मंगलवार, 19 जनवरी 2016

सूचना का अधिकार : लिखने का तरीका


RTI लिखने का तरीका -
RTI मलतब है सूचना का अधिकार - ये कानून हमारे देश में 2005 में लागू हुआ।जिसका उपयोग करके आप सरकार और
किसी भी विभाग से सूचना मांग सकते है। आमतौर पर लोगो को इतना ही पता होता है।परंतु आज मैं आप को इस के बारे में कुछ और रोचक जानकारी देता हूँ -

RTI से आप सरकार से कोई भी सवाल पूछकर सूचना ले सकते है।
RTI से आप सरकार के किसी भी दस्तावेज़ की जांच कर सकते है।
RTI से आप दस्तावेज़ की प्रमाणित कापी ले सकते है।
RTI से आप सरकारी कामकाज में इस्तेमाल सामग्री का नमूना ले सकते है।
RTI से आप किसी भी कामकाज का निरीक्षण कर सकते हैं।
RTI में कौन- कौन सी धारा हमारे काम की है।

धारा 6 (1) - RTI का आवेदन लिखने का धारा है।
धारा 6 (3) - अगर आपका आवेदन गलत विभाग में चला गया है। तो वह विभाग
इस को 6 (3) धारा के अंतर्गत सही विभाग मे 5 दिन के अंदर भेज देगा।
धारा 7(5) - इस धारा के अनुसार BPL कार्ड वालों को कोई आरटीआई शुल्क नही देना होता।
धारा 7 (6) - इस धारा के अनुसार अगर आरटीआई का जवाब 30 दिन में नहीं आता है
तो सूचना निशुल्क में दी जाएगी।
धारा 18 - अगर कोई अधिकारी जवाब नही देता तो उसकी शिकायत सूचना अधिकारी को दी जाए।
धारा 8 - इस के अनुसार वो सूचना RTI में नहीं दी जाएगी जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हो या विभाग की आंतरिक जांच को प्रभावित करती हो।
धारा 19 (1) - अगर आप
की RTI का जवाब 30 दिन में नहीं आता है।तो इस
धारा के अनुसार आप प्रथम अपील अधिकारी को प्रथम अपील कर सकते हो।
धारा 19 (3) - अगर आपकी प्रथम अपील का भी जवाब नही आता है तो आप इस धारा की मदद से 90 दिन के अंदर दूसरी
अपील अधिकारी को अपील कर सकते हो।

RTI कैसे लिखे?

इसके लिए आप एक सादा पेपर लें और उसमे 1 इंच की कोने से जगह छोड़े और नीचे दिए गए प्रारूप में अपने RTI लिख लें
...................................
सूचना का अधिकार 2005 की धारा 6(1) और 6(3) के अंतर्गत आवेदन।
सेवा में,
(अधिकारी का पद)/
जनसूचना अधिकारी
विभाग का नाम.............
विषय - RTI Act 2005 के अंतर्गत .................. से संबधित सूचनाऐं।
अपने सवाल यहाँ लिखें।

1-..............................
2-...............................
3-..............................
4-..............................

मैं आवेदन फीस के रूप में 10रू का पोस्टलऑर्डर ........ संख्या अलग से जमा कर रहा /रही हूं।
या
मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूं। इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं। मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं..............है।
यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से सम्बंधित
नहीं हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम,2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन सम्बंधित लोकसूचना अधिकारी को पांच दिनों के समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत सूचना उपलब्ध् कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।
भवदीय
नाम:....................
पता:.....................
फोन नं:..................
हस्ताक्षर...................
ये सब लिखने के बाद अपने हस्ताक्षर कर दें।
अब मित्रो केंद्र से सूचना मांगने के लिए आप 10 रु देते है और एक पेपर की कॉपी मांगने के 2 रु देते है।
हर राज्य का RTI शुल्क अगल अलग है जिस का पता आप कर सकते हैं।

RTI का सदउपयोग करें और भ्रष्टाचारियों की सच्चाई /पोल दुनिया के सामने लाईए।

अनूप गौतम शहर जिला महामंत्री भा. ज. पा. आर टी. आई. सेल कोटा महानगर कोटा

विदेशी ताकतें : अपना लाभ


अपरोक्ष रूप  से पूरे पाश्चत्य जगत में ईसाई और इस्लाम संघर्षरत है ! मगर भारत में विदेशी ताकतें हिन्दू मुस्लिम संघर्ष उत्पन्न कर अपना फायदा उठा रहीं हैं ! ये वही ताकतें हैं जो इस तरह अपना लाभ  ब्रिटिश गुलामी के दौर में भी उठा  रहीं थीं ! 

- अरविन्द सिसोदिया कोटा 
नीचे के लेख में विचार लेखक के हैं इस सच को भी जानना चाहिए 
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हिन्दू और मुसलमान थोडा धीरज से और थोडा ध्यान से पढ़े **
लेखक - डा.जमुना प्रसाद वर्मा
TUESDAY, JANUARY 19, 2016

250 वर्ष का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि
आधुनिक विश्व मतलब 1800 के बाद जो दुनिया मे
तरक़्क़ी हुई,
उस मे पश्चिम मुल्को यानी सिर्फ यहूदी
और ईसाई लोगो का ही हाथ है।
हिन्दू और मुस्लिम का इस विकास मे 1% का भी
योगदान नही है।
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आप देखिये के 1800 से लेकर 1940 तक हिंदू और मुसलमान
सिर्फ बादशाहत या गद्दी के लिये लड़ते रहे।
अगर आप दुनिया के 100 बड़े वैज्ञानिको के नाम लिखे तो बस एक
या दो नाम हिन्दू और मुसलमान के मिलेंगे।
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पूरी दुनिया मे 61 इस्लामी मुल्क है,
जिनकी जनसंख्या 1.50 अरब के करीब
है, और कुल 435 यूनिवर्सिटी है।
दूसरी तरफ हिन्दू की जनसंख्या 1.26
अरब के क़रीब है और 385 यूनिवर्सिटी
है,
जबकि अमेरिका मे 3 हज़ार से अधिक,
जापान मे 900 से अधिक यूनिवर्सिटी है।
ईसाई दुनिया के 45% नौजवान यूनिवर्सिटी तक पहुंचते
है,
वही मुसलमान के नौजवान 2% और
हिन्दू के नौजवान 8 % तक यूनिवर्सिटी तक पहुंचते
है।
दुनिया के 200 बड़ी यूनिवर्सिटी मे से
54 अमेरिका,
24 इंग्लेंड,
17 ऑस्ट्रेलिया,
10 चीन,
10 जापान,
10 हॉलॅंड,
9 फ़्राँस,
8 जर्मनी,
2 भारत और
1 इस्लामी मुल्क मे है .
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अब हम आर्थिक रूप से देखते है।
अमेरिका का जी.डी.पी 14.9
ट्रिलियन डॉलर है
जबकि पूरे इस्लामिक मुल्क का कुल
जी.डी.पी 3.5 ट्रिलियन डॉलर
है।
वही भारत का 1.87 ट्रिलियन डॉलर है।
दुनिया मे इस समय 38000 मल्टिनॅशनल कंपनी है,
इनमे से सिर्फ 32000 कंपनी अमेरिका और युरोप मे
है।
अभी तक दुनिया के 10000 बड़ी
अविष्कारो मे 6103 अविष्कार अकेले अमेरिका मे और
8410 अविष्कार ईसाई या यहूदी ने किये है।
दुनिया के 50 अमीरो में
20 अमेरिका
5 इंग्लेंड
3 चीन,
2 मक्सिको,
2 भारत और
1 अरब मुल्क से है .
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अब आपको बताते है के
हम हिन्दू और मुसलमान जनहित, परोपकार या समाज सेवा मे
भी ईसाई और यहूदी से पीछे
है।
रेडक्रॉस जो दुनिया का सब से बड़ा मानवीय संगठन है।
इस के बारे मे बताने की जरूरत नही है।
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बिल गेट्स ने 10 बिलियन डॉलर से बिल- मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन
की बुनियाद रखी जो कि पूरे विश्व के 8
करोड़ बच्चो की सेहत का ख्याल रखती
है,
जबकि हम जानते है कि भारत मे कई अरबपति है।
मुकेश अंबानी अपना घर बनाने मे 4000 करोड़ खर्च
कर सकते है,
और
अरब के अमीर शहज़ादा अपना स्पेशल जहाज पर
500 मिलियन डॉलर खर्च कर सकते है .
मगर मानवीय सहायता के लिये आगे नही
आ सकते है.
---
बस हर हर महादेव
और
अल्लाह हो अकबर के नारे लगाने मे हम सबसे आगे हैं।
अब जरा सोचिये कि हमें किस तरफ अधिक ध्यान देने की जरुरत है।
क्यों ना हम भी दुनिया में मजबूत स्थान और भागीदारी पाने के लिए प्रयास करें बजाय विवाद उत्पन्न करने के। 

Lord Hanuman : US President Barack Obama




Hanuman Figurine is President Obama’s Lucky Charm


http://www.indiadivine.org
A statuette of Lord Hanuman is among few items that US President Barack Obama always carries in his pocket and seeks inspiration from whenever he feels tired or discouraged.


President Obama disclosed this on a YouTube interview which the White House scheduled as a way to reach younger audiences as it promotes Obama’s final State of the Union address on Tuesday.

Asked to show off an item of personal significance during the interview with YouTube creator Nilsen yesterday, 54-year-old Obama pulled from his pockets a series of small totems, each of which he said reminded him “of all the different people I’ve met along the way.”

It included rosary beads given to him from Pope Francis, who he met at the White House this fall; a tiny Buddha statue procured upon him by a monk; a silver poker chip that was once the lucky charm of a bald, mustachioed biker in Iowa; a figurine of the Hindu monkey God Hanuman; and a Coptic cross from Ethiopia, where he visited in July, CNN reported.

“I carry these around all the time. I’m not that superstitious, so it’s not like I think I necessarily have to have them on me at all times,” Obama said.

But he said they do provide some reminders of the long path of his presidency.
“If I feel tired, or I feel discouraged sometimes, I can kind of reach into my pocket and say yeah, that’s something
I can overcome, because somebody gave me the privilege to work on these issues that are going to effect them,” he said.

Obama, whose father was a Kenyan and mother a white woman from Kansas, spent initial days of his life in Indonesia where Hinduism is a popular religion.