गुरुवार, 2 जुलाई 2015

पूर्व जन्म के पिता की तेरहवीं में पहुंचा बेटा, पुनर्जन्म के बाद भी याद है सब कुछ



पूर्व जन्म के पिता की तेरहवीं में पहुंचा बेटा, पुनर्जन्म के बाद भी याद है सबकुछ
Bhaskar NewsJul 02, 2015
कैथल। पंजाब के पटियाला का रहने वाला बीस वर्षीय चमकौर सिंह अपने पिता सुरजीत सिंह के साथ जब अपने तथाकथित पूर्व पिता के भोग (तेरहवीं) में शामिल हुआ तो लोग हैरत में पड़ गए। यह कहानी कोई फिल्मी नहीं है। 33 साल पहले एक सड़क दुर्घटना में मारे गए चीका शहर में रहने वाले गुरमेल सिंह की पुनर्जन्म से जुड़ी एक कथित आत्मकथा है। पुनर्जन्म का यह कथित किस्सा गुरमेल सिंह के चकमौर सिंह के रूप में पैदा होने का है। चमकौर सिंह की उम्र लगभग 20 साल है, लेकिन गुरमेल सिंह के रूप में उसकी मृत्यु करीब 33 साल पहले हुई थी। आज भी अपने पूर्व जन्म से जुड़ी एक-एक घटना याद है।

कैसे हुई थी दुर्घटना - आज का चमकौर सिंह जब चीका में गुरमेल सिंह के रूप में जीवित था तब वह एक विवाह समारोह में हिस्सा लेने के लिए गया था। वापसी में एक परिचित के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर चीका आ रहा था। गांव गढ़ी के पास सड़क दुर्घटना में उसकी और उसके साथी की मौत हो गई। उस समय परिजनों ने गुरमेल सिंह का संस्कार कर दिया और बात बीत गई।
दिव्य आत्मा ने सहारा देकर धार्मिक स्थल पर पहुंचा दिया

चमकौर सिंह बताता है कि इस घटना के बाद किसी दिव्य आत्मा ने उसे सहारा दिया और वह ऐसे स्थान पर पहुंच गया, जहां स्वर्ग जैसी सुविधाएं थी। चमकौर ने बताया कि वह स्थान एक धार्मिक स्थल जैसा था और वहां हमेशा सत्संग चलता था। वह जगह कौन सी थी इस बारे में चमकौर कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।

क्या हुआ मौत के बाद
सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद चमकौर सिंह का दावा है कि वह एक ऐसे स्थान पर चला गया जिसका विवरण वह नहीं कर सका। उसे याद है कि इसके बाद उसने एक चिडिय़ा के रूप में जन्म लिया और कुछ समय बाद एक बार फिर वह सड़क दुर्घटना में ही किसी वाहन चालक द्वारा रौंद दिया गया।

मनोकामना पूरी हुई : सिंह
सुरजीत सिंह ने बताया कि उसके घर एक पुत्री ने जन्म लिया था, लेकिन उसके बाद आठ-नौ साल उसे कोई संतान नहीं हुई। वह एक धार्मिक स्थल में जाने लगा। वहां एक बाबा ने उसे आशीर्वाद दिया कि उसकी मनोकामना पूरी होगी जिसके बाद उसके घर में चमकौर सिंह के रूप में लड़का पैदा हुआ। सुरजीत ने बताया कि जब चमकौर केवल तीन साल का था तो उसने चीका स्थित अपने परिवार के बारे में बताना शुरू कर दिया था जिसके बाद उनका चीका आना-जाना शुरू हुआ और आज वे चमकौर को लेकर उसके पूर्व पिता के भोग में शामिल हुए हैं।

पूर्व जन्म के परिजनों और मित्रों से मिलकर खुश हुआ
परिजनों मित्रों से मिलकर चमकौर बहुत खुश हुआ। पूर्व में गुरमेल सिंह रहा आज के चमकौर सिंह ने अपने पूर्व जन्म के भाइयों फूल सिंह पहलवान पाल सिंह से भेंट की। इसके अतिरिक्त अपने अन्य परिचितों मित्रों जिनमें टहल सिंह, चतर सिंह, राजा राम, सुच्चा सिंह, ज्ञानदे देवी, चमेली देवी, मोढ़ी देवी, बंतो गुरमेलो से मिला और अपनी पुरानी यादें ताजा की। बहरहाल लोगों के लिए 33 साल पहले मौत के आगोश में समा जाने वाला आज का चमकौर सिंह किसी अजूबे से कम नहीं है।

प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

भाजपा का तीन दिवसीय कार्यकत्र्ता प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न 15 लाख नये सदस्यों के प्रषिक्षण के लिए शुरू हुआ ‘‘महाप्रशिक्षण अभियान’’



देशभर के लगभग 15 लाख सक्रिय भाजपा कार्यकत्र्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को आज अंतिम रूप दे दिया गया। भाजपा वरिठ नेताओं व प्रमुख प्रशिक्षकों की दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी मुख्यरूप से कार्यकत्र्ताओं को पार्टी के सांस्कृतिक विचार व कार्यक्रम, संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाये रखने के लिए आवश्यक मानदंड, सरकार और पार्टी कार्यकत्र्ताओं के बीच बेहतर समन्वय तथा जनता से जुड़े मुद्दे के प्रति सजग रहने के तरीके से अवगत कराएगी।

उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष श्री अमितशाह ने सदस्यता अभियान की समाप्ति पर यह ऐलान किया था कि पहले चरण में 15 लाख नये सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उसी क्रम में यहां दिल्ली में पार्टी के प्रमुख केंद्रीय पदाधिकारियों, राज्यों के प्रतिनिधियों व प्रशिक्षण से जुड़े प्रमुख लोगों की कार्यशाला यहां बुलाई गई थी। पार्टी अध्यक्ष श्री अमितशाह ने इस कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने नए सदस्यों के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा का उद्देश्य सिर्फ सरकारें बनाना नहीं है, बल्कि अपने विचारवान व कर्मठ कार्यकत्र्ताओं के बल पर देश का कायाकल्प भी करना है। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा से यह आस लगाए हुए है कि यह पार्टी ही भारत का प्राचीन गौरव लौटा सकती है। इस कार्यशाला में लगभग 350 प्रतिनिधि शामिल हुए।

 भाजपा ने इस कार्यशाला में प्रशिक्षण कार्यक्रम को अंतिम रूप देते हुए यह तय किया कि पार्टी नए सदस्यों को ना सिर्फ भाजपा के इतिहास और कार्यक्रमों से अवगत कराएगी, बल्कि प्रशिक्षण के जरिए कार्यकत्र्ताओं में देश के प्रति सजग रहने और अपने सांस्कृतिक विरासत को संभालते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करेगी। इस कार्यशाला में भाजपा के वरिश्ठ महासचिव रामलाल और उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे भी नए सदस्यों के प्रशिक्षण से संबंधित मुद्दों को अंतिम रूप देने में अपना योगदान दिया।

 भाजपा के महासचिव पी मुरलीधर राव ने सांस्कृतिक राश्ट्रवाद के बारे में सदस्यों को अवगत कराने और उस पर अडिग रहते हुए आगे बढ़ने के बारे में प्रशिक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विचारों से बिना समझौता किए पार्टी कार्यकत्र्ता देश का राजनीतिक एजेंडा तय कर सकते हैं। इस कार्यशाला में यह तय किया गया कि अगले दो महीने में पहले प्रमुख प्रशिक्षकों को विशयवार तैयार किया जाएगा और फिर राज्यवार कार्यकत्र्ता प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय किया जाएगा।