सोमवार, 7 जुलाई 2014

राम माधव और शिव प्रकाश : भाजपा में शामिल



संघ प्रवक्ता 'राम माधव' बीजेपी में हुए शामिल
नवभारतटाइम्स.कॉम | Jul 7, 2014
http://navbharattimes.indiatimes.com
नई दिल्ली
सोमवार को आरएसएस के प्रवक्ता रहे राम माधव की बीजेपी में एंट्री हो गई है । मोदी के करीबी माने जाने वाले माधव के अलावा संघ के दूसरे बड़े नेता शिव प्रकाश भी भाजपा  में शामिल हुए हैं। बीजेपी की ओर से जल्द ही इस बारे में आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में राम माधव और शिव प्रकाश को बीजेपी में भेजने का फैसला किया गया। राम माधव आरएसएस के प्रवक्ता रहे हैं, जबकि शिव प्रकाश प्रांत प्रचारक थे।

सूत्रों के मुताबिक राम माधव को उनके कद के अनुरूप पार्टी में स्थान दिया जाएगा। चर्चा है कि राम माधव को सीधे बीजेपी महासचिव बनाया जा सकता है। बीजेपी के नए अध्यक्ष की टीम में माधव सक्रिय भूमिका में नजर आ सकते हैं।

------------------------------

बदलेगा भाजपा का चेहरा,
राम माधव को मिलेगी अहम जिम्मेदारी!
http://www.jagran.com/news
धनंजय प्रताप सिंह ,वीरेंद्र जैन मोहनखेड़ा।

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारकों की बैठक में सोमवार को भाजपा के संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चा हुई। इसमें राष्ट्रीय, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों के नामों को लेकर विचार विमर्श किया गया। जहां-जहां के संगठन महामंत्रियों की शिकायतें आई हैं, उनमें भी बदलाव करने का मन संघ ने बनाया है। संगठन के साथ संघ सरकार पर भी पकड़ ढीली नहीं होने देना चाहता है इसलिए आनुषांगिक संगठनों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि जिस क्षेत्र में वे काम कर रहे हैं, केंद्र सरकार के उस विभाग की निगरानी करें। इसके साथ ही संघ ने मीडिया का काम संभालने वाले राम माधव की सेवाएं भाजपा को सौंप दी। संभावना है कि वे संगठन महामंत्री रामलाल का स्थान लेंगे। इसके अलावा यूपी के शिवप्रकाश को भी भाजपा के हवाले कर दिया है।

संघ के कोरग्रुप की बैठक में सोमवार को संगठनात्मक बदलाव का मुद्दा अहम रहा। जिन राज्यों में संगठन महामंत्रियों को तीन साल से ज्यादा समय हो गया है, उनके स्थान पर भी नए लोगों को भेजने पर चर्चा हुई। झारखंड और राजस्थान में ये पद खाली पड़े हैं। दोनों ही राज्यों के लिए संभावित नामों पर भी विचार किया गया। इसी तरह एबीवीपी से भाजपा में भेजे गए वीडी शर्मा को नई जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी चर्चा हुई।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का उत्तराधिकारी कौन होगा, इसे लेकर भी संघ की बैठक में चर्चा हुई। सूत्र बताते हैं कि यूपी के प्रभारी रहे अमित शाह को अध्यक्ष बनाए जाने पर संघ का कोरग्रुप फिलहाल और मंथन करना चाहता है । शाह के अलावा हिमाचल प्रदेश के जगतप्रकाश नड्डा के नाम पर भी कोर ग्रुप ने चर्चा की। विकल्प के रूप में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम पर भी विचार किया गया।

मोदी के कामकाज पर संतोष
संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज पर संतोषष जताया। ऐसा माना गया है कि अब तक संघ की सोच को ही मोदी ने आगे बढ़ाया है। चाहे मामला धारा 370 को लेकर हो या कश्मीरी पंडितों की वापसी का अथवा गुलाम कश्मीर का मसला हो। इराक से नर्सो और मजदूरों को सुरक्षित भारत लाए जाने के डिप्लोमेटिक कदम की भी संघ नेताओं ने सराहना की। चर्चा में विकास, महंगाई और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर मोदी सरकार को प्राथमिकता से काम करने का सुझाव देने की बात भी कही गई।

मुक्त सत्र के बाद प्रचारक रवाना
सोमवार को सभी प्रचारकों को सरसंघचालक मोहन भागवत ने संबोधित किया। इसके बाद अधिकांश प्रचारक अपने अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए। राजस्थान के दुर्गादास, श्रीकृृष्ण माहेश्वरी, भाजपा के वी सतीश, विश्व हिंदू परिषद के चम्पतलाल, राजेंद्र कुमार सहित वरिष्ठ नेता मदनदास देवी भी बैठक के बाद चले गए।

कोरग्रुप करेगा मंथन
संघ के सरसंघचालक सहित 11 वरिष्ठ लोगों का कोरग्रुप मंगलवार को फिर एक बार अहम मुद्दों पर चर्चा करेगा। इसके बाद संघ की इस बैठक का औपचारिक समापन हो जाएगा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कुछ नेताओं को भी मिलने का वक्त दिया है।

स्विट्जरलैंड अनैतिक और आपराधिक शत्रु राष्ट्र जैसा


***** स्विट्जरलैंड अनैतिक और आपराधिक शत्रु राष्ट्र जैसा*****
स्विट्जरलैंड को दुश्मन देश घोषित करना चाहिए और एक राष्ट्र के रूपमें उसकी मान्यता भी समाप्त करवानी चाहिए । जो देश किसी दूसरे देश कइ सत्ता शत्रु जैसा व्यवहार करे वह मित्र कैसे हो सकता है !  स्विट्जरलैंड के बैंकों को किसी भी देश में आर्थिक अपराधों को बढावा देने और कर चोरी में षड्यंत्रकारी बनाने का अधिकार किसने दे दिया । इसे शत्रु राष्ट्र घोषित करें और इसकी कालाधन संबंधी गतिविधियों को देश पर हमला घोषित करें !
-------------------
काले धन पर स्विस बैंक का दो टूक जवाब-
जो उचित है वहीं अनुरोध करें भारत
http://www.aapkisaheli.com
Source : Ashish

नई दिल्ली/ज्यूरिख। काले धन की जांच में सहयोग को लेकर भारत के बढ़ते दबाव के बीच स्विट्जरलैंड के बैंकों ने कहा है कि वे नियमों का क़डाई से पालन करते हैं। भारत को इस संबंध में पूरी तरह न्यायोचित अनुरोध ही करना चाहिए।

एसोसिएशन ऑफ फॉरेन बैंक्स इन स्विट्जरलैंड का भी मानना है कि स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति अपना कर आशंकाओं को दूर किया जा सकता है। उसने कहा है कि केवल अटकलों के आधार पर सार्वजनिक चर्चा नहीं की जानी चाहिए। यह एसोसिएशन चार दशक से अधिक पुराना समूह है।

विदेशों में स्थित बैंकों में जमा कालाधन वापस लाने के लिए भारत ने हाल ही में ऎसे लोगों के बैंक खाता ब्योरा हासिल करने के संबंध में स्विट्जरलैंड को एक नया अनुरोध पत्र भेजा है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंकिंग प्राधिकरण, स्विस नेशनल बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस बैंकों में भारतीय धन पिछले साल 43 प्रतिशत बढ़ कर करीब 2.03 अरब फ्रैंक (14,000 करो़ड रूपये) पहुंच गया।

भारत को समझना चाहिए कि एक न्याय की समुचित प्रणाली और कानून के शासन के रूप में स्विट्जरलैंड की छवि को हाल में गंभीर नुकसान हुआ है। इसका कारण वित्तीय मामले नहीं हैं, अन्य मामलों में भी इसके छींटे प़डते हैं।