेंगे अटल का रिकॉर्ड, ममता की टीएमसी होगी तीसरे नंबर पर
agency | Feb 22, 2014,
http://www.bhaskar.com/article

नई दिल्ली. आगामी लोकसभा चुनावों के परिणाम में नरेंद्र मोदी का जलवा साफ नजर आएगा। मोदी बीजेपी को बहुमत तो नहीं दिला पाएगे लेकिन वह अटल बिहारी वाजपेयी का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। बीजेपी अकेले 217 सीटें जीतेगी जबकि वाजपेयी के नेतृत्व में पार्टी को 186 सीटें मिली थीं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस 29 सीटों के साथ सपा और बसपा को पछाड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। तेलंगाना बिल को भी कांग्रेस को फायदा होता हुआ नहीं दिख रहा है और आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को  22 सीटे मिल सकती हैं। एबीपी-नील्सन के चुनाव पूर्व सर्वे में यह बात सामने आई है।

एनडीए को मिलेगी  236 सीटें
सर्वे के मुताबिक, बीजेपी अकेले 217 सीटें जीत सकती है, जो कि एक रिकार्ड होगा। अब तक के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 200 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है।  बीजेपी का सबसे बढ़िया रिकार्ड वाजपेयी के नेतृत्व में 186 सीटें जीतने का है।  मोदी के नेतृत्व में उनकी सहयोगी पार्टियां भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। सर्वे के मुताबिक एनडीए को 236 सीटें मिलने का अनुमान है। इससे पहले जनवरी में कराए गए एबीपी न्यूज के सर्वे में एनडीए को 226 सीटें ही मिल रही थीं। यानी,  बीते एक महीने में ही 'मोदी मैजिक' से एनडीए को 10 सीटों के फायदा का अनुमान है।

आप का हाल बुरा
दिल्ली विधानसभा चुनावों में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाली आम आदमी पार्टी दिल्ली के बाहर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाएगा।  दिल्ली की सात में से छह सीटें 'आप' को मिलने का अनुमान है। लेकिन, देशभर में पार्टी केवल 10 सीटें जीत पाएगी।

ये हो सकते हैं 10 बड़े दल
बीजेपी - 217 सीटें
कांग्रेस- 73 सीटें
ममता बनर्जी की टीएमसी - 29 सीटें
आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस - 22 सीटें
जयललिता की एआईडीएमके- 19 सीटें
सीपीएम -18 सीटें
नवीन पटनायक की बीजेडी-  16 सीटें ,
समाजवादी पार्टी-  14
बसपा-  13 सीटें
करुणानीधि की डीएमकी- 13 सीटें

बतौर पीएम मोदी हैं पहली पसंद
जनता के बीच मोदी पीएम के सबसे प्रबल दावेदार हैं
मोदी-  57 फीसदी जनता की पसंद
राहुल गांधी - 18 फीसदी जनता की पसंद
अरविंद केजरीवाल - 3 फीसदी जनता की पसंद
यह सर्वे देश के कुल 29066 लोगों के बीच किया गया जिनमें से 18222 पुरूष और 10884 महिला मतदाता हैं। इन मतदाताओं में से 9849 शहरी और 19278 मतदाता ग्रामीण हैं।

एनडीए मजबूत
पश्चिमी भारत की 116 सीटों में से 88 सीटें जीतती दिख रही है।
उत्तर भारत की 151 में 88 सीटें जीत सकती है।
पूर्वी भारत की 142 में 39 सीटें एनडीए को मिल सकती है।
दक्षिणी भारत की 134 में 21 सीटें उनकी झोली में जा सकती है।



भाजपा को मिलेगी ऐतिहासिक सफलता : आडवाणी



-------------------
लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिलेगी ऐतिहासिक सफलता : आडवाणी

 February 22, 2014


http://www.newsview.in/national/14664
नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को पक्का भरोसा है कि इस वर्ष अप्रैल/मई में होने जा रहे आम चुनावों में उनकी पार्टी को अपार सफलता मिलने जा रही है। उनका कहना है कि चुनावों के बाद त्रिशंकु संसद बनने का सवाल ही नहीं उठता। बकौल आडवाणी, ‘भाजपा लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरेगी। वह अब तक के अपने इतिहास में सर्वाधिक सीटें जीतेगी।’ उन्होंने कहा कि चुनावों में कांग्रेस की दुर्गति होने जा रही है। देश पर सर्वाधिक समय तक राज करने वाली पार्टी सबसे कम सीटें पाने जा रही है।

आडवाणी शनिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके अनुसार, ‘मौजूदा समय में भाजपा को अपार समर्थन मिल रहा है। ऐसा माहौल मैंने कभी नहीं देखा। इस बार पार्टी रिकार्ड बनाएगी। भाजपा अपने इतिहास में सर्वाधिक सीटें हासिल करने जा रही है।’ भ्रष्टाचार और कुशासन के लिए उन्होंने कांग्रेस की जमकर आलोचना की। आडवाणी का कहना था, ‘आजादी के बाद से देश पर सबसे ज्यादा समय तक राज करने वाली कांग्रेस इस चुनाव के बाद एक कमजोर पार्टी के रूप में उभरेगी। वह अब तक के अपने इतिहास में सबसे कम सीटें पाने जा रही है।’ भाजपा नेता के मुताबिक, भ्रष्टाचार, कुशासन और नीतिगत अपंगता ने कांग्रेस की जड़ों को खोखला कर दिया है। इस पार्टी को रसातल में जाने से कोई नहीं रोक सकता।

अगर हिंदुओं पर जुल्म होगा तो वो आखिर कहां जाएगा :नरेंद्र मोदी



अगर हिंदुओं पर जुल्म होगा तो वो आखिर कहां जाएगा: मोदी
ibnkhabar.com | Feb 22, 2014

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपने मिशन के तहत उत्तर पूर्व के दौरे पर ताबड़तोड़ रैलियां कीं। नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले अरुणाचल में रैली को संबोधित किया और फिर असम के सिलचर पहुंचे। अरुणाचल में मोदी ने विकास के मुद्दे को ही तरजीह दी, लेकिन सिलचर में केंद्र सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के अंतकाल का आरंभ हो गया है। चुनाव बाद कांग्रेस मुक्त भारत की शुरुआत होगी। कांग्रेस किसी कोने में नजर नहीं आगही। मोदी ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति में डूबी असम की सरकार ने डिटेंशन कैंप के नाम पर मानवाधिकारों का हनन किया।

यहां कांग्रेस ने साजिश के तहत लोगों पर डी-वोटर का ठप्पा लगाया है। चुनाव आयोग इन्हें वोट का अधिकार दे। मोदी ने भीड़ से पूछा बांग्लादेश से जो घुसपैठिए आए हैं, उन्हें बार भेजना चाहिए या नहीं। बांग्लादेश से दो तरह के लोग आए हैं। एक तरह लोग राजनीतिक साजिश के तहत आए हैं। दूसरे ऐसे लोग हैं जिनका बांग्लादेश में जीना मुश्किल कर दिया गया है। उनकी बहन-बेटियों की इज्जत सुरक्षा नहीं है। क्या दोष है बांग्लादेश में रहने वाले उन लोगों का जिनका सब कुछ लूट लिया जाता है, उसे खदेड़ दिया जाता है। वो हिंदू जाएगा तो जाएगा कहां।
अगर फिजी के हिंदू पर जुल्म होता है तो वो कहां जाएगा। मारीशस-अमेरिका में हिंदुओं पर जुल्म होगा तो वो कहां जाएगा। दुनिया में किसी हिंदू को खदेड़ दिया जाएगा तो उसके लिए एक ही जगह बची है। क्या हमारी सरकार उन पर ऐसे ही जुल्म करेगी जैसा विदेशों और बांग्लादेश में हो रहा है।

अटल वाजपेयी ने पाकिस्तान से आए हिंदुओं के लिए योजना बनाई थी। अकेले किसी राज्य पर बोझ नहीं आया था। हम नहीं चाहते कि बांग्लादेश से आए हिंदुओं का बोझ सिर्फ असम उठाए। ये लोग देश के सभी राज्यों में जाएं। उन्हें रोजगार मिले, बच्चों को पढ़ाई मिले। इससे असम की समस्या भी कम होगी। जो घुसपैठिए राजनीतिक मकसद से आए हैं उन्हें तो वहीं वापस भेजना होगा। असम का नौजवान बेरोजगार है और बाहर से आए लोगों को रोजगार मिल रहा है।

पूर्वोत्तर में कमल जरूर खिलेगा- मोदी
आज मोदी सबसे पहले अरुणाचल पहुंचे और कहा कि इस बार पूर्वोत्तर में कमल जरूर खिलेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार मोदी सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी सियांग के जिला मुख्यालय पासीघाट पहुंचे। यहां मोदी ने कहा कि इस बार पूर्वोत्तर के राज्यों में कमल जरूर खिलेगा। साथ ही कहा कि विकास ही यहां की समस्याओं का समाधान है। इस बार विकास का सूर्योदय अरुणाचल से ही होगा।

उन्होंने चीन से लोहा लेने के लिए भी अरुणाचल के लोगों की जमकर तारीफ की। मोदी ने कहा कि अरुणाचल के पास देने को बहुत कुछ है, यहां पानी बहुत मात्रा में है इसका शानदार इस्तेमाल किया जा सकता है। ये वाजपेयी जी ने कर दिखाया था, हम इसे आगे बढ़ाएंगे।

मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी की अपार संभावनाएं हैं। टूरिज्म की भी जबरदस्त संभावनाएं हैं। ये जमीन स्विट्जरलैंड से कम नहीं है। हम पूरी दुनिया से यहां पर्यटक ला सकते हैं। बुद्धिस्ट टूरिज्म की भी यहां अपार संभावनाए हैं।

सिलचर-अगरतला में भी रैली
इसके बाद मोदी असम के सिलचर में रैली करेंगे। इससे पहले मोदी असम में एक बड़ी रैली कर चुके हैं। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में मोदी की तीसरी रैली होगी। बीजेपी को रैली में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

इससे पहले भी मोदी अरुणाचल प्रदेश में विजय संकल्प रैली को संबोधित कर चुके हैं। उस वक्त मोदी ने दिल्ली में छात्र नीडो की मौत का मुद्दा जोर शोर से उठाया था। खास बात ये भी आज की रैली में अरुणाचल के पूर्व सीएम गेगांग अपांग विधिवत रूप से बीजेपी में शामिल होंगे।
-----------------


चीन के विरोध के बावजूद दलाई लामा से मिले, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा



चीन न जानें क्यों भूल जाता है कि तिब्बत एक स्वतंत्र राष्ट्र है,
सदियों से यह देश स्वतंत्र था और ब्रिटिश शासन में भी यह स्वतंत्र था, कुछ शर्तों के अन्तगर्त । भारत के पंडित जबाहरलाल नेहरू के चीन प्रेम के कारण तिब्बत चीन के सिकंजे में फंस गया । चीन ने उस पर नाजायज कब्जा कर लिया है। तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्म गुरु दलाई लामा वहां की निर्वासित सरकार के सर्वेसर्वा थे। भारत सरकार ने उन्हे सही सम्मान दे रखा है। अमरीका ने भी सही सममान दिया है। चीन को अपनी भूभाग हडपनीति छोडनी चाहिये।
-------------------------------
चीन के विरोध के बावजूद दलाई लामा से मिले ओबामा
22-02-2014
http://hindi.cri.cn/1153/2014/02/22/1s148599.htm
चीन के जबरदस्त विरोध की अनदेखी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 21 फरवरी को ह्वाइट हाउस में दलाई लामा से मुलाकात की। राष्ट्रपति बनने के बाद ओबामा ने तीसरी बार दलाई लामा से भेंट की।

वहीं चीनी उप विदेश मंत्री चांग येश्वे ने चीन स्थित अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक राजदूत डैनियल क्रिटेंब्रिंक को बुलाकर गंभीर रूप से मामला उठाते हुए कहा कि अमेरिका के इस कदम से चीन के अंदरूनी मामलों में व्यापक हस्तक्षेप किया गया है। साथ ही अमेरिका द्वारा दिए गए "तिब्बत की स्वतंत्रता" का समर्थन न करने के वादे का भी उल्लंघन हुआ है। इसके साथ ही अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मापदंडों का भी उल्लंघन किया और चीन-अमेरिका संबंधों को भारी नुक्सान पहुंचाया। चीन ने अमेरिका के इस कदम पर व्यापक रोष व्यक्त किया है। चांग येश्वे ने कहा कि अमेरिका एक तरफ़ मानता है कि तिब्बत चीन का एक हिस्सा है, और तिब्बत की स्वतंत्रता का सर्मथन नहीं करता। लेकिन दूसरी ओर वह अपने नेता और दलाई लामा, जो तिब्बत की स्वतंत्रता के सबसे बड़े सरगना का रूप में माना जाता है, के बीच भेंटवार्ता का बंदोबस्त करता है। अगर अमेरिका ऐसा करता रहा तो चीन-अमेरिका सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर क्षति पहुंचेगी, साथ ही अमेरिका के अपने हितों को भी नुकसान पहुंचेगा। चीन ने अमेरिका से चीनी रुख पर संजीदगी के साथ व्यवहार करते हुए अपने वचन का पालन करने की मांग की है। साथ ही वास्तविक कार्रवाई करते हुए दलाई लामा से हुई भेंट से पड़े प्रभाव को जल्द ही दूर करने का आग्रह किया।

अमेरिका स्थित चीनी राजदूत छ्वे थ्यानखाई ने ज़ोर देते हुए कहा कि एक दूसरे के मूल हितों और अहम चिंताओं का सम्मान करना चीन-अमेरिका संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास की कड़ी है। चीन सरकार और चीनी जनता का देश की प्रभुसत्ता और एकता को बनाए रखने का संकल्प अविचल है। चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को रोका नहीं जा सकता। अमेरिका खुद के लिए मुसीबत खड़ी कर रहा है, अंत में उसे ही नुकसान पहुंचेगा।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता छिन कांग ने 21 फरवरी को कहा कि चीन व अमेरिका से आग्रह किया कि वह चीन की चिंता पर संजीदगी के साथ व्यवहार करते हुए तिब्बत की स्वतंत्रता वाली चीन विरोधी ताकतों को समर्थन देना बंद करे। साथ ही अंदरूनी मामलों पर हस्तक्षेप बंद करे और कुप्रभाव को दूर करने के लिए जल्द ही कम उठाए। ताकि चीन-अमेरिका संबंधों को प्रभावित होने से बचाया जा सके।

वहीं ह्वाइट हाउस ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि ओबामा ने तिब्बत में विशेष धर्म, संस्कृति, भाषा परंपरा और मानवाधिकारों का संरक्षण करने, चीन सरकार और दलाई लामा के बीच प्रत्यक्ष वार्ता करने का समर्थन किया है। ह्वाइट हाउस ने कहा कि ओबामा ने भेंट वार्ता में दोहराया कि तिब्बत चीन का एक अंग है, अमेरिका तिब्बत की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता।

भेंट वार्ता के कुछ घंटे बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उप विदेश मंत्री सराह सेवॉल को तिब्बत मसले के विशेष समन्वयक के रूप में नियुक्त किया। बयान में कहा गया कि विशेष समन्वयक चीन सरकार और दलाई लामा या उनके प्रतिनिधि के साथ वास्तविक बातचीत करने को बढ़ावा देंगी। साथ ही वे अमेरिकी कांग्रेस तथा अन्य गैर सरकारी संगठनों व संघों के साथ घनिष्ट संपर्क कायम रखेंगे, जिन्हें तिब्बत की विशेष संस्कृति, धर्म और भाषा को बनाए रखने और तिब्बत के कमजोर पर्यावरण को बचाने में रुचि है।
(श्याओ थांग)
------------------------


चीन को छोड़नी होगी विस्तारवादी नीति : नरेंद्र मोदी



------------
क्या देश में है कोई दूसरा दबंग राजनेता
जो चीन से इस सीधी भाषा में बात कर सके।
------------
चीन को छोड़नी होगी विस्तारवादी नीति : नरेंद्र मोदी
ज़ी मीडिया ब्यूरो February 22, 2014,

पासीघाट (अरुणाचल प्रदेश) : भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि इस बार देश में विकास का सूर्योदय अरुणाचल प्रदेश से होगा। मोदी ने कहा कि गुजरात का अरुणाचल प्रदेश से गहरा रिश्ता है। अपने भाषण के दौरान मोदी ने नीडो तानिया की मौत का भी जिक्र किया।

अरुणाचल के पासीघाट में हुई रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकास ही पूर्वोत्तर की समस्याओं का समाधान है। मोदी ने कहा, 'पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में इस बार कमल जरूर खिलेगा। मोदी ने कहा कि अरुणाचल वीरों की भूमि है। यहां के लोग अकेले दम पर चीन की दादागिरी का डजटकर मुकाबला करते हैं और शान से जयहिंद बोलते हैं। '

अरुणाचल प्रदेश में नरेन्द्र मोदी इससे पहले विजय संकल्प रैली को संबोधित कर चुके हैं। आज तय कार्यक्रम के अनुसार मोदी सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी सियांग के जिला मुख्यालय पासीघाट पहुंचे।

विदेश नीति के मुद्दे पर पहली बार अपना रूख पेश करते हुए मोदी ने चीन से अपनी ‘विस्तारवादी मानसिकता’ को छोड़ने को कहा, साथ ही यह स्पष्ट किया कि दुनिया की कोई ताकत भारत से अरूणाचल प्रदेश को नहीं छीन सकती।

मोदी ने कहा, ‘चीन को अपनी विस्तारवादी नीति को छोड़ देना चाहिए और दोनों देशों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा बना रहेगा। कोई भी शक्ति इसे हमसे नहीं छीन सकती है। अरूणाचल प्रदेश के लोगों को चीन के दबाव या भय में नहीं आना चाहिए।’

सियांग नदी के पास आयोजित रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘मैं इस मिट्टी की शपथ लेता हूं कि मैं राज्य को न तो समाप्त होने दूंगा और न ही टूटने या झुकने दूंगा।’ (एजेंसी इनपुट के साथ)