शुक्रवार, 16 मई 2014

अमेरिका : मोदी समर्थकों ने तीन दिन तक दिवाली मनाने की घोषणा की





अमेरिका में मोदी समर्थकों ने तीन दिन तक दिवाली मनाने की घोषणा की
http://www.samaylive.com/international-news-in-hindi/265329/modi-supporters-in-the-u-s-announced-a-three-day-celebration-of-diwali-bjp-win.html
नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा की ऐतिहासिक जीत से उत्साहित अमेरिका में उसके समर्थकों ने आज तीन दिन की जीत का जश्न मनाने का आह्वान किया.

और इस दौरान वे अपने घरों, सामुदायिक केंद्रों एवं मंदिरों में दीप जलायेंगे.
भाजपा के प्रवासी मित्र निकाय के अध्यक्ष चंद्रकांत पटेल ने शुरुआती रुझानों में भाजपा की अगुवाई वाले राजग की भारी जीत के बाद कहा, ‘‘यह भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण है. हमने सभी गैर निवासी भारतीयों से 16, 17 और 18 मई को अपने घरों में दीये जलाकर इस जीत की खुशी मनाने की अपील की है. यह हमारे लिए दीवाली जैसा क्षण है. ’’ थंपा में रह रहे पटेल ने भाजपा के 1000 से अधिक समर्थकों की उस प्रवासी भारतीय टीम की अगुवाई की थी जो भारत के विभिन्न हिस्सों में भाजपा और उसके प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के लिए अपने खर्च पर भारत गयी थी.

उन्होंने कहा, ‘‘यह सुशासन के पक्ष में और भ्रष्टाचार के विरुद्ध मत है. ’’ उन्होंने कहा कि बतौर प्रधानमंत्री भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से प्रवासी भारतीयों के हितों को उचित पहचान मिलेगी.
पटेल ने कहा, ‘‘यह भारत के लिए नये युग की शुरुआत है.’’  मोदी समर्थकों ने न्यूयार्क, जर्सी सिटी, एडिसन, शिकागो, थंपा, ह्यूस्टन, डल्लास, लॉस एंजिल्स, सान फ्रांसिस्को समेत दो दर्जन से अधिक शहरों में चुनाव निरीक्षण पार्टियों का आयोजन किया.

किस राज्य में किसको कितनी सीटें : लोकसभा चुनाव 2014



किस राज्य में किसको कितनी सीटें

16 May 2014,नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली

लोकसभा चुनावों के परिणाम सामने आ गए हैं। मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने 30 साल का रेकॉर्ड तोड़ते हुए अपने दम पर बहुमत हासिल कर लिया है। एनडीए को कुल 337 सीटों पर जीत मिली है। पिछले 10 सालों में सत्ता में रही कांग्रेस का अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन रहा है। कांग्रेस 03 अंकों में भी नहीं पहुंच पाई है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी कुछ खास नहीं कर पाई है। आप को भी सिर्फ 04 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।

आइए जानते हैं किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं:-

किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें:-
पार्टी     सीट
अंडमान ऐंड निकोबार, कुल सीट: 1
बीजेपी 1

आंध्र प्रदेश, कुल सीट: 42 (तेलंगाना और सीमांध्र)
बीजेपी 3
कांग्रेस 2
टीआरएस 11
टीडीपी 16
एमआईएम 01
वाईएसआर कांग्रेस 09

अरुणाचल प्रदेश, कुल सीट: 2
बीजेपी 01
कांग्रेस 01

असम, कुल सीट: 14
बीजेपी 07
कांग्रेस 03
एआईडीयूएफ 03
निर्दलीय 01

बिहार, कुल सीट: 40
बीजेपी 22
एलजेपी 06
आरएलएसपी 03
कांग्रेस 02
एनसीपी 01
आरजेडी 04
जेडीयू 02

चंडीगढ़, कुल सीट; 01
बीजेपी 01

छत्तीसगढ़, कुल सीट: 11
बीजेपी 09
कांग्रेस 02

दादर एवं नागर हवेली, कुल सीट: 01
बीजेपी 01

दमन ऐंड दीव, कुल सीट: 01
बीजेपी 01

गोवा, कुल सीट: 02
बीजेपी 02

गुजरात, कुल सीट: 26
बीजेपी 26

हरियाणा, कुल सीट: 10
बीजेपी 07
कांग्रेस 01
आईएनएलडी 02

हिमाचल प्रदेश, कुल सीट: 04
बीजेपी 04

जम्मू ऐंड कश्मीर, कुल सीट: 06
बीजेपी 03
पीडीपी 03

झारखंड, कुल सीट: 14
बीजेपी 13
जेएमएम 01

कर्नाटक, कुल सीट: 28
बीजेपी 17
कांग्रेस 09
जेडी (एस) 02

केरल, कुल सीट: 20
कांग्रेस 08
सीपीएम 05
मुस्लिम लीग 02
निर्दलीय 02
आरएसपी 01
केरल कांग्रेस 01
सीपीआई 01

लक्षद्वीप, कुल सीट: 01
एनसीपी 01

मध्य प्रदेश, कुल सीट: 29
बीजेपी 27
कांग्रेस 02

महाराष्ट्र, कुल सीट: 48
बीजेपी 23
शिवसेना 18
एनसीपी 04
कांग्रेस 02
स्वाभिमानी पक्ष 01

मणिपुर, कुल सीट: 02
कांग्रेस 02

मेघालय, कुल सीट: 02
कांग्रेस 01
एनपीपी 01

मिजोरम, कुल सीट: 01
कांग्रेस 01

नगालैंड, कुल सीट: 01
एनपीपी 01

दिल्ली, कुल सीट: 07
बीजेपी 07

ओडिशा, कुल सीट: 21
बीजेडी 19
बीजेपी 02

पुडुचेरी, कुल सीट: 01
एन.आर. कांग्रेस 01

पंजाब, कुल सीट: 13
आम आदमी पार्टी 04
अकाली दल 04
कांग्रेस 03
बीजेपी 02

राजस्थान, कुल सीट: 25
बीजेपी 25

सिक्किम, कुल सीट: 01
सिक्किम डिमॉक्रेटिक फ्रंट 01

तमिलनाडु, कुल सीट: 39
एआईडीएमके 37
बीजेपी 01
पीएमके 01

त्रिपुरा, कुल सीट: 2
सीपीएम 02

उत्तर प्रदेश, कुल सीट: 80
बीजेपी 71
समाजवादी पार्टी 05
कांग्रेस 02
अपना दल 02

उत्तराखंड, कुल सीट: 05
बीजेपी 05

पश्चिम बंगाल, कुल सीट: 42
तृणमूल कांग्रेस 34
कांग्रेस 04
सीपीएम 02
बीजेपी 02

कुल सीटें 543

'केसरिया' मोदी आवो नी...संभालो म्हारा देश




वोटर बोले, 'केसरिया' मोदी आवो नी...संभालो म्हारा देश
आईबीएन-7 | May 16, 2014
http://khabar.ibnlive.in.com

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के तूफान में विरोधी तिनके की तरह उड़ गए। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार जनता ने इतने चौंकाने वाले नतीजे दिए कि कांग्रेस घुटनों पर आ गई और बीजेपी अकेले अपने दम पर केंद्र में सरकार बनाने में कामयाब हो गई। बीजेपी जश्न मना रही है, मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 30 साल बाद किसी पार्टी को केंद्र में अकेले बहुमत मिला है। बीजेपी अकेले अपने दम पर 282 सीटें लेती दिख रही है।

उत्तर प्रदेश में 42 फीसदी वोट और 73 सीट,
दिल्ली में 46 फीसदी वोट और सातों सीट,
गुजरात में 59 फीसदी वोट और सभी 26 सीट,
महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना को 44 सीट,
राजस्थान में 55 फीसदी वोट और सभी 25 सीट,
मध्य प्रदेश में 54 फीसदी वोट और 27 सीट,
छत्तीसगढ़ में 50 फीसदी वोट और सभी 9 सीट,
हिमाचल में 53 फीसदी वोट और सभी चार सीट,
उत्तराखंड में 55 फीसदी वोट के साथ सभी पांच सीट बीजेपी ने हासिल कीं।
कर्नाटक और बिहार में भी बीजेपी को अच्छी खासी सीटें मिलीं और तो और तमिलनाडु में भी जयललिता की लहर के बीच पार्टी का खाता खुला।
आंध्र में भी प्रदर्शन सुधरा।
भारत के कुल वोटों का 33 फीसदी हिस्सा कमल को मिला।

इस जीत ने बीजेपी को जोश में भर दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद मोदी अपनी मां से मिलने गांधी नगर पहुंचे। उनके हाथों से जीत की मिठाई भी खाई। इधर बीजेपी दिग्गज भी एक-दूसरे को मिठाई खिलाने में व्यस्त थे। अंतिम परिणाम आने तक एनडीए 330 से ज्यादा सीटें हासिल करती दिख रही है। इसमें अकेले 280 सीटें बीजेपी के खाते में गईं यानि बंपर कामयाबी। 1984 के बाद 30 सालों में पहली बार किसी एक पार्टी को अपने बलबूते पूर्ण बहुमत मिला।

वहीं यूपीए की झोली में गिरीं सिर्फ 62 सीटें और कांग्रेस का हाथ तो जैसे सिकुड़ता चला गया। इतिहास में पहली बार सवा सौ साल पुरानी ये पार्टी पचास सीटें तक नहीं जीत सकी, पूरे देश में सिर्फ 20 फीसदी वोट कांग्रेस को नसीब हुए।

चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने कांग्रेस मुक्त भारत का बड़ा चर्चित नारा दिया था। तब शायद ही किसी ने सोचा हो कि वाकई कांग्रेसमुक्त भारत का ही जनादेश आएगा। तो क्या अब अच्छे दिन आने वाले हैं। क्या बीजेपी या मोदी के धुर विरोधियों को या किसी वर्ग विशेष को चिंतामग्न होने की जरूरत है।
जवाब बीजेपी के नाथ ने ही दे दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं से अपील करूंगा कि ऐतिहासिक विजय मिली है हमें, लेकिन इस विजय के उमंग और उत्साह में संयम बनाए रखें। किसी व्यक्ति, वर्ग के प्रति किसी भी तरह के उत्तेजक शब्दों और नारों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। बीजेपी की परंपरा के प्रति पूरी प्रतिबद्धता बनाए रखिए।
अब देश उम्मीदों के साथ नरेंद्र मोदी की ओर ताक रहा है। उम्मीदें अपार हैं। महंगाई, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, वंशवाद, आर्थिक बदहाली, स्थायी विदेश नीति से जुड़ी हैं। मोदी ने 60 महीने मांगे थे, जनता ने वोट देकर उन्हें ये मोहलत बख्शी है। अब खरा उतरने की बारी एनडीए सरकार की है।

125 करोड़ लोग मेरे साथ चलेंगे : नरेंद्र मोदी



125 करोड़ लोग मेरे साथ चलेंगे: नरेंद्र मोदी
Friday, 16 May 2014
http://www.jansatta.com
वडोदरा। ऐतिहासिक फतह हासिल करने के बाद नरेन्द्र मोदी ने आज देश के संचालन में सभी राजनीतिक दलों और नेताओं का समर्थन हासिल करने के लिए विपक्ष की ओर सहयोग का हाथ बढ़ाया और खुद को हर नागरिक की सेवा में समान रूप से समर्पित करने की प्रतिबद्धता जताई।
मोदी ने यहां अपने 45 मिनट के गरिमामयी भाषण में कहा कि सरकार किसी एक विशेष पार्टी की नहीं होती बल्कि देश के सभी लोगों की होती है। 5.70 लाख मतों के भारी अंतर से जीत दिलाने वाले अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने समर्थकों की तालियों की गूंजती गड़गड़ाहट के बीच कहा, ‘‘एक सरकार के लिए कोई खास नहीं है और न ही कोई पराया है।’’
संविधान की सर्वश्रेष्ठ भावना के साथ देश को चलाने की अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मेरी जिम्मेदारी देश को चलाने में सभी को साथ लेकर चलने की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक लोकतंत्र में, कोई दुश्मन नहीं होता बल्कि केवल प्रतिस्पर्धी होता है। यह प्रतिस्पर्धा चुनावों के साथ समाप्त हो जाती है।’’ उन्होंने इसके साथ ही कहा कि उनका लक्ष्य,‘‘सबका साथ, सबका विकास’’ है।
लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव के विजेताओं को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मैं सभी दलों के सांसदों और विधायकों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे उम्मीद है कि देश को आगे ले जाने में मुझे उनका समर्थन मिलेगा।’’
चुनाव प्रचार के दौरान चले आरोप प्रत्यारोप का परोक्ष जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनके विरोधियों द्वारा ‘‘दिखाए गए प्यार’’ को ‘‘शुद्ध प्यार’’ में बदल देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता केवल प्रतिस्पर्धी होते हैं। यही प्रतिस्पर्धा हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है।’’ उन्होंने इसके साथ ही कहा कि प्रचार के साथ ही ‘‘कड़वाहट’’ समाप्त हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे लिए हर एक को साथ लेकर चलना हमारा लक्ष्य है, चाहे वे हमारा कितना भी विरोध करें। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि इस मोर्चे पर कोई कसर बाकी नहीं रहे।’’
मोदी ने अपनी जीत के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब एक गैर कांग्रेस पार्टी को अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है।
63 वर्षीय नेता ने यह भी कहा कि पहली बार सत्ता की कमान आजादी के बाद पैदा हुए लोगों के हाथों में आई है।
‘‘मोदी, मोदी, मोदी’’ के नारों के बीच उन्होंने कहा, ‘‘जीत की ऊंचाई जितनी भी हो, सरकार में सभी को साथ लेकर चलना हमारी जिम्मेदारी है। इस लक्ष्य को विनम्रता से हासिल करने के लिए मुझे आपके आशीर्वाद की जरूरत है।’’
खुद को ‘‘मजदूर नंबर वन ’’बताते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी, यहां तक कि उनके प्रतिद्वंद्वी भी उनके द्वारा की गई मेहनत पर सवाल नहीं उठा सकते।’’
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, ‘‘अगले 60 महीनों के लिए, आपको एक बेहतर मजदूर मिलेगा।’’
बातचीत के लहजे में चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके मोदी ने भीड़ को बताया कि अभी तक वे उनके थे लेकिन उन्होंने अब उनको ‘‘राष्ट्रीय ’’बना दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपने मुझे भरोसा जताया, मैं आपमें भरोसा जताता हूं, जब मैं एक कदम उठाता हूं तो, मैं विश्वास करता हूं कि 125 करोड़ लोग मेरे साथ चलेंगे।’’
5.70 लाख से अधिक मतों की ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वे इस संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति आभार जताते हैं।
मोदी ने कहा,‘‘नामांकन दाखिल करने के बाद, मैंने आपके साथ केवल 50 मिनट बिताए लेकिन आपने मुझे 5.70 लाख मतों से जीत दिलाई। मैंने जांचा और पाया कि केवल पी वी नरसिंह राव ही इतने बड़े अंतर से जीते थे और वह भी उपचुनाव में। मेरा रिकॉर्ड आम चुनाव का है।’’
उन्होंने विकास को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा करते हुए निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को उनके प्रति दर्शाए गए प्यार को विकास के रूप में लौटाने की बात की।
उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से भी जीत दर्ज करने वाले मोदी ने मंदिरों के शहर में अपनी चुनावी रैली की अनुमति नहीं दिए जाने का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, ‘‘बनारस के लोगों ने मेरे मौन पर अपनी मंजूरी की मोहर लगा दी है ।’’
(भाषा)

जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो



आगे-आगे बढना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो!
जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो,
आगे-आगे बढना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो!
जीवन मे—

चलने वाला मन्जिल पाता, बैठा पीछे रहता है,
ठहरा पानी सडने लगता, बहता निर्मल होता है,
पांव मिले चलने की खातिर,
पांव पसारे मत बैठो!
जीवन मे—

तेज दौडने वाला खरहा, दो पल चल कर हार गया,
धीरे-धीरे चल कर कछुआ, देखो बाजी मार गया,
चलो कदम से कदम मिला कर,दूर किनारे मत बैठो!
जीवन मे—

धरती चलती, तारे चलते, चांद रात भर चलता है,
किरणो‍ का उपहार बांटने, सूरज रोज निकलता है,
हवा चले तो खुशबू बिखरे, तुम भी प्यारे मत बैठो
आगे आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो
जीवन मे—

पत्रकारिता में राष्ट्रहित सर्वोपरी होना चाहिये - नवीन झा








देवर्षि नारद जयंती को विश्व पत्रकार दिवस के रूप में मनाया
विश्व पत्रकार दिवस पर वरिष्ठ सम्पादक जैन का सम्मान एवं अभिनन्दन

पत्रकारिता में राष्ट्रहित सर्वोपरी होना चाहिये - नवीन झा


कोटा 15 मई । पत्रकारिता का प्रमुख ध्यये राष्ट्रजीवन, समाज जीवन और लोककल्याण की प्राथमिकता से परिपूर्ण होना चाहिये, यह विचार गुरूवार को राष्ट्रचेतना अभियान समिति , कोटा महानगर की ओर से आयोजित देवर्षिनारद जयंती को विश्व पत्रकार दिवस के रूप में मनाते हुये विद्याभारती शिक्षा संस्थान के चित्तौड़ प्रांत प्रभारी नवीन झा ने व्यक्त किये । झा मुख्य वक्ता के रूप में समिति की विचार गोष्ठी को मानव विकास भवन, कोटा में सम्बोधित कर रहे थे।

झा ने कहा आज पत्रिकारिता में खबर उत्पाद हो गई है, उसे बेचने की प्रवृति ने इसे व्यवसाय बना दिया है। प्रतिस्पर्धा के कारण अब पत्रकारिता में अन्दर जानें का समय ही नहीं होता है, कौन जल्दी समाचार को दे इसमें खबर को आते ही चलानें की जल्दी रहती हे। उन्होने कहा पत्रकारिता से राष्ट्रहित, समाजहित और लोककल्याण लुप्त होने लगा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं देश की धरती दैनिक के सम्पादक हुकुमचन्द जैन ने कहा आज सत्यनिष्ठ पत्रकारिता बहुत कठिन हो गई हे। अखबार द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं के प्रति जो गंभीरता पहले थी वह भी अब लुप्त हो रही है। उन्होन कहा सत्यनिष्ठता पत्रकारिता ही सवोत्तम होती हे। तथ्यों को स्पष्टता और दृड़ता से समाज के सामने रचाना चाहिये।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं राजस्थान  पत्रिका के पूर्व सम्पादक विनय भार्गव ने कहा सकारात्मक पत्रकारिता को विषेश महत्व दिया जाना चाहिये। उन्होने कहा जन दबाव को मीडिया भी समझता है तथा उसे स्थान देता हे। उन्होंने कहा मिडिया न्यूसेंस वेल्यू की खबरों को अधिक महत्त्व देता है इसी कारण संसद से लेकर सामान्य सदनों तक सकारात्म कार्य होने के बजाये हुल्लड़ बहिष्कार और अराजकताएं होती रहती हैं , मिडिया इन्हे छापना या दिखाना बंद कर दे तो , सदनों में सकारात्मक कार्य होने लगें ।

  कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद गोस्वामी ने किया , धन्यवाद एवं आभार समिति के महानगर संयोजक महेश शर्मा ने किया तथा अतिथि एवं समिति का परिचय सह संयोजक अषीश मेहता ने किया ।
सृष्टि के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारद मुनी की जयंती को समिति विश्व पत्रकार दिवस के रूप में मनाती है तथा पत्रकारिता से जुडे किसी वरिष्ठ पत्रकार का सम्मान किया जाता हे। इसी क्रम में इस वर्ष कोटा के वरिष्ठ पत्रकार एवं देश की धरती के प्रधान सत्पादक वयोवृद्ध पत्रकार हुकुमचन्द जैन का सम्मान किया गया । संस्था की ओर से समिति के विभाग संयोजक त्रिलोकचन्द्र जैन , अरविन्द सिसोदिया, प्रताप तोमर एवं केवलकृष्ण बांगड़ ने सम्मान एवं अभिनंनदन किया । श्री जैन का शाल उडा कर माल्यापर्ण कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में अवधेश मिश्र, डाॅ बी के योगी, होंसला प्रसाद शुक्ला, गणपल लाल शर्मा, ललित शर्मा,नेता खण्डेलवाल, रोनक आनंद, बाबूलाल भाट,प्रदीप लोहमी, अलका मेवाडा,प्रमुख रूप से मौजूद थे।