सोमवार, 11 मई 2015

पोखरण 2 : प्रधानमंत्री वाजपेयी का देश को दिया सुरक्षा कबच

पोखरण 2 भारत के परमाणु परीक्षण


प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पूरे विश्व  की चुनौती तथा प्रतिबंधों  की चिंता किये बिना परमाणु परिक्षण कर देश को स्वाभिनं और सुरक्षा प्रदान की  

भारत ने सन् १८ मई, १९७४ में पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया। दूसरा परमाणु परीक्षण सन् 1998 में पोखरन में ही हुआ। उस समय भारत सरकार ने घोषणा की थी कि भारत का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यो के लिये होगा और यह परीक्षण भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये किया गया है। बाद में ११ और १३ मई, १९९८ को पाँच और भूमिगत परमाणु परीक्षण किये और भारत ने स्वयं को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। इनमें ४५ किलोटन का एक तापीय परमाणु उपकरण शामिल था जिसे प्रायः पर हाइड्रोजन बम के नाम से जाना जाता है। ११ मई को हुए परमाणु परीक्षण में १५ किलोटन का विखंडन उपकरण और ०.२ किलोटन का सहायक उपकरण शामिल था।

भारत ने मई 11 और मई 13, 1998 को राजस्थान के पोरखरण परमाणु स्थल पर पांच परमाणु परीक्षण किये थे जिनमें 45 किलोटन का एक तापीय परमाणु उपकरण शामिल था जिसे आमतौर पर हाइड्रोजन बम के नाम से जाना जाता है. मई 11 को हुए परमाणु परीक्षण में 15 किलोटन का विखंडन उपकरण और 0.2 किलोटन का सहायक उपकरण शामिल था.

इसी प्रकार 13 मई 1998 को भी 0.5 किलोटन और 0.3 किलोटन के उपकरण का परीक्षण किया था. तत्कालीन रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार कलाम के अलावा उस समय परमाणु उर्जा आयोग के अध्यक्ष आर चिदंबरम और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक रहे अनिल काकोडकर ने पोखरण-2  परमाणु परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
पोखरण.दो परमाणु परीक्षण पर उठे विवाद पर विराम लगाने की कोशिश के तहत पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने कहा कि परीक्षण पूरी तरह से सफल थे और इससे वांछित परिणाम मिले. कलाम ने कहा कि परीक्षण के बाद दो प्रयोगात्मक परिणामों (1) मौके और इसके आसपास भूकंपीय मापन और (2) परीक्षण स्थाल पर परीक्षण के बाद रेडियोधर्मिता के मापन के आधार पर विस्तृत समीक्षा की गई. डीआरडीओ के तत्कालीन महानिदेश रहे कलाम ने कहा कि इन आंकड़ों से परियोजना दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि तापीय परमाणु परीक्षण के वांछित डिजाइन लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है.

पोखरण-2 परीक्षण सफल थे: प्रधानमंत्री   Published: Saturday, August 29, 2009,
          रामसर। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पोखरण-2 परमाणु परीक्षण को सफल बताया है। उनके अनुसार वर्ष 1998 के परमाणु परीक्षणों पर "अनावश्यक विवाद" खड़ा किया जा रहा है। प्रधामनंत्री ने कहा कि "पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम पहले ही स्पष्टीकरण देते हुए इसे सफल करार दे चुके हैं। पोखरण परीक्षणों के बारे में अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।" रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक के. संथानम के पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों के विफल रहने के दावे पर बाड़मेर से 20 किलोमीटर दूर रामसर में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना शिविर के दौरे के दौरान टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से यह कहा।

रविवार, 11 मई, 2008
'परमाणु परीक्षण ने देश को मज़बूत किया'

पोखरण : इसी स्थान पर परमाणु परीक्षण किए गए थे
भारत में 1998 में किए गए परमाणु परीक्षणों के दस साल पूरे होने पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि परमाणु हथियारों से देश मज़बूत हुआ है. उड़ीसा की यात्रा पर गए डॉक्टर कलाम ने कहा कि परमाणु परीक्षण करने का फ़ैसला बहुत महत्वपूर्ण था.

उन्होंने कहा, "11 मई को परमाणु परीक्षण करने का भारत सरकार का फ़ैसला बहुत ही अहम था जिसने देश को मज़बूती दी." डॉक्टर कलाम उस समय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख थे और तत्कालनी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के वैज्ञानिक सलाहकार भी. डॉक्टर कलाम ने 11 और 13 मई को हुए परीक्षणों में मुख्य भूमिका निभाई थी. 11 मई को परमाणु परीक्षण करने का भारत सरकार का फ़ैसला बहुत ही अहम था जिसने देश को मज़बूती दी


एपीजे अब्दुल कलाम
पूर्व राष्ट्रपति ने उस समय को याद करते हुए कहा कि परमाणु परीक्षणों के बाद कई देशों ने भारत के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगा दिए लेकिन इससे भारत और शक्तिशाली ही बना.

पोखरण पर राजनीति
पोखरण परमाणु परीक्षण की दसवीं वर्षगांठ पर राजनीति भी तेज़ हो गई है. पोखरण परीक्षण के समय देश के गृह मंत्री रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया है कि वो इस ऐतिहासिक मौके को अहमियत नहीं दे रही है.
उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अपमान कर रही है जिन्होंने पहली बार वर्ष 1974 में पोखरण में परमाणु परीक्षण करने का फ़ैसला किया था. भाजपा नेता ने कहा कि सरकार का फ़ैसला रक्षा बलों और देश के वैज्ञानिकों का अपमान है.





भाजपा महासम्पर्क अभियान : घर-घर दस्तक देगी भाजपा

भाजपा महासम्पर्क अभियान : घर-घर दस्तक देगी भाजपा
Monday, May 11, 2015





जयपुर ।सदस्यता अभियान की सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी महासंपर्क अभियान को सफल बनाने में जुट गई है। महासंपर्क अभियान में भी कार्यकर्ता बनाए गए प्राथमिक सदस्यों के घर-घर जाकर पार्टी की विचारधारा, नेतृत्व और विकास की जानकारी देंगे। पार्टी का महासंपर्क अभियान 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि पार्टी के सदस्यता अभियान में जयपुर शहर से कार्यकर्ताओं ने 7 लाख नए सदस्य बनाए थे।महासम्पर्क अभियान की तैयारियों को लेकर रविवार को भाजपा जयपुर शहर की ओर से प्रदेश कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से पूर्ण करने के लिए जयपुर शहर, मंडल और वार्डस्तर पर टोलियों का गठन किया गया है। बैठक में नए सदस्यों से मिलकर उनकी व्यक्तिगत जानकारी एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया, इसमें 1842 बूथों के 4911 सक्रिय सदस्य घर-घर जाकर महासम्पर्क अभियान की दस्तक देगें। भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि भाजपा के सदस्यता अभियान में जयपुर शहर से कार्यकर्ताओं द्वारा 7 लाख प्राथमिक सदस्य बनाए गए थे। अब पार्टी के महासम्पर्क अभियान के तहत उन सभी सदस्यों से कार्यकर्ता व्यक्तिगत सम्पर्क कर उन्हें पार्टी की विचारधारा, नेतृत्व एवं विकास की जानकारी से अवगत कराते हुए नए सदस्य से उनकी पूर्ण व्यक्तिगत जानकारी का फार्म भरवाएंगे।बैठक में महासम्पर्क अभियान के जयपुर शहर सम्पर्क प्रमुख बीरू सिंह राठौड़ ने बताया की पार्टी के सदस्यता अभियान की तरह यह अभियान भी पूर्ण रूप से सफल हो इसके लिए शहर के हर घर तक भाजपा के कार्यकत्र्ता को दस्तक देनी होगी तथा पार्टी की विचारधारा से सबको अवगत करवाना होगा।

अभियान की सफलता के लिए बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता को अपनी सक्रियता निरन्तर जारी रखनी होगी।महासम्पर्क अभियान के प्रदेश सहयोगी योगेन्द्र सिंह तंवर ने बताया कि महासम्पर्क अभियान में राष्ट्रीय भाजपा द्वारा सभी सदस्यों की पूर्ण जानकारी के लिए प्रपत्र जारी किया जाएगा। जिसे स्पष्ट व पूर्ण रूप से भर कर जिला मुख्यालय अथवा मण्डल पर जमा करवाना होगा।बैठक में महापौर निर्मल नाहटा, विधायक घनश्याम तिवाड़ी, सुरेन्द्र पारीक ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बैठक में उपमहापौर मनोज भारद्वाज सहित, पार्षद, मण्डल अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष, मंडल व वार्ड के सम्पर्क प्रमुख, सहसम्पर्क प्रमुख, आईटी से जुड़े कार्यकर्ता, मोर्चो के प्रमुख पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : गरीबी से लड़ने के लिए उत्पादन व कौशल विकास जरूरी'



'गरीबी से लड़ने के लिए उत्पादन बढ़ाना व कौशल विकास जरूरी'
Publish Date:Sun, 10 May 2015

बर्नपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि गरीबी से लड़ने के लिए हमे उत्पादन बढ़ाने, खनिज संसाधनों के लिए मूल्य संवर्धन और युवाओं में कौशल विकास के लिए काम करना होगा। देश को इन तीनों मोर्चों पर विकास करने की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने आज आसनसोल में बर्नपुर स्टील प्लांट का उद्घाटन किया। मोदी ने आइआइएससीओ के आधुनिक इस्पात संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि कहा कि यदि दूसरे देशों के साथ टीम इंडिया की भावना के माध्यम से मुद्दों को सुलझाया जा सकता है तो घरेलू मुद्दों का समाधान बहुत आसान होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजनीतिक दृष्टिकोण कोण से अति संवेदनशील राज्य पश्चिम बंगाल में केन्द्र और राज्यों के बीच मजबूत संबंध पर जोर देते हुए टीम इंडिया का संदेश दिया। रविवार को पोलो मैदान में कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री एक टीम है, दल कोई भी हो दल से बड़ा देश होता है।
टीम इंडिया के कारण ही आज इस्को की बीमार इकाई ताकत से खड़ी हो गयी है। बिना राज्यों की प्रतिभागिता के देश का विकास असंभव है। अगर सीएम व सरकार रोड़े अटकाती तो काम नहीं होता। आज गर्व महसूस कर रहा हूं। कोई इसको कहे या उसको कहे लेकिन आज का अवसर गर्व देने वाला है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की बदौलत ही बांग्लादेश के साथ 41 वर्ष पुराना सीमा विवाद हल हो गया तो घर की समस्या तो आसानी से हल होगी।
अपनी सरकार के एक साल के कामकाज का लेखा- जोखा पेश करते हुए कि उनकी सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरी तरह से भ्रष्टाचार रहित रहा। बंगाल की धरती पर अपने पांव जमाने की कोशिश में जुटी भाजपा को नयी ऊर्जा देते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल आर्थिक विकास का केन्द्र रहा है। पूर्वी भारत को देश के आर्थिक विकास में बराबरी का दर्जा दिलाने में पश्चिम बंगाल को ही नेतृत्व करना है। न केवल पूर्वी भारत बल्कि पूर्व के देशों में भी पश्चिम बंगाल से ही आर्थिक विकास को गति देना है।
मां काली के दर्शन से की दिन की शुरुआत
प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार बंगाल दौरे पर आए नरेंद्र मोदी प्रवास के दूसरे दिन रविवार को सुबह 7.50 बजे पहले दक्षिणेश्वर कालीमंदिर पहुंचे और मां के दर्शन के साथ अपने दिन की शुरुआत की।। यहां मां काली के गर्भ गृह में जाकर भवतारणी मां की आरती व पूजा अर्चना की।
पीएम ने अपनी कलम को मां काली के चरणों में रख कर प्रणाम किया। इसके बाद स्वामी रामकृष्ण परमहंस के कमरे में गए उनके पलंग को स्पर्श कर प्रणाम करने के साथ कुछ देर रूके। बता दें कि रामकृष्ण जी के कमरे में इतनी शांति होती है कि वहां आने वाले श्रद्धालु वहां काफी देर बैठकर ध्यान लगाते हैं।
उसके बाद पीएम कुचीबाड़ी पहुंचे जहां मौजूद स्वामी रामकृष्ण की मूर्ति के चरण छूकर प्रार्थना इसके बाद पीएम पुस्तकालय में भी गए, वहां कुछ किताबों को पलट कर देखा। मंदिर परिसर में मौजूद पंचवटी तलाब भी गए। इसके बाद वह मंदिर के विजीटर्स बुक में गुजराती में लिखा मां को प्रणाम, स्वामी जी को प्रणाम और अंत में अपना हस्ताक्षर कर 10 मई 2015 लिखा। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी, केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा, भाजपा नेत्री व अभिनेत्री लाकेट चटर्जी समेत कई और लोग मौजूद थे।
देश के विकास के लिए पीएम ने मांगी मां से शक्ति
प्रधानमंत्री की अगवानी करने वाले मंदिर के ट्रस्टी और सचिव कुशल चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रार्थना कर देश के विकास के लिए शक्ति मांगी। चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंदिर प्रशासन से यह भी कहा कि वह मंदिर के उन्नयन के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में रहे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंदिर के उन्नयन में निजी दिलचस्पी दिखाई। प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में उस कक्ष में भी गए जहां रामकृष्ण रहते थे। मंदिर में प्रधानमंत्री ने करीब 20 मिनट बिताए। चौधरी ने बताया कि आज का दिन एेतिहासिक है। क्योंकि, पहली बार कोई प्रधानमंत्री मां काली के मंदिर में इस तरह आए हैं। एेसा लग रहा था कि वह कोई पीएम नहीं बल्कि एक सामान्य भक्त हों। इस दौरान मंदिर में आम भक्तों के दर्शन पर रोक लगा दी गई थी। पूरे मंदिर प्रांगण को खाली करा दिया गया था।
मां दर्शन के बाद बेलूर मठ पहुंचे पीएम मोदी
दक्षिणेश्वर में करीब 20 मिनट तक रुकने के बाद प्रधानमंत्री 8.15 बजे बेलूरमठ पहुंचे। वहां उनके स्वागत के लिए मठ के स्वामी जी समेत अन्य संत मौजूद थे। इसके बाद वह सीधे रामकृष्ण परमहंस के कमरे में गए। गंगा किनारे बने रामकृष्ण के समाधि मंदिर में भी गए। इसके बाद स्वामी विवेकानंद के कमरे में गए जहां उनके सामान को देखकर मोदी भावुक हो गए। वहीं करीब 20 मिनट तक एकांत में ध्यान लगाया।
इसके बाद पीएम मोदी ने बेलूर मठ के संन्यासियों के समूह के साथ मंत्र उच्चारण भी किया। मठ के उपाध्यक्ष प्रभानंद महराज ने गुलदस्ता दिया। वहां प्रसाद भी खाए। स्वामी सुवीरानंद महाराज ने बताया कि प्रधानमंत्री जी जब अंदर आए तो मठ के उपाध्यक्ष ने कहा कि घर का लड़का घर आया है।
इससे पहले नरेंद्र मोदी 2013 में जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो कोलकाता दौरे पर आने के बाद बेलूर मठ गए थे। मठ में रामकृष्ण मिशन के अन्य संतों से भी मिले। पीएम मोदी के लिए बेलूर मठ का दौरा महत्वपूर्ण है क्योंकि, मोदी स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानते हैं।
शनिवार को अपने बीमार गुरु व रामकृष्ण मिशन तथा मठ के प्रमुख आत्मस्थानंद महाराज से अस्पताल में जाकर मुलाकात कर और उनका चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया था। इस दौरान भी पीएम को बेलूर मठ की ओर से खीर व संदेश प्रसाद के रूप में दिया गया था।
इसके बाद बेलूरमठ से ही मोदी हेलीकॉप्टर से आसनसोल के बर्नपुर के लिए रवाना हो गए। आज प्रधानमंत्री 16,000 करोड रुपये की लागत से आधुनिक बनाये गये इस्को के बर्नपुर इस्पात कारखाने को आज राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही मोदी ने आसनसोल में एक रैली को भी संबोधित किया।
पीएम के लिए बंगाल दौरा कई मायनों में खास
प्रधानमंत्री ने कल कोलकाता में तीन बड़ी योजनाओं की शुरुआत की जिसमें अटल पेंशन योजना और दो बीमा योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बंगाल दौरा कई मायने में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच सियासी दूरियां शनिवार को मिटती नजर आयीं। सामाजिक सुरक्षा की तीन बीमा योजनाओं को लॉन्च के लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उन पर भरोसा है। उन्हें पता है कि कोई विकास कर सकता है तो वह ही (मोदी) कर सकते हैं।