मंगलवार, 8 जुलाई 2014

कांग्रेस को जनता ने नेता प्रतिपक्ष के लायक नही समझा


कांग्रेस को जनता ने नेता प्रतिपक्ष के लायक नही समझा 

सच यह है की कांग्रेस वे वजह भाजपा को बदनाम कर रही है । नेता प्रतिपक्ष पद तक के लायक तो उन्हें जनता ने नही रखा है ! जनता के सुख दुःख का ध्यान कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए नही रखा ! जब जनता की बारी आई उसने कांग्रेस को सबक सीखा दिया ! पद के बजाये कांग्रेस जनता के हीतों पर ध्यान दे यही उसके लिए अच्छा होगा !
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लोकसभा विपक्ष का नेता: सोनिया गांधी ने की राष्ट्रपति से मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की.
यूपीए द्वारा लोकसभा में कांग्रेस पार्टी को विपक्ष के नेता पद का दर्जा देने पर जोर दिये जाने की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात हुई है. सोनिया गांधी ने कल लोकसभा में अपनी पार्टी के लिए विपक्ष के नेता पद का दर्जा दिये जाने की पुरजोर वकालत की थी. उन्होंने मंगलवार सुबह अपनी पार्टी के लोकसभा सदस्यों से मुलाकात की.
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी को लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद दिए जाने की पुरज़ोर वकालत की है.संसद में विपक्ष के नेता के पद पर अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ है. लोकसभा में कांग्रेस के 44 सांसद हैं.
उनका कहना था कि कांग्रेस विपक्षी दलों में सबसे बड़ी पार्टी है. संसद में विपक्ष के नेता के पद पर अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ है. लोकसभा में कांग्रेस के 44 सांसद हैं. लोकसभा में नेता विपक्ष का पद पाने के लिए सदस्यों की कुल संख्या के 10 प्रतिशत सदस्य एक पार्टी के पास होने चाहिए.इस हिसाब से विपक्ष के नेता का पद उसी पार्टी के नेता को मिल सकता है जिसके पास कम से कम 55 सांसद हों क्योंकि लोकसभा में सदस्यों की कुल संख्या 543 है.

भाजपा के आरोप

सोनिया गांधी ने बीजेपी के उन आरोपों को ख़ारिज़ किया जिनमें कहा गया था कि 'कांग्रेस इस पद के लिए बेचैन है और पार्टी लोकसभा में अपनी हार मान नहीं पाई है'.

शैम शैम : कांग्रेसियों नें गौड़ा की नेम प्लेट पैर से कुचली



कांग्रेसी जैसे ही सत्ता से बहार होते हैं खिसयानी बिल्ली की तरह हरकतें करने लगते हैं , सत्ता के बिना इनका मानसिक संतुलन ही बिगड़ जाता है । विशुद्ध आपरा धिक गुंडागर्दी पर उतर आते हैं , जरुरत इन्हे इनकी ही भाषा में जबाव देनें की है । ताकी इनका मानसिक संतुलन ठीक रहे ! 

कांग्रेसियों नें गौड़ा की नेम प्लेट उखाड़ी, पैर से कुचला : शैम  शैम 
Tuesday,Jul 08,2014
http://www.jagran.com/news

नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। रेलवे द्वारा यात्री किराये व माल भाड़े में की गई भारी-भरकम वृद्धि वापस नहीं लिए जाने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली की अगुवाई में मंगलवार को रेल मंत्री सदानंद गौड़ा के आवास पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गौड़ा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके आवास पर लगी नेम प्लेट को उखाड़कर जमीन पर फेंक दिया। पार्टी नेता मुकेश शर्मा नेम प्लेट को पैर से कुचलते भी नजर आए।
लोकसभा में बजट पेश करने के बाद रेल मंत्री सदानंद गौड़ा अपने आवास पर पहुंचे। वहां पर कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से प्रदर्शन कर रहे थे। गौड़ा को देखते ही कार्यकर्ताओं ने उनकी कार को चारो ओर से घेर लिया। कुछ ने गाड़ी पर चढ़ने की भी कोशिश की लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलकर गाड़ी को आगे निकाला। प्रदर्शन के बीच अपनी कार में बैठे हुए गौड़ा मुस्कुराते नजर आए।
नेम प्लेट प्रकरण को लेकर अरविंदर सिंह लवली ने सफाई दी है कि वह धक्का-मुक्की में गिर गई थी। हमारा इरादा किसी का अपमान करना नहीं है।

मोदी सरकार का रेल बजट : सुरक्षा, सुविधा और हाई-स्पीड ट्रेन




रेल बजट: सुरक्षा, सुविधा और हाई-स्पीड ट्रेन पर जोरनवभारतटाइम्स.कॉम | Jul 8, 2014 नई दिल्ली |

http://navbharattimes.indiatimes.com

उम्मीद के मुताबिक मोदी सरकार ने अपने पहले रेल बजट में यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और हाई स्पीड ट्रेन चलाने पर जोर दिया है। बजट में रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने रेलवे में एफडीआई लाने , 58 नई ट्रेनें चलाने, मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने और 9 रूटों पर हाई स्पीड ट्रेन चलाने की घोषणा की है।

इसके अलावा नई सुविधाओं के साथ ही पुरानी सुविधाओं को बेहतर बनाए जाने की घोषणा की गई है। इसमें ट्रेनों में लोगों के लिए पेड वर्कस्टेशन से लेकर ब्रैंडेड खाने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बजट में स्टेशनों पर कई बेहतर सुविधाओं की घोषणा की गई। यात्री अब रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। प्लैटफॉर्म और अनरिजर्व टिकट भी ऑनलाइन कटाए जा सकेंगे।

रेलमंत्री के बजट पेश करने के दौरान और उनका भाषण खत्म होने के बाद संसद में काफी हंगामा हुआ। रेल मंत्री ने एक कविता कहते हुए अपने भाषण को समाप्त किया। विपक्षी पार्टियों के कई सांसदों ने रेल बजट में उनके क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि रेल बजट में कोई नई बात नहीं है। पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि इसमें कई घोषणाएं ऐसी की गई हैं, जो पहले से पाइपलाइन में हैं।

यात्री सुविधाएं
रेल मंत्री ने कहा कि टिकट बुकिंग की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इंटरनेट बुकिंग में भी सुधार किया जाएगा और पोस्ट ऑफिस में भी रेल टिकट मिलेंगे।

स्टेशनों पर साफ-सफाई के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग सीसीटीवी से की जाएगी। 50 स्टेशनों पर साफ-सफाई का काम आउटसोर्स किया जाएगा।

बड़े ब्रैंड्स का 'पैक्ड' रेडी-टु-ईट खाना मिलेगा, स्टेशनों पर फूड कोर्ट्स भी खोले जाएंगे। एसएमएस और कॉल से ऑर्डर कर सकेंगे खाना।

बड़े स्टेशनों पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियां वगैरह बनाए जाएंगे।

सीनियर सिटिजंस को ट्रेन तक पहुंचने के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार चलाई जाएंगी।

ट्रेन और स्टेशन में RO का साफ पानी पीने को मिलेगा। सरकार की योजना तीर्थस्थानों के लिए विशेष ट्रेनें शुरू करने की है।

ट्रेनों में वर्कस्टेशन होंगे जिनका इस्तेमाल लोग शुल्क देकर कर सकेंगे।

राजधानी और शताबदी ट्रेनों में वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी।

नई और बुलेट ट्रेनें
रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए मौजूदा ट्रैक पर ही 9 रूटों पर हाई स्पीड ट्रेन और मुंबई अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की। बुलेट ट्रेन की परियोजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हाई स्पीड ट्रेनें दिल्ली-आगरा, गोवा-मुंबई, दिल्ली-पठानकोट, दिल्ली-आगरा, दिल्ली-कानपुर, दिल्ली-चंडीगढ़, चेन्नै-हैदराबाद, बिलासपुर-नागपुर समेत नौ रूटों पर चलेंगी, जिसकी स्पीड 160 से 200 किलोमीटर के बीच होगी। रेल मंत्री ने रेल बजट में कुल 58 नई गाड़ियों की घोषणा की है, जबकि 11 गाड़ियों को विस्तार दिया गया है। नई गाड़ियों में 5 जनसाधारण, 5 प्रीमियम, 6 एसी एक्सप्रेस, 27 एक्सप्रेस, 8 पैसेंजर, 2 मेमू और 5 डेमू सेवाएं प्रारंभ करने का प्रस्‍ताव है। नई ट्रेनों की पूरी लिस्ट यहां देख सकते हैं।

यात्रियों की सुरक्षा
रेल गाड़ियों में और स्टेशनों पर महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) में चार हजार महिला कॉन्स्टेबलों की भर्ती करने का प्रस्ताव किया और अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों पर अतिरिक्त ध्यान देने और सुरक्षा हेल्पलाइन को बेहतर बनाने की घोषणा की। गौड़ा ने कहा कि रेल गाड़ियों में और स्टेशनों पर सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए रेल सुरक्षा बल में 4000 महिलाओं समेत 17 हजार कॉन्स्टेबलों की भर्ती की जा रही है और शीघ्र ही उनकी तैनाती कर दी जाएगी।

रेल मंत्री ने कहा कि अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी श्रेणियों में अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि गाड़ियों में रेल सुरक्षा बल के कर्मियों को मोबाइल फोन मुहैया कराये जाएंगे ताकि रेल यात्री किसी तरह की परेशानी में उनसे संपर्क कर सकें। इसके अलावा सुरक्षा हेल्पलाइन को भी बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिए स्टेशनों के चारों ओर चहारदीवारी का निर्माण करने की संभावना का भी पता लगाया जा रहा है।

कड़े कदम के संकेत
रेल बजट पेश करते हुए शुरू में गौड़ा ने कहा कि भारतीय रेलवे अर्थव्यवस्था की आत्मा है। दो करोड़ 30 लाख यात्री रोजाना रेलवे में सफर करते है और देश भर में करीब 7 हजार रेलवे स्‍टेशन है। गौड़ा ने कहा कि भारतीय रेल के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। पिछले सालों में रेलवे को बहुत नुकसान हुआ है और किराए में संशोधन न होने से सुविधाओं में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि लोकलुभावन फैसलों से रेलवे की दुगर्ति हुई है। एक रुपये कमाने के लिए रेलवे 94 पैसे खर्च करता है। रेल मंत्री ने कहा कि लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए रेलवे को अभी एक करोड़ 82 लाख रुपये की जरूरत है। पिछले 9 सालों में 99 परियोजनाएं घोषित की गईं, जिनमें से केवल एक पूरी हुई। रेल मंत्री ने कड़े कदम उठाने का संकेत देते हुए कहा कि दवा शुरू में कड़वी होती है लेकिन बाद में राहत देती है।

एफडीआई की मंजूरी लेंगे
ट्रेन चलाने को छोड़कर शेष क्षेत्र में रेल मंत्री ने एफडीआई का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि रेलवे के विस्तार के लिए सरकारी संसाधन अप्रयाप्त हैं। उन्होंने बताया कि रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अगले 10 साल तक हर साल 50,000 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। गौड़ा ने कहा कि रेलवे में निजी क्षेत्र के साथ मिलकर रेवेन्‍यू बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट से रेलवे में FDI की इजाजत मांगी जाएगी।

एफडीआई के सहारे रेलवे को चलाएंगे गौड़ा
ईटी हिंदी | Jul 8, 2014

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने मंगलवार को अपना पहला रेल बजट पेश किया। अपने भाषण में रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे भीषण आर्थिक तंगी से गुजर रही है। रेलवे के विस्तार के लिए सरकारी संसाधन अप्रयाप्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए विदेशी निवेश को अनुमति देगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी कमद उठाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अगले 10 साल तक हर साल 50,000 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। सरकारी और घेरलू पूंजी इसके लिए अप्रयाप्त हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ने पिछले 9 साल में 99 परियोजनाएं घोषित कीं, जिनमें से सिर्फ एक पूरी हुई।

रेल मंत्री ने कड़े कदम उठाने का संकेत देते हुए कहा कि दवा शुरू में कड़वी होती है लेकिन बाद में राहत देती है। उन्होंने रेल परिचालन को छोड़कर शेष क्षेत्र में एफडीआई का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी अनुमोदन मंत्रिमंडल से लिया जाएगा। गौरतलब है कि रेलवे के क्षेत्र में लंबे समय से 100 फीसदी एफडीआई की मांग चली आ रही है।