गुरुवार, 30 अप्रैल 2015

BJP बनी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी



अमित शाह का दावा, BJP बनी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी
आईबीएन-7 | Apr 30, 2015

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। ये ऐलान आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने किया। उनके मुताबिक सदस्यता अभियान के आखरी दिन पार्टी के कुल 10 करोड़ 43 लाख सदस्य बन गए हैं। बीजेपी एक महासंपर्क अभियान के तहत इन सदस्यों को कार्यकर्ता बनाएगी। अब तक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी साढ़े सात करोड़ सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी मानी जाती थी।
फिलीपींस की आबादी से ज्यादा, ऑस्ट्रेलिया की आबादी के चार गुना से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की संख्या हैं। बीजेपी का दावा है वो दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। उसके सदस्यों की संख्या 10 करोड़ 43 लाख के पार पहुंच गई है। बीजेपी के 10 करोड़ी होने के अवसर पर दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर खूब जश्न मनाया गया।
बीजेपी से पहले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी थी। आंकड़ों के मुताबिक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साढ़े 7 करोड़ से भी ज्यादा सदस्य हैं। लेकिन अब बीजेपी उससे बहुत आगे निकल चुकी है। हालांकि बीजेपी पर ये आरोप भी लग रहे हैं कि कुछ लोगों को बिना मिस्ड कॉल दिए ही सदस्य बना दिया गया। विपक्ष ने भी बीजेपी के 10 करोड़ सदस्यों के दावे को फर्जी बताया है। हालांकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। अमित शाह ने कहा कि ये सारे आरोप तब लगे थे जब 10 करोड़ का आंकड़ा पार हो गया था। उससे पहले किसी ने कुछ नहीं कहा।
बीजेपी के मुताबिक सबसे ज्यादा सदस्य यूपी में बने हैं जहां आंकड़ा एक करोड़ पार कर चुका है। साथ ही दक्षिण भारत के सात राज्यों में जहां बीजेपी कमजोर मानी जाती है वहां पर भी पिछले अभियान के मुकाबले इस बार तीन से सात गुणा ज्यादा सदस्य बने हैं। बीजेपी ने पिछले साल नवंबर में सदस्यता अभियान शुरू किया था। मिस्ड कॉल के जरिए सदस्य बनाने की मुहिम शुरू की गई थी। जिसे लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। 6 महीने तक चलने वाला ये सदस्यता अभियान 30 अप्रैल को खत्म हो रहा है।
अब बीजेपी के नए सदस्यों का सत्यापन किया जाएगा। उन्हें पार्टी के विचारों और सिद्धांतों की जानकारी दी जाएगी। नए सदस्यों में से 15 लाख लोगों को चुनकर उन्हें जुलाई से कार्यकर्ता बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिन कार्यकर्ताओं ने 100 या उससे ज्यादा सदस्य बनाने में मदद की है उन्हें सक्रिय कार्यकर्ता माना जाएगा।

विदेश से चंदा लेने वाले एनजीओ पर कड़ी कार्रवाई : नौ हज़ार लाइसेंस रद्द




सरकार ने 8,975 एनजीओ के लाइसेंस किए रद्द

Vishal Kasaudhan's picture Tue, 28/04/2015

लाइव इंडिया डिजिटल
विदेश से चंदा लेने वाले एनजीओ पर एक और कड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार ने विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन करने वाली 8,975 एनजीओ के पंजीकरण रद्द कर दिए हैं।

गृह मंत्रालय ने अपने एक आदेश में कहा है कि साल 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के लिए सालाना रिटर्न नहीं भरने वाले 10,343 एनजीओ को नोटिस जारी किए गए थे। पिछले साल 16 अक्टूबर को जारी किए गए इन नोटिसों में कहा गया था कि वे एक माह के भीतर अपने-अपने सालाना रिटर्न दाखिल करें। इसमें उन्हें यह भी बताना था कि विदेश से उन्हें कितना चंदा मिला। चंदे का स्रोत और इसे लेने के पीछे उद्देश्य क्या था। साथ ही यह जानकारी भी देनी थी कि एनजीओ ने इस चंदे का क्या उपयोग किया।

रविवार को गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना के अनुसार, 10,343 एनजीओ में से महज 229 ने ही अब तक जवाब दिए हैं। इससे पहले, सरकार ग्रीनपीस इंडिया का एफसीआरए लाइसेंस निरस्त कर चुकी है। साथ ही कथित रूप से कई कानूनों का उल्लंघन करने पर उसके सात बैंकों के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।

पिछले सप्ताह सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि कोई भी बैंक, गृह मंत्रालय से आवश्यक अनुमति लिए बगैर, अमेरिका की फोर्ड फाउंडेशन से प्राप्त होने वाली किसी भी राशि को, किसी भी भारतीय एनजीओ के खाते में जारी नहीं करे।
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नौ हज़ार NGO पर गाज, लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली ( टीम डिजिटल) : सरकार ने विदेश से चंदा ले रहे गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर गाज गिराते हुए कड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने फॉरेन कंन्ट्रिब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट (एफसीआरए) का उल्लंघन करने वाली 9,000 गैर सरकारी संस्थाओं के पंजीकरण को रद्द कर दिया है।

गृह मंत्रालय ने साल 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के लिए वार्षिक रिटर्न नहीं भरने वाले 10,343 एनजीओ को नोटिस जारी किया था। मंत्रालय के मुताबिक 16 अक्टूबर 2014 को सभी संगठनों को नोटिस जारी किए गए जिसके मुताबिक उन्हें एक माह के भीतर अपने-अपने वार्षिक रिटर्न को दाखिल करना था।

साथ ही उन्हें इस बात की भी जानकारी देनी थी कि उन्हें विदेश से कितना चंदा मिला है, यह चंदा कहां से मिला है, चंदा लेने के पीछे उनका क्या उद्देश्य था और साथ ही उन्होनें इस चंदे का उपयोग किस तरह से किया है।

गृह मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि 10,343 एनजीओ में से मात्र 229 ने ही नोटिस का जवाब दिया था। रविवार को गृह मंत्रालय ने बताया कि बाकी एनजीओ से जवाब नहीं मिलने पर एफसीआरए के तहत जारी उनके पंजीकरण को रद्द कर दिया गया है। जिन 8975 एनजीओ का पंजीकरण रद्द किया गया है उनमें से 510 ऐसे एनजीओ भी शामिल हैं जिन्हें नोटिस तो भेजा गया लेकिन उनके नोटिस वापस लौट आए थे।

सरकार ने इससे पहले भी कडा रुख अपनाते हुए ग्रीनपीस इंडिया का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया था और साथ ही कानूनों का उल्लंघन करने पर उनके सात बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए थे।

बता दें कि सरकार ने पिछले सप्ताह आदेश देते हुए कहा था कि कोई भी बैंक, गृह मंत्रालय से अनुमति लिए बिना अमेरिका की फोर्ड फाउंडेशन से प्राप्त होने वाली राशि को किसी भी भारतीय एनजीओ के खाते में जारी नहीं करेगा।

पाकिस्तान ने नेपाल को भेजा गौ मांस : मचा हंगामा



पाकिस्तान ने नेपाल को भेजा ‘बीफ मसाला’ ( गौ मांस ), मचा हंगामा
ibnkhabar.com | Apr 30, 2015

काठमांडू। 25 अप्रैल को आए भूकंप की त्रासदी के बाद सभी देश नेपाल को अपनी तरफ से हरसंभव मदद भेजने में लगे हैं। भारत ने तो अपने सभी संसाधन नेपाल के लिए खोल दिए हैं और तेजी से राहत-बचाव कार्य के अंजाम दिया जा रहा है।लेकिन इस बीच नेपाल को पाकिस्तान ने राहत पैकेज में ऐसी चीज भेजी है जिसे देख सभी लोग हैरान हैं और कोई भी इसे हाथ लगाने को तैयार नहीं है।
दरअसल पाकिस्तान की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में 'बीफ मसाला' के पैकेट हैं। नेपाल में गोवध पर पूरी तरह प्रतिबंध है। ऐस में पाकिस्तान से इस तरह की सामग्री आने से लोगों में हैरत है। अब कोई भी इन पैकेट को छूने को तैयार नहीं है। बीफ मसाला भरे कई पैकेट ट्रकों में ही पड़े हुए हैं।
काठमांडू के अस्पताल में तैनान भारतीय डॉक्टरों ने अंग्रेजी वेबसाइट से बातचीत में बताया कि मंगलवार को पाकिस्तान की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में बीफ मसाला के पैकेट्स हैं। भारत की ओर से 34 सदस्यीय चिकित्सा दल नेपाल भेजा गया है। इन्हीं में शामिल डॉ. बलविंदर सिंह ने कहा कि जब हम खाद्य सामग्री लेने एयरपोर्ट पहुंचे तो देखा कि पाकिस्तान से आई राहत सामग्री में बीफ मसाले के पैकेट भी हैं। तबसे हमने इसे छुआ तक नहीं है।
बता दें कि नेपाल कुछ साल पहले तक एक हिंदू राष्ट्र था। यहां की बहुसंख्यक आबादी हिंदू है और भारत की तरह यहां गाय को बेहद पवित्र माना जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि बीफ मसाला भेजकर पाकिस्तान ने नेपाल की धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाया है। यह बेहद शर्मनाक है कि पाकिस्तान मामले की गंभीरता को नहीं समझ रहा है।
वहीं नेपाल सरकार के एक आला अधिकारी का कहना है कि इन पैकेट्स के बारे में प्रधानमंत्री सुशील कोइराला और खुफिया प्रमुख को जानकारी दे दी गई है। रिपोर्ट में अगर यह बात साफ हो जाती है कि इन पैकेट्स में वाकई बीफ मसाला था, तो कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान के सामने इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

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पाकिस्‍तान ने नेपाल को राहत सामग्री में भेजा 'बीफ मसाला', मचा हंगामा
Publish Date:Thu, 30 Apr 2015
काठमांडू। 25 अप्रैल को आए भूकंप की त्रासदी के बीच अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे नेपाल को पाकिस्तान ने राहत पैकेज में ऐसी चीज भेजी है जिसे देख सभी लोग हैरान हैं और इसे कोई भी हाथ लगाने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान से भेजी गयी राहत सामग्री में 'गोमांस मसाला' के पैकेट हैं। नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है और यहां गोबध प्रतिबंध है। नेपाल की इस राहत सामग्री से नेपाल में सब सन्न हैं, कोई भी इसे हथ लगाने को तैयार नहीं है।पाकिस्तान की यह कारस्तानी दक्षिण एशियाई संगठन (सार्क) के सदस्य देशों के बीच राजनयिक कटुता को बढ़ाने की क्षमता रखता है।
काठमांडू के बीर अस्पताल में तैनान भारतीय डॉक्टरों के एक समूह ने एक अंग्रेजी वेबसाइट से बात करते हुए बताया कि मंगलवार को पाकिस्तान की ओर से जो राहत सामग्री भेजी गई, उसमें बीफ मसाला के पैकेट्स हैं। भारत की ओर से 34 सदस्यीय चिकित्सा दल नेपाल भेजा गया है। इस दल में राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टर भी शामिल हैं।
34 सदस्यीय डॉक्टरों के दल में शामिल डॉ. बलविंदर सिंह ने कहा कि जब हम खाद्य सामग्री लेने एयरपोर्ट पहुंचे तो हमने पाया कि पाकिस्तान से आये सामग्री में इनमें बीफ मसाले के पैकेट भी हैं। उन्होंने बताया कि हमने पाकिस्तान से आई सामग्री को छुआ तक भी नहीं।
एक अन्य डॉक्टर ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर अंग्रेजी वेबसाइट को बताया कि अधिकतर स्थानीय लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन जब उन्हें यह बात का पता चला, तो सभी ने इससे बचने की कोशिश की। उन्होंने आगे बताया कि पाकिस्तान ने बीफ मसाला भेजकर नेपाल की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
नेपाल सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि हमने इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री सुशील कोइराला और खुफिया प्रमुख को दे दी है। हम तथ्यों को सत्यापित करने के लिए एक आंतरिक जांच शुरू करने वाले हैं। अगर रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट होती है तो हम राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे। भारत हमारा प्रमुख साथी है, इसलिए इस घटनाक्रम के बारे में भारत को भी अवगत करवाया जाएगा।
वहीं, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तसनीम असलम ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं ऐसे किसी डिस्पैच के लिए उत्तरदायी भी नहीं हूं। राहत सामग्री राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा भेजी जाती है।