सोमवार, 14 दिसंबर 2015

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर अनेक सौगातें



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प्रदेशवासियों के संबल से राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेशों में
13 Dec, 2015
राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि प्रदेशवासियों के संबल से ही राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेशों में शामिल हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में दो वर्षों में सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को धरातल पर लाने के प्रयासों के साथ उपलब्धियों की जानकारी दी और जनकल्याण से जुड़ी अनेक घोषणाएं की।

श्रीमती राजे रविवार को जयपुर के जनपथ पर ‘विकास संकल्प समारोह‘ को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने सात करोड़ राजस्थानियों के आगे शीश नवाते हुए कहा कि आपने ही मुझे शक्ति, संबल और आशीर्वाद देकर मेरा साथ दिया। यह साथ और विश्वास इसी तरह मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि यह वही पवित्र जनपथ है, जहां आपने ऐतिहासिक जनादेश देकर आज से दो साल पहले 13 दिसम्बर, 2013 को मुझे प्रदेश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब एक तरफ जनता की अपेक्षाएं थीं तो दूसरी तरफ गंभीर आर्थिक संकट था लेकिन सरकार ने राजस्थान के स्वाभिमान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया और हर चुनौती को स्वीकार किया। कड़ी मेहनत, लगन और निष्ठा से हम हालातों को सुधारने में लगे रहे और लगे हुए हैं। स्थितियां निश्चित तौर पर सुधर रही हैं।

बीमारू श्रेणी से बाहर निकल रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपने पिछले कार्यकाल में राजस्थान को ‘बीमारू‘ राज्यों की श्रेणी से बाहर निकाल दिया था। अफसोस है कि पूर्ववर्ती सरकार के समय राजस्थान वापस ‘बीमारू‘ श्रेणी में शामिल हो गया, जो आज हमारे प्रयासों से फिर इससे बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने कार्यकाल और अपनी पार्टी का हिसाब देने की बजाय हमसे हिसाब मांगते हैं ताकि वे अपनी खामियों को ढंक सकें। मैं उनमें से नहीं जो कहते कुछ और सोचते कुछ हैं, करते कुछ और दिखाते कुछ और हैं। उन्होंने आंकड़ों के साथ विकास की सच्चाई सबके सामने रखी।

6 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा
श्रीमती राजे ने राज्य की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि जिस प्रदेश में रोजगार के अवसर न पाकर युवा हताश और उदासीन हो गए थे वही आज कौशल विकास में देश में प्रथम स्थान पर है। हम पांच वर्षों में 15 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पिछले दो वर्षाें में 6 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।

सौर उर्जा में भी हमारा परचम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान को रिर्जव बैंक ने निवेश के लिए देश में तीसरा स्थान दिया है, विश्व बैंक ने ईज आॅफ डूंईग बिजनेस में देश में छठी रैंक दी है। राज्य बेस्ट होली-डे डेस्टीनेशन के रूप में एशिया में छठे स्थान पर है। वहीं सौर उर्जा के क्षेत्र में हम देश में अव्वल हैं। राजस्थान खानों की ई-नीलामी में देश में प्रथम पायदान पर है। हमारा प्रदेश 5 हजार राशन की दुकानों को विकसित करने वाला देश का पहला राज्य है। यह ‘टीम राजस्थान‘ के 7 करोड़ राजस्थानियों के प्रयासों का ही नतीजा है।

श्रीमती राजे ने कहा कि अनिल अग्रवाल हो, चाहे साइरस मिस्त्री हो, चाहे आदित्य बिड़ला हो या फिर आनन्द महिन्द्रा हों, सभी ने न केवल निवेश व औद्योगीकरण के वातावरण की सराहना की बल्कि शहर की स्वच्छता एवं सौंदर्य की भी भरपूर प्रशंसा की।

प्रशासनिक सुधार के लिए बढे़ कदम
उन्होंने प्रशासनिक सुधार के लिए उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि ‘न्याय आपके द्वार‘ कार्यक्रम में वर्षाें से लम्बित 21 लाख 43 हजार मामले निपटाते हुए 61 ग्राम पंचायतों को राजस्व वाद से मुक्त किया गया जो एक रिकाॅर्ड है। जिला स्तर पर भी प्रशासनिक सुधार और योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ‘आपका जिला-आपकी सरकार‘ कार्यक्रम शुरू किया। ‘राजस्थान संपर्क पोर्टल और हैल्प लाइन से घर बैठे समस्याओं का समाधान हो रहा है। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा का सामान एकसाथ एक ही छत के नीचे नहीं मिल पाता है। इसके लिए पांच हजार उचित मूल्य की दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भण्डारों‘ के रूप में जून, 2016 तक विकसित करने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

बदल दिया बिजली का परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विकास की प्रमुख धुरी है। पिछले दो वर्षाें में हमने विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से उत्पादन क्षमता में 4282.5 मेगावाट वृद्धि की है जबकि पिछली सरकार के दो साल में यह वृद्धि केवल 2293.75 मेगावाट थी। राज्य सरकार बिजली कंपनियों को 75 हजार करोड़ रूपये के कर्ज से उभारने के लिए गत दो वर्षाें में 23 हजार 637 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है, जबकि पिछली सरकार ने मात्र 4765 करोड़ रूपये की सहायता दी थी। राज्य में सौर उर्जा नीति घोषित की गई, जिससे 42 हजार मेगावाट से ज्यादा के सोलर पाक्र्स और सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक 1 लाख मेगावाट सौर उर्जा उत्पादन के लक्ष्य के लिए राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। गांवों में भी 20-24 घण्टे बिजली मिल रही है। करीब 80 हजार 668 कृषि कनेक्शन दिए जा चुके हैं। करीब 12 लाख किसानों को विद्युत उपलब्ध कराने के लिए एक वर्ष में 5976 करोड़ रूपये का अनुदान उपलब्ध कराया है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिए 2 हजार 819.40 करोड़ रूपये की स्वीकृति जारी की गई है।

पेयजल संकट से राहत के लिए रिवर बेसिन आॅथोरिटी बनाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदियों को जोड़ने के सपने को राजस्थान में साकार करने के लिए ‘राजस्थान रिवर बेसिन आॅथोरिटी‘ का गठन कर दिया गया है। सिंचाई एवं पेयजल की समस्याओं का समाधान करने के लिए 27 जनवरी, 2016 से प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान‘ एक जन आंदोलन के रूप में शुरू किया जाएगा। तीन वर्ष पूरे होने पर लगभग 9 हजार पेयजल संकट से ग्रस्त गांवों को इससे राहत मिल सकेगी।

श्रीमती राजे ने कृषि क्षेत्र में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि बीकानेर के लूणकरणसर में जैतून रिफायनरी से वाणिज्यिक उत्पादन हो रहा है। नागौर में नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना की गई है।

‘आरोग्य राजस्थान‘ से निरोगी होगा प्रदेश
श्रीमती राजे ने इस अवसर पर प्रदेश में निजी एवं सरकारी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना‘ शुरू करते हुए कहा कि इससे साधारण बीमारी के लिए 30 हजार और गंभीर बीमारी के लिए 3 लाख रूपये तक का बीमा होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री बीपीएल जीवन रक्षा‘ कोष से 68 लाख से अधिक रोगियों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई। राजस्थान में अंग प्रत्यारोपण की भी सफल शुरूआत की गई है। प्रदेश में ‘आरोग्य राजस्थान‘ अभियान की शुरूआत की गई है जिसके तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ की जांच करवायी जाएगी। इसे भामाशाह कार्ड से जोड़कर प्रत्येक व्यक्ति का ‘हैल्थ कार्ड‘ बनाया जाएगा। राज्य में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए पे माइनस पेंशन के आधार पर चिकित्सकों को नियुक्ति देने के साथ ही चूरू, डूंगरपूर, भीलवाड़ा, बाड़मेर व पाली में 5 नए मेडिकल काॅलेजों की नींव रख दी है

महिलाओं को सम्मान से जीने का अधिकार
मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति को सम्मान के साथ अधिकार दिलाने के लिए शुरू की गई ‘भामाशाह‘ योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे समाज में महिलाओं का सशक्तीकरण होगा। उन्होंने बताया कि योजना मंे 3 करोड़ 40 लाख लोगों का नामांकन हो चुका है तथा 80 लाख 60 हजार लोगों के खातों में 604 करोड़ रूपये सीधे ही जमा करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमने तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती एक ही परीक्षा रीट के माध्यम से कराने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। हर पंचायत में आदर्श विद्यालय की स्थापना की जा रही है और 16 नए सरकारी काॅलेज शुरू किए गए हैं। इसके अलावा तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने प्रदेश में पर्यटन विकास के साथ ही राज्य में सभी लोकदेवताओं के स्मारकों पर किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर विकास किया जा रहा है।

‘स्वच्छ भारत‘ को बना रहे सफल
मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास के क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत‘ अभियान को पूरे प्रदेश में सफल बनाया जा रहा है। वर्ष 2018 तक राजस्थान को खुले में शौच से मुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूनेस्को ने जयपुर को लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में क्रियेटिव सिटीज के नेटवर्क में शामिल किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, गांव, कस्बे और शहर को साफ-सुथरा रखें ताकि हमारे शहरों और कस्बों में प्रवेश करते व्यक्त लोगों को साफ-सफाई, सौंदर्यकरण और विकास दिखाई दे।

समारोह में केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो. सांवरलाल जाट, कर्नल राज्यवर्द्धन राठौड़, श्री निहालचन्द, गृह मंत्री श्री गुलाब चन्द कटारिया, सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री यूनुस खान, जल संसाधन मंत्री डाॅ. रामप्रताप, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. अरूण चतुर्वेदी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी सहित राज्य मंत्री परिषद के सदस्य स्थानीय निकायों, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
जयपुर, 13 दिसम्बर 2015
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9 हजार करोड़ की योजनाओं से निकलेगी तरक्की की राह
13 Dec, 2015
मुख्यमंत्री ने दी राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर अनेक सौगातें
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर जनपथ पर आयोजित ‘विकास संकल्प समारोह‘ में प्रदेश के कोने-कोने से आए अपार जन समूह के बीच जनकल्याण को समर्पित करीब 9 हजार करोड़ रूपये के विकास कार्याें की घोषणाओं के साथ प्रदेशवासियों को अनेक सौगातें दीं। इन घोषणाओं से प्रदेश में विकास के साथ-साथ आमजन के सामाजिक और आर्थिक उत्थान की नई राह खुलेगी जिससे प्रदेश के विकास का परिदृश्य भी बदलेगा।

श्रीमती राजे ने शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास, प्रदेश के सड़क तंत्र के सुदृढ़ीकरण, श्रमिकों के कल्याण के लिए योजनाओं, राजस्थान में कौशल विकास, उच्च शिक्षा, पंचायतीराज, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम एंटरप्राइजेज विभाग से जुड़ी अनेक घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं

आरयूआईडीपी
शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना विकास के लिए 10 हैरिटेज कस्बों एवं 24 शहरों, जिनकी आबादी 50 हजार से 1 लाख तक है, में 4200 करोड़ रूपये के कार्य कराये जाएंगे।
नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं नगरीय क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन हेतु राज्य स्तरीय शहरी शासन प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग
कोटा दर्रा एन.एच.-12 पर 621.43 करोड़ रूपये की लागत से 4 लेन वाली 34.33 किमी लम्बाई की सीसी सड़क और जगपुरा, अलनिया एवं मंडाणा गांवों में बाईपास का निर्माण किया जाएगा।
अनूपगढ़ सूरतगढ़ मार्ग पर 291.20 करोड़ रूपये की लागत से 74.60 किमी में 10 मीटर चैडाई की सीसी सड़क और 3 किमी जेतसर का लिंक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सभी जिलों में 608.35 करोड़ रूपये लागत से 2,100 कि.मी. मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
605 करोड़ की लागत से 123 पुलियाओं का निर्माण एवं 2,700 कि.मी. नोन-पेचेबल ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 18 जिलों के मरू एवं जनजाति क्षेत्र की 250 से 349 तक की आबादी की 1481 बसावटों को जोड़ने के लिए 1618 करोड़ की लागत से 4226 कि.मी. से अधिक सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।

श्रम विभाग
(क) असंगठित क्षेत्र के भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए ‘‘भामाशाह निर्माण श्रमिक कल्याण कार्यक्रम‘‘ लागू किया जाएगा।
इसके तहत 4 प्रमुख योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा-
(i) निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना – इसके तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अध्ययनरत छात्र/छात्राओं की प्रोत्साहन राशि तथा छात्रवृति में 2 से 8 गुणा वृद्धि की जाएगी।
(ii) निर्माण श्रमिक आवास योजना – इस योजना के तहत पंजिकृत निर्माण श्रमिकों की आवास समस्या के समाधान हेतु 1.5 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
निर्माण श्रमिक आवास योजना में बीपीएल के साथ-साथ अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष योग्यजन, 2 पुत्रियों वाले परिवार तथा पालनहार योजना के परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
(iii) निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य बीमा योजना- इस योजना के अंतर्गत पंजिकृत 7 लाख निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में प्रीमियम राशि का पुनर्भरण श्रमिक कल्याण मण्डल द्वारा किया जाएगा।
(iv) निर्माण श्रमिक जीवन सुरक्षा योजना – निर्माण श्रमिकों को बीमा एवं पेंशन योजना का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की पूर्ण प्रीमियम, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की देय प्रीमियम की आधी राशि एवं अटल पेंशन योजना के तहत 1,000 रूपये मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए औसत वार्षिक अंशदान की आधी राशि का पुनर्भरण श्रमिक कल्याण मण्डल द्वारा किया जाएगा।
(ख) शुभ शक्ति योजना- विवाह सहायता योजना के स्वरूप में परिवर्तन कर पात्र निर्माण श्रमिकों की अधिकतम 2 अविवाहित पुत्रियों के लिए दी जाने वाली राशि में बढ़ोत्तरी कर अब 55 हजार रूपए प्रति बेटी बैंक खाते में जमा कर सहायता दी जाएगी।
उक्त सभी योजनाएं 1 जनवरी, 2016 से राज्य के सभी जिलों में लागू की जाएंगी। जिस पर 300 करोड़ रूपये व्यय होंगे।
(ग) राज्य में न्यूनतम मजदूरी की दरों में 01.01.2015 से बढोत्तरी की जाकर न्यूनतम मजदूरी अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणी में क्रमशः 197 रूपये, 207 रूपये, 217 रूपये एवं 267 रूपये की जा रही है।

राजस्थान कौशल, आजीविका एवं उद्यमिता विभाग
MGNREGA-LIFE (Livelihoods In Full Employment)

हमारे द्वारा वर्ष 2014 में ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु शुरू की गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की तर्ज पर महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट MGNREGA-LIFE (Livelihoods In Full Employment) के तहत हमारे द्वारा प्रस्तावित पहली परियोजना की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा जारी कर दी गई है।
इसके तहत राजस्थान कौषल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) के द्वारा आगामी 2 वर्षों में 354 करोड़ रुपयों की लागत से ऐसे 86,000 युवाओं को कौषल प्रषिक्षण करवाया जायेगा जिनके परिवारों ने महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत एक वर्ष में 100 दिवस का रोजगार प्राप्त किया है। ये परिवार महात्मा गांधी नरेगा के तहत नदेापससमक संइवनत का सीमित कार्य कर रहे थे। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अब इन परिवारों के युवा वर्षपर्यंत रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
उच्च शिक्षा विभाग
राष्ट्रीय उच्चतर षिक्षा अभियान के अन्तर्गत राज्य के उच्च, तकनीकी एवं संस्कृत षिक्षा के राजकीय महाविद्यालयो एवं विष्वविद्यालयों में आधारभूत संरचना के सुधार हेतु तीन वर्ष (2015-17) में 352 करोड़ रूपये व्यय किए जाएगें। इसके तहत बारां एवं बाड़मेर में नये इंजीनियरिंग काॅलेज खोले जायेगें।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में संचालित उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन कंेद्र की तर्ज पर प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी उद्यमिता केंद्र खोले जाएंगे।
पंचायती राज विभाग
सरपंचों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में टेण्डर प्रक्रिया अपनाने से विकास कार्यों के त्वरित निष्पादन में आ रही प्रशासनिक कठिनाइयों को देखते हुए विकल्प के रूप में बी.एस.आर. दरों पर विकास कार्यों को करने हेतु पंचायती राज संस्थाओं एवं उनकी समितियों को अधिकृत कर दिया गया है।
सरपंचों के कार्याें की कुल आॅडिट की संख्या में कमी आ सके एवं प्रक्रिया का सरलीकरण करने के संबंध में हम एक राज्यस्तरीय कमेटी बनाऐंगे।
ग्रामीण कार्य निर्देशिका-2015 को लागू किये जाने के संबंध में सरपंचों की आपत्तियों को देखते हुये हमने नई कार्य निर्देशिका के संबंध में प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण होने तक इसे लागू नहीं करने तथा तब तक ग्रामीण कार्य निर्देशिका-2010 लागू रखने हेतु निर्देश दे दिये है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम एन्टरप्राइजेज (एमएसएमई) विभाग
भामाशाह रोजगार सृजन योजना – सुराज संकल्प घोषणा पत्र के अनुसरण में राज्य के पंजीकृत पात्र बेरोजगार नवयुवकों, शिक्षित बेरोजगार महिलाओं, अन्य महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग एवं विशेष योग्यजन व्यक्तियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु इनको बैंकों से कम लागत पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे उद्योग, सेवा एवं व्यापार के क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यम को स्थापित कर रोजगार के नवीन अवसर सृजित करने के उद्देश्य से भामाशाह रोजगार सृजन योजना आज दिनांक 13.12.2015 से प्रारम्भ की जा रही है।
जयपुर, 13 दिसम्बर 2015
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मुख्यमंत्री ने किया विकास प्रदर्षनी का उद्घाटन
13 Dec, 2015
सच होते सपने-पूरे होते वादे
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने रविवार को एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउण्ड में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्य सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्षनी ’सच होते सपने-पूरे होते वादे’ का उद्घाटन किया।

श्रीमती राजे ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सरकार की दो साल की उपलब्धियों पर प्रकाषित साहित्य का विमोचन किया और विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफार्म को भी आधिकारिक रूप से लांच किया।

श्रीमती राजे करीब एक घंटे तक प्रदर्षनी में रहीं और यहां उन्होंने 84 स्टालों पर विभिन्न विभागों तथा संस्थानों द्वारा आकर्षक रूप से प्रदर्शित किये गये विकास कार्यों को रूचिपूर्वक देखा। उन्होंने प्रदर्शनी की विषयवस्तु, आकर्षक छायाचित्रों तथा प्रचार के परम्परागत एवं नवीन माध्यमों के उपयोग की भरपूर सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टाॅल पर जाकर सम्बंधित विभागों के मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से विषयवस्तु की गहनता से जानकारी ली और उनके प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजस्थान को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी आमजन तक पहुंचे।

श्रीमती राजे ने मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के लिए जनजागृति पोस्टर, स्टिकर, जिंगल एवं ब्रोशर का विमोचन भी किया। उन्होंने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए तैयार प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना मोबाइल एप तथा मोबाइल एम हूटर एम्बूलैंस को भी रवाना किया।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के शासन सचिव श्री टी.रविकान्त एवं निदेशक श्री अनिल गुप्ता ने मुख्यमंत्री को प्रदर्षनी का अवलोकन करवाया।

सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म का शुभारंभ- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफार्म का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया। उन्होंने इसे अच्छा प्रयास बताते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी अब सोशल प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध हो सकेगी। यह सोशल मीडिया के 6 प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल प्लस, ट्वीटर, यू-ट्यूब तथा पिंट्रेस्ट पर उपलब्ध रहेगा।
जयपुर, 13 दिसम्बर 2015